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रायगढ़ : अब तक 42 हजार से अधिक किसानों ने बेचा धान, 2.58 लाख मीट्रिक टन खरीदी,प्रशासन की लगातार कड़ी निगरानी

रायगढ़, 1 जनवरी 2026/ शासन के स्पष्ट निर्देशों और कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य सुव्यवस्थित, पारदर्शी और किसान-केंद्रित तरीके से लगातार जारी है। जिले के 105 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से अब तक 42 हजार से अधिक किसानों ने अपनी उपज का विक्रय किया, जिससे कुल 2 लाख 58 हजार 683.88 मीट्रिक टन धान खरीदी की गई है। धान खरीदी के साथ-साथ उपार्जित धान का समयबद्ध और प्रभावी उठाव भी सुनिश्चित किया जा रहा है। अब तक उपार्जन केंद्रों से 1 लाख 37 हजार 143.90 मीट्रिक टन धान का उठाव किया जा चुका है, जिससे केंद्रों में भंडारण और खरीदी की प्रक्रिया सुव्यवस्थित और निर्बाध बनी हुई है। 
               किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन टोकन व्यवस्था लागू की गई है। इस डिजिटल सुविधा के माध्यम से किसान आसानी से टोकन लेकर धान विक्रय कर कर रहे हैं, जिससे लंबी कतारों और प्रतीक्षा समय में कमी आई है। जिला प्रशासन द्वारा धान खरीदी प्रक्रिया की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है। कोचियों और बिचौलियों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखते हुए किसी भी प्रकार की अनियमितता पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। कलेक्टर ने कहा है कि वास्तविक किसानों को धान बेचने में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। टोकन प्राप्त करने से लेकर धान तौल एवं भुगतान प्रक्रिया तक किसानों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए।

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प्राकृतिक छटा और सांस्कृतिक रंगों से सजा नववर्ष का जश्न:बेने डेम, गुल्लू फॉल और मयाली डैम में नववर्ष पर उमड़ी भीड़, परिवार और युवाओं ने वनभोज, संगीत और नृत्य के संग मनाया भव्य जश्न"

नववर्ष पर ग्रामीण पिकनिक स्थलों में उमड़ा सैलानियों का सैलाब, प्रकृति की गोद में मनाया जश्न

जशपुर/नारायणपुर 01 जनवरी 2026 : जिले में नववर्ष के पहले दिन गुरुवार को ग्रामीण अंचलों के प्रमुख पिकनिक स्थलों में भारी चहल-पहल देखने को मिली। नववर्ष के आगमन के साथ ही जिले के प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित बेने डेम, गुल्लू फॉल और छुरी फाल जैसे प्रसिद्ध पिकनिक स्पॉट दिनभर सैलानियों से गुलजार रहे।

सुबह से ही फेसबुक, व्हाट्सएप और मैसेंजर के माध्यम से एक-दूसरे को नववर्ष की शुभकामनाएं देने का सिलसिला चलता रहा। वहीं ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में लोग अपने परिवार, रिश्तेदारों और मित्रों के साथ पिकनिक मनाने घरों से निकले। सुबह होते ही बादलखोल अभ्यारण्य से होकर बहने वाली ईब नदी के दोनों किनारों पर सैलानियों की चहल-पहल शुरू हो गई।

ग्रामीण परिवेश में बसे इन पर्यटन स्थलों पर लोगों ने प्रकृति की गोद में नए साल का स्वागत किया। कहीं परिवार के साथ भोजन बनता नजर आया तो कहीं युवाओं के समूह होटल व ढाबों से मंगाए गए भोजन के साथ वनभोज का आनंद लेते दिखे। महिलाएं पारंपरिक व्यंजनों की तैयारी में जुटी रहीं, जबकि बच्चे नदी किनारे और खुले मैदानों में खेलते नजर आए।

पिकनिक स्थलों पर पहुंचे सैलानी नाचते-गाते हुए उत्साह के साथ नववर्ष का जश्न मनाते दिखे। आधुनिक गीतों के साथ-साथ नागपुरी गीत-संगीत ने माहौल को और भी खुशनुमा बना दिया। ढोलक और मोबाइल स्पीकर की धुनों पर युवा देर तक थिरकते रहे, जिससे पूरा इलाका उत्सवमय वातावरण में डूबा रहा।

बेने डेम के आसपास पूरे दिन लोगों की भीड़ लगी रही। वहीं गुल्लू फॉल और छुरी फाल के पास पहाड़, जंगल और झरनों का नजारा देखने के लिए सैलानियों में खासा उत्साह देखा गया। ग्रामीण क्षेत्रों के लोग खासकर घने जंगल, पर्वतीय दृश्य और स्वच्छ वातावरण का आनंद उठाते नजर आए।

देर शाम तक ईब नदी के किनारे लोग बैठे प्रकृति का आनंद लेते रहे। युवाओं के समूह अपने पसंदीदा स्थानों पर पहुंचकर दिनभर वनभोज और मनोरंजन में व्यस्त रहे। नववर्ष के अवसर पर ग्रामीण अंचलों में इस तरह की चहल-पहल से स्थानीय पर्यटन को भी बढ़ावा मिला है।

नववर्ष पर सैलानियों को लुभा रहा हैं मयाली का पिकनिक स्पॉट


नए साल के आगमन के साथ ही जशपुर जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मयाली डैम में पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। रविवार को सैकड़ों की संख्या में सैलानी पिकनिक मनाने मयाली डैम पहुंचे। कुनकुरी से लगभग 20 किलोमीटर दूर स्थित यह डैम अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के कारण पर्यटकों की पहली पसंद बना हुआ है।

मयाली डैम की खूबसूरत वादियां इन दिनों पर्यटकों से गुलजार नजर आ रही हैं। देश के विभिन्न हिस्सों से आए लोग यहां पहुंचकर प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले रहे हैं। साफ पानी, हरियाली और पहाड़ों से घिरा यह डैम सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।

पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए डैम में नौका विहार की बेहतर व्यवस्था की गई है। स्टीमर और नाव के माध्यम से पर्यटक झील के बीच पहुंचकर आसपास के मनमोहक नजारों का आनंद ले रहे हैं। नए साल के मौके पर मयाली डैम पर्यटन गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।

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केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से की सौजन्य भेंट

रायपुर 1 जनवरी 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज नवा रायपुर, सेक्टर-24 स्थित मुख्यमंत्री निवास में केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने सौजन्य भेंट की। मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास, सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं सुदृढ़ीकरण से संबंधित विषयों पर सौहार्दपूर्ण एवं रचनात्मक चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय मंत्री श्री शेखावत का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें राजकीय गमछा, बस्तर दशहरा पर आधारित कॉफी टेबल बुक तथा बेल मेटल से निर्मित स्मृति-चिन्ह भेंट किया। 

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़ में हेल्थकेयर में कौशल विकास के लिए एमओयू: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर


 
रायपुर 1 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण एवं श्री सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

यह एमओयू राज्य में हेल्थकेयर क्षेत्र का दायरा बढ़ाने, गुणवत्तापूर्ण मानव संसाधन तैयार करने तथा युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर सृजित करने की दिशा में एक अहम कदम है। इसके माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।

समझौते का मुख्य उद्देश्य हेल्थकेयर प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना, युवाओं का कौशल उन्नयन तथा आधुनिक चिकित्सा सेवाओं की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित जनशक्ति तैयार करना है। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से आवासीय एवं गैर-आवासीय दोनों प्रकार के निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किए जाएंगे।

एमओयू के तहत चार प्रकार के कोर्स संचालित किए जाएंगे, जिनमें मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी, कार्डियोलॉजी तकनीशियन, ईसीजी तकनीशियन, कार्डियक केयर तकनीशियन तथा इमरजेंसी मेडिकल तकनीशियन के प्रशिक्षण शामिल हैं। ये कोर्स युवाओं को विशेषज्ञता के साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में करियर निर्माण का अवसर उपलब्ध कराएंगे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार कौशल विकास को विकास की रीढ़ मानती है और विशेष रूप से हेल्थकेयर सेक्टर की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशलयुक्त कार्यबल तैयार करने पर बल दे रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ युवाओं के लिए व्यापक रोजगार संभावनाएँ भी उत्पन्न करेगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कौशल विकास पर केंद्रित यह साझेदारी राज्य के दूरस्थ अंचलों तक स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में सहायक सिद्ध होगी। प्रशिक्षित युवा अस्पतालों, स्वास्थ्य संस्थानों और आपातकालीन सेवाओं में प्रभावी भूमिका निभा सकेंगे।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, कैबिनेट मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, श्री सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री सी. श्रीनिवास सहित ट्रस्ट के प्रतिनिधि एवं कौशल विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

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कलेक्टर ने शहर में विकास कार्यों का निरीक्षण कर नागरिक सुविधाओं के विस्तार और सुव्यवस्थित विकास पर अधिकारियों को दिए दिशा-निर्देश"

रायगढ़, 1 जनवरी 2026/ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने आज शहर में विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शहर में बढ़ते यातायात दबाव और नागरिक सुविधाओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल, नगर निगम आयुक्त श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय तथा नगर निगम की तकनीकी टीम के साथ ट्रक पार्किंग स्थल एवं पुराने सारंगढ़ बस स्टैंड का अवलोकन किया। उन्होंने दोनों स्थलों पर आम नागरिकों की सुविधाएं बढ़ाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। साथ ही पार्किंग व्यवस्था, आवागमन एवं मूलभूत सुविधाओं को और बेहतर करने पर जोर दिया।
             निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने शहर की व्यावसायिक आवश्यकताओं को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग से लगे स्थल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस क्षेत्र को थोक बाजार अथवा व्यावसायिक गतिविधियों के लिए उपयुक्त रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर विचार किया जाए। कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकास कार्य योजनाबद्ध तरीके से किए जाएं, ताकि आमजन को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और शहर का विकास सुव्यवस्थित रूप से हो।

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कलेक्टर ने समय-सीमा की बैठक में दिए सख्त निर्देश,निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सर्वोपरि, किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं

रायगढ़, 1 जनवरी 2026/ जिले में शासन की प्राथमिक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, जनहित कार्यों में अपेक्षित गति लाने तथा प्रशासनिक कार्यों की पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज जिला कलेक्टोरेट में समय-सीमा की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने विभागवार लंबित प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की तथा अधिकारियों को समन्वय, संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
            कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने उपार्जन केंद्रों में अब तक हुई कुल धान खरीदी, धान विक्रय करने वाले किसानों की संख्या, शेष किसानों की स्थिति, टोकन व्यवस्था, धान उठाव, बारदाना उपलब्धता, मानव संसाधन तथा रकबा एवं टोकन सत्यापन की जानकारी ली। कलेक्टर ने कहा कि सभी एसडीएम एवं नोडल अधिकारी क्षेत्र स्तर पर नियमित निरीक्षण करते हुए सतत निगरानी रखें। रकबा एवं टोकन सत्यापन के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाए कि वास्तविक किसानों को ही योजना का लाभ मिले। उन्होंने धान उठाव की गति बनाए रखने, भुगतान प्रक्रिया को सुचारु रखने तथा उपार्जन केंद्रों के आसपास यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
              कलेक्टर ने जिले में संचालित जल संरक्षण कार्यों को भविष्य की आवश्यकता बताते हुए सभी जनपद सीईओ को गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी पांच माह में जल संरक्षण से संबंधित कार्यों में ठोस प्रगति दिखाई देनी चाहिए। इसके लिए उन्होंने अन्य जिलों में किए जा रहे सफल नवाचारों का अध्ययन कर जिले की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार उपयुक्त मॉडल अपनाने के निर्देश दिए, जिससे जल स्तर में सुधार लाया जा सके। कलेक्टर ने जिले में पर्यटन स्थलों के चिन्हांकन एवं विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा जिले के लिए की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की जानकारी लेते हुए संबंधित विभागों को प्राथमिकता के आधार पर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
             कलेक्टर ने निर्माण विभागों की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों, तकनीकी मानकों एवं गुणवत्ता नियमों के अनुरूप पूरे किए जाएं। उन्होंने नियमित निरीक्षण, समय-समय पर परीक्षण तथा प्रभावी मॉनिटरिंग के माध्यम से गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को अपने अधीनस्थ अमले की कार्यप्रणाली पर सतत नजर रखने तथा प्राप्त होने वाली शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत रेडी-टू-ईट इकाइयों की समीक्षा करते हुए जिन इकाइयों का शुभारंभ हो चुका है, वहां इस उत्पादन प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। साथ ही सीजीएमएससी द्वारा निर्मित क्रिटिकल केयर यूनिट सहित स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्हें निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने और खाद्य एवं औषधि विभाग को नशीली दवाओं की रोकथाम के लिए नियमित अभियान चलाने के निर्देश दिए।
                बैठक में कलेक्टर ने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा करते हुए अधिक से अधिक लोगों को योजना से जोड़ने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने तथा शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों को भी योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही “आपकी पूंजी, आपका अधिकार” अभियान के अंतर्गत निष्क्रिय खातों, लंबित दावों एवं स्वरोजगार योजनाओं से जुड़े प्रकरणों के शीघ्र निराकरण हेतु विकासखंड स्तर पर विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत अधिकाधिक हितग्राहियों को मत्स्य पालन एवं स्वरोजगार से जोड़ने पर भी जोर दिया। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे, नगर निगम आयुक्त श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय, अपर कलेक्टर श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, श्री रवि राही, डॉ. प्रियंका वर्मा, डिप्टी कलेक्टर श्री धनराज मरकाम सहित सभी अनुविभागों के एसडीएम एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह एवं महिला सुरक्षा जन-जागरूकता अभियान का हुआ भव्य शुभारंभ,राज्यसभा सांसद, कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

रायगढ़, 1 जनवरी 2026/ जिला कलेक्टोरेट स्थित सृजन सभाकक्ष में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह एवं महिला सुरक्षा जन-जागरूकता अभियान का भव्य शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी एवं पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल द्वारा संयुक्त रूप से जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 31 जनवरी तक मनाया जाएगा, जिसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना, नागरिकों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सुरक्षित एवं जिम्मेदार ड्राइविंग को प्रोत्साहित करना है। वहीं राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर आयोजित 11 दिवसीय महिला सुरक्षा जन-जागरूकता अभियान के माध्यम से महिलाओं को उनके अधिकारों, कानूनी सुरक्षा, पुलिस सहायता, शिक्षा, डिजिटल सुरक्षा, स्वास्थ्य, परामर्श सेवाओं, कौशल विकास एवं सामुदायिक सहभागिता के प्रति जागरूक करना है।
              कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि रायगढ़ तेजी से औद्योगिक एवं आर्थिक विकास की ओर बढ़ रहा है, जिससे यातायात का दबाव भी बढ़ा है। ऐसे में सड़क सुरक्षा नियमों का पालन और अधिक आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाएं तेज गति, शराब पीकर वाहन चलाने, हेलमेट व सीट बेल्ट का उपयोग न करने तथा मोबाइल फोन के प्रयोग के कारण होती हैं। उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी द्वारा सड़क सुरक्षा को लेकर किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि गोल्डन ऑवर में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वालों को सम्मानित और प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने महिला सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा पर विशेष सतर्कता आवश्यक है।
              कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि यातायात व्यवस्था में सुधार एक निरंतर प्रक्रिया है, जिसके सकारात्मक परिणाम धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों में वाहनों की संख्या में कई गुना वृद्धि हुई है, ऐसे में प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह स्वयं नियमों का पालन करे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करंे। उन्होंने महिला सुरक्षा पर कहा कि महिला समाज की रीढ़ है। जब महिला सुरक्षित होती है, तभी परिवार, समाज और राष्ट्र सुरक्षित होता है। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा और महिला सुरक्षा केवल सरकार या पुलिस की नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। 
               पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल ने बताया कि वर्ष 2025 में जिले में सड़क दुर्घटनाओं में जिन लोगों की मृत्यु हुई, उनमें सर्वाधिक संख्या दोपहिया वाहन चालकों की रही। तेज गति, बिना हेलमेट वाहन चलाना और लापरवाही इसके प्रमुख कारण हैं। उन्होंने नागरिकों से यातायात नियमों का पालन करने और अपने परिवारजनों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की। उन्होंने बताया कि रायगढ़ में महिला थाना की स्थापना महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जहां महिलाएं अपनी शिकायतें सीधे और सुरक्षित रूप से दर्ज करा सकती हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों में पुलिस पूरी संवेदनशीलता और तत्परता से सहयोग करेगी।
              कार्यक्रम में रायगढ़ सीएसपी श्री मयंक मिश्रा ने उपस्थित जनसमूह को सड़क सुरक्षा नियमों के पालन की शपथ दिलाई। उन्होंने सुरक्षित एवं जिम्मेदार ड्राइविंग, गति सीमा के पालन, हेलमेट व सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग तथा सड़क संकेतों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम के समापन अवसर पर राहवीर योजना अंतर्गत गोल्डन ऑवर में घायलों को अस्पताल पहुंचाने वाले श्री चंद्रकुमार पटेल, श्री कमलेश सिदार, श्री हरिशंकर साव, श्री दिलीप वैष्णव एवं श्री विशीकेशन राठिया को सम्मानित किया गया। वहीं महिला सुरक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली श्रीमती जस्सी फिलिप, श्रीमती शिला देवी, श्रीमती पद्मावती पटेल, श्रीमती लक्ष्मी राठिया एवं श्रीमती उमा डनसेना को भी सम्मान प्रदान किया गया। साथ ही ऑटो चालकों को पर्सनल आईडी एवं विशेष सीरियल नंबर प्रदान करने वाले सदस्यों को भी सम्मानित किया गया। 
                कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि सड़क दुर्घटनाओं में हो रही मौतों को रोकने और घायलों को गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुंचाने के उद्देश्य से सरकार द्वारा राहवीर योजना संचालित की जा रही है। योजना के अंतर्गत जो भी व्यक्ति दुर्घटनास्थल से गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को एक घंटे के भीतर अस्पताल या ट्रॉमा सेंटर पहुंचाता है, उसे 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि एवं प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया जाता है। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे, नगर निगम आयुक्त श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय, अपर कलेक्टर श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, डॉ. प्रियंका वर्मा, उप पुलिस अधीक्षक यातायात श्री उत्तम प्रताप सिंह, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती पूजा बंसल, डिप्टी कलेक्टर श्री धनराज मरकाम सहित जिला एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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सुशासन के 2 साल: विकास की नई राह पर रायगढ़, हर क्षेत्र में लिखी जा रही तरक्की की कहानी,मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी की दूरदर्शी सोच से रायगढ़ बन रहा विकास मॉडल


रायगढ़, 31 दिसम्बर 2025/  छत्तीसगढ़ में नई सरकार के गठन के बाद बीते दो वर्षों में रायगढ़ जिले ने विकास की जिस गति को पकड़ा है, उसने जिले की तस्वीर बदल रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन के संकल्प और वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के स्पष्ट विजन का ही परिणाम है कि रायगढ़ विकास, पारदर्शिता और जनकल्याण का एक सशक्त उदाहरण बनकर उभर रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और महिला सशक्तिकरण तक हर क्षेत्र में योजनाओं का लाभ आम आदमी तक पहुंच रहा है। गरीबों के लिए पक्के मकान का सपना रायगढ़ में हकीकत बनता नजर आ रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के प्रभावी क्रियान्वयन में रायगढ़ ने पूरे छत्तीसगढ़ में पहला स्थान हासिल किया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में लक्ष्य के विरुद्ध 35 हजार से अधिक आवासों का निर्माण पूरा किया गया, शहरी क्षेत्रों में भी पात्र परिवारों को अपने पक्के घर का सुख मिला है, जिससे लोगों के जीवन स्तर में स्पष्ट बदलाव आया है।
           शिक्षा के क्षेत्र में रायगढ़ को नई पहचान दिलाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की गई है। 42.56 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन नालंदा परिसर न केवल प्रदेश की सबसे बड़ी हाईटेक लाइब्रेरी होगी, बल्कि रायगढ़ को एक प्रमुख एजुकेशन हब के रूप में स्थापित करेगी। डिजिटल शिक्षा की ओर बढ़ते कदमों के तहत 2.19 लाख से अधिक स्कूली बच्चों की अपार आईडी डिजिटल पहचान तैयार की जा चुकी है। स्कूली शिक्षा के साथ बच्चों को आईआईटी, जेईई, नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए रायगढ़ जिले में प्रयास आवासीय विद्यालय संचालित किया जा रहा है। वहीं स्वास्थ्य और पोषण को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी की पहल पर आश्रम एवं छात्रावास में रहने वाले कक्षा 9वीं और 10वीं के 1860 छात्रों को स्कूल के दौरान गरम टिफिन भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे बच्चों की उपस्थिति और आत्मविश्वास में बढ़ोतरी हुई है। 
           शहर के मध्य आधुनिक सुविधाओं से युक्त हरा-भरा ऑक्सीजोन एवं उद्यान तैयार किया जा रहा है। जहां लोग सैर के साथ योगा व व्यायाम जैसी गतिविधियां कर सकेंगे। शहर के मध्य स्थित केलो पुल का सौंदर्यीकरण एवं आधुनिक लाईटिंग की गई है, जिससे यह रात में अत्यंत आकर्षक दिखाई देता है। पुसौर के जनपद पंचायत परिसर में नवीन उप पंजीयक कार्यालय प्रारंभ होने से रायगढ़ अनुविभाग अंतर्गत पुसौर तहसील क्षेत्र के लोगों को अब जमीन रजिस्ट्री कार्य के लिए जिला मुख्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़ रही है। रायगढ़ में आधुनिक व उन्नत खेल सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने लगभग 42 एकड़ में 100 करोड़ की लागत से इंटीग्रेटेड स्पोटर््स काम्पलेक्स तैयार किया जा रहा है। जिले में आवश्यकता के अनुरुप पुल-पुलिया, सड़क, स्कूल, हॉस्पिटल, भवन, गार्डन जैसे तमाम विकास के कार्य किए जा रहे है, जिसका लोगों को लाभ मिल रहा है। विगत दो वर्षो में ये सभी विकास कार्य तेज गति से आगे बढ़ रही है। 
           कृषि और किसानों की समृद्धि सरकार की प्राथमिकताओं में रही है। जिले के 93 हजार से अधिक किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का सीधा लाभ मिल रहा है। किसानों को बेहतर बाजार सुविधा देने के लिए पटेलपाली में 6.15 करोड़ रुपये की लागत से हाईटेक मंडी विकसित की जा रही है। सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए केलो नहरों के निर्माण और रिमॉडलिंग हेतु 100 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे हजारों हेक्टेयर खेतों तक पानी पहुंच सकेगा। इसके साथ ही जिले में पॉम ऑयल की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे किसानों को प्रति हेक्टेयर ढाई से तीन लाख रुपये तक की संभावित आमदनी होगी। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन योजना रायगढ़ में बदलाव की प्रतीक बनकर सामने आई है। जिले की तीन लाख से अधिक महिलाओं के खातों में हर महीने एक हजार रुपये की सहायता राशि सीधे अंतरित की जा रही है। अब तक 22 किस्त की राशि महिलाओं को दी जा चुकी है, जिससे उनके आत्मसम्मान और आर्थिक स्वतंत्रता में वृद्धि हुई है। वहीं, लखपति दीदी योजना के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों को रेडी-टू-ईट निर्माण और वितरण जैसे कार्य सौंपकर उन्हें स्थायी रोजगार से जोड़ा गया है।
            इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भी रायगढ़ तेजी से आगे बढ़ा है। शहर में प्रवेश करने वाली छह प्रमुख सड़कों को फोरलेन किया जा रहा है, जबकि 40 करोड़ रुपये की लागत से शहर की 30 सड़कों का कायाकल्प किया गया है। सांगुल नदी पर उच्च स्तरीय पुल और सरिया नदी पर पुलिया निर्माण से सुदूर अंचलों की कनेक्टिविटी आसान हुई है। ऊर्जा के क्षेत्र में एनटीपीसी लारा के 1600 मेगावाट क्षमता वाले स्टेज-2 परियोजना का शिलान्यास रायगढ़ को प्रदेश के प्रमुख पॉवर हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिले में टेलीमेडिसिन सेवा की शुरुआत की गई है। चाल्हा, लिबरा और कुडुमकेला जैसे दुर्गम क्षेत्रों सहित पांच स्थानों पर अब विशेषज्ञ डॉक्टरों से ऑनलाइन परामर्श की सुविधा उपलब्ध है। इसके साथ ही मोतियाबिंद मुक्त अभियान के तहत आठ बच्चों की आंखों की रोशनी लौटाकर प्रशासन ने संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण का परिचय दिया है।
             तकनीक और नवाचार के माध्यम से सुशासन को मजबूत करने के लिए जिला प्रशासन ने ‘जोहार रायगढ़’ पोर्टल की शुरुआत की है, जिससे लोग घर बैठे नगर निगम की सेवाओं का लाभ ले रहे हैं। ‘कर्तव्य ऐप’ के जरिए सफाई कर्मियों की ऑनलाइन उपस्थिति सुनिश्चित की गई है, जबकि स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता के लिए ‘अप्पू राजा’ को स्वच्छता शुभंकर के रूप में स्थापित किया गया है, जिससे ‘सुग्घर रायगढ़’ की परिकल्पना साकार हो रही है। जिले में 9.70 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, 342 ग्रामों में शत-प्रतिशत नल कनेक्शन उपलब्ध कराया जा चुका है, 900 से अधिक घरों में पीएम सूर्य घर योजना के तहत सोलर पैनल लगाए गए हैं और 1200 से अधिक श्रद्धालुओं ने रामलला के दर्शन कर शासन की आस्था आधारित योजनाओं का लाभ लिया है। वित्तमंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा है कि बीते दो वर्षों में रायगढ़ ने विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है। किसानों की समृद्धि, युवाओं की शिक्षा, महिलाओं का सशक्तिकरण और गरीबों के लिए आवास-सरकार का हर वादा धरातल पर उतर रहा है।

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अवैध शराब कारोबार पर प्रशासन का शिकंजा,6 लीटर महुआ शराब जब्त,आरोपी गिरफ्तार

रायगढ़, 31 दिसम्बर 2025/ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर जिले में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण एवं बिक्री के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में  सहायक आयुक्त आबकारी श्री क्रिस्टोफर खलखो के मार्गदर्शन में आबकारी विभाग की टीम ने ग्राम-खोखरा, थाना-पुसौर में अवैध महुआ शराब के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
              आबकारी विभाग को प्राप्त शिकायत के आधार पर 29 दिसंबर को आबकारी विभाग की टीम द्वारा आरोपी देवनारायण यादव, पिता-स्व.चैतराम यादव, उम्र 55 वर्ष, जाति राउत, निवासी ग्राम खोखरा, थाना पुसौर, जिला रायगढ़ के रिहायशी मकान में छापा मारा गया। छापेमारी के दौरान मकान के एक कमरे से सफेद-गुलाबी रंग के थैले में रखी गई अवैध महुआ शराब जप्त की गई। जप्त सामग्री में 05 लीटर क्षमता की प्लास्टिक जरीकेन में भरी 04 लीटर तथा 02 लीटर क्षमता की हरे रंग की बोतल में भरी 02 लीटर, कुल 06 लीटर महुआ शराब शामिल है, जिसकी अनुमानित बाजार मूल्य 1200 रुपये बताई गई है।
         आरोपी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा के अंतर्गत अपराध क्रमांक 107/2025 पंजीबद्ध कर उसे गिरफ्तार किया गया। बाद में आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल किया गया। उक्त कार्यवाही में आबकारी उप-निरीक्षक याजेंद्र मेहर एवं आबकारी मुख्य आरक्षक लालसिंह कंवर का विशेष योगदान रहा। आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब के निर्माण, भंडारण एवं बिक्री के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।

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लाइवलीहुड कॉलेज में रोजगारोन्मुखी कोर्स संचालित,,निःशुल्क प्रशिक्षण हेतु प्रवेश प्रारंभ

रायगढ़, 31 दिसम्बर 2025/ प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत रायगढ़ जिले के लाइवलीहुड कॉलेज में संचालित विभिन्न प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में निःशुल्क गैर-आवासीय प्रशिक्षण हेतु प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। इच्छुक युवक-युवतियां निर्धारित आयु सीमा के अंतर्गत आवेदन कर इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं।
    संयुक्त कलेक्टर एवं सहायक परियोजना अधिकारी जिला परियोजना लाईवलीहुड कालेज सोसायटी रायगढ़ ने जानकारी देते हुए बताया कि लाइवलीहुड कॉलेज रायगढ़ में इलेक्ट्रीशियन (10वीं उत्तीर्ण), इलेक्ट्रीशियन डोमेस्टिक सॉल्यूशन (8वीं उत्तीर्ण) एवं गेस्ट सर्विस एसोसिएट फूड एंड बेवरेज (12वीं उत्तीर्ण) जैसे रोजगारोन्मुखी कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। इन पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण हेतु न्यूनतम आयु सीमा 18 वर्ष तथा अधिकतम 40 वर्ष निर्धारित की गई है। प्रशिक्षण पूर्ण करने के पश्चात सफल प्रशिक्षणार्थियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे युवाओं को आत्मनिर्भर बनने में सहायता मिलेगी। इच्छुक अभ्यर्थी लाइवलीहुड कॉलेज, केआईटी कॉलेज के पास, अग्रसेन आईटीआई के बगल में, उड़ीसा रोड, गढ़उमरिया, रायगढ़ में समस्त आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर अपना पंजीयन करा सकते हैं। इस संबंध में अधिक जानकारी एवं पंजीयन हेतु मोबाइल नंबर 8959719188 एवं 9827911451 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

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अग्निवीर भर्ती रैली के लिए एडमिट कार्ड जारी ; अग्निवीर भर्ती रैलीः इंडोर स्टेडियम धमतरी में 10 से 24 जनवरी तक

रायगढ़, 31 दिसम्बर 2025/ भारतीय सेना द्वारा जनवरी 2026 में प्रस्तावित अग्निवीर भर्ती रैली को लेकर तैयारियाँ तेज हो गई हैं। सेना भर्ती कार्यालय, रायपुर छत्तीसगढ़ द्वारा अग्निवीर भर्ती रैली के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। यह भर्ती रैली 10 से 24 जनवरी 2026 तक इंडोर स्टेडियम धमतरी (छत्तीसगढ़) में आयोजित की जाएगी। इस भर्ती रैली में छत्तीसगढ़ राज्य के सभी 33 जिलों के पुरुष उम्मीदवार भाग लेंगे। रैली के अंतर्गत अग्निवीर जनरल ड्यूटी, अग्निवीर तकनीकी, अग्निवीर क्लर्क/स्टोर कीपर और अग्निवीर ट्रेड्समैन (10वीं एवं 8वीं पास) श्रेणियों की भर्ती की जाएगी।
              सेना भर्ती कार्यालय द्वारा जानकारी दी गई कि 30 जून 2025 से 10 जुलाई 2025 तक ऑनलाइन सामान्य प्रवेश परीक्षा (सीईई) आयोजित किया गया था। इस परीक्षा में सफल अभ्यर्थी अब शारीरिक दक्षता परीक्षा और अन्य भर्ती प्रक्रियाओं में शामिल हो सकेंगे। रैली में भाग लेने वाले योग्य अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र www.joinindianarmy.nic.in और उनकी ईमेल आईडी पर भेज दिया गया है।  भर्ती रैली में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड के साथ सभी आवश्यक दस्तावेज तथा आधार कार्ड से लिंक मोबाइल फोन साथ लाना अनिवार्य होगा। भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और चयन केवल योग्यता के आधार पर किया जाएगा। किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए उम्मीदवार वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के समीप स्थित सेना भर्ती कार्यालय, नया रायपुर के टेलीफोन नंबर 0771-2965212, 2965214 में संपर्क कर सकते है। सेना भर्ती कार्यालय ने उम्मीदवारों को दलालों और फर्जी एजेंटों से सावधान रहने की सलाह दी है और स्पष्ट किया है कि भारतीय सेना में भर्ती पूरी तरह निःशुल्क और निष्पक्ष प्रक्रिया के तहत की जाती है।

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कम लागत में अधिक मुनाफा दिला रही प्राकृतिक खेती,जीवामृत, नीमास्त्र और हरी खाद से सशक्त होती मिट्टी,जयकुमार की प्राकृतिक खेती, किसानों को दे रही नई प्रेरणा

रायगढ़, 31 दिसम्बर 2025/ जिले के लैलूंगा विकासखण्ड के भकुरा गाँव में रहने वाले श्री जयकुमार गुप्ता साधारण किसान नहीं, बल्कि नई सोच के प्रतीक हैं। बी.ए.तक शिक्षित जयकुमार ने नौकरी की राह छोड़कर खेती को ही अपना भविष्य बनाया और यह साबित कर दिया कि सही सोच और तकनीक से खेती भी लाभ का बड़ा माध्यम बन सकती है। जहाँ एक ओर कई किसान रासायनिक खेती की बढ़ती लागत से परेशान हैं, वहीं जयकुमार गुप्ता प्राकृतिक खेती के सहारे न केवल निश्चिंत हैं, बल्कि आत्मनिर्भर भी बन चुके हैं।
          प्राकृतिक खेती कर रहे जयकुमार आज भी पशुधन को खेती की रीढ़ मानते हैं। उनके पास 3 गायें और 2 बैल हैं, जो उनकी खेती की आत्मा हैं। एक ही फसल पर निर्भर न रहकर वे धान, उड़द, मूंगफली और विभिन्न सब्जियों की खेती करते हैं। यह फसली विविधता न केवल उनकी आय को सुरक्षित करती है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता को भी बनाए रखती है।
          विज्ञान और परंपरा के संतुलन से वे जीवामृत, बीजामृत, नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र और हरी खाद का उपयोग करते हैं। ढैंचा और सनई जैसी फसलों से हरी खाद, फसलों के अवशेषों से कम्पोस्ट, फेरोमोन ट्रैप, लाइट ट्रैप और ट्राइकोडर्मा जैसे उपाय उनकी खेती को कीट और रोगों से सुरक्षित रखते हैं। केंद्र व राज्य सरकार की योजना नेशनल मिशन ऑन नैचुरल फार्मिंग तथा कृषि विभाग रायगढ़ का मार्गदर्शन उनके आत्मविश्वास को और मजबूती देता है।
          जयकुमार गुप्ता की खेती के आंकड़े हर किसान को सोचने पर मजबूर करते हैं। प्राकृतिक खेती से वे प्रति एकड़ लगभग 20 क्विंटल उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि उनकी लागत मात्र ढाई हजार रुपये प्रति एकड़ आती है, जबकि शुद्ध मुनाफा लगभग 70 हजार रुपये प्रति एकड़ तक पहुँच जाता है। जयकुमार कहते हैं कि खेती में मुनाफा कमाने के लिए भारी खर्च नहीं, बल्कि सही ज्ञान, धैर्य और प्रकृति से तालमेल जरूरी है। प्राकृतिक खेती करके श्री जयकुमार गुप्ता अन्य किसानों के प्रेरणास्त्रोत बन चुके है।

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लैलूंगा व घरघोड़ा में पीडीएस चावल की आपूर्ति व्यवस्था सुव्यवस्थित, आवश्यक भंडारण कार्य प्रगतिरत

रायगढ़, 31 दिसंबर 2025। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने जिले के आदिवासी विकासखंड लैलूंगा एवं घरघोड़ा में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के अंतर्गत चावल की आपूर्ति एवं भंडारण व्यवस्था की समीक्षा की। इस दौरान खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग तथा छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन लिमिटेड, जिला रायगढ़ से विस्तृत जानकारी ली गई।
समीक्षा में जिला प्रबंधक, छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन लिमिटेड, रायगढ़ द्वारा अवगत कराया गया कि आवंटन माह जनवरी 2026 के लिए पीडीएस चावल का भंडारण शासन के निर्देशों के अनुरूप किया जा रहा है। विकासखंड घरघोड़ा में 1657.88 मीट्रिक टन के निर्धारित आवंटन के विरुद्ध वर्तमान में 1652.88 मीट्रिक टन चावल उपलब्ध है। वहीं लैलूंगा विकासखंड में 1170.27 मीट्रिक टन के सापेक्ष वर्तमान उपलब्धता 468.46 मीट्रिक टन दर्ज की गई है।
जिला प्रबंधक ने बताया कि लैलूंगा विकासखंड में उचित मूल्य दुकानों के लिए शेष 701.81 मीट्रिक टन चावल के भंडारण की प्रक्रिया सतत रूप से जारी है। इसके लिए मार्कफेड मुख्यालय रायपुर के द्वारा  सारंगढ़ जिले से सरप्लस चावल 999 मीट्रिक उपलब्ध कराया है, जिसमें से  317 मीट्रिक टन तथा खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के अंतर्गत रायगढ़ जिले की मिलरो से 985 मीट्रिक टन चावल प्राप्त किया जा रहा है। इस प्रकार कुल 1302 मीट्रिक टन चावल उपलब्ध हो होगा, जिससे शेष आवश्यकता की पूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी है।
समीक्षा में यह भी बताया गया कि पीडीएस चावल का भंडारण कार्य निरंतर प्रगतिरत है तथा आगामी आवंटन माह फरवरी 2026 के लिए भी आवश्यक तैयारी की जा रही है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत खाद्यान्न आपूर्ति व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए विभागीय समन्वय एवं नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।

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श्री रामलला दर्शन योजनाः रायगढ़ जिले के 1200 से अधिक श्रद्धालुओं ने अयोध्या धाम में किए प्रभु श्रीराम के दर्शन

रायगढ़, 31 दिसम्बर 2025/ छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित श्री रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत रायगढ़ जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों से अब तक 1200 से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम पहुंचकर प्रभु श्रीरामलला के पावन दर्शन का सौभाग्य प्राप्त कर चुके हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप प्रारंभ की गई यह योजना अयोध्या धाम से लौटे श्रद्धालुओं के चेहरों पर झलकती प्रसन्नता, संतोष और भक्ति की मुस्कान इसकी सफलता का सशक्त प्रमाण है।  
             छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल केवल एक धार्मिक यात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आस्था, संस्कृति और भावनात्मक जुड़ाव से परिपूर्ण एक अविस्मरणीय अनुभव बन चुकी है। छत्तीसगढ़ का भगवान श्रीराम से गहरा आत्मीय और ऐतिहासिक संबंध रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार त्रेतायुग में भगवान श्रीराम ने अपने वनवास काल का महत्वपूर्ण समय छत्तीसगढ़ की पावन भूमि पर व्यतीत किया था। माता कौशल्या का मायका भी छत्तीसगढ़ में स्थित होने के कारण यहां के लोग भगवान श्रीराम को स्नेहपूर्वक “भांजा राम” कहकर संबोधित करते हैं। इसी सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक संबंध को साकार रूप देने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा श्री रामलला दर्शन योजना की शुरुआत की गई है। 
           योजना का लाभ प्राप्त करने वाले पुसौर निवासी श्री खगेश्वर पटेल ने बताया कि कभी स्वप्न में भी नहीं सोचा था कि अयोध्या जाकर प्रभु श्रीराम के दर्शन का सौभाग्य मिलेगा, लेकिन मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित इस योजना ने उनके जीवन का सपना साकार कर दिया। श्रीमती राजकुमारी साव ने यात्रा को सहज, सुरक्षित और अत्यंत सुखद बताते हुए कहा कि शासन-प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाएं इतनी उत्कृष्ट थीं कि पूरा समूह एक परिवार की भांति यात्रा कर सका। श्री उमेश सिंह सिदार ने भोजन, स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि पूरी यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं का विशेष ध्यान रखा गया। वहीं श्रीमती सावित्री भगत ने कहा कि अयोध्या में रामलला के दर्शन उनके जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य है। सभी श्रद्धालुओं ने इस योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।
          बता दें कि श्री रामलला दर्शन योजना अंतर्गत राज्य के पात्र श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम स्थित भगवान श्रीरामलला के दर्शन हेतु पूर्णतः निःशुल्क यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। योजना के अंतर्गत श्रद्धालुओं को छत्तीसगढ़ से अयोध्या तक निःशुल्क आवागमन की सुविधा प्रदान की जाती है। यात्रा अवधि के दौरान ठहरने, भोजन एवं नाश्ते की संपूर्ण व्यवस्था शासन द्वारा सुनिश्चित की जाती है। यात्रियों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्राथमिक चिकित्सा एवं आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं की भी समुचित व्यवस्था की जाती है। योजना की आवेदन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में आवेदन ग्राम पंचायतों के माध्यम से तथा शहरी क्षेत्रों में नगरीय निकायों के माध्यम से स्वीकार किए जाते हैं।

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जन-जन तक शासन की आवाज़: जशपुर में जनसंपर्क विभाग की सशक्त भूमिका, नूतन सिदार एवं उनकी टीम बनीं मिसाल”

सूचना तंत्र बना प्रशासन और जनता के बीच मजबूत कड़ी


​जशपुर 30 दिसम्बर 2025 । जशपुर जिले में जिला जनसंपर्क अधिकारी नूतन सिदार और उनकी टीम ने प्रशासन और आम जनता के बीच सूचना के आदान-प्रदान को नई ऊँचाई पर पहुँचाया है। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी जिले के अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुँचाने और जिले की सकारात्मक छवि को उभारने में उनकी टीम लगातार सक्रिय रही है।
सूचना का सशक्त माध्यम
नूतन सिदार के नेतृत्व में जनसंपर्क विभाग ने डिजिटल और प्रिंट मीडिया के साथ समन्वय स्थापित कर सूचना तंत्र को अत्यंत प्रभावी बनाया है। जिले के दूरस्थ अंचलों में रहने वाले ग्रामीणों तक महतारी वंदन योजना, किसान सम्मान निधि योजना और शिक्षा-स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं की जानकारी समय पर पहुँचाई जा रही है।
मुख्य उपलब्धियाँ
त्वरित सूचना प्रवाह: जिले में होने वाली हर प्रशासनिक गतिविधि और विकास कार्य की खबरें मीडिया के माध्यम से तेज़ी से जनता तक पहुँचाना।
सोशल मीडिया का प्रभावी उपयोग: भ्रामक खबरों का खंडन और सही जानकारी का प्रसार।
मीडिया समन्वय: स्थानीय पत्रकारों और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल।
सकारात्मक छवि निर्माण: जिले के पर्यटन, संस्कृति और विकास की कहानियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना।
कर्मठ टीम की मिसाल
अधिकारियों का कहना है कि नूतन सिदार न केवल कुशल अधिकारी हैं, बल्कि उनकी टीम का हर सदस्य—सहायक सूचना अधिकारी, फोटोग्राफर या वीडियो ग्राफर—पूरी निष्ठा के साथ कार्य कर रहा है। विषम परिस्थितियों और व्यस्त कार्यक्रमों के बावजूद समाचारों की गुणवत्ता और समयबद्धता बनाए रखना इस टीम की विशेषता है।
जशपुर के नागरिक और मीडिया जगत ने जनसंपर्क विभाग की सक्रियता की सराहना की है और इसे जिले के विकास के लिए शुभ संकेत माना है।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गजरथ यात्रा–2025  पुस्तक का किया विमोचन,हाथी–मानव द्वंद को कम करने और जागरूकता लाने 6 वनकर्मियों को किया सम्मानित

जशपुरनगर, 29 दिसंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज अपने निज निवास बगिया में  गजरथ यात्रा–2025  पुस्तक का विमोचन किया। यह पुस्तक जशपुर जिले में हाथी विचरण क्षेत्रों एवं संवेदनशील इलाकों के वर्गीकरण, विद्यालय स्तर पर चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों, गज सूचना एवं नियंत्रण कक्ष की स्थापना, मानव–हाथी द्वंद प्रबंधन हेतु तकनीकी पहल एनीमल ट्रैकर ऐप प्रशिक्षण, तथा जिलेभर में गजरथ यात्रा के विस्तार एवं उपलब्धियों का व्यापक विवरण प्रस्तुत करती है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हाथी–मानव द्वंद को कम करने और जनजागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने वाले 6 वनकर्मियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इनमें वनपाल उमेश पैंकरा, वनरक्षक श्री दुर्गेश नंदन साय तथा आरआरटी से महत्तम राम सोनी, गणेश राम और रविशंकर पैंकरा, हाथी मित्र दल से फूल सिंह सिदार शामिल हैं।
   इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पुस्तक में समाहित जानकारियां आमजन को हाथियों के व्यवहार को समझने, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने तथा आवश्यक सतर्कता उपायों को अपनाने में सहायक होंगी। उन्होंने विद्यालय स्तर पर चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों को प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण से जोड़ना भविष्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने सम्मानित किए गए वनकर्मियों और आरआरटी सदस्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इनकी सतर्कता, साहस और सेवाभाव के कारण ही कई गांवों में बड़ी घटनाएं टल सकी हैं, जिससे जान-माल की रक्षा संभव हो पाई है। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कमिश्नर श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा, आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह तथा वनमंडलाधिकारी श्री शशि कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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शासकीय विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा को मिलेगा नया आयाम,मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में जिला प्रशासन , SECL एवं EdCIL  के बीच एमओयू संपन्न

जशपुरनगर, 29 दिसंबर 2025/ जिले के शासकीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने की दृष्टिकोण से  आज मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में बगिया में जिला प्रशासन, SECL एवं EdCIL  के मध्य त्रिपक्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर जिला प्रशासन की ओर से कलेक्टर श्री रोहित व्यास, SECL की ओर से जनरल मैनेजर श्री सी. एम. वर्मा तथा EdCIL की ओर से प्रोजेक्ट डायरेक्टर श्री विकास सहरावत उपस्थित रहे।
       मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से शिक्षा को रोचक एवं प्रभावी बनाना समय की आवश्यकता है, ताकि ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों के बच्चों को भी शहरों के समान बेहतर शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए जा सकें। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों में नवाचार, जिज्ञासा एवं तकनीकी दक्षता का विकास होगा, जो उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बनेगा। 
     एमओयू के तहत जशपुर जिले के चयनित शासकीय विद्यालयों में चरणबद्ध रूप से इंटरएक्टिव पैनल स्थापित किए जाएंगे। इन उपकरणों के माध्यम से शिक्षक डिजिटल कंटेंट, वीडियो, प्रेजेंटेशन एवं ई-लर्निंग संसाधनों का उपयोग कर कक्षाओं को अधिक रोचक, सरल एवं प्रभावी बना सकेंगे। साथ ही एमओयू में इंटरएक्टिव पैनल की स्थापना के साथ-साथ उनके प्रशिक्षण, संचालन एवं नियमित मेंटेनेंस के प्रावधान भी शामिल किए गए हैं, ताकि उपकरणों का सतत एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो सके। इस परियोजना के लिए SECL द्वारा सीएसआर मद से 5 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिसके अंतर्गत जिले के शासकीय विद्यालयों में 206 इंटरएक्टिव पैनल लगाए जाएंगे। इस पहल से जिले के सैकड़ों विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण डिजिटल शिक्षा की बेहतर सुविधा प्राप्त होगी। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने SECL एवं EdCIL के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि इस परियोजना से विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय बाल विवाह मुक्त जशपुर अभियान रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

जशपुरनगर, 29 दिसंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज फरसाबहार स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर से बाल विवाह मुक्त जशपुर अभियान रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह जागरूकता रथ जिले के शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में भ्रमण कर लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल विवाह बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है और इसे रोकना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि कहीं भी बाल विवाह की आशंका हो तो बिना झिझक 1098 पर सूचना दें और इस सामाजिक बुराई के उन्मूलन में सहभागी बनें। 
     अभियान रथ के माध्यम से नागरिकों को बाल विवाह से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान, विवाह की वैधानिक न्यूनतम आयु तथा बाल विवाह निषेध अधिनियम के अंतर्गत किए जाने वाले कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य समाज में सकारात्मक सोच विकसित कर बाल विवाह जैसी कुप्रथा को जड़ से समाप्त करना है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कमिश्नर श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा, आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी. एस. जात्रा सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे। 
      रथ पर 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है, ताकि कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिलने पर नागरिक तत्काल इस हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकें। सूचना प्राप्त होते ही  बाल विवाह प्रतिषेध की संयुक्त टीम  के द्वारा त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। इसके साथ ही 1098 हेल्पलाइन के माध्यम से बच्चों से जुड़ी अन्य समस्याओं का समाधान भी किया जाता है।

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