मनरेगा पर वार के खिलाफ सड़क पर उतरी कांग्रेस, रणजीता स्टेडियम से कलेक्टर कार्यालय तक गूंजे नारे, बैरिकेडिंग पर भिड़े कार्यकर्ता
जशपुरनगर 06 फरवरी 2026 : मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान के तहत जिला कांग्रेस कमेटी जशपुर के आह्वान पर रणजीता स्टेडियम के पास विशाल जनसभा आयोजित की गई। किसान, मजदूर, महिलाएं और युवाओं की भारी मौजूदगी से मैदान खचाखच भर गया। सभा के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कलेक्टर कार्यालय की ओर उग्र मार्च किया। कलेक्टोरेट के समीप पुलिस की सख्त बैरिकेडिंग पर युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की झूमाझटकी हुई, जिससे कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हालात बने।जनसभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने भाजपा सरकार की नीतियों को जनविरोधी करार दिया। कहा गया कि मनरेगा जैसी जनहितकारी योजना को कमजोर करने के लिए नियमों में बदलाव किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर सीधा और नकारात्मक असर पड़ रहा है।
योजनाबद्ध तरीके से कमजोर की जा रही जनकल्याणकारी योजनाएं
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की सह-प्रभारी जरिता लेतफलांग ने कहा कि भाजपा शासन में जनकल्याणकारी योजनाओं को योजनाबद्ध ढंग से कमजोर किया जा रहा है। गांवों में रोजगार घटा है और गरीब परिवारों की आजीविका संकट में है।

हर हाथ को काम, हर काम का पूरा दाम तभी रुकेगा आंदोलन
प्रदेश समन्वयक एवं विधायक उमेश पटेल ने दो टूक कहा कि जब तक हर हाथ को काम और हर काम का पूरा दाम नहीं मिलेगा, कांग्रेस का आंदोलन नहीं थमेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के निर्देश पर कांग्रेस सड़क से सदन तक मनरेगा और मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई लड़ेगी।
धान खरीदी और मनरेगा दोनों पर सरकार घिरी
जिला प्रभारी भानु प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि पहले धान खरीदी में किसानों को धोखा दिया गया और अब मनरेगा के नियम बदलकर गांव के गरीबों से रोजगार छीना जा रहा है। उन्होंने चेताया कि मनरेगा को पंचायतों से हटाकर ठेकेदारों के हवाले करने की किसी भी कोशिश को कांग्रेस बर्दाश्त नहीं करेगी।
पूर्व विधायक विनय भगत ने धान खरीदी को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर यह आंदोलन हो रहा है और पार्टी किसान मजदूरों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।
बैरिकेड पार नहीं कर पाए कार्यकर्ता
कलेक्टर कार्यालय की ओर बढ़ रहे कार्यकर्ता सख्त बैरिकेडिंग पार नहीं कर सके। बैरिकेड के पास कुछ देर नारेबाजी और धक्का-मुक्की हुई, हालांकि सुरक्षा घेरा नहीं टूटा। बाद में कांग्रेस नेताओं ने महामहिम राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा। प्रशासनिक सख्ती के बीच आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हुआ, लेकिन कार्यकर्ताओं में आक्रोश साफ नजर आया।
धान खरीदी पर सीधा हमला
धान खरीदी की बढ़ी समय-सीमा को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उमेश पटेल ने कहा कि यह बढ़ोतरी किसानों के लिए नहीं, बल्कि दलालों और बिचौलियों को फायदा पहुंचाने के लिए की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जशपुर जिले के कुनकुरी सहित कई खरीदी केंद्रों में भाजपा से जुड़े लोग प्रबंधक बने हुए हैं, जिससे व्यवस्था पक्षपातपूर्ण हो गई है। पटेल ने चेतावनी दी कि यदि सरकार सभी किसानों का धान खरीदने में सक्षम नहीं है, तो उसे सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं। मनरेगा और धान खरीदी दोनों मुद्दों पर कांग्रेस आंदोलन और तेज करेगी।
कार्यक्रम में अनुप फिलिप,आरती सिंह,जशपुर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष शहर सतीश गुप्ता,ग्रामीण अध्यक्ष अमित महतो,सहस्त्रांशु पाठक,अनोज गुप्ता,पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज सागर यादव,मनोरा जनपद पंचायत के अध्यक्ष परमेश्वर भगत,चांद खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस के कार्यकर्ता उपस्थित थे।