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कम उम्र में अनाथ हुए मिजोरम के किशोर इसाक,मालसावमटलुआंगा ने चोट की चिंता को पीछे छोड़कर जीता केआईटीजी स्वर्ण

रायपुर, 29 मार्च: मिजोरम के युवा वेटलिफ्टर इसाक मालसावमटलुआंगा 16 साल की उम्र पूरी करने से पहले ही अपने माता-पिता दोनों को खोने के बाद लगभग खेल छोड़ने की कगार पर पहुंच गए थे। इस दोहरी त्रासदी ने इस मिजो किशोर को अंदर तक तोड़ दिया था, लेकिन उनके बचपन के कोच और चाचा-चाची के सहारे ने उनके खेल करियर को संभाल लिया। 18 वर्षीय इसाक ने कड़ा संघर्ष करते हुए खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर अपने परिवार को गर्व महसूस कराया।

        पीठ की तकलीफ से जूझते हुए भी इसाक ने क्लीन एंड जर्क में शानदार प्रदर्शन किया। स्नैच में दूसरे स्थान पर रहने के बाद उन्होंने कुल 235 किग्रा वजन उठाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। जीत के तुरंत बाद उनके चाचा ने उन्हें गले लगा लिया, जो इस युवा खिलाड़ी के जीवन में एक मार्गदर्शक की तरह रहे हैं।

        इसाक के पिता हेमिंग मालसावमटलुआंगा की 2018 में एक सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी, उसी साल उन्होंने वेटलिफ्टिंग की शुरुआत की थी। परिवार के इकलौते बेटे होने के कारण उनके सामने यह सवाल खड़ा हो गया था कि वह खेल जारी रखें या परिवार की जिम्मेदारियां संभालने के लिए कमाई पर ध्यान दें।

         इसाक ने साई मीडिया से बातचीत में बताया,” उस समय मेरे बचपन के कोच सोमा ने मुझे बहुत प्रेरित किया और वेटलिफ्टिंग जारी रखने के लिए कहा।”

        हालांकि, 2024 में हिमाचल प्रदेश में आयोजित यूथ नेशनल चैंपियनशिप में 60 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीतने के बाद जब उनका प्रदर्शन बेहतर होने लगा, तभी एक और निजी झटका लगा। उनकी मां को कैंसर का पता चला, जिससे परिवार पर भावनात्मक और आर्थिक दबाव बढ़ गया।

        इस कठिन समय में उनके चाचा और चाची ने उनका सहारा बना। आइजोल के रामह्लुन वेंगथर इलाके में एक छोटे से रेस्तरां में काम करने वाला यह दंपति इसाक को अपने साथ ले आया और उसकी पढ़ाई और वेटलिफ्टिंग दोनों को बिना रुकावट जारी रखने में मदद की।

         लेकिन उसी साल उनकी मां का निधन हो गया, जिसने इस युवा खिलाड़ी को पूरी तरह तोड़ दिया। कुछ समय के लिए वह खेल, जो कभी उसे उम्मीद देता था, उसके लिए बेमानी लगने लगा और अकेलापन व दुख उस पर हावी हो गयाl उन्होंने कहा, “अपने माता-पिता दोनों को खोना मुझे अंदर से पूरी तरह तोड़ गया था। मैंने लगभग तय कर लिया था कि वेटलिफ्टिंग छोड़ दूंगा, लेकिन मेरे चाचा और कोच ने एक बार फिर मुझे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।”

            2024 से इसाक इम्फाल स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (NCOE) में प्रशिक्षण ले रहे हैं और साथ ही आइजोल से इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय के जरिए कक्षा 12 की पढ़ाई भी कर रहे हैं।

          धीरे-धीरे उनके प्रयास रंग लाने लगे। 2025 में मोदीनगर में आयोजित जूनियर प्रतियोगिता में उन्होंने एक और रजत पदक जीता और बाद में उसी वर्ष राष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक हासिल किया।

            खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स से पहले उनकी तैयारियों में भी चुनौतियां कम नहीं थीं। अभ्यास के दौरान उन्हें पीठ में चोट लग गई थी, जिसके चलते उनके कोच ने उन्हें टूर्नामेंट से दूर रहने की सलाह दी थी। लेकिन इसाक ने हार नहीं मानी और रायपुर में मंच पर उतरकर अपने जीवन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।

          वह कहते हैं, “मेरे पिता के निधन के बाद से मेरे चाचा हमेशा प्रतियोगिताओं में मेरे साथ जाते हैं। वह यहां भी मेरे साथ थे। जैसे ही मैंने पदक जीता, उन्होंने मुझे अपनी बाहों में उठा लिया। उस पल मुझे एहसास हुआ कि वह कितने खुश थे।” इसके बाद वह जश्न मनाने के लिए एक बार फिर अपने परिवार के पास लौट गए।

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खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स  : महिला 86+ किग्रा वेटलिफ्टिंग में मिजोरम की ज़ोसांगज़ुआली ने जीता स्वर्ण,असम की पिंकी बोरो को रजत और मध्यप्रदेश की गुंजन उइके को कांस्य

 रायपुर, 29 मार्च 2026/ खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के तहत महिला 86$ किलोग्राम वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दर्शकों को रोमांचित कर दिया। इस स्पर्धा में मिजोरम की ज़ोसांगज़ुआली ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। ज़ोसांगज़ुआली ने स्नैच में 70 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 83 किलोग्राम वजन उठाकर कुल 140 किलोग्राम के साथ पहला स्थान हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि ने मिजोरम को गौरवान्वित किया। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय खेल परिसर में किया जा रहा है। 

 असम की पिंकी बोरो ने शानदार प्रयास करते हुए कुल 125 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक पर कब्जा जमाया। उन्होंने स्नैच में 55 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 70 किलोग्राम का प्रदर्शन किया। मध्यप्रदेश की गुंजन उइके ने भी दमदार खेल दिखाते हुए कुल 86 किलोग्राम के साथ कांस्य पदक हासिल किया। उन्होंने स्नैच में 39 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 47 किलोग्राम वजन उठाया। प्रतियोगिता में त्रिपुरा की ट्विस्मु जमातिया चौथे स्थान पर रहीं, जिन्होंने कुल 77 किलोग्राम वजन उठाया।

 प्रतियोगिता की खास बात यह रही की सभी खिलाड़ियों ने युवा आयु में बेहतरीन तकनीक और आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया। मुकाबला काफी प्रतिस्पर्धात्मक रहा, जहां हर खिलाड़ी ने अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की। आयोजन स्थल पर दर्शकों का उत्साह खिलाड़ियों के प्रदर्शन को और ऊर्जा दे रहा था।

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ऑपरेशन आघात” का प्रचंड असर: रायगढ़ पुलिस ने 2 महीनों में नशे के नेटवर्क पर किया ऐतिहासिक प्रहार, ₹4.5 करोड़ के मादक पदार्थ जब्त, 394 आरोपी सलाखों के पीछे

रायगढ़, 29 मार्च 2026 ।  वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह द्वारा 26 जनवरी को जिले में पदभार ग्रहण करने के साथ ही सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों को नशे के विरुद्ध सख्त अभियान “ऑपरेशन आघात” चलाने के निर्देश दिए गए थे। पदभार ग्रहण के दौरान ही उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि उनके कार्यकाल में किसी भी थाना क्षेत्र में अवैध शराब, जुआ-सट्टा जैसे अपराधों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी दिशा में बीते दो माह (26 जनवरी से 26 मार्च) के दौरान रायगढ़ पुलिस द्वारा जिलेभर में व्यापक और सुनियोजित कार्रवाई की गई है।

          अभियान के तहत अवैध शराब के *कुल 357 प्रकरण दर्ज कर 367 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनसे 2845 लीटर देसी, अंग्रेजी एवं महुआ शराब जब्त* की गई। इनमें *139 प्रकरण ऐसे रहे, जिनमें 149 आरोपियों को आबकारी एक्ट की अजमानती धाराओं के तहत गिरफ्तार* कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। विशेष रूप से महुआ शराब के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए 2612 लीटर महुआ शराब जब्त की गई। इसके साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन करने वालों के विरुद्ध भी सतत अभियान चलाकर कार्यवाही की गई। अवैध शराब पर कार्यवाही से सीमावर्ती ओडिशा राज्य से अवैध महुआ शराब की तस्करी पर अंकुश लगा है ।

       वहीं उड़ीसा मार्ग से संचालित गांजा तस्करी नेटवर्क पर प्रभावी प्रहार करते हुए रायगढ़ पुलिस द्वारा विशेष रणनीति के तहत कार्रवाई की गई, जिसमें पिछले दो माह में *16 प्रकरणों में 27 गांजा तस्करों को गिरफ्तार कर 100 किलो से अधिक गांजा जब्त* किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत ₹25 लाख 50 हजार है।

       इसी प्रकार राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में अवैध अफीम की खेती के विरुद्ध भी कड़ी निगरानी और कार्रवाई की गई। तमनार क्षेत्र के आमाघाट तथा लैलूंगा तहसील के नवीन घटगांव एवं मुडागांव में *कुल 4 प्रकरण दर्ज कर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इन प्रकरणों में 2963 किलो अवैध अफीम* (पौधों सहित) जब्त की गई, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत ₹4 करोड़ 18 लाख है।

      समग्र रूप से “ऑपरेशन आघात” के तहत बीते दो माह में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध कुल 394 आरोपियों पर वैधानिक कार्रवाई करते हुए करीब ₹4 करोड़ 50 लाख मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं। साथ ही *मादक पदार्थों के परिवहन में प्रयुक्त 21 दुपहिया एवं 3 चार पहिया वाहनों को भी जप्त* किया गया है।

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश* —

      *“नशे के खिलाफ रायगढ़ पुलिस एक अभियान छेड़ रखा है जिसके तहत अवैध शराब, गांजा व अन्य नशीले पदार्थों के विरूद्ध विशेष अभियान ऑपरेशन आघात जारी है, जनता से अपील है कि आपके इलाके में किसी प्रकार अवैध गतिविधियां जारी है तो मेरे नंबर 9479193200 पर सूचना दें, आपका नाम गोपनीय रखा जावेगा ”*

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सरगुजा में गूंजा दांव-पेंच का दम: खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 में पहलवानों की तगड़ी भिड़ंत, पहले दिन ही छाया रोमांच,30 राज्यों के 144 पहलवानों के बीच जोरदार मुकाबले, फाइनल की जंग तेज

रायपुर, 28 मार्च 2026/खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 के अंतर्गत आज चौथे दिन सरगुजा जिले के अम्बिकापुर में कुश्ती प्रतियोगिता की शानदार शुरुआत हुई। अम्बिकापुर के गांधी स्टेडियम में आयोजित प्रतियोगिता में देश के 30 राज्यों से आए 144 खिलाड़ी शामिल हो रहे हैं। 
प्रतियोगिता के शुरुआत के साथ ही पहले दिन खिलाड़ियों के बीच रोमांचक मुकाबला हुआ। युवा पहलवानों ने अपनी तकनीक एवं रणनीति का जबरदस्त प्रदर्शन किया। 

प्रतियोगिता के पहले दिन पुरुष फ्रीस्टाइल सीनियर में  74 किलोग्राम भार वर्ग में जम्मू-कश्मीर के मुनैर हुसैन एवं महाराष्ट्र के विक्रम साहेबराव पवार ने विभिन्न पड़ाव में जीत हासिल कर फाइनल मुकाबले में अपनी जगह बनाई। इसी प्रकार फ्रीस्टाइल सीनियर में 125 किलोग्राम भार वर्ग में तेलंगाना के बनोथ विनोदकुमार एवं महाराष्ट्र के विनोद यशवंत सलकार विजेता रहे, जिनके बीच आगे फ़ाइनल मुकाबला होगा। 

ग्रीको रोमन सीनियर 67 किलोग्राम भार वर्ग में गुजरात के वसावा मुकेश भाई एवं झारखंड के अंजीतकर मुंडा तथा 97 किलोग्राम भार वर्ग में हिमाचल प्रदेश के नवीश कुमार एवं जम्मू-कश्मीर के शमा हुन के बीच आगे फ़ाइनल मुकाबले होंगे। 

आज विभिन्न राउंड्स में विजेता रहीं महिला सीनियर 50 किलोग्राम भार वर्ग में झारखण्ड की पूनम ओरांव एवं तेलंगाना की के. गीता के बीच फाइनल मुकाबले होंगे। महिला सीनियर 62 किलोग्राम भार वर्ग में असम की देबी दैमारी एवं हिमाचल की प्रियंका चौधरी के बीच फाइनल मुकाबला होगा।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इचकेला की बालिका क्रिकेट खिलाड़ियों को किया सम्मानित: क्रिकेट किट प्रदान कर बढ़ाया उत्साह

रायपुर 28 मार्च 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर स्थित मल्टीपरपज इंडोर बास्केटबॉल स्टेडियम में ग्राम इचकेला की छत्तीसगढ़ बालिका क्रिकेट टीम की खिलाड़ियों से मुलाकात कर उन्हें क्रिकेट किट प्रदान करते हुए सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन प्रतिभाशाली बालिकाओं ने अपने उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन से न केवल जिले, बल्कि पूरे प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। उन्होंने छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि अनुशासन, समर्पण और निरंतर अभ्यास के बल पर वे भविष्य में और भी बड़ी उपलब्धियाँ हासिल करेंगी तथा देश का नाम रोशन करेंगी।

उल्लेखनीय है कि जशपुर के इचकेला स्थित शासकीय प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास की  बालिकाएँ क्रिकेट के क्षेत्र में लगातार उल्लेखनीय प्रदर्शन कर रही हैं। वर्तमान में इस समूह की 17 बालिकाएँ अंडर-17 एवं अंडर-19 वर्ग में राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में छत्तीसगढ़ टीम का प्रतिनिधित्व कर रही हैं, जबकि लगभग 40 खिलाड़ी नियमित रूप से क्रिकेट का अभ्यास कर रही हैं। वर्ष 2025 में सरगुजा संभाग ने 25 वर्षों के अंतराल के बाद अंडर-17 राज्य स्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल कर इतिहास रचा, जिसमें विजेता टीम के 11 में से 9 खिलाड़ी इचकेला एमसीसी से थीं। इसी प्रकार अंडर-19 वर्ग में सरगुजा संभाग ने रजत पदक अर्जित किया, जिसमें 11 में से 8 खिलाड़ी इचकेला एमसीसी से शामिल थीं।

इसके अतिरिक्त रायगढ़ में आयोजित इंटर-स्टेट क्रिकेट टूर्नामेंट 2025 में भी इचकेला एमसीसी की बालिकाओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। अब तक इस समूह की 11 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर जिले और राज्य का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इन उपलब्धियों के लिए खिलाड़ियों के साथ-साथ उनके प्रशिक्षकों श्री संतोष शंकर सोनी और श्रीमती पंडरी बाई के समर्पण और मार्गदर्शन की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद ग्रामीण क्षेत्र की बालिकाओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाना एक प्रेरणादायक उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और ग्रामीण क्षेत्रों से निकल रही ऐसी प्रतिभाओं को हर संभव प्रोत्साहन और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि छत्तीसगढ़ खेलों के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सके।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कल बिलासपुर में ₹26.93 करोड़ के कार्यों का करेंगे लोकार्पण और शिलान्यास, सड़कों से लेकर कॉम्प्लेक्स तक बदलेगी शहर की तस्वीर

रायपुर 28 मार्च 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 29 मार्च को बिलासपुर प्रवास के दौरान अरपा रिवर व्यू के समीप नवनिर्मित अटल परिसर में आयोजित समारोह में 26.93 करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करेंगे। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा है कि सुशासन सरकार का उद्देश्य शहरों को आधुनिक अधोसंरचना और बेहतर नागरिक सुविधाओं से सुसज्जित करना है, ताकि विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे।

मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा लगभग 12.43 करोड़ रुपए की लागत से पूर्ण हुए कार्यों का लोकार्पण किया जाएगा। इनमें 50 लाख रुपए की लागत से निर्मित अटल परिसर, 73.22 लाख रुपए से निर्मित वार्ड क्रमांक 18 स्थित मराठी कन्या शाला भवन का प्रथम तल, 10 करोड़ रुपए की लागत से इमलीपारा में निर्मित व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स तथा 1.20 करोड़ रुपए से निर्मित रक्षित आरक्षी केंद्र शामिल हैं। ये सभी कार्य शहर की शहरी अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के साथ-साथ नागरिकों को बेहतर एवं आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री श्री साय लगभग 14.50 करोड़ रुपए की लागत के नए विकास कार्यों का भूमिपूजन भी करेंगे। इनमें 12.95 करोड़ रुपए की लागत से अरपा क्षेत्र में सड़क, नाला एवं पिचिंग निर्माण कार्य, 1.04 करोड़ रुपए से जरहाभाठा क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण एवं नवीनीकरण कार्य तथा उसलापुर क्षेत्र में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा एवं चबूतरा निर्माण कार्य शामिल हैं। इन परियोजनाओं से शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी, यातायात व्यवस्था अधिक सुगम होगी और नागरिकों को बेहतर शहरी सुविधाएं प्राप्त होंगी। साथ ही यह सांस्कृतिक पहचान और जनजातीय गौरव को भी सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

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युवाओं को एडवेंचर स्पोर्ट्स से जोड़ने की पहल: मुख्यमंत्री ने क्लाइंबिंग वॉल स्टेडियम का किया शुभारंभ

रायपुर 28 मार्च 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर में 27 लाख रुपए की लागत से निर्मित स्पोर्ट्स क्लाइंबिंग वॉल इंडोर स्टेडियम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खेलों के विविध आयामों को विकसित कर युवाओं को नई संभावनाओं से जोड़ना राज्य सरकार की प्राथमिकता है, और स्पोर्ट्स क्लाइंबिंग जैसे साहसिक खेल युवाओं में आत्मविश्वास, साहस और अनुशासन का विकास करते हैं।

जिला प्रशासन और देशदेखा स्पोर्ट्स क्लाइंबिंग समूह के सहयोग से जशपुर के इच्छुक खिलाड़ियों को पर्वतारोहण एवं क्लाइंबिंग से संबंधित तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे इस क्षेत्र में अपने कौशल को विकसित कर सकें। वर्तमान में इस समूह में 15 सदस्य शामिल हैं, जिनमें से 5 मास्टर ट्रेनर द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

स्पोर्ट्स क्लाइंबिंग वॉल के मास्टर ट्रेनर श्री रवि कुमार सिंह ने जानकारी दी कि इंडोर स्टेडियम में आधुनिक पद्धति से और सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह सुविधा खिलाड़ियों को सुरक्षित वातावरण में अभ्यास करने और प्रतियोगिताओं के लिए तैयार होने का अवसर प्रदान करेगी।प्रशिक्षण देने वाले मास्टर ट्रेनर श्री रवि कुमार सिंह प्रोफेशनल क्लाइंबिंग गाइड इंस्टिट्यूट (PCGI), यूएस की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त संस्था से प्रशिक्षण प्रमाण पत्र प्राप्त कर चुके हैं। प्रशिक्षण दल में तेजल भगत, रूसनाथ भगत, सचिन कुजुर एवं प्रतीक नायक भी शामिल हैं, जो खिलाड़ियों को तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री रामप्रताप सिंह, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जुदेव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जुदेव, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह  सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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भगवा रंग में रंगा जशपुरनगर: मराठी ढोल-नगाड़ों की गूंज, बाइक रैली और कलाकारों के अद्भुत प्रदर्शन के साथ निकली ऐतिहासिक रामनवमी शोभायात्रा

जशपुरनगर - शुक्रवार को रामनवमी के पावन अवसर पर दोपहर लगभग 4 बजे महावीर मंदिर से भगवान श्रीराम की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा हनुमान मंदिर से प्रारंभ होकर शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए शक्ति मैदान (करबला ग्राउंड) तक पहुंची और अंततः भागलपुर शिव मंदिर में संपन्न हुई।
शोभायात्रा में मराठी ढोल-नगाड़ा वादकों की पारंपरिक धुनों के साथ महिलाएं और युवतियां भगवा परिधान में सजी-धजी बाइक रैली के रूप में शामिल हुईं। बस स्टैंड पहुंचने पर बाहर से आए कलाकारों ने ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच अपने आकर्षक करतब प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया।
   बस स्टैंड से रैली मस्जिद मार्ग होते हुए शक्ति मैदान पहुंची, जहां प्रतिभागियों ने तलवार और डंडों के माध्यम से अपना शक्ति प्रदर्शन किया। इसके बाद रैली बनिया टोली, महाराजा चौक, बालाजी मंदिर होते हुए भागलपुर शिव मंदिर पहुंची, जहां सभी श्रद्धालु एकत्रित हुए।
महाराजा चौक तक पहुंचते-पहुंचते तेज आंधी-तूफान शुरू हो गया, लेकिन श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। खराब मौसम के बावजूद रैली बिना रुके अपने निर्धारित स्थल तक पहुंची और सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
   पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहा। रैली पूरी तरह शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई।
इस अवसर पर विभिन्न समाजों और संगठनों द्वारा सेवा भाव का भी अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया गया। जगह-जगह पंडाल लगाकर श्रद्धालुओं के लिए पानी, शरबत, फल और लस्सी का वितरण किया गया। शक्ति मैदान में अंजुमन इस्लामिया कमेटी द्वारा पानी और शरबत की व्यवस्था की गई, वहीं बनिया टोली में शंकर गुप्ता द्वारा ठंडा लस्सी व पानी का वितरण किया गया। रोनियर समाज ने कर्बला चौक में फल-फ्रूटी और पानी की सेवा की। महाराजा चौक में मनोज जैन परिवार द्वारा शरबत वितरण किया गया, जबकि बालाजी मंदिर के पास बालाजी समिति ने शरबत, खीरा, गाजर और तरबूज की व्यवस्था की। इसके अलावा कायस्थ समाज द्वारा जेल के पास शिव मंदिर में पंडाल लगाकर फल व ठंडा लस्सी वितरित किया गया।
   शोभायात्रा में शामिल कलाकार भगवा परिधान में अपनी पारंपरिक धुनों से पूरे वातावरण को भक्तिमय बना रहे थे। श्रद्धालु उनकी धुनों पर झूमते हुए “जय श्रीराम” के नारों से शहर को गुंजायमान कर रहे थे। दिल्ली से आए कलाकार भगवान श्रीराम, माता सीता और भगवान हनुमान के विशाल व आकर्षक स्वरूप में शोभायात्रा का विशेष आकर्षण बने रहे।

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जय श्रीराम के नारों से गूंजा कुनकुरी: भव्य शोभायात्रा, हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी और धर्मसभा के साथ ऐतिहासिक बना राम नवमी महोत्सव


कुनकुरी। सनातन धर्म रामनवमी समिति के तत्वाधान में इस वर्ष रामनवमी महोत्सव बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। दोपहर 12:00 बजे भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव पर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना एवं आरती का आयोजन किया गया। आरती के पश्चात नगर में विशाल बाइक रैली निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लेकर जय श्रीराम के उद्घोष से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
कार्यक्रम के तहत शाम 4:00 बजे भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें नगर एवं आसपास के लगभग 20 गांवों से आए श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इसके पश्चात कुनकुरी नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में भगवान राम और लक्ष्मण की आकर्षक झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। विभिन्न टोली एवं सांस्कृतिक समूहों ने इसमें भाग लेकर धार्मिक और सांस्कृतिक रंग बिखेरे।
नगर भ्रमण के बाद शोभायात्रा का समापन सनातन धर्म मंदिर एवं शिव मंदिर परिसर में हुआ, जहां एक विशाल धर्मसभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सनातन धर्म स्थाई समिति के  अध्यक्ष कैलाश नाथ गुप्ता ने समाज को संबोधित करते हुए सनातन धर्म को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने प्रत्येक मंगलवार और गुरुवार को गांव-गांव के मंदिरों में हनुमान चालीसा पाठ करने, आपसी मतभेद दूर करने, तुलसी पूजा करने तथा धर्मांतरण से सतर्क रहने का संदेश दिया।
इस वर्ष रामनवमी समिति के अध्यक्ष के रूप में विवेक बजाज, कैलाश नाथ गुप्ता सुखदेव साय, विश्वनाथ राम,इंद्र हेडा,श्यामसुंदर  बंग,राजेश अग्रवाल, विष्णु सोनी, मुरारी गुप्ता, विनीत जिंदल, दीपक हेडा, अमन राठौर, अमर दास, पारस साहू,कुंदन चौहान, दीपक गर्ग,सोनू गर्ग,राकेश साहू, कार्तिक गुप्ता,संदीप अग्रवाल, विकास जैन,के नेतृत्व में पूरे आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। उनके नेतृत्व में रामनवमी महोत्सव कुनकुरी में भव्यता और अनुशासन के साथ मनाया गया, जिसकी नगरवासियों ने सराहना की।

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धर्म की आड़ में राजनीति या असली मुद्दों से भागना? जशपुर में ‘धर्म स्वतंत्रता अधिनियम’ पर भड़का विपक्ष

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जशपुर

विपक्ष ने सरकार की नीतियों और हालिया 'धर्म स्वतंत्रता अधिनियम' पर तीखा हमला बोला है । उन्होंने  आरोप लगाया कि राज्य सरकार बेरोजगारी, किसानों की बदहाली और विकास के विजन की कमी को छिपाने के लिए धर्म का सहारा लेकर जनता का ध्यान भटकाने की राजनीति कर रही है।

कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज सागर यादव ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा  कि जशपुर में कभी भी धर्म के नाम पर अशांति नहीं रही, यहाँ के लोग हमेशा से मिल-जुलकर रहते आए हैं। "जब बेरोजगारी और किसानों की आय पर जवाब देते नहीं बनता, तब धर्म के नाम पर माहौल गर्म किया जाता है। यह विकास का नहीं, बल्कि नफरत और विभाजन का एजेंडा है।"

 1954 के बाद से ईसाई समाज ने जशपुर के सुदूर अंचलों में शिक्षा की अलख जगाने वाले मिशन स्कूलों का बचाव करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पर सीधा हमला बोला।

 उन्होंने  कहा, कि "आज जिस ईसाई समाज ने स्कूलों,  स्वास्थ्य और सभी समाज में बिना भेद भाव के जागरूकता लाया  उसी समाज को कटघरे में खड़ा किया जा रहा है, उन्होंने इस इलाके को अंधेरे से निकालकर रोशनी दी है।  सबसे बड़ा पाखंड तो यह है कि मुख्यमंत्री खुद लोयोला हायर सेकेंडरी स्कूल जैसे मिशन स्कूल से पढ़कर निकले हैं। जिस व्यवस्था ने उन्हें अवसर दिया, काबिल बनाया, आज उसी सिस्टम पर उंगली उठाना राजनीति का सबसे निचला स्तर है।"

" कांग्रेस के जिलाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक यू डी मिंज ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि जशपुर की जनता अब सब समझ चुकी है। "डर दिखाकर या कानून का दबाव बनाकर लोगों को बांटा नहीं जा सकता। जशपुर न बिकाऊ है, न डरने वाला और न ही बंटने वाला है।" 

उन्होंने आह्वान किया कि हर गाँव से अब धर्म के नाम पर राजनीति के बजाय विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की मांग उठनी चाहिए।

 जशपुर की साझा संस्कृति और एकता को अटूट बताते हुए संकल्प लिया गया कि यहाँ की पहचान को कोई नहीं बदल सकता। "यह धरती एकता की थी, है और हमेशा रहेगी।"

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लोकतंत्र सेनानी महावीर प्रसाद जैन को मंत्री लखन लाल देवांगन की भावभीनी श्रद्धांजलि, मिशा काल के योगदान को किया नमन

जशपुर नगर। वाणिज्य, उद्योग, श्रम एवं आबकारी मंत्री लखन लाल देवांगन ने शनिवार को सरना टोली स्थित देवेंद्र जैन के निवास पहुंचकर वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता एवं लोकतंत्र सेनानी स्वर्गीय महावीर प्रसाद जैन को श्रद्धांजलि अर्पित की।
मंत्री देवांगन ने दिवंगत के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस दौरान उन्होंने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
इस अवसर पर मंत्री देवांगन ने कहा कि स्वर्गीय महावीर प्रसाद जैन भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका नाम सदैव अमर रहेगा। उन्होंने कहा कि मिशा काल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।
इस दौरान नमन जैन ने मंत्री को जानकारी दी कि स्वर्गीय महावीर प्रसाद जैन को गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम विदाई दी गई।
इस अवसर पर तारा देवी जैन, नीतू जैन, देवेंद्र जैन, नमन जैन, नैतिक जैन, मनोज जैन, प्रतीक जैन, स्मिता जैन सहित अन्य परिजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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ऑपरेशन प्रहार” के तहत अवैध कबाड़ परिवहन पर कार्रवाई — टाटा माजदा वाहन सहित 4180 किलो कबाड़ जब्त

 रायगढ़, 28 मार्च। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर जिले में चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत गुरुवार रात्रि थाना साइबर एवं चौकी खरसिया पुलिस द्वारा अवैध कबाड़ परिवहन के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक टाटा माजदा वाहन में अवैध कबाड़ लोड कर खरसिया की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना साइबर स्टाफ एवं चौकी खरसिया पुलिस द्वारा संयुक्त कार्रवाई करते हुए रायगढ़ बायपास रोड के पास घेराबंदी कर संदिग्ध वाहन को रोककर पकड़ा गया।

         पकड़े गए टाटा माजदा वाहन क्रमांक CG 13 AN 7028 की तलाशी लेने पर उसमें बड़ी मात्रा में कबाड़ लोहा, छड़, टीना एवं जंग लगा तार लोड पाया गया। वाहन चालक टीपू मनिहार पिता सत्तार मनिहार, उम्र 34 वर्ष, निवासी तुर्रीभांठा बायपास रोड खरसिया से कबाड़ के संबंध में वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया, जिस पर वह कोई कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका और गोलमोल जवाब देने लगा।

         वाहन में चोरी की संपत्ति होने के संदेह पर चौकी खरसिया पुलिस द्वारा विधिवत कार्रवाई करते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 35(क)(ड) एवं भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) के तहत वाहन माजदा (5 लाख रूपये) तथा उसमें लोड कुल 4180 किलोग्राम कबाड़ (15 हजार) को जप्त किया गया है।

            इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी खरसिया त्रिनाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में सहायक उप निरीक्षक मनोज पटेल, साइबर थाना के आरक्षक धनंजय कश्यप, जगमोहन ओग्रे, आरक्षक पुष्पेंद्र जाटवर, प्रशांत पण्डा, नवीन शुक्ला तथा चौकी खरसिया के आरक्षक डमरूधर पटेल एवं साविल चन्द्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश*— 

           *“अवैध कबाड़ और चोरी की संपत्ति के कारोबार पर लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी”*

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खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: तैराकी में कर्नाटक का दबदबा, महिला वर्ग में ओडिशा बनी चौंपियन


रायपुर, 28 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 के अंतर्गत तैराकी प्रतियोगिताओं का आज समापन हो गया। प्रतियोगिता में देशभर के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिसमें पुरुष वर्ग में कर्नाटक ने 123 अंकों के साथ ओवरऑल टीम चौंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया। वहीं असम 69 अंकों के साथ प्रथम रनरअप और ओडिशा 31 अंकों के साथ द्वितीय रनरअप रहा। महिला वर्ग में ओडिशा ने 102 अंकों के साथ शानदार प्रदर्शन करते हुए चौंपियन बनने का गौरव हासिल किया, जबकि कर्नाटक 50 अंकों के साथ प्रथम रनरअप और मेजबान छत्तीसगढ़ 38 अंकों के साथ द्वितीय रनरअप रहा।
प्रतियोगिता के दौरान छत्तीसगढ़ की तैराक अनुष्का भगत ने लगातार चौथा रजत पदक जीतकर प्रदेश का मान बढ़ाया। उन्होंने महिला 50 मीटर ब्रेस्ट स्ट्रोक स्पर्धा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए यह उपलब्धि हासिल की। उनके इस प्रदर्शन से छत्तीसगढ़ की पदक स्थिति मजबूत हुई है और राज्य के खिलाड़ियों में उत्साह का संचार हुआ है।
आज आयोजित विभिन्न स्पर्धाओं में भी खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन किया। पुरुष 100 मीटर फ्रीस्टाइल में कर्नाटक के धोनिश ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि असम के फर्मिनो एमोन लालुंग ने रजत और कर्नाटक के कीर्थन शरथ ने कांस्य पदक प्राप्त किया। महिला 100 मीटर फ्रीस्टाइल में ओडिशा की रितिका मिन्ज ने स्वर्ण पदक जीता, वहीं उनकी ही राज्य की कृष्णा प्रिया नायक ने रजत और असम की वायोलिना क्रो ने कांस्य पदक हासिल किया। पुरुष 50 मीटर बैकस्ट्रोक में असम के निबिर निलिम क्रो ने स्वर्ण, कर्नाटक के धोनिश ने रजत और ओडिशा के राजेश सोरेन ने कांस्य पदक जीता। महिला 50 मीटर बैकस्ट्रोक में ओडिशा की अंजलि मुंडा ने स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि छत्तीसगढ़ की अनुष्का भगत ने रजत और कर्नाटक की मेघांजली ने कांस्य पदक अपने नाम किया। रिले स्पर्धाओं में पुरुष 4Û100 मीटर मेडले में कर्नाटक ने स्वर्ण, असम ने रजत और त्रिपुरा ने कांस्य पदक जीता, वहीं महिला 4Û100 मीटर मेडले में ओडिशा ने स्वर्ण, त्रिपुरा ने रजत और गुजरात ने कांस्य पदक हासिल किया।
खेलो इंडिया खेलो ट्राइबल प्रतियोगिता 2026 में अब तक छत्तीसगढ़ ने कुल 8 पदक 1 स्वर्ण, 4 रजत और 3 कांस्य अपने नाम किए हैं और इसी के साथ राज्य पदक तालिका में छठे स्थान पर बना हुआ है। प्रतियोगिता में कर्नाटक और ओडिशा का दबदबा देखने को मिला, जबकि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने भी शानदार प्रदर्शन कर भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत दिए हैं।

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खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: निकिता ने रचा इतिहास, भारोत्तोलन में कुल 160 किलोग्राम उठाकर छत्तीसगढ़ को दिलाया पहला स्वर्ण

रायपुर, 28 मार्च 2026।
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में छत्तीसगढ़ की बेटी निकिता ने राज्य को पहला स्वर्ण पदक दिलाकर इतिहास रच दिया है। राजधानी रायपुर स्थित पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में निकिता ने महिला 77 किलोग्राम भारोत्तोलन वर्ग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कुल 160 किलोग्राम वजन उठाकर प्रथम स्थान हासिल किया।
प्रतियोगिता में निकिता ने स्नैच में 70 किलोग्राम तथा क्लीन एंड जर्क में 90 किलोग्राम वजन उठाया। दोनों ही वर्गों में उन्होंने संतुलित और प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ दिया। इस शानदार जीत के साथ उन्होंने न केवल स्वर्ण पदक अपने नाम किया, बल्कि छत्तीसगढ़ को खेलों में मजबूत शुरुआत भी दिलाई।
प्रतियोगिता में दूसरे स्थान पर ओडिशा की श्रीमती जानी रहीं, जिन्होंने कुल 126 किलोग्राम वजन उठाया, जबकि तीसरा स्थान असम की जॉयश्री पाटिर को मिला, जिनका कुल प्रदर्शन 118 किलोग्राम रहा।
निकिता की इस उपलब्धि से पूरे राज्य में खुशी की लहर दौड़ गई है। खेल प्रेमियों और अधिकारियों ने उनकी मेहनत, समर्पण और आत्मविश्वास की सराहना की है। यह जीत छत्तीसगढ़ के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और आने वाले मुकाबलों में राज्य के खिलाड़ियों का मनोबल और बढ़ाएगी।
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में देशभर के जनजातीय प्रतिभागी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में निकिता का यह स्वर्ण पदक न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि छत्तीसगढ़ के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में दर्ज हो गया है।

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मुख्यमंत्री ने जशपुर में कृपा क्रिकेट एकेडमी का किया शुभारंभ ,सरगुजा ओलंपिक की विजेता बास्केटबॉल टीम को दी बधाई  

जशपुर 28 मार्च 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर में कृपा क्रिकेट एकेडमी का शुभारंभ किया।
जशपुर में क्रिकेट खेल को बढ़ावा देने के लिए नगर पालिका और ग्रीन क्रिकेट जशपुर के बीच एमओयू हुआ है।

मुख्यमंत्री इस दौरान सरगुजा ओलंपिक की विजेता बास्केटबॉल टीम से मुलाकात किए और खिलाड़ियों को अपनी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री राम प्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविन्द भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जुदेव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शोर्य प्रताप सिंह जुदेव, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री गंगाराम भगत, कृष्णा राय, श्री विजय आदित्य सिंह जुदेव, सरगुजा कमिश्नर श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा,आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री लाल उमेद सिंह डीएफओ श्री शशि कुमार, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार  डिप्टी कलेक्टर श्री समीर बड़ा सहित जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि नेट प्रैक्टिस मैदान (Practice Nets) का बहुत बड़ा महत्व होता है। यह खिलाड़ियों को मैच से पहले अपनी तकनीक सुधारने और आत्मविश्वास बढ़ाने का सुरक्षित वातावरण देता है। सुरक्षित अभ्यास 
नेट्स के कारण गेंद बाहर नहीं जाती, जिससे अन्य खिलाड़ियों और दर्शकों को चोट लगने का खतरा कम होता है।

 नेट प्रैक्टिस से खिलाड़ी मैच जैसी परिस्थितियों का अभ्यास कर सकते हैं। तेज गेंदबाज़ी या स्पिन का सामना
दबाव में खेलने की आदत आत्मविश्वास बढ़ाना नियमित अभ्यास से खिलाड़ी का आत्मविश्वास बढ़ता है और वह मैच में बेहतर प्रदर्शन करता है।

 नेट प्रैक्टिस से शारीरिक फिटनेस, आंख-हाथ का समन्वय और प्रतिक्रिया समय  बेहतर होता है।

 नेट प्रैक्टिस क्रिकेट खेल का एक आवश्यक हिस्सा है यह खिलाड़ियों को न केवल अपनी तकनीक सुधारने का अवसर देता है, बल्कि उन्हें सुरक्षित वातावरण में अभ्यास करने, आत्मविश्वास बढ़ाने और मैच के लिए तैयार होने में भी मदद करता है।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की बड़ी सौगात: 152.49 करोड़ से तमनार में बनेगा फोरलेन बायपास, भारी वाहनों का दबाव होगा खत्म, जनता को मिलेगी राहत

रायगढ़, 28 मार्च 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप प्रदेश में आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण और आमजन को सुरक्षित व सुगम यातायात उपलब्ध कराने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इसी कड़ी में रायगढ़ जिलें जिले के खजिन खनन प्रभावित तमनार क्षेत्र के लिए बहुप्रतीक्षित बायपास मार्ग निर्माण को 152.49 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। यह निर्णय न केवल क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करता है, बल्कि विकास की गति को भी नई दिशा देता है।
तमनार क्षेत्र में कोयला परिवहन के लिए भारी वाहनों का लगातार आवागमन होता है, जिससे स्थानीय नागरिकों को आए दिन सड़क दुर्घटनाओं और धूल-प्रदूषण जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस स्थिति को लेकर जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों द्वारा लगातार शासन का ध्यान आकृष्ट कराया जाता रहा।

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के संवेदनशील नेतृत्व में इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए त्वरित समाधान के निर्देश दिए गए। उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव एवं वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने भी तमनार क्षेत्र की जमीनी परिस्थितियों को समझते हुए इस मांग को प्राथमिकता दी और अधिकारियों को शीघ्र स्वीकृति प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए। शासन स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग के चलते इस महत्वपूर्ण परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाया गया।
इसी दिशा में 27 मार्च 2026 को मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन की अध्यक्षता में आयोजित परियोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन समिति की 70वीं बैठक में तमनार बायपास मार्ग का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। विस्तृत परीक्षण और गहन चर्चा के बाद समिति ने 8.50 किलोमीटर लंबे इस बायपास मार्ग के निर्माण को मंजूरी प्रदान की।
प्रस्तावित बायपास मार्ग का निर्माण फोर लेन के रूप में किया जाएगा, जिसमें 2 वृहद पुल, 4 लघु पुल, आवश्यक पुल-पुलिया, रिटेनिंग वॉल, टो-वॉल तथा जल निकासी के लिए नालियों का प्रावधान शामिल है। इस परियोजना के लिए लगभग 5 ग्रामों की करीब 22.50 हेक्टेयर निजी भूमि का अधिग्रहण किया जाना संभावित है।
बायपास मार्ग के निर्माण से भारी वाहनों का आवागमन आबादी क्षेत्र से बाहर डायवर्ट होगा, जिससे तमनार और आसपास के क्षेत्रों में यातायात अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित होगा। साथ ही सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और धूल व प्रदूषण की समस्या से भी काफी हद तक राहत मिलेगी।

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बीमारी से जंग और भाई के अधूरे सपनों को पूरा करने का साहस लिए अरुणाचल की अनाई ने जीता यादगार केआईटीजी स्वर्ण

रायपुर, 28 मार्च 2026/ खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के पहले संस्करण के लिए रायपुर रवाना होने से कुछ ही दिन पहले अरुणाचल प्रदेश की 21 वर्षीय वेटलिफ्टर अनाई वांगसु अस्पताल के बिस्तर पर थीं। उनकी पुरानी गैस्ट्रिक समस्या एक बार फिर उभर आई थी और ताकत लौटाने के लिए उन्हें इंट्रावेनस फ्लूइड्स पर रखा गया। ऐसे में उनके इन खेलों में भाग लेने पर ही सवाल खड़े हो गए थे।

          अनाई के लिए यह संघर्ष नया नहीं है। 2019 से वह इस बीमारी से जूझ रही हैं, जो बिना किसी चेतावनी के उन्हें कमजोर, डिहाइड्रेटेड और थका हुआ बना देती है—एक ऐसे खेल में जहां ताकत और संतुलन सबसे अहम होते हैं।

             लेकिन इस शारीरिक चुनौती के आगे हार मानने के बजाय अनाई ने वापसी की। अस्पताल से छुट्टी मिलने के अगले ही दिन वह फिर से प्रशिक्षण में जुट गईं, क्योंकि इस बार वह अपने करियर के ‘करीब आकर चूक जाने’ की कहानी को बदलना चाहती थीं।

             अनाई ने यहां महिलाओं के 58 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण जीतने के बाद साई मीडिया से कहा,” मैंने पहले कांस्य और रजत पदक जीते थे और परिवार में सभी पूछते थे कि मैं स्वर्ण कब जीतूंगी। अब सब बहुत खुश हैं कि आखिरकार मैंने यह लक्ष्य हासिल कर लिया।”

         इससे पहले अनाई ने यूथ नेशनल्स में दो कांस्य पदक जीते थे। इसके अलावा उन्होंने विभिन्न खेलो इंडिया प्रतियोगिताओं, जिसमें 2025 का खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स (राजस्थान) भी शामिल है, में रजत पदक हासिल किए। लेकिन स्वर्ण हर बार उनसे थोड़ा दूर रह जाता था।

            पिछले साल ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी नेशनल्स में वह केवल एक लिफ्ट से स्वर्ण चूक गई थीं, क्योंकि एक मिनट की समय सीमा समाप्त हो गई थी। उस पल की टीस आज भी उनके दिल में है। उन्होंने उस पाल को याद किया,” उस दिन मैं बहुत रोई थी। लगा जैसे मेरी सारी मेहनत बेकार हो गई।”

         वांगचो जनजाति से ताल्लुक रखने वाली अनाई की वेटलिफ्टिंग यात्रा उनके बड़े भाई सिंचाड बांसु के सपनों से जुड़ी है, जो खुद राष्ट्रीय स्तर के वेटलिफ्टर रह चुके हैं और अब अरुणाचल प्रदेश पुलिस में कार्यरत हैं।

           सिंचाड ही उन्हें पहली बार इटानगर के स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) केंद्र में ट्रायल्स के लिए लेकर गए थे। शुरुआत में अनाई की दिलचस्पी इस खेल में नहीं थी। वह बॉक्सर बनना चाहती थीं, खासकर मैरी कॉम की फिल्म से प्रेरित होकर। लेकिन उनके भाई ने उन्हें समझाया और वेटलिफ्टिंग पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया। जल्द ही अनाई को लखनऊ के एनसीओई में उन्नत प्रशिक्षण के लिए चयनित कर लिया गया।

        हालांकि, कोविड-19 महामारी के दौरान उन्हें वापस अरुणाचल लौटना पड़ा, जहां पर्याप्त पोषण और संसाधनों की कमी ने उनकी गैस्ट्रिक समस्या को और बढ़ा दिया।

         अनाई ने कहा,” मैं बहुत मेहनत करती हूं, लेकिन कभी-कभी मेरी सेहत अचानक खराब हो जाती है। समझ नहीं आता कि मेरा शरीर मेरा साथ क्यों नहीं देता।”

         भारत के लिए खेलने का सपना रखने वाली अनाई ने यह भी जोड़ा कि यहां मिला स्वर्ण पदक उन्हें यह भरोसा देता है कि उनकी मेहनत बेकार नहीं जा रही है।

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खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में दमदार प्रदर्शन — 94 किलोग्राम भारोत्तोलन में अरुणाचल के लालू ताकू ने 250 किलो उठाकर जीता गोल्ड, रोमांचक मुकाबले में आंध्र और हिमाचल के खिलाड़ियों ने भी दिखाई ताकत

रायपुर, 28 मार्च 2026/  खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत  पंडित रविशंकर शुक्ल यूनिवर्सिटी के खेल मैदान में आयोजित वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता के सीनियर पुरुष 94 किलोग्राम वर्ग में शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। 28 मार्च 2026 को आयोजित इस मुकाबले में देशभर के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने अपनी ताकत और तकनीक का बेहतरीन प्रदर्शन किया।

        प्रतियोगिता में अरुणाचल प्रदेश के खिलाड़ी लालू ताकू ने कुल 250 किलोग्राम वजन उठाकर पहला स्थान हासिल किया। उन्होंने स्नैच में 110 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 140 किलोग्राम वजन उठाकर प्रतियोगिता में अपना दबदबा कायम रखा। दूसरे स्थान पर आंध्र प्रदेश के पी. मणि शंकर रहे, जिन्होंने कुल 244 किलोग्राम वजन उठाया। उन्होंने स्नैच में 106 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 138 किलोग्राम वजन उठाकर कड़ा मुकाबला पेश किया।

          तीसरे स्थान पर हिमाचल प्रदेश के खेमराज रहे, जिन्होंने कुल 232 किलोग्राम वजन उठाया। उनके प्रदर्शन में स्नैच में 100 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 132 किलोग्राम शामिल रहा। प्रतियोगिता में असम के समुंद्रा दोइमारी (225 किग्रा), झारखंड के हर्ष कुमार हेम्ब्रम (225 किग्रा) और मध्य प्रदेश के किशन भुरिया (218 किग्रा) ने भी अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन वे पदक से चूक गए।

         छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी विरावी खुसरो ने 160 किलोग्राम के साथ सातवां स्थान प्राप्त किया, जबकि तेलंगाना के वी. अरुण 113 किलोग्राम के साथ आठवें स्थान पर रहे।
इस प्रतियोगिता ने न केवल आदिवासी क्षेत्रों के खिलाड़ियों की प्रतिभा को उजागर किया, बल्कि यह भी साबित किया कि देश के दूर-दराज इलाकों में भी खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स जैसे आयोजनों से इन खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का अवसर मिल रहा है, जो भविष्य में भारतीय खेलों के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगा।

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