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धरमजगढ़ में सांसद खेल महोत्सव का हुआ आयोजन, 322 खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक लिया भाग,रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़ एवं जशपुर के खिलाड़ी हुए शामिल,सांसद द्वारा खिलाड़ियों को पुरुष्कार वितरण किया गया

रायगढ़, 26 दिसम्बर 2025/धरमजगढ़ के दषहरा मैदान में गुरुवार को सांसद खेल महोत्सव  का आयोजन किया गया। इसमें रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़ एवं जशपुर जिले के कुल 322 खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा क्षेत्रों में आयोजित सांसद खेल महोत्सव को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया, नगर पंचायत अध्यक्ष श्री अनिल सरकार उपस्थित थे।
          डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी सहायक संचालक खेल एवं युवा कल्याण श्री धनराज मरकाम ने बताया कि सांसद खेल महोत्सव में व्यक्तिगत खेलः 100मी दौड़, लम्बीकूद, 800मी. दौड़, बैडमिंटन  फुगड़ी, गेड़ी दौड़ तथा दलीय खेल में वॉलीबॉल, कबड्डी, खो-खो, रस्साकसी आदि खेल को शामिल किया गया था। व्यक्तिगत खेलों में खेल प्रतियोगिता का आयोजन 02 आयु वर्गों 15 से 20 वर्ष तथा 21 से 35 वर्ष तथा दलीय खेलों में 15 से 35 वर्ष तक के खिलाड़ियों के मध्य आयोजित किया गया। उक्त खेल प्रतियोगिता में बालिका वर्गमें 100मी. दौड़(15 से 20 वर्ष) में प्रथम स्थान कु.रागिनी राठिया(रायगढ़), द्वितीय स्थान कु. संध्या सिदार (सारंगढ़-बिलाईगढ़) तथा में 100मी. दौड़(20 से 35 वर्ष) में प्रथम स्थान पूर्णिमा चौहान (रायगढ़), द्वितीय स्थान मेदनी नाग (सारंगढ़-बिलाईगढ़), तृतीय स्थान उर्मिला साम्ले (सारंगढ़-बिलाईगढ़), 800मी. दौड़(15 से 20 वर्ष) में प्रथम स्थान कु.रागिनी राठिया(रायगढ़), द्वितीय स्थान ईश्वरी सिदार (सारंगढ़-बिलाईगढ़) तथा 800मी. दौड़ (20 से 35 वर्ष) में प्रथम स्थान कषिला भगत(रायगढ़), द्वितीय स्थान सुक्रिता बड़ा (सारंगढ़-बिलाईगढ़), तृतीय स्थान उर्मिला साम्ले (सारंगढ़-बिलाईगढ़) को मिला।  
        इसी तरह गेड़ी दौड़ प्रतियोगिता (15 से 20वर्ष) में प्रथम स्थान भूमिका देवांगन (रायगढ़),फुगड़ी  (15 से 20वर्ष) में प्रथम स्थान सुनिता धोबी (रायगढ़), द्वितीय स्थान हेमकुमारी यादव(सांरगढ़-बिलाईगढ़), फुगड़ी(20 से 35 वर्ष) में प्रथम स्थान डाविन राठिया (रायगढ़), द्वितीय स्थान समिला बाज(जषपुर), तृतीय स्थान सुहज कुमारी कोडाकू (सांरगढ़-बिलाईगढ़), बैडमिंटन(15 से 20वर्ष) में प्रथम स्थान अषलेषा सिदार(रायगढ़), द्वितीय स्थान निकिता तिर्की(जशपुर), लम्बीकूद (15से 20 वर्ष) में प्रथम स्थान लिताषा (सांरगढ़-बिलाईगढ़) द्वितीय स्थान पुनिया सिदार (रायगढ़) लम्बीकूद (20से 35 वर्ष) में प्रथम स्थान नीरा टोप्पो(सांरगढ़-बिलाईगढ़) द्वितीय स्थान उर्मिला सामले(सांरगढ़-बिलाईगढ़),कबड्डी में प्रथम स्थान रायगढ़ महिला टीम, द्वितीय स्थान जषपुर महिला टीम, रस्साकसी में प्रथम स्थान सारंगढ़-बिलाईगढ़, द्वितीय स्थान रायगढ़, खो-खो में प्रथम स्थान रायगढ़, द्वितीय स्थान जषपुर, वॉलीबॉल में प्रथम स्थान रायगढ़, द्वितीय स्थान सारंगढ़-बिलाईगढ़ का रहा। 
           इस प्रकार पुरूष वर्ग में 100मी. दौड़ (15 से 20 वर्ष)में प्रथम स्थान अरविन्द राठिया(रायगढ़), द्वितीय स्थान विक्की साहू (सारंगढ़-बिलाईगढ़) तृतीय स्थान गोविन्द गुप्ता(जशपुर) तथा में 100मी. दौड़(20 से 35 वर्ष) में प्रथम स्थान आषीष कुमार बरला (जशपुर), द्वितीय स्थानमनीष यादव (सारंगढ़-बिलाईगढ़), तृतीय स्थान शनि सिदार (रायगढ़़), 800मी. दौड़(15 से20) में प्रथम स्थान रोहित खलखो(रायगढ़), द्वितीय स्थान उपिन मेहर (सारंगढ़-बिलाईगढ़) तृतीय स्थान अरमान खलखो(जशपुर) तथा 800मी. दौड़ (20 से 35 वर्ष) में प्रथम स्थान कृष उरांव(रायगढ़), द्वितीय स्थान रोहित चौहान (सारंगढ़-बिलाईगढ़), तृतीय स्थान अरमान खलखो(जषपुर), गेड़ी दौड़(15 से 20वर्ष) में प्रथम स्थान पोष्पेन्द्र राठिया (रायगढ़), द्वितीय दशवत साव(जशपुर), खीरसागर मिरी(सारंगढ़-बिलाईगढ़)गेड़ी दौड़(20 से 35 वर्ष) प्रथम रमेश कुमार (रायगढ़), द्वितीय विषाल (जषपुर)फुगड़ी (15 से 20वर्ष) में प्रथम स्थान आषुतोष भगत (रायगढ़), द्वितीय स्थान मनीष नाग (सांरगढ़-बिलाईगढ़),तृतीय सुनील सिदार (सांरगढ़-बिलाईगढ़)फुगड़ी (20 से 35 वर्ष) में प्रथम स्थान रमेष कुमार (रायगढ़), द्वितीय स्थान राकेश मिरी(सांरगढ़-बिलाईगढ़) बैडमिंटन(15 से 20वर्ष) में प्रथम स्थान स्वास्तिक दर्षन (रायगढ़),बैडमिंटन (15 से 20वर्ष) में प्रथम स्थान प्रषांत चैनानी रायगढ़, द्वितीय स्थान रवि प्रकाष साहू(सांरगढ़-बिलाईगढ़), लम्बीकूद (15से 20 वर्ष) में प्रथम स्थान आयुष पटेल(रायगढ़) द्वितीय स्थान कृष्णा सागर (सारंगढ़-बिलाईगढ़) तृतीय स्थान गोविन्द गुप्ता जशपुर लम्बीकूद (20से 35 वर्ष) में प्रथम स्थान देवधर द्वितीय स्थान आषीष कुमार (सांरगढ़-बिलाईगढ़) एवं तृतीय स्थान बंषीलाल राठिया रायगढ़ ने प्राप्त किया। 
          कबड्डी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान जिला रायगढ़, द्वितीय स्थान जिला सांरगढ़-बिलाईगढ़, रस्साकसी में प्रथम स्थान सारंगढ़-बिलाईगढ़, द्वितीय स्थान रायगढ़, खो-खो में प्रथम स्थान रायगढ़, द्वितीय स्थान जशपुर, वॉलीबॉल में प्रथम स्थान जिला-सांरगढ़-बिलाईगढ़़, द्वितीय स्थान जिला-रायगढ़ का रहा। प्रतियोगिता समाप्ति उपरांत सांसद श्री राठिया द्वारा विजेता खिलाड़ियोें को नगद पुरस्कार, प्रमाण पत्र एवं शील्ड/मोमेंटो प्रदाय कर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया गया। 
           इस अवसर पर श्री शिशुपाल गुप्ता उपाध्यक्ष जनपद पंचायत धरमजयगढ़, श्री विजय यादव पार्षद नगर पंचायत धरमजयगढ़, श्री नरेश राठिया पार्षद नगर पंचायत धरमजयगढ़, श्री अरूणधर दीवान, ज्योति पटेल सांरगढ़-बिलाईगढ़, श्री नरेश पंडा, श्री गोकुल यादव, श्री टीकाराम पटेल, एसडीएम धरमजयगढ़ श्री प्रवीण भगत, श्री मदन लाल साहू सी.ई.ओ. जनपद पंचायत धरमयजगढ़, श्री हितेश साहू तहसीलदार धरमयगढ़, श्री बी.के डनसेना व्यायाम शिक्षक, श्री जितेष्वर प्रधान व्यायाम शिक्षक, श्री चन्द्रमणी गुप्ता व्यायाम शिक्षक, श्री ठाकुर प्रसाद गुप्ता, श्री कृष्णकुमार पटेल, श्री प्रेमशकर नायक सहित बड़ी संख्या में खेली प्रेमी मौजूद रहे।

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नवसंकल्प में शुरू हुई निःशुल्क CGPSC टेस्ट-सीरीज़—जशपुर के छात्र तैयार हो रहे हैं सफलता के लिए

जशपुरनगर 25 दिसम्बर 2025/ नवसंकल्प शिक्षण संस्थान, जशपुर में आगामी छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग  प्रारंभिक परीक्षा 2025 के लिए निःशुल्क टेस्ट-सीरीज़ शुरू की गई है। यह पहल जिला प्रशासन के सहयोग से की गई है, ताकि जिले के युवा प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। सीजीपीएससी 2025 की अधिसूचना पहले ही जारी हो चुकी है और इस वर्ष कुल 265 पदों के लिए भर्ती प्रस्तावित है। प्रतियोगी छात्रों की तैयारी को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से नवसंकल्प में 17 दिसम्बर 2025 से टेस्ट-सीरीज़ प्रारंभ कर दी गई है, जिसका अंतिम चरण 14 फरवरी 2026 को पूरा होगा।

    इस टेस्ट-सीरीज़ में कुल 18 टेस्ट शामिल किए गए हैं। पहले चरण में 10 टेस्ट विभिन्न टॉपिक्स पर आधारित होंगे। दूसरे चरण में 5 टेस्ट विषय-वार संचालित किए जाएंगे। अंतिम चरण में 3 फुल-लेंथ टेस्ट लिए जाएंगे, ताकि अभ्यर्थियों को वास्तविक परीक्षा जैसे माहौल में अभ्यास का अवसर मिल सके। संस्थान की प्राचार्या सुश्री दुर्गेश्वरी सिंह ने बताया कि सभी टेस्ट प्रत्येक बुधवार और शनिवार को दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक आयोजित किए जाएंगे। प्रत्येक टेस्ट में 100 बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे, जिन्हें वर्तमान परीक्षा-पैटर्न के अनुरूप विशेषज्ञों द्वारा तैयार किया गया है। टेस्ट-सीरीज़ पूरी तरह ऑफलाइन आयोजित की जा रही है। इच्छुक छात्र कार्यालयीन समय में संस्थान पहुँचकर निःशुल्क पंजीयन कर सकते हैं। प्राचार्या ने बताया कि यह श्रृंखला प्रतियोगियों को प्रश्न-समाधान कौशल, समय प्रबंधन और विषय-वस्तु की समझ में अत्यंत सहायक होगी।नवसंकल्प का उद्देश्य है कि इस पहल से जशपुर जिले के छात्र, विशेषकर ग्रामीण पृष्ठभूमि के अभ्यर्थी, राज्य प्रशासनिक सेवाओं में चयन का अवसर प्राप्त कर सकें और जिले का नाम गौरवान्वित करें।

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छत्तीसगढ़ शासन की पहल: सुशासन शिविर बना ग्रामीणों के लिए जीवन बदलने वाला माध्यम,सीधे लाभ पहुँचा आम जनता तक

जशपुरनगर 25 दिसम्बर 2025/ छत्तीसगढ़ शासन की अभिनव पहल सुशासन शिविर “प्रशासन गांव की ओर” के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं को सीधे आम जनता तक पहुँचाने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। इसी कड़ी में विकासखंड फरसाबहार में 24 दिसम्बर 2025 को सुशासन शिविर का आयोजन किया गया। जहाँ विभिन्न विभागों द्वारा अपने–अपने स्टॉल लगाकर योजनाओं की जानकारी दी गई तथा विभागवार आवेदन पत्र प्राप्त किए गए।
शिविर के दौरान कुल 28 आवेदन पत्र प्राप्त हुए, जिनमें खाद्य विभाग से 1, कृषि विभाग से 1, महिला एवं बाल विकास विभाग से 7, विद्युत विभाग से 1, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से 3, पशुपालन विभाग से 4, राजस्व विभाग से 8, क्रेडा विभाग से 2 तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से 1 आवेदन शामिल है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा कई हितग्राहियों को मौके पर ही त्वरित लाभ भी प्रदान किया गया।

      शिविर की सबसे भावनात्मक सफलता ग्राम पंचायत बनगांव निवासी श्री ब्रिज कुमार चौहान की रही, जो विगत तीन माह से ट्रायसाइकिल प्राप्त करने हेतु प्रयासरत थे। शिविर के माध्यम से उन्हें तत्काल ट्रायसाइकिल प्रदान की गई, जिससे उनके दैनिक जीवन में आने वाली कठिनाइयों का समाधान हुआ। उन्होंने इसके लिए शासन–प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही शिविर में 5 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के स्वीकृति आदेश प्रदान किए गए तथा ग्राम पंचायत फरसाबहार निवासी श्रीमती जानकी बाई पति रघुनाथ राम, श्री चन्द्रशेखर बेहरा पिता लक्ष्मण बेहरा, पारस पिता ईश्वर साय एवं बबलू पटेल पिता दिनेश्वर लाल पटेल को अपने पूर्ण आवास का प्रमाण पत्र सौंपा गया। मनरेगा के माध्यम से कुल 8 हितग्राहियों को जॉब कार्ड प्रदान किए गए, जिनमें ग्राम पंचायत हेटघींचा से श्रीमती करिश्मा बाई पति ईशांत राम, ग्राम पंचायत फरसाबहार से श्रीमती जीवन्ती खलखो पति संदीप खलखो, पतरेसिया मिंज पति जोहन मिंज, मंजू तिग्गा पति सलीम तिग्गा, ग्राम पंचायत खुटगांव से श्रीमती असरिता भगत पति रामदेव भगत, दुलमनी भगत पति परमानन्द भगत, आशा मिंज पति मनोज तिर्की तथा राधा चौहान पति तेजू प्रसाद शामिल हैं। इन परिवारों को सुशासन शिविर के माध्यम से 125 दिनों का रोजगार सुनिश्चित हुआ है। शासन की यह पहल इस बात का प्रमाण है कि सुशासन शिविर वास्तव में जरूरतमंदों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का सशक्त माध्यम बन रहा है। शासन की यह पहल न केवल सहायता प्रदान करती है, बल्कि जरूरतमंदों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने की नई आशा भी देती है।

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छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक नवाचार और सुशासन का नया अध्याय: मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025–26 की धमाकेदार घोषणा

रायपुर, 25 दिसंबर/छत्तीसगढ़ में सुशासन की दिशा में हो रहे परिवर्तन और प्रशासनिक संस्कृति के सुदृढ़ होते स्वरूप को रेखांकित करते हुए आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025–26 की घोषणा की । यह पुरस्कार राज्य के विभिन्न जिलों और विभागों द्वारा लागू किए गए उन नवाचारों को सम्मानित करने हेतु दिए जाएंगे, जिन्होंने शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा स्थापित ये पुरस्कार इस बात का स्पष्ट संकेत हैं कि राज्य शासन सार्वजनिक प्रशासन के केंद्र में नवाचार, ठोस परिणाम और नागरिक हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। उन्होंने कहा कि शासन की गुणवत्ता को केवल मंशा या व्यय के आधार पर नहीं, बल्कि उसके वास्तविक, मापनीय प्रभाव, विस्तार-योग्यता और जमीनी समस्याओं के समाधान की क्षमता के आधार पर आँका जाना चाहिए। मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार इस नई प्रशासनिक सोच को संस्थागत रूप देने का प्रयास हैं, जहाँ तकनीक, संवेदनशीलता और संस्थागत सुधार मिलकर सार्वजनिक सेवा को सशक्त बनाते हैं।

उन्होंने कहा कि सुशासन केवल नीतियों से नहीं, बल्कि निरंतर हो रहे नवाचारों से साकार होता है। परम श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती पर मनाए जा रहे सुशासन दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ में जनहित को केंद्र में रखकर विकसित किए गए उत्कृष्ट प्रशासनिक नवाचारों को सम्मानित करने के लिए मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025–26 के विजेताओं की घोषणा की गई है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि शासन में नवाचार कोई विकल्प नहीं, बल्कि समय की आवश्यकता और प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक प्रणालियों को नागरिकों की अपेक्षाओं के अनुरूप गति, पारदर्शिता और विश्वसनीयता के साथ निरंतर स्वयं को ढालना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन नवाचारों के सम्मान की आज घोषणा की गई  है, वे केवल व्यक्तिगत उपलब्धियाँ नहीं, बल्कि भविष्य-उन्मुख शासन के लिए अनुकरणीय और दोहराने योग्य मॉडल हैं। मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025–26 के लिए एक सुदृढ़ और बहु-स्तरीय मूल्यांकन प्रक्रिया अपनाई गई है, जिसका उद्देश्य समावेशिता और गुणवत्ता के बीच संतुलन स्थापित करना था। उन्होंने कहा कि इस वर्ष कुल 312 नवाचार प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें 275 जिलों से और 37 राज्य स्तरीय विभागों से थे। यह व्यापक सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि शासन के प्रत्येक स्तर पर समस्या-समाधान की नवाचारी सोच विकसित हो रही है। यह प्रवृत्ति समाधान-केंद्रित प्रशासन की ओर हो रहे सांस्कृतिक बदलाव को भी दर्शाती है।

मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार हेतु दो-स्तरीय चयन प्रक्रिया के अंतर्गत पहले चरण में 55 नवाचारों को शॉर्टलिस्ट किया गया। इसके बाद 13 नवाचारों को फाइनलिस्ट के रूप में चुना गया और अंततः 10 विजेता नवाचारों का चयन किया गया, जिनमें जिला और विभागीय श्रेणियों से समान संख्या में प्रविष्टियाँ शामिल रहीं। मूल्यांकन के दौरान परिणामों को 50 अंक, विस्तार-योग्यता को 40 अंक और नवाचार को 10 अंक का भार दिया गया, जिससे यह सुनिश्चित किया गया कि सम्मान केवल विचारों पर नहीं, बल्कि वास्तविक और प्रभावशाली परिणामों पर आधारित हो।

जिला श्रेणी के विजेताओं में दंतेवाड़ा जिले की “ब्लॉकचेन आधारित भूमि अभिलेख डिजिटलीकरण” पहल एक प्रमुख उदाहरण के रूप में सामने आई। इस नवाचार के माध्यम से मैनुअल और कागजी प्रक्रियाओं को समाप्त कर ब्लॉकचेन आधारित छेड़छाड़-रोधी प्रणाली लागू की गई, जिससे भूमि अभिलेख प्राप्त करने का समय हफ्तों से घटाकर कुछ ही मिनटों में संभव हो सका। इस पहल से दस्तावेज़ी धोखाधड़ी पूरी तरह समाप्त हुई और सेवा प्रदाय में अभूतपूर्व तेजी आई, जिसने आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में राजस्व प्रशासन के लिए एक नया मानक स्थापित किया।

जशपुर जिले की “निर्माण जशपुर” पहल ने यह दर्शाया कि एकीकृत डिजिटल मॉनिटरिंग किस प्रकार बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के क्रियान्वयन को प्रभावी बना सकती है। 16 विभागों की 7,300 से अधिक परियोजनाओं और 444 ग्राम पंचायतों को कवर करने वाली इस प्रणाली ने रियल-टाइम निगरानी, जियो-टैग्ड सत्यापन और GIS आधारित योजना को संभव बनाया, जिससे कार्यों की गुणवत्ता में सुधार हुआ और विलंब में उल्लेखनीय कमी आई।

मोहला–मानपुर–अंबागढ़ चौकी में लागू संवर्धित टेक-होम राशन (A-THR) नवाचार ने गंभीर कुपोषण जैसी चुनौती का प्रभावी समाधान प्रस्तुत किया। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के सहयोग से विकसित इस पोषण-घन आहार के माध्यम से गंभीर कुपोषित बच्चों में 77.5 प्रतिशत सुधार दर दर्ज की गई। यह पहल इस बात का उदाहरण है कि साक्ष्य-आधारित पोषण हस्तक्षेप बड़े पैमाने पर जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।

गरियाबंद जिले की “हाथी ट्रैकिंग एवं अलर्ट ऐप” ने मानव–वन्यजीव संघर्ष को कम करने में तकनीक की भूमिका को सशक्त रूप से सामने रखा। AI आधारित ट्रैकिंग और रियल-टाइम अलर्ट व्यवस्था के माध्यम से मानव हताहतों की संख्या लगभग शून्य तक लाई गई, साथ ही फसल क्षति और मुआवजा बोझ में भी उल्लेखनीय कमी आई। राज्य के बाहर भी अपनाई जा चुकी यह पहल संघर्ष-संवेदनशील शासन का एक प्रभावी मॉडल बन चुकी है।

नारायणपुर जिले का “इंटिफाई इंटेलिजेंस टूल” आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में डेटा एकीकरण की उपयोगिता को दर्शाता है। रियल-टाइम, जियो-स्पेशियल और पूर्वानुमान आधारित इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से 100 से अधिक नियोजित अभियानों का संचालन संभव हुआ, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बेहतर हुआ और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में परिस्थितिजन्य जागरूकता को मजबूती मिली।

विभागीय श्रेणी में शिक्षा विभाग का “विद्या समीक्षा केंद्र (VSK)” डेटा-आधारित शिक्षा शासन का एक मजबूत स्तंभ बनकर उभरा। यह AI सक्षम प्लेटफॉर्म 56,000 से अधिक विद्यालयों, 2.83 लाख शिक्षकों और 57.5 लाख विद्यार्थियों की निगरानी करता है, जिससे ड्रॉपआउट की प्रारंभिक पहचान, संसाधनों का बेहतर उपयोग और साक्ष्य-आधारित निर्णय लेना संभव हो सका है।

वाणिज्य एवं उद्योग विभाग की “वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम” ने व्यवसाय सुगमता सुधार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। 16 विभागों की 136 सेवाओं को एकीकृत करते हुए इस प्रणाली ने अनुमोदन, प्रोत्साहन, शिकायत निवारण और निरीक्षण प्रक्रियाओं को सरल बनाया, जिससे विलंब कम हुआ और पारदर्शिता के साथ निवेशकों का विश्वास बढ़ा।

वाणिज्य कर (आबकारी) विभाग की समग्र ई-गवर्नेंस सुधार पहल ने राजस्व संग्रह और अनुपालन व्यवस्था को सुदृढ़ किया। एंड-टू-एंड डिजिटलीकरण, ट्रैक एंड ट्रेस प्रणाली और रियल-टाइम डैशबोर्ड के माध्यम से विभाग ने ₹5,425 करोड़ का राजस्व अर्जित किया और पारदर्शिता तथा नियामक निगरानी के नए मानक स्थापित किए।

वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की “FDS 2.0 – ई-कुबेर डिजिटल भुगतान प्रणाली” ने मैनुअल चेक आधारित प्रक्रियाओं को समाप्त कर पूर्णतः कैशलेस, RBI एकीकृत भुगतान व्यवस्था लागू की। इसके माध्यम से ₹1,776 करोड़ से अधिक के 18 लाख लेन-देन पूर्ण हुए, जिससे दूरस्थ और नक्सल प्रभावित वन क्षेत्रों में भी समय पर मजदूरी भुगतान, आजीविका सुरक्षा और पारदर्शी फंड प्रवाह सुनिश्चित हुआ।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा मनरेगा अंतर्गत लागू QR कोड आधारित सूचना स्वप्रकटिकरण व्यवस्था ने नागरिक-केंद्रित शासन को नई मजबूती दी। QR कोड के माध्यम से ग्रामीणों को वास्तविक समय की योजना जानकारी उपलब्ध कराकर इस पहल ने मध्यस्थों पर निर्भरता कम की और 11,000 से अधिक ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता को सुदृढ़ किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ये पुरस्कार छत्तीसगढ़ में जनकल्याण केंद्रित नवाचारों और सुशासन को प्रोत्साहन देने की एक नई शुरुआत हैं। यह इस बात का संकेत है कि छत्तीसगढ़ का भविष्य विस्तार-योग्य, नागरिक-केंद्रित और तकनीक-सक्षम शासन में निहित है। पुरस्कार प्राप्त करने वाले अधिकारी एवं टीमें एक प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थान में नेतृत्व विकास कार्यक्रम में भाग लेंगी, जिससे आज के नवाचार आने वाले समय में शासन के मानक बन सकें।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि लोक प्रशासन में नवाचार का अर्थ केवल नई तकनीक अपनाना नहीं, बल्कि नागरिकों को समयबद्ध, पारदर्शी और परिणाम-उन्मुख सेवाएँ प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर की जटिल चुनौतियों से निपटने के लिए शासन को निरंतर विकसित होना होगा और मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार की पहल यह सिद्ध करती हैं कि किस प्रकार विस्तार-योग्य, डेटा-आधारित और नागरिक-केंद्रित समाधान सार्वजनिक संस्थानों में विश्वास को मजबूत करते हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि छत्तीसगढ़ शासन सार्वजनिक सेवा के मूल मूल्य के रूप में नवाचार को निरंतर प्रोत्साहित करता रहेगा, ताकि शासन व्यवस्था को भीतर से रूपांतरित करते हुए प्रत्येक नागरिक तक मापनीय और सकारात्मक प्रभाव सुनिश्चित किया जा सके।

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अटलजी को नमन: सुशासन, राष्ट्रसेवा और लोककल्याण के अमर प्रतीक को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की श्रद्धांजलि

रायपुर 25 दिसंबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनकी जयंती के अवसर पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटलजी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रहित के लिए समर्पित रहा। लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण, सुशासन की स्थापना और जनकल्याण के व्यापक दृष्टिकोण के कारण वे देशवासियों के हृदय में सदैव अमर रहेंगे। वे केवल महान राजनेता ही नहीं, बल्कि संवेदनशील कवि, दूरदर्शी राजनेता और करुणा से भरे जननायक थे, जिन्होंने राजनीति को जनसेवा का सशक्त माध्यम बनाया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटलजी के नेतृत्व में देश ने विकास, पारदर्शिता और सुशासन की नई दिशा प्राप्त की।  उनका समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाने का संकल्प आज भी हमारी शासन-नीति का केंद्रीय आधार है। यही भावना छत्तीसगढ़ सरकार के प्रत्येक कार्यक्रम, योजना और निर्णय का मार्गदर्शन करती है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन को सशक्त बनाने के लिए प्रशासनिक सुधार, पारदर्शी व्यवस्था, समयबद्ध सेवाओं की आपूर्ति और जनविश्वास की पुनर्स्थापना के प्रयास लगातार जारी हैं। यह यात्रा अटलजी के विचारों, आदर्शों और प्रेरणा से ऊर्जा प्राप्त करती है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे अटल बिहारी वाजपेयी के आदर्शों—ईमानदारी, संवेदनशीलता, संवाद और समावेशी विकास—को अपने जीवन और कार्य में अपनाएँ तथा विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदार बनें।

इस अवसर पर विधायक श्री किरण सिंह देव उपस्थित थे।

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फिट युवा, विकसित भारत’ का जयघोष: सांसद खेल महोत्सव का 85 हजार खिलाड़ियों के साथ सांसद खेल महोत्सव का ऐतिहासिक समापन

रायपुर, 25 दिसम्बर 2025/ सांसद खेल महोत्सव– ‘फिट युवा, विकसित भारत’ का समापन समारोह आज पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, रायपुर में उत्साहपूर्ण और गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय खेल एवं युवा कार्य मंत्री श्री मनसुख मांडविया तथा देशभर के सांसद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े और समापन समारोह को वर्चुअल रूप से संबोधित किया। ऑडिटोरियम में उपस्थित जनसमूह ने प्रधानमंत्री के प्रेरक उद्बोधन को ध्यानपूर्वक सुना।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन की शुरुआत सुशासन दिवस की शुभकामनाओं के साथ करते हुए भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी को नमन किया। उन्होंने कहा कि सांसद खेल महोत्सव– ‘फिट युवा, विकसित भारत’ जैसे आयोजन युवा पीढ़ी में खेल संस्कृति को मजबूत बनाते हैं और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए सशक्त मंच प्रदान करते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह महोत्सव लगभग चार महीनों तक रायपुर संसदीय क्षेत्र के 36 विभिन्न स्थानों पर आयोजित किया गया। इसमें स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राओं के साथ-साथ ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की। उन्होंने इस व्यापक और सुव्यवस्थित आयोजन के लिए सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल को विशेष बधाई दी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खेलों में केवल पहला, दूसरा या तीसरा स्थान ही सबकुछ नहीं होता, बल्कि अनुशासन, टीम-स्पिरिट, समर्पण और सतत अभ्यास के गुण ही किसी को महान खिलाड़ी बनाते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस महोत्सव से अनेक खिलाड़ी उभरकर सामने आएंगे, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ और देश का नाम रोशन करेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खिलाड़ियों के सपनों को पंख देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का सुनहरा अवसर मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है। छत्तीसगढ़ में खेल अलंकरण समारोह पुनः प्रारंभ किया गया है। ओलंपिक में प्रदेश के खिलाड़ी के चयन पर 21 लाख रुपये तथा स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक विजेताओं को क्रमशः 3 करोड़, 2 करोड़ और 1 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। 

उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 में ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ की मेजबानी छत्तीसगढ़ को मिली है, जो प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। रायपुर का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम देश का तीसरा सबसे बड़ा स्टेडियम है और जनवरी माह में यहां पुनः बड़े मैचों का आयोजन किया जाएगा। खेलो इंडिया के कार्यालय विभिन्न स्थानों पर स्थापित कर नई खेल प्रतिभाओं को तराशने का कार्य किया जा रहा है।

सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सांसद खेल महोत्सव– ‘फिट युवा, विकसित भारत’ का शुभारंभ 29 अगस्त को हुआ था और यह आयोजन रायपुर लोकसभा क्षेत्र के 36 स्थानों पर सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। उन्होंने कहा कि केवल पढ़ाई-लिखाई ही नहीं, बल्कि खेल-कूद भी जीवन में समान रूप से महत्वपूर्ण है और इसी के माध्यम से बच्चे देश-प्रदेश का नाम रोशन कर सकते हैं। इस महोत्सव में  542 गांवों से सहभागिता रही और 85 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, जो पूरे देश में रिकॉर्ड भागीदारी है।

उन्होंने कहा कि इस महोत्सव में पारंपरिक एवं आधुनिक खेलों का सुंदर समन्वय देखने को मिला। गेड़ी प्रतियोगिता में 70 वर्ष की महिलाओं की सहभागिता, कबड्डी, फुगड़ी, वॉलीबॉल जैसे खेलों में उत्साहपूर्ण प्रदर्शन और ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों द्वारा रस्साकशी में भागीदारी—सभी ने सामाजिक समरसता और समावेशन का सशक्त संदेश दिया। स्कूल छोड़ चुके युवाओं को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला तथा अनुभवी खिलाड़ियों का सम्मान किया गया।

सांसद श्री अग्रवाल ने कहा कि इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में लगभग 1,500 खेल अधिकारियों, विद्यालयीन शिक्षकों और सेवानिवृत्त खेल अधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। विश्वविद्यालय परिसरों में भी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। उन्होंने सभी खिलाड़ियों तथा आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि आने वाले समय में सांसद खेल महोत्सव को और अधिक सुव्यवस्थित, व्यापक और प्रभावी रूप दिया जाएगा।

समापन समारोह में विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया गया। समूह खेलों में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीम को 11,000 रुपये, द्वितीय स्थान को 5,000 रुपये तथा एकल खेलों में प्रथम स्थान पर 3,100 रुपये और द्वितीय स्थान पर 1,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि के साथ पदक, प्रशस्ति-पत्र एवं टी-शर्ट प्रदान किए गए।

कार्यक्रम में विधायक श्री राजेश मूणत, श्री सुनील सोनी, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री किरण सिंह देव, ज़िला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, नान अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिस्वरंजन सहित जनप्रतिनिधि, खेल विभाग के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे एवं नागरिक उपस्थित थे।

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अटल बिहारी वाजपेयी जयंती पर छत्तीसगढ़ में ऐतिहासिक पहल, हर नगरीय निकाय में बनेगा अटल परिसर

रायपुर 25 दिसम्बर 2025/
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के अवसर पर राज्य के 115 नगरीय निकायों में नवनिर्मित अटल परिसरों का लोकार्पण किया। उन्होंने राजधानी रायपुर में अटल एक्सप्रेस-वे के फुंडहर चौक पर स्थापित अटलजी की प्रतिमा का अनावरण तथा अटल परिसर का लोकार्पण करते हुए राज्यभर में आयोजित कार्यक्रमों से वर्चुअल रूप से जुड़कर अन्य 114 नगरीय निकायों में निर्मित अटल परिसरों का भी लोकार्पण किया।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह तथा तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरू खुशवंत साहेब कार्यक्रम में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने फुंडहर खेल मैदान में आयोजित कार्यक्रम में रायपुर नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत 186 करोड़ 98 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत 23 कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 185 करोड़ 49 लाख रुपये के 17 कार्यों का भूमिपूजन तथा एक करोड़ 49 लाख रुपये के 6 कार्यों का लोकार्पण शामिल है। इस अवसर पर उन्होंने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा प्रकाशित अटल परिसरों पर आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के पाँच हितग्राहियों को भवन निर्माण अनुज्ञा-पत्र एवं पीएम स्वनिधि योजना के तहत पाँच महिला हितग्राहियों को 50-50 हजार रुपये के चेक वितरण किए गए।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में अटलजी की 101वीं जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उपस्थित नागरिकों को सुशासन दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा कि तीन करोड़ छत्तीसगढ़वासी आज अटलजी को कृतज्ञतापूर्वक नमन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अटलजी तीन बार देश के प्रधानमंत्री रहे, वे अजातशत्रु, प्रखर वक्ता, संवेदनशील कवि एवं श्रेष्ठ साहित्यकार थे। विरोधी दल भी उनके भाषणों को सुनने के लिए उत्सुक रहते थे।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से अटलजी ने गांव-गांव तक पक्की सड़कों का जाल बिछाया और बारहमासी सड़कों से ग्रामीण भारत को जोड़ा, जिससे छह लाख से अधिक गांवों में विकास के द्वार खुले। किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से किसानों को सुलभ कृषि ऋण उपलब्ध कराया गया, जिसका लाभ आज करोड़ों किसान उठा रहे हैं। अटल जी ने आदिम जाति विकास मंत्रालय का गठन कर उन्होंने आदिवासी कल्याण की योजनाओं को नई दिशा दी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज प्रदेश के 115 नगरीय निकायों में अटल परिसरों का लोकार्पण किया गया है। इससे पूर्व 60 स्थानों पर परिसरों का लोकार्पण हो चुका है। अटलजी के जन्म-शताब्दी वर्ष में सभी नगरीय निकायों में अटल परिसर निर्मित किए जा रहे हैं, ताकि छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता अटलजी की स्मृतियाँ चिरस्थायी बनी रहें। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के पश्चात छत्तीसगढ़ के विकास को नई गति मिली है। अटलजी की दूरदृष्टि और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दृढ़ संकल्प के साथ छत्तीसगढ़ विकसित राज्य बनने की दिशा में तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत रायपुर में 1023 आवासों की स्वीकृति दी गई है।

विधायक श्री किरण सिंह देव ने कहा कि अटलजी ने अपना वादा निभाते हुए छत्तीसगढ़ को अलग राज्य का स्वरूप प्रदान किया। आज डबल-इंजन की सरकार सभी वर्गों के विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘गुड गवर्नेंस’ की अवधारणा को देश ने अटलजी के नेतृत्व में अनुभव किया।

विधायक श्री मोतीलाल साहू ने कहा कि प्राकृतिक संपदा से परिपूर्ण होते हुए भी आर्थिक रूप से पिछड़े इस क्षेत्र की आवश्यकता को अटलजी ने पहचाना और नया राज्य देकर विकास का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने कहा कि बीते दो वर्षों में रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में लगभग 500 करोड़ रुपये के कार्य स्वीकृत किए गए हैं।

महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में रायपुर शहर का सर्वांगीण विकास हो रहा है और विकास के कार्य अंतिम पंक्ति तक पहुँच रहे हैं।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस ने अपने स्वागत उद्बोधन में अटल परिसरों के निर्माण तथा आज लोकार्पित एवं भूमिपूजित कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम में सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायकगण श्री राजेश मूणत, श्री सुनील सोनी, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री इंद्रकुमार साहू, श्री अनुज शर्मा, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री नंदकुमार साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ श्री शशांक पाण्डेय सहित नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग एवं रायपुर नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

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कृषि महाविद्यालय में महिलाओं के कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

रायगढ़, 25 दिसम्बर 2025/ कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, बोईदादर रायगढ़ में महिलाओं के कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्यस्थल के महत्व को समझाना था।
          कार्यशाला में कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ.ए.के.सिंह, महिला संरक्षण अधिकारी रायगढ़ श्रीमती चैताली रॉय, महिला सशक्तिकरण केंद्र रायगढ़ से श्रीमती सरिता सिन्हा तथा कृषि विज्ञान केंद्र की वैज्ञानिक एवं आंतरिक शिकायत समिति की अध्यक्ष डॉ. मनीषा चौधरी विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम के दौरान महिला संरक्षण अधिकारी श्रीमती चैताली रॉय ने कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम, 2013 के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने समस्त छात्र-छात्राओं तथा अधिकारी-कर्मचारियों को अधिनियम के प्रावधानों, शिकायत प्रक्रिया एवं आंतरिक शिकायत समिति की भूमिका से अवगत कराया। कृषि विज्ञान केंद्र की वैज्ञानिक एवं आंतरिक शिकायत समिति की अध्यक्ष डॉ.मनीषा चौधरी ने भी पॉश एक्ट के अंतर्गत शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया, लैंगिक उत्पीड़न की परिभाषा एवं उसके विभिन्न स्वरूपों पर छात्र-छात्राओं को विस्तार से जानकारी प्रदान की।
        इस अवसर पर महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ.ए.के.सिंह ने अपने संबोधन में पॉश एक्ट को महिलाओं की सुरक्षा हेतु एक महत्वपूर्ण एवं प्रभावी अधिनियम बताया तथा भविष्य में भी इस प्रकार की जागरूकता कार्यशालाएँ समय-समय पर आयोजित करने पर बल दिया। कार्यशाला में महाविद्यालय के समस्त छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। कार्यशाला के बाद प्रश्नोत्तर सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थितजनों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। कार्यशाला में आंतरिक शिकायत समिति के समस्त सदस्यगण डॉ.जी.आर.राठिया, डॉ.सरिता अग्रवाल, श्रीमती निराली पैकरा सहित अन्य सदस्यगण तथा महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण उपस्थित रहे।

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श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती पर जिले में मनाया गया सुशासन दिवस,गांव के अटल चौक में आयोजित हुए विभिन्न कार्यक्रम

रायगढ़, 25 दिसम्बर 2025/ भारत रत्न, देश के पूर्व प्रधानमंत्री एवं छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता श्रद्धेय श्री  अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती के अवसर पर आज जिले भर में सुशासन दिवस श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित अटल चौक में विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। जनप्रतिनिधियों, समाज सेवियों एवं आम नागरिकों ने अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया और उनके योगदान को स्मरण किया। श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी का सपना था कि शासन और जनता के बीच की दूरी कम हो तथा योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। सुशासन दिवस इसी विचारधारा का प्रतीक है, जो पारदर्शी, जवाबदेह और संवेदनशील प्रशासन की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
          कार्यक्रम में भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की दूरगामी सोच और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से गांव-गांव को पक्की सड़कों से जोड़ने का जो सपना अटल जी ने देखा था, वह आज साकार हो रहा है। इन सड़कों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों का सामाजिक और आर्थिक विकास तेज हुआ है। साथ ही, उनके नेतृत्व में किए गए परमाणु परीक्षणों ने भारत को विश्व पटल पर एक सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में स्थापित किया। सुशासन दिवस के अवसर पर अटल चौक में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान शासन की विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम नागरिकों को दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य अटल बिहारी वाजपेयी जी के आदर्शों को आत्मसात करते हुए सुशासन की भावना को जन-जन तक पहुंचाना रहा, जिसमें जिला प्रशासन सफल नजर आया।

*सुशासन सप्ताह-प्रशासन गाँव की ओर ग्राम पंचायतों में आयोजित शिविर में लोगों को मिला त्वरित समाधान*
 राज्य शासन के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश के साथ रायगढ़ जिले में भी सुशासन दिवस का आयोजन किया गया। जिसमें सुशासन सप्ताह-प्रशासन गाँव की ओर के तहत जिले में 19 से 25 दिसंबर तक ग्राम पंचायतों में विशेष शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में ग्रामीण सीधे अपने आवेदन लेकर आए और सरकारी सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं। यह पहल प्रशासन और जनता के बीच विश्वास और पारदर्शिता को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। शिविरों में नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया गया। शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को लंबी कतारों में खड़े होने या दूरस्थ कार्यालयों तक जाने की आवश्यकता नहीं पड़ी। हर दिन बड़ी संख्या में लोग शिविर में पहुँचकर अपने आवेदन जमा किए। इससे न केवल समय की बचत हुई बल्कि प्रशासन पर जनता का भरोसा भी बढ़ा।

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मुख्यमंत्री ने रायगढ़ में 50 लाख रुपए की लागत से निर्मित अटल परिसर का किया वर्चुअल लोकार्पण,अटल जी के विचारों से सशक्त छत्तीसगढ़, सुशासन की राह पर सतत अग्रसर-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायगढ़, 25 दिसम्बर 2025/ भारत रत्न, देश के पूर्व प्रधानमंत्री एवं छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने वर्चुअल माध्यम से प्रदेशभर में अटल शताब्दी वर्ष के अंतर्गत निर्मित 115 अटल परिसरों का लोकार्पण किया। इनमें रायगढ़ नगर पालिक निगम द्वारा सर्किट हाउस चौक में 50 लाख रुपए की लागत से निर्मित अटल परिसर भी शामिल है। ये अटल परिसर सुशासन, स्मृति और प्रेरणा के स्थायी केंद्र के रूप में विकसित किए गए हैं, जो आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा और लोक कल्याण के मूल्यों से जोड़ेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, लोकतांत्रिक मूल्यों और लोकहित के प्रति समर्पण का जीवंत प्रतीक है। 
           मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी केवल प्रधानमंत्री ही नहीं, बल्कि दूरदर्शी चिंतक थे, जिन्होंने राजनीति को सत्ता नहीं, बल्कि सेवा का सशक्त माध्यम बनाया। छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण उनके ऐतिहासिक नेतृत्व और दूरदृष्टि का अविस्मरणीय उदाहरण है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटलजी की सोच “अंतिम व्यक्ति तक विकास” आज भी छत्तीसगढ़ सरकार की नीति और नीयत का मूल आधार है। सुशासन की यह सतत यात्रा अटलजी के आदर्शों से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक, मानवीय और सांस्कृतिक संपदाओं से समृद्ध राज्य है और तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है। कार्यक्रम के दौरान अटल बिहारी वाजपेयी के छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण में योगदान तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुशासन के संकल्प पर आधारित विशेष वीडियो का भावपूर्ण प्रदर्शन किया गया।

*पहले बजट से अटल परिसरों का संकल्प-वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी*

        वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी ने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पूरे देश में सुशासन दिवस के रूप में मनाई जाती है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने अपने पहले बजट से ही प्रत्येक नगरीय क्षेत्र में अटल परिसर निर्माण का संकल्प लिया था, ताकि अटलजी के ऐतिहासिक योगदानों को स्थायी स्मृति के रूप में संरक्षित किया जा सके। आज प्रदेश में 115 अटल परिसरों का लोकार्पण इसी दूरदर्शी सोच का परिणाम है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में देश का पहला गुड गवर्नेंस डिपार्टमेंट गठित किया गया है। ग्राम पंचायतों में अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र, प्रशासनिक सरलीकरण तथा तकनीक आधारित सेवाओं से सुशासन को नई गति मिली है। उन्होंने विकसित भारत-2047 के लक्ष्य के अनुरूप छत्तीसगढ़ अंजोर विजन के माध्यम से प्रदेश को विकसित राज्य बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

*अटल परिसर युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत-महापौर*

       नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर अटल परिसर का लोकार्पण रायगढ़ के लिए अत्यंत गौरव का क्षण है। यह परिसर युवाओं को अटल जी के विचारों, मूल्यों और छत्तीसगढ़ निर्माण में उनके अमूल्य योगदान से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगा। उन्होंने रायगढ़ को महानगर की दिशा में तेजी से हो रहे विकास कार्यों का उल्लेख किया। नगर निगम सभापति श्री डिग्रीलाल साहू ने कहा कि अटलजी की जयंती सुशासन दिवस के रूप में मनाई जाती है और छत्तीसगढ़ उनके योगदान का सदैव ऋणी रहेगा। कार्यक्रम में श्री सुरेश गोयल, श्री सुभाष पांडेय, श्री विवेक रंजन सिन्हा, श्री श्रीकांत सोमावार, विकास केडिया, श्री पवन शर्मा, पार्षदगण, नगर निगम आयुक्त श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय, अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित थे।

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जिले के धान उपार्जन केंद्रों में किसान आसानी से बेच पा रहे हैं धान,मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की किसान हितैषी नीतियों से किसानों में उत्साह का माहौल

रायगढ़, 25 दिसम्बर 2025/ सुबह की ठंड में जब किसान अपने धान से भरी बोरियाँ लेकर उपार्जन केंद्र पहुँच रहे हैं, तो उनके चेहरों पर अब हड़बड़ी नहीं, बल्कि संतोष और भरोसे की मुस्कान दिखाई दे रही है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य जिले में 15 नवंबर से पूरी तरह सुव्यवस्थित और किसान-अनुकूल रूप में संचालित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप किसानों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार जिले के सभी धान उपार्जन केंद्रों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
        राज्य सरकार की अभिनव पहल ‘तुंहर टोकन’ मोबाइल ऐप आधारित 24 घंटे ऑनलाइन टोकन व्यवस्था ने धान खरीदी प्रक्रिया को सरल ही नहीं, बल्कि भरोसेमंद भी बनाया है। अब किसान घर बैठे, किसी भी समय मोबाइल ऐप के माध्यम से टोकन प्राप्त कर रहे हैं और निर्धारित तिथि पर सीधे उपार्जन केंद्र पहुँचकर सहजता से अपना धान बेच पा रहे हैं। इससे न केवल किसानों का समय बच रहा है, बल्कि टोकन के लिए इधर-उधर भटकने और लंबी कतारों में खड़े रहने की मजबूरी भी खत्म हो गई है। ऑनलाइन टोकन प्रणाली के चलते उपार्जन केंद्रों में पहले जैसी भीड़भाड़ नहीं दिखती। किसान तय समय पर आते हैं, धान तौलते हैं और संतोष के साथ लौटते हैं। तकनीक आधारित इस व्यवस्था से धान खरीदी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और किसान-हितैषी बनी है।
         जिले के सभी उपार्जन केंद्रों में धान की खरीदी नियमित रूप से की जा रही है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए समर्थन मूल्य की दर सूची उपार्जन केंद्रों में प्रमुखता से प्रदर्शित की गई है। सुव्यवस्थित व्यवस्था और सतत निगरानी के कारण किसानों को उनकी मेहनत का सही मूल्य समय पर मिल रहा है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की किसान हितैषी नीतियों का असर खेत-खलिहान से लेकर उपार्जन केंद्रों तक साफ नजर आ रहा है। ग्राम-कोड़ातराई के किसान श्री मायाराम साव बताते हैं कि वे चार एकड़ में खेती करते हैं और 50 क्विंटल धान बेचने समिति पहुँचे थे। पहले टोकन के लिए परेशान होना पड़ता था, लेकिन अब मोबाइल से ही सब हो जाता है। व्यवस्था अच्छी है, धान बेचने में कोई दिक्कत नहीं, उन्होंने संतोष के साथ कहा और शासन-प्रशासन का आभार व्यक्त किया। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में राज्य शासन द्वारा धान खरीदी की अवधि 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक निर्धारित की गई है।  भूमि धारिता के आधार पर किसानों को टोकन जारी किए जा रहे हैं-2 एकड़ तक भूमि वाले किसानों को एक टोकन, 2 से 10 एकड़ तक भूमि वाले किसानों को अधिकतम दो टोकन तथा 10 एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों को अधिकतम तीन टोकन दिए जा रहे हैं। किसान उपार्जन केंद्र से या ‘तुंहर टोकन’ मोबाइल ऐप के माध्यम से स्वयं टोकन प्राप्त कर सकते हैं, जो गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है।
       धान खरीदी प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए जिले में अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर एवं कॉल सेंटर सक्रिय है। इसके माध्यम से धान के अवैध परिवहन, भंडारण तथा बिचौलियों की गतिविधियों पर सतत निगरानी की जा रही है। धान खरीदी से संबंधित शिकायतें एवं सुझाव खाद्य विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-233-3663 पर दर्ज कराए जा सकते हैं। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने किसानों से अपील की है कि वे उपार्जन केंद्र में धान लाने से पूर्व उसे अच्छी तरह सुखाकर लाएं, जिसमें नमी 17 प्रतिशत से अधिक न हो, तथा टोकन, ऋण पुस्तिका और आधार कार्ड साथ रखें।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में विशेष पिछड़ी जनजातियों के जीवन में आया ऐतिहासिक परिवर्तन,मिला पक्का आशियाना, सम्मान और सुरक्षित भविष्य

रायगढ़, 25 दिसम्बर 2025/ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी और समावेशी विजन से संचालित पीएम जनमन योजना आज उन परिवारों के जीवन में आशा की नई किरण बनकर उभरी है, जिन्होंने कभी पक्के घर का सपना देखना भी छोड़ दिया था। यह योजना विशेष रूप से राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र माने जाने वाले बिरहोर जनजाति के लिए सम्मान, सुरक्षा और सशक्त भविष्य की मजबूत नींव सिद्ध हो रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में योजना का प्रभावी क्रियान्वयन करते हुए वर्षों से आवासहीन विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों को पक्का आशियाना उपलब्ध कराया जा रहा है। यह केवल एक आवास नहीं, बल्कि भयमुक्त जीवन, सामाजिक गरिमा और आत्मसम्मान का प्रतीक है।

*कच्चे घर से पक्के सपनों तक की प्रेरक यात्रा*
      बिरहोर जनजाति के श्री सुखीराम बिरहोर बताते हैं कि कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण उन्होंने कभी यह कल्पना भी नहीं की थी कि उनका परिवार पक्के घर में रह पाएगा। आज जब उन्हें पीएम जनमन योजना के अंतर्गत पक्का आवास मिला है, तो यह उनके लिए सपनों के साकार होने जैसा है। श्री हरिराम बिरहोर ने कहा कि बरसात के दिनों में कच्चे मकान में रहना अत्यंत कठिन होता था। जहरीले जीव-जंतुओं का हमेशा डर बना रहता था। अब पक्का आवास मिलने से उनका परिवार सुरक्षित और भयमुक्त जीवन जी रहा है। श्री राम सिंह बिरहोर ने कहा कि कठिन जीवन परिस्थितियों में आवास निर्माण असंभव प्रतीत होता था, लेकिन पीएम जनमन योजना ने इस असंभव को संभव बना दिया। वहीं श्री रामप्रसाद बिरहोर भावुक होते हुए कहते हैं कि पक्का घर मिलने से उनका परिवार अब आत्मसम्मान और गर्व के साथ समाज में जीवन-यापन कर सकेगा। हितग्राही रामेश्वरी बिरहोर ने प्रधानमंत्री आवास को अपने परिवार के लिए “वरदान” बताया।

*आवास बना सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण का प्रतीक*
       मंगलवार को नगर निगम ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री एवं कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम तथा वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी ने बिरहोर जनजाति के हितग्राहियों को उनके पक्के आवास की चाबियाँ सौंपीं और उन्हें बधाई दी। प्रभारी मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि यह आवास केवल ईंट और सीमेंट की संरचना नहीं है, बल्कि यह विशेष पिछड़ी जनजातियों के आत्मसम्मान, सुरक्षा और सामाजिक गरिमा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने अपने घोषणा-पत्र के अनुरूप 18 लाख गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है। पीएम आवास और पीएम जनमन योजना इस संकल्प को धरातल पर उतारने का सशक्त माध्यम बन रही हैं। बता दे कि पीएम जनमन योजना बिरहोर जनजाति के लिए केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भर भविष्य की नई पहचान बन चुकी है।

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खनिज विभाग की सख्त कार्रवाई जारी, अवैध खनिज परिवहन पर कसा शिकंजा,रायगढ़ और धरमजयगढ़ क्षेत्र में सघन जांच, 11 वाहन जब्त

रायगढ़, 25 दिसंबर 2025। जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए खनिज विभाग द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है।
 इसी क्रम में  23 एवं 24 दिसंबर को रायगढ़ तथा धरमजयगढ़ क्षेत्र में खनिज परिवहन कर रहे वाहनों की सघन जांच अभियान चलाया गया।
जांच के दौरान खनिज विभाग की टीम द्वारा एक हाईवा वाहन को अवैध रूप से खनिज चूनापत्थर का परिवहन करते हुए पकड़ा गया। इसके अलावा 10 ट्रैक्टर खनिज रेत तथा 1 ट्रैक्टर खनिज बोल्डर का अवैध परिवहन करते पाए गए। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कुल 11 वाहनों को जब्त कर रैरूमाखुर्द चौकी, थाना धरमजयगढ़ तथा कलेक्ट्रेट परिसर में सुरक्षार्थ रखा गया है।

जिला खनिज अधिकारी श्री सोनी ने बताया कि कलेक्टर के निर्देश पर जिले में खनिज के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर जांच की कार्यवाही चल रही है। अवैध खनिज परिवहन में संलिप्त वाहन मालिकों एवं संबंधितों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 के नियम 71 तथा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 एवं 23(क) के तहत प्रकरण दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई की गई है। खनिज विभाग द्वारा नियमानुसार आगे की कार्यवाही भी की जा रही है।
इस कार्रवाई में खनिज निरीक्षक श्री सोमेश्वर सिन्हा सहित जिला खनिज अमले की सक्रिय भूमिका रही। विभागीय टीम द्वारा क्षेत्र में लगातार निगरानी रखते हुए अवैध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है।
कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण में संलिप्त तत्वों के विरुद्ध यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। जिला प्रशासन ने अवैध खनन से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और शासन के नियमों के अनुसार सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय वर्चुअल माध्यम से करेंगे अटल परिसर का लोकार्पण

रायगढ़, 24 दिसम्बर 2025/ नगर पालिक निगम रायगढ़ द्वारा निर्मित अटल परिसर का लोकार्पण 25 दिसंबर को वर्चुअल माध्यम से किया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेश के  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में वर्चुअल रूप से शामिल होकर अटल परिसर का लोकार्पण करेंगे। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह,  उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव तथा वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी की गरिमामय वर्चुअल उपस्थिति रहेगी।
          नगर पालिक निगम रायगढ़ द्वारा आयोजित यह वर्चुअल लोकार्पण कार्यक्रम 25 दिसंबर को प्रातः 11.30 बजे से अटल परिसर सर्किट हाउस चौक रायगढ़ में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर रायगढ़ लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह, नगर पालिक निगम रायगढ़ के महापौर श्री जीवर्धन चौहान एवं सभापति श्री डिग्री लाल साहू सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित रहेंगे।

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सुशासन सप्ताह-प्रशासन गाँव की ओर ग्राम पंचायतों में चल रहे शिविर, आमजन को मिल रहा त्वरित समाधान

रायगढ़, 24 दिसम्बर 2025। राज्य शासन के निर्देशानुसार सुशासन सप्ताह-प्रशासन गाँव की ओर के तहत जिले में 25 दिसंबर तक ग्राम पंचायतों में विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में ग्रामीण सीधे अपने आवेदन लेकर आ रहे हैं और सरकारी सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं। यह पहल प्रशासन और जनता के बीच विश्वास और पारदर्शिता को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शिविरों का आयोजन सुव्यवस्थित और आमजन के लिए पूरी तरह सुविधाजनक होना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य केवल शिकायतों का निवारण करना नहीं है, बल्कि ग्रामीणों तक सरकारी सेवाओं की सुलभता और प्रशासन की तत्परता को भी दिखाना है।
        उल्लेखनीय है कि  यह अभियान सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच विश्वास और सहयोग की मजबूत कड़ी है। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि इसे पूरी लगन और तत्परता के साथ संचालित करें ताकि हर नागरिक को सरकारी सेवाओं का वास्तविक लाभ मिल सके और सुशासन की भावना गांव-गांव तक फैल सके। शिविरों में नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है। ग्रामीणों को अब लंबी कतारों में खड़े होने या दूरस्थ कार्यालयों तक जाने की आवश्यकता नहीं है। हर दिन बड़ी संख्या में लोग शिविर में पहुँचकर अपने आवेदन जमा करवा रहे हैं और उनका काम तुरंत निपट रहा है। इससे न केवल समय की बचत हो रही है बल्कि प्रशासन पर जनता का भरोसा भी बढ़ रहा है। प्रशासन अब हर नागरिक के दरवाजे तक पहुँच रहा है। ग्रामीणों की सहज प्रतिक्रिया, अधिकारियों की सक्रियता और त्वरित समाधान ने इस अभियान को सफल और प्रभावशाली बन रहा है।

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प्रभारी मंत्री एवं वित्त मंत्री के हाथों सहायक उपकरण पाकर दिव्यांगजनों के खिले चेहरे,पाँच दिव्यांगजनों को मिली आत्मनिर्भरता की नई उड़ान,

रायगढ़, 24 दिसम्बर 2025/ जिले के पाँच दिव्यांगजनों के जीवन में उस समय आशा, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की नई किरण का संचार हुआ, जब जिले के प्रभारी मंत्री एवं कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम तथा वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी के कर-कमलों से उन्हें सहायक उपकरण प्रदान किए गए। यह अवसर केवल उपकरण वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दिव्यांगजनों के सम्मान, स्वावलंबन और आगे बढ़ने के दृढ़ संकल्प का सशक्त प्रतीक बना, जिसकी स्पष्ट झलक उनके प्रसन्न चेहरों पर दिखाई दी।
           मंगलवार को नगर निगम ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रभारी मंत्री श्री रामविचार नेताम ने तीन दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल, एक दिव्यांगजन को व्हीलचेयर तथा एक दिव्यांगजन को श्रवण यंत्र प्रदान कर लाभान्वित किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार समाज के सभी वर्गों, विशेषकर दिव्यांगजनों के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। समाज कल्याण विभाग के माध्यम से जरूरतमंद दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे उनके दैनिक जीवन की कठिनाइयाँ कम हों और वे सम्मानपूर्वक, आत्मनिर्भर जीवन जी सकें।
          प्रभारी मंत्री श्री नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण हो चुके हैं। इस अवधि में अधोसंरचना विकास के साथ-साथ समाज के कमजोर, वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों के कल्याण को भी समान प्राथमिकता दी गई है। शासन का लक्ष्य है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे और आने वाले समय में भी इसी संवेदनशीलता एवं सेवा-भाव के साथ कार्य निरंतर जारी रहेगा।
           वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी ने दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण मिलने पर उन्हें शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि दिव्यांगजन किसी भी रूप में कमजोर नहीं होते, बल्कि उनमें अद्भुत प्रतिभा, क्षमता और आत्मबल निहित होता है। यदि वे मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का संकल्प लें, तो कोई भी बाधा उनके मार्ग में टिक नहीं सकती। शासन और प्रशासन सदैव उनके साथ खड़ा है तथा उन्हें आगे बढ़ने के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करता रहेगा।
          ट्राईसाइकिल प्राप्त करने वाले दिव्यांगजनों ने बताया कि पहले घर से बाहर निकलना उनके लिए अत्यंत कठिन था, जिससे दैनिक कार्यों में कई प्रकार की परेशानियाँ आती थीं। अब ट्राईसाइकिल मिलने से आवागमन सुगम होगा और वे अपने कार्यों को स्वतंत्र रूप से संपन्न कर सकेंगे। वहीं श्रवण यंत्र प्राप्त हितग्राही ने कहा कि अब वे लोगों से बेहतर संवाद स्थापित कर सकेंगे, अपनी बात स्पष्ट रूप से रख पाएंगे तथा दूसरों की बातों को सुन-समझ सकेंगे। सभी लाभार्थियों ने शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। 
          समाज कल्याण विभाग के उपसंचालक श्री शिवशंकर पांडेय ने जानकारी दी कि विभाग द्वारा 80 प्रतिशत दिव्यांग श्री गोविंद पटेल को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल, 65 प्रतिशत दिव्यांग श्री बिहारी पटेल एवं 70 प्रतिशत दिव्यांग कुमारी होलिका पैकरा को ट्राईसाइकिल, 85 प्रतिशत दिव्यांग कुमारी रोशनी सिंह को व्हीलचेयर तथा 40 प्रतिशत दिव्यांग श्री त्रिलोचन श्रीवास को श्रवण यंत्र प्रदान किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

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रायगढ़ : 30 दिसम्बर को प्लेसमेंट कैम्प, 288 पदों पर होगी भर्ती

रायगढ़, 24 दिसम्बर 2025/ निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र, रायगढ़ में 30 दिसम्बर को प्रातः 10.30 बजे से प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जाएगा। इच्छुक एवं योग्य अभ्यर्थी अपने समस्त मूल प्रमाण-पत्रों एवं बायोडाटा के साथ उपस्थित होकर कैम्प में भाग ले सकते हैं। 
            जिला रोजगार अधिकारी रायगढ़ ने बताया कि इस प्लेसमेंट कैम्प के माध्यम से कुल 288 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। इनमें मे.श्रमीन टेलेन्ट प्रा. लिमिटेड नोएडा में फील्ड टेक्नीशियन में रिक्त 250 पदों पर भर्ती की जाएगी। जिसका कार्य क्षेत्र रायगढ़, पुसौर, बरमकेला, लेन्ध्रा, गुडेली, सारंगढ़, सरिया, खरसिया एवं धरमजयगढ़ है। इसी तरह मे.एनआईआईटी लिमिटेड भिलाई दुर्ग में एचडीएफसी एवं एक्सीस बैंक में एस्ट मैनेजर में 20 पद तथा होटल श्री साई श्रद्धा रेलवे स्टेशन रायगढ़ में हाऊस कीपिंग में 10 पद, सिक्यूरिटी गार्ड 2 पद एवं वेटर के 6 पदों पर भर्ती की जाएगी। प्लेसमेंट कैम्प से संबंधित अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी जिला रोजगार कार्यालय, रायगढ़ में संपर्क कर सकते हैं।

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पारंपरिक खेती से उद्यानिकी की ओर बदला रुख, गेंदा फूल की खेती से किसान को मिला डेढ़ लाख का शुद्ध  लाभ

रायगढ़,24 दिसंबर 2025। रायगढ़ जिले के लैलूंगा विकासखंड अंतर्गत ग्राम गमेकेला के प्रगतिशील किसान श्री शंभूचरण पैंकरा ने अपनी कड़ी मेहनत से यह साबित कर दिया है कि सही अपनी परम्परा गत खेती से हट, सही मार्गदर्शन, नवाचार और शासन की योजनाओं का लाभ लेकर खेती को लाभ का व्यवसाय बनाया जा सकता है। पारंपरिक खेती के साथ-साथ उद्यानिकी फसलों में रुचि रखने वाले श्री पैंकरा ने कम पानी में अधिक आमदनी देने वाली फसलों की जानकारी मिलने पर उद्यानिकी विभाग से संपर्क किया और खेती की दिशा ही बदल दी।
पिछले कई वर्षों में वे टिकरा धान की खेती करते थे, जिससे उन्हें अपेक्षाकृत कम आय प्राप्त होती थी। सीमित आमदनी और बढ़ती लागत को देखते हुए उन्होंने वैकल्पिक खेती की ओर रुख किया। वर्ष 2025-26 में उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने राष्ट्रीय बागवानी मिशन अंतर्गत गेंदा क्षेत्र विस्तार योजना का लाभ लिया। इस योजना के तहत उन्हें गुणवत्तायुक्त पौध सामग्री, खाद एवं उर्वरक के साथ-साथ तकनीकी सलाह भी प्रदान की गई।
एक एकड़ क्षेत्र में गेंदा की खेती कर श्री शंभूचरण पैंकरा ने लगभग 25 क्विंटल फूल का उत्पादन प्राप्त किया। बाजार में गेंदा फूल की निरंतर मांग होने के कारण उन्हें उचित मूल्य मिला और गेंदा की खेती से लगभग 1 लाख 50 हजार रुपए का शुद्ध लाभ अर्जित किया। इस अतिरिक्त आय से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ, बल्कि परिवार की जरूरतों को पूरा करने में भी उन्हें मजबूती मिली।
श्री पैंकरा की इस सफलता का प्रभाव अब गांव के अन्य किसानों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। गेंदा की खेती से होने वाली आमदनी को देखकर ग्राम गमेकेला सहित आसपास के गांवों के किसान भी उद्यानिकी फसलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं और गेंदा फूल की खेती अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं।
अपनी सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कृषक श्री शंभूचरण पैंकरा ने छत्तीसगढ़ शासन एवं उद्यानिकी विभाग के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं और यदि सही जानकारी व मार्गदर्शन मिले तो किसान आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकते हैं।

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