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पत्थलगांव में प्राचार्यों की समीक्षा बैठक, अनुपस्थितों को शो-काज नोटिस जारी करने डीईओ ने दिए निर्देश

बोर्ड परीक्षा परिणाम, पाठ्यक्रम पूर्णता और जेईई-नीट तैयारी पर विशेष चर्चा; कमजोर प्रदर्शन वाले विद्यालयों का निरीक्षण तय

पत्थलगांव। जिले के समस्त अशासकीय और अनुदान प्राप्त हाई एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों के प्राचार्यों की समीक्षा बैठक बुधवार को सरस्वती शिशु मंदिर, पत्थलगांव के सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला शिक्षा अधिकारी पी.के. भटनागर और यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद गुप्ता ने की।

बैठक में बोर्ड परीक्षा परिणाम, पाठ्यक्रम पूर्णता, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, कमजोर परिणाम वाले विद्यालयों की समीक्षा, मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों की तैयारी, जेईई और नीट में आवेदन तथा विद्यालय में अध्यापन से जुड़े विविध पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

जिला शिक्षा अधिकारी पी.के. भटनागर ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि समीक्षा में प्राचार्य स्वयं उपस्थित हों, किसी को प्रतिनिधि भेजना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कार्तिक उरांव स्कूल, मुडापारा के प्राचार्य द्वारा लिपिक को प्रतिनिधि भेजने पर शो-काज नोटिस जारी करने के आदेश दिए। इसके अलावा, अनुपस्थित प्राचार्यों को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश भी दिया गया।साथ ही, जिले के खराब परीक्षा परिणाम वाले होलीक्रास विद्यालय का निरीक्षण करने का जिम्मा विकासखंड शिक्षा अधिकारी पत्थलगांव को सौंपा गया। इन विद्यालयों की प्रगति और सुधार के लिए पुनः समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।

नोडल अधिकारी विनोद गुप्ता ने कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में शत प्रतिशत परिणाम हासिल करने के लक्ष्य के अनुरूप विद्यालयों में अध्यापन और शिक्षण रणनीति पर विशेष चर्चा की। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन तीन विषयों के 90-90 मिनट के कालखंड में ब्लूप्रिंट आधारित विभिन्न अंक के प्रश्नों के अभ्यास पर ध्यान दिया जाएगा।

जिला शिक्षा अधिकारी और नोडल अधिकारी ने संकल्प शिक्षण संस्थान, पत्थलगांव का दौरा कर शिक्षकों से विद्यार्थियों की विषयवार प्रगति और बोर्ड परीक्षा मेरिट की तैयारी की जानकारी ली। उन्होंने जेईई और नीट की तैयारी पर भी विस्तृत चर्चा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जिला शिक्षा अधिकारी और नोडल अधिकारी ने प्राचार्यों को विद्यालय में अनियमितता, कमजोर प्रदर्शन और अध्यापन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए, ताकि आने वाले बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट परिणाम सुनिश्चित किया जा सके।

समीक्षा बैठक में बीईओ वेदानंद आर्य, यशस्वी जशपुर के अवनीश पाण्डेय, एबीईओ नित्यानंद छत्तर और बीआरसीसी जगन्नाथ पाढ़ी सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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शिक्षा स्वास्थ्य स्वच्छता और बाल सुरक्षा में युवाओं की भूमिका: एनएसएस और यूनिसेफ साथ-साथ

कुनकुरी/नारायणपुर: यूनिसेफ और राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में ‘सुरक्षित पारा-सुरक्षित लइकामन 3.0’ ग्राम संपर्क अभियान के तहत शासकीय बाला साहेब देशपांडे महाविद्यालय कुनकुरी के स्वयंसेवकों ने तृतीय दिवस पर ग्राम पंचायत धुमाडांड़ के प्राथमिक विद्यालय डीपाटोली में कार्यक्रम आयोजित किया।

कार्यक्रम की शुरुआत राजकीय गीत के साथ हुई, जिसके बाद बच्चों ने स्वयंसेवकों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इस अभियान का उद्देश्य बच्चों में स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता, नशामुक्ति, गुड टच-बैड टच, बाल अधिकार और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूकता लाना है।

स्वयंसेवकों ने नुक्कड़ नाटक और गीतों के माध्यम से बच्चों को संतुलित आहार, शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य, बाल श्रम के दुष्प्रभाव, शिक्षा का महत्व और नशे के नुकसान के बारे में जानकारी दी।

प्रधान पाठक लव कुमार गुप्ता ने कहा कि बचपन से ही बच्चों को इन विषयों पर जागरूक किया जाए तो उनका भविष्य उज्ज्वल होगा। उन्होंने स्वयंसेवकों के उत्साह, सेवा-भाव और जागरूकता गतिविधियों की सराहना करते हुए उन्हें सफल अभियान के लिए बधाई दी।इस कार्यक्रम में स्कूली बच्चे, शिक्षक और रसोइया भी शामिल हुए।

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रायगढ़ : टीबी रोगियों को मिल रहा समय पर जांच, उपचार और योजनाओं का लाभ,संजय राठिया का हुआ सफल ईलाज, टीबी से मिली मुक्ति

रायगढ़, 8 दिसम्बर 2025/ निक्षय निरामय छत्तीसगढ़ अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले में टीबी रोगियों को समय पर जांच, उपचार और शासन की योजनाओं का लाभ मिल रहा है। इसी कड़ी में विकासखण्ड घरघोड़ा के ग्राम-आमापाली निवासी 28 वर्षीय श्री संजय कुमार राठिया का योजना के तहत सफल इलाज किया गया। इससे उन्हें टीबी जैसे गंभीर बीमारी से मुक्ति मिल गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि उच्च शिक्षा के साथ-साथ छोटा-सा मार्केटिंग कार्य करने वाले संजय राठिया को कुछ समय से लगातार खांसी, शाम के समय बुखार, भूख में कमी, वजन घटना, शरीर में कमजोरी एवं थकान जैसी समस्याएं हो रही थीं। इसी दौरान निक्षय निरामय छत्तीसगढ़ अभियान के तहत गांव में सर्वे कर रही मितानिन द्वारा उन्हें टीबी जांच कराने की सलाह दी गई।
             मितानिन की सलाह पर संजय राठिया ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, घरघोड़ा में जांच कराई, जहां खून जांच, बलगम जांच एवं एक्स-रे के बाद उनके टीबी पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई। तत्पश्चात उनका सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र घरघोड़ा से टीबी उपचार प्रारंभ किया गया। विशेषज्ञों द्वारा उन्हें दवा सेवन की विधि और नियमित फॉलोअप के बारे में पूरी जानकारी दी गई। उपचार के दौरान संजय राठिया को 6 माह तक पूर्णतः निःशुल्क टीबी की दवाएं (डॉट्स पद्धति) उपलब्ध कराई गईं। इसके साथ ही प्रतिमाह पोषण आहार के रूप में फूड बास्केट प्रदान की गई। शासन की निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत 1000 प्रतिमाह की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खाते में जमा की गई। वहीं ट्रायबल एवं पहाड़ी क्षेत्र का मरीज होने के कारण उन्हें 750 रुपए की प्रोत्साहन राशि यात्रा भत्ते के रूप में भी प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त, संक्रमण की रोकथाम हेतु उनके परिवार के सदस्यों को भी टीपीटी (टीबी प्रिवेंशन थैरेपी) दवाएं उपलब्ध कराई गईं। टीबी उपचार पूर्ण होने के बाद 05 सितंबर 2025 को की गई जांच में संजय राठिया की रिपोर्ट टीबी नेगेटिव पाई गई। वर्तमान में वे पूर्णतः स्वस्थ हैं और टीबी उपचार एवं डॉट्स दवा के महत्व को लेकर लोगों को जागरूक करने का भी कार्य कर रहे हैं।

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रायगढ़ : आधार सक्षम बॉयोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली अनिवार्य, कल से सख्ती से होगा पालन समय पर हो उपस्थिति नहीं तो होगी अवैतनिक अवकाश की कार्रवाई

रायगढ़,9 दिसम्बर 2025/ जिला कार्यालय संयुक्त भवन, रायगढ़ में संचालित समस्त कार्यालयों एवं विभागों में पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आधार सक्षम बॉयोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है। यह व्यवस्था 10 दिसंबर 2025 से प्रभावशील होगी।
          कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी निर्धारित कार्यालयीन समय में अनिवार्य रूप से उपस्थिति दर्ज कराएंगे, साथ ही कार्यालयीन समय पश्चात वापसी के समय भी बॉयोमेट्रिक प्रणाली के माध्यम से अपनी उपस्थिति अंकित करना आवश्यक होगा। यदि किसी अधिकारी अथवा कर्मचारी द्वारा उपस्थिति दर्ज नहीं की जाती है तो उस दिन की उपस्थिति अनुपस्थित मानी जाएगी एवं नियमानुसार अवैतनिक अवकाश स्वीकृत किए जाने की कार्रवाई की जाएगी।
          अपर कलेक्टर एवं नोडल अधिकारी श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो ने बताया कि प्रातः 10ः15 बजे तक उपस्थिति दर्ज होना अनिवार्य रहेगा। निर्धारित समय का पालन नहीं करने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने समस्त विभागों एवं कार्यालय प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उक्त निर्देशों से अवगत कराएं तथा आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।

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रायगढ़ : कलेक्टर ने निर्माणाधीन नालंदा परिसर, नवीन मरीन ड्राइव, कया घाट पुल एवं ऑक्सीजोन के प्रगति का लिया जायजा,निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ नहीं किया जाएगा समझौता

*निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ नहीं किया जाएगा समझौता- कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी*

रायगढ़,9 दिसम्बर 2025।  नगर निगम रायगढ़ अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने निर्माणधीन कार्यों एवं स्थलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसियों को सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर एवं उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण करने के निर्देश दिए।  इस अवसर पर आयुक्त नगर निगम श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय उपस्थित रहे।
           कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने सबसे पहले नगर निगम रायगढ़ अंतर्गत निर्माणाधीन नालंदा परिसर का निरीक्षण किया। वहां उन्होंने नगर निगम की तकनीकी टीम एवं निर्माण एजेंसी से कार्य की वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने निर्माणाधीन नालंदा परिसर का सिविल वर्क 30 जून तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसी को कार्य के प्रति पूर्ण गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। इसके बाद कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने नवीन मरीन ड्राइव एवं कया घाट पर प्रस्तावित पुल निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पुल की चौड़ाई बढ़ाने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। नगर निगम आयुक्त श्री क्षत्रिय ने बताया कि कलेक्टर के निर्देशानुसार रिवाइज्ड डिजाइन के साथ पुल निर्माण कार्य किया जाएगा। कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने एफसीआई गोदाम कबीर चौक के समीप बन रहे ऑक्सीजोन का भी निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्य जनसामान्य की सुविधा और शहर के समग्र विकास से जुड़े हैं, इनकी समयबद्ध पूर्णता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी, इंजीनियरिंग स्टाफ तथा संबंधित निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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जरूरतमंद लोगों के लिए किया गया रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में 43 यूनिट रक्तदान 

रायगढ़, 09 दिसम्बर 2025।  स्व.श्री लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध संत बाबा गुरु घासीदास जी स्मृति शासकीय चिकित्सालय रायगढ़ में चर्च ऑफ गॉड वर्ल्ड मिशन सोसाइटी  द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया। जिसमे थीम फसह के प्रेम के द्वारा जीवन देने के लिए  1750वीं विश्व रक्तदान ड्राइव’ का आयोजन किया। जिसमे रायगढ़, रायपुर और अंबिकापुर से सोसाइटी के सदस्यों और नागरिकों ने रक्तदान में भाग लिया। 43 लोगों द्वारा रक्तदान किए गए।  रक्त दान से आपात स्थिति में रक्त की कमी से जूझ रहे मरीजों की जान बचाने में उपयोग किए जा सकेंगे और सिकल सेल एनीमिया, थेलीसिमिया के मरीजों में रक्त की कमी की समस्या को दूर करने में भी बड़ी मदद मिलेगी।

अस्पताल अधीक्षक डॉ एम. के.मिंज ने इस नेक कार्य के लिए प्रशस्ति -पत्र देकर धन्यवाद ज्ञापित किया और उन्होंने कहा  रक्तदान से दुर्घटना ग्रस्त मरीज, असहाय , निर्धन ,अज्ञात,परिजन विहीन,थैलीसीमिया, एनीमिया, सिक्लसेल ,गर्भवती महिलाओं, आईसीयू के गंभीर मरीज और रक्त की कमी से जूझ रहे मरीजों की रक्त की आवश्यकता पूर्ति कर पाते हैं।  डॉ. मिंज ने बताया कि आगामी दिनों में गुरु घासीदास जी की जयंती एवं चिकित्सालय के ब्लड सेंटर के वर्षगांठ के अवसर पर 18 दिसम्बर 2025 से 20 दिसम्बर 2025 तक मेडिकल कॉलेज के चिकित्सालय द्वारा स्वैच्छिक रक्तदान का आयोजन रखा गया है जिसमे  आम नागरिकों सहित कॉलेज के समस्त अधिकारी कर्मचारी से ज्यादा से ज्यादा रक्तदान करने की अपील की गई ।

चर्च ऑफ गॉड रायगढ़ के अध्यक्ष श्री मुकेश कुजूर ने कहा छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, पंजाब, आंध्र प्रदेश, गुजरात आदि विभिन्न राज्यों में भी निरंतर रक्तदान ड्राइव आयोजित करता आ रहा है। हमारा उद्देश्य है कि रक्त की कमी से जूझ रहे मरीज अच्छा स्वास्थ्य प्राप्त करें और सुखमय दैनिक जीवन का आनंद लें।

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कुनकुरी नगर को स्वास्थ्य के क्षेत्र में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने  दिया बड़ा तोहफ़ा,नेचुरोपैथी भवन निर्माण के लिए दी 2 करोड़ 62 लाख रूपये स्वीकृत

रायपुर, 8 दिसंबर 25/ कई प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र, योग केंद्र और वेलनेस हब खुद को नेचुरोपैथी  कहते हैं। जो प्राकृतिक चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान करता है और बापू भवन इसका ऐतिहासिक घर है, जिसे गांधीजी ने अपनाया था। खासकर छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र का उद्देश्य प्राकृतिक उपचार, योग, आहार, मिट्टी स्नान और हर्बल दवाओं के माध्यम से समग्र स्वास्थ्य प्रदान करना है।  जशपुर जिले के कुनकुरी नगर की स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नेचुरोपैथी भवन निर्माण के लिए 2 करोड़ 62 लाख रुपए की मंजूरी प्रदान की है।

          निर्माण कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। भवन तैयार हो जाने के बाद कुनकुरी नगरवासियों को प्राकृतिक चिकित्सा की अत्याधुनिक सुविधा अपने ही नगर में उपलब्ध होगी। यह भवन न सिर्फ लोगों को आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा की ओर प्रोत्साहित करेगा, बल्कि ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को उपचार के लिए बड़ी राहत भी देगा। अब बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर दराज जाने की आवश्यकता नहीं होगी। नगरवासियों ने इस दूरदर्शी निर्णय के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह सुविधा स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नई दिशा और नई उम्मीद लेकर आएगी।

स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई ऊंचाई को छूता जशपुर

         मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले को स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई सौगातें मिल चुकी है। मेडिकल कॉलेज के लिए बड़ा कदम उठातेे हुए वित्त विभाग से 359 करोड़ की सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी है । इसी प्रकार 220 विस्तर अस्पताल के लिए 32 करोड़ की मंजूरी, नर्सिंग महाविद्यालय भवन के 8 करोड़ की मंजूरी, फिजियोथेरेपी महाविद्यालय के 14 करोड़ की मंजूरी, कल्याण आश्रम अत्याधुनिक चिकित्सालय भवन के लिए 35 करोड़ की मंजूरी, ग़िनाबहर में मातृत्व शिशु चिकित्सालय भवन निर्माण के 8 करोड़ की मंजूरी सहित कई सौगातें दी गई है, जो जिले वासियों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए वरदान साबित होंगी।

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नक्सलवाद उन्मूलन में छत्तीसगढ़ ने रचा नया इतिहास:गोलीबारी की भाषा छोड़कर मुख्यधारा से जुड़ना" अब बस्तर में  बन रहा हकीकत : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रायपुर, 13 दिसंबर 2025/
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजनांदगांव में आयोजित  प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के कार्यकाल के दो वर्ष राज्य के इतिहास में निर्णायक मोड़ साबित हुए हैं।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा निर्धारित लक्ष्य—“31 मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद का पूर्ण उन्मूलन”—की दिशा में छत्तीसगढ़ तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है और यह अब अंतिम सांसें गिन रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले दो वर्षों में सुरक्षा बलों ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। 500 से अधिक माओवादी मुठभेड़ों में न्यूट्रलाइज हुए, जबकि 4,000 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण या गिरफ्तारी दी, जो नक्सलवाद के कमजोर पड़ने का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के पराक्रम से बस्तर में दशकों से जमी हिंसा के विरुद्ध निर्णायक बढ़त मिली है।

उन्होंने राज्य सरकार की नई पुनर्वास नीति की भी विस्तृत जानकारी दी। इसके तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 15,000 प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति, 3 वर्षों तक 10,000 रुपये मासिक वित्तीय सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण और रोजगार-संबंधी कार्यक्रम शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि "गोलीबारी की भाषा छोड़कर मुख्यधारा से जुड़ना" अब बस्तर में हकीकत बन रहा है। पंडुम कैफ़े जैसे नवाचार आज सामाजिक परिवर्तन का प्रतीक हैं।

उन्होंने कहा कि बस्तर में तेजी से सुरक्षा कैंप खुलने और प्रशासन की पहुंच बढ़ने के साथ ही 400 से अधिक गाँव पुनः आबाद हो चुके हैं। नियद नेल्ला नार  योजना के माध्यम से इन क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएँ और शिक्षा जैसी बुनियादी सेवाएँ पहुँच रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा—“जहाँ कभी गोलीबारी की आवाज आती थी, आज वहाँ स्कूल की घंटियाँ बज रही हैं। कई गाँवों में वर्षों बाद ध्वजारोहण हुआ, चुनाव में लोग निर्भीक होकर भाग ले रहे हैं और राशन-कार्ड से लेकर मोबाइल नेटवर्क तक की सुविधाएँ अब सुगमता से उपलब्ध हो रही हैं।”

मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर को भविष्य के विकास का बड़ा केंद्र बताते हुए कहा कि कृषि, सिंचाई, वन-उत्पाद, पशुपालन और छोटे उद्योगों के लिए अभूतपूर्व संभावनाएँ बन रही हैं। उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति (2024–30) में नक्सल-प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। वनोपज आधारित वैल्यू एडिशन, प्रसंस्करण और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देकर स्थानीय युवाओं को रोजगार और स्थायी आय से जोड़ा जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिए जाने से बस्तर अब वैश्विक नक्शे पर तेजी से पहचान बना रहा है। कुटुमसर गुफा, झरने, अबूझमाड़ के जंगल और जनजातीय सांस्कृतिक धरोहर विश्व आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। होम-स्टे मॉडल तेजी से फल-फूल रहा है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहा है।

अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद उन्मूलन की यह ऐतिहासिक प्रगति राज्य के शहीद जवानों, सुरक्षा बलों के अथक परिश्रम और जनता के विश्वास की जीत है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री श्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप बस्तर नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास की मुख्यधारा में शामिल होगा।

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विद्यार्थी विज्ञान मंथन का राज्य स्तरीय कैंप 4 जनवरी को, पहली बार भाग लेंगे सरगुजा संभाग के विद्यार्थी

जशपुर 08 दिसम्बर 2025
विद्यार्थी विज्ञान मंथन जो कि भारत की सबसे बड़ी डिजिटल बेस्ड विज्ञान प्रतिभा खोज परीक्षा है के तीसरे चरण में राज्यस्तरीय कैंप के लिए पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय अंबिकापुर के 4 छात्रों का चयन किया गया है। पूरे भारत के साथ साथ अरब देशों में भी आयोजित की जाने वाली इस परीक्षा का मुख्य उद्देश्य छात्रों में विज्ञान को लेकर उत्सुकता उत्पन्न करना और भारत के वैज्ञानिकों के योगदान को विशेष रूप से रेखांकित करना हैं। इस परीक्षा के प्रथम दो चरण ऑनलाइन माध्यम से आयोजित किए गए इस परीक्षा में पूरे प्रदेश के छात्रों ने उत्साह पूर्वक भाग लिया था जिसमें सरगुजा संभाग के विद्यार्थी भी शामिल थे। जशपुर जिले के छात्रों ने विशेष उत्साह दिखाते हुए प्रदेश में सबसे अधिक रजिस्ट्रेशन का रिकॉर्ड कायम किया था। तथा स्टेट लेवल कैंप के लिए भी सात छात्रों ने अपना स्थान सुनिश्चित किया है।विशेष बात यह है कि एक कक्षा से मात्र 25 छात्रों का चयन ही प्रदेश स्तर पर होता है। ये  सभी चयनित विद्यार्थी शासकीय विद्यालयों से है जिन्होंने प्रदेश के बड़े व नामी प्रायवेट स्कूलों के छात्रों से प्रतिस्पर्धा करते हुए अपना स्थान बनाया है इस संदर्भ में जिला प्रशासन ने भी यशस्वी मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी की मंशा अनुरूप जिले में वैज्ञानिक सोच का विस्तार विद्यार्थियों के बीच करने तथा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हेतु अथक प्रयास किए जिसका  परिणाम इस रूप में दृष्टिगोचर हो रहा है। जशपुर के कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने भी छात्रों के लिए रजिस्ट्रेशन हेतु विशेष अभियान चला कर हर संभव सहयोग प्रदान किया था। उसके पश्चात द्वितीय एवं तृतीय चरण में भी बड़ी संख्या में क्वालीफाई करते हुए राज्य स्तर पर 7 छात्रों ने स्थान बनाया है। इस परीक्षा का अगला चरण स्टेट लेवल कैंप आगामी 4 जनवरी को बिलासपुर में आयोजित किया जाएगा। विद्यार्थी विज्ञान मंथन सरगुजा संभाग के कॉर्डिनेटर विवेक पाठक ने भी संभाग के सभी सफल विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी हैं तथा स्टेट के बाद अब राष्ट्रीय स्तर पर भी चयनित होने की आशा व्यक्त की है।
इसी तारतम्य में पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय अंबिकापुर में 8 दिसंबर को एक कार्यक्रम आयोजित कर सभी सफल विद्यार्थियों सान्निध्य गुप्ता( कक्षा 9) आरिन एक्का( कक्षा 11) गगन रजवाड़े ( कक्षा 11) तथा वंदित पैकरा ( कक्षा )
का सम्मान एवं उत्साह वर्धन प्राचार्य श्री राजेश प्रसाद तथा अन्य शिक्षकों द्वारा किया गया।

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राज्य सलाहकार स्वच्छ भारत मिशन ने किया विभिन्न ग्रामों का भ्रमण,सामुदायिक स्वच्छता परिसरों के रख-रखाव एवं स्थिति का लिया जायजा

रायगढ़, 8 दिसम्बर 2025। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत स्वच्छता कार्यक्रमों की जमीनी हकीकत परखने एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य सलाहकार श्रीमती मोनिका सिंह एवं संभाग प्रभारी द्वारा आज रायगढ़ जिले के जनपद पंचायत रायगढ़ अंतर्गत विभिन्न ग्राम पंचायतों का भ्रमण किया गया। इस दौरान उन्होंने ग्राम पंचायत गोपालपुर, बनोरा, कुर्मापाली, कोसमनारा एवं लामीदरहा का दौरा कर वहां संचालित स्वच्छता गतिविधियों का निरीक्षण किया। भ्रमण के दौरान उन्होंने स्वच्छाग्रहियों से सीधा संवाद करते हुए गांव में हो रहे घर-घर कचरा संग्रहण तथा गीले एवं सूखे कचरे के पृथकीकरण पर विस्तार से चर्चा की।
           राज्य सलाहकार ने ग्रामीणों से अपील की कि वे घर से निकलने वाले कचरे को गीला और सूखा अलग-अलग करके ही स्वच्छाग्रहियों को दें, जिससे कचरा प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित हो सके। उन्होंने कहा कि कचरे का सही पृथकीकरण ही गांवों को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम है। भ्रमण के दौरान यूजर चार्जेस और प्रोत्साहन राशि के विषय में भी चर्चा की गई तथा स्वच्छाग्रहियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें निरंतर घर-घर कचरा संग्रहण एवं स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही गांवों में निर्मित सामुदायिक स्वच्छता परिसरों का निरीक्षण कर उनके रख-रखाव एवं उपयोग की स्थिति का जायजा लिया गया। इस अवसर पर जिला सलाहकार, ब्लॉक समन्वयक रायगढ़ सहित संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं सचिव, स्वच्छाग्राही समूह के अध्यक्ष व सचिव, समूह की दीदियां, रोजगार सहायक तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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रायगढ़ जिले में 105 उपार्जन केंद्रों में हो रही समर्थन मूल्य पर किसानों से धान की खरीदी,ऑनलाइन टोकन व्यवस्था किसानों को बनी बड़ी सहूलियत

रायगढ़, 8 दिसम्बर 2025।  खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य पूर्ण पारदर्शिता, संवेदनशीलता और सुव्यवस्थित ढंग से संचालित हो रहा है। राज्य शासन की धान खरीदी नीति एवं  निर्देशों और कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में धान उपार्जन व्यवस्था को किसान हितैषी बनाने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं, जिसका सीधा लाभ किसानों को मिल रहा है। जिले में लागू ऑनलाइन टोकन प्रणाली से किसानों को बड़ी राहत मिली है। किसान घर बैठे मोबाइल ऐप टोकन तुहर हाथ के माध्यम से टोकन प्राप्त कर निर्धारित तिथि पर बिना भीड़ के अपना धान विक्रय कर पा रहे हैं। इससे समय की बचत हो रही है और उपार्जन केंद्रों पर अनावश्यक अव्यवस्था से भी निजात मिली है।
         ग्राम लोइंग निवासी किसान बसंत कुमार पटेल ने बताया कि उन्होंने अपने 170 क्विंटल धान के विक्रय हेतु ऑनलाइन टोकन लिया। उपार्जन केंद्र में व्यवस्थाएं संतोषजनक हैं, भीड़ कम है और समय पर तौल हो रही है। उन्होंने कहा कि धान खरीदी प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई और उत्कृष्ट प्रबंधन से वे पूरी तरह संतुष्ट हैं। इसी तरह अन्य किसानों में भी धान विक्रय को लेकर उत्साह का माहौल है। जिले के किसानों ने इसके लिए राज्य शासन व जिला प्रशासन के प्रति आभार प्रकट किया।

*105 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से सुचारू व्यवस्था*

          जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए 105 उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए हैं। शासन की चेकलिस्ट के अनुरूप सभी केंद्रों पर पेयजल, शौचालय, बैठने की व्यवस्था, तौल-कांटा, बारदाना एवं स्टैकिंग जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें से 15 केंद्र संवेदनशील तथा 4 केंद्र अति-संवेदनशील श्रेणी में रखे गए हैं, जहां विशेष निगरानी की जा रही है। धान खरीदी से संबंधित शिकायतें एवं सुझाव खाद्य विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-233-3663 पर दर्ज कराए जा सकते हैं। जिले में अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर एवं कॉल सेंटर के माध्यम से कोचियों-बिचौलियों की गतिविधियों की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। सुगम एवं पारदर्शी धान खरीदी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय जांच कमेटी का गठन किया गया है। प्रशासन द्वारा तैयार की गई सरल, सुचारू और पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था से किसान पूर्णतः संतुष्ट नजर आ रहे है।

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प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत जिले की सभी समितियों में लगेगा विशेष कृषि शिविर

   जशपुरनगर, 08 दिसंबर 2025/ प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना के अंतर्गत कृषकों को रबी फसल की आधुनिक तकनीक से अवगत कराने तथा मत्स्यपालन, पशुपालन सहित अन्य कृषि-संबद्ध व्यवसायों की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से प्रत्येक समिति में विशेष प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।
इन शिविरों में जिले के ऐसे उत्कृष्ट एवं प्रगतिशील कृषकों को प्रशिक्षक के रूप में जोड़ा गया है, जो आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर खेती में अधिक उत्पादन एवं बेहतर आय अर्जित कर रहे हैं। ये प्रशिक्षक कृषक अपने अनुभव, कठिनाइयों, तथा विभागीय योजनाओं से प्राप्त लाभों को अन्य कृषकों के साथ साझा करेंगे, जिससे अधिक से अधिक किसान आधुनिक खेती अपनाकर लाभान्वित हो सकें।
     साथ ही कृषि एवं संबद्ध विभाग के अधिकारी किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, अनुदान प्राप्ति की प्रक्रिया, तथा वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने के मार्गदर्शन की जानकारी प्रदान करेंगे। इन शिविरों में कृषि विज्ञान केन्द्र एवं कृषि महाविद्यालय के वैज्ञानिक भी शामिल रहेंगे, जो आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रचार-प्रसार कर किसानों को उन्नत खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।

*दलहन-तिलहन उत्पादक कृषकों को समर्थन मूल्य पर उपज बेचने की सुविधा*

  जशपुर जिले में कुल 09 आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों का पंजीयन किया गया है, जहाँ दलहन-तिलहन फसलें उगाने वाले कृषक अपनी उड़द, मूंग एवं मूंगफली को बाजार मूल्य कम होने की स्थिति में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर विक्रय कर सकते हैं।
कृषकों के हित में प्रशासन ने अपील की है कि वे एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन अवश्य कराएँ। पंजीयन कराने में किसी भी प्रकार की सहायता हेतु संबंधित ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।

*कृषक उत्पादक संगठन से जुड़कर किसान बढ़ा सकते हैं अपनी आय*

शिविर के दौरान जिले के प्रत्येक विकासखंड के कृषक उत्पादक संगठन के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। जिन कृषकों ने अभी तक किसी कृषक उत्पादक संगठन की सदस्यता नहीं ली है, वे शिविर में उपस्थित प्रतिनिधियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सदस्यता हेतु आवेदन कर सकते हैं। कृषक उत्पादक संगठन से जुड़कर किसान न केवल आधुनिक कृषि तकनीक, समूह विपणन और सामूहिक क्रय-बिक्री का लाभ उठा सकते हैं, बल्कि अपनी आय दोगुनी करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम बढ़ा सकते हैं।

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अवैध रूप से संचित धान पर जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई,कांसाबेल क्षेत्र में तीन स्थानों से कुल 1,480 क्विंटल धान जप्त

जशपुरनगर 08 दिसंबर 2025/ जिला प्रशासन द्वारा अवैध धान भंडारण, अवैध परिवहन तथा कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत राजस्व एवं खाद्य विभाग ने तहसील कांसाबेल क्षेत्र में तीन अलग-अलग स्थानों पर बड़ी कार्रवाई की। अभियान के दौरान कुल 1,480 क्विंटल (3,700 बोरी) अवैध धान जप्त कर प्रशासनिक कब्जे में लिया गया।
पहली कार्रवाई में ग्राम नारियलडांड में लालचंद के मकान में पंकज पैकरा द्वारा अवैध रूप से संचित 300 बोरी (120 क्विंटल) धान जप्त किया गया। धान की गिनती एवं सत्यापन के बाद इसे नियमानुसार आदिम जाति सेवा सहकारी समिति चेटबा के सुपुर्द किया गया। दूसरी कार्रवाई में ग्राम चेटबा में राजस्व विभाग की टीम ने शेष कुमार साहू के फार्म हाउस में अवैध रूप से रखे गए 400 बोरी (160 क्विंटल) धान को जप्त किया। उक्त धान को भी नियमों के अनुसार सहकारी समिति चेटबा के सुपुर्द किया गया। तीसरी और सबसे बड़ी कार्रवाई में राजस्व एवं खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने ग्राम चेटबा में ही कृषक लकेश्वर साय के घर पर दबिश दी, जहाँ से लगभग 1000 बोरी (400 क्विंटल) अवैध धान बरामद किया गया। मौके पर धान की गिनती कर पंचनामा तैयार किया गया तथा संपूर्ण धान को सहकारी समिति चेटबा को सुपुर्द कर दिया गया।

       अधिकारियों ने बताया कि जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की पारदर्शिता एवं किसान हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन लगातार निगरानी अभियान चला रहा है। धान का अवैध भंडारण एवं कालाबाजारी जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए राजस्व, खाद्य, पुलिस, सहकारिता और मार्कफेड विभाग की संयुक्त टीमें मैदानी स्तर पर सघन निरीक्षण कर रही हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खरीदी व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी, जिससे किसानों को किसी भी प्रकार की हानि न हो तथा उपार्जन व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके।

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रजत महोत्सव पर जिले में विकासखण्डवार निःशुल्क आयुष स्वास्थ्य शिविरों का होगा आयोजन

 जशपुरनगर, 08 दिसंबर 2025/  छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अवसर पर जिले में विकासखण्डवार निःशुल्क आयुष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। ये शिविर प्रातः 10:00 बजे से शाम 05:00 बजे तक संचालित रहेंगे। शिविरों में सामान्य रक्त परीक्षण सहित अन्य आयुष स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध रहेंगी।
    इस संबंध में जिला आयुष अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि विकासखण्ड जशपुर में 11 दिसंबर को बाजार डांड़ पोरतेंगा में निःशुल्क आयुष स्वास्थ्य  शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसी तरह कुनकुरी के बाजार डांड़ रायकेरा में 13 दिसंबर को, फरसाबहार के बाजार डाड़ लावाकेरा में 15 दिसंबर को, बगीचा के बाजार डांड़ भितघरा में 16 दिसंबर को, दुलदुला के बाजार डांड़ पतराटोली में 17 दिसंबर को, मनोरा के बाजार डांड़ मनोरा में 19 दिसंबर को, पत्थलगांव के बाजार डांड़ फुलेता में 20 दिसंबर को  और कांसाबेल के बाजार डांड़ शब्दमुंडा में 22 दिसंबर  को आयोजित किया जाएगा।

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कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जनदर्शन में सुनी आमजन की समस्याएँ,अधिकारियों को निराकरण के दिए निर्देश

जशपुरनगर 8 दिसंबर 2025/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज जिला कार्यालय में आयोजित जनदर्शन में आम नागरिकों से सीधे रूबरू होकर उनकी समस्याएँ एवं मांगों की जानकारी ली। उन्होंने प्राप्त आवेदनों का गंभीरतापूर्वक अवलोकन किया और संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
      कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि आवेदकों को उनके आवेदन पर की गई कार्यवाही की जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए, जिससे उन्हें अपनी समस्या के समाधान की स्थिति स्पष्ट रूप से ज्ञात हो सके। उन्होंने जनसुविधाओं से जुड़े प्रकरणों पर संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्रवाई करने पर जोर दिया। आज आयोजित जनदर्शन में मुख्य रूप से राजस्व प्रकरण, स्वच्छता एवं साफ-सफाई, अधोसंरचना निर्माण, आजीविका उन्नयन तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने संबंधित आवेदन प्राप्त हुए।

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बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, कानूनी अधिकार, हेल्पलाइन व सुरक्षा उपायों की दी गई जानकारी

जशपुरनगर 08 दिसंबर 2025/ जिले में 25 नवंबर से 10 दिसंबर 2025 तक चल रहे लिंग आधारित हिंसा उन्मूलन जागरूकता अभियान के अंतर्गत आज विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम संकल्प स्कूल जशपुर में ‘‘बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ’’ योजना के तहत आयोजित किया गया। कार्यक्रम नवा बिहान, सखी वन स्टॉप सेंटर तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत छात्राओं को लिंग आधारित हिंसा के बढ़ते स्वरूप, घरेलू हिंसा, साइबर प्रताड़ना, स्टॉकिंग, मानसिक उत्पीड़न, शारीरिक हिंसा एवं विद्यालय/सामाजिक परिवेश में घटित होने वाली संवेदनशील घटनाओं के उदाहरणों के माध्यम से जागरूक करने से हुई। विशेषज्ञों ने बताया कि कैसे ऐसी घटनाओं को पहचानें, किस तरह तुरंत सहायता प्राप्त करें और कौन-कौन से प्लेटफॉर्म पर शिकायत दर्ज की जा सकती है। छात्राओं को ऑनलाइन और ऑफलाइन शिकायत पंजीकरण प्रक्रिया का प्रदर्शन कर विस्तार से समझाया गया। इसमें थाना, महिला डेस्क, सखी वन स्टॉप सेंटर, 181 महिला हेल्पलाइन, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, 1930 साइबर शिकायत पोर्टल के उपयोग से लेकर ई - एफआईआर, नागरिक सुविधा पोर्टल, तथा महिला सुरक्षा ऐप जैसी सुविधाओं की भी जानकारी दी गई। उक्त जागरूकता कार्यक्रम में नवा बिहान से संरक्षण अधिकारी, सखी वन स्टॉप सेंटर की काउंसलर, सहयोगी कर्मचारी, शिक्षण स्टाफ तथा बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को न केवल जानकारी देना, बल्कि उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग, आत्मविश्वासी और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना रहा।

      कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञ वक्ताओं ने हिंसा के प्रकार, कारण, पहचान के संकेत और उसके निराकरण पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने छात्राओं को बताया कि हिंसा की किसी भी स्थिति में महिला को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने हेतु वन स्टॉप सेंटर किस प्रकार कानूनी सहायता, चिकित्सीय सुविधा, काउंसलिंग एवं सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराता है। साथ ही पॉक्सो अधिनियम, बाल विवाह निषेध कानून, साइबर सुरक्षा नियम, तथा महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों के प्रावधानों को भी सरल भाषा में समझाया गया।
प्रतिभागियों को प्रिंटेड सूचना सामग्री व हेल्पलाइन विवरण भी वितरित किए गए, ताकि वे अपने परिवार व समुदाय में इन जानकारियों का प्रसार कर सकें। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए विशेषज्ञों ने उन्हें स्व-सम्मान, कानूनी अधिकारों और सुरक्षित वातावरण के महत्व पर प्रेरित किया।

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प्रदेश के नगरीय विकास, रियल एस्टेट सेक्टर और आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए

रायपुर, 08 दिसंबर 2025/प्रदेश में गाइडलाइन दरों के पुनरीक्षण के संबंध में प्राप्त सुझावों, ज्ञापनों और प्रस्तावों पर व्यापक परीक्षण करने के बाद केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के नगरीय विकास, रियल एस्टेट सेक्टर और आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं।

बैठक में निर्णय लिया गया कि नगरीय क्षेत्रों में 1400 वर्ग मीटर तक के भूखंडों की इंक्रीमेंटल आधार पर गणना की वर्तमान प्रणाली को समाप्त कर दिया जाए। अब पुनः पूर्व प्रचलित उपबंध लागू होंगे, जिसके तहत नगर निगम क्षेत्र में 50 डेसिमल, नगर पालिका में 37.5 डेसिमल और नगर पंचायत में 25 डेसिमल तक स्लैब दर से मूल्यांकन किया जाएगा। इस बदलाव से मूल्यांकन प्रक्रिया सरल होने के साथ ही पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

बहुमंजिला भवनों में फ्लैट, दुकान एवं कार्यालय के अंतरण पर सुपर बिल्ट-अप एरिया के आधार पर बाजार मूल्य की गणना का प्रावधान भी हटा दिया गया है। अब मूल्यांकन बिल्ट-अप एरिया के आधार पर किया जाएगा। यह प्रावधान मध्यप्रदेश शासन के समय से लागू था, जिसे बदलने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। नए प्रावधान से वर्टिकल डेवलपमेंट को गति मिलेगी और शहरी भूमि का अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित होगा।

केंद्रीय बोर्ड ने बहुमंजिला भवनों एवं कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के लिए मूल्यांकन में छूट के नए प्रावधान भी लागू किए हैं। अब बेसमेंट और प्रथम तल पर 10 प्रतिशत तथा द्वितीय तल एवं उससे ऊपर के तल पर 20 प्रतिशत की कमी के साथ मूल्यांकन किया जाएगा। इस निर्णय से मध्यम वर्ग को किफायती दरों पर फ्लैट और व्यावसायिक स्थान मिलने में मदद मिलेगी।

कमर्शियल कॉम्प्लेक्सों में 20 मीटर से अधिक दूरी पर स्थित संपत्तियों के लिए 25 प्रतिशत कमी के साथ भूखंड की दरों का मूल्यांकन किया जाएगा। 20 मीटर की दूरी का आकलन मुख्य मार्ग की ओर से निर्मित हिस्से से किया जाएगा, जिससे वास्तविक स्थिति के आधार पर अधिक न्यायसंगत मूल्यांकन संभव होगा।

केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने जिला मूल्यांकन समितियों को यह भी निर्देशित किया है कि हाल ही में दरों में वृद्धि के बाद प्राप्त आपत्तियों, ज्ञापनों और सुझावों का परीक्षण कर 31 दिसंबर तक गाइडलाइन दरों में पुनरीक्षण के प्रस्ताव भेजें। इन प्रस्तावों का विश्लेषण कर बोर्ड आगामी गाइडलाइन दरों पर अंतिम निर्णय लेगा।

इन सभी निर्णयों को तत्काल प्रभाव से लागू घोषित किया गया है, जिससे राज्य में रियल एस्टेट सेक्टर में स्थिरता, पारदर्शिता और किफायती आवास उपलब्ध कराने के प्रयासों को नई दिशा मिलेगी।

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प्रदेश में अवैध भण्डारण, परिवहन एवं विक्रय करते हुए लगभग 1 लाख 52 हजार क्विंटल धान जब्त

रायपुर, 7 दिसम्बर 2025/ छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी प्रारम्भ होने के पूर्व से ही प्रदेश में अवैध धान के भण्डारण एवं परिवहन से आने वाले धान की कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पिछले एक नवंबर से 6 दिसम्बर तक प्रदेश के विभिन्न जिलों से एक लाख  51 हजार 809 क्विंटल धान जब्त किया गया है। इस बार मार्कफेड द्वारा राज्य में अवैध परिवहन के जरिए अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ आने वाले धान को रोकने के लिए राज्य के सीमावर्ती जिलों में चेकपोस्ट और कलेक्टर की अध्यक्षता में टॉस्कफोर्स भी बनाए गए हैं। इसके साथ ही मार्कफेड में स्थापित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था की सतत् निगरानी की जा रही है। 

मार्कफेड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले एक नवंबर से 6 दिसम्बर के अवधि में मण्डी अंिधनियम 1972 के तहत  सीमावर्ती विभिन्न जिलों से छत्तीसगढ़ राज्य में अवैध परिवहन के माध्यम से आने वाले धान पर कार्यवाही की जा रही है। इनमें सर्वाधिक महासमुंद जिले में 25,718 क्विंटल धान जब्त किया गया है। इसी प्रकार धमतरी में 23,859 क्विंटल रायगढ़ जिले में 21,331 क्विंटल, राजनांदगांव 14,977 क्विंटल, बलरामपुर जिले में 9771 क्विंटल, बेमेतरा में 6490 क्विंटल, कवर्धा में 5734 क्विंटल, बालोद में 4595 क्विंटल, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 3770 क्विंटल, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में 2868 क्विंटल, जशपुर जिले में 2771 क्विंटल, सूरजपुर जिले में 2650 क्विंटल, दुर्ग में 2350 क्विंटल, जांजगीर-चांपा में 2014 क्विंटल, बलौदाबाजार में 1855 क्विंटल, बीजापुर जिले में 1842 क्ंिवटल, रायपुर में 1679 क्विंटल, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 1583 क्विंटल, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1500 क्विंटल, बस्तर जिले में 1560 क्विंटल, मोहला-मानपुर-चौकी में 1402 क्विंटल, गरियाबंद में 1393 क्विंटल, कोरबा में 1346 क्विंटल, सरगुजा में 1282 क्विंटल, कोरिया में 1237 क्विंटल, सक्ती में 1201 क्विंटल, कोण्डागांव जिले में 1148 क्विंटल, बिलासपुर में 1060 क्विंटल, कांकेर जिले में 1012 क्ंिवटल, मुंगेली में 917 क्विंटल, दंतेवाड़ा में 445 क्विंटल, नारायणपुर में 323 क्विंटल, सुकमा में 216 क्विंटल धान जब्त किए गए हैं। 

उल्लेखनीय है कि सीमावर्ती जिलों में निगरानी बढ़ाए जाने और त्वरित अलर्ट-रिस्पॉन्स सिस्टम की बदौलत अन्य राज्यों से धान की अवैध आमद को रोकने में प्रभावी सफलता मिल रही है।शासन ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता और अवैध गतिविधि को हर स्तर पर जीरो टॉलरेंस के साथ रोका जाएगा।खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मार्कफेड द्वारा धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए एकीकृत कंट्रोल सेंटर के माध्यम से रियल-टाइम निगरानी की जा रही है। साथ ही अवैध परिवहन के माध्यम से राज्य में आने वाले धान को रोकने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन द्वारा सतत् निगरानी रखी जा रही है।

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