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स्वास्थ्य मंत्री का औचक निरीक्षण, जांजगीर-चांपा जिला अस्पताल को मिली नई ओपीडी और अत्याधुनिक एनआईसीयू की सौगात


 
 रायपुर, 23 दिसम्बर 2025

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज जिला चिकित्सालय जांजगीर-चांपा का औचक निरीक्षण किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, संचालक श्री संजीव झा एवं सहायक संचालक डॉ. सुरेंद्र पाम्भोई उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने अस्पताल की व्यवस्थाओं, स्वच्छता, दवाओं की उपलब्धता तथा मरीजों को मिल रही सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जिला चिकित्सालय में नवनिर्मित ओपीडी हॉल एवं नवजात शिशुओं के बेहतर उपचार हेतु 10 बेड के अत्याधुनिक एनआईसीयू वार्ड का विधिवत शुभारंभ  किया। उन्होंने कहा 10 बेड के एनआईसीय से अब क्षेत्र के नवजात शिशुओं को क्रिटिकल केयर हेतु बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
      स्वास्थ्य मंत्री मंत्री ने जीवनदीप समिति के माध्यम से स्वीकृत कार्यों की जानकारी लेते हुए कलेक्टर श्री जन्मेजय मोहबे के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मरीजों की आवश्यकता के अनुरूप जीवनदीप समिति से समयबद्ध स्वीकृतियाँ देना सराहनीय कदम है, जिससे अस्पताल की सेवाएँ निरंतर सुदृढ़ हुई हैं। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यू.के. मरकाम, सिविल सर्जन डॉ. एस. कुजूर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री उत्कर्ष तिवारी, जिला अस्पताल प्रबंधक श्री अंकित ताम्रकार, आरएमओ डॉ. संदीप साहू सहित जिला चिकित्सालय के समस्त अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
क्रमांक-7179/मनोज

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बस्तर संभाग में एनडीडीबी की पायलट योजना से 24 जनजातीय महिलाएं डेयरी व्यवसाय से आत्मनिर्भर बनीं, 36 साहीवाल गायों के माध्यम से प्रतिमाह 13,000 रुपये आय अर्जित कर रही हैं”

रायपुर : बस्तर संभाग में महिलाएं डेयरी व्यवसाय से बन रही हैं आत्मनिर्भर 
 
 
 
 
 
 24 महिलाओं को 36 दुधारू पशु वितरित
प्रत्येक हितग्राहियों को प्रतिमाह 13 हजार का आमदनी
कोण्डागांव और कांकेर जिले में पायलट परियोजना संचालित
दुग्ध उत्पादकों को मिल अनुदान और बैंक ऋण
रायपुर, 22 दिसम्बर 2025

रोजगार और स्वरोजगार के माध्यम से लोगों की आमदनी बढ़ाने के लिए बस्तर संभाग में डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा दिया जा रहा है। एनडीडीबी के माध्यम से कांकेर और कोण्डागांव जिले में पायलट प्रोजेक्ट के तहत संचालित की जा रही। इस योजना में जनजातीय महिलाओं को डेयरी व्यवसाय से जोड़ा जा रहा है। गौरतलब है कि इस योजना का शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 01 जून 2025 को कोण्डागांव जिले के भोंगापाल गांव से इस योजना शुभारंभ किया था। 
    बस्तर संभाग के कोण्डागांव एवं कांकेर जिले के 125 हितग्राहियों को ऋण एवं अनुदान पर दुधारू पशु प्रदाय के लक्ष्य के विरूद्ध अब तक 47 महिलाओं के आवेदन पत्र बैंक से ऋण स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसमें से 24 महिलाओं को 36 दुधारू पशु वितरित किया गया है। हितग्राहियों को अच्छे नस्ल की दुधारू गाय प्रदान करने हेतु एनडीडीबी डेयरी सर्विसेस द्वारा साहीवाल नस्ल की गाय (8-10 लीटर दूध प्रतिदिन उत्पादन क्षमता) राजस्थान एवं पंजाब क्षेत्र से चिन्हित कर अनुसूचित जनजाति महिलाओं को वितरण किया जा रहा है।
    दुग्ध महासंघ द्वारा वर्तमान में बस्तर संभाग अंतर्गत 95 कार्यशील दुग्ध समितियों के 4006 दुग्ध प्रदायकों के माध्यम से 15060 लीटर दूध प्रतिदिन संकलित किया जाकर, लगभग 8000 लीटर दूध प्रतिदिन कांकेर, कोण्डागांव, बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर जिलों में विपणन किया जा रहा है।
    बस्तर संभाग में सहकारिता को बढ़ावा देने के लिए आगामी 5 वर्षाे में 400 नयें ग्रामों को दुग्ध समिति के माध्यम से जोड़ा जायेगा। जिसमें लगभग 9000 दूध प्रदायक जुड़ेगें एवं 48 हजार लीटर दूध संकलन किया जायेगा। इसके अतिरिक्त 28 हजार लीटर क्षमता के दुग्ध शीतलीकरण केन्द्रों एवं एक 1 लाख लीटर क्षमता का नवीन दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र की स्थापना बस्तर जिले में किया जायेगा।
यह योजना राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एन.डी.डी.बी.) की सहायक कंपनी एन.डी.डी.बी. डेयरी सर्विसेस की मदद से कार्यान्वित की जा रही है। इस योजना के तहत राज्य सरकार 2 दुधारू पशुओं की लागत राशि रूपये 1.40 लाख पर 50 प्रतिशत अनुदान 70 हजार प्रदान किया जा रहा है, शेष 40 प्रतिशत बैंक ऋण एवं 10 प्रतिशत राशि  हितग्राही को वहन करना होता है। 
अनुसूचित जनजाति महिला किसानों को आसानी से ऋण उपलब्ध कराने के लिए, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ ने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक (CRGB) के साथ एक समझौता ज्ञापन निष्पादित किया है, जो रियायती ब्याज दर पर 4 साल की अवधि के लिए ऋण प्रदान करता है। दुग्ध महासंघ द्वारा ऋण की किश्त हितग्राही किसानों के दूध बिल से कटौती कर बैंक में जमा किया जाता है। 
इसके अतिरिक्त, योजना अंतर्गत हितग्राहियों को एक वर्ष की अवधि के लिए निःशुल्क सहायता प्रदान किया जा रहा है, जिसमें- गाय की बीमा (एक साल के लिए), पशु स्वास्थ्य निगरानी उपकरण,  5 किलोग्राम साइलेज चारा, 2 किलोग्राम पशु आहार, एवं 50 ग्राम खनिज मिश्रण प्रति पशु प्रतिदिन प्रदान किया जा रहा है। पशु प्रेरण से पहले एवं बाद में वैज्ञानिक पशु प्रबंधन प्रणाली पर किसानों को प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके अतिरिक्त पशु चिकित्सा विभाग द्वारा पशु प्रजनन एवं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रही है।
डेयरी इकाई स्थापना पश्चात् अनुसूचित जनजाति महिला हितग्राहियों से घरेलू उपयोग पश्चात अतिशेष दूध का क्रय दुग्ध महासंघ द्वारा निर्धारित मूल्य पर किया जाता है। दुग्ध संकलन को सरल करने के लिए दुग्ध महासंघ द्वारा नये दुग्ध समिति की स्थापना एवं दुग्ध संकलन मार्ग का गठन किया गया है। एक अनुसूचित जनजाति महिला हितग्राही द्वारा लगभग 12 लीटर दूध प्रतिदिन दुग्ध समिति में दिया जा रहा है, जिससे महिला हितग्राही को 1 माह में लगभग राशि रू. 13,000 प्राप्त होता है। जो कि अनुसूचित जनजाति महिला किसानों को उनकी आजीविका बढ़ाने, पोषण में सुधार करने एवं अनुसूचित जनजाति परिवारों के बीच आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध हो रहा है।

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मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की संवेदनशील पहल से बदली कुलदीप की राह, अब आसानी से स्कूल जा सकेगा दिव्यांग छात्र कुलदीप, परिजनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का जताया आभार......

जशपुरनगर 22 दिसंबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील और त्वरित निर्देश से ग्राम ढोलचुवा, तहसील कुनकुरी निवासी दिव्यांग छात्र कुलदीप राम के जीवन में एक नई उम्मीद जगी है। जन्म से ही दिव्यांग होने के कारण चल-फिर न पाने वाले आठवीं कक्षा के छात्र कुलदीप को अब शिक्षा के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। कुलदीप राम, पिता चेतन विश्वकर्मा, के परिजन आज मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया पहुंचे और ट्राई सायकल की मांग रखी। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय की तत्परता से तुरंत ट्राई सायकल उपलब्ध कराई गई, जिससे कुलदीप अब नियमित रूप से और आसानी से स्कूल जा सकेगा।ट्राई सायकल मिलने के बाद कुलदीप के चेहरे पर खुशी साफ नजर आई। परिजनों ने इस मानवीय सहयोग के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहायता केवल एक साधन नहीं, बल्कि कुलदीप के भविष्य को संवारने की दिशा में बड़ा कदम है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की यह पहल दिव्यांगजनों के प्रति सरकार की संवेदनशील सोच और समावेशी विकास की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जहां हर बच्चे को शिक्षा और आत्मनिर्भरता का अवसर मिल सके।

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राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के प्रस्तावित आगमन की तैयारी के संबंध में कलेक्टर एवं एसएसपी ने आगडीह का किया निरीक्षण

जशपुर, 22 दिसंबर 2025/ राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू आगामी 30 दिसंबर 2025 को झारखंड राज्य के गुमला जिले के रायडीह प्रखंड स्थित मांझाटोली में आयोजित होने वाले अंतर्राज्यीय जन सांस्कृतिक समागम समारोह सह कार्तिक जतरा कार्यक्रम में शामिल होंगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का जशपुर जिले के आगडीह हवाई अड्डे पर आगमन होगा, जहाँ से वे सड़क मार्ग द्वारा कार्यक्रम स्थल के लिए प्रस्थान करेंगी।
   राष्ट्रपति के प्रस्तावित आगमन को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर श्री रोहित व्यास एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह ने आज आगडीह हवाई अड्डे का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक तैयारियों एवं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर श्री व्यास ने राष्ट्रीय राजमार्गों की समुचित व्यवस्था, साफ-सफाई, रोड मार्किंग, पार्किंग व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाएँ, सेफ हाउस की व्यवस्था तथा मार्ग के दोनों ओर अनावश्यक झाड़ियों की सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, सहायक कलेक्टर श्री अनिकेत अशोक, डिप्टी कलेक्टर श्री प्रशांत कुशवाहा सहित जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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जशपुर  में डिप्टी कलेक्टर का जनदर्शन: 67 आवेदनों का शीघ्र और पारदर्शी निपटान सुनिश्चित”

जशपुरनगर 22 दिसंबर 2025/ डिप्टी कलेक्टर श्री हरिओम द्विवेदी ने आज जिला कार्यालय में आयोजित जनदर्शन में आम नागरिकों से सीधे रूबरू होकर उनकी समस्याएँ एवं मांगों की जानकारी ली। उन्होंने प्राप्त आवेदनों का गंभीरतापूर्वक अवलोकन किया और संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
    डिप्टी कलेक्टर श्री द्विवेदी ने अधिकारियों से कहा कि आवेदकों को उनके आवेदन पर की गई कार्यवाही की जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए, जिससे उन्हें अपनी समस्या के समाधान की स्थिति स्पष्ट रूप से ज्ञात हो सके। आज आयोजित जनदर्शन में कुल 67  आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें मुख्य रूप से राजस्व प्रकरण, स्वच्छता एवं साफ-सफाई, अधोसंरचना निर्माण, आजीविका उन्नयन तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने संबंधित आवेदन शामिल थे।

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वन विभाग द्वारा अवैध वनोपज परिवहन पर की गई कार्यवाही,सेमल लकड़ी से लदा आईशर ट्रक जप्त

जशपुरनगर 22 दिसम्बर 2025/ वन मण्डलाधिकारी श्री शशि कुमार  के निर्देशन में वन विभाग द्वारा अवैध वनोपज परिवहन के खिलाफ सख्त कार्यवाही जारी है। इसी क्रम में वन विभाग द्वारा वाहन सीतापुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम ढोंढ़ागांव ठेठेटांगर की ओर से पत्थलगांव वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम बालाझर की दिशा में जा रहे वाहन की तलाशी के दौरान सेमल प्रजाति के कुल 105 नग  जप्त कर कार्यवाही की गई है। 
    वनमण्डलाधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार  सघन गश्त एवं निगरानी अभियान के तहत दरम्यानी 20 दिसम्बर 2025 को रात्रि लगभग 01.00 बजे एक आईशर ट्रक क्रमांक सीजी 04 पीएस 3426 को रोका गया। वाहन सीतापुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम ढोंढ़ागांव ठेठेटांगर की ओर से पत्थलगांव वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम बालाझर की दिशा में जा रहा था। वाहन की तलाशी लेने पर उसमें सेमल प्रजाति के कुल 105 नग लट्ठे बिना किसी वैध अनुमति पत्र अथवा परिवहन पास के लोड कर अवैध रूप से परिवहन करते हुए पाए गए। वाहन चालक श्री बसंत सिंह परिहा निवासी चकरभाठा, जिला बिलासपुर से पूछताछ करने पर उनके द्वारा वनोपज कटाई एवं परिवहन से संबंधित किसी भी प्रकार के वैध कागजात नहीं होना बताया गया। वन परिक्षेत्र पत्थलगांव के गश्ती दल द्वारा उक्त वाहन एवं उसमें लदी वनोपज को अवैध पाए जाने पर वन अधिनियम के अंतर्गत जप्त करते हुए वन अपराध प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। जप्त वाहन सहित वनोपज को अग्रिम कार्रवाई हेतु वन परिक्षेत्र पत्थलगांव लाया गया है। प्रकरण की विवेचना वन परिक्षेत्राधिकारी पत्थलगांव द्वारा की जा रही है।

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विधिक जागरूकता फैलाने हेतु किया गया विधिक जागरूकता शिविर का सफल आयोजन

जशपुरनगर, 22 दिसंबर 2025/ माननीय श्री सत्येन्द्र कुमार साहू, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जशपुर  की अध्यक्षता में प्रस्तावित परिवार न्यायालय भवन परिसर जशपुर में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन विगत दिवस संपन्न हुआ। उक्त विधिक जागरूकता शिविर कार्यक्रम में माननीय  श्री सत्येन्द्र कुमार साहू, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं माननीय श्री राकेश बिहारी घोरे, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय जशपुर के द्वारा विधिक जागरूकता, नशा मुक्ति, नशीली दवाओं के दुरूपयोग, शिक्षा का अधिकार, घरेलु हिंसा से महिलाओं का संरक्षण के बारे में जानकारी दी गई।
    बैठक में श्री भानु प्रताप सिंह त्यागी, जिला एवं प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कुनकुरी, श्री बलराम कुमार देवांगन, जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कुनकुरी, श्री जनार्दन खरे, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी जशपुर, श्रीमती सरोजनी जर्नादन खरे जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश जशपुर न्यायालय के अति. न्यायाधीश जशपुर, श्रीमती सुमन सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जशपुर, कु. श्वेता बघेल सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, श्री नरेन्द्र कुमार तेन्दुलकर, व्यवहार न्यायाधीश वर्ग 1, कुनकुरी, श्री क्रांति कुमार सिंह, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी जशपुर, कु. प्रज्ञा सिंह, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी जशपुर, कु. नेहा तिर्की, अतिरिक्त न्यायाधीश, व्यवहार न्यायालय कनिष्ठ श्रेणी जशपुर कु पूनम नशीने, अतिरिक्त न्यायाधीश, व्यवहार न्यायालय कनिष्ठ श्रेणी जशपुर, श्री ओ.पी.साय, अध्यक्ष जिला अधिवक्ता संघ, श्री सत्यप्रकाश तिवारी, सचिव, जिला अधिवक्ता संघ, श्री जे.पी. सिन्हा, अधिवक्ता, श्री सुदेश गुप्ता, चीफ लीगल एड डिफेंस कौंसिल जशपुर एवं जिला न्यायालय के समस्त अधिकारीगण एवं न्यायिक कर्मचारीगण, अधिवक्तागण तथा जशपुर जिले के समस्त पीएलवी उपस्थित रहे।

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रायगढ़ में डिजिटल जनगणना 2027 की तैयारियाँ शुरू", "ग्रामों की सटीक भू-संदर्भित तैयारी के लिए जिला स्तर पर प्रशिक्षण"

रायगढ़, 22 दिसम्बर 2025/ भारत की जनगणना 2027 दो चरणों में पूर्ण रूप से डिजिटल माध्यम से करायी जानी है। जिसके मद्देनजर जिले में इसकी तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं। जनगणना कार्य के प्रथम चरण के अंतर्गत नगरों एवं ग्रामों की भौगोलिक सीमा एवं स्थिति को सटीक रूप से भू-संदर्भित करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि किसी भी बसाहट का क्षेत्र छूटे नहीं और न ही किसी क्षेत्र का दूसरे क्षेत्र से अधिव्यापन हो।
            अपर कलेक्टर रायगढ़ ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला स्तर पर निदेशालय के जिला नोडल अधिकारी के मार्गदर्शन में गुगल अर्थ पीआरओ के उपयोग संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण भारत सरकार, गृह मंत्रालय, जनगणना कार्य निदेशालय, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में श्री शेषा प्रसाद पांडा, जनगणना नोडल अधिकारी, जिला रायगढ़ द्वारा 22 दिसंबर को जिला कार्यालय रायगढ़ के सभाकक्ष में तकनीकी जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि जनगणना कार्य हेतु उपयोग में लाए जाने वाले चार्ज मानचित्र में ग्रामों एवं नगरों की सीमा एवं स्थिति की पूर्ण सटीकता सुनिश्चित करना संबंधित चार्ज अधिकारी की जिम्मेदारी है। इसी कारण चार्ज मानचित्र का प्रमाणन एवं सत्यापन चार्ज अधिकारी द्वारा किया जाना अनिवार्य है।
             श्री पांडा ने प्रशिक्षण के दौरान जिले की सभी तहसीलों से उपस्थित सभी तहसीलदारों, मुख्य नगर पालिका अधिकारियों, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों एवं उनके सहयोगी कर्मचारियों को गुगल अर्थ पीआरओ के माध्यम से ग्रामों की भौगोलिक सीमा एवं लोकेशन को सटीक रूप से अंकित करने की प्रक्रिया से अवगत कराया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि 7 दिवस के भीतर सभी ग्रामों की भौगोलिक सीमा एवं स्थिति का कार्य पूर्ण कर उन्हें भू-संदर्भित किया जाए, जिससे जनगणना 2027 का कार्य बिना किसी त्रुटि के सुचारू रूप से संपन्न किया जा सके। प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से अधिकारियों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने पर जोर दिया गया, ताकि आगामी जनगणना में डिजिटल मानचित्रण की प्रक्रिया पारदर्शी, सटीक एवं प्रभावी ढंग से क्रियान्वित की जा सके।

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कलेक्टर ने जनदर्शन में सुनी आमजनों की समस्याएं,त्वरित निराकरण के दिये आदेश

रायगढ़, 22 दिसम्बर 2025/ जिला कलेक्टोरेट में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में आज जिले के शहरी एवं ग्रामीण अंचलों से आए नागरिकों ने अपनी विभिन्न समस्याएं, मांगें एवं शिकायतें कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के समक्ष प्रस्तुत कीं। कलेक्टर ने सभी आवेदनों को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को नियमानुसार, पारदर्शी एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से प्रत्येक सोमवार को जिला कलेक्टोरेट में जनदर्शन का आयोजन किया जाता है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जनता को राहत पहुंचाना और शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास को सुदृढ़ करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक प्रकरण को पूरी गंभीरता से लें, किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
             जनदर्शन के दौरान ग्राम बनसिया निवासी श्री जोगीदास महंत ने बिजली बिल माफ किए जाने संबंधी आवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि सामान्यतः उनका मासिक बिजली बिल 50 से 100 रुपए के बीच आता है, किंतु इस माह 4 हजार रुपए से अधिक का बिल आ जाने के कारण वे भुगतान करने में असमर्थ हैं। इस पर कलेक्टर ने ईई, सीएसईबी को मामले की जांच कर उचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार तहसील तमनार के ग्राम-राबो निवासी श्री जैमल डनसेना धान बिक्री हेतु टोकन जारी करवाने के संबंध में आवेदन लेकर पहुंचे। उन्होंने बताया कि एग्रीस्टेक पोर्टल में यूएफआर लंबित होने के कारण सोसायटी द्वारा नया टोकन जारी नहीं किया जा रहा है, जिससे वे अब तक धान बिक्री नहीं कर पाए हैं। कलेक्टर ने संबंधित एसडीएम को त्वरित कार्यवाही कर किसान को राहत दिलाने के निर्देश दिए।
      ग्राम उसरौठ निवासी श्री महेत्तर सिंह सारथी ने अपने पिता स्वर्गीय बल्दु राम सारथी के निधन के पश्चात वारिसान पंजीयन में अपना नाम दर्ज कराने संबंधी आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि आवेदन देने के बावजूद अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। वहीं तहसील तमनार के ग्राम बासनपाली निवासी श्री योगेश कुमार श्रीवास ने वन अधिकार अधिनियम 2006 के अंतर्गत वन अधिकार पट्टा प्रदान किए जाने का आग्रह किया। रायगढ़ नगर निगम क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 9 एवं 10 के मोहल्लेवासियों ने फेब्रिकेशन गली के सामने नाली निर्माण कराए जाने हेतु आवेदन सौंपा। इसके अतिरिक्त तहसील धरमजयगढ़ के बायसी कॉलोनी निवासी श्री मुकेश मौर्य ने धरमजयगढ़ नगर पंचायत क्षेत्र में पाइपलाइन विस्तार कार्य के दौरान वार्ड क्रमांक 1 से 15 तक मापदंडों के विपरीत हुए कार्य एवं फर्जी बिल भुगतान की जांच कर दोषियों पर कार्यवाही की मांग की। जनदर्शन में इसके अलावा राशन कार्ड, दिव्यांग पेंशन, चिकित्सा सहायता सहित अन्य विषयों से संबंधित आवेदन भी प्राप्त हुए। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने सभी आवेदनों का अवलोकन करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को त्वरित, न्यायसंगत एवं प्रभावी निराकरण के स्पष्ट निर्देश दिए। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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प्राकृतिक खेती की मिसाल बने छर्राटांगर के किसान तुलसी राम मांझी,कम लागत और अधिक उत्पादन से बढ़ी आमदनी

रायगढ़, 22 दिसम्बर 2025/ प्राकृतिक खेती की एक प्रेरणादायक मिसाल बन चुके हैं किसान तुलसीराम मांझी, भले ही उन्होंने केवल तीसरी कक्षा तक ही पढ़ाई की हो, लेकिन खेती को लेकर उनकी समझ, नवाचार और अनुभव किसी विशेषज्ञ से कम नहीं है। रासायनिक खेती को छोड़कर प्राकृतिक खेती की ओर उनका कदम आज उन्हें बेहतर उत्पादन, कम लागत और अधिक आय दिला रहा है। प्राकृतिक खेती के प्रति उनके समर्पण और मेहनत ने शानदार परिणाम दिए हैं। प्रति एकड़ लगभग 8 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ। वहीं उनके खेत की मिट्टी में ऑर्गेनिक कार्बन की मात्रा 0.20 से बढ़कर 0.75 तक पहुंच गई, जो भूमि के उपजाऊ होने का स्पष्ट प्रमाण है। प्राकृतिक खेती से उनकी कुल लागत मात्र 4 हजार रुपए प्रति एकड़ आई, जबकि शुद्ध आय बढ़कर 48 हजार रुपए प्रति एकड़ तक पहुंच गई।
             रायगढ़ जिले के घरघोड़ा विकासखंड के छोटे से गांव छर्राटांगर में रहने वाले किसान श्री तुलसी राम मांझी वर्ष 2023 से पहले तक पारंपरिक और आधुनिक चलन के अनुसार रासायनिक खेती करते थे। लेकिन बढ़ती लागत और मिट्टी की सेहत को देखते हुए उन्होंने एक बड़ा निर्णय लिया और प्राकृतिक खेती अपनाने का संकल्प लिया। इस दिशा में केंद्र एवं राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजना नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग ने उन्हें सहयोग प्रदान किया। कृषि विभाग, जिला रायगढ़ द्वारा उन्हें प्राकृतिक खेती की बारीकियों का प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिला, जिससे उनका आत्मविश्वास और मजबूत हुआ।
           तुलसी राम मांझी के पास दो गायें हैं, जो उनकी प्राकृतिक खेती की सबसे बड़ी ताकत हैं। वे मूंगफली, साग-सब्जी के साथ-साथ आम की खेती भी करते हैं। रासायनिक खाद और कीटनाशकों को पूरी तरह त्याग कर उन्होंने घर पर ही बीजामृत, जीवामृत, नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र, छाछ, बायो-कल्चर और हरी खाद जैसे प्राकृतिक इनपुट तैयार किए। पौधों के पोषण और भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए वे नियमित रूप से बीजामृत और जीवामृत का उपयोग करते हैं। हरी खाद के लिए तिल और मूंग की फसल उगाते हैं तथा गोबर और गौमूत्र से बने कम्पोस्ट का प्रयोग करते हैं। फसल चक्र अपनाकर वे मिट्टी की सेहत बनाए रखते हैं। कीट एवं रोग नियंत्रण के लिए वे जहरीले रसायनों की बजाय नीम की निम्बोली से तैयार अर्क, आग्नेयास्त्र और विभिन्न प्राकृतिक ट्रैप क्रॉप्स का उपयोग करते हैं। तुलसी राम मांझी की यह सफलता यह साबित करती है कि यदि वैज्ञानिक तरीके से प्राकृतिक खेती की जाए, तो न केवल जहरमुक्त और स्वास्थ्यवर्धक भोजन प्राप्त किया जा सकता है, बल्कि किसानों की आमदनी भी कई गुना बढ़ाई जा सकती है। उनकी यह पहल आज अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है और प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ते कदमों को नई दिशा दे रही है।

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आंगनबाड़ी सहायिका पद के लिए 6 जनवरी तक आवेदन आमंत्रित

रायगढ़, 22 दिसम्बर 2025/ एकीकृत बाल विकास परियोजना रायगढ़ (शहरी) रायगढ़ अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्र विनोबनगर ए वार्ड क्रमांक 24 में आंगनबाड़ी सहायिका के रिक्त पद के लिए 6 जनवरी 2026 तक आवेदन आमंत्रित किए गए है। इच्छुक आवेदिका नियत तिथि एवं समय पर आवेदन परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना, रायगढ़ में जमा कर सकते है। इस संबंध में अन्य विस्तृत जानकारी के लिए कार्यालय में संपर्क कर सकते है।

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किसान 31 दिसम्बर तक करा सकेंगे उद्यानिकी फसलों का बीमा

रायगढ़, 22 दिसम्बर 2025/ उद्यानिकी फसल उत्पादक किसानों के लिए शासन की अधिसूचना के साथ वर्ष 2025-26 के लिए पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना राज्य में लागू कर दी गई है। इस योजना के अंतर्गत रबी मौसम की प्रमुख उद्यानिकी फसलें टमाटर, बैंगन, फूलगोभी, पत्तागोभी, आलू एवं प्याज को शामिल किया गया है। रायगढ़ जिले के इच्छुक ऋणी एवं अऋणी किसान 31 दिसम्बर 2025 तक लोक सेवा केंद्र, बैंक शाखा, सहकारी समिति अथवा एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी के प्रतिनिधियों से संपर्क कर अपनी फसलों का बीमा करा सकते हैं। बीमा कंपनी के जिला स्तरीय प्रतिनिधि श्री संजीव कुमार साहू, मोबा. नंबर 7489601443 से भी किसान सीधे संपर्क कर सकते हैं।
             सहायक संचालक उद्यान रायगढ़ ने जानकारी देते हुए बताया कि योजना में शामिल होने के लिए अऋणी कृषकों (भूधारक एवं बटाईदार) को घोषणा पत्र के साथ फसल बुआई प्रमाण-पत्र अथवा प्रस्तावित फसल बोने के आशय का स्वघोषणा पत्र सहित आवश्यक दस्तावेज जमा करना होगा। चयनित उद्यानिकी फसलों के बीमा के लिए किसानों को निर्धारित बीमित राशि का केवल 5 प्रतिशत प्रीमियम देना होगा, जबकि शेष राशि राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा वहन की जाएगी। उन्होंने बताया कि जो ऋणी किसान योजना में शामिल नहीं होना चाहते हैं, उन्हें बीमा आवेदन की अंतिम तिथि से सात दिवस पूर्व संबंधित बैंक में हस्ताक्षरित घोषणा पत्र जमा करना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय-सीमा में घोषणा पत्र जमा नहीं करने पर संबंधित बैंक द्वारा रबी मौसम के लिए स्वीकृत या नवीनीकृत अल्पकालीन कृषि ऋण को अनिवार्य रूप से बीमाकृत किया जाएगा।
             इस योजना के तहत किसानों को तापमान में अत्यधिक उतार-चढ़ाव, कम या अधिक वर्षा, बेमौसम वर्षा, कीट एवं व्याधि अनुकूल मौसम, ओलावृष्टि, चक्रवाती हवाएं एवं हवा की गति जैसी प्राकृतिक आपदाओं से फसलों को होने वाले नुकसान पर बीमा लाभ मिलेगा। रबी मौसम में ओलावृष्टि अथवा चक्रवाती हवाओं से फसल क्षति की स्थिति में किसान 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर 1800-419-0344 पर सूचना दे सकते हैं अथवा लिखित रूप में संबंधित बैंक, स्थानीय राजस्व, उद्यानिकी या कृषि अधिकारी अथवा जिला उद्यान अधिकारी को अवगत करा सकते हैं। उद्यान विभाग ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे समय-सीमा के भीतर फसल बीमा कराकर प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से स्वयं को सुरक्षित करें। कृषक लगाये गये फसल का केवल एक बार ही बीमा आच्छादन का लाभ ले सकता है। एक रकबे को एक से अधिक बार बीमा होने की स्थिति मे बीमा कम्पनी द्वारा ऐसे सभी दावो को निरस्त कर दिया जाएगा। इस संबंध में अन्य विस्तृत जानकारी के लिए कार्यालय सहायक संचालक उद्यान, रायगढ़ में संपर्क कर सकते है। 

*विकासखण्ड स्तर पर फसल बीमा हेतु संपर्क अधिकारी नियुक्त* 

           फसल बीमा कराने के लिए कृषक अपने-अपने विकासखण्ड स्तर पर संबंधित उद्यान अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। इसके अंतर्गत विकासखण्ड़ घरघोड़ा में श्री अरविंद पैंकरा मो. 7828124106, लैलूंगा में श्रीमती कविता पैंकरा मो. 7694022446, तमनार में श्री संजय भगत मो. 9617774178, खरसिया में श्री जयकिशन भारद्वाज मो. 9977279570, पुसौर में श्री भूवनेश्वर बरेठ मो. 799140231 तथा विकासखण्ड रायगढ़ में श्री सूरजभान सिंह सिदार मो. 9406256367 से संपर्क कर आवश्यक जानकारी एवं सहयोग प्राप्त कर सकते हैं।

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रायगढ़: नैतिक शिक्षा और गतिविधि आधारित शिक्षण पर शिक्षकों को व्यवहारिक प्रशिक्षण,बाल-केंद्रित शिक्षा पर विशेष जोर.....

शिक्षकों का पाँच दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न

नैतिक शिक्षा व बाल-केंद्रित शिक्षण पर दिया गया विशेष जोर

नवीन पाठ्यपुस्तकों पर आधारित प्रशिक्षण का हुआ आयोजन

रायगढ़, 21 दिसम्बर 2025/ नई शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के अंतर्गत विकासखंड रायगढ़ की प्राथमिक शालाओं में कक्षा पहली, दूसरी एवं तीसरी का अध्यापन करने वाले शिक्षकों हेतु नवीन पाठ्यपुस्तकों एवं शिक्षण योजना पर आधारित पाँच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन 15 से 20 दिसंबर तक सफलतापूर्वक किया गया। यह प्रशिक्षण कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश, जिला शिक्षा अधिकारी डॉ.के.वी.राव के तथा विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री संजय पटेल एवं विकासखंड स्त्रोत समन्वयक श्री मनोज अग्रवाल के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम विकासखंड के चार चयनित केंद्रों प्राथमिक शाला ननसिया, माध्यमिक शाला जुर्डा, प्राथमिक शाला कोतरा एवं माध्यमिक शाला उर्दना में सुचारु रूप से संचालित किया गया।
       प्रशिक्षण का संचालन जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान डाईट धरम जयगढ़ से प्रशिक्षित एवं अनुभवी मास्टर ट्रेनर्स द्वारा किया गया। इनमें श्री रोहित सिदार, श्री पहलाद चौहान, श्रीमती शिव कुमारी कंवर, श्रीमती लता महंत, मीना मैडम सहित अन्य प्रशिक्षक शामिल रहे। मास्टर ट्रेनर्स द्वारा शिक्षकों को नवीन पाठ्यपुस्तकों की अवधारणा, आधुनिक अध्यापन विधियाँ, गतिविधि आधारित शिक्षण, सीखने के परिणाम तथा सहायक एवं पूरक सामग्री के प्रभावी उपयोग पर व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों की उपस्थिति क्यूआर कोड आधारित प्रणाली से दर्ज की गई, जिससे पारदर्शिता एवं अनुशासन सुनिश्चित हुआ।
           प्रशिक्षण के अंतिम दिवस विकासखंड स्त्रोत समन्वयक श्री मनोज अग्रवाल ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए प्रारंभिक कक्षाओं में नैतिक शिक्षा, जीवन मूल्य, अनुशासन, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं सांस्कृतिक चेतना के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बच्चों में देश, समाज एवं संस्कृति के प्रति गर्व की भावना विकसित करना समय की आवश्यकता है और इसमें शिक्षक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रशिक्षण के संचालन में सीएसी उर्दना श्री विकास पटेल, सीएसी कोतरा श्री विनोद सिंह, सीएसी लोइंग श्री मनोज गुप्ता सहित सभी केंद्र प्रभारियों, सहयोगी स्टाफ एवं प्रतिभागी शिक्षकों का योगदान रहा। प्रशिक्षण में सम्मिलित शिक्षकों ने इसे नवीन शिक्षा नीति के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण, प्रभावी एवं बाल-केंद्रित अध्यापन के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

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जंगल में बड़ा खतरा: 30 हाथियों का झुंड और शावक हाथी की मौत”,हाथियों का झुंड गांव के करीब, वन विभाग की चेतावनी!”

बंगुरसिया वन क्षेत्र में 30 हाथियों का दल सक्रिय, वन विभाग अलर्ट

तालाब के पास मिला छह माह का नर हाथी शावक मृत, जांच के लिए नमूने बरेली भेजे गए

ग्रामीणों से सतर्क रहने और हाथियों की सूचना तुरंत देने की अपील

रायगढ़, 21 दिसंबर 2025। रायगढ़ वनमंडल के अंतर्गत वन परिक्षेत्र रायगढ़ के बंगुरसिया वन क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह से लगभग 30 हाथियों का दल विचरण कर रहा है। 19 दिसंबर की रात यह दल बंगुरसिया गांव के आसपास तथा बड़झरिया तालाब क्षेत्र में देखा गया, जहां हाथी सुबह तक मौजूद रहे। इसके पश्चात हाथियों का दल घने वन क्षेत्र की ओर चला गया।
आज सुबह लगभग 6 बजे वन विभाग के अधिकारियों द्वारा तालाब के समीप निरीक्षण किए जाने पर एक लगभग छह माह का नर हाथी शावक मृत अवस्था में पाया गया। इसकी सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई, जिन्होंने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया। सुरक्षा के दृष्टिगत मृत शावक का शव विच्छेदन कर उसे इंदिरा विहार, रायगढ़ लाया गया, जहां पशु चिकित्सा अधिकारी रायगढ़ की टीम की उपस्थिति में वनमंडलाधिकारी रायगढ़, उप वनमंडलाधिकारी, परिक्षेत्र अधिकारी रायगढ़ व तमनार तथा वन कर्मचारियों के समक्ष शव परीक्षण की प्रक्रिया पूरी की गई।
शव परीक्षण के दौरान अंगों को सुरक्षित कर दफनाया गया, वहीं संभावित संक्रामक बीमारी की जांच के लिए जैविक नमूने इंडियन वेटनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट, इज्जतनगर, बरेली (उत्तर प्रदेश) भेजे जा रहे हैं। रिपोर्ट प्राप्त होने के पश्चात ही शावक की मृत्यु के कारणों का स्पष्ट रूप से पता चल सकेगा।
इस बीच वन विभाग ने क्षेत्रवासियों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से आग्रह किया है कि वे हाथियों के झुंड के समीप न जाएं और हाथियों की उपस्थिति की जानकारी तुरंत टोल फ्री नंबर 1800-233-2631 अथवा संबंधित वन रक्षक, परिक्षेत्र सहायक एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी को दें। वन विभाग द्वारा हाथियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं।

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राज्य स्तरीय ‘नई चेतना 4.0’ जेंडर अभियान में रायगढ़ को विशेष सम्मान

रायगढ़, 21 दिसंबर 2025। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के अंतर्गत संचालित जेंडर अभियान के प्रभावी और योजनाबद्ध क्रियान्वयन के लिए रायगढ़ जिले को राज्य स्तरीय ‘नई चेतना 4.0’ जेंडर अभियान कार्यशाला में विशेष सम्मान से नवाजा गया है। यह उपलब्धि कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन, जिला पंचायत तथा बिहान मिशन की टीम के समन्वित प्रयासों का परिणाम है।
राज्य स्तरीय ‘नई चेतना 4.0’ जेंडर अभियान कार्यशाला का आयोजन सर्किट हाउस, सिविल लाइन्स, रायपुर में किया गया, जहां रायगढ़ जिले को जेंडर अभियान की प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमआईएस) का पूर्ण क्रियान्वयन करते हुए राज्य में सर्वाधिक प्रविष्टि दर्ज करने के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्मान जिले द्वारा समयबद्ध, सटीक और पारदर्शी सूचना प्रविष्टि के साथ-साथ जेंडर संवेदनशील कार्यों को प्राथमिकता देने के लिए प्रदान किया गया।
जिले की ओर से यह सम्मान एनआरएलएम के जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री अविक बासु, जेंडर मास्टर ट्रेनर श्रीमती मेनका सिदार एवं एफएनएचडब्ल्यू मास्टर ट्रेनर श्रीमती गीतमला दीदी ने सर्किट हाउस, सिविल लाइन्स, रायपुर में उपस्थित होकर ग्रहण किया।
उल्लेखनीय है कि ‘नई चेतना 4.0’ एक माह की अवधि का राष्ट्रीय स्तर का विशेष अभियान है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा, समानता और आर्थिक आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ करना है। यह अभियान दीनदयाल अंत्योदय राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है, जिसमें केंद्र सरकार के 11 विभागों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है। अभियान के माध्यम से महिलाओं के विरुद्ध हिंसा की रोकथाम, जागरूकता, संस्थागत समन्वय और आजीविका सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया गया। रायगढ़ जिले को यह सम्मान जिला प्रशासन, जिला पंचायत, बिहान मिशन की टीम, जेंडर मास्टर ट्रेनर्स तथा जमीनी स्तर पर कार्यरत स्वयं सहायता समूहों और कर्मचारियों के सुनियोजित प्रयास, बेहतर आपसी समन्वय और प्रभावी कार्यान्वयन के फलस्वरूप प्राप्त हुआ है।

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रायगढ़ जिले में ग्रामीण विकास को मिली डिजिटल गति, युक्तधारा पोर्टल से जीआईएस आधारित पंचायत प्लानिंग की शुरुआत

रायगढ़, 21 दिसंबर 2025। राज्य शासन की मंशा के अनुरूप रायगढ़ जिले में ग्रामीण विकास को अधिक पारदर्शी, वैज्ञानिक और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत विकसित युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से जिले में जीआईएस आधारित ग्राम पंचायत प्लानिंग की शुरुआत कर दी गई है। इस नवाचार से ग्राम पंचायत स्तर पर योजनाओं के निर्माण, परीक्षण और अनुमोदन की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल एवं भू-स्थानिक तकनीक से जुड़ गई है।
कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने बताया कि इस डिजिटल पहल से युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से की जा रही जीआईएस आधारित प्लानिंग से कार्यों की दूरदर्शी योजना संभव हो सकेगी। कार्यस्थल पहले से चिन्हित होने के कारण भूमि विवाद नहीं होंगे और योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचेगा।
रायगढ़ जिले के सभी 7 विकासखंडों में तकनीकी अमले द्वारा इस दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। प्रत्येक विकासखंड की सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाओं के माध्यम से प्रस्तावित कार्यों का अनुमोदन सुनिश्चित किया जा रहा है। योजना निर्माण में भू-स्थैतिक विश्लेषित कार्य एवं गैर भू-स्थैतिक विश्लेषित कार्य के संतुलन को विशेष रूप से ध्यान में रखा जा रहा है, जिससे क्षेत्र की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप योजनाएं तैयार हो सकें।

जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे ने बताया कि युक्तधारा पोर्टल की विशेषता यह है कि इसमें भौगोलिक योजना निर्माण, क्षेत्र उपचार योजना, पंचायत से लेकर विकासखंड स्तर तक ऑनलाइन स्वीकृति प्रक्रिया तथा नरेगासॉफ्ट के साथ पूर्ण एकीकरण किया गया है। तकनीकी सहायकों की टीम क्लस्टर आधारित स्थल चयन के पश्चात ग्राउंड ट्रुथिंग कर जियो-फेंसिंग, फोटोग्राफ, मानचित्र एवं आवश्यक दस्तावेजों के साथ कार्यों को पोर्टल पर अपलोड कर रही है।
इस डिजिटल व्यवस्था से ग्राम पंचायत स्तर पर पूर्ण पारदर्शिता, योजनाओं में अनियमितता पर प्रभावी रोक तथा शासकीय धन के सही उपयोग को सुनिश्चित किया जा सकेगा। इसके साथ ही ग्राम पंचायतों की सीमा अथवा बाउंड्री भी स्पष्ट रूप से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दिखाई देगी, जिससे भविष्य में किसी भी प्रकार के भूमि संबंधी विवाद की संभावना न्यूनतम हो जाएगी।
जिला प्रशासन द्वारा परियोजना को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए तकनीकी टीमों को  निर्देश दिए गए हैं। वहीं ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों में इस नई व्यवस्था को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। ग्रामीणों का मानना है कि युक्तधारा पोर्टल के सफल क्रियान्वयन से रायगढ़ जिला डिजिटल ग्रामीण विकास का आदर्श मॉडल बनकर उभरेगा।

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रायगढ़ : महापौर व सभापति ने बच्चों को पल्स पोलियो की दवा पिलाकर अभियान का किया शुभारंभ,जिले में 1.79 लाख बच्चों को कवर करने का लक्ष्य

रायगढ़, 21 दिसंबर 2025। राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान के अंतर्गत रविवार को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, इंदिरा नगर (मोदीनगर) में अभियान का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में महापौर श्री जीवर्धन चौहान, नगर निगम के सभापति द्वारा नवजात  शिशुओं को पोलियो की दो बूंद दवा पिलाकर अभियान की विधिवत शुरुआत की गई।अभियान का उद्देश्य देश एवं प्रदेश को पूर्णतः पोलियो मुक्त बनाए रखना है। अभियान के सफल एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कलेक्टर श्री  मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा विस्तृत सूक्ष्म कार्ययोजना तैयार की गई है।
इस अवसर पर महापौर श्री चौहान ने कहा कि भारत को पोलियो मुक्त बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर बल दिया कि शून्य से पाँच वर्ष आयु वर्ग का कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे। “दो बूंद जिंदगी” के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को समय पर पोलियो की दवा पिलाना समाज और राष्ट्र के सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. बी.पी. पटेल ने बताया कि राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान के तहत रायगढ़ जिले में 21 दिसंबर से तीन दिवसीय अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत शून्य से 05 वर्ष आयु वर्ग के 1,79,959 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए जिलेभर में 1307 पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं।
प्रथम दिवस बूथ स्तर पर टीकाकरण किया जा रहा है, जबकि द्वितीय एवं तृतीय दिवस स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को पोलियो की दवा पिलाएंगी।
अभियान की व्यापक जानकारी एवं जनसहभागिता सुनिश्चित करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में कोटवारों द्वारा मुनादी कराई जा रही है। अभियान के दौरान स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं मितानिन अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। साथ ही विभिन्न स्वयंसेवी एवं समाजसेवी संस्थाओं के कार्यकर्ता भी अभियान को सफल बनाने में सहयोग कर रहे हैं।

भीषण ठंड के बावजूद दिखा जनसहभागिता का उत्साह

सुबह-सुबह कड़ाके की ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में अभिभावक अपने छोटे बच्चों को लेकर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। अभिभावकों में पोलियो के प्रति जागरूकता और बच्चों के स्वस्थ भविष्य को लेकर विशेष उत्साह देखा गया, जिससे अभियान को सफल बनाने में जनसहभागिता का सकारात्मक संदेश मिला।
कार्यक्रम में वार्ड पार्षद त्रिवेणी डहरे, 
श्री महेश सिंह, राज्य सलाहकार, राष्टीय स्वास्थ्य मिशन रायपुर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री रंजना पैंकरा, नोडल अधिकारी डॉ. राजेश मिश्रा, विश्व स्वास्थ्य संगठन के डॉ. प्रशांत, शहरी कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. सोनाली मेश्राम,  डॉ. सेमतिका शर्मा, मीडिया अधिकारी उमा महंत, चोलेश्वर सिंह पटेल, हलधर यादव, सुनील पटेल सहित मितानिन दीदियाँ, स्वास्थ्य केंद्र का समस्त स्टाफ, स्वास्थ्यकर्मी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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शिक्षकों की अभिनव पहल डुडुंगजोर के विद्यालय को आदर्श विद्यालय बनाने  का लिया संकल्प 

जशपुरनगर,
  जशपुर जिले के पत्थलगांव विकासखण्ड में स्थित शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला के शिक्षकों ने संकुल समन्वयक रविशंकर यादव के पहल से अपने विद्यालय को आदर्श विद्यालय बनाने के लिए कमर कस ली है। 
         इन दोनो विद्यालय के सभी शिक्षक एवं संकुल शैक्षिक समन्वयक गत दिनों यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद कुमार गुप्ता से मिलने  जशपुर आये और उनसे मुलाकात कर शासकीय प्राथमिक शाला एवं माध्यमिक शाला डुडुंगजोर को आदर्श विद्यालय के रूप में  विकसित करने की बात कही और इसके लिए मार्गदर्शन मांगा। इस अवसर पर यशस्वी जशपुर के नोडल् अधिकारी विनोद कुमार गुप्ता ने उन्हे आदर्श विद्यालय बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए बताया कि विद्यालय के शिक्षकों को सबसे पहले पालकों का भरोसा जितना होगा, भरोसा जितने के लिए ग्रामवासियों के मन को जितना होगा। शिक्षकों को ग्राम में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्र जाना होगा और वहां दर्ज बच्चों की पुरी जानकारी लेकर उनके पालकों से घर जाकर सम्पर्क करना होगा और यह तय करना होगा कि आंगनबाड़ी केन्द्र में दर्ज बच्चों की शिक्षा उनके स्तर के अनुरूप अनिवार्य रूप से हो। इसके लिए शिक्षकों को सप्ताह में कम से कम एक दिन केन्द्र जाना होगा। श्री गुप्ता ने कहा कि अच्छा काम करने लिए समय से ज्यादा काम करना पड़ता है। सबसे पहले ग्रामवासियों को यह भरोसा दिलायें कि उनके स्कूल में बच्चों का भविष्य सुरक्षित है। शिक्षकों को स्कूल के विकास के लिए सतत् प्रयास करना होगा और यह स्वीकार करना होगा कि शिक्षक की जिम्मेदारी है कि उन्हें बच्चों का भविष्य बनाना है। शिक्षक को बच्चों के व्यक्तित्व का विकास कर बड़ो का आदर करना सिखाना होगा। 
        यदि एक शिक्षक रोज अपना बेस्ट अपनी पूरी क्षमता से बच्चों को देता है तो कोई भी उसे आगे बढ़ने से नहीं रोक सकता है। शिक्षकों को बच्चों को भी अपनी पूरी क्षमता का उपयोग ईमानदारी से करना सिखाना चाहिए। शिक्षकों को कम अच्छे बच्चों के स्तर को ध्यान में रखकर पाठ्यक्रम पूरा करना चाहिए और बच्चों को भरपुर लिखने का अभ्यास करना चाहिए। शिक्षकों को सदा प्रयास करना चाहिए कि बच्चों को विषयवस्तु को अच्छे से समझाये ना कि रटवायें। श्री गुप्ता ने कहा कि कभी भी शिक्षक या विद्यालय आदर्श नहीं होता बल्कि विद्यालय में अध्ययनरत बच्चे आदर्श होते हैं। विद्यालय के प्रधान पाठक व शिक्षकों को यह प्रयास करना चाहिए कि विद्यालय परिसर का वातावरण रुचिकर हो  और बच्चों को मजा आये। बच्चों में यह रूचि जागृत करना चाहिए कि बच्चे नियमित रूप से विद्यालय आये। इस अवसर पर यशस्वी जशपुर के संजीव शर्मा, अवनीश पाण्डेय सहित शैक्षिक संकुल समन्वयक रविशंकर यादव, प्रधानपाठक मार्टिन कुजूर, शिक्षक पंचराम सिदार, प्रेम जार्ज एक्का, दीनदयाल पटेल, पदमलोचन पटेल, अशोक कुमार गुप्ता उपस्थित रहे।

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