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मनरेगा से बदली बंजर भूमि की तक़दीर, तमनार में हरियाली बनी ग्रामीण आजीविका का सहारा

रायगढ़,8 जनवरी 2025। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अब केवल मजदूरी तक सीमित नहीं रही, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भर आजीविका का मजबूत माध्यम बनती जा रही है। रायगढ़ जिले के तमनार विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बिजना में मनरेगा के तहत किए गए वृक्षारोपण कार्य ने बंजर भूमि को हरियाली में बदलते हुए ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव की नई कहानी लिखी है।
इस योजना के तहत स्वीकृत इस परियोजना का उद्देश्य ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराना, पर्यावरण संतुलन को मजबूत करना और आय के स्थायी साधन विकसित करना था। परियोजना के अंतर्गत स्व सहायता समूह से जुड़ी हितग्राही कस्तूरी/छडानन द्वारा वृक्षारोपण कार्य का सफल क्रियान्वयन किया गया। कुल 1.70 लाख रुपए की लागत से (मजदूरी मद 1.18 लाख एवं सामग्री मद 0.52 लाख) यह कार्य 31 जुलाई 2020 को प्रारंभ होकर 31 अगस्त 2022 को पूर्ण हुआ। इस दौरान 707 मानव दिवस का सृजन हुआ, जिससे गांव के कई अकुशल श्रमिकों को निरंतर रोजगार मिला। लगातार तीन वर्षों से इस योजना के तहत मैटेनेंश किया गया। 
औद्योगिक क्षेत्र होने के बावजूद ग्राम पंचायत बिजना में इस पहल से न केवल बंजर भूमि का कायाकल्प हुआ, बल्कि हरियाली बढ़ने के साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी ठोस कदम उठाया गया। कभी अनुपयोगी पड़ी भूमि पर अब लगाए गए पौधे गांव की पहचान बनते जा रहे हैं और ग्रामीणों में प्रकृति के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है।
कार्य की स्वीकृति के के बाद ग्राम पंचायत द्वारा तकनीकी सहायक के मार्गदर्शन में योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया गया। हितग्राही कस्तूरी ने स्वयं सहायता समूह के माध्यम से न केवल वृक्षारोपण में सक्रिय सहभागिता निभाई, बल्कि अन्य ग्रामीणों को भी इसके लाभों से अवगत कराया। हितग्राही के अनुसार, मनरेगा योजना की जानकारी मिलने पर उन्होंने सरपंच, सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायक से संपर्क किया, जिसके बाद जनपद पंचायत तमनार के अधिकारियों के सहयोग से कार्य सुचारू रूप से संपन्न हुआ। लगभग 200 पौधों के रोपण एवं उनके संरक्षण की तकनीकी जानकारी मिलने से भविष्य में आय के स्थायी साधन विकसित होने की उम्मीद और मजबूत हुई है।
मनरेगा के माध्यम से एक ओर जहां ग्रामीणों को सम्मानजनक रोजगार मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी ठोस परिवर्तन संभव हो रहा है।

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आंगनबाड़ी सहायिका पद के लिए 23 जनवरी तक आवेदन आमंत्रित

रायगढ़, 8 जनवरी 2026/ एकीकृत बाल विकास परियोजना रायगढ़ (शहरी) अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्र बाजीनपाली शांतिनगर वार्ड क्रमांक 32 में आंगनबाड़ी सहायिका के रिक्त पद के लिए 23 जनवरी तक आवेदन आमंत्रित किए गए है। इच्छुक आवेदिका नियत तिथि एवं समय पर परियोजना अधिकारी बाल विकास परियोजना रायगढ़ (शहरी) कार्यालय में आवेदन जमा कर सकते है। नियुक्ति से संबंधित विस्तृत दिषा-निर्देष व नियम शर्तो का परियोजना कार्यालय के सूचना पटल पर अवलोकन कर सकते है।

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रायगढ़ कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने जिले में तीन स्थानीय अवकाश किया घोषित

रायगढ़, 8 जनवरी 2026/ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने कैलेण्डर वर्ष 2026 के लिए रायगढ़ जिले में तीन स्थानीय अवकाश घोषित किया है। इनमें 16 जुलाई 2026 गुरूवार रथयात्रा, 19 अक्टूबर 2026 सोमवार महानवमी और 9 नवम्बर 2026 सोमवार दीपावली का दूसरा (गोवर्धन पूजा) शामिल है। उक्त अवकाश कोषालय, उप कोषालय, बैंकों के लिए लागू नहीं होगा।

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वनांचल लैलूंगा में सुरक्षित मातृत्व की नई मिसाल, शासन को नीति से सशक्त हो रही स्वास्थ्य सेवाएं,विशेषज्ञ सेवाओं से बढ़ा संस्थागत प्रसव, 574 सुरक्षित डिलीवरी कर रचा इतिहास

रायगढ़, 8 जनवरी 2026।
राज्य शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप खनन प्रभावित एवं सुदूर वनांचल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) एक प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। विकासखंड लैलूंगा इसका सशक्त उदाहरण बन रहा है, जहां डीएमएफ मद से की गई पहल ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती दी है।
डीएमएफ मद से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र (एमसीएच) लैलूंगा में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. एस.एन. उपाध्याय की पदस्थापना के बाद क्षेत्र में संस्थागत एवं सुरक्षित प्रसव को ठोस आधार मिला है। वित्तीय वर्ष 2025–26 में अब तक एमसीएच लैलूंगा में कुल 574 सुरक्षित प्रसव संपन्न कराए गए हैं। अप्रैल 2025 से दिसंबर 2025 की अवधि में 105 सिजेरियन एवं 469 सामान्य प्रसव कराए जाना इस बात का प्रमाण है कि विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं की उपलब्धता से गर्भवती महिलाओं का भरोसा शासकीय स्वास्थ्य व्यवस्था पर लगातार बढ़ा है। समय पर उपचार और निगरानी से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी की दिशा में भी सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
इसी तरह डीएमएफ मद से दंत चिकित्सक की तैनाती ने भी ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्र के नागरिकों को बड़ी राहत दी है। वर्ष 2025–26 में दंत विभाग में अब तक 3063 ओपीडी मरीजों का पंजीयन किया गया, जिनमें से 1095 मरीजों का सफल उपचार किया जा चुका है। इससे दंत संबंधी समस्याओं के लिए लोगों को अब जिला मुख्यालय पर निर्भर नहीं रहना पड़ रहा है और स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध हो रहा है।
जिला प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, गुणवत्ता सुधार एवं शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा की जा रही है। उनके मार्गदर्शन में जिला प्रशासन संस्थागत एवं सुरक्षित प्रसव के प्रतिशत में वृद्धि लाने पर विशेष फोकस कर रहा है, ताकि स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे।
उल्लेखनीय है कि राज्य शासन की मंशा के अनुरूप डीएमएफ मद से विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती, स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास एवं आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। इन निरंतर प्रयासों से लैलूंगा जैसे सुदूर वनांचल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ, सशक्त और भरोसेमंद बन रही हैं, जो आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव की कहानी लिख रही हैं।

डीएमएफ बना रहा है स्वास्थ्य सुधार की रीढ़

रायगढ़ जिले की खनन प्रभावित एवं सुदूर वनांचल लैलूंगा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) अहम भूमिका निभा रहा है। डीएमएफ मद से एमसीएच लैलूंगा में स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं दंत चिकित्सक की तैनाती से संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिला है और ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध हो रहा है। वर्ष 2025–26 में 574 सुरक्षित प्रसव एवं 3 हजार से अधिक दंत ओपीडी पंजीयन से साफ जाहिर हो रहीं है कि इसके माध्यम से शासन की योजनाएं धरातल पर प्रभावी रूप से सफल हो रही हैं और वनांचल क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है।

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50 साल की सेवा, फिर भी न्याय नहीं: आंगनबाड़ी कार्यकर्ता–सहायिकाओं ने बजट में मांगें शामिल कराने अपर कलेक्टर के माध्यम से सरकार को सौंपा ज्ञापन

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं ने पेंशन, ग्रेच्युटी और सामाजिक सुरक्षा की मांग के साथ सौंपा ज्ञापन

जिम्मेदारी पहाड़ जैसी, अधिकार रेत जैसे: आंगनबाड़ी संघ ने बजट से पहले सरकार के सामने रखी ऐतिहासिक मांगों की सूची

जशपुर, 08 जनवरी 2026।
आगामी 09 जनवरी को प्रस्तुत होने वाले राज्य बजट में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की लंबित मांगों को शामिल कर स्वीकृति देने की मांग को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ पंजीयन क्रमांक 409 के पदाधिकारियों ने जशपुर के अपर कलेक्टर श्री प्रदीप साहू को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी एवं महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के नाम ज्ञापन सौंपा।

संघ की जिला अध्यक्ष श्रीमती कविता यादव के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में जिला उपाध्यक्ष एवं परियोजना अध्यक्ष जशपुर अंजना टोप्पो, जिला संरक्षक यशोमती बाई, आशा सहित अन्य पदाधिकारियों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर यह ज्ञापन सौंपा।

50 वर्ष बाद भी नहीं मिला न्याय

ज्ञापन में बताया गया कि महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत आईसीडीएस योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन 02 अक्टूबर 1975 से प्रारंभ हुआ था, जो अब लगभग 50 वर्ष पूर्ण कर रहा है। इसके बावजूद देशभर में लगभग 27 लाख एवं छत्तीसगढ़ में एक लाख से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं आज भी मूलभूत अधिकारों से वंचित हैं।

संघ ने उल्लेख किया कि अन्य विभागों में कार्यरत मानसेवियों को सरकार द्वारा नीति बनाकर समय-समय पर नियमित किया गया, परंतु 50 वर्षों से सेवा दे रहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को अब तक शासकीय कर्मचारी घोषित नहीं किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

न्यूनतम वेतन कानून का उल्लंघन

वर्तमान में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को मात्र ₹4500 एवं सहायिका को ₹2250 प्रतिमाह मानदेय अनियमित रूप से प्राप्त हो रहा है, जिसे किसी भी स्थिति में जीवनयापन योग्य वेतन नहीं कहा जा सकता। यह न्यूनतम पारिश्रमिक अधिनियम का खुला उल्लंघन है।

सेवा निवृत्ति के बाद न पेंशन की व्यवस्था है, न ग्रेच्युटी, न समूह बीमा, न कैशलेस चिकित्सा सुविधा और न ही पर्याप्त अवकाश। बीमारी, दुर्घटना या पारिवारिक आवश्यकताओं में इन्हें मानदेय कटवाकर ही कार्य करना पड़ता है।

जिम्मेदारी ज्यादा, अधिकार शून्य

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं से बहुउद्देशीय कार्यकर्ता की तरह कार्य लिया जाता है, जो कई बार शासकीय कर्मचारियों से भी अधिक जिम्मेदारी वाला होता है, लेकिन पारिश्रमिक एवं सेवा सुरक्षा लगभग शून्य है। छोटी-सी त्रुटि पर सेवा से पृथक किए जाने का भय हमेशा बना रहता है।

संघ की प्रमुख मांगें —

  1. सेवा निवृत्त कार्यकर्ता को ₹5 लाख तथा सहायिका को ₹4 लाख एकमुश्त ग्रेच्युटी, क्रमशः ₹10,000 एवं ₹8,000 मासिक पेंशन तथा समूह बीमा योजना का लाभ दिया जाए।
  2. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को शासकीय कर्मचारी घोषित किया जाए। तब तक कार्यकर्ता को ₹26,000 तथा सहायिका को ₹22,100 प्रतिमाह मानदेय स्वीकृत किया जाए। (मध्यप्रदेश की तर्ज पर वार्षिक ₹1000 वृद्धि लागू की जाए।)
  3. रिक्त सुपरवाइजर एवं कार्यकर्ता के शत-प्रतिशत पदों पर वरिष्ठता सह योग्यता के आधार पर पदोन्नति दी जाए।
  4. कैशलेस चिकित्सा सुविधा एवं पर्याप्त अवकाश व्यवस्था लागू की जाए।

सहानुभूतिपूर्वक विचार की मांग

संघ ने अपर कलेक्टर के माध्यम से राज्य सरकार से विनम्र आग्रह किया कि इन मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए आगामी बजट में इन्हें सम्मिलित कर शीघ्र स्वीकृति प्रदान की जाए। साथ ही प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र प्रेषित कर केंद्र सरकार से सहयोग दिलाने की मांग की गई।

संघ ने कहा कि प्रदेश की लगभग एक लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं तथा उनके परिवारजन सरकार के इस निर्णय के लिए सदैव आभारी रहेंगे।

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सरहदी राज्यों से अवैध धान परिवहन पर जशपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई,दो ट्रकों से 400 बोरी में 160 क्विंटल धान जब्त

आरा चौकी क्षेत्र में सुबह तड़के पेट्रोलिंग के दौरान कार्रवाई

जशपुरनगर, 07 जनवरी 2026/
छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के सीजन के बीच सरहदी राज्यों से अवैध रूप से धान लाकर खपाने की कोशिशों पर जशपुर पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने चौकी आरा क्षेत्रांतर्गत पेट्रोलिंग के दौरान दो ट्रकों से अवैध रूप से परिवहन किया जा रहा 400 बोरी धान (160 क्विंटल) जब्त कर कार्रवाई हेतु जिला प्रशासन को सौंप दिया है। जब्त धान की अनुमानित कीमत लगभग 3 लाख 68 हजार रुपये आंकी गई है।

सुबह 5 बजे मुखबिर सूचना पर घेराबंदी, दो ट्रक धराए

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 07 जनवरी 2026 की सुबह लगभग 5.00 बजे चौकी आरा पुलिस पेट्रोलिंग टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम केतार के पास दो संदिग्ध ट्रक भारी मात्रा में धान लेकर गुजरने वाले हैं। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने ग्राम केतार के समीप घेराबंदी कर दोनों ट्रकों को रोका।

प्रत्येक ट्रक में 200 बोरी, कुल 160 क्विंटल धान बरामद

तलाशी के दौरान पुलिस ने ट्रक क्रमांक CG 04-NW-7035 एवं CG 10-BP-8723 से प्रत्येक ट्रक में 200-200 बोरी, कुल 400 बोरी धान बरामद किया। वजन करने पर कुल धान 160 क्विंटल पाया गया।

झारखंड से लोड कर जशपुर लाने की बात स्वीकार

पुलिस पूछताछ में ट्रक क्रमांक CG 04-NW-7035 के चालक ने अपना नाम लोमन साहू (40 वर्ष), निवासी ग्राम नहरडीह, जिला धमतरी बताया, वहीं दूसरे ट्रक CG 10-BP-8723 के चालक ने अपना नाम चंद्र प्रकाश सोनवानी (40 वर्ष), निवासी कोहरोदा, मस्तूरी जिला बिलासपुर बताया।

दोनों चालकों ने स्वीकार किया कि वे धान को झारखंड राज्य से लोड कर जशपुर ला रहे थे, लेकिन धान परिवहन से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज, मंडी टोकन अथवा अनुमति पत्र प्रस्तुत नहीं कर सके

संदेह के आधार पर धान जब्त, जिला प्रशासन को सौंपा गया मामला

दस्तावेजों के अभाव में पुलिस ने संदेह के आधार पर दोनों ट्रकों सहित धान को जब्त कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई हेतु जिला प्रशासन को सुपुर्द कर दिया है।

अब तक 1,960 क्विंटल अवैध धान पकड़ा जा चुका

गौरतलब है कि जशपुर पुलिस द्वारा अब तक अवैध धान परिवहन के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 07 ट्रक, 22 पिकअप एवं 03 ट्रैक्टर के माध्यम से परिवहन किए जा रहे कुल 1,960 क्विंटल धान को पकड़कर कार्रवाई हेतु जिला प्रशासन को सौंपा जा चुका है।

कार्रवाई में पुलिस टीम की अहम भूमिका

इस पूरी कार्रवाई में चौकी प्रभारी आरा सहायक उप निरीक्षक चंद्रप्रकाश त्रिपाठी, प्रधान आरक्षक विदवा सागर पैंकरा एवं आरक्षक बेलसाजर कुजूर की सराहनीय भूमिका रही।

एसएसपी का बयान: अवैध धान परिवहन पर लगातार जारी रहेगी कार्रवाई

इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह ने बताया कि —

“जशपुर पुलिस सरहदी राज्यों से हो रहे अवैध धान परिवहन पर लगातार कड़ी निगरानी बनाए हुए है। आरा क्षेत्र में दो ट्रकों से 400 बोरी में 160 क्विंटल धान जब्त कर जिला प्रशासन को सौंपा गया है। अवैध धान परिवहन के विरुद्ध यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।”

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ऑपरेशन शंखनाद: जशपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो अलग-अलग मामलों में 20 गौ वंश तस्करों के चंगुल से मुक्त

जशपुर, 07 जनवरी 2026/
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में जशपुर पुलिस द्वारा गौ तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की गई है। बीते दो दिनों में सिटी कोतवाली जशपुर एवं थाना लोदाम क्षेत्रांतर्गत अलग-अलग मामलों में पुलिस ने 20 नग गौ वंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया, वहीं एक गौ तस्कर को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है तथा तस्करी में प्रयुक्त एक पिकअप वाहन को भी जप्त किया गया है।

सिटी कोतवाली क्षेत्र: जंगल के रास्ते पैदल ले जाए जा रहे थे गौ वंश, तस्कर गिरफ्तार

सिटी कोतवाली जशपुर क्षेत्रांतर्गत दिनांक 06.01.26 को शाम करीब 04:00 बजे पुलिस को मुखबिर के माध्यम से पुख्ता सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम डूमरटोली के जंगल के रास्ते एक व्यक्ति गौ वंशों को बेरहमी से मारते-पीटते हुए पैदल झारखंड राज्य की ओर ले जा रहा है।
सूचना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अवगत कराते हुए एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के निर्देश पर तत्काल पुलिस टीम गठित कर मुखबिर द्वारा बताए गए स्थान डूमरटोली जंगल में दबिश दी गई।

पुलिस टीम ने मौके पर देखा कि एक व्यक्ति 10 नग गौ वंशों को पैदल हांकते हुए तेजी से ले जा रहा था। पुलिस द्वारा घेराबंदी कर सभी गौ वंशों को सकुशल बरामद कर लिया गया। हालांकि पुलिस को आता देख आरोपी जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गया, किंतु पुलिस द्वारा तत्परता से आरोपी की पहचान कर ली गई।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान

पुलिस जांच में फरार आरोपी की पहचान
अजीत राम, उम्र 38 वर्ष,
निवासी ग्राम डूमरटोली, थाना सिटी कोतवाली जशपुर, जिला जशपुर (छ.ग.)
के रूप में की गई। इसके पश्चात पुलिस द्वारा आरोपी के घर दबिश देकर उसे हिरासत में लिया गया

पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि वह सभी गौ वंशों को गोविंदपुर, झारखंड ले जा रहा था। गौ वंशों से संबंधित वैध दस्तावेज मांगने पर आरोपी कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
इस पर थाना सिटी कोतवाली जशपुर में आरोपी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 एवं 10 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया

इस कार्रवाई में इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका

इस प्रकरण में थाना प्रभारी सिटी कोतवाली जशपुर निरीक्षक मोरध्वज देशमुख,
उप निरीक्षक खोमराज ठाकुर,
आरक्षक उपेन्द्र सिंह, राजकेश्वर सिंह
एवं नगर सैनिक रवि डनसेना की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

थाना लोदाम क्षेत्र: पिकअप में भरकर ले जाए जा रहे थे गौ वंश, वाहन छोड़कर फरार हुए तस्कर

दूसरे मामले में जशपुर पुलिस को रात्रि के समय सूचना प्राप्त हुई कि जशपुर क्षेत्र से होकर पिकअप वाहन में गौ तस्करी की जा रही है। सूचना पर एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में जिले के विभिन्न थानों की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा हाइवे पर नाकाबंदी कर सघन वाहन चेकिंग शुरू की गई।

इसी दौरान संदिग्ध पिकअप वाहन क्रमांक JH-02-BS-4348 दिखाई देने पर पुलिस द्वारा उसका पीछा किया गया। थाना लोदाम क्षेत्रांतर्गत ग्राम पतराटोली के पास पुलिस को पीछा करते देख तस्कर पिकअप वाहन छोड़कर फरार हो गए।

पुलिस टीम द्वारा जब वाहन की तलाशी ली गई तो पाया गया कि पिकअप में 10 नग गौ वंशों को रस्सियों से बांधकर अमानवीय तरीके से ठूस-ठूस कर भरा गया था। सभी गौ वंशों को सकुशल बरामद कर पशु चिकित्सक से स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। साथ ही तस्करी में प्रयुक्त पिकअप वाहन को भी जप्त कर लिया गया।

इस मामले में थाना लोदाम में आरोपियों के विरुद्ध छ.ग. कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 एवं 10 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

ऑपरेशन शंखनाद की अब तक की उपलब्धि

गौरतलब है कि वर्ष 2024 से जशपुर पुलिस द्वारा गौ तस्करी के विरुद्ध ‘ऑपरेशन शंखनाद’ चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत अब तक—

  • 144 प्रकरण पंजीबद्ध
  • 239 गौ तस्कर गिरफ्तार
  • 1400 से अधिक गौ वंश मुक्त
  • 70 वाहन जप्त, जिनमें से 24 वाहन राजसात किए जा चुके हैं, शेष की प्रक्रिया जारी है।

एसएसपी का बयान

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि
“ऑपरेशन शंखनाद के तहत सिटी कोतवाली जशपुर एवं लोदाम क्षेत्र में अलग-अलग मामलों में 20 गौ वंशों को तस्करों से मुक्त कराया गया है। कोतवाली क्षेत्र के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, जबकि लोदाम क्षेत्र में गौ तस्करी में प्रयुक्त पिकअप वाहन जप्त किया गया है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है। गौ तस्करी के विरुद्ध जशपुर पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के गृह जिले में बढ़ती स्वास्थ्य सुविधाएं से मिल रही है लोगों को लाभ, डायल 108 संजीवनी एक्सप्रेस बनी जिले की जीवन रेखा.


जशपुरनगर 7 जनवरी 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का निरंतर विस्तार हो रहा है। मुख्यमंत्री द्वारा जिलेवासियों को दी गई 10 अतिरिक्त संजीवनी एक्सप्रेस एंबुलेंसों की सौगात के बाद आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सशक्त हुई हैं। वर्तमान में जिले में कुल 24 संजीवनी एक्सप्रेस एंबुलेंस जीवन रक्षक बनकर दिन-रात जिले के शहरी एवं ग्रामीण अंचलों में दौड़ रही हैं। जिले के संजीवनी एक्सप्रेस 108 एंबुलेश के प्रबंधन दीपक साहू ने बताया कि वर्ष 2025 के दौरान डायल 108 संजीवनी एक्सप्रेस एंबुलेंस सेवा के माध्यम से जिले में कुल 10,114 मरीजों को समय पर आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई गई। सड़क दुर्घटनाओं, गंभीर बीमारियों, हृदयाघात, सर्पदंश तथा प्रसूति जैसे आपात मामलों में इन एंबुलेंसों ने अहम भूमिका निभाई है।
डायल 108 संजीवनी एक्सप्रेस एंबुलेंस से 2025 में 572 गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। कई मामलों में एंबुलेंस के भीतर ही सफल प्रसव कराकर माँ और नवजात की जान बचाई गई, जो एंबुलेंस में उपलब्ध आधुनिक उपकरणों एवं प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की तत्परता का प्रमाण है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा प्रदान की गई अतिरिक्त 10 एंबुलेंसों के चलते दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों तक भी त्वरित स्वास्थ्य सहायता सुनिश्चित हो पाई है। इससे न केवल प्रतिक्रिया समय में कमी आई है, बल्कि ग्रामीण अंचलों के लोगों को भी समय पर जीवन रक्षक चिकित्सा सुविधा मिल रही है।जिलेवासियों का कहना है कि संजीवनी एक्सप्रेस एंबुलेंस सेवा ने आपात स्थिति में भरोसेमंद सहारा बनकर स्वास्थ्य व्यवस्था में नई मजबूती दी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले की स्वास्थ्य सेवाएं निरंतर सुदृढ़ होती जा रही हैं, जिसका सीधा लाभ आम जनता को मिल रहा है।

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कुनकुरी विकास खंड के 47 कृषि सखियों ने झारखंड रांची के ओरमांझी में सीखें आधुनिक खेती के गुण 


जशपुर 7 जनवरी 2026/ कुनकुरी विकासखंड की 47 कृषि सखियों का रांची (झारखंड) में सफल किसानों के खेतों का परिभ्रमण
जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखंड में कार्यरत कृषि सखियों के दल का 6 जनवरी 2026 को  झारखंड राज्य के रांची जिले अंतर्गत ओरमांझी प्रखंड में कार्यरत प्रसिद्ध एवं सफल किसानों के खेतों में शैक्षणिक परिभ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस परिभ्रमण के दौरान कृषि सखियों ने झारखंड सरकार एवं भारत सरकार द्वारा सम्मानित कृषक श्री  गणशू महतो तथा प्रगतिशील महिला किसान श्रीमती संगीता देवी के खेतों में किए जा रहे उन्नत कृषि कार्यों का गहन अवलोकन किया।
परिभ्रमण के दौरान कृषि सखियों ने गोभी, मटर, मूली, मिर्च सहित विभिन्न प्रकार की साग–सब्जियों की उन्नत खेती के तरीकों की जानकारी प्राप्त की। किसानों द्वारा अपनाई जा रही आधुनिक कृषि तकनीकों जैसे मल्चिंग का महत्व, ऑर्गेनिक खेती की तैयारी, मृदा परीक्षण की उपयोगिता, उचित उर्वरकों का चयन, मचान खेती, ड्रिप इरिगेशन प्रणाली आदि को प्रत्यक्ष रूप से देखा एवं समझ विकसित की।
यह अभिनव एवं प्रेरणादायक पहल कलेक्टर जशपुर श्री रोहित व्यास के कुशल नेतृत्व में तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत जशपुर श्री अभिषेक कुमार के  मार्गदर्शन में संचालित की जा रही है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विहान अंतर्गत कार्यरत कृषि सखियों को सफल किसानों के अनुभवों से रूबरू कराना, कृषि पद्धतियों, रखरखाव एवं नवाचारों पर विचारों का आदान–प्रदान कर सीख विकसित करना है।
झारखंड सरकार द्वारा सम्मानित कृषक श्री गणशू महतो ग्राम सदमा ओरमांझी झारखंड ने अपने जीवन संघर्ष को साझा करते हुए बताया कि वे कभी ₹50 प्रतिदिन की नौकरी किया करते थे, किंतु उन्नत कृषि की जानकारी अपनाकर आगे बढ़ने का निर्णय लिया। आज वे आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती के माध्यम से प्रतिवर्ष लगभग ₹50 लाख की आय अर्जित कर रहे हैं। उनके प्रेरक जीवन वृतांत को सुनकर जशपुर जिले की महिला कृषि सखियाँ अत्यंत उत्साहित एवं प्रेरित हुईं।
इसी प्रकार प्रगतिशील महिला किसान श्रीमती संगीता देवी ग्राम कच्चू ओरमांझी झारखंड ने बताया कि किस प्रकार उन्होंने 40 एकड़ जमीन लीज में लेकर वर्तमान में 8 एकड़ भूमि  पर सब्जी एवं अन्य फसलों की उन्नत खेती कर लाखों रुपये की वार्षिक आय प्राप्त की। उनके अनुभवों ने महिला कृषकों में आत्मविश्वास एवं आगे बढ़ने की नई ऊर्जा का संचार किया।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एवं जिला प्रशासन की इस संयुक्त पहल से निश्चित रूप से जशपुर जिले के किसानों की आय में वृद्धि होगी तथा महिला कृषकों को सशक्त बनाते हुए उन्हें “लखपति दीदी” के रूप में विकसित करने की दिशा में यह कार्यक्रम मील का पत्थर साबित होगा।

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निर्माण कार्यों को समय सीमा में करे पूर्ण — कलेक्टर श्री रोहित व्यास,सीजीएमएससी व हाउसिंग बोर्ड के कार्यों की हुई सघन समीक्षा

जशपुरनगर 07 जनवरी 2026/ जिले में चल रहे महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों की प्रगति को लेकर कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने विगत दिवस सीजीएमएससी (छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन) एवं हाउसिंग बोर्ड निर्माण विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने दोनों विभागों के अंतर्गत स्वीकृत एवं जारी कार्यों की प्रगति दर की विस्तृत जानकारी ली। कलेक्टर ने  कार्यों को तय समय-सीमा में पूर्ण करने के सख्त निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। कलेक्टर श्री व्यास ने सीजीएमएससी द्वारा निर्माणाधीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सब हेल्थ सेंटर, एमसीएच यूनिट, मीटिंग हॉल, वैक्सीन स्टोरेज यूनिट, फायर फाइटिंग सिस्टम सहित अन्य सहायक अधोसंरचना कार्यों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इन स्वास्थ्य परियोजनाओं के पूर्ण होने से ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों में चिकित्सा सुविधाओं को बड़ी मजबूती मिलेगी, अतः सभी कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय में पूरा करना सुनिश्चित किया जाए।

       कलेक्टर ने हाउसिंग बोर्ड निर्माण विभाग द्वारा किए जा रहे तहसील भवन, मिनी स्टेडियम, छात्रावास भवन, प्रशिक्षण केंद्र एवं परियोजना कार्यालय के निर्माणाधीन कार्यों की भी विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन सभी परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब न करते हुए नियमित निगरानी के साथ प्रगति सुनिश्चित करें। कलेक्टर श्री व्यास ने दो टूक शब्दों में कहा कि जिले के नागरिकों से जुड़ी आधारभूत सुविधाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी निर्माण एजेंसियां समन्वय के साथ कार्य कर समय-सीमा में लक्ष्य हासिल करें। बैठक में सहायक कलेक्टर श्री अनिकेत अशोक सहित सीजीएमएससी एवं हाउसिंग बोर्ड विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद रहे।

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कलेक्टर रोहित व्यास ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुलेसा का किया निरीक्षण,दिए आवश्यक दिशा-निर्देश


जशपुरनगर, 07 जनवरी 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज विकासखंड बगीचा के ग्राम पंचायत सुलेसा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, कर्मचारियों की उपस्थिति एवं साफ-सफाई की स्थिति का अवलोकन कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
    निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री व्यास ने स्वास्थ्य केंद्र के प्रत्येक वार्ड का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने लैब कक्ष में किए जा रहे विभिन्न परीक्षणों की जानकारी लेते हुए जो आवश्यक उपकरणों की कमी रह गई है उसे शीघ्र पूरा करने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी.एस. जात्रा को दिए। दवा भंडार कक्ष के निरीक्षण के दौरान उन्होंने उपलब्ध दवाओं की जानकारी ली और कहा कि वितरण के पश्चात जिन दवाओं की कमी हो जाती है, उनकी समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक कार्यवाही की जाए।  कलेक्टर ने ड्रेसिंग रूम, प्रसव कक्ष, वेलनेस एवं परामर्श कक्ष सहित अन्य कक्षों का भी निरीक्षण किया और कमियों को दूर कर व्यवस्थाओं को और अधिक सुव्यवस्थित बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र परिसर में शौचालयों की स्वच्छता, पेयजल की समुचित व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा। साथ ही भवन का रंग-रोगन कराने हेतु निर्देशित किया।
    उन्होंने आयुष्मान कार्ड, वय वंदना कार्ड सहित केंद्र और राज्य सरकार। द्वारा संचालित समस्त स्वास्थ्य योजनाओं के लाभों की जानकारी ग्रामीणों को देने तथा  पात्र हितग्राही  जिनके कार्ड अभी तक नहीं बने हैं, उनका कार्ड शीघ्र बनाने की प्रक्रिया सुनिश्चित करने को कहा। इस अवसर पर एसडीएम श्री प्रदीप राठिया, स्वास्थ्य अधिकारी आकांक्षा टोप्पो, जनपद पंचायत सीईओ श्री विनोद सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने शासकीय अनुसूचित जनजाति बालक आश्रम और शासकीय प्राथमिक शाला का किया निरीक्षण,साफ-सफाई सहित सभी व्यवस्थाएं दुरूस्त करने दिए निर्देश

जशपुरनगर, 07 जनवरी 2026/  कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज विकासखंड बगीचा के ग्राम पंचायत सुलेसा स्थित शासकीय अनुसूचित जनजाति बालक आश्रम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आश्रम में बच्चों के लिए शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने ग्रामीण सचिवालय में लगातार अनुपस्थिति की शिकायत पर करारोपण अधिकारी श्री मनराज सिंह पैंकरा को शो काज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। 
    कलेक्टर ने आश्रम में शयन कक्षों का निरीक्षण किया, जिनका नाम स्वतंत्रता संग्राम के महान शहीद भगत सिंह, सुभाषचंद्र बोस एवं चंद्रशेखर आज़ाद के नाम पर रखा गया है। उन्होंने इस पहल की सराहना की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आश्रम परिसर, शौचालय, शयन कक्ष में उपयोग होने वाली चादरें, तकिया कवर एवं अन्य सामग्रियों की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही भवन के रंग-रोगन कराने को कहा।
    उल्लेखनीय है कि 100 सीटर शासकीय अनुसूचित जनजाति बालक आश्रम में कक्षा पहली से पांचवीं तक के विद्यार्थी निवासरत हैं। कलेक्टर श्री व्यास ने बच्चों की सामान्य ज्ञान में वृद्धि हेतु आश्रम परिसर में भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ शासन के प्रमुख पदों पर आसीन व्यक्तियों के नाम प्रदर्शित करने तथा समय-समय पर इन्हें अद्यतन रखने के निर्देश भी दिए। इसके उपरांत कलेक्टर ने शासकीय प्राथमिक शाला सुलेसा का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों को समय पर उपस्थित रहकर शैक्षणिक कार्यों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन करने के निर्देश दिए तथा स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्यवाही की जाएगी।
     निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने यहां अध्ययनरत बच्चों से  आत्मीयता पूर्वक बातचीत कर उन्हें पढ़ाई का जीवन में महत्व के बारे में बताते हुए उनका उत्साहवर्धन भी किया। इस मौके पर एसडीएम श्री प्रदीप कुमार राठिया, जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रमोद भटनागर, सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग श्री संजय सिंह, जनपद पंचायत सीईओ श्री विनोद सिंह, हेड मास्टर श्री विजय साहू सहित अधिकारी कर्मचारी मौजूद थे।

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कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने जतन केन्द्र रायगढ़ स्थित डे केयर–सियान गुड़ी सेंटर का किया व्यापक निरीक्षण, वरिष्ठ नागरिकों को बेहतर सुविधा और सम्मानजनक वातावरण देने के दिए सख्त निर्देश

रायगढ़, 07 जनवरी 2026/ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी द्वारा आज जतन केन्द्र रायगढ़ में वरिष्ठ नागरिकों एवं वृद्धजनों के लिए संचालित 25 सीटर डे केयर–सियान गुड़ी सेंटर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं, व्यवस्थाओं एवं सेवाओं की जानकारी ली और वृद्धजनों के हित में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कलेक्टर ने केंद्र में उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों से संवाद कर उनकी आवश्यकताओं एवं समस्याओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि डे केयर–सियान गुड़ी सेंटर का संचालन नियमित, सुव्यवस्थित एवं संवेदनशीलता के साथ किया जाए, ताकि वृद्धजनों को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं अनुकूल वातावरण उपलब्ध हो सके। साथ ही आवश्यक सामग्री, सुविधाओं एवं सेवाओं की निरंतर पूर्ति सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि केंद्र में साफ-सफाई, स्वास्थ्य सुविधाएं, मनोरंजन एवं देखभाल से संबंधित व्यवस्थाएं प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल एवं सम्मान राज्य शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के समय मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत रायगढ़, उप संचालक समाज कल्याण जिला रायगढ़ सहित डे केयर–सियान गुड़ी सेंटर के समस्त कर्मचारी उपस्थित थे।

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जलवायु परिवर्तन और मानव स्वास्थ्य पर बढ़ती चुनौतियों को लेकर जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित,

रायगढ़, 07 जनवरी 2026। राज्य शासन के दिशा-निर्देशानुसार कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत एवं प्रभारी जिला परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. बी.पी. पटेल के निर्देशन में जिले में जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण दिनांक 6 जनवरी से 15 जनवरी तक आयोजित किया जा रहा है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन जिला कार्यक्रम अधिकारी सुश्री रंजना पैंकरा द्वारा किया जा रहा है। कार्यक्रम में जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. टी.जी. कुलवेदी, जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. अविनाश चंद्रा, जिला नोडल अधिकारी डॉ. सुमित शैलेन्द्र कुमार मंडल, डॉ. केनन डेनियल, एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. कल्याणी पटेल (आई.डी.एस.पी.) तथा कार्यक्रम के जिला डाटा मैनेजर श्री रामकुमार जांगड़े सक्रिय रूप से सहभागिता कर रहे हैं।

इस प्रशिक्षण के अंतर्गत जिले के सभी विकासखंडों के आर.एम.ए./प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, सेक्टर सुपरवाइजर, आर.एच.ओ. (पुरुष/महिला), सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सी.एच.ओ.), बी.डी.एम., डी.ई.ओ., पी.ए.डी.ए. के साथ-साथ जिला एवं जनपद पंचायत सदस्यों को समूहवार निर्धारित तिथियों में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
प्रशिक्षण के दौरान जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न हो रही स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बताया गया कि बढ़ता तापमान, असामान्य वर्षा, लू, सूखा, बाढ़, जलस्तर में गिरावट एवं वायु प्रदूषण जैसी समस्याएं मानव जीवन, पर्यावरण, स्वास्थ्य एवं आजीविका पर गंभीर प्रभाव डाल रही हैं। अत्यधिक गर्मी के कारण हीट स्ट्रोक, श्वसन संबंधी रोग, एलर्जी, जलजनित बीमारियां एवं कुपोषण जैसी समस्याओं में वृद्धि हो रही है, जिसका सर्वाधिक प्रभाव बच्चों, बुजुर्गों एवं गर्भवती महिलाओं पर पड़ रहा है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत ने बताया कि वायु प्रदूषण का प्रभाव अब अस्पतालों में स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। सांस फूलना, लगातार खांसी, आंखों में जलन, त्वचा रोग एवं अस्थमा जैसे रोग वायु प्रदूषण की गंभीरता को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण स्वस्थ समाज की नींव है। पर्यावरण संरक्षण से न केवल बीमारियों की रोकथाम होती है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ते दबाव को भी कम किया जा सकता है।
जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे पर्यावरण संरक्षण को अपनी प्राथमिक जिम्मेदारी मानें। अधिक से अधिक वृक्षारोपण एवं पौधों का संरक्षण करें, जल स्रोतों की रक्षा करें, वर्षा जल संचयन अपनाएं, प्लास्टिक का न्यूनतम उपयोग करें, स्वच्छ ऊर्जा को अपनाएं तथा कचरे का पृथक्करण एवं पुनर्चक्रण सुनिश्चित करें।
विद्यालयों, शासकीय कार्यालयों, पंचायतों एवं नगरीय निकायों के माध्यम से जनजागरूकता कार्यक्रम, पौधरोपण अभियान, स्वच्छता गतिविधियों एवं पर्यावरण शिक्षा को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए गए हैं। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि वे साइकिल या पैदल चलने को प्राथमिकता दें। स्वच्छ, सुरक्षित एवं संतुलित वातावरण हमारे वर्तमान और भविष्य दोनों के लिए आवश्यक है। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध इस अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ पृथ्वी सुनिश्चित की जा सके।

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जिले के 549 ग्राम पंचायतों में मनाया गया रोजगार एवं आवास दिवस,ग्रामीण विकास को मिली नई गति, योजनाओं से सीधे जुड़े हितग्राही

रायगढ़, 7 जनवरी 2026/ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश एवं सीईओ जिला पंचायत श्री अभिजीत बबन पठारे के मार्गदर्शन में आज जिले के सभी 07 जनपदों की 549 ग्राम पंचायतों में रोजगार दिवस एवं आवास दिवस का सफल और उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सरपंच, पंच, मनरेगा एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के स्टाफ के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं मजदूर शामिल हुए।
           इस अवसर पर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत हितग्राहियों को किस्त भुगतान, निर्माण सामग्री की उपलब्धता तथा समयबद्ध आवास निर्माण की जानकारी दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि आवास निर्माण के दौरान हितग्राही 90 दिवस की मनरेगा मजदूरी के पात्र हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूती मिल सके।

*आजीविका डबरी व डिजिटल पहल से सशक्त ग्रामीण अर्थव्यवस्था*
कार्यक्रम में जल संरक्षण एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘आजीविका डबरी’ योजना पर विशेष जोर दिया गया। किसानों को अपने खेतों में डबरी निर्माण के लाभ बताए गए, जिससे सिंचाई, मत्स्य पालन एवं अतिरिक्त आय के अवसर सृजित हो सकें। इसके साथ ही योजनाओं में पारदर्शिता लाने हेतु क्यूआर कोड आधारित डिजिटल प्रणाली का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। ग्रामीणों को मोबाइल के माध्यम से क्यूआर कोड स्कैन कर योजना की जानकारी एवं प्रगति देखने के लिए प्रेरित किया गया।

*वीवी जी राम जी स्कीम पर संवाद, जागरूकता और जनभागीदारी*
ग्रामीण विकास की योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए वीवी जी राम जी स्कीम पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। विशेषज्ञों ने योजना के उद्देश्यों एवं लाभों की विस्तृत जानकारी दी तथा ग्रामीणों की शंकाओं का समाधान किया। कार्यक्रम के दौरान पाम्पलेट, पोस्टर, दीवार लेखन एवं प्रदर्शनियों के माध्यम से योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य शासकीय योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना एवं ग्रामीण विकास में जन-भागीदारी सुनिश्चित करना रहा।

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निरंतर मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है – कलेक्टर,कक्षा 10वीं एवं 12वीं के मेधावी विद्यार्थियों के लिए तीन दिवसीय विशेष आवासीय कोचिंग शिविर आयोजित

रायगढ़, 7 जनवरी 2026/ जिला प्रशासन द्वारा रायगढ़ जिले के कक्षा 10वीं एवं 12वीं के मेधावी विद्यार्थियों के लिए तीन दिवसीय विशेष आवासीय कोचिंग शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर उन विद्यार्थियों के लिए आयोजित किया गया है जिन्होंने छमाही परीक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है।
          इसी क्रम में  कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी विशेष आवासीय कोचिंग शिविर स्थल पहुंचे। यहां उन्होंने विद्यार्थियों को सफलता का मूल मंत्र बताते हुए कहा कि निरंतरता, अनुशासन और आत्मविश्वास किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने की कुंजी है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे पढ़ाई को बोझ नहीं बल्कि आनंद के रूप में लें, समय प्रबंधन को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और अपने लक्ष्य को पाने की तीव्र इच्छा स्वयं में विकसित करें। कलेक्टर ने उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि असफलताएं अंत नहीं होतीं, बल्कि वे सफलता की ओर ले जाने वाले महत्वपूर्ण अनुभव होती हैं।
       शिविर का आयोजन 5 से 7 जनवरी तक पंचायत सचिव एवं प्रशिक्षण संस्थान, रायगढ़ में किया जा रहा है। विशेष आवासीय कोचिंग शिविर के  प्रथम दिवस पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत श्री अभिजीत बबन पठारे ने कहा कि प्रतिभा तभी निखरती है जब उसे सही मार्गदर्शन, सकारात्मक वातावरण और निरंतर अभ्यास मिले। उन्होंने विद्यार्थियों को तनावमुक्त होकर परीक्षा की तैयारी करने, उत्तर लेखन में स्पष्टता रखने और समय का संतुलित उपयोग करने की सलाह दी। जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. के. व्ही. राव ने अपने विशेष एवं व्यावहारिक उद्बोधन में स्वयं चॉक पकड़कर कक्षा लेते हुए विद्यार्थियों के भौतिकी विषय से संबंधित संदेहों का समाधान किया। उन्होंने परीक्षा के ब्लूप्रिंट पर फोकस करते हुए अध्यायवार अंक वितरण, प्रश्न चयन और अधिकतम अंक प्राप्त करने की रणनीति विस्तार से समझाई। इस प्रत्यक्ष शिक्षण से विद्यार्थियों में विषय के प्रति आत्मविश्वास स्पष्ट रूप से देखने को मिला।
            इस अवसर पर डीएमसी आलोक स्वर्णकार ने उत्तर लेखन की तकनीक पर विशेष मार्गदर्शन देते हुए कहा कि परीक्षक के दृष्टिकोण से स्पष्ट, क्रमबद्ध और प्रभावी उत्तर ही सफलता दिलाते हैं। उन्होंने भौतिक विज्ञान में सूत्रों की प्रस्तुति, डायग्राम एवं ग्राफ के सही उपयोग पर जोर दिया। इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक दिनेश पटेल, रायगढ़ जिले के सातों विकासखंडों के विकासखंड शिक्षा अधिकारी, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी डी. पी. पटेल, एपीसी भूपेंद्र पटेल तथा जिला नोडल अधिकारी (छात्रवृत्ति शाखा) एस. के. कर्ण उपस्थित रहे। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को शासन की छात्रवृत्ति योजनाओं की जानकारी देते हुए नियमित अध्ययन, निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए प्रेरित किया।

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उत्खनन प्रभावित क्षेत्र बरकसपाली–रेंगालबहरी सड़क निर्माण को मिली मंजूरी,निर्माण कार्य प्रगति पर,सुदूर वनांचल को मिलेगी मजबूत सड़क कनेक्टिविटी

रायगढ़, 7 जनवरी 2026।  राज्य शासन की सुशासन एवं पारदर्शी नीति के तहत जिले के खनन प्रभावित एवं सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर, सुगम एवं सुरक्षित यातायात सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) मद से लगातार सड़क निर्माण कार्यों को स्वीकृति प्रदान की जा रही है। इसका उद्देश्य आगामी वर्षा ऋतु से पूर्व वनांचल एवं प्रभावित ग्रामों में आवागमन को सरल बनाना है।
जिला प्रशासन द्वारा जिले के दूरस्थ एवं खनन प्रभावित क्षेत्रों में आधारभूत संरचना विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए तीव्र गति से स्वीकृतियां दी जा रही हैं। सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास के माध्यम से ग्रामीण जीवन को सशक्त बनाने हेतु सतत प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में विकासखंड तमनार अंतर्गत बरकसपाली से रेंगालबहरी मार्ग निर्माण कार्य को जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) मद से स्वीकृति प्रदान की गई है। यह सड़क 128.09 लाख रुपए की लागत से निर्मित की जाएगी, जिससे क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीणों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
सड़क निर्माण से ग्रामीणों को बेहतर आवागमन सुविधा प्राप्त होगी, वहीं स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इसके साथ ही कृषि उपज के परिवहन, बाजार तक पहुंच और अन्य आर्थिक गतिविधियों में भी आसानी होगी, जिससे ग्रामीणों की आजीविका सुदृढ़ होगी और उनकी आय में वृद्धि संभव हो सकेगी।
कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सड़क निर्माण कार्य में गुणवत्ता एवं समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिकारी ने बताया कि इस सड़क निर्माण कार्य की निर्धारित अवधि एक वर्ष तय की गई है।
उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा खनन प्रभावित क्षेत्रों में डीएमएफ मद से सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, विद्युत एवं पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के विकास हेतु निरंतर स्वीकृतियां प्रदान की जा रही हैं, ताकि ग्रामीणों के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सके और शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित हो सके।

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ग्राम स्तर पर कानून - व्यवस्था सुदृढ़ करने को लेकर कलेक्टर ने कोटवारों की समीक्षा बैठक ली,अतिक्रमण हटाने, रिक्त पदों पर नियुक्ति और कोटवारों की समस्याओं के समाधान के निर्देश

रायगढ़, 7 जनवरी 2026।  तहसील कार्यालय रायगढ़ के सभा कक्ष में कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी की अध्यक्षता में कोटवारों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्राम स्तर पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में कोटवारों की भूमिका, कर्तव्यों के प्रभावी निर्वहन तथा उपस्थिति व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

कलेक्टर ने सभी कोटवारों को अपने-अपने ग्रामों में मुसाफिर पंजी का नियमित संधारण करते हुए आगंतुकों का विवरण अनिवार्य रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने जन्म एवं मृत्यु की घटनाओं की सूचना समय पर ग्राम सचिव अथवा संबंधित कर्मियों को उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उपस्थिति व्यवस्था के संबंध में निर्देशित किया गया कि कोटवार प्रत्येक माह प्रथम एवं तृतीय बुधवार को तहसील कार्यालय तथा द्वितीय एवं चतुर्थ बुधवार को संबंधित थाना प्रभारी के समक्ष अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें।

बैठक में ग्रामों में संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी चर्चा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या आशंका की स्थिति में तत्काल क्षेत्र के मजिस्ट्रेट एवं थाना प्रभारी को सूचित किया जाए। साथ ही शासकीय भूमि पर अतिक्रमण एवं अवैध वृक्ष कटाई की घटनाओं पर तत्परता से कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

बैठक के दौरान कोटवारों ने अपनी विभिन्न समस्याएं भी रखीं। कोटवारी भूमि पर अतिक्रमण की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने एसडीएम रायगढ़ एवं तहसीलदार रायगढ़ को एक माह की अवधि में सीमांकन कर धारा 248 के अंतर्गत अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। वहीं तहसील क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों में कोटवारों के रिक्त पदों पर नियुक्ति की मांग पर तहसीलदार रायगढ़ को धारा 230 के तहत शीघ्र नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। शीतकाल को देखते हुए कोटवारों को गरम कोट उपलब्ध कराए जाने की मांग पर राज्य शासन को प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया।
बैठक में अपर कलेक्टर श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, एसडीएम श्री महेश शर्मा एवं तहसीलदार रायगढ़ उपस्थित थे।

समाचार क्रमांक//0000/ गुलाब डडसेना / फोटो क्रमांक 01,2

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