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प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के अंतर्गत अधिसूचित खरीफ एवं रबी दलहनी-तिलहनी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जन जिले के नौ समितियों में होगी

जशपुरनगर, 06 दिसंबर 2025/ जिले के किसान भी अपनी दलहन-तिलहन की फसलों को प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) के अंतर्गत प्राईस सपोट स्कीम के तहत अरहर, मूंग, उड़द, मूंगफली, सोयाबीन, चना, मसूर एवं सरसो का विक्रय आदिम जाति सेवा सहकारी समिति के माध्यम से कर सकेंगे। उप संचालक कृषि ने जानकारी देते हुए बताया कि जिसका पंजीयन का कार्य एकीकृत किसान पोर्टल के माध्यम से 01 दिसंबर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक किया जाएगा।
    उपार्जन की अवधि मूंग, उड़द, मूंगफली एवं सोयाबीन के लिए 01 दिसंबर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक, अरहर एवं सरसों के लिए 15 फरवरी 2026 से 15 मई 2026 तक एवं चना एवं मसूर के लिए 01 मार्च 2026 से 30 मई 2026 तक आदिम जाति सेवा सहकारी समिति बगीचा, बिमड़ा, कुर्रोग, सन्ना, पड्रापाठ, तपकरा, कोनपरा, घरजियाबथान एवं गला में किया जाएगा।  अरहर 8000,  मूंग 8700,  उड़द 7800, मूंगफली 7283,  सोयाबीन 5328,  चना 5875, मसूर 7000,  एवं सरसों 6200, की दर से खरीदी की जाएगी।

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एक हादसे में अपना एक पैर गवां चुके पुरेन्द्र का रायपुर में लगेगा नया कृत्रिम पैर,मुख्यमंत्री के प्रति किया आभार व्यक्त

जशपुरनगर, 06 दिसंबर 2025/ एक दुःखद हादसे में अपना एक पैर खो चुके श्री पुरेन्द्र यादव को रायपुर में नया कृत्रिम पैर लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार उनका संपूर्ण इलाज तथा कृत्रिम पैर लगाने का समस्त व्यय शासन द्वारा वहन किया जाएगा। यह संवेदनशील पहल दैनिक मजदूरी से जीवनयापन करने वाले श्री पुरेन्द्र के लिए उनके जीवन में एक नई उम्मीद और उत्साह का संचार करने वाली है।
     ग्राम मयुरचुन्दी, तहसील दुलदुला निवासी श्री पुरेन्द्र यादव ने मुख्यमंत्री के नाम कैंप कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि वे मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे, किंतु एक दुर्घटना के बाद उपचार के दौरान डॉक्टरों की सलाह पर उनका एक पैर काटना पड़ा। दूसरे पैर की हड्डी तीन स्थानों से टूटी हुई है, जिस पर अभी भी रॉड लगी है। इस कारण वे चलने-फिरने में पूर्णतः असमर्थ हो गए हैं। उन्होंने बताया कि इस स्थिति ने उनके परिवार को गंभीर आर्थिक संकट में डाल दिया है, क्योंकि घर में उनके अतिरिक्त कोई अन्य कमाने वाला सदस्य नहीं है। 
    श्री पुरेन्द्र ने कैंप कार्यालय से कृत्रिम पैर उपलब्ध कराने का आग्रह किया ताकि वे पुनः अपने पैरों पर खड़े होकर जीवन की मुख्यधारा में लौट सकें। उनकी स्थिति को गंभीरता से समझते हुए कैंप कार्यालय ने तुरंत संवेदनशीलता के साथ आवश्यक कार्यवाही प्रारंभ कर दी और रायपुर में कृत्रिम पैर लगाए जाने की प्रक्रिया सुनिश्चित की। श्री पुरेन्द्र यादव ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त हुए कहा कि शासन की इस  पहल ने उनके जीवन में फिर से विश्वास, साहस और आशा की किरण जगाई है।

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किसानों को मिल रहा है उनकी मेहनत का उचित मूल्य - अरविंद ,जिले के 46 धान खरीदी केन्द्रों में की जा रही खरीदी 

जशपुर 6 दिसंबर 25/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में प्रदेशभर में धान खरीदी प्रक्रिया सुचारू एवं व्यवस्थित रूप से जारी है। जशपुर जिले के सभी धान खरीदी केंद्रों में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप निरंतर की जा रही है। इसी क्रम में दुलदुला विकासखंड के ग्राम पंचायत कस्तूरा स्थित धान खरीदी केंद्र में धान बेचने पहुंचे ग्राम गिद्धादाड़ निवासी किसान श्री अरविंद नायक ने बताया कि “मुख्यमंत्री जी ने हम किसानों के लिए खरीदी केंद्रों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। मैं यहां 50 बोरी धान लेकर आया हूं। समर्थन मूल्य पर खरीदी से हमें वास्तविक लाभ मिल रहा है और हमारी मेहनत का उचित मूल्य प्राप्त हो रहा है। शासन के प्रति धन्यवाद प्रकट करता हूं।”

केंद्र में पेयजल, तिरपाल, मापजांच, किसानों के लिए बैठने की व्यवस्था सहित आवश्यक सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। धान खरीदी कार्य का नियमित निरीक्षण भी किया जा रहा है, ताकि प्रत्येक किसान को समय पर और पारदर्शी तरीके से लाभ मिल सके।

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स्वामी आत्मानंद इंगलिश मीडियम स्कूल पतराटोली में फेमेक्स कार्यशाला सम्पन्न ,एनडीआरएफ की टीम ने प्राकृतिक और अन्य आपदाओं के दौरान अपनाएं जाने वाले सुरक्षा उपायों की दी जानकारी


जशपुर : 05 दिसम्बर 2025
दुनिया भर में, यहाँ तक कि भारत में भी, कई तरह की आपदाएँ आ रही हैं। कई लोग इसलिए नहीं मरते क्योंकि आपदा बहुत भयानक थी, बल्कि जागरूकता की कमी के कारण मरते हैं। 
लोगों की जान न जाए, इसलिये आज एक ऐसा कार्यक्रम संचालित किया गया, जिस से छोटे-छोटे बच्चों के बीच जागरूकता  फेलाई जा सके।
स्वामी आत्मानंद इंगलिश मीडियम स्कूल पतराटोली में NDRF की टीम द्वारा आज का जागरूकता कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। जागरूकता कार्यक्रम में NDRF इंस्पेक्टर बरुण कुमार, सब इंस्पेक्टर बहादुर सिंह तथा NDRF की टीम मौजुद थी। उनके द्वारा बच्चों, शिक्षकों और वहां उपस्थित व्यक्तियों को विभिन्न प्रकार के घटित होने वाली आपदा जैसे - भूकंप, बिजली गिरना, गरजना, और साथ ही जैविक स्थितियां जैसे दिल का दौरा, शरीर के किसी भाग में चोट लग जाना, गले में कुछ फंस जाना । ऐसी स्थिति में दूसरे की जान कैसे बचाये , उसके विषय में बताया गया।  कार्यक्रम में तकनीकों के उपयोग के विषय में भी बताया गया।  अंत में साइबर सुरक्षा और डिजिटल डिटॉक्स जैसे मुद्दे पर भी प्रकाश डाला गया।
     कक्षा दसवीं की छात्रा अनन्या गुप्ता से बात करने पर उन्होंने बताया कि कार्यक्रम से उन्हें आपदाओं के विषय में बहुत सी जानकारियां मिली।  प्राकृतिक आपदाओं या अन्य प्रकार की आपदा के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों के बारे में जानकारी मिलना एक नए आत्मविश्वास को प्राप्त करने जैसा रहा। 
 बीईओ हेमंत कुमार नायक , एबीईओ नरेश चौहान और सेजेस प्राचार्य डेनियल लकड़ा के मार्गदर्शन में सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ। 

कार्यक्रम का उद्घाटन सत्र का संचालन व्याख्याता व्ही एक्का तथा समापन सत्र का संचालन श्री एम के विद के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त विद्यार्थी एवं शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।

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रायगढ़ के बनोरा स्थित अघोर गुरुपीठ में मुख्यमंत्री ने गुरु दर्शन कर प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना,नव वर-वधु को सुखी दाम्पत्य जीवन के लिए दिया आशीर्वाद

रायगढ़, 5 दिसम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज रायगढ़ प्रवास के दौरान ग्राम बनोरा स्थित अघोर गुरुपीठ में गुरु दर्शन के लिए पहुंचे। उन्होंने गुरुपीठ आश्रम के उपासना स्थल पर अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम जी की प्रतिमा के दर्शन कर प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने आश्रम में अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम जी के प्रिय शिष्य प्रियदर्शी भगवान राम जी के दर्शन भी किए और मार्गदर्शन प्राप्त किया।
          मुख्यमंत्री श्री साय ने वर डॉ.कुमार विक्रम साहू और वधू डॉ.हेम पुष्पा साहू को नव दाम्पत्य जीवन में प्रवेश करने पर आशीर्वाद प्रदान किया और उनके उज्ज्वल भविष्व की कामना भी की। इस अवसर पर लोक सभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया, नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान, नगर निगम सभापति श्री डिग्रीलाल साहू, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुषमा खलखो एवं श्रीमती लक्ष्मी जीवन पटेल, श्री अरुणधर दीवान सहित अन्य जनप्रतिनिधि ने भी गुरु दर्शन का आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल, डीएफओ श्री अरविंद पीएम, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे सहित प्रशासनिक अधिकारी, वर के पिता श्री बिंदेश्वर साहू और वधू के पिता राजेश साहू सहित उनके परिवारजन मौजूद रहे।

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जिले के सभी विकास खण्ड में  स्किल कैम्प का आयोजन,युवाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण और रोजगार का मिलेगा सुनहरा मौका

जशपुरनगर 05 दिसम्बर 2025/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशानुसार जिले के बेरोजगार युवक-युवतियों के लिए मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत रोजगार से जुड़ने का सुनहरा अवसर प्रदान किया जा रहा है। जिले के सभी विकासखंडों में स्किल कैम्प आयोजित किए जाएंगे। जिनमें युवाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण, निःशुल्क आवासीय सुविधा तथा प्रशिक्षण उपरान्त 10,000 से 15,000 रुपये प्रतिमाह तक रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। कैम्पों में फायर फाइटर, ट्रेवल कंसलटेंट, लैब तकनीशियन, एनिमेटर (कंप्यूटर प्रशिक्षण), कस्टमर केयर सीनियर एक्जीक्यूटिव (कॉल सेंटर), सिक्यूरिटी गार्ड सहित कई रोजगारपरक ट्रेडो में पंजीयन किया जा सकेगा।

      सहायक संचालक जिला कौशल विकास प्राधिकरण जशपुर ने बताया कि जिले के सभी विकासखंडों में आयोजित होने वाले इन स्किल कैम्पों का समय दोपहर 12 बजे निर्धारित किया गया है। मनोरा विकासखंड में 6 दिसम्बर  को सीईओ जनपद हॉल में स्किल कैम्प आयोजित होगा। इसी प्रकार 8 दिसम्बर को दुलदुला  विकासखंड में सीईओ जनपद हॉल में कैम्प होगा। कुनकुरी विकासखंड में 10 दिसम्बर को सीईओ जनपद हॉल में स्किल कैम्प रखा गया है। इसी क्रम में फरसाबहार में 12 दिसम्बर को, कांसाबेल में 15 दिसम्बर को, बगीचा में 17 दिसम्बर को एवं पत्थलगांव में 19 दिसंबर 2025 को सीईओ जनपद हॉल में स्किल कैम्प आयोजित किए जाएंगे। योजना के तहत सभी बेरोजगार युवक-युवतियों से अपील की गई है कि वे अपने विकासखंड में निर्धारित तिथि को स्किल कैम्प में उपस्थित होकर पंजीयन करवाएँ और इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाएँ। अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 7697584747 पर संपर्क किया जा सकता है।

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सालों से टपकती छत और असुरक्षा से मिली मुक्ति,2016 से अब तक 1.12 लाख से अधिक प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना स्वीकृत


जशपुरनगर, 05 दिसंबर 2025/ खपरे की छत, बारिश में टपकता पानी, सर्प-बिच्छुओं का खतरा और आर्थिक तंगी इन समस्याओं के बीच वर्षों तक ग्रामीण परिवार पक्के आवास का सपना संजोए बैठे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गरीबों को सुरक्षित और पक्का आवास प्रदान करने के संकल्प के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना लागू हुई, जिसने देशभर के लाखों परिवारों के जीवन में स्थायी परिवर्तन लाया है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस योजना को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अपने प्रथम कैबिनेट में ही 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों को मंजूरी प्रदान की थी। जिसका क्रिनावयन तेजी से प्रदेश में किया जा रहा है। 

*प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का तेजी से हो रहा क्रियान्वयन*

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर रायपुर से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली 13,000 हितग्राहियों को नए घरों का महागृह प्रवेश कराया। यह उन परिवारों के लिए वर्षों पुराने सपने के पूरे होने जैसा क्षण था, जो लगातार कच्चे मकान की दिक्कतों से जूझ रहे थे। जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत 2016 से वित्तीय वर्ष 2025- 26 तक 1,12,506 आवास स्वीकृत हुए, जिनमें से 82,881 मकान पूर्ण हो चुके हैं। इसी तरह वर्ष 2024 से वित्तीय वर्ष 2025- 26 तक स्वीकृत 50,722 आवासों में से 23,970 का निर्माण पूरा हो गया है। पीएम जनमन योजना के अंतर्गत 2,038 आवास स्वीकृत हुए, जिनमें से 984 मकान पूर्ण कर लिए गए हैं।

*गरीबों को सपना हो रहा सच, मिल रहा पक्का आवास*

जिले में निवासरत हजारों गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत पक्का मकान प्रदान किया गया है, जिससे वे सम्मानपूर्वक  और सुरिक्षत जीवन जी रहे हैं, इनमें से मनोरा विकासखंड के ग्राम बुमतेल के श्री लखन उरांव वर्षों तक कच्चे मकान में रहते थे। बरसात में छत से पानी टपकना, तेज हवा-ठंड में बच्चों को सुरक्षित रखना और बार-बार मरम्मत करवाना उनकी रोजमर्रा की समस्या थी। प्रधानमंत्री आवास योजना से मिला पक्का घर उनके लिए राहत की सांस लेकर आया। समय पर निर्माण पूरा होने के बाद आज उनका परिवार सुरक्षित, स्थायी और सम्मानजनक घर में रह रहा है। इसी तरह ग्राम बाधरकोना के श्री मणिभूषण मिंज बताते हैं कि पक्का मकान मिलने से उनका जीवन पूरी तरह बदल गया। बरसात में दीवारें गीली होने का डर, छत से पानी टपकना और सांप-बिच्छुओं से खतरा अब नहीं रहा। अब उनका परिवार नए घर में सुरक्षित और खुशहाल जीवन जी रहा है। 
    पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाली विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं। कड़ाके की ठंड और विषैले जीवों के खतरे के बीच कच्चे घरों में रहना बेहद कठिन था। पक्का आवास मिलने के बाद इन परिवारों ने पहली बार सुरक्षित और स्थायी जीवन का अनुभव किया है। इनमें से बगीचा विकासखंड के ग्राम पंड्रापाठ के श्री पहारु राम को पीएम जनमन योजना के अंतर्गत आवास स्वीकृत हुआ। समय पर राशि और सामग्री मिलने से उनका घर शीघ्र तैयार हो गया। श्री पहारु राम कहते है यह घर हमारे लिए जीवन की सबसे बड़ी खुशी है। अब मेरा परिवार मौसम की मार से सुरक्षित है। यह सिर्फ मकान नहीं, सुरक्षा और सम्मान की नई पहचान है।

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मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय शासन की योजनाओं का लाभ जनता तक पहुचाने का कर रहा प्रयास,दिव्यांग नंदलाल और विनीत को प्रदान किया गया ट्राई सायकल,मुख्यमंत्री को जताया आभार

जशपुरनगर, 05 दिसंबर 2025/ मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय शासन की योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचाने के साथ-साथ असहाय, पीड़ित और जरूरतमंद व्यक्तियों को हरसंभव सहायता प्रदान करने के संकल्प के साथ निरंतर सक्रिय है ताकि, समाज के हर वर्ग को न्याय, राहत और विकास का लाभ मिल सके।
      इसी क्रम में आज ग्राम पाकरगांव, तहसील पत्थलगांव के दो दिव्यांगजन श्री नंदलाल और श्री विनीत राम अपनी शारीरिक असमर्थता से जुड़ी परेशानियां लेकर कैंप कार्यालय पहुंचे। दोनों ने आवेदन देकर बताया कि चलने-फिरने में असमर्थ होने के कारण उन्हें अत्यंत कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा हैं। साथ ही उन्होंने ट्राई सायकल प्रदान करने की मांग की।
     कैंप कार्यालय ने उनके प्रति संवेदना प्रकट करते हुए तत्परता से उनके लिए ट्राई सायकल उपलब्ध कराई। ट्राई सायकल प्राप्त कर दोनों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब तक उन्हें अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब वे अपने कई काम स्वयं कर सकेंगे। दोनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहायता उनके लिए आत्मनिर्भरता और सम्मान के नए अवसर लेकर आई है।

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फसलों और अवसरों का समृद्ध भंडार है जशपुर,खाद्य प्रसंस्करण हब बनाने की ओर जशपुर: निफ्टेम कुंडली का सतत् प्रयास

जश्सपुरनगर 05 दिसंबर 2025/ राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता और प्रबंधन संस्थान कुंडली हरियाणा की 18 यूजी व पीजी छात्रों और 2 संकाय सदस्यों की टीम ने अपने प्रतिष्ठित ग्राम अंगीकारण कार्यक्रम के तहत 19 से 27 नवंबर 2025 तक लगातार तीसरे वर्ष जशपुर का दौरा किया।
                निफ्टेम ने 2023 में जशपुर जिला प्रशासन के निर्देशानुसार कृषि, बागवानी और वन उत्पादों विशेषकर महुआ के खाद्य प्रसंस्करण एवं मूल्यवर्धन को बढ़ावा देने की दिशा में अपनी गतिविधियाँ प्रारम्भ की थीं।
        
टीम ने समूह, एफ़ पी ओ और खाद्य प्रसंस्करण हितधारकों से मिलकर गुणवत्ता, सुरक्षा, विनियमन और उद्यमिता से संबंधित जानकारी साझा की।

*2025 : जशपुर में खाद्य प्रसंस्करण प्रशिक्षण की आधारशिला मजबूत हुई वर्तमान वर्ष में टीम ने कुशल मानव संसाधन तैयार करने हेतु विविध प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए। कुंकुरी स्थित कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर एंड रिसर्च स्टेशन में एक फूड प्रोसेसिंग ट्रेनिंग एवं इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित किया गया, जहां युवाओं को मोटे अनाज आधारित बेकरी उत्पादों के निर्माण का प्रशिक्षण दिया गया। वीअपी टीम द्वारा स्व सहायता समूह एवं एफ पी ओ सदस्यों तथा युवाओं के लिए मोटे अनाज से मूल्यवर्धित उत्पादों पर तीन व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए। इसके अतिरिक्त, सुजी आधारित पास्ता निर्माण, पैकेजिंग, लेबलिंग, ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग पर आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। कुल 96 प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया, जिनमें 65 प्रतिशत महिलाएँ सम्मिलित रहीं।

*जशपुर : फसलों और अवसरों का समृद्ध भंडार*
         जशपुर की जलवायु एवं भौगोलिक विविधता में अच्छी फसलों का उत्पादन होता है।

जहां धान, कोदो-कुटकी, रागी, सेब, नाशपाती, स्ट्रॉबेरी, काजू, कटहल, अदरक, हल्दी, नींबू, चाय और महुआ जैसी फसलों के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाती है। खाद्य प्रसंस्करण के माध्यम से इन अतिरिक्त उत्पादों को दीर्घ शेल्फ लाइफ, सुरक्षित प्रसंस्करण, और मूल्यवर्धित खाद्य उत्पादों—जैसे स्नैक्स, नाश्ते के अनाज, एनर्जी बार और रेडी-टू-ईट/कुक उत्पाद—में बदला जा सकता है।

 जिला प्रशासन द्वारा सभी ब्लॉकों में खाद्य प्रसंस्करण अवसंरचना के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। निफ्टेम का वी ए पी कार्यक्रम ग्रामीण समुदायों को तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण और उद्यमिता विकास प्रदान कर इस प्रयास को सशक्त बना रहा है।

*महुआ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस : निफ्टेम टीम द्वारा सराहना*
        अपने दौरे के दौरान निफ्टेम टीम ने महुआ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का भी दौरा किया, जहाँ महुआ फूल से तैयार किए गए विभिन्न नवाचारपूर्ण मूल्यवर्धित उत्पादों  जैसे महुआ चवनप्राश,महुआ टी, महुआ आधारित स्नैक्स तथा अन्य प्रयोगात्मक खाद्य उत्पाद  के विकास कार्य को विस्तार से समझा।
        टीम ने उत्पादों की गुणवत्ता, संगत प्रसंस्करण विधि, पैकेजिंग की स्वच्छता एवं प्रस्तुति तथा महुआ के आधुनिक फूड-ग्रेड उपयोग की विशेष रूप से सराहना की। महुआ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जिला प्रशासन जशपुर द्वारा प्रारम्भ किया गया एक छोटा लेकिन महत्त्वपूर्ण प्रसंस्करण केंद्र है, जिसे वर्तमान में जय जंगल द्वारा संचालित किया जा रहा है। यह केंद्र जिले में कोदो, कुटकी, रागी और महुआ के प्रसंस्करण एवं मूल्यवर्धन में सक्रिय भूमिका निभा रहा है और स्थानीय महिला समूहों के लिए वास्तविक कौशल एवं आय-वृद्धि का केंद्र बन चुका है।
           वी ए पी कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे प्रो. प्रसन्ना कुमार ने जशपुर की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया उन्होंने जिला कलेक्टर श्री रोहित व्यास, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, एनआर ए एल एम मिशन मैनेजर श्री विजय शरण प्रसाद, तथा जय जंगल एफपी सी के निदेशक श्री समर्थ जैन के योगदान को रेखांकित किया।
निफ्टेम निदेशक डॉ. हरिंदर सिंह ओबेरॉय ने वी ए पी को छत्तीसगढ़ में उभरते खाद्य प्रसंस्करण पारिस्थितिकी तंत्र का आधार बताते हुए इसकी गतिविधियों को और अधिक क्षेत्रों तक विस्तार देने की आवश्यकता पर बल दिया।
        
 इस समग्र विश्लेषण के आधार पर तैयार की गई विस्तृत “जशपुर खाद्य प्रसंस्करण विकास रिपोर्ट” आज जिला प्रशासन को औपचारिक रूप से प्रस्तुत की गई।

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जल संसाधन विभाग की अमीन भर्ती परीक्षा 7 दिसंबर को,अभ्यर्थियों को 2 घंटे पहले पहुंचना होगा केंद्र

जशपुरनगर 05 दिसम्बर 2025/ व्यापम द्वारा जल संसाधन विभाग अंतर्गत अमीन भर्ती परीक्षा 2025 का आयोजन 07 दिसम्बर 2025 को राज्य के 16 जिलों में किया जा रहा है। इस परीक्षा में लगभग 2 लाख 30 हजार अभ्यर्थी शामिल होंगे। यद्यपि परीक्षा का आयोजन 16 जिलों तक सीमित है, किन्तु इसमें राज्य के सभी 33 जिलों के अभ्यर्थी सम्मिलित हो रहे हैं। जशपुर जिले के 12 निर्धारित परीक्षा केंद्रों में 4717 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। अभ्यर्थियों की सुविधा एवं परीक्षा संचालन की सुचारु व्यवस्था के लिए व्यापम द्वारा आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए है। परीक्षा के लिए जारी निर्देशों के अनुसार अभ्यर्थियों को परीक्षा से एक दिन पूर्व अपने आवंटित परीक्षा केंद्र का अवलोकन अवश्य कर लेना चाहिए, ताकि परीक्षा दिवस पर किसी प्रकार की असुविधा न हो। अभ्यर्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने से कम से कम दो घंटे पूर्व परीक्षा केंद्र में उपस्थित होना अनिवार्य किया गया है, जिससे उनकी सुरक्षा जांच (फ्रिस्किंग) एवं फोटोयुक्त मूल पहचान-पत्र से सत्यापन में कोई बाधा न आए। परीक्षा प्रारंभ होने के तीस मिनट पूर्व परीक्षा केंद्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा, अतः अभ्यर्थियों को यह ध्यान रखना होगा कि परीक्षा प्रातः 12 बजे आरंभ होने के कारण केंद्र का मुख्य द्वार प्रातः 11:30 बजे बंद हो जाएगा।

     वस्त्र संबंधी निर्देशों के अनुसार अभ्यर्थियों को हल्के रंग के आधी बाँह वाले कपड़े पहनकर परीक्षा में उपस्थित होना है। काले, गहरे नीले, गहरे हरे, जामुनी, मैरून, बैंगनी अथवा गहरे चॉकलेटी रंग के वस्त्र पहनना वर्जित रहेगा। केवल साधारण बिना पॉकेट वाला स्वेटर पहनने की अनुमति होगी, जिसे सुरक्षा जांच के दौरान उतारकर जांच करवानी होगी। धार्मिक अथवा सांस्कृतिक पोशाक धारण करने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में सामान्य समय से अधिक पहले पहुंचना होगा, क्योंकि उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा जांच से गुजरने के बाद ही परीक्षा में प्रवेश दिया जाएगा। परीक्षा केंद्र में अभ्यर्थियों के लिए फुटवियर के रूप में केवल चप्पल पहनने की अनुमति होगी, जबकि कान में किसी भी प्रकार के आभूषण पहनना पूर्णतः प्रतिबंधित है। परीक्षा कक्ष में संचार उपकरण, किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक घड़ी, पर्स, पाउच, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी आदि ले जाना भी पूरी तरह से वर्जित रहेगा। परीक्षा के दौरान किसी भी अनुचित साधन का प्रयोग पाए जाने पर संबंधित अभ्यर्थी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी तथा उनकी अभ्यर्थिता समाप्त कर दी जाएगी। अभ्यर्थियों को केवल काले या नीले बॉल-पॉइंट पेन ही साथ लाने की अनुमति होगी।

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छत्तीसगढ़ विधान सभा सत्र 14 से 17 दिसम्बर 2025 तक  अधिकारी और कर्मचारी बिना  अवकाश स्वीकृति के अवकाश में जाने पर होगी कार्यवाही

जशपुरनगर 05 दिसम्बर 2025/ छत्तीसगढ़ विधान सभा की षष्ठम् विधानसभा का सप्तम सत्र 14 से प्रारंभ होकर 17 दिसम्बर 2025 तक आहूत है। कलेक्टर श्री रोहित व्यासा ने विधान सभा से संबंधित प्राप्त पत्रों पर त्वारित कार्यवाही करने हेतु नोडल और सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं। इनमें डिप्टी कलेक्टर श्री प्रशांत कुशवाहा को नोडल अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर श्री हरिओम द्विवेदी को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
         इसके साथ ही कलेक्टर श्री व्यास ने उक्त अवधि में प्राप्त होने वाले तारांकित और अतारांकित विधान सभा प्रश्नों, स्थगन, शून्यकाल, आश्वासनो, ध्यानाकर्षण, अशासकीय संकल्प, याचिका आदि तथा लोक लेखा समिति से संबंधित पत्राचार व जानकारी निर्धारित समयावधि में त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अधिकारियों-कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। जिसके अनुसार जिले के समस्त विभागों में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारी विधान सभा सत्र के दौरान सक्षम प्राधिकारी की पूर्वानुमति के बिना न ही अवकाश पर रहेंगे और न ही मुख्यालय त्यागेंगे। बिना अवकाश स्वीकृति के अवकाश में प्रस्थान करने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी सहित उनके कार्यालय प्रमुख दिम्मेदार रहेंगे।

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जशपुर जिले में शतरंज प्रतियोगिता हुई शुरू,पहले चरण में 189 विद्यालयों के 3150 विद्यार्थी हुए शामिल

जशपुर 5 दिसंबर 25/ छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के तहत कलेक्टर रोहित व्यास और सीईओ अभिषेक कुमार के निर्देश पर विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता बढ़ाने, खेल भावनाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जिले के हाई और हायर सेकंडरी विद्यालयों में दो दिवसीय शतरंज प्रतियोगिता आयोजित हुई। 

शतरंज के खेल को बढ़ावा देने के लिए कलेक्टर रोहित व्यास के द्वारा प्रारंभ की गई चेकमेट एट जशपुर कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में यह प्रतियोगिता आयोजित हो रही है।
जशपुर एसडीएम विश्वासराव मस्के  जिले के आयोजन समिति के अध्यक्ष के मार्गदर्शन में चल रही यह प्रतियोगिता सभी शासकीय, अशासकीय एवं अनुदान प्राप्त हाई तथा हायर सेकेंडरी विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए आयोजित हो रही है। प्रतियोगिता तीन चरणों में विद्यालय स्तर, विकासखंड स्तर और जिला स्तर पर आयोजित होनी है।‌

विद्यालय स्तर पर 4 दिसंबर से प्रारंभ हुई प्रतियोगिता में दो दिनों में 189 विद्यालयों के 3150 विद्यार्थी सम्मिलित हुए। इन नॉकआउट प्रतियोगिताओं का फाइनल मैच सभी विद्यालयों में आज खेला गया। विजेता और उपविजेता खिलाड़ियों को विद्यालय में पुरस्कृत भी किया जाएगा। अगले चरण में विद्यार्थी विकासखंड स्तर पर जमुकाबला करेंगे, जजविकासखंड स्तरीय शतरंज जप्रतियोगिता 6 जदिसंबर से आयोजित होगी। विकासखंड स्तर पर विजेता, उपविजेता और क्वार्टर फाइनल खेलने वाले विद्यार्थी 10 दिसंबर को  जिला स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे। 

पत्थलगांव एसडीएम ऋतुराज सिंह बिसेन जिला स्तरीय  प्रतियोगिता पथलगाँव के आयोजन समिति के अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं। इनके मार्गदर्शन में 10 दिसंबर को पत्थलगांव में भव्य रूप से जिला स्तरीय प्रतियोगिता आयोजित होनी है। इस प्रतियोगिता में विजयी होने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कृत भी किया जाएगा l

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टूरिस्ट गाइड का गहन प्रशिक्षण लेकर लौटे छत्तीसगढ़ के युवा, मुख्यमंत्री और पर्यटन मंत्री ने दी बधाई और शुभकामनाएँ

रायपुर, 05दिसम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की विशेष पहल पर छत्तीसगढ़ राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देनेे के लगातार प्रयास किए जा रहे है। छत्तीसगढ़ की नैसर्गिक सुन्दरता और यहां के पर्यटन स्थलों को देखने के लिए देश-दुनिया के लोग छत्तीसगढ़ आये, इसे लेकर देश के विभिन्न हिस्सों विशेषकर महानगरों में छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों की जानकारी देने के लिए प्रदर्शनी एवं कार्यशालाएं भी आयोजित की जा रही है। इन सभी प्रयासों का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को पर्यटन को वैश्विक मानचित्र पर लाना है।

मुख्यमंत्री श्री साय की पहल पर छत्तीसगढ़ में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है और इसके लिए नई औद्योगिक पॉलिसी में कई रियायतों का प्रावधान भी किया गया है। होम-स्टे पॉलिसी बनायी गई है ताकि छत्तीसगढ़ बस्तर और सरगुजा अंचल में पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। छत्तीसगढ़ सरकार ने इन्हीं प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए राज्य के युवाओं विशेषकर बस्तर अंचल के युवाओं को पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार का अवसर उपलब्ध कराने के लिए टूरिस्ट गाइड प्रशिक्षण की अभिनव पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री के मंशानुरूप 45 युवाओं की टीम को छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के सहयोग से भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंध संस्थान (आईआईटीटीएम) ग्वालियर में टूरिस्ट गाइड के प्रशिक्षण के लिए भेजा गया था। युवाओं का यह दल वहां से एक माह का विशेष प्रशिक्षण हासिल कर छत्तीसगढ़ लौटा आया है। इन युवाओं को छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों में गाइड के तौर पर तैनात किया जाएगा। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने टूरिस्ट गाइड का सफल प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य की प्राकृतिक सुन्दरता, यहां की हरी-भरी वादियां और मनोरम पर्यटन स्थल छत्तीसगढ़ को पर्यटन हब का स्वरूप देने में सक्षम हैं। पर्यटन के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में असीम संभावनाएं विद्यमान है, इससे रोजगार और व्यवसाय के नये द्वार खुलेंगे। उन्होंने प्रशिक्षित युवाओं से अपील की कि वे छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों और सुविधाओं के बारे में पर्यटकों को विशेष रूप से बताएं, ताकि पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो। इससे राज्य में पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा।

यहां यह उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा 7 वर्षों के अंतराल के बाद टूरिस्ट गाइड प्रशिक्षण का यह विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें अधिकांश युवा बस्तर संभाग के रहने वाले हैं। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को पर्यटक मार्गदर्शन, संप्रेषण कौशल, सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन प्रबंधन तथा फील्ड का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया, जिससे वे छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहर को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर सकें। प्रशिक्षित युवा छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक पर्यटन स्थलों का बेहतर प्रचार-प्रसार कर प्रदेश के पर्यटन उद्योग को ऊंचाइयों पर ले जाने में अहम रोल अदा करेंगे।

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सफलता के लिए निरंतर सीखना, कौशल निखारना और आत्मविकास अनिवार्य - पूर्व राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद

संयम, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ जीवन में आगे बढ़े युवा: राज्यपाल श्री डेका

अनुशासन, नवाचार और अपनी संस्कृति से जुड़ाव - यही है सफल भविष्य की कुंजी: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

रायपुर, 4 दिसम्बर 2025/अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के छठवें दीक्षांत समारोह का आयोजन आज पूर्व राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद के मुख्य आतिथ्य में गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल श्री रमेन डेका ने की। अति विशिष्ट अतिथि के तौर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, विशिष्ट अतिथि उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव तथा उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा शामिल हुए। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य डॉ. दिवाकर नाथ वाजपेयी उपस्थित रहे। समारोह में 64 शोद्यार्थियों को शोध उपाधि, 92 गोल्ड मेडल एवं 36950 स्नातक एवं स्नातकोत्तर उपाधि दी गई।   

विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि पूर्व राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने स्नातक छात्रों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ दीं और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने युवा पीढ़ी की ऊर्जा और आत्मविश्वास की सराहना करते हुए कहा कि भारत आज दुनिया की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में अग्रणी है और वर्तमान युवा इसका ऐतिहासिक साक्षी और भागीदार हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय से स्नातक होना शिक्षा की पूर्णता नहीं है, बल्कि इक्कीसवीं सदी में सफलता के लिए निरंतर सीखना, कौशल निखारना और आत्मविकास अनिवार्य है।

पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि देश के विश्वविद्यालयों में बेटियाँ शिक्षा के क्षेत्र में कई बार बेटों से आगे निकल रही हैं और इस विश्वविद्यालय के स्वर्ण पदक विजेताओं में भी बेटियों की संख्या उल्लेखनीय है। उन्होंने विद्यार्थियों, विशेषकर पदक विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि उनकी यह उपलब्धि केवल उनकी मेहनत का परिणाम नहीं है, बल्कि इसके पीछे माता-पिता का त्याग, परिवार का सहयोग और गुरुओं का अमूल्य मार्गदर्शन भी निहित है। यह हर विद्यार्थी के लिए एक सुनहरा यादगार पल है, जिसे वे जीवनभर याद रखेंगे। उन्होंने कहा कि-“कभी यह मत सोचिए कि आप पीछे रह गए हैं। यदि आप प्रयास करना नहीं छोड़ते, तो आप हमेशा पहले स्थान पर हो सकते हैं।” उन्होंने छात्रों से अपने सपनों को साकार करने के लिए परिश्रम करने, भारतीय संस्कृति, मूल्यों और जड़ों से जुड़े रहने और योग व विज्ञान जैसी भारतीय विरासत को अपनाने का आह्वान किया। 

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि जीवन में अनेक चुनौतियाँ आती हैं, जिनमें कभी-कभी हम गिरते भी हैं, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण यह है कि हर बार स्वयं को संभालकर फिर से खड़ा होना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में गिरावट से भयभीत न हों और हमेशा उठने का साहस रखें। राज्यपाल ने अनुशासन को जीवन में सफलता की मजबूत नींव बताते हुए कहा कि जीवन एक सुंदर यात्रा है, और इसे उद्देश्यपूर्ण, सकारात्मक और सार्थक ढंग से जीना प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर ध्यान आकर्षित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि आज तनाव एक बड़ी चुनौती बन चुका है। इसलिए योग, ध्यान और नियमित शारीरिक गतिविधि को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से यह भी आग्रह किया कि वे जीवन में ऐसा कार्य चुनें जिसमें तनाव कम हो, पारदर्शिता हो और जिससे स्वयं, समाज और राष्ट्र का सकारात्मक परिवर्तन संभव हो। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि  सफलता केवल डिग्री से नहीं, बल्कि सीखने की निरंतर इच्छा से तय होती है। दुनिया तेजी से बदल रही है, और जो युवा अपनी संस्कृति की जड़ों से जुड़े रहते हुए तकनीक, नवाचार और मेहनत का मार्ग चुनते हैं, वहीं कल का भारत गढ़ेंगे। जीवन में अवसर हमेशा बाहर नहीं मिलते, कई बार हमें स्वयं अवसर बनाना होता है। अनुशासन, लगन और सकारात्मक दृष्टि ही वह शक्ति है, जो हर साधारण क्षण को असाधारण उपलब्धि में बदल देती है। उन्होंने कहा कि मैं विश्वास के साथ कह सकता हूँ कि यह पीढ़ी छत्तीसगढ़ को और पूरे देश को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह समारोह केवल औपचारिक आयोजन नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के सपनों, संकल्पों और संघर्षों का उत्सव है। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप बहुविषयक अध्ययन, कौशल आधारित शिक्षण, चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम, अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट और आधुनिक पाठ्यचर्या जैसी व्यवस्थाओं को लागू करने की सराहना की, जिससे छात्र वैश्विक अवसरों का लाभ उठा सकें। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि विवि में डिजिटलईजेशन के माध्यम से विश्वविद्यालय द्वारा प्रवेश प्रक्रिया, परीक्षा फॉर्म, ट्रांसक्रिप्ट और डिग्री प्रमाणपत्र जैसी सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराया गया है। इस नई प्रणाली से छात्रों को सरल, पारदर्शी और त्वरित सेवाएँ मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि पीएम उषा कार्यक्रम के तहत वित्तीय सहायता नए प्रयोगशालाओं, स्मार्ट कक्षाओं, डिजिटल लाइब्रेरी और आधुनिक अकादमिक अवसंरचना के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगी इससे विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा में गुणवत्ता और नवाचार को सुनिश्चित कर सकेगा। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालयों को राज्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कृषि विज्ञान, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक संरचना, भाषा-साहित्य और तकनीकी नवाचार जैसे क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शोध को प्रोत्साहित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों को ज्ञान, अनुशासन और प्रेरणा का एक उत्सव प्रदान किया और अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय की उच्च शिक्षा में गुणवत्ता और नवाचार की प्रतिबद्धता को उजागर किया।

 उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी के मार्गदर्शन में बने इस राज्य ने शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि दीक्षांत समारोह छात्रों के परिश्रम, संघर्ष और लगन का सम्मान है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है तथा 20 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है, जिससे शैक्षणिक अधोसंरचना और अधिक मजबूत होगी। अतिथियों ने विश्वविद्यालय की त्रैमासिक पत्रिका कन्हार का भी विमोचन किया। कार्यक्रम में स्वागत भाषण विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य डॉ. अरूण दिवाकर नाथ वाजपेयी ने दिया। 

कार्यक्रम में विधायक सर्वश्री श्री अमर अग्रवाल, धर्मजीत सिंह, धरमलाल कौशिक, सुशांत शुक्ला, अटल श्रीवास्तव, दिलीप लहरिया, क्रेडा के अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र सवन्नी, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, कुलसचिव डॉ. तारणीश गौतम सहित विश्वविद्यालय के प्राध्यापक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद थे।

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रायगढ़ : शीतलहर से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी,ऐसा करें बचाव....

रायगढ़, 4 दिसम्बर 2025/ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.अनिल कुमार जगत ने शीत लहर से बचाव के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश और एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने बताया कि शीतलहर दिसम्बर और जनवरी में घटित होती है। जिसके चलते सर्द हवाओं के कारण स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। उन्होंने बताया कि शीतलहर का नकारात्मक प्रभाव बुजुर्गाे और 5 वर्ष के छोटे बच्चों पर अधिक होता है। इसके अतिरिक्त दिव्यांगजनों, बेघर व्यक्तियों, दीर्घकालिक बीमारियों से पीड़ित रोगियों, खुले क्षेत्र में व्यवसाय करने वाले छोटे व्यवसायियों के लिए भी शीत लहर के दौरान विशेष सतर्कता बरतना आवश्यक है।

*शीतलहर की स्थिति में क्या करें, क्या न करें* 
जितना संभव हो घर के अंदर ही रहें, अति आवश्यक कार्य होने पर बाहर निकलें। शीतलहर से बचाव हेतु टोपी और मफलर का भी उपयोग किया जा सकता है अथवा सिर व कान ढंककर रखें। मौसम से संबंधित समाचार व आपातकाल के संबंध में जारी समाचारों को ध्यान से सुने। यदि बिजली का प्रवाह अवरूद्ध होता है ऐसी स्थिति में फ्रीज में खाने के सामान को 48 घंटों से अधिक न रखें। यह भी सुनिश्चित करें कि पॉवर सप्लाई आपातकाल में भी रहे। ऐसे आवास का उपयोग करें जहां तापमान सही रहता हो, आवश्यकतानुसार गर्म पेय पीते रहें। वृद्ध व्यक्तियों का ध्यान रखें तथा उनको अकेला न छोड़ें। स्वास्थ्यवर्धक खाने का उपयोग करें। यदि सर्दी से संबंधित कोई प्रभाव शरीर पर दिखाई दें-जैसे नाक कान लाल हो, पैर हाथ की उंगलियां भी लाल हो तो तत्काल स्थानीय चिकित्सक से परामर्श लें। असामान्य तापमान की स्थिति, अत्यधिक कांपना, सुस्ती, कमजोरी, सांस लेने में परेशानी हो, तो ऐसी स्थिति में तत्काल स्थानीय चिकित्सक से परामर्श लें।

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वाटरशेड महोत्सव में जल संरक्षण का संकल्प-टेरम में विविध कार्यक्रमों का हुआ आयोजन

रायगढ़, 4 दिसम्बर 2025/ प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना पीएमकेएसवाई/डब्ल्यूडीसी 2.0 अंतर्गत विकासखंड घरघोड़ा के माइक्रो वाटरशेड कमेटी टेरम में वाटरशेड महोत्सव का आयोजन किया गया। जिसमेें जल संरक्षण और पर्यावरण सुधार से जुड़े अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिनमें प्रभात फेरी, श्रमदान, तालाब सफाई, पौधरोपण, एनआरएम घटक अंतर्गत निर्मित कुआं (ओपन वेल) एवं तालाब गहरीकरण कार्य का लोकार्पण प्रमुख रहे। साथ ही पानी की पाठशाला, महिला स्व-सहायता समूह बैठक तथा कृषक संगोष्ठी भी आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ जनपद पंचायत सदस्य श्रीमती बरत कुमारी चौहान एवं ग्राम पंचायत टेरम के सरपंच तथा माइक्रो वाटरशेड कमेटी के अध्यक्ष श्री प्रदीप राठिया द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।
  कार्यक्रम मे डब्ल्यू.डी.टी. के श्री किशोर कुमार नायक ने जल संरक्षण पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि पानी बचाने के लिए जन आंदोलन नहीं, जल आंदोलन की आवश्यकता है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को पेयजल संकट का सामना न करना पड़े। भूतपूर्व जलग्रहण क्षेत्र अध्यक्ष श्री गजानन ठाकुर ने जल-जंगल-जमीन बचाने के महत्व पर विस्तृत उद्बोधन दिया। ग्राम पंचायत टेरम के सरपंच एवं कमेटी अध्यक्ष श्री प्रदीप राठिया ने क्षेत्र में जल संबंधी समस्याओं, भूमिगत जलस्तर में गिरावट और गर्मियों में पेयजल संकट पर चर्चा की। उन्होंने किसानों को फसल चक्र परिवर्तन अपनाने तथा ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर दलहनी फसलों की खेती हेतु प्रेरित किया। डब्ल्यू.डी.टी. के श्री ललित कुमार दीवान ने एनआरएम घटक के अंतर्गत निर्मित संरचनाओं, चेक डैम के रख-रखाव और जल उपयोग के वैज्ञानिक तरीकों पर कृषकों को विस्तृत मार्गदर्शन दिया।
   कार्यक्रम में परियोजना अधिकारी श्री सुरेंद्र सिंह पटेल, परियोजना नोडल श्री जे.आर. कोलियारा, डब्ल्यू.डी.टी. टीम के सदस्य श्री किशोर कुमार नायक, श्री ललित दीवान, श्री लोकेश वर्मा, श्री निलेश देशमुख, समस्त 12 माइक्रो वाटरशेड कमेटियों के सचिव, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं, उपयोगकर्ता दल और बड़ी संख्या में कृषक एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना: शिरडी, शनि सिंघनापुर व त्रयंबकेश्वर की यात्रा के लिए आवेदन 8 दिसम्बर तक

रायगढ़, 4 दिसम्बर 2025/ छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव 2025 के अवसर पर मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत जिले के लिए इस माह का तीर्थ स्थल तय कर दिया गया है। निर्धारित कार्यक्रम अनुसार जिले के 273 चयनित तीर्थ यात्री 20 से 23 दिसम्बर 2025 तक पवित्र तीर्थस्थलों शिरडी, शनि सिंघनापुर एवं त्रयंबकेश्वर के लिए तीर्थ यात्रा करेंगे। यात्रा के लिए आवेदक निर्धारित प्रारूप में आवश्यक दस्तावेजों सहित 8 दिसम्बर, शाम 5 बजे तक समाज कल्याण विभाग में आवेदन जमा कर सकते हैं। 
    समाज कल्याण विभाग के उप संचालक श्री शिवशंकर पांडेय ने बताया कि आवेदकों को निर्धारित आवेदन पत्र के साथ दो पासपोर्ट साइज फोटो, मेडिकल प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, राशन कार्ड एवं मतदाता पहचान पत्र की छायाप्रति संलग्न करना अनिवार्य होगा। योजना का लाभ वरिष्ठ नागरिक, विधवा एवं परित्यक्त महिलाएं तथा छत्तीसगढ़ के निवासी ही प्राप्त कर सकेंगे। निर्धारित संख्या के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र के 75 प्रतिशत तथा नगरीय क्षेत्र के 25 प्रतिशत तीर्थयात्रियों का चयन किया जाएगा। आर्थिक वर्गानुसार 80 प्रतिशत बीपीएल एवं 20 प्रतिशत एपीएल हितग्राहियों का चयन होगा। एपीएल श्रेणी के ऐसे आवेदक स्वीकार्य होंगे जो आयकर दाता न हों एवं जिन्होंने पूर्व में इस योजना का लाभ न लिया हो। वर्तमान या भूतपूर्व शासकीय सेवक तथा गंभीर संक्रामक रोग से पीड़ित व्यक्ति योजना के पात्र नहीं होंगे।

*वरिष्ठ नागरिकों एवं दंपत्ति हेतु विशेष प्रावधान*

 65 वर्ष से अधिक आयु वाले ऐसे आवेदक, जिन्होंने अकेले यात्रा के लिए आवेदन किया है, अपने साथ 21 से 50 वर्ष आयु का एक सहायक ले जा सकेंगे। यदि पति-पत्नी में से किसी एक का चयन होता है, तो जीवन साथी की आयु 60 वर्ष से कम होने पर भी वह उसके साथ यात्रा कर सकेगा, बशर्ते दोनों के आवेदन एक साथ जमा किए गए हों। सहायक या जीवन साथी के साथ यात्रा करने की इच्छा आवेदन में स्पष्ट रूप से दर्शाना आवश्यक है।

*प्रतीक्षा सूची एवं चयन संबंधित नियम*

 चयनित आवेदक ही यात्रा पर जा सकेंगे। उनकी जगह अनाधिकृत व्यक्ति यात्रा नहीं कर सकेगा। यदि चयनित व्यक्ति यात्रा पर नहीं जाता है, तो केवल प्रतीक्षा सूची में शामिल अगला पात्र आवेदक ही भेजा जाएगा। चयन उपरांत आवेदक अपनी जगह किसी अन्य व्यक्ति को भेजने का अधिकार नहीं रखेगा।

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रायगढ़ : अवैध धान खपाने की कोशिश में जुटे व्यापारियों और बिचौलियों के मंसूबों पर प्रशासन ने फेरा पानी,23 कोचियों-बिचौलियों से 4583 क्विंटल धान जप्त

रायगढ़, 4 दिसंबर 2025। धान खरीदी प्रणाली को ध्वस्त कर प्रशासन को करोड़ों का नुकसान पहुंचाने की तैयारी कर रहे कोचियों और बिचौलियों पर जिला प्रशासन ने बड़ा शिकंजा कसा है। बीते दो दिनों में रायगढ़, खरसिया, पुसौर, तमनार और धरमजयगढ़ क्षेत्रों में संयुक्त जांच दलों ने अभियान चलाकर 23 कोचियों एवं बिचौलियों से 4583 क्विंटल अवैध धान जप्त किया है। यह जप्त धान 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से 1 करोड़ 47 लाख रुपए से अधिक का है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशन में मैदानी अमले चौबीस घंटे निगरानी कर रहे है। अवैध धान की सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंचकर कार्रवाई कर रही है। प्रशासन की ताबड़तोड़ और सख्त कार्रवाई से अवैध धान खपाने की कोशिश करने वाले व्यापारियों व बिचौलियों का मंसूबा नाकाम हो गया है। जिले में समर्थन मूल्य पर खरीदी व्यवस्था और अधिक पारदर्शी व सुव्यवस्थित होती जा रही है।
         कलेक्टर ने साफ कहा है कि किसी भी उपार्जन केंद्र में अवैध धान खपने नहीं दिया जाएगा। अवैध धान भंडारण और परिवहन में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। वास्तविक किसानों के हितों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 
    
दो दिनों में 23 जगहों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई

अपर कलेक्टर एवं धान खरीदी के नोडल अधिकारी श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो ने बताया कि राजस्व एवं खाद्य विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा दो दिवस के भीतर 23 प्रकरण दर्ज कर भारी मात्रा में अवैध धान जप्त किया गया है। इनमें पत्थलगांवखुर्द के सतीश कुमार गुप्ता के यहां 56 क्विंटल, आलोला की ममता गुप्ता के यहां 29.20 क्विंटल, इंदकाली के मंगल बजारे के यहां 48 क्विंटल, इंदकाली के श्रीधर यादव के यहां 6.80 क्विंटल, कछार (रायगढ़) के इंदर पटेल, के यहां 60 क्विंटल, सरिया मड़वाताल के युगल किशोर के यहां 800 क्विंटल, भेण्ड्रा (तमनार) के ललित चौहान के यहां 296 क्विंटल, सुरी (पुसौर) के मनोहर चौहान के यहां 280 क्विंटल, लोहरसिंह (पुसौर) के धरनीधर पटेल के यहां 220 क्विंटल, कुरमापाली (रायगढ़) के नहर पैकरा के यहां 300 क्विंटल, ठाकुरदिया (खरसिया) के लक्ष्मीनारायण यादव के यहां 220 क्विंटल, देहजरी (खरसिया)के शनिराम डनसेना के यहां 190 क्विंटल, धरमजयगढ़ मुख्यालय में गंगा पटेल के यहां 242 क्विंटल, कुरमापानी (रायगढ़) में देवेंद्र पैकरा के यहां 328 क्विंटल अवैध धान शामिल है।
 
राइस मिलों पर भी कड़ी कार्रवाई, हजारों क्विंटल धान जप्त
 
औचक निरीक्षण में कई राइस मिलों में अवैध धान भंडारित पाया गया। इनमें मां भगवती एवं श्रीराम राइस मिल, धरमजयगढ़ में 400 क्विंटल, गोयल फूड मिल, रायगढ़ में 550 क्विंटल, बालाजी राइस मिल, देहजरी में 160 क्विंटल और सावित्री राइस मिल, खरसिया में 250 क्विंटल शामिल है। सभी मामलों में मंडी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।

अबतक 91 प्रकरण – 17,000 क्विंटल धान जप्त

जिला खाद्य अधिकारी श्री चितरंज सिंह ने बताया कि जिले में अबतक 91 प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिनमें 17 हजार क्विंटल से अधिक धान जप्त, जिसकी कीमत 5 करोड़ रुपए से अधिक है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसानों के हक को छीनने वाले और शासन को धोखा देने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि अवैध धान पर लगाम कसने से उपार्जन केंद्रों में भीड़ कम हुई है।वास्तविक किसान समय पर अपना धान बेच पा रहे है। खरीदी व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनी हुई है। कोचियों-बिचौलियों की पकड़ कमजोर हुई है। जिले में प्रशासनिक मुस्तैदी लगातार प्रभाव दिखा रही है, और खरीदी व्यवस्था को पटरी पर बनाए रखने के लिए अभियान जारी रहेगा।

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