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जिले में निर्माणाधीन सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण पूर्ण कराए जाएं : कलेक्टर अजीत वसंत,हैंडओवर के बाद ही अंतिम किस्त जारी करने सहित निर्माण कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

अंबिकापुर 15 जनवरी 2026/  कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने गुरुवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में जिले के निर्माण विभागों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने  विभिन्न विभागों में कराए जा रहे निर्माणाधीन कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को सभी स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समयावधि में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए पूर्ण करने के निर्देश दिए।

भवन निर्माण कार्य के सम्बन्ध में उन्होंने कहा कि निर्माण पश्चात सम्बंधित संस्था को हैंडओवर करने के बाद ही अंतिम क़िस्त की राशि जारी किया जाएगा। शैक्षणिक संस्थानों के भवन निर्माण कार्य प्राथमिकता के साथ पूर्ण कराएं। उन्होंने मां महामाया एयरपोर्ट में निर्माण एवं सुधार कार्यों की जानकारी ली तथा कहा कि शेष कार्यों की वजह से एयरपोर्ट संचालन में किसी प्रकार की समस्या ना हो, इसलिए गम्भीरता के साथ सभी कार्य समय सीमा में पूर्ण कराएं। उन्होंने डीएमएफ अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की समीक्षा के दौरान कहा कि शेष कार्यों को जल्द पूर्ण करवा लिया जाए। विभाग राशि प्राप्त करने से पूर्व डीएमएफ शाखा से सम्पर्क कर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करवाएं, ताकि किसी प्रकार की समस्या ना हो। स्वीकृत कार्य हेतु विभाग को पहले 50 प्रतिशत राशि दिया जाएगा, शेष राशि कार्य पूर्ण होने पर प्रदान किया जाएगा।निर्माण कार्य के दौरान राजस्व सम्बन्धी विवाद पर एसडीएम एवं तहसीलदार से सम्पर्क कर समस्या सुलझाया जाएं।

     उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए, उन्होंने निर्माण कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होनें कहा कि स्थल विवाद या आबंटन के कारण लंबित कार्यों के बारे में तत्काल अवगत कराएं। सीजीएमएससी अंतर्गत  भवनों में सुरक्षा मानकों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।उन्होंने भू अर्जन सम्बन्धी मामलों के सम्बन्ध में भी विस्तारपूर्वक चर्चा कर आवश्यक दिशा- निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग ध्यान रखें कि जैम पोर्टल से खरीदी में कोई अतिरिक्त नियम या शर्त ना लगाया जाए। उन्होंने नगरीय क्षेत्र अम्बिकापुर अंतर्गत निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधोसंरचना मद अंतर्गत विभिन्न कार्यों की जानकारी लेते हुए कहा कि वर्ष 2024-25 के कार्य आगामी 2 से 3 माह में पूर्ण कर लिए जाएं, वहीं 2025-26 के कार्य जल्द प्रारंभ करते हुए छोटे कार्यों को माह अप्रैल-मई तक पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए गए।

     उन्होंने बारिश से पूर्व सड़कों का कार्य पूर्ण कराए जाने कहा। उन्होंने सांसद, विधायक निधि के अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्यों की समीक्षा की तथा समय सीमा में निर्माण कार्य पूर्ण कराने निर्देश दिए। बैठक में लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, जल संसाधन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना, लोक निर्माण विद्युत यांत्रिकी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, आदिम जाति कल्याण विभाग, नगरीय निकाय, सीजीएमएससी सहित अन्य निर्माण संबंधी विभागीय अधिकारियों को अपने-अपने स्तर पर सतत निगरानी रखते हुए निर्माण कार्यों को पूर्ण करने कहा गया। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनय कुमार अग्रवाल, नगर निगम कमिश्नर श्री डी एन कश्यप सहित सम्बंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

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मकर संक्रांति के अवसर पर जिला पंचायत सीईओ ने प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला पाकजाम में बच्चों को कराया न्योता भोज


अंबिकापुर 15 जनवरी 2026/  जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनय कुमार अग्रवाल ने गुरुवार को मकर संक्राति के अवसर पर  संकुल केन्द्र बड़ा दमाली के प्राथमिक शाला पाकजाम एवं माध्यमिक शाला पाकजाम के विद्यार्थियों को न्योता भोज कराया। उन्होंने सपरिवार उपस्थित होकर बच्चों के साथ भोजन किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ने प्रेरित किया तथा उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बच्चों को नए वर्ष की डायरी प्रदान की। इस दौरान समग्र शिक्षा के जिला मिशन समन्वयक सर्वजीत कुमार पाठक एवं विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयक संजीव भारती सहित शिक्षक उपस्थित रहे।

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40 बोरी धान गबन मामले में दुकानदार पर एफआईआर दर्ज,धान खरीदी व्यवस्था में गड़बड़ी पर प्रशासन सख्त

रायगढ़, 15 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी और किसान हितैषी बनाने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। धान खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता, अवैध भंडारण या कालाबाजारी को रोकने के उद्देश्य से जिला प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर तहसील धर्मजयगढ़ अंतर्गत ग्राम चरखापारा स्थित ओम ट्रेडर्स दुकान के संचालक के विरुद्ध जप्त धान का गबन करने पर आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया है।
                प्राप्त जानकारी के अनुसार, 20 नवम्बर 2025 को तहसीलदार द्वारा ओम ट्रेडर्स में औचक निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान दुकान से 60 बोरी अवैध धान पाया गया, जिसे विधिवत जप्त कर दुकान संचालक राजू राठिया को सुपुर्दगी में सौंपा गया था। जप्त धान की सुरक्षित रख-रखाव एवं देखभाल की जिम्मेदारी आरोपी को सौंपते हुए बंधपत्र भी भरवाया गया था। इसके पश्चात 30 दिसम्बर 2025 को तहसीलदार एवं एसडीएम धरमजयगढ़ द्वारा पुनः दुकान की जांच की गई। जांच में पाया गया कि जप्त 60 बोरी धान में से केवल 20 बोरी धान शेष है, जबकि 40 बोरी धान मौके से गायब पाई गई।
            पूछताछ के दौरान दुकान संचालक राजू राठिया ने स्वीकार किया कि उसने सुपुर्दगी में दिए गए 40 बोरी धान को स्वयं के खाते में विक्रय कर दिया है, जो कि शासकीय आदेशों एवं जप्ती की शर्तों का स्पष्ट उल्लंघन है। मामले को गंभीर मानते हुए आरोपी राजू राठिया के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(2) के अंतर्गत एफआईआर दर्ज की गई है। प्रकरण में विधिवत जांच की कार्यवाही जारी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध धान खरीदी-विक्रय अथवा जप्त सामग्री के दुरुपयोग पर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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जिले में 65 संस्थानों को POSH ACT अधिनियम के उल्लंघन पर जारी की गई अंतिम सूचना,उल्लंघन पर 50 हजार रुपये तक का अर्थदंड

रायगढ़, 15 जनवरी 2026/ महिलाओं के कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध, प्रतितोष) अधिनियम, 2013 ( POSH ACT  2013) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला रायगढ़ में श्रम विभाग ने कड़ी कार्यवाही शुरू कर दी है। इसी क्रम में जिले के 65 अशासकीय संस्थानों को नोटिस जारी किया गया है, जहां 10 या अधिक श्रमिक कार्यरत हैं, लेकिन आंतरिक शिकायत समिति का गठन नहीं किया गया और She-Box पोर्टल पर ऑनबोर्डिंग नहीं की गई।
           नोटिस के माध्यम से संबंधित संस्थानों को निर्धारित समय-सीमा में आंतरिक शिकायत समिति का गठन कर She-Box पोर्टल पर ऑनबोर्डिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिनियम की धारा 4 के अनुसार समिति में एक वरिष्ठ महिला अधिकारी (पीठासीन अधिकारी), दो महिला कर्मचारियों के प्रतिनिधि और एक एनजीओ सदस्य होना अनिवार्य है। सहायक श्रमायुक्त रायगढ़ ने स्पष्ट रुप से कहा है कि समय-सीमा में अनुपालन न होने की स्थिति में POSH Act, 2013 की धारा 26 के तहत 50 हजार रुपये तक का अर्थदंड लगाया जा सकता है। प्रशासन ने सभी शासकीय एवं निजी संस्थानों से अपील की है कि वे कानून का पालन करते हुए कार्यस्थल पर महिलाओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित करें।

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पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र से मिलेंगी पासपोर्ट संबंधी सभी सुविधाएं

रायगढ़, 15 जनवरी 2026/ अब नागरिकों को पासपोर्ट बनवाने अथवा उससे संबंधित कार्यों के लिए दूर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। विदेश मंत्रालय एवं संचार मंत्रालय, भारत सरकार के समन्वय से रायगढ़ में पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र के माध्यम से पासपोर्ट से जुड़ी सभी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।
    अधीक्षक डाकघर रायगढ़ संभाग सभी नागरिकों से कहा कि अपने पासपोर्ट आवेदन, नवीनीकरण एवं अन्य संबंधित सेवाओं के लिए नजदीकी पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र, प्रधान डाकघर रायगढ़ में संपर्क कर सकते हैं। इस केंद्र के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया को सरल, सुलभ एवं समयबद्ध बनाया गया है, जिससे आमजन को सुविधा मिल सके। नागरिकों से अपील है कि वे भारत सरकार द्वारा संचालित इस सेवा का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपने पासपोर्ट संबंधी सभी कार्यों के लिए प्रधान डाकघर रायगढ़ स्थित पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र का उपयोग करें।

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पशुधन नस्ल सुधार की दिशा में अहम पहल प्रजनन नियंत्रण व आय वृद्धि पर दिया गया जोर, वैज्ञानिकों ने दी तकनीकी जानकारी

रायगढ़, 15 जनवरी 2026/ कृषि विज्ञान केंद्र, रायगढ़ के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. बी.एस. राजपूत के मार्गदर्शन में विकासखंड रायगढ़ के ग्राम-जुनवानी में निकरा परियोजना के अंतर्गत गैर-वर्णनात्मक नर बकरों का बधियाकरण कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम का आयोजन इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के अधीन संचालित कृषि विज्ञान केंद्र, रायगढ़ एवं पशुपालन विभाग, रायगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इस दौरान 10 गैर-वर्णनात्मक नर बकरों का वैज्ञानिक विधि से बधियाकरण किया गया।
           कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अवांछित प्रजनन पर नियंत्रण, पशुधन की नस्ल गुणवत्ता में सुधार तथा पशुपालकों की आय में वृद्धि करना रहा। इस अवसर पर केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. सी.पी.एस. सोलंकी ने बधियाकरण के दौरान अपनाई जाने वाली स्वच्छता, उपयुक्त आय का चयन एवं पश्च-प्रबंधन संबंधी आवश्यक सावधानियों की विस्तार से जानकारी दी। वहीं डॉ. के.एल.पटेल ने बकरी पालन में बधियाकरण की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए इसे सुरक्षित प्रबंधन, प्रजनन नियंत्रण एवं उत्पादन क्षमता वृद्धि के लिए अत्यंत प्रभावी उपाय बताया। कार्यक्रम में वरिष्ठ अनुसंधान सहायक श्री मनोज कुमार साहू ने पोषण प्रबंधन, उन्नत नस्लों के महत्व तथा बधियाकरण के माध्यम से नस्ल सुधार को किसानों की आमदनी बढ़ाने में सहायक बताया। इस दौरान तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा पशुपालकों को वैज्ञानिक बकरी पालन, संतुलित आहार, रोग नियंत्रण एवं आधुनिक प्रबंधन तकनीकों की भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने इसे पशुधन विकास की दिशा में उपयोगी एवं लाभकारी पहल बताते हुए कृषि विज्ञान केंद्र रायगढ़ एवं पशुपालन विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।

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जतन बना विशेष बच्चों के लिए संबल, डीईआईसी रायगढ़ से बदली हजारों जिंदगियां,प्ले-स्कूल जैसे वातावरण में स्वास्थ्य सेवाओं का अनूठा मॉडल

रायगढ़, 15 जनवरी 2026।
जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र जतन (डीईआईसी), रायगढ़ विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा के रूप में कार्य कर रहा है। केंद्र की स्थापना 13 फरवरी 2016 को की गई थी। यहां उन बच्चों को विशेष सेवाएं प्रदान की जाती हैं, जिन्हें विकासात्मक देरी, शारीरिक, श्रवण, वाणी अथवा सीखने संबंधी समस्याओं के कारण विशेष उपचार की आवश्यकता होती है।
जतन डीईआईसी की कार्यप्रणाली सामान्य अस्पताल से भिन्न है। केंद्र को इस प्रकार विकसित किया गया है कि यह प्ले-स्कूल जैसे सहज और अनुकूल वातावरण में संचालित हो, जिससे बच्चे बिना डर या तनाव के उपचार प्रक्रिया से जुड़ सकें। इसी कारण बच्चे स्वयं उत्साहपूर्वक उपचार के लिए केंद्र में उपस्थित होते हैं।
स्थापना से लेकर अब तक केंद्र द्वारा 19,683 बच्चों का विभिन्न स्तरों पर परीक्षण, मूल्यांकन एवं उपचार किया जा चुका है। जतन डीईआईसी में शिशुरोग विशेषज्ञ, दंत चिकित्सक, फिजियोथेरिपिस्ट, विशेष शिक्षक, स्पीच थेरेपिस्ट, ऑडियोलॉजिस्ट, ऑप्टोमेट्रिस्ट, नर्स, पैथोलॉजी, समाजसेवक एवं काउंसलर की सेवाएं पूर्णतः निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं।

विशेष शिक्षा के माध्यम से बच्चों में विकासात्मक देरी का आकलन कर उपचार किया जाता है। वर्तमान में बच्चों में मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से उत्पन्न लर्निंग प्रॉब्लम, देर से बोलने की समस्या और ऑटिज़्म जैसे लक्षणों के मामलों में भी नियमित रूप से सेवाएं दी जा रही हैं।

जीभ जुड़ने (टंग-टाई) की समस्या से ग्रसित बच्चों को दंत चिकित्सा विभाग द्वारा फ्रेनेक्टमी पद्धति से उपचारित किया जा रहा है, जिससे अब तक लगभग 260 बच्चे लाभान्वित हुए हैं।
श्रवण संबंधी समस्याओं के लिए ऑडियोलॉजी विभाग में बीईआरए टेस्ट एवं पीटीए टेस्ट की सुविधा उपलब्ध है, जो दिव्यांगता प्रमाण पत्र एवं कॉक्लियर इम्प्लांट प्रक्रिया के लिए आवश्यक होती है। वहीं फिजियोथेरेपी विभाग द्वारा शारीरिक रूप से बाधित बच्चों के उपचार एवं पुनर्वास का कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में इस योजना का क्रियान्वयन स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार की “हमने बनाया है, हम ही संवारेंगे” की परिकल्पना के अनुरूप जतन डीईआईसी में सेवाओं का निरंतर सुधार एवं विस्तार किया जा रहा है, जिससे अधिक से अधिक बच्चों को समय पर आवश्यक उपचार उपलब्ध हो सके।

जतन जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र रायगढ़ जिले में विशेष बच्चों के लिए एक सशक्त, समर्पित और भरोसेमंद स्वास्थ्य सुविधा के रूप में लगातार कार्यरत है।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के ‘सुशासन’ की धरातल पर झलकनवोन्मेषी पहल से छात्रावासों के बच्चों को मिली बेहतर दृष्टि

रायगढ़, 15 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन की गुड गवर्नेंस की परिकल्पना को साकार करते हुए कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर छात्रावासों में अध्ययनरत अनुसूचित जाति, जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के बच्चों के लिए एक अनुकरणीय पहल करते हुए सघन नेत्र परीक्षण एवं चश्मा वितरण अभियान का सफल संचालन किया गया। 
           जिला प्रशासन के निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि कई छात्र पढ़ाई में रुचि और क्षमता होने के बावजूद दृष्टि दोष के कारण ब्लैकबोर्ड स्पष्ट नहीं देख पा रहे थे। आर्थिक अभाव और जागरूकता की कमी के कारणं छात्र अपनी समस्या साझा नहीं कर पा रहे थे। कलेक्टर ने इसे केवल स्वास्थ्य संबंधी समस्या न मानते हुए बच्चों के शिक्षा के अधिकार से जुड़ा गंभीर विषय माना और तत्काल समाधान के निर्देश दिए।
          कलेक्टर के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग एवं आदिम जाति कल्याण विभाग के समन्वय से जिले के 147 छात्रावासों में विशेष नेत्र परीक्षण शिविर आयोजित किए गए। इस अभियान के तहत 4686 छात्रों की नेत्र जांच जिला चिकित्सालय के नेत्र विशेषज्ञों द्वारा आधुनिक उपकरणों से की गई। जांच के दौरान 235 छात्र दृष्टि दोष से ग्रसित पाए गए, जिनमें से 149 छात्रों को पावर वाले चश्मे निःशुल्क प्रदान किए गए। चश्मों का निर्माण और वितरण समयबद्ध रूप से सुनिश्चित किया गया।

*पढ़ाई में सुधार, आत्मविश्वास में बढ़ोतरी*
चश्मा मिलने के बाद छात्रों की पढ़ाई में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। बच्चों की एकाग्रता बढ़ी है और वे कक्षा की गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। अभिभावकों और छात्रावास अधीक्षकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे बच्चों के भविष्य के लिए बेहद उपयोगी बताया है। यह अभियान मुख्यमंत्री के गुड गवर्नेंस विजन का जमीनी स्तर पर सफल क्रियान्वयन है, जहाँ प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुँचाया।

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बदलता मौसम, बढ़ती बीमारियां: जलवायु परिवर्तन पर रायगढ़ में स्वास्थ्य प्रशिक्षण अभियान


रायगढ़,15 जनवरी 2026। राज्य शासन के मंशानुरूप कलेक्टर रायगढ़ श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर जिले में जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण 06 जनवरी 2026 से 15 जनवरी 2026 तक चरणबद्ध रूप से संचालित किया जा रहा है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत, प्रभारी जिला परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. बी.पी. पटेल एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी सुश्री रंजना पैंकरा के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। इसमें जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. टी.जी. कुलवेदी, जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. अविनाश चंद्रा, जिला नोडल अधिकारी डॉ. सुमित शैलेंद्र कुमार मंडल, डॉ. केनन डेनियल, एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. कल्याणी पटेल, आईडीएसपी कार्यक्रम के डीडीएम श्री रामकुमार जांगड़े सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी सक्रिय रूप से शामिल हैं।

कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के सभी विकासखंडों से आर.एम.ए.प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, सेक्टर सुपरवाइजर, आर.एच.ओ. पुरुष/महिला, सी.एच.ओ., बी.डी.एम., डी.ई.ओ., पी.ए.डी.ए. तथा जिला एवं जनपद पंचायत के सदस्यों को समूहवार निर्धारित तिथियों में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत ने बताया कि वायु प्रदूषण का प्रभाव अब स्वास्थ्य सेवाओं में स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रहा है। सांस फूलना, लगातार खांसी, आंखों में जलन, त्वचा रोग एवं अस्थमा जैसी बीमारियां बढ़ते वायु प्रदूषण की गंभीरता को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण स्वस्थ समाज की आधारशिला है, जिससे बीमारियों की रोकथाम के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ते दबाव को भी कम किया जा सकता है।
प्रशिक्षण के दौरान विद्यालयों, शासकीय कार्यालयों, पंचायतों एवं नगरीय निकायों के माध्यम से जनजागरूकता कार्यक्रम, पौधरोपण अभियान, स्वच्छता गतिविधियों एवं पर्यावरण शिक्षा को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही नागरिकों से साइकिल अथवा पैदल चलने, स्वच्छ ऊर्जा अपनाने और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली को प्राथमिकता देने की अपील की गई है।
अधिकारियों ने बताया कि तेजी से हो रहे जलवायु परिवर्तन का प्रभाव मानव जीवन, पर्यावरण, स्वास्थ्य एवं आजीविका पर प्रत्यक्ष रूप से पड़ रहा है। बढ़ता तापमान, असामान्य वर्षा, लू, सूखा, बाढ़, जलस्तर में गिरावट एवं वायु प्रदूषण जैसी समस्याएं भविष्य के लिए गंभीर चेतावनी हैं। इसका सीधा असर जनस्वास्थ्य पर भी देखा जा रहा है, जिससे हीट स्ट्रोक, सांस संबंधी रोग, एलर्जी, जलजनित बीमारियां एवं कुपोषण के मामलों में वृद्धि हो रही है, जिसमें बच्चों, बुजुर्गों एवं गर्भवती महिलाओं पर अधिक प्रभाव पड़ रहा है।
जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण में रोग निगरानी पोर्टल पर रिपोर्टिंग प्रक्रिया, जलवायु से जुड़ी बीमारियों की पहचान, रोकथाम एवं आवश्यक उपायों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे वृक्षारोपण, जल स्रोतों का संरक्षण, वर्षा जल संचयन, प्लास्टिक का न्यूनतम उपयोग, कचरे का पृथक्करण एवं पुनर्चक्रण जैसे उपायों को अपनाकर पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का जशपुर का व्यस्त दौरा, विकास कार्यों के लोकार्पण-भूमिपूजन के साथ बगिया में रात्रि 8 बजे तक आमजन से करेंगे सीधा संवाद


जशपुरनगर 15 जनवरी 2026/प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय गुरुवार 15 जनवरी 2026 को जशपुर जिले के विस्तृत दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री श्री साय विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण, भूमिपूजन एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों में शामिल होंगे।निर्धारित दौरा कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री श्री साय सुबह 10:40 बजे अपने निज निवास ग्राम बगिया से प्रस्थान कर बगीचा पहुंचेंगे। इस दौरान वे निर्माणाधीन कार्यों का अवलोकन, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण, गौरव पथ भूमिपूजन कार्यक्रम, उज्ज्वला महोत्सव कार्यक्रम एवं विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रमों में शामिल होंगे।इसके पश्चात मुख्यमंत्री दोपहर 1:30 बगीचा हेलीपेड से फरसाबहार विकासखंड के पमशाला कंवर धाम पहुंचेंगे,वहां विभिन्न कार्यों के भूमिपूजन लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होने के पश्चात अखिल भारतीय आदिवासी कंवर समाज के वार्षिक सम्मेलन में शामिल होंगे। कार्यक्रमों में शामिल होने के पश्चात पुनः शाम को बगिया आगमन करेंगे।कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय बगिया में रात्रि 8 बजे तक स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों मुलाकात कर सीधा संवाद करेंगे और उनकी समस्याएं सुनेंगे।मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। वहीं मुख्यमंत्री से प्रत्यक्ष मुलाकात को लेकर क्षेत्रवासियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।

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औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर जिला प्रशासन का कड़ा प्रहार, 6 कारखानों पर आपराधिक प्रकरणों का निराकरण, अधिभोगी व प्रबंधकों पर लाखों का अर्थदण्ड

रायगढ़, 15 जनवरी 2026/
रायगढ़ जिले में संचालित औद्योगिक इकाइयों में श्रमिक सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा औद्योगिक दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी एवं सख्त कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी द्वारा औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा से जुड़े मामलों की समय-समय पर समीक्षा की जाती है तथा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए हैं।
इसी क्रम में जिले की औद्योगिक इकाइयों में घटित दुर्घटनाओं के बाद निरीक्षण के दौरान पाई गई गंभीर अनियमितताओं एवं श्रमिक सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर कार्यालय उप संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, रायगढ़ द्वारा कारखाना अधिनियम, 1948, छत्तीसगढ़ कारखाना नियमावली, 1962 तथा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार (नियोजन एवं सेवा शर्त विनियमन) अधिनियम, 1996 एवं नियम 2008 के अंतर्गत सख्त कार्रवाई की गई।
उप संचालक द्वारा किए गए निरीक्षणों के आधार पर 6 औद्योगिक इकाइयों के विरुद्ध 6 आपराधिक प्रकरण श्रम न्यायालय रायगढ़ में प्रस्तुत किए गए थे, जिनका माह दिसम्बर 2025 में निराकरण किया गया। श्रम न्यायालय द्वारा सुनवाई उपरांत सुरक्षा मानकों के उल्लंघन का दोषी पाए जाने पर संबंधित औद्योगिक इकाइयों के अधिभोगियों एवं कारखाना प्रबंधकों को अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
मेसर्स जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड (1 एमपीए स्लैग ग्राइंडिंग यूनिट), खरसिया रोड रायगढ़ में कारखाना अधिनियम की विभिन्न धाराओं के उल्लंघन पर अधिभोगी श्री सब्यसाची बन्योपाध्याय एवं कारखाना प्रबंधक श्री अमरेश पांडे को क्रमशः 1.50-1.50 लाख रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
मेसर्स नलवा स्पेशल स्टील लिमिटेड, ग्राम तराईमाल में सुरक्षा प्रावधानों की अनदेखी पर अधिभोगी श्री सरदार सिंह राठी एवं कारखाना प्रबंधक श्री रविन्द्र सिंह चौहान को 1.40 लाख रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
मेसर्स सिंघल स्टील एंड पावर लिमिटेड, ग्राम तराईमाल में भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम के उल्लंघन पर संचालक श्री विनय कुमार शर्मा एवं ठेकेदार श्री अजय कुमार दास पर 6-6 हजार रुपये का अर्थदण्ड लगाया गया। इसी इकाई में कारखाना अधिनियम के एक अन्य प्रकरण में अधिभोगी श्री विनय कुमार शर्मा एवं कारखाना प्रबंधक श्री जी.के. मिश्र को कुल 2.80 लाख रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
मेसर्स एनआरव्हीएस स्टील्स लिमिटेड, ग्राम तराईमाल में अधिभोगी एवं कारखाना प्रबंधक श्री पवन अग्रवाल को 1.60 लाख रुपये तथा मेसर्स एन.आर. इस्पात एंड पावर प्रा.लि., ग्राम गौरमुड़ी, पोस्ट सराईपाली में अधिभोगी एवं कारखाना प्रबंधक श्री मोहित कुमार मिश्रा को 1.60 लाख रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने स्पष्ट किया है कि औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी

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धान खरीदी में नया रिकॉर्ड: 13 जनवरी तक 17.77 लाख किसानों के खातों में पहुंचा ₹23,448 करोड़

रायपुर 15 जनवरी 2026/छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में चल रहे धान खरीदी महाअभियान ने इस वर्ष ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। 

दिनांक 13 जनवरी 2026 तक खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में अब तक 17,77,419 किसानों से 105.14 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है, जिसके एवज में किसानों को ₹23,448 करोड़ की रिकॉर्ड राशि का भुगतान किया गया है। यह अब तक के सभी वर्षों की तुलना में 13 जनवरी तक की सबसे अधिक खरीदी और सबसे अधिक भुगतान है।

यदि पिछले वर्षों के 13 जनवरी तक के आंकड़ों से तुलना की जाए तो सरकार की यह उपलब्धि और भी स्पष्ट रूप से सामने आती है। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में 13 जनवरी तक 17,49,003 किसानों से 72.15 LMT धान की खरीदी की गई थी और ₹13,550 करोड़ का भुगतान हुआ था। वर्ष 2021-22 में इसी अवधि तक 17,09,834 किसानों से 68.77 LMT धान खरीदा गया था, जिसके बदले ₹13,410 करोड़ किसानों को दिए गए थे।

खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 में 13 जनवरी तक 22,14,302 किसानों से 97.67 LMT धान की खरीदी की गई थी और ₹20,022 करोड़ का भुगतान हुआ था। इन सभी वर्षों की तुलना में वर्ष 2025-26 में धान खरीदी की मात्रा और किसानों को वितरित की गई राशि – दोनों ही  उच्चतम स्तर पर पहुँच चुकी हैं।

आंकड़ों से स्पष्ट है कि जहां 2020-21 में 72.15 LMT, 2021-22 में 68.77 LMT और 2022-23 में 97.67 LMT धान खरीदा गया था, वहीं 2025-26 में मात्र 13 जनवरी तक ही 105.14 LMT धान खरीदा जा चुका है, जो अपने-आप में एक नया रिकॉर्ड है। इसी तरह किसानों को मिलने वाली राशि भी  सीधे बढ़कर  ₹23,448 करोड़ तक पहुँच गई है।

यह ऐतिहासिक बढ़ोतरी इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार की पारदर्शी खरीदी व्यवस्था, समयबद्ध भुगतान प्रणाली और किसान-हितैषी नीतियों ने प्रदेश के किसानों का भरोसा मजबूत किया है। किसानों को उपज का उचित मूल्य समय पर मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सशक्त हो रही है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है।

राज्य सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि हर पात्र किसान से हर दाना खरीदा जाएगा और हर रुपये का भुगतान समय पर किया जाएगा, ताकि छत्तीसगढ़ का किसान और अधिक समृद्ध, आत्मनिर्भर और सुरक्षित बन सके।

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान के भंडारण में सूखत एवं अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की गई है। जिन संग्रहण केन्द्रों में 0.5 प्रतिशत से अधिक एवं 1 प्रतिशत से कम कमी पाई गई, वहाँ केन्द्र प्रभारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। 01 से 02 प्रतिशत तक कमी पाए जाने पर विभागीय जांच शुरू की गई, जबकि 02 प्रतिशत से अधिक कमी वाले केन्द्र प्रभारियों को निलंबित कर विभागीय जांच संस्थित की गई तथा आपराधिक पाए जाने पर एफ.आई.आर. दर्ज की गई है।

विगत 02 वर्षों में धान खरीदी एवं भण्डारण में अनियमितता तथा लापरवाही पाए जाने पर कुल 33 खाद्य निरीक्षकों एवं खाद्य अधिकारियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए गए, 02 मामलों में संग्रहण केन्द्र प्रभारियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई तथा 01 संग्रहण केन्द्र प्रभारी को निलंबित किया गया है। यह स्पष्ट करता है कि सरकार भ्रष्टाचार और लापरवाही के प्रति शून्य सहनशीलता नीति पर कार्य कर रही है।

खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में आई सूखत के संबंध में शासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार 06 जिला विपणन अधिकारियों एवं 06 संग्रहण केन्द्र प्रभारियों के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। यह कदम प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करने और भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही को रोकने की दिशा में निर्णायक पहल है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2018-19 में कुल 25.61 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में 80.38 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई थी, जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में खरीदी का दायरा, मात्रा और किसानों को मिलने वाला प्रत्यक्ष लाभ ऐतिहासिक स्तर तक बढ़ा है।

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा केन्द्रीय पूल के अंतर्गत 78 लाख मीट्रिक टन चावल का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके विरुद्ध लगभग 116 लाख मीट्रिक टन धान का निराकरण संभव हो पाया। शेष धान का निराकरण नीलामी के माध्यम से किया गया।केन्द्रीय लक्ष्य के अनुरूप प्राप्त चावल की मिलिंग में FCI के पास गोदाम क्षमता कम होने के कारण धान के अंतिम निराकरण में लगभग 12 से 15 माह का समय लग गया, जिससे संग्रहण केन्द्रों में ड्रायज (सूखत) होना संभावित रहा। वर्तमान में खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के अंतर्गत संग्रहण केन्द्रों में रखे धान का उठाव प्रगतिरत है तथा ऑक्शन एवं नीलामी से विक्रय किए गए धान का उठाव प्रक्रियाधीन है। संपूर्ण धान निराकरण के पश्चात ही कुल सूखत का वास्तविक आंकलन किया जा सकेगा।

राज्य सरकार का यह स्पष्ट संदेश है कि किसानों के धन, अनाज और विश्वास से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। धान खरीदी, भुगतान, भंडारण और निराकरण की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, उत्तरदायी और तकनीकी निगरानी में रखा गया है ताकि हर किसान को समय पर भुगतान और सुरक्षित व्यवस्था का लाभ मिले।

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शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की गुणवत्ता परखने कलेक्टर अजीत वसंत का सघन निरीक्षण, नवापारा शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र से लेकर घुमन्तु छात्रावासों तक व्यवस्थाओं की हुई बारीकी से समीक्षा

कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लेने शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नवापारा का किया औचक निरीक्षण
“सरगुजा 30“ कक्षाओं का निरीक्षण कर आगामी सत्र से 9वीं और 10वीं के विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाकर 50-50 करने दिए निर्देश
घुमन्तु बालिका छात्रावास गंगापुर एवं घुमन्तु बालक छात्रावास गांधीनगर का लिया जायजा, देखी व्यवस्था

अंबिकापुर 14 जनवरी 2026/कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने बुधवार को जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनय कुमार अग्रवाल के साथ जिले में शिक्षा एवं स्वास्थ्य का जायजा लेने विभिन्न संस्थाओं का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने इस दौरान घुमन्तु बालिका छात्रावास गंगापुर एवं घुमन्तु बालक छात्रावास गांधीनगर का भी निरीक्षण कर बच्चों हेतु सुविधाओं का अवलोकन किया।

शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नवापारा निरीक्षण-

कलेक्टर श्री वसंत सर्वप्रथम स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लेने शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नवापारा का पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने समस्त विभागों, ओपीडी, दवा वितरण कक्ष, लैब, फिजियोथेरेपी, किमोथेरेपी, टीकाकरण, आईपीडी, सोनोग्राफी, स्पर्श क्लिनिक (मनोरोग) एवं सिकलिंग कक्ष आदि का अवलोकन किया तथा व्यवस्थाएं देखीं। उन्होंने आगामी 2 माह में केंद्र में ऑपरेशन थिएटर शुरू किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को कहा कि केंद्र में विभाग से संबंधित बेनर फ्लैक्स, बोर्ड आदि बनवाकर सभी विभागों में लगाया जाए। सभी अधिकारी-कर्मचारी समय पर उपस्थित हों, मरीजों को असुविधा ना हो इसका ध्यान रखें। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री वसंत ने मरीजों से बात कर केंद्र की व्यवस्था तथा मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने दवाईयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने निर्देशित किया।

“सरगुजा 30“ कक्षाओं का किया निरीक्षण-
कलेक्टर श्री वसंत ने जिले के मल्टीपरपज स्कूल में संचालित “सरगुजा 30“ कक्षाओं का निरीक्षण कर बच्चों हेतु व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर पढ़ाई की गुणवत्ता एवं उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने बच्चों को कड़ी मेहनत कर मन लगाकर पढ़ने प्रोत्साहित किया तथा उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को आगामी सत्र के लिये कक्षा 9वीं और
10वीं के विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाकर 50-50 करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन्हीं बच्चों में से चयनित विद्यार्थियों को NEET एवं JEE की परिक्षाओं की तैयारी के लिये जिला प्रशासन द्वारा रायपुर के अच्छे कोचिंग संस्थानों में प्रवेश दिलाकर तैयारी करायी जाएगी। उन्होंने आवश्यक कार्ययोजना तैयार कर पूर्व तैयारी करने निर्देश दिए।

घुमन्तु बालिका छात्रावास गंगापुर एवं घुमन्तु बालक छात्रावास गांधीनगर पहुंचकर देखी व्यवस्था-

कलेक्टर श्री वसंत ने समग्र शिक्षा अन्तर्गत संचालित नई दिशा घुमन्तु बालिका छात्रावास गंगापुर एवं घुमन्तु बालक छात्रावास गांधीनगर का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने छात्रावास परिसर एवं शयनकक्ष का अवलोकन किया तथा बच्चों हेतु व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने छात्रावास में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली तथा कहा कि बच्चों को अच्छी सुविधा मिले, किसी प्रकार की समस्या ना हो। जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा को छात्रावासों के गुणवत्तापूर्ण संचालन हेतु निर्देशित किया तथा सभी व्यवस्था सुदृढ़ करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

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सरगुजा में डिजिटल सेवा व्यवस्था पर कड़ा प्रहार, नियमों की अनदेखी करने वाले 206 कॉमन सर्विस सेंटर तत्काल प्रभाव से बंद, 700 से अधिक निष्क्रिय आईडी चिन्हांकित


अंबिकापुर 14 जनवरी 2026/ जिले में संचालित कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) द्वारा निर्धारित मानकों की अवहेलना किए जाने पर सीएससी मुख्यालय, नई दिल्ली के निर्देश पर कड़ी कार्रवाई की गई है। जिले में आम जनता को डिजिटल और सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने वाले कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) अब प्रशासन की कड़ी निगरानी में आ गए हैं। जिले में सीएससी व्यवस्था की व्यापक समीक्षा और फील्ड वेरिफिकेशन के बाद कार्रवाई करते हुए 206 सीएससी सेंटर बंद कर दिए गए हैं, इसके साथ ही 700 से अधिक ऐसे सीएससी संचालकों की पहचान की गई है, जो लंबे समय से निष्क्रिय पाए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन सभी निष्क्रिय सीएससी आईडी को भी चरणबद्ध तरीके से बंद किया जाएगा।सीएससी सरगुजा के प्रभारी जिला प्रबंधक एन. डी.तिवारी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान कई केंद्र बिना स्थायी एवं निर्धारित पते के संचालित पाए गए। कुछ संचालकों द्वारा एक ही आईडी का उपयोग विभिन्न स्थानों पर किया जा रहा था। इसके अतिरिक्त कई केंद्रों पर सरकार द्वारा अनिवार्य रूप से निर्धारित कॉमन ब्रांडिंग, बैनर,सूची एवं रेट चार्ट नहीं पाए गए। वही जिला प्रबंधक ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में केवल वही कॉमन सर्विस सेंटर संचालित होंगे, जो सभी निर्धारित नियमों एवं शर्तों का पूर्ण अनुपालन करेंगे। प्रत्येक केंद्र का स्थायी कार्यालय होना अनिवार्य है,बैनर एवं सूची को निर्धारित प्रारूप में फ्रेम कराकर लगाना होगा, जिसमें स्टेट लोगो एवं सीएससी का नाम स्पष्ट रूप से अंकित हो। सभी वीएलई के लिए पुलिस सत्यापन प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य किया गया है। साथ ही सभी लेन-देन प्रतिदिन सीएससी पोर्टल के माध्यम से ही किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। जिन कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) की आईडी बंद की गई है, उन्हें आवश्यक सुधार कर सभी मानकों को पूर्ण करने के बाद जिला प्रबंधक से संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं।

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जिला स्तरीय मॉक अभ्यास का आयोजन 17 जनवरी को श्याम घुनघुटा डेम में होगा आयोजित


अंबिकापुर 14 जनवरी 2026/  छत्तीसगढ़ शासन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, भारत सरकार के वार्षिक कैलेंडर वर्ष 2025-26 के अंतर्गत देशभर में जिला स्तरीय मॉक अभ्यास का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में सरगुजा जिले में 17 जनवरी 2026 को प्रातः 10ः00 बजे श्याम घुनघुटा डेम, दरिमा में जिला स्तरीय मॉक अभ्यास (मॉक ड्रिल) का आयोजन किया जाएगा।इस मॉक ड्रिल में एन.डी.आर.एफ., एस.डी.आर.एफ., फायर ब्रिगेड, चिकित्सा विभाग, स्वयंसेवी संस्थाएं एवं अन्य आपदा बचाव संबंधित दल भाग लेंगे। यह अभ्यास आपदा की स्थिति में त्वरित, समन्वित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने हेतु किया जा रहा है।
कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने आदेश जारी कर इस अभ्यास हेतु अपर कलेक्टर श्री सुनील कुमार नायक (मो.नं. 9555076760) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। साथ ही संबंधित विभागों को भी जिम्मेदारियां सौंपी गई है तथा आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने निर्देशित किया है। इस हेतु टेबल टॉप अभ्यास बैठक 16 जनवरी को जिला कलेक्टरेट सभाकक्ष में प्रातः 11ः00 बजे आयोजित होगी

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खेल के माध्यम से सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम, रायगढ़ में जिला स्तरीय महिला खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन

रायगढ़, 14 जनवरी 2026/ जिला स्तरीय महिला खेलकूद प्रतियोगिता वर्ष 2025-26 का आयोजन 16 जनवरी को रायगढ़ स्टेडियम बोईरदादर रायगढ़ में किया जाएगा। प्रतियोगिता का आयोजन दो आयु वर्ग में 9 से 18 वर्ष एवं 18 से 35 वर्ष तक में किया जाएगा। जिसमें विकासखण्ड के विजेता प्रतिभागी जिला स्तरीय महिला खेलकूद प्रतियोगिता में भाग लेंगे। जिला स्तरीय महिला खेलकूद प्रतियोगिता अंतर्गत एथलेटिक्स (100मी., 400मी. तवा फेंक), खो-खो, बैडमिंटन, वॉलीबॉल, रस्साकसी, हॉकी, कुष्ती, बास्केटबॉल, फुटबॉल एवं वेटलिफ्टिंग खेल का आयोजन किया जाएगा जिला स्तरीय महिला खेलकूद प्रतियोगिता में सभी विकासखण्डों से लगभग 400 खिलाड़ी, कोच, मैनेजर एवं निर्णायक भाग लेंगे।

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रायगढ़ : गणतंत्र दिवस पर जिले में रहेगा शुष्क दिवस,26 जनवरी को मदिरा की समस्त दुकानें रहेंगी बंद

रायगढ़, 14 जनवरी 2026/ 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिले में शुष्क दिवस घोषित किया गया है। इस संबंध में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री मयंक चतुर्वेदी ने छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 24, उपधारा (1) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आदेश जारी किया है।
            जारी आदेश के अनुसार 26 जनवरी को जिला रायगढ़ अंतर्गत संचालित समस्त देशी मदिरा (सी.एस.-2 घघ), समस्त देशी कंपोजिट मदिरा (सी.एस.-2 घघ कंपोजिट) एवं समस्त विदेशी/प्रीमियम मदिरा (एफ.एल.-1 घघ) समस्त विदेशी कम्पोजिट मदिरा (एफ.एल.1 घघ कम्पोजिट) दुकानों, देशी मदिरा भंडारण भंडागार, समस्त होटल बार अनुज्ञप्ति (एफ.एल.-3), शॉपिंग मॉल रेस्टोरेन्ट बार अनुज्ञप्ति (एफ.एल.3 क), पर्यटन बार (एफ.एल. 3 ग) एवं समस्त देशी/देशी कम्पोजिट अहाता, समस्त विदेशी/विदेशी कम्पोजिट अहाता पूर्णतः बंद रहेंगे। कलेक्टर द्वारा स्पष्ट किया गया है कि शुष्क दिवस के दौरान मदिरा का किसी भी प्रकार का क्रय-विक्रय, वितरण अथवा संव्यवहार पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधितों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने सभी अनुज्ञप्तिधारकों, होटल-बार संचालकों एवं संबंधित विभागों को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

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भारतीय सेना लोकतंत्र की सबसे मजबूत कड़ी-कलेक्टर,भूतपूर्व सैनिक राष्ट्र की अमूल्य धरोहर, प्रशासन हर सहयोग को तत्पर

रायगढ़, 14 जनवरी 2026। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट के  सभाकक्ष में 10वां सशस्त्र सेना भूतपूर्व सैनिक दिवस पूरे सम्मान, गौरव और राष्ट्रभक्ति के वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ के अमर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। सशस्त्र सेना पूर्व सैनिक दिवस हमारे लिए सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारजनों के प्रति आदर व्यक्त करने के लिए एक अवसर है। इस दौरान शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी के पिता श्री सुभाष त्रिपाठी एवं माता श्रीमती आशा त्रिपाठी को सम्मानित किया गया।
            कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने भारतीय सशस्त्र बलों की गरिमा, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति उनकी अटूट निष्ठा को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत का प्रत्येक नागरिक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सेना से जुड़ा हुआ है। भारतीय सेना, चाहे वह थलसेना, वायुसेना, नौसेना, तटरक्षक बल अथवा केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल हों, सभी ने सदैव अद्वितीय नैतिकता, अनुकरणीय प्रतिबद्धता और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की परंपरा का निर्वहन किया है।
         कलेक्टर ने कहा कि विश्व के अनेक देशों में सैन्य शक्ति और लोकतंत्र के बीच टकराव देखने को मिलता है, लेकिन भारत में सेना पूरी तरह से लोकतांत्रिक ढांचे के अंतर्गत कार्य करती है, जो देश की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने अनुभव साझा करते हुए सीमा क्षेत्रों में तैनाती, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और सैनिकों की सतर्कता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सीमाओं पर तैनात भारतीय सैनिक हर परिस्थिति में देश की रक्षा के लिए तैयार रहते हैं और उनकी सजगता ही भारत की सुरक्षा की सबसे मजबूत ढाल है। 
          कलेक्टर ने युवाओं और एनसीसी कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय सेना सदैव युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत रही है और देश का हर युवा कभी न कभी सेना में जाने का सपना देखता है। कलेक्टर ने भूतपूर्व सैनिकों, उनके परिवारजनों और सैनिक विधवाओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि जिला प्रशासन उनके सम्मान, कल्याण और किसी भी आवश्यक सहायता के लिए सदैव तत्पर है। 
          जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कमाण्डर हरीशचन्द्र तिवारी (से.नि.) ने बताया कि सशस्त्र सेना भूतपूर्व सैनिक दिवस प्रति वर्ष 14 जनवरी को भारतीय सशस्त्र सेनाओं (थल सेना, वायु सेना, नौसेना)के जो जवान सरहद व दूर-दराज क्षेत्रों में मातृ-भूमि की रक्षा करते हुए शहीद हो गए है, उनके पुण्य स्मरण करने एवं उनके सम्मान में भारतीय थल सेना के प्रथम थल सेनाध्यक्ष फील्ड मार्शल के.एम.करियप्पा के सेवानिवृत्ति दिवस (14 जनवरी 1953) पर मनाया जाता है।
             समारोह में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे, अपर कलेक्टर श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, एनसीसी के कमाण्डिग ऑफिसर कर्नल प्रवीण तेवतिया तथा रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के भूतपूर्व सैनिक, एनसीसी कैडेट्स एवं आईसीआईसीआई बैंक के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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