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अंतरराष्ट्रीय पोलो में छत्तीसगढ़ ने रचा इतिहास*ल,इंफाल में आयोजित 15वें मणिपुर अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट में मिली ऐतिहासिक उपलब्धि

रायपुर, 01 दिसम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री  निवास कार्यालय में अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट में शामिल छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने सौजन्य भेंट की। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने टीम के सदस्यों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन पर बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है। उन्होंने खिलाड़ियों को भविष्य में भी इसी उत्साह और मेहनत के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के आदिवासी युवाओं में खेल की अपार प्रतिभा है और राज्य सरकार के सहयोग से घुड़सवारी एवं पोलो खेल को नई दिशा मिली है।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ ने पहली बार इतिहास रचते हुए 22 से 29 नवम्बर 2025 तक इंफाल में आयोजित 15वें मणिपुर अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट में हिस्सा लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। यह अवसर इसलिए भी विशेष रहा क्योंकि देश के इतिहास में पहली बार किसी राज्य को अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए आमंत्रित किया गया।

छत्तीसगढ़ टीम ने अमेरिका, कोलंबिया, इंडियन पोलो एसोसिएशन और अन्य अंतरराष्ट्रीय टीमों के साथ प्रतिस्पर्धा कर यह गौरव अर्जित किया। यह उपलब्धि आदिवासी युवाओं की खेल जगत में बढ़ती भागीदारी का महत्वपूर्ण उदाहरण है।

गौरतलब है कि इस ऐतिहासिक उपलब्धि के पीछे कई संस्थानों का संयुक्त योगदान रहा जिसमे छत्तीसगढ़ शासन,भारतीय सेना (एनसीसी),दंतेवाड़ा जिला प्रशासन,कांकेर जिला प्रशासन,ब्रीगो एंड हेक्टर इक्वेस्ट्रियन मैनेजमेंट कंपनी, रायपुर मुख्य रूप से शामिल रहे। इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की टीम के सदस्यों में लेफ्टिनेंट कर्नल अमन सिंह, एनसीसी,लांस नदिम अली (सेवानिवृत्त),वेदिका शरण,चित्रभानु सिंह,सैमुअल विश्वकर्मा,गोलू राम कश्यप,सुभाष लेकामि,देवकी कड़ती शामिल रहे। इससे पूर्व भी कु. वेदिका शरण ने सितंबर 2025 में बेंगलुरु में आयोजित घुड़सवारी की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेकर अपने आयु वर्ग में भारत में दूसरा तथा विश्व स्तर पर 15 वा स्थान प्राप्त कर प्रदेश व देश का नाम रोशन किया है l

उल्लेखनीय है कि "खेल से शक्ति" पहल के अंतर्गत दंतेवाड़ा और कांकेर जिले के प्रतिभाशाली छात्रों को घुड़सवारी और पोलो का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। यह प्रशिक्षण ब्रीगो एंड हेक्टर इक्वेस्ट्रियन मैनेजमेंट कंपनी द्वारा भारतीय सेना के अनुभवी पोलो खिलाड़ियों के सहयोग से संचालित किया गया।

यह पहल आदिवासी युवाओं को खेल, शिक्षा और प्रशिक्षण के माध्यम से सशक्त बनाने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है। इसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए आवश्यक संसाधन और अवसर उपलब्ध कराना है। इस अवसर पर आयुक्त छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल श्री अवनीश शरण और घुड़सवारी प्रशिक्षक सुश्री गीता दहिया उपस्थित रहे।

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पाञ्चजन्य कॉनक्लेव – दंतेश्वरी डायलॉग’ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने साझा किए सुशासन के दो वर्षों के अनुभव

रायपुर, 03 दिसंबर 2025/ राजधानी नया रायपुर स्थित मेफेयर लेक रिसॉर्ट में आयोजित पाञ्चजन्य कॉनक्लेव ‘दंतेश्वरी डायलॉग’ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य सरकार के दो वर्ष के कार्यकाल, बस्तर एवं सरगुजा क्षेत्रों में विकास, नक्सल उन्मूलन, औद्योगिक निवेश, महिला सशक्तिकरण तथा नई टेक्नोलॉजी आधारित विकास मॉडल सहित अनेक विषयों पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विभिन्न सवालों के सरल और स्पष्ट उत्तर देकर सरकार की योजनाओं और आगामी रोडमैप की जानकारी दी।

*महिला सशक्तिकरण सबसे बड़ी उपलब्धि*

मुख्यमंत्री ने कहा कि दो वर्षों में महतारी वंदन योजना महिला सशक्तिकरण का सबसे बड़ा माध्यम बनी है।70 लाख महिलाओं को हर महीने 1000 रुपए की सम्मान राशि दी जा रही है, जिससे परिवारों में पोषण, बच्चों की शिक्षा और घरेलू जरूरतों में सकारात्मक बदलाव आया है।


*टेक-ड्रिवन छत्तीसगढ़ – नई औद्योगिक नीति में विशेष प्रावधान*

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में नई उद्योग नीति लागू की गई है, जिसमे रोजगार को विशेष महत्व दिया गया है। साथ ही नई औद्योगिक नीति में निवेश को आकर्षित करने के लिए आकर्षक अनुदान,सिंगल विंडो सिस्टम,250 से अधिक ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधार को भी शामिल किया गया है। इसी का परिणाम है कि अभी तक लगभग 8 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। नई औद्योगिक नीति में आईटी, एआई, ग्रीन टेक व सेमीकंडक्टर जैसी नई पीढ़ी की इंडस्ट्री को प्रोत्साहन दिया गया है।नवा रायपुर को आईटी हब, सेमीकंडक्टर प्लांट, और एआई डेटा सेंटर पार्क के रूप में विकसित करने का काम जारी है।

*बस्तर का विकास – स्थानीय पहचान और आधुनिक अवसरों का संतुलित मॉडल*

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर का विकास स्थानीय संस्कृति के संरक्षण और आधुनिक सुविधाओं के संतुलन के आधार पर होगा। कृषि, सिंचाई, जैविक खेती, वनोपज प्रसंस्करण, पर्यटन और स्थानीय रोजगार पर विशेष फोकस किया जा रहा है।

*वनोपज संग्राहकों के लिए बेहतर सुविधा*

प्रधानमंत्री वनधन योजना और वनोपज आधारित प्रसंस्करण के विस्तार से संग्राहकों की आय में वृद्धि हो रही है।

*नक्सलवाद के विरुद्ध ‘सामाजिक मनोवैज्ञानिक मोड़’*

मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली जाकर नक्सल पीड़ितों द्वारा अपनी बात रखना ऐतिहासिक कदम है। इससे बस्तर के लोगों में बड़ा आत्मविश्वास आया और देश के सामने माओवादी हिंसा का वास्तविक चेहरा उजागर हुआ।

*मतांतरण पर सख्त कार्रवाई और सांस्कृतिक सुरक्षा पर जोर*

उन्होंने कहा कि प्रलोभन या दबाव से होने वाले मतांतरण रोकने के लिए लगातार कड़ी कार्रवाई हो रही है।इसके लिए विधानसभा में विधेयक लाने की भी तैयारी की जा रही है।

*जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य व डिजिटल कनेक्टिविटी में तेजी से सुधार*

मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर और सरगुजा में मोबाइल टावरों की स्थापना, स्कूलों का पुनः संचालन और युक्तियुक्तकरण के माध्यम से शिक्षा गुणवत्ता में तेजी से वृद्धि हुई है।

*नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास और सुविधाओं का विस्तार*

नियद नेल्ला नार योजना के अंतर्गत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, KCC कार्ड, बिजली, पानी, सड़क और अन्य सुविधाएँ तेजी से उपलब्ध कराई जा रही हैं।

*दो वर्षों में गारंटियों का सफल क्रियान्वयन*

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित अधिकांश गारंटियाँ पूरी की जा चुकी हैं। इनमें 18 लाख आवास स्वीकृत,किसानों को बेहतर समर्थन मूल्य,महतारी वंदन योजना,तेंदूपत्ता संग्राहकों की बढ़ी हुई राशि,भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता आदि शामिल है। इसके अलावा प्रदेश में माओवाद पर निर्णायक प्रहार किया गया है।

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कुष्ठ रोग नियंत्रण पर मासिक समीक्षा बैठक संपन्न,जनजागरूकता और कुष्ठ प्रसार दर में कमी लाने पर दिया गया जोर

रायगढ़, 2 दिसम्बर 2025/ शासन के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में आज जिला स्वास्थ्य कार्यालय में कुष्ठ रोग नियंत्रण हेतु मासिक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत, जिला मलेरिया/कुष्ठ अधिकारी डॉ. टी.जी. कुलवेदी एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी सुश्री रंजना पैंकरा सहित जिले के सभी आरएचओ उपस्थित रहे।
           बैठक में जिले में कुष्ठ रोग की वर्तमान स्थिति, प्रसार दर एवं जनजागरूकता गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई। सीएमएचओ डॉ. अनिल कुमार जगत ने बताया कि कुष्ठ एक संक्रामक रोग है जो संक्रमित व्यक्ति के खांसने-छींकने से निकलने वाले ड्रॉपलेट के माध्यम से फैलता है। यह रोग शरीर में धीमी गति से बढ़ता है, जिसके लक्षण दिखने में कुछ सप्ताह से लेकर 20 वर्ष तक लग सकते हैं। इसलिए प्रारंभिक पहचान और समय पर उपचार अत्यंत आवश्यक है। 
          जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ.टी.जी. कुलवेदी ने बताया कि वर्ष 2030 तक कुष्ठ रोग उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वर्तमान में रायगढ़ जिले में कुष्ठ प्रसार दर पीआर 3.26 है, जिसे घटाकर 1 से भी कम करना लक्ष्य है। इसके लिए गांव-गांव में जागरूकता, स्क्रीनिंग एवं उपचार शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग के  श्री रवि शंकर पटेल, मुरली मोहन पटनायक एवं मोहित राम पटेल ए.एम.ए. का सम्मान एवं विदाई समारोह भी आयोजित किया गया। कुष्ठ नियंत्रण कार्यक्रम के प्रति उनकी निष्ठा एवं सेवाभाव को सराहा गया। सेवानिवृत्ति के पश्चात भी वे निःशुल्क रूप से शिविरों में सहयोग प्रदान कर रहे हैं, जो विभाग के लिए प्रेरणादायी है। बैठक में भविष्य की कार्ययोजना, जनजागरूकता अभियान एवं फील्ड टीमों की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई।

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बढ़ती ठंड को देखते हुए शासकीय प्राथमिक शाला डोंगीतराई में बच्चों को किया गया स्वेटर वितरण


रायगढ़, 2 दिसम्बर 2025/ बढ़ती ठंड को देखते हुए बच्चों को गर्म कपड़ों की सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग के निर्देशन में संकुल केंद्र डोंगीतराई के अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला डोंगीतराई में आज स्वेटर वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।  स्वेटर प्राप्त करते ही बच्चों के चेहरों पर प्रसन्नता झलक उठी और विद्यालय परिसर उत्साह से भर गया।
          कार्यक्रम में विद्यालय की प्रधान पाठक श्रीमती जयश्री दीवान, श्रीमती प्रेमा पटेल एवं श्री विनोद सिदार द्वारा विद्यार्थियों के लिए स्वेटर क्रय कर वितरण किया गया। इस अवसर पर संकुल प्राचार्य श्री सिंह, संकुल समन्वयक श्री वीरेन्द्र चौहान, प्रधान पाठक नायक, श्री चक्रधर पटेल सहित विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्री हुलस राम सिदार, श्री विजय किशन, श्री कुशलाल सिदार तथा श्री बंशीधर किशन सम्मानित अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
          अतिथियों ने बच्चों को नियमित अध्ययन, स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं अनुशासन के महत्व से अवगत कराते हुए प्रेरणादायी संदेश दिए। विद्यालय परिवार ने बताया कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु भविष्य में भी इसी प्रकार की छात्र हितैषी गतिविधियाँ निरंतर जारी रहेंगी।

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रायगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का हेलीपेड पर हुआ भव्य स्वागत,जनप्रतिनिधियों, समाजिक पदाधिकारियों ने सीएम का किया अभूतपूर्व स्वागत

रायगढ़, 2 दिसम्बर 2025/ रायगढ़ के बोईरदादर में आयोजित अखिल भारतीय कंवर समाज वार्षिक सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का रायगढ़ हेलीपेड पर भव्य एवं सम्मानजनक स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री के आगमन पर समाज प्रमुखों, जनप्रतिनिधियों तथा वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ और पारंपरिक आतिथ्य के साथ उनका अभिनंदन किया। 
         इस अवसर पर लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, महापौर श्री जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री दीपक सिदार, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुषमा खलखो, श्री अरुणधर दीवान, श्री विजय अग्रवाल, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल, डीएफओ श्री अरविंद पी.एम., जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे मौजूद रहे।

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आदिवासी समाज के उत्थान और कल्याण के लिए छत्तीसगढ़ सरकार प्रतिबद्ध-मुख्यमंत्री

रायगढ़, 2 दिसम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज रायगढ़ के बोईरदादर में आयोजित अखिल भारतीय कंवर समाज के वार्षिक सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने समाज की मांग पर 30 लाख रुपए की लागत से निर्मित सामुदायिक भवन के प्रथम तल का लोकार्पण किया। समाज के वरिष्ठजनों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक रीति-रिवाजों से चरण पखारकर, पुष्पमाला, गजमाला और आदिवासी परिधानों के साथ भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया।
           मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कंवर समाज की पुरोधा परंपराओं को नमन करते हुए कहा कि समाज का विकास शिक्षा से ही संभव है। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल नौकरी ही नहीं, बल्कि विभिन क्षेत्रों में सफल नागरिक बनने का माध्यम भी है। हर बेटा-बेटी को शिक्षित करना ही समाज को मजबूती देगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार आदिवासी समाज के उत्थान और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। आदिवासी लोगों एवं क्षेत्रों के विकास के लिए सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही है। इसका लाभ लोगों को मिल रहा है। उन्होंने शासन की जन कल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आव्हान भी किया। 
           मुख्यमंत्री श्री साय ने जनजातीय समाज के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान को याद करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस घोषित कर जनजातीय समुदाय के सम्मान को नई ऊंचाई दी है। उन्होंने बताया कि धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के लिए 80,000 करोड़ का प्रावधान, पीएम जन मन योजना के तहत 5000 किलोमीटर सड़कों का निर्माण, जिसमें से 2500 किलोमीटर छत्तीसगढ़ में होंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन योजनाओं से जनजातीय क्षेत्रों में तेज गति से विकास हो रहा है और छत्तीसगढ़ इन योजनाओं में देश में प्रथम स्थान पर है। 
            मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की रजत जयंती समारोह के अवसर पर रायपुर में शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्मारक सह संग्रहालय का लोकार्पण किया है। यह संग्रहालय में छत्तीसगढ़ के वीर सेनानियों का देश के लिए योगदान जीवंत रूप में प्रदर्शित हो रहा है। यह आने वाली पीढ़ियों को हमारे वीर नायकों के शौर्य और बलिदान से परिचित कराता रहेगा। यह हमारे आदिवासी समाज के लिए भी गौरव की बात है। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूरे होने पर राज्य के विकास-पीडीएस प्रणाली, सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य के व्यापक विस्तार का उल्लेख करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य निर्माण के बाद गांव-गांव तक पहुंच मार्ग और विकास की रोशनी पहुँची है। राज्य में नक्सलवाद विकास में सबसे बड़ी बाधा रहा है, लेकिन सरकार के प्रयासों से यह प्रभाव तेजी से कम हुआ है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने प्रदेश की नई औद्योगिक नीति के बारे में उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत 8 लाख करोड़ रुपए से अधिक निवेश का प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। हम उद्योग धंधों के माध्यम से युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास कर रहे है। इसके साथ ही हमारी सरकार प्रदेश के सभी समाज को मजबूती के साथ आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है, इसका लाभ अवश्य उठाना चाहिए। 
            मुख्यमंत्री ने कंवर समाज की ओर से प्रस्तुत मांग पत्र के आधार पर कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं, जिनमें कंवर समाज के लिए बोईरदादर रायगढ़ मे एक और सांस्कृतिक भवन के साथ मुख्य मार्ग तक सीसी रोड का निर्माण, लैलूंगा के टुरटूरा में नए समाजिक भवन, लैलूंगा और घरघोड़ा में निर्मित सामाजिक भवन के विस्तार की घोषणा की। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों के लिए स्थल एवं उपलब्धता के अनुरूप प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृत किया जाएगा। 
        कार्यक्रम में उपस्थित राष्ट्रीय अनुसूचित जनजातीय आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. नंदकुमार साय ने कहा कि कंवर समाज को शिक्षा, समृद्धि और संगठन के बल पर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि समाज की ताकत उसके शिक्षित और संस्कारित परिवारों में है। नागरिकता की प्रथम पाठशाला परिवार है, इसलिए परिवार सशक्त होगा, तो समाज और राष्ट्र सशक्त होगा। पूर्व उपाध्यक्ष श्रीमती शांता साय ने भी शिक्षा के महत्व का उल्लेख किया। कंवर समाज जिला इकाई के अध्यक्ष श्री राजकुमार पैकरा ने समाज के विकास और संगठन को मजबूत बनाने की दिशा में निरंतर कार्य करने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, महापौर श्री जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री दीपक सिदार, श्री भरत साय, श्री सत्यानंद राठिया, श्री अनंतराम पैंकरा, श्रीमती स्वधा साय ,श्रीमती रत्ना पैकरा, श्री देवनाथ सिंह, श्री उपेन्द्र सिंह, श्री आर.एम.साय, श्री राजकुमार साय, श्री सुबल साय, श्री रामनाथ साय, श्रीमती सविता साय, श्री संजय सिंह, श्री राजकुमार पैकरा, श्री गोपाल साय पैकरा सहित कंवर समाज के राष्ट्रीय एवं राज्य और जिला स्तरीय पदाधिकारीगण, श्री अरुणधर दीवान, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल, डीएफओ श्री अरविंद पी.एम.,जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे सहित बड़ी संख्या में कंवर समाजजन उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय कंवर समाज के वार्षिक सम्मेलन कार्यक्रम में हुए शामिल,30 लाख रुपए की लागत से निर्मित सामुदायिक भवन प्रथम तल का किया लोकार्पण

रायगढ़, 2 दिसम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज मंगलवार को रायगढ़ के बोईरदादर स्थित गोवर्धनपुर रोड शालिनी स्कूल के पास स्थित कंवर सामाजिक भवन में आयोजित अखिल भारतीय कंवर समाज के वार्षिक सम्मेलन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने समाज प्रमुखों की मांग पर सामुदायिक भवन में 30 लाख रुपए की लागत से निर्मित प्रथम तल का लोकार्पण किया।
           इस अवसर लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजातीय आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ.नंदकुमार साय, विशिष्ट अतिथि के रुप में श्रीमती कौशल्या साय, श्रीमती स्वधा सायसहित कंवर समाज के राष्ट्रीय एवं राज्य और जिला स्तरीय पदाधिकारीगण, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल, डीएफओ श्री अरविंद पीएम, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे सहित प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में कंवर समाज के लोग मौजूद रहे।

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प्रशासन के सख्त रुख से धान के अवैध परिवहन, भंडारण में लगे बचौलियों और कोचियों के हालत हो रहे पस्त, विचौलियों पर कार्यवाही निरंतर जारी

रायगढ़, 02 दिसंबर 2025/ छत्तीसगढ़  के रायगढ़ जिले में धान के अवैध परिवहन एवं भंडारण के खिलाफ जिला प्रशासन की सख्त रुख से लगातार कार्रवाई चल रही है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर विभिन्न क्षेत्रों में गठित संयुक्त जांच दलों ने 30 नवंबर और 01 दिसंबर को चलाए गए विशेष अभियान के दौरान कुल 12 प्रकरणों में 4447.20 क्विंटल से अधिक धान जब्त किया है, जिसमें तीन अंतर्राज्यीय प्रकरण भी शामिल हैं। जब्त धान का  मूल्य 1 करोड़ 37 लाख 86 हजार रुपए से अधिक आंका गया है। प्रशासन की यह कड़ी कार्रवाई खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में बाहरी धान की अवैध आवाजाही रोकने और वास्तविक किसानों के हितों की रक्षा हेतु की जा रही है। शासन किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर रहा है, जिसका गलत लाभ उठाने कोचिया एवं बिचौलिए ओड़िशा से धान लाकर बेचने की कोशिश कर रहे थे। कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने स्पष्ट किया है कि अवैध धान भंडारण और परिवहन में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। वास्तविक किसानों के हितों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
       अपर कलेक्टर एवं धान खरीदी के नोडल अधिकारी श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो ने बताया कि लैलूंगा विकासखंड के ग्राम किलकिला में तहसीलदार के नेतृत्व में की गई जांच में भूगदेव पैंकरा के ठिकाने से ओड़िशा का 60 क्विंटल धान पकड़ा गया। वहीं पुसौर विकासखंड में पुलिस विभाग ने दो अलग-अलग मामलों में सुदाम साहू ग्राम भैनातोरा जिला बरगढ़ ओडिशा के पिकअप वाहन (CG 06 GU 8036) में 25.60 क्विंटल धान और आदित्य सागर ग्राम बड़ेहरदी के वाहन (CG 13 AR 4467) में 20 क्विंटल अवैध धान जब्त किया गया। सभी मामलों में अंतर्राज्यीय धान परिवहन का प्रकरण दर्ज किए गए हैं।

*आंतरिक भंडारण पर बड़ी कार्रवाई – कई स्थानों से भारी मात्रा में धान बरामद*

      जिला खाद्य अधिकारी श्री चितरंजन सिंह ने बताया कि जिले के विभिन्न विकासखंडों में संयुक्त दलों ने औचक निरीक्षण कर कई गोदामों में छिपाकर रखे गए धान को जब्त किया। इसमें प्रमुख रूप से लैलूंगा क्षेत्र के ग्राम लारीपानी एवं अन्य जगहों पर बजरंग अग्रवाल के यहां 840 क्विंटल, त्रिलोक गर्ग के यहां 640 क्विंटल, दीपक जिंदल के यहां 820 क्विंटल जप्त किया गया है। इसी तरह घरघोड़ा क्षेत्र में दीपक अग्रवाल शुभम ट्रेडर्स के यहां 50 क्विंटल, रजत अग्रवाल रजत ट्रेडर्स के यहां 630 क्विंटल, धरमजयगढ़ क्षेत्र में टिकेश्वर यादव ग्राम सिसरिंगा के यहां 34.40 क्विंटल, सहनी लाल सिदार ग्राम एड्डुकला के यहां 49.20 क्विंटल, मनोज गुप्ता पत्थलगांवखुर्द के यहां 78 क्विंटल, खरसिया क्षेत्र के ग्राम कुरू में लाभो दास महंत के गोदाम से 1200 क्विंटल धान बरामद जप्त किया गया है। इन सभी पर कृषि उपज मंडी अधिनियम एवं संबंधित प्रावधानों के तहत प्रकरण दर्ज किए गए हैं।

*अब तक कुल 68 प्रकरण, 12,454 क्विंटल धान जब्त*

जिले में अब तक 68 मामलों में कुल 12,454 क्विंटल धान, जिसकी कीमत 3 करोड़ 86 लाख रुपए से अधिक है, जप्त किया जा चुका है। यह कार्रवाई जिला प्रशासन की कड़ी निगरानी और निरंतर मॉनिटरिंग का परिणाम है। अवैध धान परिवहन पर रोक लगाने के लिए जिले में बनाए गए सभी अंतर्राज्यीय और आंतरिक 25 चेकपोस्टों पर 24×7 निगरानी रखी जा रही है। जंगलों के वैकल्पिक मार्गों को भी सील कर दिया गया है, ताकि ओडिशा से होने वाली धान की अवैध आवाजाही पूरी तरह रुक सके। अनुविभागीय स्तर पर गठित विशेष टीमें लगातार फील्ड में सक्रिय हैं। प्रशासन की ताबड़तोड़ और सख्त कार्रवाई से अवैध धान व्यापारियों व बिचौलियों के हौसले पस्त हो गए हैं और जिले में समर्थन मूल्य पर खरीदी व्यवस्था और अधिक पारदर्शी व सुव्यवस्थित होती जा रही है।

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रायगढ़ : जिला प्रशासन की ताबड़तोड़ कार्रवाई : कोचियों-बिचौलियों पर कसा शिकंजा, 56 प्रकरणों में 8 हजार क्विंटल से अधिक अवैध धान जब्त

रायगढ़, 1 दिसम्बर 2025/ जिले में अवैध धान परिवहन एवं भंडारण के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़े पैमाने पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर चल रही सतत मॉनिटरिंग के परिणाम स्वरूप अब तक 56 प्रकरणों में 8,000 क्विंटल से अधिक धान जब्त किया गया है, जिससे शासन की लगभग 2.50 करोड़ रुपये की आर्थिक हानि को रोका जा सका है।
         अवैध धान के अंतर्राज्यीय एवं आंतरिक परिवहन पर रोक लगाने के लिए जिले में बनाए गए 25 चेकपोस्टों पर 24x7 निगरानी रखी जा रही है। भुईंयापाली, बेलरिया, लारा, रेंगालपाली, तोलमा, हाटी, गोलाबुड़ा, टांगरघाट, बिजना, उर्दना, पलगड़ा, भालूनारा, बाकारूमा और रीलो सहित सभी चेकपोस्टों पर तैनात टीमें सतत चेकिंग कर रही हैं। अनुविभागीय स्तर पर भी विशेष टीमें सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। जंगल और वैकल्पिक मार्गों को भी सील कर दिया गया है, जिससे अवैध आवाजाही पर प्रभावी रोक लगी है। कलेक्टर ने साफ कहा है कि अवैध धान भंडारण व परिवहन में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। 

दो दिनों में 9 प्रकरण में 17 लाख रुपए से अधिक के 564 क्विंटल धान जब्त
अपर कलेक्टर एवं धान खरीदी के नोडल अधिकारी श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो ने बताया कि 29 तथा 30 नवंबर को की गई कार्रवाई में राजस्व, मंडी एवं प्रशासनिक टीमों ने विभिन्न ग्रामों में औचक निरीक्षण कर 9 प्रकरणों में कुल 564 क्विंटल से अधिक धान जब्त किया। इनमें ग्राम लोइंग में सुरेश गुप्ता के यहां 80 क्विंटल, ग्राम छुहीपाली में सुखदेव पटेल के यहां 27.60 क्विंटल, ग्राम लारा के विष्णु चरण के यहां 24 क्विंटल, ग्राम कोड़पाली के रोहित बारिक के यहां 8 क्विंटल, ग्राम भकुर्रा की श्रीमती विमला यादव के यहां 22 क्विंटल, ग्राम पलगढ़ा के अशोक गवेल के वाहन में 28 क्विंटल, खरसिया के अनिश अग्रवाल के गोदाम में 160 क्विंटल, ग्राम कांदागढ़ के राजू के यहां 60 क्विंटल और ग्राम नवापारा-माण्ड में कुमार साहू के यहां 154.80 क्विंटल अवैध धान जब्त किया गया। सभी मामलों में छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किए गए हैं।

धान खरीदी केंद्रों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध
समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए जिले में 105 उपार्जन केंद्र संचालित हैं, जिनमें से 15 केंद्र संवेदनशील तथा 4 केंद्र अतिसंवेदनशील श्रेणी में रखे गए हैं। सभी केंद्रों में चेकलिस्ट के अनुरूप मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर सक्रिय किया गया है। कॉल सेंटर द्वारा धान के उठाव, परिवहन और रीसाइक्लिंग पर सतत निगरानी की जा रही है। शिकायतों के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-3663 जारी है।

जिला स्तरीय जांच समिति गठित
कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने धान खरीदी में पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तरीय जांच समिति गठित की है। इसमें अपर कलेक्टर श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, संयुक्त कलेक्टर श्री राकेश गोलछा, खाद्य अधिकारी श्री चितरंजन सिंह, जिला विपणन अधिकारी कु. जान्हवी जिलहरे, उप आयुक्त सहकारिता श्री व्यास नारायण साहू, नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक श्री एस. नारायण, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी श्री एस.पी. सिंह शामिल हैं। समिति पूरी खरीदी प्रक्रिया की निगरानी सतत रूप से कर रही है।

किसानों के टोकन हेतु विशेष व्यवस्था
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भूमि धारिता आधारित टोकन व्यवस्था लागू है। किसान टोकन उपार्जन केंद्र से या टोकन तुहर हाथ मोबाइल ऐप से प्राप्त कर सकते हैं। प्रशासन ने आग्रह किया है कि किसान धान पूरी तरह सुखाकर, 17 प्रतिशत से कम नमी के साथ ही लेकर आएं और साथ में टोकन, ऋण पुस्तिका व आधार कार्ड अवश्य रखें।

धान खरीदी भुगतान में 96.27 प्रतिशत
सहकारिता विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 30 नवम्बर तक जिले के विभिन्न उपार्जन केंद्रों में 1 लाख 78 हजार 310.40 क्विंटल से अधिक धान की खरीदी की जा चुकी है है। खरीदे गए धान के एवज में 4224.17 लाख रुपये भुगतान योग्य राशि निर्धारित की गई है, जिसमें से 4066.50 लाख रुपये का भुगतान किसानों के बैंक खातों में अंतरित कर दिया गया है। धान खरीदी व्यवस्था व्यवस्थित, पारदर्शी और किसान-हित में सुचारु रूप से जारी है।

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जनदर्शनः कलेक्टर ने सुनी लोगों की समस्याएं, अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के दिए निर्देश

रायगढ़, 1 दिसम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु प्रत्येक सोमवार को जिला कलेक्टोरेट परिसर में आयोजित होने वाले जनदर्शन में आज बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी समस्याएं, मांगें एवं शिकायतें कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के समक्ष प्रस्तुत कीं। कलेक्टर ने सभी आवेदनों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को नियमानुसार, पारदर्शी और त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।
             जनदर्शन में ग्राम रेगड़ा के लक्ष्मी प्रसाद यादव ने निराश्रित पेंशन बंद होने की समस्या रखते हुए बताया कि उन्हें पिछले दो-तीन वर्षों से नियमित रूप से पेंशन मिल रही थी, लेकिन हाल ही में राशि आना बंद हो गई है, जिससे आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी तरह ग्राम धनागर के मदन पटेल ने क्षतिपूर्ति राशि दिलाए जाने की मांग की। वहीं रायगढ़ जूटमिल निवासी दादुलाल यादव ने भूमि पट्टा बनवाने में आ रही समस्या से अवगत कराते हुए शीघ्र समाधान का आग्रह किया। तहसील खरसिया के ग्राम बिंजकोट निवासी बुद्धेश्वर प्रसाद राठिया ने रोजगार उपलब्ध कराने की मांग रखी। उन्होंने बताया कि एसकेएस कंपनी द्वारा भू-अर्जन के दौरान उनकी भूमि अधिग्रहित कर ली गई थी, जिसके चलते रोजगार के अभाव में परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा है।
इसी तरह ग्राम बिंजकोट के अन्य ग्रामीण मोबाइल नेटवर्क की समस्या लेकर जनदर्शन पहुंचे। जनपद पंचायत खरसिया अंतर्गत ग्राम पंचायत भूपदेवपुर के ग्रामीणों ने पंचायतों में विकास कार्यों हेतु 15वें वित्त की राशि जारी किए जाने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि राशि उपलब्ध न होने के कारण भूमि समतलीकरण, बाड़ी विकास सहित अन्य कार्य रुके पड़े हैं। रायगढ़ के महेश राम चौहान ने अपने घर में शौचालय निर्माण की मांग रखी। इसके अलावा जनदर्शन में आए अन्य नागरिकों ने राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास, दिव्यांग पेंशन सहित विभिन्न समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। कलेक्टर ने सभी आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए आमजन को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा।

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रायगढ़ : अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस पर खेलकूद प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रम में दिव्यांगजन दिखाएंगे अपनी प्रतिभा

रायगढ़ 01 दिसंबर 2025/समाज कल्याण विभाग द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित किए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर इस वर्ष भी 02 एवं 03 दिसम्बर 2025 को जिले में विविध कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य दिव्यांगजनों की खेल-कूद एवं सांस्कृतिक प्रतिभा को मंच उपलब्ध कराना, उनके आत्मविश्वास को बढ़ाना तथा समाज में समावेशिता की भावना को सुदृढ़ करना है।
     समाज कल्याण विभाग के उप संचालक श्री शिवशंकर पांडेय ने बताया कि 02 दिसम्बर को किरोड़ीमल शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय, रायगढ़ के लाल मैदान में प्रातः 9:00 बजे से दिव्यांगजनों हेतु विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। आयोजन में मटका फोड़, नींबू-चम्मच दौड़, बुक बैलेंसिंग, जलेबी दौड़, बकेट बॉल, गोला फेंक, ऊँची कूद, लम्बी कूद, कुर्सी दौड़, लम्बी दौड़ एवं थ्रो बॉल जैसी रोचक प्रतियोगिताएं शामिल की गई हैं, जिनमें बड़ी संख्या में दिव्यांग प्रतिभागियों के भाग लेंगे। इसके बाद दिनांक 03 दिसम्बर को पॉलीटेक्निक ऑडिटोरियम हॉल में प्रातः 11:00 बजे से दिव्यांगजनों की कला, संस्कृति और रचनात्मकता को प्रदर्शित करने हेतु सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होगा। इसमें गीत-संगीत, गायन-वादन, नृत्य और एकांकी नाटक जैसे विविध मंचीय कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी। दो दिवसीय आयोजन के अंतर्गत खेलकूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को मंच पर सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जाएगा। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य दिव्यांगजनों को अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करने और मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित करना है।

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छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल के निर्देशों के अनुपालन में 15  बिंदुओं पर स्पष्ट दिशा–निर्देश जारी,केवल साधारण (बिना पॉकेट) स्वेटर की अनुमति

रायगढ़, 1 दिसंबर 2025। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल रायपुर द्वारा जल संसाधन विभाग अंतर्गत आमीन भर्ती परीक्षा डब्ल्यूआरडी 2025 का आयोजन आगामी 7 दिसम्बर 2025 को समय  12.00 बजे से 2:15 तक आयोजित की जा रही है। उक्त परीक्षा के लिए  रायगढ़ जिले में 57 परीक्षा केन्द्र बनाए गए है, जिसमें लगभग 16091 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। प्रत्येक परीक्षा केन्द्रों में आबंटित एक पुरुष एवं एक महिला पुलिस कर्मी से फिस्किंग का कार्य किया जाएगा। महिला अभ्यर्थियों की फिस्किंग महिला पुलिस कर्मी से ही कराया जायेगा। 
कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल के निर्देशों के अनुपालन में 15 स्पष्ट दिशा–निर्देश जारी किए गए है। परीक्षार्थियों के लिए निम्नांकित निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है। 
जारी दिशा निर्देशों के तहत परीक्षार्थियों को कहा गया है कि परीक्षार्थी, परीक्षा के एक दिन पूर्व अपने परीक्षा केन्द्र का अनिवार्य रूप से अवलोकन कर लें,ताकि उन्हें परीक्षा दिवस को कोई असुविधा न हो। परीक्षा प्रारंभ होने के कम से कम 2 घंटा पूर्व पहुंचे ताकि उनका फिस्किंग एवं पहचान पत्र का सत्यापन किया जा सके। परीक्षा प्रारंभ होने के 30 मिनट पूर्व परीक्षा केन्द्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा। हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनकर परीक्षा देने आना होगा। काले, गहरे नीले, गहरे हरे, जामुनी, मैरून, बैगनी रंग व गहरे चॉकलेटी रंग का कपड़े पहनना वर्जित होगा ।
केवल साधारण स्वेटर (बिना पाकेट) की अनुमति है। सुरक्षा जांच के समय स्वेटर को उतार कर सुरक्षा कर्मी से जांच कराना होगा।
धार्मिक एवं सांस्कृतिक पोशाक वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा केन्द्र पर सामान्य समय से पहले रिपोर्ट करना होगा। उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ेगा तभी परीक्षा कक्ष में प्रवेश की अनुमति होगी।
फुटवियर के रूप में केवल चप्पल पहनने की अनुमति दी गई है। कान में किसी भी प्रकार का आभूषण वर्जित है।
 परीक्षा प्रारंभ होने के पहले आधा घंटा में एवं परीक्षा समाप्ति के आखिरी आधा घंटा में परीक्षा कक्ष से बाहर जाना वर्जित किया गया है।
परीक्षा कक्ष में किसी भी प्रकार का संचार उपकरण, इलेक्ट्रानिक उपकरण, इलेक्ट्रानिक घड़ी, पर्स, पाउच, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी आदि ले जाना पूर्णतः वर्जित है ।
प्रवेश पत्र के सभी पेज का प्रिंट आउट लें और पेज के केवल एक तरफ प्रिंट करें, क्योंकि प्रत्येक परीक्षा के लिए व्यापम की प्रति परीक्षा केंद्र में जमा हो जाएगी।
 परीक्षार्थी को परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र के साथ पहचान पत्र के रूप में मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पेन कार्ड,आधार कार्ड जिसमें अभ्यर्थी का फोटो हो, का एक मूल पहचान पत्र परीक्षा दिवस में परीक्षा केंद्र में लाना अनिवार्य किया गया है। मूल पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं करने पर परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा, जिसके लिए अभ्यर्थी स्वयं जिम्मेदार होंगे।
यदि इंटरनेट से प्राप्त प्रवेश पत्र पर फोटो नहीं आता है, तो अभ्यर्थी अपने साथ दो रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो ले कर परीक्षा केंद्र लाना होगा। 
परीक्षार्थियों को अपने साथ परीक्षा कक्ष में केवल काले या नीले बाल पॉइंट पेन को ही उत्तर अंकित करने के लिए उपयोग लाना होगा।  चयन, प्रवेश के समय प्रवेश पत्र मांगा जाता है, इसलिए प्रवेश पत्र को सुरक्षित रखने होंगे। व्यापम द्वारा दोबारा प्रवेश पत्र जारी नहीं किया जावेगा।
निर्देशों का पालन ना करने पर अभ्यर्थी को परीक्षा देने से वंचित किया जाएगा। परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करने पर कठोर कार्यवाही की जाएगी तथा अभ्यर्थिता समाप्त की जाएगी।

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मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना  :  बदलेगी नगर निगमों की सूरत और सीरत,13 नगर निगमों के लिए 429.45 करोड़ मंजूर,छत्तीसगढ़ के शहरों को आधुनिक, सुंदर और जीवंत बनाने की प्रभावी योजना – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर. 1 दिसम्बर 2025. छत्तीसगढ़ के शहरों में आइकॉनिक (Iconic) विकास कार्यों के लिए राज्य शासन ने इस साल मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना शुरू की है। पहले चरण में इसे राज्य के सभी 14 नगर निगमों में लागू किया गया है। इसके तहत शहरों में मजबूत अधोसंरचना के विकास के बड़े काम मंजूर किए जा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद योजना के अंतर्गत अब तक 13 नगर निगमों में 26 कार्यों के लिए 429 करोड़ 45 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इनमें मरीन ड्राइव विस्तार, ऑक्सीजोन-कम-स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, अंतरराज्यीय बस टर्मिनल, रोड जंक्शन, हाइटेक बस स्टैंड, ऑडिटोरियम, तालाब सौंदर्यीकरण, उद्यान विकास, जलापूर्ति सुदृढ़ीकरण, कॉरीडोर निर्माण, गौरव पथ निर्माण, सड़क बाइपास एवं चौड़ीकरण जैसे वृहद कार्य शामिल हैं। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में योजना के लिए 500 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। स्वीकृत कार्यों में से पांच कार्यों के लिए संबंधित फर्म्स को कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं। वहीं पांच कार्यों का भूमिपूजन भी हो गया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य शासन की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के बारे में कहा कि इस योजना से शहरों के अधोसंरचना विकास में बड़ा बदलाव आएगा। शहरों के सतत् विकास और नागरिक केंद्रित समाधानों को ध्यान में रखते हुए यह योजना तैयार की गई है। छत्तीसगढ़ के शहरों को आधुनिक, सुंदर और जीवंत बनाने में यह योजना प्रभावी साबित होगी। शहरों की सूरत और सीरत बदलने में इसकी अहम भूमिका होगी।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बताया कि जीवंत शहरों के निर्माण और इज ऑफ लीविंग के लिए इस साल के बजट में शामिल कार्ययोजना के अनुसार मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना प्रारंभ की गई है। पहले चरण में राज्य के सभी नगर निगमों को इसमें शामिल किया गया है। चरणबद्ध रूप से इसे सभी नगरीय निकायों में लागू किया जाएगा। योजना के माध्यम से शहरों में बढ़ती आबादी के मद्देनजर सुगम यातायात के लिए मुख्य सड़कों के निर्माण, चौड़ीकरण, बाइपास सड़क, फ्लाई-ओव्हर, सर्विस-लेन, अंडर-पास तथा अन्य बुनियादी ढांचों का विकास किया जाएगा। राज्य के शहरों को सुंदर, आधुनिक, व्यवस्थित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए रिवर-फ्रंट डेवलपमेंट और भव्य उद्यानों का भी निर्माण योजना के तहत किए जाएंगे। योजना में ऐसे आइकॉनिक कार्य व परियोजनाएं ली जाएंगी जो शहर के विकास का उदाहरण बन सके। 

मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना से होंगे ये काम

मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना से प्रमुख रूप से मुख्य सड़क निर्माण एवं मुख्य सड़क चौड़ीकरण कार्य, बाइपास रोड निर्माण, मुख्य सड़क में सर्विस रोड निर्माण कार्य, फ्लाई-ओव्हर निर्माण कार्य, अंडर-पास सड़क निर्माण कार्य, जलप्रदाय योजना के कार्य, सीवरेज नेटवर्क निर्माण कार्य, एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के कार्य, मुख्य सड़कों में रोटरी चौक निर्माण पुनर्व्यवस्था कार्य, स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स निर्माण, हाइटेक बस स्टैण्ड निर्माण, ऑडिटोरियम निर्माण, भव्य उद्यान विकास एवं रिवर-फ्रंट डेवलपमेंट कार्य तथा पर्यटन स्थलों के विकास के कार्य किए जाएंगे। इनके साथ ही शहर की जरूरत के अनुसार अन्य विशिष्ट कार्य भी किए जाएंगे।

कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति करेगी मॉनिटरिंग

मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के कार्यों की मॉनिटरिंग और निगरानी कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति द्वारा की जाएगी। समिति प्रगतिरत कार्यों की नियमित समीक्षा कर समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करेगी। संबंधित नगर निगम के आयुक्त समिति के सदस्य-सह-सचिव होंगे। वहीं जिले में लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता समिति के अन्य सदस्य होंगे।

रायपुर में 91.27 करोड़, रायगढ़ में 64.66 करोड़ और बिलासपुर में 57.92 करोड़ के काम, कोरबा में गौरव पथ के लिए 36.55 करोड़

मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना से रायपुर नगर निगम में कुल 91 करोड़ 27 लाख रुपए के चार कार्यों की स्वीकृति दी गई है। इनमें नौ करोड़ दो लाख रुपए की लागत से 18 रोड जंक्शन्स (Road Junctions) के विकास, 23 करोड़ 38 लाख रुपए से जल आपूर्ति व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण, 18 करोड़ 86 लाख रुपए के महादेव घाट पुनरूद्धार योजना फेज-1 और तेलीबांधा में 40 करोड़ रुपए के टेक्नीकल टॉवर का निर्माण शामिल है। रायगढ़ नगर निगम में कुल 64 करोड़ 66 लाख रुपए के तीन कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 29 करोड़ 57 लाख रुपए का न्यू शनि मंदिर से छठघाट तक मरीन ड्राइव विस्तार, 12 करोड़ 81 लाख रुपए का एफ.सी.आई. के पास ऑक्सीजोन-कम-स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकास कार्य और 22 करोड़ 28 लाख रुपए का न्यू सारंगढ़ बस स्टैंड (अंतरराज्यीय बस टर्मिनल) का उन्नयन कार्य शामिल है। 

बिलासपुर नगर निगम में योजना के तहत कुल 57 करोड़ 92 लाख रुपए की लागत के नौ कार्य मंजूर किए गए हैं। इनमें 17 करोड़ रुपए का अशोक नगर-बिरकोनी रोड चौड़ीकरण, नौ करोड़ 74 लाख रुपए का अरपा इंद्रा सेतु से राम सेतु तक अटल पथ निर्माण, पांच करोड़ नौ लाख रुपए का मंगला चौक से आजाद चौक तक सड़क निर्माण, पांच करोड़ 26 लाख रुपए का गुरुनानक चौक से मोपका/राजकिशोर नगर तिराहा तक डामरीकरण एवं नाला निर्माण, दो करोड़ 22 लाख रुपए का रकबंधा तालाब उसलापुर का सौंदर्यीकरण, छह करोड़ 82 लाख रुपए का सिरगिट्टी क्षेत्र में सीसी रोड एवं नाली निर्माण तथा एक करोड़ 70 लाख रुपए का जोन-7 के अंतर्गत सीसी रोड विकास कार्य शामिल हैं। तिफरा में सीसी रोड और नाली निर्माण के लिए छह करोड़ 48 लाख रुपए तथा शहर में स्ट्रीट लाइट व विद्युत लाइट पोल के प्रतिस्थापन के लिए तीन करोड़ 62 लाख रुपए से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। कोरबा में सीएसईबी चौक से जैन चौक – आईटीआई चौक से कोसाबाड़ी चौक तक गौरव पथ के निर्माण के लिए 36 करोड़ 55 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं।

धमतरी में बनेगा हाइटेक बस स्टैंड और ऑडिटोरियम, अंबिकापुर में मां महामाया कॉरीडोर के लिए 11.6 करोड़
 
योजना के तहत धमतरी नगर निगम में दो कार्यों के लिए कुल 24 करोड़ 64 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। इनमें 17 करोड़ 70 लाख रुपए का नवीन हाइटेक बस स्टैंड निर्माण और छह करोड़ 94 लाख रुपए का ऑडिटोरियम निर्माण शामिल है। जगदलपुर नगर निगम में भी दो कार्यों के लिए कुल 19 करोड़ 95 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इनमें दस करोड़ छह लाख रुपए का मुक्तिधाम से समुद्र चौक, पॉवर हाउस चौक, पंचपथ चौक होते हुए लालबाग आमागुड़ा चौक तक मार्ग चौड़ीकरण और नौ करोड़ 89 लाख रुपए का दलपत सागर विकास व सौंदर्यीकरण कार्य शामिल है। बीरगांव नगर निगम में दो कार्यों के लिए 24 करोड़ 75 लाख रुपए से अधिक की राशि मंजूर की गई है। इनमें सात करोड़ 90 लाख रुपए की लागत से उरला नाला निर्माण (5.08 किलोमीटर) तथा 16 करोड़ 85 लाख रुपए का शनि मंदिर से फिल्टर प्लांट होते हुए कन्हेरा मोड़ तक सड़क निर्माण शामिल है। 

नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा योजना के तहत चिरमिरी नगर निगम में चार कार्यों के लिए कुल 14 करोड़ 84 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। इनमें आठ करोड़ 65 लाख रुपए का सोनामली नाका से दीनदयाल चौक पौढ़ी तक बाइपास निर्माण, तीन करोड़ 57 लाख रुपए का कोरिया कॉलरी शाखा शिवमंदिर के पास विकास एवं सौंदर्यीकरण, 69 लाख रुपए का पोड़ी वेस्ट चिरमिरी में अटल परिसर से मालवीय नगर तक सड़क चौड़ीकरण तथा एक करोड़ 93 लाख रुपए का अहिंसा चौक हल्दीवाड़ी से अग्रसेन चौक बड़ा बाजार तक सड़क चौड़ीकरण कार्य शामिल है। अंबिकापुर नगर निगम में दो कार्यों के लिए कुल 13 करोड़ 99 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इनमें दो करोड़ 39 लाख रुपए की लागत से पुष्पवाटिका सरगांव पार्क का विकास एवं जल आपूर्ति व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के साथ ही 11 करोड़ 60 लाख रुपए की लागत से मां महामाया कॉरीडोर का निर्माण शामिल है।

भिलाई-चरोदा में बनेगा केनाल रोड, रिसाली में तीन सड़कों के विकास और चौड़ीकरण के लिए 17.33 करोड़

दुर्ग नगर निगम में नौ करोड़ 84 लाख रुपए की लागत से धमधा मार्ग से आदित्य नगर होते हुए रायपुर नाका अंडर-ब्रिज की ओर तथा हनुमान नगर होते हुए जुनवानी रोड तक फोरलेन निर्माण, भिलाई-चरोदा नगर निगम में डभरा पारा से इन्द्रानगर तक केनाल रोड निर्माण के लिए 29 करोड़ 43 लाख रुपए और भिलाई नगर निगम में 24 कार्यों के लिए 24 करोड़ 30 लाख रुपए मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना से स्वीकृत किए गए हैं। रिसाली नगर निगम में तीन कार्यों के लिए कुल 17 करोड़ 33 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। इनमें मैत्री कुंज से मधुरिशा फेज-3 तक, आजाद चौक से कृष्णा टॉकीज रोड तक तथा श्रीराम चौक से बालाजी अपार्टमेंट (वार्ड क्रमांक-23) तक सड़क के विकास एवं चौड़ीकरण के लिए क्रमशः पांच करोड़ 21 लाख, सात करोड़ 97 लाख तथा चार करोड़ 15 लाख रुपए शामिल हैं। 

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कलेक्टर के निर्देश पर समयपालन का सख्त कदम,कलेक्टोरेट में बायोमेट्रिक अटेंडेंस व्यवस्था लागू,अधिकारी-कर्मचारियों ने फेस रीडिंग और थंब स्कैन से दर्ज की उपस्थिति

रायगढ़, 1 दिसम्बर 2025/ जिला कलेक्टोरेट रायगढ़ में प्रशासनिक पारदर्शिता और समय पालन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से आज से बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था आधिकारिक रूप से लागू कर दी गई। सुबह 10 बजे कलेक्टोरेट परिसर के विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी थंब इंप्रेशन और फेस रीडिंग के माध्यम से अपने-अपने कार्यालयों में प्रवेश करते नजर आए। मुख्य गेट के सामने और पीछे दोनों स्थानों पर अत्याधुनिक बायोमेट्रिक डिवाइस स्थापित किए गए हैं, जिनके माध्यम से सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी अनिवार्य रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं। डिवाइस क्रमांक-1 मुख्य गेट सामने में जिला प्रशासन राजस्व एवं स्थापना, आदिवासी विकास, श्रम तथा खनिज विभाग एनरोल किए गए हैं। वहीं डिवाइस क्रमांक-2 मुख्य गेट पीछे में भू-अभिलेख शाखा, जनसम्पर्क विभाग, योजना एवं सांख्यिकी, आबकारी विभाग, जिला कोषालय, उप आयुक्त सहकारिता, अन्त्यावसायी विभाग तथा खाद्य विभाग को शामिल किया गया है। यह नई व्यवस्था न केवल उपस्थिति प्रणाली को अधिक सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाएगी, बल्कि कार्यालयीन कार्यों में अनुशासन, समयबद्धता और कार्यकुशलता को भी महत्वपूर्ण रूप से बढ़ावा देगी।
            कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने बताया कि बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रतिदिन प्रातः 10.00 बजे से शाम 5.30 बजे तक अनिवार्य रूप से दर्ज की जाएगी। इस अवधि में आगमन और प्रस्थान दोनों समय उपस्थिति दर्ज करना जरूरी होगा। किसी भी समय उपस्थिति दर्ज न करने की स्थिति में संबंधित कर्मचारी को अनुपस्थित माना जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समय पालन और कार्यसंस्कृति को सुदृढ़ करने के लिए यह व्यवस्था अत्यधिक आवश्यक है, इसलिए किसी भी विभाग में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि संयुक्त कलेक्टोरेट के अलावा अन्य सभी शासकीय विभागों में भी यह प्रणाली अनिवार्य रूप से लागू की जाए। इससे उपस्थिति प्रणाली और अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी। नई व्यवस्था के सुचारू संचालन, डिवाइस स्थापना, डेटा प्रविष्टि और पूरे सिस्टम की सतत मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी अपर कलेक्टर श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो को सौंपी गई है।

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डिजिटल बेस्ड विज्ञान प्रतिभा खोज : राज्यस्तरीय कैंप के लिए  जशपुर के 7 छात्रों का हुआ चयन,इस सफलता पर जिला शिक्षा अधिकारी ने दी बच्चों को दी शुभकामनाएं

जशपुर : विद्यार्थी विज्ञान मंथन जो कि भारत की सबसे बड़ी डिजिटल बेस्ड विज्ञान प्रतिभा खोज परीक्षा है के तीसरे चरण में राज्यस्तरीय कैंप के लिए  जशपुर के 7 छात्रों का चयन किया गया है। उल्लेखनीय है कि इसका आयोजन भारत के साथ साथ अरब देशों में भी किया जाता है जिसका मुख्य उद्देश्य छात्रों में विज्ञान को लेकर उत्सुकता उत्पन्न करना और भारत के वैज्ञानिकों के योगदान को विशेष रूप से रेखांकित करना हैं। इस परीक्षा के प्रथम दो चरणों में भी जशपुर के छात्रों ने उत्साह पूर्वक भाग लेते हुए  रिकॉर्ड कायम किया था, जिले के कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने भी छात्रों के लिए रजिस्ट्रेशन हेतु विशेष अभियान चला कर हर संभव सहयोग प्रदान किया था। उसके पश्चात द्वितीय एवं तृतीय चरण में भी बड़ी संख्या में क्वालीफाई करते हुए राज्य स्तर पर 7 छात्रों ने स्थान बनाया है।
     इस परीक्षा हेतु प्रथम चरण की परीक्षा की परीक्षा 28 अक्टूबर से 2 नवंबर के बीच तथा दूसरे चरण की परीक्षा 19 से 23 नवंबर के बीच आयोजित की गई थी ।
     इस परीक्षा में पूरे छत्तीसगढ़ से लगभग 150 छात्रों का चयन राज्य स्तरीय कैंप हेतु किया गया है जिनमें 7 जशपुर जिले के छात्र भी शामिल हैं, जिनमें   प्राथमिक शाला ढोड़ीडांड़ कुनकुरी से शिवानी चौहान कक्षा  8 , सोनिका बाई  कक्षा8 ,मोनिका बाई कक्षा8 एवं अर्पिता शर्मा पीएमश्री सेजेस कुनकुरी कक्षा 8 , निशा कुजूर सेजेस पतराटोली कक्षा 9 , आयुषी पन्ना सेजेस पतराटोली कक्षा 9 , रोहन कुमार साहू पीएम श्री सेजेस कोतबा कक्षा 9 शामिल हैं।ये सभी जशपुर जिले के शासकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र छात्राएं हे जिन्होंने पूरे प्रदेश के निजी एवं शासकीय छात्रों से प्रतिस्पर्धा करते हुए राज्य स्तर पर अपना स्थान बनाया है।
        इस सफलता पर जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद भटनागर , संकल्प शिक्षण संस्थान के प्राचार्य  विनोद गुप्ता, संजीव शर्मा , विद्यार्थी विज्ञान मंथन के जिला कॉर्डिनेटर विवेक पाठक एवं समस्त शिक्षकों  ने भी शुभकामनाएं दी हैं।

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महतारी वंदन योजना ने ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के जीवन में लाया परिवर्तन

जशपुर 1 दिसंबर 25/छत्तीसगढ़ शासन की  महतारी वंदन योजना ने ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के जीवन में परिवर्तन लाया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को प्रति माह 1000 रुपए की सहायता राशि प्रदान की जा रही है। ग्राम पंचायत जोकारी की श्रीमती मंजू भगत भी इस योजना से लाभान्वित हो रही हैं। वे बताती हैं कि प्राप्त राशि से उनके परिवार के दैनिक खर्चों में उल्लेखनीय सहूलियत मिली है। यह सहायता वे किराना सामग्री खरीदने, बच्चों की शिक्षा में सहयोग, तथा स्वयं के छोटे-मोटे आवश्यक खर्चों पर उपयोग करती हैं। योजना से मिली आर्थिक सुरक्षा ने उनके परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे उनके जीवन में स्थिरता और आत्मविश्वास दोनों बढ़ा है।

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जिला स्तरीय सांसद खेल महोत्सव 5–6 दिसम्बर को घरघोड़ा में , खेल प्रतिभाओं का जुटेंगे 


रायगढ़, 01 सितंबर 2025। रायगढ़ जिले में खेल भावना और युवा ऊर्जा को नया आयाम देने जा रहे जिला स्तरीय सांसद खेल महोत्सव की तैयारियाँ अब अंतिम चरण में हैं। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने आयोजन की व्यापक तैयारियों को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को अलग-अलग दायित्व सौंप दिए हैं तथा सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को शीघ्रतापूर्वक मूर्त रूप देने के निर्देश जारी किए हैं।

जिला स्तरीय सांसद खेल महोत्सव का आयोजन 05 से 06 दिसम्बर 2025 तक विकासखण्ड घरघोड़ा के स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी विद्यालय मैदान एवं क्रिकेट मैदान में भव्य स्वरूप में किया जा रहा है। जिलेभर की खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने, प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण विकसित करने और खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित यह महोत्सव रायगढ़ जिले के प्रमुख खेल आयोजनों में शामिल हो गया है।
इस दो दिवसीय महोत्सव के अंतर्गत 05 दिसम्बर को महिला वर्ग तथा 06 दिसम्बर को पुरुष वर्ग की खेल प्रतियोगिताएँ होंगी। जिले के सभी विकासखण्डों से आई महिला एवं पुरुष खिलाड़ी विभिन्न खेल विधाओं में अपने कौशल का प्रदर्शन करेंगे। आयोजन में लगभग 1200 प्रतिभागियों—खिलाड़ियों, ऑफिसियल्स, निर्णायकों एवं सहयोगी दलों की सहभागिता अपेक्षित है, जिससे खेल मैदानों पर उत्साह और जोश का माहौल देखने को मिलेगा।
आयोजन समिति द्वारा खिलाड़ियों के ठहराव, भोजन, सुरक्षा, खेल सामग्री, चिकित्सा सुविधा तथा प्रतियोगिताओं के संचालन की सभी आवश्यक तैयारियाँ प्रगति पर हैं। कलेक्टर द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार प्रत्येक व्यवस्था को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने पर बल दिया जा रहा है, ताकि प्रतियोगिताएँ निष्पक्ष, सुरक्षित तथा उत्साहजनक वातावरण में सम्पन्न हो सकें।
जिले का घरघोड़ा क्षेत्र आगामी 5 और 6 दिसम्बर को खेल प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है, जहां उभरती खेल प्रतिभाएँ अपनी क्षमता और कौशल से जिले का गौरव बढ़ाएंगी।

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दूसरे दिन भी हुई ओडिशा सीमा से धान के अवैध परिवहन की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

रायगढ़, 30 नवम्बर 2025/ धान के अवैध भंडारण और अंतर्राज्यीय परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से रायगढ़ जिला प्रशासन ने दूसरे दिन भी फिर सख्त और निर्णायक कार्रवाई की है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर प्रशासनिक एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों ने ओडिशा सीमा से लगे संवेदनशील मार्गों की गहन निगरानी करते हुए बिचौलियों द्वारा उपयोग किए जा रहे सभी वैकल्पिक जंगल-पगडंडी एवं कच्चे रास्तों को चिन्हांकित कर पूरी तरह सील कर दिया है। इन अवैध मार्गों पर जेसीबी मशीनों से गहरे गड्ढे खोदकर मजबूत अवरोधक तैयार किए गए, जिससे वाहनों की आवाजाही पूर्णतः बंद हो गई है और धान तस्करी की संभावना समाप्त हो गई है।
            कलेक्टर द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप सभी अंतर्राज्यीय बैरियरों पर कर्मचारियों की 24 घंटे तैनाती सुनिश्चित की जा रही है। रात्रिकालीन गश्त को सघन किया गया है और संदिग्ध वाहनों की कड़ाई से तलाशी ली जा रही है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा है कि किसी भी परिस्थिति में धान के अवैध परिवहन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पारदर्शी और व्यवस्थित खरीदी सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन हर आवश्यक कदम उठा रहा है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या वाहन की सूचना तत्काल स्थानीय प्रशासन, नियंत्रण कक्ष या खाद्य विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-233-3663 पर दें। कलेक्टर ने बताया कि अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर एवं कॉल सेंटर का गठन किया गया है, जो धान की रीसाइक्लिंग पर रोक, बिचौलियों की गतिविधियों की मॉनिटरिंग और धान के उठाव एवं परिवहन की सतत ट्रैकिंग कर रहा है।
           एसडीएम लैलूंगा श्री भरत कौशिक ने बताया कि तहसील मुकडेगा के किलकिला, हाडीपानी और कोडामाई क्षेत्र में ओडिशा से धान के अवैध परिवहन की लगातार सूचना मिल रही थी। सूचना प्राप्त होते ही राजस्व, खाद्य एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम तत्काल मौके पर पहुँची और सभी संवेदनशील कच्चे एवं जंगल मार्गों को जेसीबी से गड्ढा खोदकर पूर्णतः ब्लॉक कर दिया गया। एसडीएम ने कहा कि धान की अवैध आवाजाही की संभावना को देखते हुए जंगल से होकर गुजरने वाले सभी रास्तों को अवरुद्ध कर दिया गया है। अब इन सभी मार्गों पर 24 घंटे कड़ी निगरानी की जा रही है।

*पहले भी अवरुद्ध किए गए थे सात अंदरूनी रास्ते-लगातार जारी है अभियान*

बता दें कि बीती रात भी जिला प्रशासन ने कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर घरघोड़ा एसडीएम के नेतृत्व में एक बड़ी कार्रवाई की थी, जिसमें ओडिशा से धान की अवैध आवक के लिए बनाए गए सात अंदरूनी जंगल मार्गों को पूरी तरह बंद कर दिया गया था। इसी क्रम में आज भी यह सख्त कार्रवाई जारी रही और अतिरिक्त मार्गों को अवरोधित कर तस्करों के सभी संभावित रास्तों को खत्म किया गया। जिला प्रशासन ने कहा है कि अवैध परिवहन पर त्वरित एवं कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। जहां भी धान के अवैध परिवहन की आशंका पाई जाएगी, वहां तत्काल, कड़ी और प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।

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