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धमतरी में 10 से 24 जनवरी तक थल सेना भर्ती रैली, जिले के सीईई उत्तीर्ण युवाओं के के लिए रोजगार का सुनहरा अवसर

रायगढ़ 7 जनवरी 2026।  सेना भर्ती कार्यालय रायपुर द्वारा बाबू पंढरी राव कृदत्त इंडोर स्टेडियम, आमातालाब धमतरी में दिनांक 10 जनवरी 2026 से 24 जनवरी 2026 तक थल सेना भर्ती रैली का आयोजन किया जा रहा है। यह भर्ती रैली माह मई–जून 2025 में आयोजित ऑनलाईन सामान्य प्रवेश परीक्षा (कॉमन एंट्रेंस एग्जाम—सीईई) में सफल अभ्यर्थियों के लिए आयोजित की जा रही है।

भर्ती रैली के अंतर्गत सीईई परीक्षा में उत्तीर्ण प्रदेश के युवाओं के शारीरिक दक्षता परीक्षण, दस्तावेज सत्यापन एवं अन्य आवश्यक भर्ती प्रक्रियाएं निर्धारित तिथियों में संपन्न की जाएंगी। इस दौरान सारणी में उल्लेखित तिथियों के अनुसार संबंधित जिलों से चयनित युवाओं की उपस्थिति अपेक्षित रहेगी।
जिला प्रशासन ने युवाओं से अनुरोध करते हुए कहा है कि सीईई परीक्षा उत्तीर्ण युवाओं को निर्धारित तिथि पर धमतरी में आयोजित शारीरिक दक्षता परीक्षा एवं अन्य भर्ती प्रक्रियाओं में उपस्थित होने के लिए आवश्यक सूचना, मार्गदर्शन ले,  ताकि योग्य अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

भर्ती रैली से संबंधित किसी भी प्रकार की अतिरिक्त जानकारी अथवा समन्वय के लिए नोडल अधिकारी सुश्री इंदिरा नवीन प्रताप सिंह, अपर कलेक्टर एवं आयुक्त, नगर निगम धमतरी से मोबाइल नंबर 6266800039 पर संपर्क किया जा सकता है।

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सुशासन और पारदर्शिता की दिशा में रायगढ जिला प्रशासन की अभिनव पहल, भू-अर्जन मुआवजा अब सीधे किसानों के खातों में,316 किसानों को 14.12 करोड़ रुपए से अधिक का सीधा भुगतान, किसानों को मिली बड़ी राहत

रायगढ़,6 जनवरी 2025। राज्य शासन की सुशासन, पारदर्शिता एवं जनहितकारी प्रशासन की अवधारणा के अनुरूप रायगढ़ जिला प्रशासन द्वारा भू-अर्जन प्रकरणों में मुआवजा भुगतान प्रक्रिया को सुगम, सरल और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से एक अभिनव पहल की शुरुआत की गई है। जिला प्रशासन द्वारा यह नई व्यवस्था रायगढ़ अनुविभाग अंतर्गत 26 सितंबर 2025 से प्रभावशील की गई है।
इस पहल के तहत भू-अर्जन से प्रभावित किसानों को मुआवजा एवं पुनर्वास तथा बोनस की राशि सीधे ऑनलाइन बैंकिंग प्रक्रिया के माध्यम से उनके बैंक खातों में अंतरित की जा रही है। इससे भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होने के साथ-साथ किसानों को होने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों का भी समाधान हो रहा है।
जिला प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 26 सितंबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 की अवधि में भू-अर्जन मुआवजा मद अंतर्गत कुल 92 प्रभावित किसानों को 8 करोड़ 66 लाख 57 हजार 210 रूपए का भुगतान किया गया है। वहीं पुनर्वास एवं बोनस मद अंतर्गत 224 किसानों को 5 करोड़ 46 लाख 25 हजार 599 रुपए की राशि का वितरण किया गया है। इस प्रकार मुआवजा एवं पुनर्वास दोनों को मिलाकर कुल 316 किसानों को 14 करोड़ 12 लाख 82 हजार 809 रुपए की राशि सीधे उनके खातों में अंतरित की गई है।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले भू-अर्जन प्रकरणों में मुआवजा राशि का भुगतान चेक के माध्यम से किया जाता था, जिससे किसानों को चेक प्राप्त करने, बैंक में लंबी प्रक्रिया, भुगतान में विलंब तथा बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। नई ऑनलाइन व्यवस्था से यह सभी बाधाएं समाप्त हो गई हैं।

*किसानों को मिल रही हैं अनेक प्रत्यक्ष सुविधाएं*

इस अभिनव व्यवस्था से जिले प्रभावित किसानों को कई महत्वपूर्ण सुविधाएं प्राप्त हो रही हैं। अब उन्हें न तो चेक लेने के लिए कार्यालय जाना पड़ता है और न ही बैंक में अनावश्यक प्रतीक्षा करनी पड़ती है। मुआवजा एवं पुनर्वास राशि सीधे खातों में जमा होने से किसानों के समय और धन दोनों की बचत हो रही है। साथ ही डिजिटल भुगतान से लेन-देन का स्पष्ट रिकॉर्ड उपलब्ध होने के कारण किसी भी प्रकार की त्रुटि या विवाद की संभावना भी न्यूनतम हो गई है।

ऑनलाइन भुगतान प्रणाली से किसानों को बिना किसी मध्यस्थ के पारदर्शी तरीके से राशि प्राप्त हो रही है, जिससे उनमें शासन एवं जिला प्रशासन के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है। समय पर राशि मिलने से किसान अपनी कृषि एवं पारिवारिक आवश्यकताओं की योजना बेहतर ढंग से बना पा रहे हैं।

*बाइट*//

 जिला प्रशासन का लक्ष्य भू-अर्जन प्रकरणों को सुगम, सरल, सहज और पारदर्शी बनाना है। यह पहल न केवल शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि किसानों के हित में प्रशासन की संवेदनशीलता, प्रतिबद्धता और विश्वास को आगे बढ़ाती है। 

कलेक्टर, 
श्री मयंक चतुर्वेदी, रायगढ़

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धान खरीदी के नाम पर महाघोटाला: कोनपारा उपकेंद्र में 20 हजार क्विंटल से अधिक धान की हेराफेरी से शासन को 6.55 करोड़ की चपत, अपेक्स बैंक की रिपोर्ट पर FIR दर्ज, फड़ प्रभारी गिरफ्तार,अन्य आरोपी फरार

जशपुर 06 जनवरी 2026 :  जिले के तुमला थाना क्षेत्र अंतर्गत धान खरीदी उपकेंद्र कोनपारा में खरीफ वर्ष 2024–25 के दौरान धान खरीदी में बड़ी अनियमितता का मामला सामने आया है। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित (अपेक्स बैंक) जशपुर के नोडल अधिकारी की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित, कोनपारा के धान खरीदी उपकेंद्र में कंप्यूटर रिकॉर्ड के मुताबिक कुल 1 लाख 61 हजार 250 क्विंटल धान की खरीदी दर्शाई गई थी, जबकि मिल एवं संग्रहण केंद्रों को मात्र 1 लाख 40 हजार 663.12 क्विंटल धान ही भेजा गया। इस प्रकार 20,586.88 क्विंटल धान की कमी पाई गई।
संयुक्त जांच दल द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन में भी मौके पर धान उपलब्ध नहीं पाया गया। जांच रिपोर्ट के अनुसार प्रति क्विंटल 3100 रुपये के हिसाब से धान की कीमत 6 करोड़ 38 लाख 19 हजार 328 रुपये तथा 4,898 नग बारदाने की कीमत 17 लाख 7 हजार 651 रुपये आंकी गई है। इस तरह शासन को कुल 6 करोड़ 55 लाख 26 हजार 979 रुपये की आर्थिक क्षति होने का अनुमान है।
इस मामले में पुलिस ने अपेक्स बैंक के नोडल अधिकारी रामकुमार यादव की रिपोर्ट पर धान खरीदी केंद्र के प्राधिकृत अधिकारी भुनेश्वर यादव, समिति प्रबंधक जयप्रकाश साहू, फड़ प्रभारी शिशुपाल यादव, कंप्यूटर ऑपरेटर जितेंद्र साय, सहायक फड़ प्रभारी अविनाश अवस्थी एवं उप सहायक फड़ प्रभारी चंद्र कुमार यादव के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 320, 336, 338 एवं 61 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।
विवेचना के दौरान पुलिस ने एक आरोपी फड़ प्रभारी शिशुपाल यादव (39 वर्ष), निवासी ग्राम झारमुंडा, थाना तुमला को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि धान खरीदी में हुई गंभीर अनियमितता को लेकर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। एक आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है, शेष आरोपियों की तलाश जारी है तथा मामले में विस्तृत जांच की जा रही है।

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अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान, कुनकुरी विधानसभा में अटल स्मृति सम्मेलन संपन्न

कुनकुरी/नारायणपुर 06 जनवरी 2026 : कुनकुरी विधानसभा के पमशाला में अटल स्मृति विधानसभा सम्मेलन का आयोजन गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में प्रदेश कार्यसमिति सदस्य गुरूपाल सिंह भल्ला, पूर्व विधायक सत्यानंद राठिया एवं पूर्व विधायक भरत साय ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन जिला भाजपा उपाध्यक्ष उपेन्द्र यादव ने किया।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता गुरूपाल सिंह भल्ला ने भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों, राजनीतिक जीवन एवं राष्ट्र के प्रति उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अटल जी ने राजनीति को सेवा, सुशासन और राष्ट्र निर्माण का माध्यम बनाया। उनके नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंच पर नई पहचान बनाई। भल्ला ने कहा कि आज के कार्यकर्ताओं का दायित्व है कि वे अटल जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाएं और केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य करें।

पूर्व विधायक सत्यानंद राठिया ने अपने उद्बोधन में कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति के ऐसे शिखर पुरुष थे, जिन्होंने वैचारिक मतभेदों के बावजूद संवाद और समन्वय की राजनीति को स्थापित किया। उन्होंने कहा कि अटल जी के आदर्शों पर चलकर ही भाजपा आज विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनी है। राठिया ने कार्यकर्ताओं से संगठन की मजबूती के लिए निरंतर सक्रिय रहने का आह्वान किया।

पूर्व विधायक भरत साय ने कहा कि अटल जी का जीवन राष्ट्रभक्ति, सादगी और संवेदनशील नेतृत्व का प्रतीक था। उन्होंने कहा कि अटल जी के कार्यकाल में देश ने सड़क, संचार, रक्षा और आर्थिक सुधारों के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है और संगठन को नई ऊर्जा प्राप्त होती है।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए जिला भाजपा उपाध्यक्ष उपेन्द्र यादव ने अपने संबोधन में कहा कि अटल स्मृति सम्मेलन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों को आत्मसात करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि अटल जी ने अंत्योदय के सिद्धांत को व्यवहार में उतारते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए कार्य किया। उपेन्द्र यादव ने सभी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करें और भाजपा की नीतियों व सिद्धांतों को जनता के बीच प्रभावी ढंग से रखें।

जिला भाजपा मीडिया प्रभारी फैज़ान सरवर खान ने जानकारी देते हुए बताया कि सम्मेलन में प्रमुख रूप से नगरपालिका उपाध्यक्ष यशप्रताप सिंह जूदेव, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष सुदबल यादव, डीडीसी अनिता सिंह, मलाती बाई, राजकुमार गुप्ता, अनूप नारायण सिंह, असलम आज़ाद, यदुवर गुप्ता, दिलीप साहू, उमेश यादव, मुक्तेश्वर साय, चरित्र दास बाबा, कौशल्या यादव, रवि यादव सहित भाजपा पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सम्मेलन के अंत में अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों को आत्मसात करने और संगठन को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प लिया गया।

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सड़क चौड़ीकरण के नाम पर नियमों की अनदेखी, उड़ती धूल से बगीचा वार्ड 10 के लोग परेशान, बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर मंडरा रहा खतरा,प्रशासनिक निगरानी पर भी उठे सवाल

सड़क चौड़ीकरण कार्य से उड़ रही धूल, ठेकेदार की लापरवाही से बच्चों-बुजुर्गों की सांसें खतरे में

जशपुर, 06 जनवरी 2026 :
नगर पंचायत बगीचा के वार्ड क्रमांक 10 अंतर्गत रौनी मार्ग में चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य के कारण स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क उखाड़े जाने के बाद नियमित रूप से पानी का छिड़काव नहीं होने से पूरे क्षेत्र में धूल फैल रही है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

स्थानीय निवासियों के अनुसार उड़ती धूल के कारण बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। घरों के अंदर तक धूल जमा हो रही है, जिससे रोजमर्रा का जीवन कठिन हो गया है। लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान जरूरी सावधानियां नहीं बरती जा रही हैं।

वार्डवासियों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा बार-बार शिकायत के बावजूद दिन में 3–4 बार अनिवार्य पानी का छिड़काव नहीं कराया जा रहा। इससे पर्यावरण नियमों के उल्लंघन की स्थिति बन रही है और प्रशासनिक निगरानी पर भी सवाल उठ रहे हैं।

इस समस्या को लेकर वार्डवासियों ने अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) बगीचा को ज्ञापन सौंपकर निर्माण कार्य में नियमों के पालन और धूल नियंत्रण के उचित उपाय करने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया है कि यह स्थिति पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986 और नागरिकों के स्वस्थ जीवन के अधिकार से जुड़ा विषय है।

वार्डवासियों ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ और नियमित पानी छिड़काव सहित अन्य उपाय नहीं किए गए, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

ज्ञापन सौंपे जाने के दौरान रामपति यादव, लालू प्रसाद यादव, हरीश यादव, सुमन किशोर पहाड़िया, दीपक यादव, मुनेश्वर यादव, योगेश यादव, प्रियेश, रविशंकर, अनमोल सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी गंभीरता दिखाता है और जनता को राहत कब तक मिल पाती है।

सड़क निर्माण में  धूल उड़ने की शिकायत मिली है, टेंकर के खराब होने से 3-4 दिन पानी का छिड़काव नही हुआ है,टेंकर बन कर आ गया है आज से पानी का छिड़काव समय अनुरूप किया जाएगा

      अनुविभागीय अधिकारी -लोक निर्माण विभाग

                                       बगीचा

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खेलों इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जनजाति खिलाड़ियों के लिए वेटलिफ्टिंग, कुश्ती, फुटबॉल, हॉकी, एथलेटिक्स, तीरंदाजी एवं तैराकी चयन ट्रायल रायपुर-बिलासपुर में 6 से 8 जनवरी तक

रायगढ़, 5 जनवरी 2026/ भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा खेलों इंडिया ट्राइबल गेम्स का प्रथम संस्करण छत्तीसगढ़ राज्य में 14 फरवरी 2026 से होना निर्धारित किया गया है, जिसमें कुल 07 खेल तथा 02 डेमो खेल को सम्मिलित किया गया है। राज्य दल की भागीदारी सुनिश्चित करने खिलाड़ियों का चयन ट्रायल 6 से 8 जनवरी  तक रायपुर एवं बिलासपुर में होना निर्धारित है। 
           डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी सहायक संचालक खेल एवं युवा कल्याण रायगढ़ ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रतियोगिता के माध्यम से अनुसूचित जनजाति वर्ग के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शन करने का सशक्त माध्यम हैं। छत्तीसगढ़ राज्य खेल प्रतिभाओं से समृद्ध है तथा राज्य के प्रत्येक जिले में शामिल खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी उपलब्ध हैं। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा खेलों इंडिया ट्राइबल गेम्स का चयन ट्रायल रायपुर में 6 से 8 जनवरी तक आयोजित होगा जिसमें वेटलिफ्टिंग, कुश्ती, फुटबॉल एवं हॉकी खेल शामिल हैं तथा बिलासपुर में दिनांक 7 से 8 जनवरी तक एथलेटिक्स, तीरंदाजी एवं तैराकी खेल आयोजित होगा जिसमें अनुसूचित जनजाति के बालक एवं बालिका कोई भी खिलाड़ी शामिल हो सकते हैं। 
             खेलों इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में आयोजित होने वाले खेलों के आयोजन स्थल, दिनांक एवं इवेंट विवरण निम्नानुसार है - वेटलिफ्टिंग 6 जनवरी को प्रातः 9 बजे से एवं कुश्ती, फुटबॉल 07 से 08 जनवरी को स्वामी विवेकानंद स्टेडियम रायपुर में आयोजित होगा। हॉकी 07 से 08 जनवरी को प्रातः 9 बजे से आयोजित होगा। तीरंदाजी (रिकर्व एवं कंपाउंड) एवं एथलेटिक्स स्व. बी. आर. यादव स्टेडियम, बिलासपुर में 07 से 08 जनवरी प्रातः 9 बजे से एवं तैराकी जिला खेल परिसर सरकंडा बिलासपुर में 07 से 08 जनवरी प्रातः 9 बजे से आयोजित होगा। खिलाड़ी छत्तीसगढ़ राज्य का निवासी हो खिलाड़ी का अनुसूचित जनजाति वर्ग से संबंधित होना अनिवार्य हैं। आयु सीमा सभी पात्र महिला एवं पुरुष खिलाड़ियों के लिए खुली हैं। चयन ट्रायल में ओरिजिनल अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र एवं आधार कार्ड/स्थानीय प्रमाण पत्र साथ लेकर जाने कहा गया हैं। एथलेटिक्स चयन ट्रायल में व्यक्तिगत स्पर्धा में 100 मीटर, 200, 400, 800, 1500, 5000, 10000, बाधा दौड़ 110 मीटर, बाधा दौड़ 400 मीटर, लंबी कूद, ऊंची कूद, गोला फेंक, भाला फेंक, तवा फेंक, 10 किलो मीटर पैदल चाल, 4 गुणा 100 मीटर एवं 4 गुणा 400 मीटर रिले दौड़ बालक एवं बालिका शामिल हो सकते हैं। वेटलिफ्टिंग व्यक्तिगत पुरुष स्पर्धा में किलो ग्राम 60, 65, 71, 79, 88, 94, 110 एवं 110 किलो से अधिक एवं महिला वर्ग हेतु किलो ग्राम 48, 53, 58, 63, 69, 77, 86 एवं 86 से अधिक हो सकते हैं। 
             तैराकी में महिला एवं पुरुष दोनों वर्गों हेतु व्यक्तिगत स्पर्धा में 50, 100, 200 मीटर फ्री स्टाईल, 50 एवं 100 मीटर बैक स्ट्रोक, 50 एवं 100 मीटर ब्रेस्ट स्ट्रोक, 50 एवं 100 मीटर बटरफ्लाई,  200 मीटर इंडिविजुअल मिडले, टीम इवेंट में 4 गुणा 100 मीटर फ्री स्टाईल रिले एवं 4 गुणा 100 मीटर मेडले रिले आयोजित होंगे। तीरंदाजी में महिला एवं पुरुष दोनों में व्यक्तिगत रिकर्व एवं कंपाउंड एवं टीम इवेंट में रिकर्व एवं कंपाउंड राउंड तथा व्यक्तिगत स्पर्धा में शामिल होने वाले खिलाड़ी टीम इवेंट में शामिल हो सकेंगे। पंजीयन लिंक जारी किया गया है तथा जिले के जाने वाले खिलाड़ियों को अधिक जानकारी हेतु सहायक संचालक खेल एवं युवा कल्याण जिला-रायगढ़ से संपर्क कर सूची उपलब्ध किया जा सकता हैं।

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शिक्षा से ही राष्ट्र का सर्वांगीण विकास संभव, शिक्षक हैं राष्ट्र निर्माण की केंद्रीय धुरी — रायगढ़ में आयोजित दो दिवसीय प्रांत स्तरीय शिक्षक सम्मेलन का गरिमामय समापन, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी का प्रेरणादायी संबोधन

रायगढ़, 5 जनवरी 2026/ छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ द्वारा अपने चार पुरुषार्थ राष्ट्रहित, शिक्षाहित, शिक्षार्थी हित एवं शिक्षक हित की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आयोजित दो दिवसीय प्रांत स्तरीय शिक्षक सम्मेलन एवं शैक्षिक संगोष्ठी के भव्य कार्यक्रम का समापन गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। नगर निगम रायगढ़ के ऑडिटोरियम में आयोजित सम्मेलन में राष्ट्र हित, शिक्षा हित, शिक्षार्थी हित एवं शिक्षक हित जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। 
              समापन कार्यक्रम में प्रदेश के वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र का भविष्य शिक्षा से ही बदलता है और शिक्षा की गुणवत्ता का सीधा संबंध शिक्षक की सोच, संस्कार और नवाचार से होता है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक भारत की सबसे बड़ी ताकत यह है कि एक सामान्य परिवार का बच्चा भी शिक्षा के बल पर सर्वोच्च पदों तक पहुंच सकता है। उन्होंने अपने जीवन अनुभव साझा करते हुए कहा कि शिक्षक केवल विषय पढ़ाने वाला नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र का निर्माता होता है। शिक्षक के भीतर पालक भाव और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, संस्कार और राष्ट्र के प्रति समर्पण विकसित करती है। वित्त मंत्री ने रायगढ़ में शिक्षक सदन की मांग पर विधायक निधि से 20 लाख रुपये की स्वीकृति की घोषणा भी की। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि शिक्षक संघ द्वारा उठाए गए विषयों को सरकार के समक्ष सकारात्मक रूप से रखा जाएगा।
              महासमुंद लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने कहा कि शिक्षक केवल बच्चों को शिक्षित ही नहीं करते, बल्कि उन्हें जीवन के उतार-चढ़ाव से लड़ने योग्य बनाते हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों, गुणवत्ता और नवाचार पर केंद्रित यह सम्मेलन वास्तव में प्रशंसनीय है। नगर निगम रायगढ़ के महापौर श्री जीवर्धन चौहान ने कहा कि शिक्षक समाज के ज्ञान स्तंभ हैं। उन्होंने सम्मेलन के सफल आयोजन पर शिक्षक संघ को बधाई देते हुए सभी अतिथियों एवं गुरुजनों का अभिनंदन किया।
              सम्मेलन का आयोजन 3 एवं 4 जनवरी को किया गया था। इस सम्मेलन में प्रदेश के सुकमा, दंतेवाड़ा, बस्तर, सरगुजा, कबीरधाम सहित 33 जिलों के शिक्षक प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका विषय पर वक्ता के रूप में श्री नारायण नामदेव, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 विषय पर वक्ता के रूप में श्री आलोक शर्मा एवं बौद्धिक विषय समाज और राष्ट्र निर्माण में पंच परिवर्तन विषय पर वक्ता के रूप में श्री गोपाल यादव ने अपने विचार प्रस्तुत किए। सम्मेलन के दौरान राष्ट्र निर्माण में शिक्षक की भूमिका, नवाचार एवं सामाजिक परिवर्तन, शिक्षकों के उत्तरदायित्व जैसे विषयों पर चर्चा हुई। शिक्षक संघ रायगढ़ एवं सक्ति द्वारा प्रकाशित वार्षिक कैलेंडर का भी विमोचन किया गया। सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए शिक्षक पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने सहभागिता निभाई। इस अवसर पर नगर निगम सभापति श्री डिग्रीलाल साहू, श्री अरुणधर दिवान, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

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विकास कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा से कोई समझौता नहीं—कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, सड़क-पेयजल-स्वास्थ्य परियोजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता, 2026-27 बजट प्रस्ताव शीघ्र भेजने के निर्देश

रायगढ़, 05 जनवरी 2025/ जिले में नागरिकों को सड़क, पेयजल, शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने और अधोसंरचना विकास को तेज गति देने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने आज जिला कलेक्ट्रेट में प्रमुख निर्माण एजेंसियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं तथा जनहित से जुड़े स्वास्थ्य, पेयजल एवं सड़क परियोजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग, लोक निर्माण विभाग सेतु, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, जल संसाधन विभाग तथा प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित कार्यों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति, प्रशासकीय स्वीकृति एवं टेंडर की स्थिति की विस्तार से समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
      कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग अंतर्गत टिनटिनी पहुंच मार्ग, ग्राम औरदा से गोदाम तक पहुंच मार्ग, गोतमा–कोतासुरा मार्ग, कमरई से सोनाजोरी मार्ग, जामगांव रेलवे क्रॉसिंग से मनकेसरी मंदिर मार्ग तथा चंद्रपुर–डबरा–खरसिया–धरमजयगढ़–पत्थलगांव मार्ग के उन्नयन एवं नवीनीकरण कार्यों की प्रगति की विस्तार से जानकारी ली। इसके साथ ही जिला परिवहन चेक पोस्ट रेंगालपाली में कार्यालय भवन, जिला जेल रायगढ़ में पाकशाला, जिला न्यायालय परिसर में लॉयर्स हॉल एवं न्यायिक कर्मचारियों के लिए आवास गृह, विभिन्न स्कूल भवनों एवं अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

*रायगढ़ शहर के फोरलेन एवं बायपास मार्गों पर विशेष फोकस*

 कलेक्टर ने रायगढ़ शहर में प्रस्तावित एवं प्रगतिरत रिंग रोड बायपास मार्ग, रायगढ़–लोइंग–महापल्ली मार्ग के चौड़ीकरण (फोरलेन), रायगढ़–कोतरा–नंदेली फोरलेन, रायगढ़–हमीरपुर मार्ग नवीनीकरण, ढिमरापुर चौक से पतरापाली तक फोरलेन, घरघोड़ा–लैलूंगा मार्ग, टीवी टावर रोड से मेडिकल कॉलेज तक फोरलेन तथा उर्दना चौक से सर्किट हाउस तक फोरलेन निर्माण की प्राक्कलन एवं स्वीकृति स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने आवश्यक तकनीकी एवं प्रशासनिक औपचारिकताओं को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।

*पुल, जलापूर्ति एवं सिंचाई कार्यों की भी समीक्षा*

कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग सेतु अंतर्गत खरसिया रेलवे ओवरब्रिज, टिनटिनी–नवापाली बोरो नाला पुल, पुसौर–रेंगालपाली कसई नाला पुल, केलो विहार से कयाघाट मार्ग में पुल, तेंदूमुड़ी–बेहरामुंडा कुरकुट नदी पुल तथा सुबरा से कटंगपारा खारुन नदी पुल निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए गुणवत्ता के साथ समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने पीएम जनमन योजना अंतर्गत धरमजयगढ़ क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्यों, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना, मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना तथा डीएमएफ अंतर्गत प्रगतिरत सड़कों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की भी समीक्षा की।

*पेयजल एवं जल संसाधन कार्यों पर विशेष जोर*

कलेक्टर ने जल जीवन मिशन अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की प्रगति, मल्टी विलेज वाटर सप्लाई स्कीम, उच्च स्तरीय जलागार निर्माण, लैलूंगा आवर्धन जलप्रदाय योजना एवं केलो परियोजना की समीक्षा की। इसके साथ ही जल संसाधन विभाग अंतर्गत एनीकट निर्माण, नहरों के जीर्णोद्धार, जलाशयों के गहरीकरण एवं मरम्मत तथा नहर लाइनिंग कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि खनन प्रभावित एवं सुदूर वनांचल क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली एवं पेयजल से संबंधित अधिक से अधिक विकास प्रस्ताव डीएमएफ अंतर्गत तैयार कर भेजे जाएं, ताकि समावेशी विकास सुनिश्चित किया जा सके। 

*वर्ष 2026-27 के बजट के लिए शीघ्र प्रस्ताव भेजने के निर्देश*

कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के मुख्य बजट में सम्मिलित किए जाने वाले नवीन विकास कार्यों के प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले की प्राथमिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजनाबद्ध तरीके से प्रस्ताव भेजे जाएं। बैठक में संबंधित विभागों के कार्यपालन अभियंता एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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जनदर्शनः कलेक्टर ने सुनी लोगों की समस्याएं, अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के दिए निर्देश

रायगढ़, 5 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु प्रत्येक सोमवार को जिला कलेक्टोरेट परिसर में आयोजित होने वाले जनदर्शन में आज बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी समस्याएं, मांगें एवं शिकायतें कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के समक्ष प्रस्तुत कीं। कलेक्टर ने सभी आवेदनों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को नियमानुसार, पारदर्शी और त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।
            जनदर्शन में रायगढ़ के श्रीमती जगदम्बा महावेद ने बताया कि उज्जवला गैस कनेक्शन के लिए मेरे द्वारा फार्म जमा किया गया था। लेकिन आज पर्यन्त तक गैस नहीं मिल पाया है। ग्राम पंचायत झारगुड़ा के ग्रामवासी नटवरपुर के कोटवारी सेवा भूमि पर अवैध निर्माण को हटाए जाने एवं गांव में चल रहे महुआ शराब के अवैध बिक्री पर रोक लगाए जाने संबंधी आवेदन लेकर आए थे। कलेक्टर ने संबंधित विभागीय अधिकारी को आवेदन पर उचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इसी तरह तहसील कापू के ग्राम ठाकुरपोड़ी निवासी रसवति आर्थिक सहायता मांग हेतु आवेदन सौंपा। उन्होंने बताया कि सर्पदंश के कारण मेरे पति की मृत्यु हो गई थी। जिसके लिए आर्थिक सहायता हेतु तहसील धरमजयगढ़ आवेदन दिया गया था, लेकिन उक्त आवेदन पर आज पर्यन्त कोई सुनवाई नहीं हो पायी है। टारपाली के 85 वर्षीय गोमती मालाकार वृद्धापेंशन दिलाए जाने हेतु आग्रह किया। तहसील पुसौर के ग्राम-कोसमंदा निवासी शुक्लाम्बर प्रधान ने बताया कि उनका कृषि भूमि खसरा नंबर 164 रकबा लगभग 8 डिसमिल भूमि पर आवेदक मौका पर काबिज है किन्तु राजस्व अभिलेख में आज पर्यन्त दर्ज नहीं हुआ है। उन्होंने राजस्व अभिलेख में नाम दर्ज कराए जाने हेतु आवेदन सौंपा। कलेक्टर ने संबंधित तहसीलदार को आवेदन पर जांच करते हुए नियमानुसार उचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। तहसील पुसौर के ग्राम-जतरी निवासी रामकुमार डनसेना पटवारी से ऋण पुस्तिका नहीं मिलने हेतु शिकायत आवेदन लेकर आए थे। ग्राम भिखारीमाल के ग्रामवासी गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु आवेदन सौंपा। उन्होंने बताया कि गांव में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा शराब पीकर आए दिन गाली-गलौज एवं लड़ाई-झगड़ा करते रहते है। जिसकी वजह से गांव में अशांति फैली हुई है, वहीं गांव के छोटे-छोटे बच्चों पर भी बूरा असर पड़ रहा है। इसी तरह पुसौर के कुछ लोग मजदूरी भुगतान दिलाए जाने हेतु आग्रह किया। उन्होंने बताया कि छ.ग.रा.वि.मं मर्या.कोड़ातराई में संबंधित ठेकेदार के द्वारा हम मजदूरों से काम तो करवाया लेकिन दो माह का भुगतान नहीं दिया। इसके अलावा जनदर्शन में आए अन्य नागरिकों ने राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास, दिव्यांग पेंशन सहित विभिन्न समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। कलेक्टर ने सभी आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए आमजन को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा।

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शासन की नीति से वनांचल में आएगा बड़ा बदलाव, गांव तक पहुंचेगा सड़क, शिक्षा व विद्युत विकास का लाभ,डीएमएफ से बुनियादी सुविधाओं का विस्तार, वनांचल को मुख्यधारा से जोड़ने की पहल

रायगढ़, 5 जनवरी 2026
खनन प्रभावित तमनार विकासखंड में जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से स्वीकृत विकास कार्यों के पूर्ण होने के बाद क्षेत्र की तस्वीर पूरी तरह बदलने जा रही है। शासन एवं जिला प्रशासन द्वारा शिक्षा, सड़क, विद्युत एवं अन्य अधोसंरचनात्मक सुविधाओं के विस्तार के लिए ग्राम-ग्राम में योजनाबद्ध ढंग से कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनका सीधा लाभ प्रत्यक्ष खनन प्रभावित वनांचल क्षेत्रों के नागरिकों को मिलेगा।

डीएमएफ मद से ग्राम अमलीढ़ोढ़ा में पीएमजीएसवाय सड़क से समकेरा गौरव्हरी तक सड़क निर्माण कार्य के लिए 182.26 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस सड़क के निर्माण से अमलीढ़ोढ़ा सहित आसपास के गांवों को सालभर सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी। इससे ग्रामीणों का संपर्क बाजार, स्वास्थ्य केंद्र, शैक्षणिक संस्थानों एवं प्रशासनिक कार्यालयों से बेहतर होगा, वहीं कृषि उत्पादों के परिवहन और स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
शिक्षा अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत बड़गांव एवं कचकोबा के हाई स्कूलों में अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्य के लिए प्रत्येक स्थान पर 35.18 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है। वर्तमान में ग्राम पंचायत कचकोबा के हाई स्कूल में अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्य प्रगति पर है। इन अतिरिक्त कक्षों के निर्माण से छात्रों को पर्याप्त अध्ययन कक्ष उपलब्ध होंगे और शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन में सहूलियत मिलेगी।
इसके अतिरिक्त ग्राम पंचायत जिवरी एवं समारूमा में हाई स्कूल भवन निर्माण, ग्राम पंचायत महलोई में शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भवन निर्माण, तथा ग्राम पंचायत दक्षिण रेगांव में हाई स्कूल भवन निर्माण कार्यों के लिए कुल 3 करोड़ 92 हजार रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। इन नए विद्यालय भवनों के निर्माण से वनांचल एवं खनन प्रभावित क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को सुरक्षित, सुविधायुक्त और अनुकूल शैक्षणिक वातावरण मिलेगा, जिससे विद्यालयों में नामांकन बढ़ेगा और ड्रॉपआउट दर में कमी आएगी।
वहीं ग्राम पंचायत सराईपाली में वनधन केंद्र भवन मरम्मत एवं ट्रांसफार्मर स्थापना कार्य के लिए 7.03 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इस कार्य के पूर्ण होने से वनधन केंद्र की कार्यक्षमता बढ़ेगी तथा स्थानीय स्तर पर वन आधारित आजीविका गतिविधियों को मजबूती मिलेगी। बेहतर विद्युत सुविधा से स्व-सहायता समूहों, महिला समूहों एवं ग्रामीण उद्यमों को भी लाभ प्राप्त होगा।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप एवं कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में खनन प्रभावित तमनार विकासखंड के समग्र विकास के लिए डीएमएफ मद का प्रभावी और पारदर्शी उपयोग किया जा रहा है। कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने कहा कि शासन के निर्देश के अनुरूप खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास में संसाधनों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी तथा आवश्यकता के अनुरूप शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, विद्युत, पेयजल सहित अन्य जनहितकारी कार्यों को प्राथमिकता के साथ स्वीकृति प्रदान की जाएगी।
स्वीकृत कार्यों के पूर्ण होने के पश्चात तमनार विकासखंड के प्रत्यक्ष खनन प्रभावित एवं वनांचल क्षेत्रों में अधोसंरचना सुदृढ़ होगी, आवागमन आसान होगा, शिक्षा की पहुंच बढ़ेगी और आजीविका के नए अवसरों का सृजन भी होंगे।

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प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से बदली हरिशंकर पटेल की तकदीर,उन्नत तकनीक व अनुदान से बढ़ा मछली उत्पादन, सालाना 3 लाख तक की आय

रायगढ़, 5 जनवरी 2026।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना ग्रामीण अंचलों में स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम बनकर उभर रही है। इस योजना का प्रभावी उदाहरण रायगढ़ विकासखंड के ग्राम कलमी निवासी श्री हरिशंकर पटेल हैं, जिन्होंने शासन की योजना का लाभ उठाकर न केवल अपनी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ की, बल्कि मछली पालन के क्षेत्र में एक सफल और आत्मनिर्भर मत्स्य कृषक के रूप में पहचान स्थापित की है।

लगभग पाँच वर्षों से मत्स्य पालन से जुड़े श्री हरिशंकर पटेल ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना अंतर्गत “स्वयं की भूमि में तालाब निर्माण” योजना का लाभ लिया। उन्होंने अपनी निजी भूमि पर 0.607 हेक्टेयर क्षेत्रफल में तालाब का निर्माण कर वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन की शुरुआत की। सामान्य वर्ग के मत्स्य कृषक होने के कारण उन्हें योजना के अंतर्गत 40 प्रतिशत अनुदान प्राप्त हुआ, जिससे तालाब निर्माण एवं प्रारंभिक व्यवस्थाओं में उल्लेखनीय सहयोग मिला।

मत्स्य पालन विभाग द्वारा उन्हें रोहु, कतला एवं मृगल जैसी उन्नत प्रजातियों के मत्स्य बीज 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराए गए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने स्वयं के संसाधनों से पंगास और रूपचंदा मछली के बीज का संचयन भी किया, जिससे उत्पादन में विविधता आई और आय के नए अवसर सृजित हुए। श्री पटेल प्रतिवर्ष नवंबर से जनवरी के मध्य मत्स्याखेट करते हैं।
बाजार में उनके द्वारा उत्पादित कतला, रोहु एवं मृगल मछलियां 160 से 180 रुपए प्रति किलोग्राम, रूपचंदा 130 रुपए प्रति किलोग्राम तथा पंगास 110 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से विक्रय होती हैं। बेहतर प्रबंधन, समय पर बीज संचयन एवं वैज्ञानिक पद्धति अपनाने के कारण उनके तालाब से निरंतर उत्कृष्ट उत्पादन प्राप्त हो रहा है।
वर्तमान में श्री हरिशंकर पटेल प्रतिवर्ष लगभग 60 से 70 क्विंटल मछली का उत्पादन कर रहे हैं, जिससे उन्हें सालाना 2.50 लाख से 3 लाख रुपए तक का शुद्ध लाभ प्राप्त हो रहा है। यह आय न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर जीवन की ओर भी अग्रसर कर रही है।
आज श्री हरिशंकर पटेल प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के सफल लाभार्थी के रूप में अन्य मत्स्य कृषकों के लिए प्रेरणास्रोत बन चुके हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि यदि शासन की योजनाओं का सही दिशा में और वैज्ञानिक तरीके से लाभ उठाया जाए, तो ग्रामीण क्षेत्र में रहकर भी सम्मानजनक आय और स्थायी रोजगार प्राप्त किया जा सकता है।

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कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा, सीएचसी पुसौर में हुआ निरीक्षण

रायगढ़, 5 जनवरी 2026/ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश एवं सीएमएचओ डॉ. अनिल कुमार जगत के मार्गदर्शन में जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. अविनाश चन्द्रा एवं डीएनटी टीम द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुसौर में कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा एवं निरीक्षण किया गया।
             निरीक्षण के दौरान सीएचसी पुसौर में कुष्ठ रोग से संबंधित रिकॉर्ड एवं रिपोर्ट की विस्तृत जांच की गई। इस अवसर पर खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनोद नायक के साथ कुष्ठ कार्यक्रम की प्रगति, उपचाराधीन प्रकरणों, दवा वितरण, फॉलो-अप एवं सर्विलांस गतिविधियों पर चर्चा करते हुए आगामी कार्ययोजना पर सहमति बनाई गई। इसी क्रम में डूमरमुड़ा क्षेत्र में ग्रेड-2 अक्षमता से प्रभावित मरीज का साक्षात्कार लिया गया। मरीज की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति, उपचार की निरंतरता, पुनर्वास एवं सामाजिक सहयोग से जुड़े पहलुओं की समीक्षा कर आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। इसके पश्चात प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मिड़मिड़ा में कुष्ठ कार्यक्रम से संबंधित अभिलेखों की जांच की गई, जिसमें केस मैनेजमेंट, रेफरल प्रक्रिया एवं रिकॉर्ड संधारण की गुणवत्ता का आंकलन किया गया।
           जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. अविनाश चन्द्रा ने स्वास्थ्य अमले को निर्देशित किया कि कुष्ठ रोग की शीघ्र पहचान, समय पर उपचार, अक्षमता की रोकथाम तथा समुदाय स्तर पर जागरूकता को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने नियमित फील्ड विजिट एवं सतत निगरानी के माध्यम से कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। निरीक्षण एवं समीक्षा के दौरान संबंधित चिकित्सक, एनएमए श्री एम.पी. साहू, एनएमए श्री दिनेश यादव, अन्य स्टाफ तथा कुष्ठ कार्यक्रम से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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खनन प्रभावित अंचल में बदली बच्चों की सेहत की तस्वीर,दो वर्षों में 297 कुपोषित बच्चों को मिला संपूर्ण उपचार व पोषण सहारा

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रायगढ़, 05  जनवरी 2026। खनन प्रभावित क्षेत्रों में निवासरत अंतिम व्यक्ति तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने की राज्य शासन की प्रतिबद्धता को रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र में साकार रूप मिलता दिखाई दे रहा है। जिला खनिज संस्थान न्यास निधि (डीएमएफ) रायगढ़ के माध्यम से स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में की गई योजनाबद्ध पहल ने कुपोषण जैसी गंभीर समस्या से जूझ रहे बच्चों के जीवन में नई उम्मीद जगाई है।

इसी क्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तमनार में 10 बिस्तरीय पोषण पुनर्वास केन्द्र (एन.आर.सी) भवन का निर्माण डीएमएफ मद से निर्माण कर कुपोषण से मुक्त बनाने के लिए क्षेत्र को सौगात दी गई । इस भवन में आज पोषण पुनर्वास केंद्र के रूप में संचालित हो रही है और 
क्षेत्र के कुपोषित बच्चों के लिए संजीवनी साबित हो रहा है।

वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तमनार में संचालित एनआरसी के माध्यम से विकासखण्ड तमनार एवं विकासखण्ड घरघोड़ा के कुल 297 कुपोषित बच्चों को लाभ मिला। इन बच्चों को 15 दिवस के लिए एनआरसी में भर्ती कर चिकित्सकीय देखरेख के साथ-साथ प्रोटीन युक्त, संतुलित एवं पौष्टिक आहार प्रदान किया गया, जिससे उनके शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक विकास को भी मजबूती मिली।
एनआरसी की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यहां बच्चों के साथ उनकी माताओं को भी देखरेख की प्रक्रिया में सहभागी बनाया जाता है। बच्चों की समुचित देखभाल के एवज में माताओं को प्रोत्साहन राशि भी प्रदाय की गई, जिससे परिवार की सहभागिता बढ़ी और उपचार की प्रभावशीलता सुनिश्चित हुई। इसका सकारात्मक असर यह रहा कि भर्ती अवधि के दौरान बच्चों के वजन, ऊर्जा स्तर और समग्र स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया।
गौरतलब है कि रायगढ़ जिले का तमनार क्षेत्र खनन प्रभावित क्षेत्र के रूप में चिन्हित है। ऐसे क्षेत्रों में डीएमएफ मद से बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए राज्य शासन द्वारा योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं। पोषण पुनर्वास केन्द्र इसका जीवंत उदाहरण बन कर उभर रहा है, जहां खनन से प्रभावित समुदायों के बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य देने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।
डीएमएफ योजना के तहत स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में किए जा रहे ये प्रयास “अंतिम व्यक्ति के उदय” अर्थात अंत्योदय की परिकल्पना को साकार कर रहे हैं।

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बादलखोल अभ्यारण्य के इस बिट में वन सीमा का मुनारा वर्षों से मरम्मत के इंतज़ार में ,नाकेदार ओर दरोगा की लापरवाही बेनकाब,बढ़ सकता है अतिक्रमण का खतरा

जशपुर/नारायणपुर 05 जनवरी 2026 : जंगल की सीमाओं को स्पष्ट रूप से चिन्हित करने तथा वन भूमि को अवैध कब्जे और अतिक्रमण से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से वन विभाग द्वारा मुनारों (सीमा स्तंभों) का निर्माण कराया जाता है। ये मुनारे वन क्षेत्र की निश्चित सीमा को दर्शाते हैं, ताकि स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ विभागीय अधिकारियों को भी यह स्पष्ट जानकारी रहे कि वन भूमि कहाँ तक फैली हुई है और कहाँ समाप्त होती है।
लेकिन बादलखोल अभ्यारण्य के नारायणपुर सर्किल अंतर्गत जाताकोना बिट की सीमा पर स्थित एक महत्वपूर्ण मुनारा पिछले कई वर्षों से जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पड़ा हुआ है। यह मुनारा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है और इसकी मरम्मत की ओर वन विभाग के जिम्मेदार दरोगा ओर नाकेदार ने अब तक कोई ध्यान नहीं दिया है।
         सूत्रों के अनुसार, यह स्थिति वन दरोगा एवं नाकेदार की गंभीर लापरवाही को उजागर करती है। वर्षों से यह मुनारा उसी हालत में पड़ा है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इसकी मरम्मत कराना संबंधित अधिकारियों की प्राथमिकता में नहीं है। आश्चर्य की बात यह है कि थोड़ी-सी मरम्मत कराकर भी इस मुनारे को सुरक्षित किया जा सकता है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई पहल नहीं की गई।यदि यही लापरवाही आगे भी जारी रही, तो आने वाले समय में यह मुनारा पूरी तरह नष्ट हो सकता है। इससे न केवल वन सीमा अस्पष्ट हो जाएगी, बल्कि भविष्य में वन भूमि पर अतिक्रमण की संभावनाएँ भी बढ़ सकती है। 
      गौरतलब है कि बादलखोल अभ्यारण्य में वन दरोगा और नाकेदार के साथ-साथ समय समय पर स्थानीय फायर वाचर भी कार्यरत रहते हैं। यदि जिम्मेदार विभागीय कर्मचारियों में इच्छाशक्ति होती, तो फायर वाचरों की सहायता से मुनारे की मरम्मत कराई जा सकती थी। लेकिन इतने वर्षों बाद भी मुनारे का न सुधार पाना जिम्मेदारों की उदासीनता को दर्शाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बादलखोल अभ्यारण्य क्षेत्र में समय-समय पर विभिन्न निर्माण कार्य होते रहते हैं। यदि विभाग चाहता, तो इन निर्माण कार्यों के साथ ही मुनारे की मरम्मत भी कराई जा सकती थी। अगर सूत्रों की माने तो विभाग की ओर से मुनारा रिपेयरिंग के लिए बीच बीच मे बजट राशि उपलब्ध कराई जाती है उसके बावजूद भी मरम्मत न होना नाकेदार और दरोगा की कार्यशैली पर सवाल खड़ा होना स्वाभाविक है।
वन भूमि की सुरक्षा के लिए मुनारों का मजबूत और सुरक्षित होना अत्यंत आवश्यक है। ऐसे में वन विभाग के उच्च अधिकारियों को इस मामले में संज्ञान लेते हुए जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई करनी चाहिए तथा शीघ्र मुनारे की मरम्मत कराकर वन सीमा को सुरक्षित किया जाना चाहिए।

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औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर जिला प्रशासन सख्त, रायगढ़ में 03 कारखानों के विरुद्ध श्रम न्यायालय में आपराधिक प्रकरण दर्ज

रायगढ़, 04 जनवरी 2026। जिला प्रशासन द्वारा जिले में औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यस्थल पर सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा सम्भाग रायगढ़ द्वारा निरंतर निरीक्षण एवं आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। निरीक्षण के दौरान कारखाना अधिनियम एवं छत्तीसगढ़ कारखाना नियमावली के प्रावधानों की अवहेलना करने वाले कारखानों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में रायगढ़ जिले में स्थापित कारखानों में घटित औद्योगिक दुर्घटनाओं की जांच एवं निरीक्षण के दौरान पाए गए गंभीर उल्लंघनों के आधार पर कारखाना अधिनियम, 1948 एवं छत्तीसगढ़ कारखाना नियमावली 1962 के अंतर्गत कुल 03 कारखानों के विरुद्ध श्रम न्यायालय रायगढ़ में आपराधिक प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
       औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा सम्भाग रायगढ़ के उप संचालक श्री राहुल पटेल ने बताया कि निरीक्षण के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाना पाया गया, जिससे श्रमिकों की जान एवं स्वास्थ्य को खतरा उत्पन्न हुआ। इन परिस्थितियों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कारखानों के अधिभोगियों एवं प्रबंधकों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई है। दायर प्रकरणों में मेसर्स सुनील इस्पात एंड पावर प्रा. लि., ग्राम चिरईपानी, पोस्ट लाखा के अधिभोगी एवं कारखाना प्रबंधक श्री प्रमोद कुमार तोला के विरुद्ध कारखाना अधिनियम की धारा 7ए(2)(ए) एवं 7ए(2)(सी) के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया है। इसी प्रकार मेसर्स आर.एस. इस्पात (रायगढ़) प्रा. लि., ओ.पी. जिंदल इंडस्ट्रियल पार्क, पूंजीपतरा के अधिभोगी एवं कारखाना प्रबंधक श्री विवेक चंद्र उपाध्याय के विरुद्ध कारखाना अधिनियम, 1948 की धारा 7ए(2)(ए) एवं धारा 21(1)(4) के तहत कार्रवाई की गई है। वहीं मेसर्स एमएसपी स्टील एंड पावर लिमिटेड, ग्राम एवं पोस्ट जामगांव के अधिभोगी श्री प्रदीप कुमार डे के विरुद्ध कारखाना अधिनियम की धारा 7ए(2)(डी) एवं 7ए(2)(ए) के अंतर्गत आपराधिक प्रकरण दायर किया गया है। उप संचालक श्री पटेल ने बताया  कि श्रमिकों की सुरक्षा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में भी कारखाना अधिनियम का उल्लंघन करने वाले किसी भी कारखाने के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

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शिक्षा किसी भी समाज की रीढ़, ग्रामीण क्षेत्रों में शहरी सुविधाएँ देना सरकार की प्राथमिकता : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी — डोंगीतराई में 70 लाख की लागत से स्कूल अतिरिक्त कक्ष निर्माण का भूमिपूजन

रायगढ़, 04 जनवरी 2026 //वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने आज डोंगीतराई स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में 70 लाख रुपये की लागत से बनने वाले अतिरिक्त कक्षों के निर्माण कार्य का विधिवत भूमिपूजन किया। इसके अंतर्गत 06 अतिरिक्त कक्ष, 02 स्टाफ रूम, 01 प्राचार्य कक्ष तथा बालक-बालिका शौचालय का निर्माण किया जाएगा। अतिरिक्त कक्षों के निर्माण से विद्यार्थियों को बेहतर अध्ययन वातावरण उपलब्ध होगा तथा विद्यालय में बढ़ती छात्र संख्या की समस्या का समाधान संभव हो सकेगा।
     इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की रीढ़ होती है और सरकार का उद्देश्य है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी शहरी स्तर की शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य में सरकार के गठन के बाद से जनहित में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं, जिससे आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। सरकार की प्राथमिकता है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे और समाज के प्रत्येक वर्ग को सशक्त बनाया जाए। उन्होंने महतारी वंदन योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि डोंगीतराई पंचायत की 502 महिलाओं को अब तक लगभग 1 करोड़ 54 लाख रुपये की सहायता राशि सीधे उनके खातों में अंतरित की जा चुकी है। वहीं महतारी शक्ति ऋण योजना के माध्यम से महिलाओं को कम ब्याज दर पर 25 हजार रुपये तक ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
       वित्त मंत्री श्री चौधरी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि डोंगीतराई एवं भरारीडीह पंचायत में 502 हितग्राहियों को पक्के आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिसके लिए करोड़ों रुपए की राशि जारी की गई है। उन्होंने अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण, रामलला दर्शन योजना एवं तीर्थ यात्रा योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार अपने संकल्पों को धरातल पर उतारने का कार्य कर रही है। वित्त मंत्री ने बताया कि विद्यालय परिसर के समग्र विकास एवं बाउंड्रीवाल निर्माण के लिए डीएमएफ मद से भी आवश्यक राशि उपलब्ध कराई जाएगी। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने विद्यालय में अतिरिक्त कक्ष निर्माण की स्वीकृति पर शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर राधेश्याम राठिया, नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान, नगर निगम सभापति डिग्रीलाल साहू, महेश साहू, जनपद अध्यक्ष सुजाता चौहान, सनत नायक, जिला पंचायत सदस्य गोपाल अग्रवाल एवं मधु पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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कलेक्टर के सख्त निर्देश पर रायगढ़ जिले में अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई—एक सप्ताह के सघन अभियान में 31 वाहन जप्त

रायगढ़, 04 जनवरी 2026/कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध खनिज विभाग द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में जिला खनिज अमला रायगढ़ द्वारा विगत एक सप्ताह के दौरान सघन अभियान चलाकर अवैध गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान अवैध परिवहन के प्रकरणों में खनिज रेत के 27 ट्रैक्टर एवं 1 हाईवा, निम्न श्रेणी चूनापत्थर के 2 हाईवा तथा बोल्डर परिवहन में संलिप्त 1 ट्रैक्टर को जप्त किया गया। इस प्रकार कुल 31 वाहनों को जप्त कर कलेक्ट्रेट परिसर, थाना खरसिया एवं रैरूमाचौकी में सुरक्षार्थ रखा गया है।
      खनिज मुरूम एवं मिट्टी के अवैध उत्खनन एवं परिवहन की लगातार प्राप्त शिकायतों पर कलेक्टर के निर्देशानुसार  02 जनवरी की रात्रि में ग्राम पंचायत संबलपुरी तहसील रायगढ़ में खनिज अमले द्वारा आकस्मिक जांच की गई। जांच के दौरान मौके पर एक जेसीबी एवं तीन टिपर वाहनों के माध्यम से खनिज मुरूम का अवैध उत्खनन एवं परिवहन किया जाना पाया गया। जांच के दौरान वाहन चालक के कथनानुसार उक्त अवैध उत्खनन कार्य रायगढ़ निवासी हरिओम अग्रवाल द्वारा कराया जाना बताया गया। प्रकरण में संलिप्त सभी वाहनों को जप्त कर कलेक्ट्रेट परिसर रायगढ़ में सुरक्षार्थ रखा गया है।
        जिला खनिज अधिकारी श्री रामाकांत सोनी ने बताया कि अवैध उत्खनन एवं परिवहन में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के नियम 71 तथा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 एवं 23(क) के तहत प्रकरण दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध आगे भी इसी तरह सख्त एवं निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी। उक्त कार्रवाई में खनिज निरीक्षक श्री सोमेश्वर सिन्हा सहित जिला खनिज अमले की सक्रिय भूमिका रही।

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ऑपरेशन मुस्कान के तहत जशपुर पुलिस को बड़ी सफलता, दो गुम नाबालिग बालिकाएं सकुशल बरामद, एक आरोपी गिरफ्तार

जशपुर : 4 जनवरी 2026

     जशपुर जिले में गुम नाबालिग बच्चों की तलाश के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन मुस्कान के तहत जशपुर पुलिस ने दो अलग–अलग मामलों में दो गुम नाबालिग बालिकाओं को सकुशल बरामद कर उनके परिजनों को सौंप दिया है। वहीं एक मामले में नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और दुष्कर्म के आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

         पहला मामला थाना सिटी कोतवाली जशपुर क्षेत्र का है, जहां एक 17 वर्षीय नाबालिग बालिका 18 दिसंबर 2025 को कंप्यूटर क्लास जाने की बात कहकर घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों द्वारा तलाश के बाद 21 दिसंबर को थाना सिटी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने गुम इंसान एवं बीएनएस की धारा 137(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस को तकनीकी साक्ष्य, मुखबिर सूचना और परिजनों के सहयोग से पता चला कि बालिका चौकी दोकड़ा क्षेत्र में अपनी सहेली के पास है। 3 जनवरी 2026 को पुलिस टीम ने बालिका को सकुशल बरामद कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया। पूछताछ में बालिका ने बताया कि वह पारिवारिक नाराजगी के कारण सहेली के पास चली गई थी और उसके साथ कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।

          दूसरा मामला थाना नारायणपुर क्षेत्र का है, जहां 14 वर्ष 8 माह की नाबालिग बालिका 1 जनवरी 2026 की रात घर से लापता हो गई थी। परिजनों की रिपोर्ट पर 3 जनवरी को थाना नारायणपुर में गुम इंसान एवं बीएनएस की धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि पड़ोसी गांव का युवक लक्ष्मण राम (उम्र 21 वर्ष) बालिका को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी के घर से नाबालिग बालिका को बरामद कर आरोपी को हिरासत में लिया। बालिका के कथन के आधार पर आरोपी के विरुद्ध बीएनएस की धारा 64, 65(1), 71, 87 एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 4 व 6 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। मेडिकल परीक्षण के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

    इस पूरे अभियान में थाना सिटी कोतवाली एवं थाना नारायणपुर पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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