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वंदे मातरम” के 150 वर्ष पूर्ण होने पर रायगढ़ जिले में राष्ट्रभक्ति का अभूतपूर्व माहौल: सप्ताहभर चले भव्य आयोजनों, सामूहिक गायन, लघु फिल्म प्रदर्शन और जागरूकता अभियानों से जन-जन में जागा देशप्रेम

रायगढ़, 30 मार्च 2026/ संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार “वंदे मातरम” के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जिले में 23 से 30 मार्च 2026 तक वंदे मातरम विशेष सप्ताह का व्यापक एवं गरिमामय आयोजन किया गया। सप्ताहभर चले इस अभियान में स्वतंत्रता संग्राम के अमर वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए “वंदे मातरम” की ऐतिहासिक विरासत और राष्ट्रीय महत्व को जन-जन तक पहुंचाया गया।
          जिला कलेक्टोरेट सभाकक्ष में कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने वंदे मातरम विशेष सप्ताह के आयोजन की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आयोजित कार्यक्रमों के फोटो एवं वीडियो संबंधित पोर्टल पर अपलोड किया जाए, ताकि इस राष्ट्रीय अभियान का सशक्त एवं स्थायी दस्तावेज तैयार किया जा सके। इस दौरान “वंदे मातरम” पर आधारित प्रेरक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने एक स्वर में “वंदे मातरम” का सामूहिक गायन किया, जिससे पूरा परिसर देशभक्ति के स्वर से गूंज उठा। कार्यक्रम में अपर कलेक्टर श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो एवं डॉ. प्रियंका वर्मा, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती पूजा बंसल, डिप्टी कलेक्टर श्री धनराज मरकाम सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
           संयुक्त कलेक्टर श्रीमती पूजा बंसल ने बताया कि 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित इस विशेष सप्ताह में जिले के शैक्षणिक संस्थानों, स्थानीय निकायों एवं ग्राम पंचायतों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की गई। कार्यक्रमों के माध्यम से शहीद दिवस के बलिदानी आदर्शों को स्मरण करते हुए “वंदे मातरम” के ऐतिहासिक महत्व को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया गया। पूरे सप्ताह के दौरान जिलेभर में विविध जागरूकता एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें “वंदे मातरम” का सामूहिक गायन प्रमुख आकर्षण रहा।

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अब दफ्तर नहीं, गांव में मिलेगा न्याय: राजस्व पखवाड़ा के तहत हर गांव में शिविर, नामांतरण-बंटवारा-सीमांकन सहित सभी लंबित मामलों का ऑन-द-स्पॉट समाधान

रायगढ़, 30 मार्च 2026। जिले में राजस्व संबंधी समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निराकरण के उद्देश्य से राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशानुसार राजस्व पखवाड़ा का आयोजन किया जाएगा। इस अभियान के तहत गांव-गांव में राजस्व शिविर आयोजित कर किसानों एवं ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। राजस्व पखवाड़ा तीन चरणों में आयोजित होगा। प्रथम चरण 01 अप्रैल से 15 अप्रैल, द्वितीय चरण 04 मई से 18 मई तथा तृतीय चरण 01 जून से 15 जून 2026 तक संचालित किया जाएगा। 
            कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने आज जिला कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि शिविरों का आयोजन सुव्यवस्थित एवं परिणाममुखी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजस्व अमला गांव स्तर पर पहुंचकर लंबित प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करें। अभियान के तहत अविवादित नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, नक्शा बटांकन, व्यपवर्तन इत्यादि से संबंधित समय-सीमा से बाहर प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण किया जाए। साथ ही फौती नामांतरण, बंटवारा एवं अभिलेख त्रुटि सुधार के प्रकरणों का ऑनलाइन पंजीयन, नोटिस जारी कर सुनवाई एवं निराकरण भी शिविर स्थल पर ही किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि शिविरों में आने वाले किसानों और ग्रामीणों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कोटवारों एवं अन्य माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, ताकि अधिकाधिक हितग्राही इसका लाभ उठा सकें।
           बैठक में कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत, निर्माणाधीन एवं प्रगतिरत कार्यों की समीक्षा करते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली, पेयजल एवं शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता की जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने लैलूंगा वन परिक्षेत्र अंतर्गत हाथी प्रभावित गांवों में हाईमास्ट लाइट की व्यवस्था, औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों की सुरक्षा, सतत निरीक्षण एवं निगरानी एवं भूमि अधिग्रहण एवं मुआवजा प्रकरणों में प्रगति लाने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में पंजीयन, जनगणना की तैयारी, जल जीवन मिशन, सड़क निर्माण, समग्र शिक्षा एवं आयुष्मान कार्ड जैसे महत्वपूर्ण विषयों की भी समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान पीएम गति शक्ति योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मास्टर प्लान निर्माण एवं जिला स्तरीय अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण सत्र का भी आयोजन किया गया। रायपुर से अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, डॉ. प्रियंका वर्मा, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती पूजा बंसल, डिप्टी कलेक्टर श्री धनराज मरकाम सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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तमनार एवं घरघोड़ा में अग्निवीर भर्ती को लेकर युवाओं में उत्साह, व्यापक प्रचार-प्रसार और कैरियर मार्गदर्शन आयोजित

रायगढ़, 30 मार्च 2026/ जिले के युवाओं को भारतीय थल सेना में सेवा का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से आज शासकीय महाविद्यालय तमनार में थलसेना अग्निवीर भर्ती के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार एवं कैरियर मार्गदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को भर्ती प्रक्रिया, पात्रता, चयन पद्धति एवं भविष्य की संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने युवाओं को सेना में करियर बनाने हेतु प्रेरित करते हुए बताया कि अग्निवीर योजना न केवल रोजगार का अवसर है, बल्कि अनुशासन, कौशल और राष्ट्र सेवा का गौरव भी प्रदान करती है। विद्यार्थियों ने भी कार्यक्रम में रुचि लेते हुए विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा समाधान किया गया।
               इसी क्रम में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय घरघोड़ा में भी थलसेना अग्निवीर भर्ती पंजीयन के संबंध में पंपलेट का वितरण कर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया। विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को भर्ती प्रक्रिया की जानकारी देकर अधिक से अधिक युवाओं को इसमें भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया। जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि भारतीय थल सेना अग्निवीर भर्ती के लिए इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी 1 अप्रैल 2026 तक आधिकारिक वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in⁠  पर ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। इस भर्ती के अंतर्गत अग्निवीर पुरुष (जनरल ड्यूटी, तकनीकी, लिपिक एवं स्टोरकीपर), ट्रेड्समैन (दसवीं एवं आठवीं उत्तीर्ण), अग्निवीर महिला (सेना पुलिस) तथा स्थायी कैडर के अंतर्गत नर्सिंग असिस्टेंट, नर्सिंग असिस्टेंट वेट एवं सिपाही फार्मा के पदों पर भर्ती की जाएगी। अधिक जानकारी हेतु अभ्यर्थी सेना भर्ती कार्यालय, नया रायपुर (अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के समीप) के दूरभाष नंबर 0771-2965212 एवं 0771-2965214 पर संपर्क कर सकते हैं। जिला प्रशासन द्वारा युवाओं से अपील की गई है कि वे इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाते हुए भारतीय सेना में शामिल होकर राष्ट्र सेवा में अपना योगदान दें।

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जनदर्शन में आमजनों की समस्याएं सुनकर कलेक्टर ने मौके पर दिए निर्देश, कहा-पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से मिले

रायगढ़, 30 मार्च 2026/ जिला कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन कार्यक्रम में आज जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में नागरिक अपनी समस्याएं, शिकायतें एवं मांगें लेकर पहुंचे। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने सभी आवेदनों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को त्वरित, पारदर्शी एवं नियमानुसार निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि जनदर्शन में प्राप्त प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध निराकरण किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को आमजनों की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
          जनदर्शन में ग्राम रेगड़ा के ग्रामीणों ने वार्ड क्रमांक 2 एवं 3 में सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं होने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि निर्माण के लिए राशि स्वीकृत हो चुकी है, इसके बावजूद कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है, जिससे आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक जांच कर शीघ्र निर्माण कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश दिए। इसी प्रकार तहसील पुसौर अंतर्गत ग्राम सुकुलभठली के एक ग्रामीण ने मुख्य मार्ग पर अवैध निर्माण को रोकने की मांग की। उन्होंने बताया कि यह मार्ग पुसौर से सुकुलभठली होते हुए रायगढ़ जिला मुख्यालय को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। कलेक्टर ने संबंधित विभाग को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा अधूरे सड़क निर्माण को पूर्ण कराने के निर्देश दिए। ग्राम-कसडोल के कल्याण साहू ने ऋण पुस्तिका में ऑनलाइन नाम दर्ज कराने एवं डिजिटल हस्ताक्षर की प्रक्रिया पूर्ण कराने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया। इस पर संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
          वहीं ग्राम बनसिया के रघुवर चौधरी ने भूमि अभिलेख में त्रुटि सुधार हेतु आवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि फौती दर्ज होने एवं मुआवजा प्राप्त होने के बावजूद वर्तमान में रिकॉर्ड में भूमि समलाती खाते में प्रदर्शित हो रही है। इस पर राजस्व अधिकारियों को जांच कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जनदर्शन में राशन कार्ड निर्माण, दिव्यांग पेंशन स्वीकृति, आर्थिक सहायता सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित अनेक आवेदन प्राप्त हुए। संबंधित अधिकारियों को पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

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स्वास्थ्य सुविधाओं में बड़ा विस्तार: रायगढ़ मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग को मिला 20 बेड का आधुनिक वार्ड, मरीजों को मिलेगा राहत भरा माहौल

रायगढ़, 30 मार्च 2026/ रायगढ़ स्थित स्व.लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध संत बाबा गुरु घासीदास जी स्मृति शासकीय चिकित्सालय में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के लिए 20 बिस्तरों वाले नए अतिरिक्त वार्ड का शुभारंभ किया गया। बता दें कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के संकल्प को लगातार जमीन पर उतारा जा रहा है। इसी क्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल तथा वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में किए गए इस विस्तार से विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं को बड़ी राहत मिलेगी। नए वार्ड के शुभारंभ से रायगढ़ और आसपास के क्षेत्रों से आने वाली गर्भवती महिलाओं को अब बेहतर और समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी। यह पहल न केवल अस्पताल की क्षमता को बढ़ाएगी, बल्कि मातृ मृत्यु दर को कम करने और सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देने में भी सहायक साबित होगी।
           अधिष्ठाता डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में पहले 60 बिस्तरों की व्यवस्था थी, लेकिन कई बार मरीजों की संख्या 90 से 100 तक पहुंच जाती थी। ऐसी स्थिति में मरीजों को समुचित सुविधा और आराम देने में कठिनाई होती थी। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए तत्काल प्रभाव से 20 बिस्तरों का नया वार्ड शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि नए वार्ड में बेहतर साफ-सफाई, आवश्यक उपकरणों और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष डॉ.टी.के. साहू ने कहा कि नए वार्ड के शुरू होने से अब मरीजों को अधिक सुव्यवस्थित और आरामदायक वातावरण में उपचार मिल सकेगा। इस अवसर पर डॉ. सविता अहिरवाल, डॉ. राघवेन्द्र महिलांगे, डॉ. नरेश पटेल सहित विभाग के सभी चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

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रेप केस में जमानत पर बाहर आया आरोपी फिर बना दबंग—पीड़िता को केस वापस लेने और जान से मारने की धमकी, साथी के साथ मिलकर रची साजिश; रायगढ़ पुलिस का बड़ा एक्शन, दोनों आरोपी फरार, जमानत निरस्ती की तैयारी

रायगढ़, 30 मार्च 2026*। स्थानीय युवती द्वारा महिला थाना में आवेदन देकर दुष्कर्म के आरोपी बादल सिंह राजपूत और उसके साथी अनमोल अग्रवाल पर केस वापस लेने और जान से मरवाने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर महिला थाना में दोनों आरोपियों के विरुद्ध *अपराध क्रमांक 24/2026 धारा 351(3), 232(1) एवं 3(5) भारतीय न्याय संहिता* के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। दोनों आरोपी फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा लगातार दबिश दी जा रही है।

   पीड़िता ने बताया कि उसने पूर्व में 03 फरवरी 2026 को महिला थाना में आरोपी बादल सिंह राजपूत के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उसने आरोप लगाया था कि अक्टूबर 2022 से जनवरी 2026 तक बादल सिंह राजपूत ने शादी का झांसा देकर उसका शारीरिक शोषण किया तथा उसका आपत्तिजनक वीडियो भी बनाया। शिकायत पर आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 07/2026 धारा 69, 115(3), 351(2) एवं 308(2) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। वर्तमान में आरोपी जमानत पर बाहर है।

   पीड़िता के अनुसार *18 मार्च 2026 को* उसे यह कहकर बुलाया गया कि कोर्ट में उसका बयान होना है। जब वह कोर्ट पहुंची, तब कोर्ट परिसर के बाहर अनमोल अग्रवाल, बादल के पिता और कुछ अन्य लोग मौजूद थे। वहां अनमोल अग्रवाल ने उससे कहा कि बादल की जमानत हो गई है, इसलिए केस वापस ले लो और पैसे ले लो, नहीं तो तुम केस हार जाओगी। पीड़िता का आरोप है कि उसी दौरान अनमोल अग्रवाल ने उसे धमकी दी कि यदि उसने केस वापस नहीं लिया तो उसे जान से मरवा दिया जाएगा।

   पीड़िता ने आगे बताया कि *19 मार्च 2026 को* दोपहर में वह घर के पास मंदिर दर्शन करने गई थी। वहां मंदिर परिसर में बादल सिंह राजपूत और उसके 2-3 परिचित लोग मौजूद थे। उसे देखते ही बादल सिंह राजपूत ने कथित रूप से कहा कि वह जमानत पर बाहर आ चुका है, वह उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकती और यदि उसने केस वापस नहीं लिया तो उसे जान से मरवा देगा। पीड़िता ने यह भी बताया कि उसी शाम आरोपी ने मोबाइल पर कॉल भी किया, लेकिन डर की वजह से उसने फोन नहीं उठाया।

   पीड़िता ने अपने आवेदन में बताया है कि बादल सिंह राजपूत और अनमोल अग्रवाल लगातार उसे डरा-धमकाकर केस वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। पुलिस रिकार्ड अनुसार आरोपी बादल सिंह राजपूत थाना कोतवाली की गुंडा-बदमाश सूची में शामिल है।

   महिला थाना पुलिस द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की तलाश की जा रही है। दोनों आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। साथ ही आरोपी बादल सिंह राजपूत की जमानत निरस्त कराने के लिए माननीय न्यायालय को प्रतिवेदन भेजा जा रहा है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए मुखबिर लगाकर लगातार दबिश दी जा रही है।

एसएसपी शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश* —

           *“किसी भी केस के पीड़ित, गवहों को डराने, धमकाने और न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश करने वाले आरोपियों को वैधानिक कार्यवाही की जावेगी। इस मामले में पीड़िता को धमकी देने वाले गुण्डा बदमाश बादल सिंह और उसके साथ अनमोल अग्रवाल के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।”*

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मोबाइल दुकान चोरी से बैंक लूट की साजिश तक का खुलासा — रायगढ़ पुलिस का सर्जिकल एक्शन, 6 सदस्यीय शातिर गैंग गिरफ्तार, 26 लाख से ज्यादा की बरामदगी, CCTV उखाड़कर सबूत मिटाने की कोशिश भी नाकाम

  30 मार्च, रायगढ़* । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन में रायगढ़ पुलिस ने एक संगठित आपराधिक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मोबाइल दुकान चोरी और दो बैंकों में लूट के असफल प्रयास में शामिल *5 आरोपी युवक एवं 1 विधि से संघर्षरत बालक* सहित कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से दो चारपहिया वाहन, 60 मोबाइल फोन सहित लगभग 26.47 लाख रुपये की संपत्ति बरामद की गई है।

         पूरे मामले में खुलासा तब हुआ जब फरवरी माह में घरघोड़ा थाना क्षेत्र के कुडुमकेला स्थित मोबाइल दुकान में हुई बड़ी चोरी के बाद पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थी। इसी बीच 15-16 मार्च को धरमजयगढ़ के ग्रामीण बैंक और 16-17 मार्च की रात जूटमिल स्थित पंजाब नेशनल बैंक में चोरी/लूट के प्रयास की घटनाएं सामने आईं। लगातार मिल रहे इन घटनाओं के पैटर्न को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी द्वारा जिलेभर में अलर्ट जारी किया गया और विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की गई।

 *एसएसपी के मार्गदर्शन पर घरघोड़ा पुलिस ने आरोपियों को दबोचा*- 

        एसएसपी श्री शशि मोहन के दिशा निर्देशन पर इन घटनाओं में मिले पैटर्न पर थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव साहू द्वारा हमराह प्रधान आरक्षक अरविंद पटनायक, आरक्षक हरीश पटेल के साथ आरोपियों को पकड़ने का चैलेंज लेकर जांच की जा रही थी । टीआई घरघोड़ा ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर माल मुल्जिम की पतासाजी को आगे बढ़ाया गया, साथ ही अपने विश्वसनीय मुखबीरों को फुटेज के संदेहियों के फोटो दिखाकर सूचना देने कहा गया । सीसीटीवी फुटेज और मुखबीर सूचना पर काम करते हुए घरघोड़ा पुलिस को लीड मिली । पुलिस ने संदेही मोह. अरसलान निवासी पत्थलगांव को मोबाइल दुकान की चोरी में शामिल होना पुख्ता करते हुए रेड कर दबोचा जिससे पूछताछ करने पर उसने अपने साथियों के साथ कुडूमकेला मोबाइल शॉप में चोरी के अलावा धरमजयगढ़ ग्रामीण बैंक और जूटमिल रायगढ़ के पंजाब नेशनल बेंक में लूट/चोरी का असफल प्रयास करना स्वीकार किया जिसके बाद पुलिस टीम ने एक के बाद एक इस गिरोह के और 5 आरोपियों को अलग अलग इलाके से पकडा है । पकड़े गये 6 आरोपियों में एक विधि के साथ संघर्षरत बालक है । इस गिरोह का मुख्य सरगना आरोपित मोह. अरसलान निवासी पत्थलगांव है जिसने अपने हमउम्र लड़कों का गिरोह तैयार कर वारदातों को अंजाम दिया जा रहा था ।

*आरोपियों के अपराध का तरीका*- 

         घरघोड़ा पुलिस टीम ने आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ करने पर बताये कि ये गैंग योजना अनुसार रायगढ़ जिला में रोड किनारे स्थित दुकानों एवं बैंको में चोरी करनी है। इनका लीडर मोह. अरसलान था, योजना अनुसार सभी लोग घरघोड़ा, धरमजयगढ़, रायगढ़ क्षेत्र में रैकी करना चालू किये। घरघोड़ा क्षेत्र में किसी दुकान में चोरी करने की नियत से सभी एक राय होकर मारूती सियाज कार क्र. सीजी-17-के.एन.-2212 से निकले । दिनांक 15 एवं 16.02.2026 के दरमियानी रात में लगभग 01-01.30 बजे  पांचों आरोपी (नाबालिग को छोड़कर) घरघोड़ा-धरमजयगढ़ रोड में स्थित ग्राम कुडुमकेला में रोड किनारे स्थित प्रार्थी के मोबाईल दुकान का सटर के ताला तोडकर मोबाईल दुकान में रखा विभिन्न कंपनियों का नया पुराना मोबाईल, ब्लुतुथ स्पीकर, ब्लुतुथ हेडफोन, नगदी रकम लगभग 3000रू. को दुकान से चोरी कर लिये जिसे कार में डाल कर घरघोड़ा-लैलूंगा रोड में ग्राम मुस्कुरा के पास जंगल में छिपा कर रखे। इन मोबाईल को बिक्री करने का योजना थी। इसके बाद भी मोह. अरसलान, अलतमस, जॉनसन, और अपचारी बालक निवासी पत्थलगांव का एक राय होकर बैंको में चोरी करने का योजना बनाये, योजनानुसार कार क्र. सीजी-17-के.एन.-2212 से दिनांक 15.03.2026 को रात्रि में खम्हार धरमजयगढ़ के ग्रामीण बैंक में चोरी करने का प्रयास किये थे किंतु सफल नहीं हुए थे, ग्रामीण बैंक के सी.सी.टी.व्ही. कैमरा सिस्टम को साक्ष्य छिपाने के लिए निकाल कर ले गये। और उसके बाद मोह. अरसलान, करण महंत, जॉनसन और अपचारी बालक द्वारा महिन्द्रा एक्सयुव्ही-500 कार क्र. सीजी-04-के.जेड.-5674 से दिनांक 16.03.2026 के रात्रि में पटेलपाली के पंजाब नेषनल बैंक में चोरी करने का प्रयास किये किंतु पुलिस के आने पर वोल्ट को नहीं तोड पाये थे, बैंक के सी.सी.टी.व्ही. कैमरा सिस्टम को साक्ष्य छिपाने के लिए निकाल कर ले गये। 

थाना धरमजयगढ़ और थाना जूटमिल में भी गिरोह के सदस्यों पर दर्ज अपराध

          ग्रामीण बैंक धरमजयगढ़ में नकबजनी के प्रयास पर थाना धरमजयगढ़ के अपराध क्रमांक 63/2026 धारा 331(4),305(ए)  बी.एन.एस. और पंजाब नेशनल बैंक में नकबजनी के प्रयास पर थाना जूटमिल में अज्ञात आरोपियों पर 86/2026 धारा 331(4),305(ए)  बी.एन.एस. कायम किया गया है ।
 
  घरघोड़ा पुलिस ने आरोपी मोह. अरसलान से घटना में प्रयुक्त मारूती सियाज कार क्र. सीजी-17-के.एन.-2212, महिन्द्रा एक्सयुव्ही-500 कार क्र. सीजी-04-के.जेड.-5674, अन्य चार आरोपियों से कुल 60 नग नये/पुराने मोबाईल व 01 एयरबट्स कीमती 347100रू. जुमला बरामदगी कीमत 26,47,100 बरामद कर जप्त किया गया। आरोपीगण द्वारा एक राय होकर आपराधिक षडयंत्र कर योजनाबद्ध तरीके से संगठित होकर अपराध घटित करना पाये जाने से प्रकरण में धारा 112(2),61(2),3(5) बी.एन.एस. जोडी गई। आरोपियों को आज घरघोड़ा न्यायालय में गिरफ्तार कर रिमांड पर जेल भेजा गया है । थाना घरमजयगढ़ एवं थाना जूटमिल पुलिस द्वारा पृथक से आरोपियों के विरूद्ध कार्रवाई की जावेगी ।

  एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी तथा एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्दांत तिवारी के मार्गदर्शन पर पूरे ऑपरेशन में आरोपियों की गिरफ्तारी पर तीन थानों के 3 अपराध का खुलासा हुआ जिसमें थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव साहू, प्रधान आरक्षक अरविंद पटनायक और आरक्षक हरीश पटेल थाना घरघोड़ा और स्थानीय नागरिक कालिया गुप्ता की सराहनीय भूमिका रही तथा थाना साइबर का विशेष सहयोग रहा ।

*गिरफ्तार आरोपियों का नाम/पता* 
 
(1) मोह. अरसलान पिता मोह. जब्बीर खान उम्र 19 वर्ष निवासी सारथी नगर पत्थलगांव थाना पत्थलगांव जिला जशपुर (छ.ग.)
(2) करण महंत पिता कुमार दास महंत उम्र 30 वर्ष निवासी ग्राम बांसाझार थाना छाल जिला रायगढ़ (छ.ग.)
(3) अलतमस खान पिता मोह. आफताब खान उम्र 19 वर्ष निवासी बिलाईटांगर पत्थलगांव थाना पत्थलगांव जिला जशपुर (छ.ग.)
(4) जॉनसन बेक पिता बुधियार बेक उम्र 19 वर्ष सा. ग्राम बोटराकछार, थाना पत्थलगांव जिला जशपुर (छ.ग.) 
(5) कवलेश यादव पिता पलकधारी यादव उम्र 19 वर्ष सा. ग्राम बरिमा मेनपाट थाना कमलेष्वरपुर जिला सरगुजा (छ.ग.)  

*बरामद संपत्ति*-

          घटना में प्रयुक्त मारूती सियाज कार क्र. सीजी-17-के.एन.-2212 और महिन्द्रा XUV-500 कार क्र. सीजी-04-के.जेड.-5674, अन्य चार आरोपियों से कुल 60 नग नये/पुराने मोबाईल व 01 एयरबट्स कीमती 347100 रूपये 

*जुमला बरामदगी कीमत 26 लाख 47 हजार रूपये*

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश* —
    
          *“घरघोडा पुलिस की टीम ने प्रोफेशनल तरीके से इस संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों और बैंकों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है, इस प्रकार के संगठित अपराधों पर लगातार कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।”*

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35 वर्षों की निष्कलंक सेवा के बाद गरिमामयी विदाई: बिलासपुर संभाग के संयुक्त संचालक अभियोजन श्री माखनलाल पाण्डेय को पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में भावभीना सम्मान

रायपुर  30.03.2026 आज पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय बिलासपुर में श्री माखन लाल पाण्डेय, संयुक्त संचालक अभियोजन (बिलासपुर संभाग) के सेवानिवृत्ति के अवसर पर एक गरिमामय एवं आत्मीय विदाई समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम श्री राम गोपाल गर्ग पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज, के गरिमामयी सानिध्य में संपन्न हुआ। जिसमें संयुक्त संचालक अभियोजन श्री माखन लाल पाण्डेय, उप संचालक श्रीमती कंचन पाटिल एवं पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय के सभी अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे। समारोह के दौरान पुलिस महानिरीक्षक श्री गर्ग ने श्री पाण्डेय के कुशल कार्यकाल की सराहना करते हुए उन्हें श्रीफल, पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

 अनुकरणीय सेवा सफरः-
श्री माखन लाल पाण्डेय का कार्यकाल उपलब्धियों भरा रहा है
अपनी सेवाकाल फरवरी 1995 जिला रायपुर से प्रारंभ कर विभिन्न  जिलों दुर्ग, महासमुंद, धमतरी, जांजगीर चांपा में सेवा देते हुए फरवरी 2023 से 30 मार्च 2026 तक बिलासपुर संभाग में संयुक्त संचालक अभियोजन के पद पर पदस्थ होकर न्याय प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने पुलिस विभाग के साथ समन्वय कर विवेचना और दोषमुक्ति प्रकरणों की समीक्षा में अपना अमूल्य मार्गदर्शन दिया, तथा उनके द्वारा हमेशा प्रभावी कार्य सदैव संपादित किया गया।

      इस अवसर पर आईजी श्री गर्ग ने कहा कि, एक सफल अभियोजन अधिकारी न केवल कानून का ज्ञाता होता है, बल्कि वह पीड़ित को न्याय दिलाने की महत्वपूर्ण कड़ी है। पाण्डेय जी ने अपने पूरे कार्यकाल में अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश करते हुये सदा अभियोजन और पुलिस विभाग के लिये अपना विशेष योगदान दिया है। उनके आगामी सुखद भविष्य की शुभकामनाए देते आईजीपी श्री गर्ग ने आशा व्यक्त की, कि सेवानिवृत्ति के पश्चात भी श्री पाण्डेय अपने विशाल अनुभव और कानूनी ज्ञान के आधार पर पुलिस विभाग को आवश्यकतानुसार सहायता, मार्गदर्शन ,परामर्श और प्रशिक्षण देते रहेंगे।
 श्री पाण्डेय ने इस अवसर पर अपने प्रति दिए गए सम्मान के लिए आईजीपी श्री गर्ग का आभार व्यक्त करते हुए,अपनी इस यात्रा के अनुभव साझा किए,और जिला अभियोजन अधिकारी से संयुक्त संचालक तकनीक सफर के दौरान पुलिस और न्यायालय के साथ अपने अनुभव साझा किए।इन भावुक पलों के श्री पाण्डेय ने,पुलिस विभाग के द्वारा कोई सहायता मांगे जाने पर, सेवानिवृत्ति के बाद भी , हमेशा स्वयं को उपलब्ध रहना बताया।

     इस विदाई समारोह में पुलिस महानिरीक्षक श्री रामगोपाल गर्ग के साथ उप पुलिस अधीक्षक (बिलासपुर रेंज) श्री विवेक शर्मा, निरीक्षक अशोक वैष्णव, निरीक्षक धनेश्वरी दुबे, उपनिरीक्षक रामकुमार पटेल, शंकर कश्यप, संग्राम सिंह,संदीप ठाकुर, रेखा जायसवाल सहित कार्यालय के अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने श्री पाण्डेय को भावभीनी विदाई दी।इस गरिमामय कार्यक्रम का संचालन श्री संजय रावत मुख्य लिपिक ने किया।

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कुश्ती स्पर्धा के तीसरे दिन भी जारी रहा रोमांच, खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम महिला और पुरुष वर्ग में कड़े मुकाबले, विजेताओं को मिले पदक

रायपुर,30मार्च 2026/खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत सरगुजा जिले के अम्बिकापुर में आयोजित कुश्ती स्पर्धा के तीसरे दिन भी मुकाबले का रोमांच जारी रहा। खिलाड़ियों ने एक से बढ़कर एक दांवपेंच लगाकर जीत के लिए जोर लगाया। इस दौरान विजेता प्रतिभागियों को पदक प्रदान किया गया।

      कड़े मुकाबले के बीच विजेता पदक प्राप्त करने वालों में आज महिला सीनियर 53 किलोग्राम में झारखंड की नेहा ओराँव ने गोल्ड, असम की प्रतिमा खाखलरी ने सिलवर, असम की मैनारी खाखलरी एवं मिज़ोरम की लालवेनहीमी ने कांस्य पदक जीता। महिला सीनियर 76 किलोग्राम भारवर्ग में कर्नाटक की मनीषा जुवाव सिद्दी ने गोल्ड, हिमाचल प्रदेश की मुस्कान ने सिल्वर, मिजोरम की लालहमंगहिसँगी ने कांस्य पदक जीता।
 
         इसी प्रकार पुरुष वर्ग में ग्रीको रोमन सीनियर 60 किलोग्राम भारवर्ग में कर्नाटक के रोहन एम दोद्दामनी  को गोल्ड, राजस्थान के दिनेश सोलंकी को सिल्वर, मेघालय के झु पा यू झु नोंगतडु ने कांस्य पदक अपने नाम किया। फ्रीस्टाइल 97 किलोग्राम भारवर्ग में जम्मू कश्मीर के हमाम हुसैन ने गोल्ड, हिमाचल प्रदेश के मोहित कुमार ने सिल्वर, जम्मू कश्मीर के मोहम्मद वसीम चौधरी ने कांस्य पदक जीता। ग्रीको रोमन सीनियर में 87 किलोग्राम भारवर्ग में हिमाचल प्रदेश के पीयूष गुज्जर को गोल्ड,जम्मू कश्मीर के रियाज़ हुसैन को सिल्वर एवं हिमाचल प्रदेश के टेकचंद ने कांस्य पदक जीता। फ्रीस्टाइल सीनियर में 65 किलोग्राम भारवर्ग में बिहार के मुलायम खरवार को गोल्ड, राजस्थान के राकेश कुमार मीना को सिल्वर एवं कर्नाटक के कैम्पानगौड़ा वी केम्प्पणवार ने कांस्य पदक जीता।

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खेल, संस्कृति और प्रकृति का संगम: खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 में छत्तीसगढ़ की मेहमाननवाज़ी ने जीता देशभर के खिलाड़ियों का दिल

रायपुर, 30 मार्च 2026/ खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 के रंग में इस समय पूरा छत्तीसगढ़ सराबोर नजर आ रहा है। खेल प्रतियोगिताओं के साथ-साथ राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य भी देशभर से आए खिलाड़ियों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। अंडमान-निकोबार से आए वेटलिफ्टिंग के खिलाड़ियों के लिए सिरपुर और बारनवापारा के भ्रमण ने उनकी छत्तीसगढ़ की यात्रा को और यादगार बना दिया।

छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल ने आज खिलाड़ियों को ऐतिहासिक नगरी सिरपुर का भ्रमण कराया, जहां उन्होंने प्राचीन मंदिरों, बौद्ध विहारों और पुरातात्विक धरोहरों के माध्यम से राज्य के गौरवशाली इतिहास को करीब से जाना। सिरपुर की ऐतिहासिक विरासत ने खिलाड़ियों को खासा प्रभावित किया और उन्होंने इसकी समृद्ध संस्कृति की सराहना की।

बारनवापारा अभयारण्य के भ्रमण और प्रकृति की सुरम्य वादियों ने सभी खिलाड़ियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। घने जंगल, शांत वातावरण और हरियाली से भरपूर इस क्षेत्र में खिलाड़ियों ने सुकून के पल बिताए। बारनवापारा स्थित छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के हरेली इको रिसोर्ट में उन्होंने स्थानीय स्वादिष्ट व्यंजनों का भी आनंद लिया। 

अंडमान-निकोबार के खिलाड़ियों की इस रोमांचक यात्रा का सबसे आकर्षक हिस्सा रहा बाँबू राफ्टिंग, जिसमें खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और प्राकृतिक जलधाराओं के बीच रोमांच का अनुभव किया। यह गतिविधि उनके लिए न केवल मनोरंजक रही, बल्कि टीम भावना को भी और मजबूत करने वाली साबित हुई। 

छत्तीसगढ़ की आत्मीयता और मेहमाननवाज़ी ने सभी खिलाड़ियों का दिल जीत लिया। अंडमान-निकोबार से आए खिलाड़ियों ने राज्य सरकार एवं छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अनुभव उनके जीवन की अविस्मरणीय स्मृतियों में शामिल रहेगा।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के माध्यम से छत्तीसगढ़ न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान कर रहा है, बल्कि अपनी सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन स्थलों और आतिथ्य की उत्कृष्टता को भी राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिला रहा है। यह आयोजन राज्य की बहुआयामी सकारात्मक छवि को और सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।

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संघर्ष, साहस और संकल्प की मिसाल: झारखंड के बेटे अंजित मुंडा ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में लहराया परचम, 67 किलो कुश्ती में जीता स्वर्ण, गरीबी और चुनौतियों को दी मात

रायपुर, 30 मार्च 2026/ कहते हैं कि यदि इरादे फौलादी हों और लक्ष्य के प्रति समर्पण हो, तो अभाव भी सफलता की राह नहीं रोक सकते। झारखंड के रामगढ़ जिले के एक छोटे से गाँव सुगिया के रहने वाले युवा पहलवान अंजित कुमार मुंडा ने इस बात को सच कर दिखाया है। अम्बिकापुर के गांधी स्टेडियम में आयोजित 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स' के दौरान अंजित ने 67 किलोग्राम भार वर्ग की कुश्ती स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया है।

*संघर्ष से सफलता तक का सफर*
मात्र 20 वर्ष की आयु में सफलता के शिखर को छूने वाले अंजित का जीवन चुनौतियों से भरा रहा है। वर्ष 2009 में पिता के साये के उठ जाने के बाद, उनकी माता ने खेती-बारी और कठिन परिश्रम के बल पर परिवार को संभाला। अंजित ने वर्ष 2017-18 में कुश्ती की शुरुआत की और जेएसएसपीएस स्पोर्ट्स अकादमी में लगभग 6 वर्षों तक कड़ा अभ्यास किया। उनकी शारीरिक क्षमता और तकनीक को देखते हुए प्रशिक्षकों ने उन्हें कुश्ती के लिए तराशा।

*भारतीय सेना में 'अग्निवीर' के रूप में दे रहे हैं सेवाएं*
अंजित की खेल प्रतिभा और देश सेवा के जज्बे ने उन्हें भारतीय सेना तक पहुँचाया। पिछले वर्ष ही उनका चयन 'अग्निवीर जीडी' के पद पर हुआ है। अपनी इस सफलता का श्रेय वे अपने कोच को देते हैं।

*जनजातीय प्रतिभाओं के लिए बड़ा मंच*
अपनी जीत पर खुशी जाहिर करते हुए अंजित मुंडा ने कहा, खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स हम जैसे जनजातीय बच्चों के लिए एक उत्कृष्ट मंच है, जो अक्सर मुख्यधारा से पीछे छूट जाते हैं। पहली बार आयोजित इस प्रतियोगिता में गोल्ड जीतना मेरे लिए गर्व की बात है। अब मेरा अगला लक्ष्य छत्तीसगढ़ में आयोजित होने वाली आगामी प्रतियोगिताओं में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है।"

*उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद*
पूर्व में कांस्य पदक जीतने के कारण छात्रवृत्ति से वंचित रहे अंजित को अब स्वर्ण पदक जीतने के बाद केंद्र सरकार से सहयोग और स्कॉलरशिप मिलने की पूरी उम्मीद है, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकें। अम्बिकापुर में चल रहे खेलों इंडिया ट्राइबल गेम्स में अंजित की यह उपलब्धि न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश के जनजातीय युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है।

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ममता और मेहनत के बीच संघर्ष… चार साल की बेटी को छोड़ पल्लवी ने रचा इतिहास, खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में जीता रजत

रायपुर, 30 मार्च 2026/ जब पल्लवी पायेंग की बेटी सिर्फ छह महीने की थी, तब असम की इस वेटलिफ्टर के सामने एक कठिन फैसला था। या तो वह अपने पसंदीदा खेल को छोड़ दें या फिर अपनी बेटी से दूर रहकर दोबारा ट्रेनिंग शुरू करें। ऐसे समय में उनके पति सुखावन थौमंग ने उन्हें अपने सपनों को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया, जबकि उनकी मां ने बच्चे की देखभाल की जिम्मेदारी संभाली। पल्लवी ने इस त्याग को सार्थक करते हुए यहां आयोजित पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में महिलाओं के 69 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता।

            असम की मिसिंग जनजाति से ताल्लुक रखने वाली पल्लवी ने 2018 में वेटलिफ्टिंग की शुरुआत की थी और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर अपनी पहचान बनाई। लेकिन कोविड-19 लॉकडाउन ने उनके खेल जीवन की रफ्तार को रोक दिया। इसी दौरान वह मां बनीं, लेकिन वेटलिफ्टिंग मंच पर वापसी की इच्छा उनके भीतर हमेशा बनी रही। हालांकि, मां बनने के बाद खेल में लौटने का विचार जितना उत्साहजनक था, उतना ही चुनौतीपूर्ण भी।

          पल्लवी ने साई मीडिया से कहा, “यह आसान नहीं है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई महिलाओं ने मां बनने के बाद शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन एक महिला ही समझ सकती है कि पूरी फिटनेस में लौटने के लिए उसे किन परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है।” उन्होंने कहा, “मैंने अपनी बेटी को तब छोड़ा जब वह सिर्फ छह महीने की थी, ताकि मैं दोबारा ट्रेनिंग शुरू कर सकूं। यह भावनात्मक फैसला था, लेकिन मुझे लगा कि यही सही समय है।” अब चार साल की उनकी बेटी, पल्लवी के सरूपथार स्थित किराए के घर और गोलाघाट जिले के बोरपाथार स्थित नानी के घर के बीच समय बिताती है, जो करीब 20 किलोमीटर दूर है।
यह फैसला आसान नहीं था।

        बेटी से दूर लंबे समय तक रहना और कई बार अपने निर्णय पर सवाल उठाना, पल्लवी के सफर का हिस्सा रहा। लेकिन परिवार के सहयोग ने उन्हें कभी अकेला महसूस नहीं होने दिया। उन्होंने कहा, “मेरे पति ने हमेशा मेरा साथ दिया है, जबकि मेरी मां यह सुनिश्चित करती हैं कि जब मैं प्रतियोगिताओं के लिए बाहर जाती हूं, तो मेरी बेटी का पूरा ख्याल रखा जाए।” पल्लवी के पति, जो राष्ट्रीय स्तर के पूर्व मुक्केबाजी पदक विजेता रह चुके हैं, वर्तमान में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में ड्राइवर के रूप में कार्यरत हैं और जम्मू में तैनात हैं।

           इसके बावजूद वापसी का रास्ता बिल्कुल आसान नहीं था। मां बनने के बाद 2023 में गोलाघाट में हुए राज्य चैंपियनशिप में पल्लवी छठे स्थान पर रहीं। अगले साल डिब्रूगढ़ में उन्हें निराशा हाथ लगी, जब प्रतियोगिता देर रात तक चली और वह अपनी लय नहीं बना सकीं। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। 2025 में उनकी मेहनत रंग लाने लगी। तेजपुर में हुए राज्य चैंपियनशिप में उन्होंने रजत पदक जीता और उसी साल अस्मिता लीग में स्वर्ण पदक हासिल किया। इस वर्ष भी अस्मिता लीग में एक और स्वर्ण जीतकर उन्होंने अपनी वापसी को और मजबूत किया।

         रायपुर में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का यह रजत पदक उनके लिए खास रहा। उन्होंने कहा, “खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का यह रजत पदक मेरे करियर के लिए एक अहम उपलब्धि है। इससे मुझे आत्मविश्वास मिला है कि मैं इस स्तर की खिलाड़ी हूं।”

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सेमीफाइनल में गरजी मिजोरम-उड़ीसा की टीम, महिला हॉकी फाइनल में होगा महामुकाबला — खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में रोमांच चरम पर

रायपुर, 30 मार्च 2026/ 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026' के अंतर्गत सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में महिला हॉकी प्रतियोगिता के सेमीफाइनल मुकाबले आज उत्साह और रोमांच के बीच खेले गए।
पहले सेमीफाइनल मैच में मिजोरम की टीम ने झारखंड को कड़े मुकाबले में 3-2 से पराजित कर फाइनल में स्थान बनाया। दोनों टीमों के बीच मैच बेहद प्रतिस्पर्धात्मक रहा, जिसमें मिजोरम ने अंत तक बढ़त बनाए रखी।

          दूसरे सेमीफाइनल मैच में उड़ीसा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मध्यप्रदेश को 8-0 से हराया। उड़ीसा की टीम ने पूरे मैच में आक्रामक खेल दिखाते हुए एकतरफा जीत दर्ज की।
इन परिणामों के साथ मिजोरम और उड़ीसा की टीमें अब फाइनल में आमने-सामने होंगी, जहाँ खेल प्रेमियों खिताब के लिए रोमांचक मुकाबला देखने को मिलेगा।

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एशियाई खेलों पर नजर, ओलंपिक का सपना — कोमालिका बारी का ‘ट्राइबल गेम्स’ में धमाका करने का बड़ा ऐलान

रायपुर, 30 मार्च 2025/  साल 2021 में जब कोमालिका बारी ने अपनी राज्य की साथी दीपिका कुमारी की बराबरी करते हुए विश्व कैडेट और विश्व जूनियर दोनों खिताब जीतने वाली भारत की दूसरी महिला रिकर्व तीरंदाज बनने का गौरव हासिल किया, तब जमशेदपुर की इस खिलाड़ी से काफी सारी उम्मीदें जुड़ गई थीं।

          हालांकि, जूनियर स्तर पर शानदार प्रदर्शन के बाद सीनियर सर्किट में उनका सफर उतना आसान नहीं रहा। कोमालिका एशियाई खेलों और 2028 ओलंपिक जैसे बड़े टूर्नामेंट्स के लिए भारतीय टीम में जगह बनाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन अभी तक वह पूरी तरह अपनी जगह पक्की नहीं कर पाई हैं।

           अब 2026 एशियाई खेलों के लिए भारतीय टीम में चयन की दौड़ अंतिम चरण में पहुंच चुकी है, ऐसे में कोमालिका ने अपनी तैयारियों को और तेज कर दिया है। पुणे में चल रहे प्रशिक्षण शिविर में वह अपनी तकनीक को निखारने के साथ-साथ मानसिक मजबूती और दबाव में बेहतर प्रदर्शन करने पर भी खास ध्यान दे रही हैं।

         कोमालिका ने साई मीडिया को कहा कि, “मैं फिलहाल टॉप-16 में हूं और राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर का हिस्सा हूं। एशियाई खेलों के चयन को लेकर मैं गंभीरता से तैयारी कर रही हूं। साथ ही, मैं ज्यादा से ज्यादा प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अनुभव हासिल करना चाहती हूं, जबकि अपने प्रशिक्षण कार्यक्रम को भी बनाए रख रही हूं।” 

           झारखंड की यह प्रतिभाशाली तीरंदाज यहां जारी पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में तीरंदाजी प्रतियोगिता की प्रमुख आकर्षण हैं। कोमालिका ने आगे कहा कि, “मेरा अंतिम लक्ष्य (2028) ओलंपिक है। इस समय मेरा प्रशिक्षण काफी अच्छा चल रहा है और मैं कड़ी मेहनत कर रही हूं। सबसे ज्यादा ध्यान मानसिक रूप से मजबूत रहने पर है, क्योंकि प्रदर्शन में इसकी बहुत बड़ी भूमिका होती है।” वह अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहती हैं, “मेरी यात्रा ने मुझे सिखाया है कि उतार- चढ़ाव आते रहेंगे, लेकिन कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प से उन्हें पार कर आगे बढ़ा जा सकता है।”  उन्होंने यह भी बताया कि मैच अनुभव हासिल करने के अलावा वह अधिक से अधिक जनजातीय बच्चों को इस खेल को करियर के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित करना चाहती हैं।

              कोमालिका ने 12 साल की उम्र में पहली बार धनुष-बाण उठाया। उन्हें उनकी मां, जो एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं, का पूरा समर्थन मिला। उनकी मां ही उन्हें बिरसानगर में स्थानीय तीरंदाजी कोच के पास लेकर गईं, जहां से उनके करियर की शुरुआत हुई। साल 2012 में कोमालिका ने अपने शुरुआती संघर्षों का सामना करना शुरू किया। शुरुआती दिनों में उनके परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं थी कि वे अभ्यास के लिए धनुष खरीद सकें, इसलिए उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान बांस से बने अस्थायी धनुष का सहारा लिया।

          प्रशिक्षण शुरू करने के चार साल बाद कोमालिका ने जमशेदपुर स्थित टाटा आर्चरी अकादमी में प्रवेश लिया और कोच धर्मेंद्र तिवारी तथा पूर्णिमा महतो के मार्गदर्शन में अभ्यास शुरू किया। लेकिन देश की इस प्रतिष्ठित अकादमी तक पहुंचने का सफर आसान नहीं था, क्योंकि उन्हें अपने बिरसानगर स्थित घर से रोजाना 18 किलोमीटर साइकिल चलाकर वहां पहुंचना पड़ता था।
वह कहती हैं, “जब मैंने तीरंदाजी शुरू की थी, तब मेरे कई सीनियर खिलाड़ी थे जिन्हें मैं रोल मॉडल मानती थी। हमें उन्हें आमतौर पर सिर्फ प्रतियोगिताओं के दौरान देखने का मौका मिलता था और इससे हमें काफी प्रेरणा मिलती थी।”
उन्होंने आगे कहा कि , “यही एक बड़ा कारण है कि मैं खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में हिस्सा ले रही हूं। मैं चाहती हूं कि लोग मुझे खेलते हुए देखें और आगे आकर भाग लेने के लिए प्रेरित हों। अभी भी कई लोग भाग नहीं ले रहे हैं, लेकिन खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स एक बहुत अच्छा मंच है, जो प्रेरणा और अवसर दोनों प्रदान करता है।” 

           24 वर्षीय कोमालिका रायपुर में जारी प्रतियोगिता में व्यक्तिगत, टीम और मिश्रित टीम स्पर्धाओं में हिस्सा ले रही है। खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2020 में व्यक्तिगत रजत पदक जीत चुकी कोमालिका इस मंच के महत्व को भली-भांति समझती हैं और मानती हैं कि ट्राइबल गेम्स जनजातीय पृष्ठभूमि से आने वाले खिलाड़ियों के विकास को नई गति दे सकते हैं। वे कहती हैं कि, “ट्राइबल गेम्स पूरे खेल पारिस्थितिकी तंत्र को बदलने की क्षमता रखते हैं, खासकर जनजातीय खिलाड़ियों के लिए। खेलो इंडिया द्वारा उठाया गया यह कदम और इन खेलों का आयोजन बेहद प्रभावशाली है। आमतौर पर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं एक ही खेल पर केंद्रित होती हैं, लेकिन यहां कई खेल एक साथ आयोजित किए जा रहे हैं, ठीक राष्ट्रीय खेलों की तरह।”

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आयुर्वेद चिकित्सा शिविर में 405 मरीजों का हुआ निःशुल्क उपचार,दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता और परामर्श पर जोर

रायगढ़, 29 मार्च 2026/ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार एवं जिला आयुष अधिकारी डॉ. सी.एस. गौराहा के मार्गदर्शन में विकासखंड पुसौर के दूरस्थ ग्रामों में आयुर्वेद चिकित्सा शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। डॉ. अजय नायक के नेतृत्व में आयोजित इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें उचित परामर्श और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया गया। इन शिविरों में कुल 405 रोगियों का उपचार किया गया।
            शिविर में डॉ. जागृति पटेल द्वारा जोड़ों के दर्द, अस्थि-संधि विकार, वृद्धजन स्वास्थ्य समस्याएं, जीवनशैली जनित रोग, आहार-विहार, योगासन, स्वच्छता एवं नशामुक्ति जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही, आवश्यकतानुसार पंपलेट वितरित कर ग्रामीणों को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया।
             मार्च माह के दौरान कठली, टपरदा, सिंगपुरी, चंघोरी, परसापाली, बराडोली, कोलता पारा, स्कूल पारा एवं बुनगा जैसे गांवों में शिविर लगाए गए। बुनगा में विशेष रूप से जीवनशैली में सुधार, औषधीय पौधों की पहचान एवं उपयोग, घरेलू उपचार, शालेय स्वास्थ्य परीक्षण, बीपी एवं शुगर जांच, सियान जतन तथा दैनिक योगाभ्यास जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को लाभान्वित किया गया। शिविरों के माध्यम से ग्रामीण अंचलों में आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के प्रति विश्वास बढ़ाने और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने का संदेश दिया जा रहा है। इस पहल में बुनगा सरपंच बेदप्रकाश साव का सराहनीय सहयोग रहा। साथ ही फार्मासिस्ट भोज मालाकार, श्रीमती वर्षा ठेठवार, राजेश साव एवं योग प्रशिक्षक दुलामनी रजक ने सक्रिय भूमिका निभाई।

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तेज आवाज और स्टंटबाजी पर पुलिस का बड़ा एक्शन— मॉडिफाई साइलेंसर लगाने वाले युवकों पर शिकंजा, अभिभावकों को बुलाकर दी कड़ी चेतावनी; बुलडोजर से साइलेंसर खत्म कर दिया सख्त संदेश”

रायगढ़, 29 मार्च  । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर जिले में मॉडिफाई साइलेंसर लगे वाहनों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जा रही है। एसएसपी के निर्देश पर ट्रैफिक पुलिस के साथ-साथ सभी थानों की टीमें प्रतिदिन मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए ऐसे वाहनों की जांच कर रही हैं। इसी कड़ी में कल डीएसपी ट्रैफिक श्री उत्तम प्रताप सिंह के नेतृत्व में शहर के विभिन्न चेक प्वाइंट पर सघन वाहन जांच अभियान चलाया गया।

          जांच के दौरान शहर के विभिन्न चौंक-चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस ने 11 ऐसे वाहनों को पकड़ा, जिनमें तेज आवाज वाले मॉडिफाई साइलेंसर लगे हुए थे। सभी वाहनों को कार्रवाई के लिए ट्रैफिक थाना लाया गया । आज सुबह संबंधित वाहन चालकों और उनके अभिभावकों को पुलिस कार्यालय बुलाया गया, जहां एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने नियमों के उल्लंघन पर कड़ी फटकार लगाते हुए भविष्य में ऐसी गलती दोहराने पर पृथक से प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी। थाने में इन वाहनों में लगे मॉडिफाई साइलेंसर निकलवाकर चालानी कार्रवाई की गई ।

          उल्लेखनीय है कि एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन पर मॉडिफाई साइलेंसर के विरुद्ध लगातार अभियान चलाकर हाल ही में थाना यातायात और थानों द्वारा करीब 50 साइलेंसर जब्त किए गए हैं, जिन्हें ट्रैफिक पुलिस द्वारा आज ट्रैफिक थाना के पीछे पुलिस कालोनी में बुलडोजर चलवाकर नष्ट किया गया है। एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने मीडिया के माध्यम से आम नागरिकों से अपील करते हुए अपना शासकीय मोबाइल नंबर 9479193200 साझा किया और कहा कि मॉडिफाई साइलेंसर लगे वाहनों की फोटो व्हाट्सएप के माध्यम से भेजकर पुलिस को सूचित करें, ताकि ऐसे वाहन चालकों पर त्वरित कार्रवाई की जा सके।

              मॉडिफाई साइलेंसर के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के लिए एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने डीएसपी ट्रैफिक श्री उत्तम प्रताप सिंह, थाना प्रभारी ट्रैफिक नारायण सिंह मरकाम एवं उनकी टीम की सराहना करते हुए आगे भी इसी प्रकार अभियान जारी रखने के निर्देश दिए हैं।

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश*— 

     *“यातायात नियमों का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है। मॉडिफाई साइलेंसर लगाकर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी”*

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जल संरक्षण का कोरिया मॉडल बना राष्ट्रीय उदाहरण- प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने की सराहना

रायपुर 29 मार्च 2026/कोरिया जिले में जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देते हुए “कैच द रेन” तथा राज्य शासन के *मोर गाव मोर पानी महा अभियान अभियान* के अंतर्गत में “आवा पानी झोंकी” अभियान संचालित किया गया। इस पहल ने जल संरक्षण को केवल एक सरकारी योजना से आगे बढ़ाकर व्यापक जनभागीदारी पर आधारित आंदोलन बना दिया है।

इस अभिनव प्रयास को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान तब मिली, जब माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने अपने लोकप्रिय कार्यक्रम “मन की बात” में कोरिया मॉडल की सराहना की और इसे जनभागीदारी आधारित जल संरक्षण का प्रेरक उदाहरण बताया।

इसके अतिरिक्त, केंद्रीय स्तर पर भी इस मॉडल को सराहना प्राप्त हुई है। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल द्वारा भी कोरिया मॉडल को अन्य राज्यों में लागू किए जाने योग्य पहल के रूप में उल्लेखित किया गया, जिससे इसकी उपयोगिता और विस्तार की संभावनाएँ स्पष्ट होती हैं।


पृष्ठभूमि

कोरिया जिले में लगभग 1370 मिमी वार्षिक वर्षा होने के बावजूद भू-आकृतिक परिस्थितियों के कारण जल का तीव्र बहाव होता था, जिससे भूजल पुनर्भरण सीमित था। 

कोरिया मॉडल: जन आंदोलन की अवधारणा

“जल संचय जन भागीदारी अभियान” के अंतर्गत लागू 5% मॉडल के तहत किसानों ने अपनी भूमि का 5% भाग छोटी सीढ़ीदार जल संरचनाओं के लिए समर्पित किया साथ ही सोखता गड्ढे और मनरेगा के अंतर्गत  संरचनाएं बनाईं गईं।


सामुदायिक एवं वैज्ञानिक समन्वय

महिलाओं ने नीर नायिका, युवाओं ने जल दूत के रूप में भूमिका निभाई और ग्राम सभाओं के माध्यम से विकेंद्रीकृत योजना को सशक्त बनाया। इससे समुदाय स्वयं कार्यान्वयनकर्ता बना। 

2025 की उपलब्धियाँ (जल पुनर्भरण)

जिले में कुल लगभग 2.8 MCM (28 लाख घन मीटर) जल का भूजल में पुनर्भरण हुआ।यह जल मात्रा लगभग 230–235  (12000 m³/ तालाब ) बड़े तालाबों के बराबर और  1800 से अधिक  ( 1500 m³/ डबरी ) डबरियों के बराबर है। ( गणनाएं मानक वैज्ञानिक मानकों एवं सावधानीपूर्वक किए गए आकलन पर आधारित हैं।)

भूजल स्तर में सुधार

CGWB की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 में कोरिया जिले के  भूजल स्तर में 5.41 मीटर की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जो इस मॉडल की प्रभावशीलता को दर्शाती है। 


2026 में प्रगति

20,612 से अधिक जल संरक्षण कार्य पूर्ण/प्रगति पर हैं जिनके अंतर्गत 17,229 सामुदायिक कार्य तथा 3,383 मनरेगा आधारित संरचनाएँ शामिल हैं।

कलेक्टर का वक्तव्य

जिला कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा—
“कोरिया मॉडल की सफलता का मूल आधार जनभागीदारी है। जब समाज स्वयं जल संरक्षण का संकल्प लेता है, तो परिणाम स्थायी और व्यापक होते हैं। हमारा प्रयास है कि हर बूंद को संजोकर आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।”


कोरिया मॉडल यह प्रमाणित करता है कि जब जनभागीदारी,  वैज्ञानिक योजना, शासन और प्रशासनिक नेतृत्व एक साथ कार्य करते हैं, तो जल संरक्षण को एक स्थायी जन आंदोलन में परिवर्तित किया जा सकता है— और यही मॉडल अब राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनाए जाने की दिशा में अग्रसर है।

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खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स : 86 किलोग्राम भारोत्तोलन में महाराष्ट्र की साक्षी बुरकुले ने जीता स्वर्ण,छत्तीसगढ़ की रिशिका कश्यप ने रजत

रायपुर, 29 मार्च 2026/ खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के तहत 86 किलोग्राम भारोत्तोलन प्रतियोगिता महिला वर्ग में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दर्शकों का उत्साह बढ़ाया। इस स्पर्धा में महाराष्ट्र की साक्षी बंडू बुरकुले ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक कब्जा किया। यह प्रतिस्पर्धा पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर की खेल मैदान में आयोजित की जा रही है। 

 साक्षी बुरकुले ने स्नैच में 68 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 82 किलोग्राम वजन उठाकर कुल 150 किलोग्राम के साथ पहला स्थान हासिल की, उनका प्रदर्शन पूरे मुकाबले में सबसे मजबूत रहा।

 छत्तीसगढ़ की रिशिका कश्यप ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल की। उन्होंने कुल 121 किलोग्राम (स्नैच 55 किलोग्राम, क्लीन एंड जर्क 71 किलोग्राम) वजन उठाया। वहीं असम की बिटुपुना देओरी ने 118 किलोग्राम के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। प्रतियोगिता में असम की लिंडा  114 किलोग्राम के साथ चौथे स्थान पर रहीं, जबकि त्रिपुरा की सुमी मोग (77 किलोग्राम) और आंध्र प्रदेश की जेसी रानी (61 किलोग्राम) क्रमशः पांचवें और छठे स्थान पर रहीं।

 इस स्पर्धा में खिलाड़ियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली, जहां हर प्रतिभागी ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का प्रयास किया। दर्शकों ने प्रत्येक खिलाड़ियों की हौंसला अफजाई करते हुए खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन कर इस पूरे आयोजन को जीवंत बनाए रखा।

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