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पत्तेदार और जड़ वाली सब्जियों में बढ़ते आर्सेनिक स्तर पर सरकार सतर्क, वैज्ञानिकों की टीम करेगी व्यापक अध्ययन और समाधान की खोज

पटना, 22 फरवरी 2026 । राज्य के कई जिलों में पत्तेदार एवं जड़ वाली सब्जियों में बढ़ती आर्सेनिक की मात्रा को लेकर राज्य सरकार ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। इस समस्या के समाधान के लिए सरकार ने वैज्ञानिकों और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित करने का निर्णय लिया है, जो प्रभावित क्षेत्रों में अध्ययन कर ठोस रणनीति तैयार करेगी।

कृषि मंत्री ने रविवार को जानकारी देते हुए बताया कि आर्सेनिक से प्रभावित भूजल का असर अब कृषि उत्पादन पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। विशेष रूप से पत्तेदार सब्जियों, जड़ वाली सब्जियों तथा आलू जैसी फसलों में आर्सेनिक की मात्रा बढ़ने की पुष्टि हुई है, जो स्वास्थ्य की दृष्टि से गंभीर विषय है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस चुनौती से निपटने के लिए बहु-आयामी रणनीति पर कार्य करेगी। इसके तहत कृषि, जल संसाधन, स्वास्थ्य और पर्यावरण विभाग के विशेषज्ञ मिलकर वैज्ञानिक विश्लेषण करेंगे तथा वैकल्पिक सिंचाई व्यवस्था, सुरक्षित जल स्रोत और मृदा परीक्षण की व्यापक योजना तैयार की जाएगी।

मंत्री ने यह भी बताया कि प्रभावित जिलों में किसानों के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के माध्यम से किसानों को सुरक्षित खेती के तरीकों, शुद्ध जल के उपयोग, फसल चयन और मिट्टी सुधार तकनीकों के बारे में जानकारी दी जाएगी, ताकि आर्सेनिक के दुष्प्रभाव को कम किया जा सके।

सरकार का मानना है कि यदि समय रहते वैज्ञानिक हस्तक्षेप और जन-जागरूकता के माध्यम से ठोस कदम उठाए जाएं, तो इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों के स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और इस दिशा में शीघ्र ही विस्तृत कार्ययोजना सार्वजनिक की जाएगी।

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