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रायगढ़ में निर्माणाधीन विकास कार्यों की प्रगति का वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने किया निरीक्षण,निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता स्वीकार्य नहीं – वित्त मंत्री

रायगढ़, 17 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के विकासोन्मुखी दृष्टिकोण और सुशासन की नीति के अनुरूप रायगढ़ को आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार लगातार सक्रिय है। इसी क्रम में राज्य के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी.चौधरी ने आज रायगढ़ में चल रहे विभिन्न विकास परियोजनाओं का निरीक्षण कर उनकी प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों और इंजीनियरों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में, पारदर्शिता और उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं, ताकि आम जनता को शीघ्र लाभ मिल सके।
              निरीक्षण के दौरान वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार विकास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि निर्माणाधीन कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं की गति बनाए रखने के लिए सतत मॉनिटरिंग और नियमित फॉलो-अप अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए बताया कि रायगढ़ में संचालित अधिकांश परियोजनाएं तेजी से प्रगति पर हैं और आगामी एक वर्ष में कई महत्वपूर्ण योजनाएं धरातल पर उतरेंगी।  इस अवसर पर महापौर श्री जीवर्धन चौहान, श्री सुरेश गोयल, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, सीईओ जिला पंचायत श्री अभिजीत बबन पठारे, आयुक्त नगर निगम श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। 

*ऑक्सीजोन, स्वच्छ वातावरण और नागरिक सुविधाओं पर विशेष फोकस*
वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी ने नागरिक सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं का अवलोकन करते हुए कहा कि इन कार्यों के पूर्ण होने से शहरवासियों को स्वच्छ, शांत एवं सुरक्षित वातावरण प्राप्त होगा। शहर के इतवारी बाजार, कबीर चौक में निर्माणाधीन ऑक्सीजोन को उन्होंने शहर के लिए हरित क्षेत्र बताया। साथ ही कहा कि विकसित हो रहे ऑक्सीजोन नागरिकों के लिए सैर, योग और व्यायाम जैसी गतिविधियों के लिए उपयोगी सिद्ध होंगे। शहर के प्रवेश मार्गों पर ओवरब्रिजों पर बनाए जा रहे भित्तिचित्र और कलात्मक पेंटिंग कार्यों की गुणवत्ता की सराहना करते हुए उन्होंने इसे रायगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने वाला कदम बताया।

*शिक्षा, पर्यटन और इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी नई उड़ान*
निरीक्षण के दौरान वित्त मंत्री ने नालंदा परिसर में लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत से बन रही अत्याधुनिक लाइब्रेरी का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि यह लाइब्रेरी विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का शैक्षणिक केंद्र बनेगी, जहां आधुनिक तकनीक और ई-बुक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा किसान राइस मिल परिसर में चल रहे विकास कार्यों और ऐतिहासिक पहाड़ मंदिर परिसर में प्रस्तावित योजनाओं की भी समीक्षा की गई। वित्त मंत्री ने पहाड़ मंदिर पहुंचकर हनुमान मंदिर के दर्शन किए और पर्यटन की दृष्टि से क्षेत्र को और अधिक विकसित करने की संभावनाओं पर अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि ये सभी परियोजनाएं रायगढ़ को आधुनिक सुविधाओं, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर जीवन गुणवत्ता से युक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी और आने वाले समय में शहर के समग्र विकास में निर्णायक भूमिका निभाएंगी।

*शहर की ट्रैफिक समस्या के समाधान की दिशा में बड़ा कदम, बनेगा इंटरस्टेट बस टर्मिनल*
शहर में लगातार बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए ट्रांसपोर्ट नगर स्थित बस स्टैंड में 19.55 करोड़ रुपए की लागत से एक सर्वसुविधायुक्त इंटरस्टेट बस टर्मिनल का निर्माण किया जाएगा। इस संबंध में जानकारी देते हुए वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी ने कहा कि नए बस टर्मिनल के निर्माण से शहर के भीतर ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार होगा और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित बस टर्मिनल में आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ-साथ सुव्यवस्थित यातायात प्रबंधन की व्यवस्था की जाएगी, जिससे शहरवासियों को जाम की समस्या से राहत मिलेगी।

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रायगढ़ जिला अस्पताल में टीबी मरीजों को मिला पोषण संबल, वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने किया फूड बास्केट का वितरण


रायगढ़, 17 जनवरी 2026/ जिला चिकित्सालय रायगढ़ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान आज राज्य के वित्त, वाणिज्य, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओपी चौधरी के कर-कमलों से टीबी उपचाररत मरीजों को अतिरिक्त पोषण के रूप में फूड बास्केट का वितरण किया गया। इस अवसर पर कुल 30 टीबी मरीजों को फूड बास्केट प्रदान किए गए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि टीबी के उपचार में नियमित दवा सेवन के साथ-साथ पौष्टिक आहार का विशेष महत्व है। उन्होंने उच्च जोखिम समूह के मरीजों से समय पर दवाइयां लेने एवं नियमित जांच कराने की अपील की। साथ ही उन्होंने मितानिनों को स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से जिले में संदेहास्पद अथवा टीबी ग्रसित मरीजों की पहचान कर उन्हें शीघ्र उपचार एवं समुचित स्वास्थ्य लाभ दिलाने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में महापौर श्री जीवर्धन चौहान, जिला कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बी. पठारे, नगर निगम आयुक्त श्री ब्रजेश ठाकुर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. श्री अनिल कुमार जगत, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्रीमती रंजना पैंकरा, सिविल सर्जन डॉ. श्री दिनेश कुमार पटेल, जिला क्षय उन्मूलन अधिकारी डॉ. श्रीमती जय कुमारी चौधरी सहित चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. श्री ए.के. कुशवाहा, डॉ. श्री पी.के. गुप्ता, डॉ. श्री आर.के. गुप्ता, डॉ. श्री अभिषेक अग्रवाल, डॉ. श्रीमती सुषमा एक्का, डॉ. श्रीमती ज्योति एक्का, डॉ. श्री पी.के. चेतवानी तथा अस्पताल प्रबंधक डॉ. श्री देवेंद्र गुज्जर उपस्थित थे।

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रायगढ़ के लिए बड़ी सौगात: ब्रेन और मानसिक रोगों के इलाज के लिए रायगढ़ को मिली नई सुविधा, वित्त मंत्री ने किया क्लीनिक का उद्घाटन

रायगढ़, 17 जनवरी 2026/ रायगढ़ जिले के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में शासकीय जिला चिकित्सालय में ब्रेन हेल्थ क्लीनिक का शुभारंभ किया गया। क्लीनिक का विधिवत उद्घाटन छत्तीसगढ़ शासन के वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह पहल रायगढ़ के नागरिकों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी, क्योंकि अब मस्तिष्क, मानसिक एवं स्पाइन से संबंधित बीमारियों का उपचार जिले में ही सुलभ होगा।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि वर्तमान समय में ब्रेन एवं मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। इसे देखते हुए जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के समन्वित प्रयास से जिला अस्पताल में ब्रेन हेल्थ क्लीनिक की स्थापना की गई है। उन्होंने बताया कि यहां मरीजों को निशुल्क परामर्श, निशुल्क इलाज तथा आवश्यक निशुल्क दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे सभी वर्गों को समुचित स्वास्थ्य सुविधा मिल सकेगी।
सिविल सर्जन डॉ. दिनेश कुमार पटेल ने बताया कि कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी द्वारा पूर्व में दंतेवाड़ा जिले में इस प्रकार की व्यवस्था प्रारंभ की गई थी। वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी के मार्गदर्शन में उसी मॉडल को रायगढ़ में लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि जिले को ब्रेन से संबंधित बीमारियों से मुक्त करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगा।
उन्होंने जानकारी दी कि ब्रेन हेल्थ क्लीनिक के अंतर्गत विशेष ओपीडी प्रारंभ की गई है, जिसमें न्यूरो मेडिसिन, न्यूरो सर्जरी एवं सायकेट्री विभाग की संयुक्त सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। इस क्लीनिक में पार्किंसन, डिमेंशिया, अल्जाइमर, स्ट्रोक, लकवा सहित मस्तिष्क एवं मानसिक रोगों का इलाज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यहां प्रत्येक शनिवार को न्यूरो सर्जरी, प्रत्येक बुधवार को सायकेट्री तथा प्रत्येक माह के अंतिम शुक्रवार को न्यूरो मेडिसिन विशेषज्ञों की सेवाएं उपलब्ध रहेंगी, जबकि जिला चिकित्सालय के नियमित चिकित्सक प्रतिदिन ओपीडी एवं काउंसलिंग सेवाएं प्रदान करेंगे।
ब्रेन हेल्थ क्लीनिक के अंतर्गत न्यूरो फिजियोथेरेपी यूनिट भी प्रारंभ की जा रही है, जहां लकवा एवं चलने-फिरने में असमर्थ मरीजों को निशुल्क फिजियोथेरेपी उपचार उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे शीघ्र अपने दैनिक जीवन की गतिविधियों में लौट सकें। रायपुर सहित अन्य स्थानों से आने वाले विशेषज्ञ चिकित्सकों के सहयोग से यह क्लीनिक जिले के लिए एक समन्वित और आधुनिक उपचार केंद्र के रूप में विकसित किया गया है।
कार्यक्रम के पश्चात वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने जिला चिकित्सालय परिसर का निरीक्षण किया तथा अस्पताल में चल रहे निर्माण कार्यों का जायजा भी लिया।
इस अवसर पर महापौर जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिजीत बी. पठारे, नगर निगम आयुक्त ब्रजेश ठाकुर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री रंजना पैंकरा, जिला क्षय उन्मूलन अधिकारी डॉ. जय कुमारी चौधरी, चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. ए.के. कुशवाहा, डॉ. पी.के. गुप्ता सहित जिला चिकित्सालय के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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पुलिस की सख्त घेराबंदी से हड़बड़ाए गौ तस्कर, गश्ती वाहन को मारी ठोकर, खेत में पिकअप छोड़कर भागे, ऑपरेशन शंखनाद के तहत 10 गौ वंश सुरक्षित मुक्त

जशपुर, 16 जनवरी 2026/
जिले में गौ तस्करी के खिलाफ चल रहे जशपुर पुलिस के विशेष अभियान ऑपरेशन शंखनाद के तहत एक बार फिर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। थाना दुलदुला क्षेत्रांतर्गत रात्रि गश्त के दौरान पुलिस ने गौ तस्करों के चंगुल से 10 नग गौ वंशों को सकुशल मुक्त कराते हुए तस्करी में प्रयुक्त पिकअप वाहन को जप्त किया है। घटना के दौरान तस्करों ने पुलिस वाहन को ठोकर मारकर भागने का प्रयास किया, किंतु पुलिस की सतर्कता के आगे उनकी चालाकी नाकाम साबित हुई।

जानकारी के अनुसार, 15 जनवरी की देर रात करीब 1.30 बजे दुलदुला पुलिस टीम नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि कुनकुरी की ओर से एक पिकअप वाहन में भारी संख्या में गौ वंश भरकर उन्हें अवैध रूप से झारखंड राज्य ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए दुलदुला–आसनबहार–खूंटी टोली मार्ग पर नाकाबंदी कर वाहन चेकिंग प्रारंभ कर दी।

कुछ ही देर बाद एक सफेद रंग का बोलेरो पिकअप तेज रफ्तार में आता दिखाई दिया। पुलिस द्वारा रुकने का इशारा करने पर चालक ने वाहन रोकने के बजाय पुलिस गाड़ी को ठोकर मार दी और तेजी से भागने लगा। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए उसका पीछा किया। पीछा होता देख तस्कर कुछ दूरी पर जाकर पिकअप वाहन को खेत में उतारकर अंधेरे का फायदा उठाते हुए मौके से फरार हो गए।

पुलिस जब मौके पर पहुंची तो देखा कि पिकअप वाहन में 10 नग गौ वंश रस्सियों से बांधकर बेहद अमानवीय तरीके से ठूंस-ठूंस कर भरे हुए थे, जिनके ऊपर प्लास्टिक का त्रिपाल ढका हुआ था। पुलिस ने सभी गौ वंशों को सुरक्षित बाहर निकालकर पशु चिकित्सक से उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया और उन्हें सुरक्षित संरक्षण में रखा गया। वहीं तस्करी में प्रयुक्त पिकअप वाहन क्रमांक JH-03-AR-5441 को जप्त कर लिया गया है।

इस पूरे प्रकरण में थाना दुलदुला प्रभारी निरीक्षक कृष्ण कुमार साहू, सहायक उप निरीक्षक सामुदान टोप्पो, आरक्षक अलेक्सियुस तिग्गा, प्रमोद कुमार तथा राम प्रवेश सिंह की अहम भूमिका रही। पुलिस टीम की तत्परता और सूझबूझ से एक बड़ा गौ तस्करी का प्रयास विफल हो सका।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि जशपुर पुलिस गौ तस्करी के विरुद्ध पूरी सख्ती के साथ अभियान चला रही है। मुखबिर तंत्र को मजबूत किया गया है और हर सूचना पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है और उन्हें शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि ऑपरेशन शंखनाद के तहत अब तक जिले में गौ तस्करी के 145 मामलों में 243 तस्करों को गिरफ्तार कर 1406 से अधिक गौ वंशों को सुरक्षित मुक्त कराया जा चुका है। जशपुर पुलिस का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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शिमला ऑफ छत्तीसगढ़’ मैनपाट में अटल विहार योजना को मिली नई उड़ान, 12 एकड़ में बनेगा अत्याधुनिक पर्यटन व आवासीय परिसर, वेलनेस सेंटर और आधुनिक सुविधाओं से बदलेगा पर्यटन का स्वरूप

छत्तीसगढ़ के ‘शिमला’ मैनपाट में बनेगा सर्वसुविधायुक्त पर्यटनदृआवासीय परिसर, पर्यटन को मिलेगी नई गति


अंबिकापुर 16 जनवरी 2026/  
छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थल एवं ‘शिमला ऑफ छत्तीसगढ़’ के नाम से विख्यात मैनपाट में पर्यटन एवं आवास विकास को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। कलेक्टर, सरगुजा (अम्बिकापुर) द्वारा छत्तीसगढ़ शासन के आदेश क्रमांक 04/अ-19/2025-26, दिनांक 14.01.2026 के अंतर्गत मैनपाट क्षेत्र में 4.80 हेक्टेयर (12 एकड़) भूमि अटल विहार योजना के लिए छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल को आबंटित की गई है।छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने जानकारी देते हुए बताया कि उक्त भूमि पर प्राकृतिक वातावरण के अनुरूप एक सर्वसुविधायुक्त, बहुउपयोगी पर्यटन एवं आवासीय परिसर का निर्माण शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य मैनपाट आने वाले पर्यटकों को गुणवत्तापूर्ण आवास, आधुनिक सुविधाएं एवं बेहतर ठहराव व्यवस्था उपलब्ध कराना है, जिससे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी। अध्यक्ष श्री सिंह देव ने बताया कि यह निर्णय प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में, सरगुजा जिले के प्रभारी मंत्री एवं आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी तथा माननीय पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के प्रयासों से संभव हो सका है। यह पहल मैनपाट में निरंतर बढ़ रही पर्यटकों की संख्या को ध्यान में रखते हुए की गई है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित परिसर में केरल की तर्ज पर आधुनिक वेलनेस सेंटर विकसित किया जाएगा, जिसमें पंचकर्म चिकित्सा, हर्बल स्पा एवं आयुष आधारित सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही पर्यटकों के लिए 24×7 क्लब हाउस, मिलेट्स कैफे, जिम, स्विमिंग पूल, किड्स प्ले एरिया, स्टीम बाथ एवं एंटरटेनमेंट ज़ोन की सुविधाएं रहेंगी। पर्यावरण संतुलन को ध्यान में रखते हुए ट्री हाउस एवं कॉटेज का निर्माण किया जाएगा, जिससे पर्यटक मैनपाट की स्थानीय संस्कृति, परंपरा एवं जनजीवन को नजदीक से अनुभव कर सकेंगे।

श्री सिंह देव ने कहा कि इस परियोजना से मैनपाट क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे तथा आवासीय एवं आधारभूत संरचना के विकास को गति मिलेगी। किफायती एवं गुणवत्तापूर्ण आवासीय सुविधाओं से पर्यटकों का ठहराव बढ़ेगा, जिससे हॉस्पिटैलिटी सेक्टर और स्थानीय उद्यमिता को मजबूती मिलेगी। आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मैनपाट छत्तीसगढ़ का एक विशिष्ट पर्यटन स्थल है। यहां पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए आवास, वेलनेस एवं आधुनिक सुविधाओं का विकास अत्यंत आवश्यक है। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की यह परियोजना पर्यटन, आवास और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगी तथा मैनपाट को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित करेगी। पर्यटन मंत्री एवं विधायक अंबिकापुर श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि मैनपाट में आधुनिक पर्यटन एवं आवासीय परिसर का निर्माण राज्य में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक सराहनीय पहल है। इससे पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को मजबूती प्राप्त होगी।

श्री सिंह देव ने कहा कि इस परियोजना से मैनपाट क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे तथा आवासीय एवं आधारभूत संरचना के विकास को गति मिलेगी। किफायती एवं गुणवत्तापूर्ण आवासीय सुविधाओं से पर्यटकों का ठहराव बढ़ेगा, जिससे हॉस्पिटैलिटी सेक्टर और स्थानीय उद्यमिता को मजबूती मिलेगी। आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मैनपाट छत्तीसगढ़ का एक विशिष्ट पर्यटन स्थल है। यहां पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए आवास, वेलनेस एवं आधुनिक सुविधाओं का विकास अत्यंत आवश्यक है।

विधायक सीतापुर श्री रामकुमार टोप्पो ने कहा कि यह परियोजना मैनपाट क्षेत्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। अंत में, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल श्री अनुराग सिंह देव ने कहा कि मैनपाट में प्रस्तावित यह परियोजना राज्य में पर्यटन एवं आवास विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सिद्ध होगी और आने वाले समय में मैनपाट को एक प्रमुख राष्ट्रीय पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगी।

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मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत धान खरीदी में लापरवाही पर रायगढ़ प्रशासन की कड़ी कार्रवाई, किसानों के हितों की अनदेखी और शासन आदेशों की अवहेलना पर लिबरा के सहायक समिति प्रबंधक तत्काल प्रभाव से निलंबित

रायगढ़, 16 जनवरी 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के स्पष्ट निर्देश हैं कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या उदासीनता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और किसानों के हितों को प्रभावित करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर त्वरित एवं सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री के इन निर्देशों के अनुरूप कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी की कड़ी निगरानी में जिले के धान उपार्जन केंद्रों की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। इसी क्रम में धान खरीदी कार्य में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर सेवा सहकारी समिति मर्यादित लिबरा के सहायक समिति प्रबंधक श्री आनंद कुमार पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
      उप आयुक्त सहकारिता ने जानकारी देते हुए बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की केंद्रवार मॉनिटरिंग एवं सतत निगरानी हेतु कलेक्टर के निर्देष पर जिला स्तरीय अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। सहकारिता विस्तार अधिकारी विकासखंड लैलूंगा द्वारा धान खरीदी केंद्र लिबरा का निरीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। निरीक्षण प्रतिवेदन में यह उल्लेख किया गया कि सहायक समिति प्रबंधक श्री आनंद कुमार पटेल द्वारा शासन के निर्देशानुसार धान की खरीदी नहीं की जा रही थी तथा धान खरीदी कार्य में लापरवाही एवं उदासीनता बरती जा रही थी, जिससे खरीदी प्रक्रिया प्रभावित हो रही थी। प्रतिवेदन में यह भी उल्लेख है कि छत्तीसगढ़ शासन खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर द्वारा 15 अक्टूबर 2025 को जारी निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा था, जिसके कारण धान खरीदी के कार्य में व्यवधान उत्पन्न हो रहा था और किसानों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
          उल्लेखनीय है कि 15 नवम्बर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक अर्थात् खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 की संपूर्ण धान खरीदी अवधि के लिए धान खरीदी कार्य में संलग्न समस्त कर्मचारियों पर छत्तीसगढ़ आवश्यक सेवा संधारण एवं विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 (एस्मा एक्ट 1979) लागू किया गया है। इसके बावजूद कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन द्वारा यह कार्रवाई की गई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासन के निर्देशानुसार धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता, समयबद्धता और किसानों के हितों की रक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है। आगे भी धान खरीदी कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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बदलते मौसम की चेतावनी और बढ़ती बीमारियों की चुनौती के बीच रायगढ़ में जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य पर व्यापक प्रशिक्षण अभियान, 06 से 15 जनवरी तक स्वास्थ्य अमले को चरणबद्ध रूप से दिया जा रहा विशेष प्रशिक्षण


रायगढ़,16 जनवरी 2026। राज्य शासन के मंशानुरूप कलेक्टर रायगढ़ श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर जिले में जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण 06 जनवरी 2026 से 15 जनवरी 2026 तक चरणबद्ध रूप से संचालित किया जा रहा है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत, प्रभारी जिला परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. बी.पी. पटेल एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी सुश्री रंजना पैंकरा के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। इसमें जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. टी.जी. कुलवेदी, जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. अविनाश चंद्रा,  कार्यक्रम Npcchh जिला नोडल अधिकारी डॉ. सुमित कुमार शैलेंद्र मंडल, डॉ. केनन डेनियल, आईडीएसपी कार्यक्रम के डीडीएम श्री रामकुमार जांगड़े सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी सक्रिय रूप से शामिल हैं।

कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के सभी विकासखंडों से आर.एम.ए.प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, सेक्टर सुपरवाइजर, आर.एच.ओ. पुरुष/महिला, सी.एच.ओ., बी.डी.एम., डी.ई.ओ., पी.ए.डी.ए. तथा जिला एवं जनपद पंचायत के सदस्यों को समूहवार निर्धारित तिथियों में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत ने बताया कि वायु प्रदूषण का प्रभाव अब स्वास्थ्य सेवाओं में स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रहा है। सांस फूलना, लगातार खांसी, आंखों में जलन, त्वचा रोग एवं अस्थमा जैसी बीमारियां बढ़ते वायु प्रदूषण की गंभीरता को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण स्वस्थ समाज की आधारशिला है, जिससे बीमारियों की रोकथाम के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ते दबाव को भी कम किया जा सकता है।
प्रशिक्षण के दौरान विद्यालयों, शासकीय कार्यालयों, पंचायतों एवं नगरीय निकायों के माध्यम से जनजागरूकता कार्यक्रम, पौधरोपण अभियान, स्वच्छता गतिविधियों एवं पर्यावरण शिक्षा को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही नागरिकों से साइकिल अथवा पैदल चलने, स्वच्छ ऊर्जा अपनाने और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली को प्राथमिकता देने की अपील की गई है।
अधिकारियों ने बताया कि तेजी से हो रहे जलवायु परिवर्तन का प्रभाव मानव जीवन, पर्यावरण, स्वास्थ्य एवं आजीविका पर प्रत्यक्ष रूप से पड़ रहा है। बढ़ता तापमान, असामान्य वर्षा, लू, सूखा, बाढ़, जलस्तर में गिरावट एवं वायु प्रदूषण जैसी समस्याएं भविष्य के लिए गंभीर चेतावनी हैं। इसका सीधा असर जनस्वास्थ्य पर भी देखा जा रहा है, जिससे हीट स्ट्रोक, सांस संबंधी रोग, एलर्जी, जलजनित बीमारियां एवं कुपोषण के मामलों में वृद्धि हो रही है, जिसमें बच्चों, बुजुर्गों एवं गर्भवती महिलाओं पर अधिक प्रभाव पड़ रहा है।
जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण में रोग निगरानी पोर्टल पर रिपोर्टिंग प्रक्रिया, जलवायु से जुड़ी बीमारियों की पहचान, रोकथाम एवं आवश्यक उपायों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे वृक्षारोपण, जल स्रोतों का संरक्षण, वर्षा जल संचयन, प्लास्टिक का न्यूनतम उपयोग, कचरे का पृथक्करण एवं पुनर्चक्रण जैसे उपायों को अपनाकर पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

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सुशासन की सोच और जनसहभागिता की मिसाल बना बेहरामार का नवीन आंगनबाड़ी भवन, जहां अब वनांचल के नन्हे बच्चों को एक साथ मिल रही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा,

रायगढ़, 16 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन और जिला प्रशासन की सक्रियता के परिणामस्वरूप धरमजयगढ़ से लगभग 32 कि.मी. दूर वनांचल में बसा ग्राम पंचायत बेहरामार में अब बच्चों के लिए नवीन आंगनबाड़ी भवन का निर्माण हुआ है। यह भवन केवल ईंट और सीमेंट का नहीं, बल्कि गांव के सपनों, विश्वास और सामूहिक प्रयासों का प्रतीक बन चुका है।
           बेहरामार के बच्चों के लिए कभी शिक्षा और पोषण केवल एक अधूरा सपना हुआ करता था। गांव का पुराना आंगनबाड़ी भवन जर्जर अवस्था में था, जिससे बच्चों को न तो नियमित शिक्षा मिल पाती थी और न ही समय पर पोषण आहार। कई बार माताओं को अपने छोटे बच्चों को लेकर दूर-दराज जाना पड़ता था, जिससे पढ़ाई और स्वास्थ्य दोनों प्रभावित हो रहे थे। नवीन आंगनबाड़ी भवन निर्माण के लिए सबसे बड़ी चुनौती थी उपयुक्त भूमि का चयन। प्रारंभ में भूमि को लेकर मतभेद थे, लेकिन ग्राम पंचायत ने संवाद, धैर्य और सहयोग के माध्यम से समस्या का समाधान किया।
         जिला प्रशासन ने तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करते हुए ले-आउट तैयार किया और पंचायत एजेंसी की देखरेख में श्रमिकों ने नींव खुदाई, ईंट जोड़ाई, छत ढलाई और पुताई का कार्य पूरी निष्ठा और मेहनत से संपन्न किया। बीते प्रयासों से यह स्पष्ट हो गया है कि स्थानीय नेतृत्व और सरकारी मार्गदर्शन मिलकर छोटे-से छोटे गांव में भी शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नवीन मिसाल कायम कर सकते हैं।
अब बच्चों को सुरक्षित वातावरण में नियमित शिक्षा मिल रही है। उन्हें पढ़ाई के लिए दूर नहीं जाना पड़ता, जिससे अभिभावकों की चिंता कम हुई है। साथ ही, रेडी-टू-ईट पौष्टिक आहार समय पर उपलब्ध होने से कुपोषण की समस्या में स्पष्ट कमी देखी जा रही है। माताओं के चेहरे पर संतोष और बच्चों की आंखों में उज्ज्वल भविष्य के सपने दिखाई दे रहे हैं। नवीन आंगनबाड़ी भवन केवल भौतिक संरचना नहीं, बल्कि शिक्षा, पोषण और उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बन चुका है।

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कृषि विज्ञान केन्द्र रायगढ़ में नाबार्ड की उच्चस्तरीय टीम का विस्तृत भ्रमण, मसाला फसलों के उन्नत बीज उत्पादन, जलवायु अनुकूल तकनीकों, पशुधन नस्ल सुधार एवं कृषक आय वृद्धि कार्यक्रमों की गतिविधियों का किया गहन अवलोकन

रायगढ़, 16 जनवरी 2026/ नाबार्ड क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर, छत्तीसगढ़ के मुख्य महाप्रबंधक डॉ. ज्ञानेन्द्र मणि के नेतृत्व में नाबार्ड के विभिन्न जिलों के जिला विकास प्रबंधकों की टीम ने कृषि विज्ञान केन्द्र, रायगढ़ के प्रक्षेत्र का भ्रमण किया। इस दौरान टीम ने केन्द्र की सभी प्रायोगिक इकाइयों एवं मसाला फसलों के बीज उत्पादन कार्यक्रमों का अवलोकन किया।
           कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों द्वारा मसाला फसलों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने, गुणवत्तायुक्त बीज उत्पादन, बहु-मंजिली खेती प्रणाली तथा किसानों की आय वृद्धि के लिए अपनाई जा रही आधुनिक एवं वैज्ञानिक तकनीकों की विस्तार से जानकारी दी गई। केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. बी.एस. राजपूत द्वारा प्रस्तुतिकरण के माध्यम से विगत वर्ष में संचालित विभिन्न गतिविधियों एवं उपलब्धियों की जानकारी साझा की गई।
           तत्पश्चात नाबार्ड टीम द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्र के निकरा गोद ग्राम-जुनवानी विकासखंड रायगढ़ में जलवायु अनुकूल उन्नत तकनीकों पर आधारित कृषकों के प्रक्षेत्रों का भ्रमण किया गया। इस दौरान केन्द्र द्वारा पशुधन में उन्नत नस्ल सुधार हेतु संचालित कार्यक्रमों की जानकारी दी गई, जिसमें गिर नस्ल के सांड, सिरोही नस्ल की बकरी एवं बकरा का अवलोकन कराया गया। साथ ही कृषकों के खेतों में टमाटर, आलू, गोभी, प्याज सहित विभिन्न फसलों के प्रदर्शन भी दिखाए गए।
            नाबार्ड टीम द्वारा कृषक परिचर्चा के दौरान कृषक एवं कृषक महिलाओं से संवाद कर उनकी कृषि संबंधी समस्याओं की जानकारी ली गई तथा कृषि क्षेत्र में संचालित विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी दी गई। इससे कृषक एवं कृषक महिलाएं निकट भविष्य में वित्तीय ऋण एवं अनुदान के माध्यम से उन्नत खेती, मूल्य संवर्धन एवं स्वरोजगार को अपनाकर अपनी आय में वृद्धि कर सकें। इस अवसर पर ग्राम जुनवानी के सरपंच, पंच, गणमान्य नागरिक, कृषक एवं कृषक महिलाएं उपस्थित रहीं। साथ ही कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. मनीषा चौधरी, डॉ. के.के. पैकरा, डॉ. सी.पी.एस. सोलंकी, डॉ. के.एल. पटेल, श्री आशुतोष सिंह, श्री एन.के. पटेल एवं श्री मनोज कुमार पटेल सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारियों की सहभागिता रही।

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निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने हेतु 22 जनवरी को रायगढ़ कलेक्टोरेट में सभी मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों की होगी महत्वपूर्ण समन्वय बैठक

रायगढ़, 16 जनवरी 2026/ भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जिले में निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य संपन्न कराया जा रहा है। इस संबंध में एसआईआर कार्यों की समीक्षा एवं आवश्यक समन्वय हेतु आयुक्त बिलासपुर संभाग, बिलासपुर सह रोल ऑब्जर्वर की अध्यक्षता में जिले के सभी मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों की आवश्यक बैठक 22 जनवरी 2026 को प्रातः 10.30 बजे से कलेक्टोरेट कार्यालय, रायगढ़ के सभाकक्ष में आयोजित होगी।

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प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के लिए आवेदन आमंत्रित

रायगढ़, 16 जनवरी 2026/ अनुसूचित जाति वर्ग के व्यक्तियों को स्वयं का व्यवसाय प्रारम्भ करने एवं स्वरोजगार से जोड़ने हेतु छ.ग. शासन द्वारा प्रधानमंत्री अनूसूचित जाति अभ्युदय (पीएम-अजय) योजना संचालित की जा रही है। लघु उद्योग एवं व्यापार के लिए बैंकांे के माध्यम से ऋण स्वीकृत कराये जाने हेतु प्रकरण भेजे जाते है, निगम द्वारा अनुदान प्रेषित किया जाता है। ऋण इकाई लागत की अधिकतम सीमा नहीं है। विभिन्न प्रकार की आयजनित योजनाएं यथा-किराना, मनिहारी, कपड़ा, नाई सेलून, ब्यूटी पार्लर, टेलरिंग, फैन्सी, मोटर मैकेनिक, सायकिल मरम्मत एवं दुकान, टीव्ही रेडियो, मोबाईल रिपेयरिंग, वाईडिंग, मुर्गीपालन, बकरी पालन, सब्जी व्यवसाय, दोना-पत्तल निर्माण, लघु एवं कुटीर उद्योग एवं स्थानीय परिस्थिति अनुसार अन्य आवष्यकता जनित व्यवसाय संचालित करने हेतु ऋण आवेदन आमंत्रित किए जा रहे है। 

*योजना में पात्रता एवं शर्ते*
आवेदक अनुसूचित जाति वर्ग का हो, जाति, निवास एवं आय प्रमाण पत्र संलग्न अधिकारी द्वारा जारी प्रस्तुत करना होगा। आवेदक के परिवार की वार्षिक आय 2 लाख 50 हजार रुपए से अधिक न हो। आवेदक का नाम राषन कार्ड में हो, आधार कार्ड, पेन कार्ड, 5वीं, 8वीं, 10वीं अंकसूची की छायाप्रति, पूर्व मंे किसी योजना में लाभ नहीं लिया हो का शपथ पत्र देना होगा। आवेदक की आयु 18 वर्ष से कम तथा 50 वर्ष से अधिक न हो। योजना में बैंक द्वारा ऋण स्वीकृति पर 50 प्रतिषत या अधिकतम 50 हजार रू. जो भी कम हो अनुदान का प्रावधान है। अनूसूचित जाति वर्ग के इच्छुक एवं पात्र व्यक्ति आवेदन पत्र प्राप्त करने हेतु आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, राषन कार्ड एवं आधार कार्ड की छायाप्रति के साथ आवेदन करें। आवेदन कार्यालय कलेक्टर जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति, रायगढ़ कक्ष क्रमांक-94 में कार्यालयीन समय में प्राप्त एवं जमा किए जा सकते हैं। आवेदन में कांट-छांट, ओव्हरराईटिंग इत्यादि स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

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ओवरलोडिंग, रिसायक्लिंग और फर्जी कस्टम मिलिंग में फंसी राइस मिलें, 14 मिल सील, हजारों क्विंटल धान जब्त, जिलेभर में मची सनसनी

रायपुर 16 जनवरी 2026 : प्रदेश में कई जिले में धान खरीदी मामले में कई गड़बड़ी की शिकायत मिलने के बाद अब कार्यवाही शुरू हो चुकी है।मुंगेली जिले में कस्टम मिलिंग में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर जिला प्रशासन द्वारा बड़ी कार्रवाई करते हुए जिले की 14 राइस मिलों को सील करने के साथ ही 12 हजार क्विंटल से अधिक धान जब्त किया गया है। यह कार्रवाई राज्य आईसीसीसी से प्राप्त अलर्ट तथा मुख्य सचिव श्री विकासशील के निर्देशानुसार की गई।

आज मुंगेली जिले में कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल, जिला पंचायत सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय, अपर कलेक्टर श्री जी.एल. यादव सहित राजस्व, पुलिस एवं खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने विभिन्न राइस मिलों का औचक निरीक्षण किया। राईस मिलों के जांच में ओवरलोडिंग, रिसायक्लिंग तथा कस्टम मिलिंग में गंभीर गड़बड़ियां पकड़ में आई। 

जांच की कार्रवाई में उपलेटा राइस मिल, नवागांव घुठेरा रोड स्थित नेशनल दाल मिल, पंडरिया रोड स्थित वर्धमान मिलिंग इंडस्ट्रीज, जैन राइस इंडस्ट्रीज तथा नवकार दाल उद्योग में कस्टम मिलिंग में अनियमितता पाई गई, जहां से 12 हजार क्विंटल से अधिक धान जब्त किया गया। नवागढ़ रोड स्थित दीपक राइस इंडस्ट्रीज एवं दीपक मिलिंग इंडस्ट्रीज में 198 क्विंटल से अधिक तथा लोरमी रोड स्थित एसएस फूड में 1761 क्विंटल से अधिक धान की कमी पाई गई।

जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि छत्तीसगढ़ चावल उपार्जन आदेश एवं मोटर वाहन अधिनियम के तहत कुल 19 राइस मिलों पर कार्रवाई की जा रही है, जिनमें से 14 राइस मिलों को सील किया जा चुका है। 

गौरतलब है कि राज्य शासन के निर्देशानुसार खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समितियों से मिलर्स द्वारा धान उठाव की प्रक्रिया संचालित की जा रही है, जिसकी निगरानी के लिए आईसीसीसी कमांड सेंटर स्थापित किया गया है। इसके माध्यम से धान परिवहन में लगे वाहनों को जीपीएस से ट्रैक किया जा रहा है। वाहन के निर्धारित मार्ग से विचलन, लंबे समय तक एक स्थान पर ठहराव या निर्धारित क्षमता से अधिक धान परिवहन की स्थिति में अलर्ट जारी होता है, जिसकी जिला स्तर पर जांच की जाती है।

धान के अवैध भंडारण एवं परिवहन को रोकने जिले की सीमाओं एवं चेक पोस्टों पर चौकसी बढ़ाई गई है। आंतरिक चेक पोस्टों पर भी टीमों की तैनाती कर रात्रिकालीन गश्त एवं संदिग्ध वाहनों की सघन जांच की जा रही है। कोचियों एवं बिचौलियों के माध्यम से अवैध धान खपाने की गतिविधियों पर रोक के लिए जिले में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से खरीदी, भंडारण एवं परिवहन की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है। कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार कहा कहना है कि धान खरीदी में पारदर्शिता जिला प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर गड़बड़ी, फर्जीवाड़ा या बिचौलियों की भूमिका पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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अनधिकृत रूप से लंबे समय से अनुपस्थित 22 शिक्षकों एवं कर्मचारियों को जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा अंतिम कारण बताओ नोटिस किया जारी


अंबिकापुर 15 जनवरी 2026/  जिले में शैक्षणिक व्यवस्था को सुदृढ़ एवं अनुशासित बनाए रखने के उद्देश्य से लंबे समय से बिना सूचना के अनुपस्थित 22 शिक्षकों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध जिला शिक्षा अधिकारी, अम्बिकापुर द्वारा अंतिम कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी सूचना में स्पष्ट किया गया है कि बिना पूर्व सूचना एवं सक्षम स्वीकृति के लंबे समय तक अनुपस्थित रहना कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही एवं स्वेच्छाचारिता को दर्शाता है, जो छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के उपनियम-03 एवं उपनियम-07 के प्रतिकूल है। इस कृत्य के लिए संबंधित कर्मचारी छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-10 के अंतर्गत दीर्घशास्ति के भागी हैं।

  साथ ही छत्तीसगढ़ शासन, वित्त विभाग, मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर के पत्र दिनांक 22 मार्च 2018 का उल्लेख करते हुए बताया गया है कि कोई भी शासकीय सेवक यदि तीन वर्ष से अधिक की निरंतर अवधि तक कर्तव्य से अनुपस्थित रहता है, तो उसे शासकीय सेवा से त्यागपत्र दिया हुआ माना जाएगा। इसके अतिरिक्त सामान्य प्रशासन विभाग (नियम शाखा) के दिनांक 14 मई 2024 के पत्र के अनुक्रम में संबंधित शिक्षकों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के प्रावधानों के तहत सेवा से हटाने अथवा सेवा से पदच्युत किए जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

           जिला शिक्षा अधिकारी ने निर्देशित किया है कि संबंधित सभी शिक्षक एवं कर्मचारी अंतिम कारण बताओ नोटिस की प्राप्ति के सात दिवस के भीतर अपना प्रतिउत्तर उचित माध्यम से कार्यालय में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें। निर्धारित समय-सीमा में अथवा समाधानकारक प्रतिउत्तर प्राप्त नहीं होने की स्थिति में नियमानुसार सेवा से हटाने अथवा पदच्युत किए जाने की कार्यवाही की जाएगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित कर्मचारी की स्वयं की होगी। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के हितों एवं शैक्षणिक कार्यों की निरंतरता बनाए रखने हेतु अनुशासन सर्वोपरि है और इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

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जिले में निर्माणाधीन सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण पूर्ण कराए जाएं : कलेक्टर अजीत वसंत,हैंडओवर के बाद ही अंतिम किस्त जारी करने सहित निर्माण कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

अंबिकापुर 15 जनवरी 2026/  कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने गुरुवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में जिले के निर्माण विभागों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने  विभिन्न विभागों में कराए जा रहे निर्माणाधीन कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को सभी स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समयावधि में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए पूर्ण करने के निर्देश दिए।

भवन निर्माण कार्य के सम्बन्ध में उन्होंने कहा कि निर्माण पश्चात सम्बंधित संस्था को हैंडओवर करने के बाद ही अंतिम क़िस्त की राशि जारी किया जाएगा। शैक्षणिक संस्थानों के भवन निर्माण कार्य प्राथमिकता के साथ पूर्ण कराएं। उन्होंने मां महामाया एयरपोर्ट में निर्माण एवं सुधार कार्यों की जानकारी ली तथा कहा कि शेष कार्यों की वजह से एयरपोर्ट संचालन में किसी प्रकार की समस्या ना हो, इसलिए गम्भीरता के साथ सभी कार्य समय सीमा में पूर्ण कराएं। उन्होंने डीएमएफ अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की समीक्षा के दौरान कहा कि शेष कार्यों को जल्द पूर्ण करवा लिया जाए। विभाग राशि प्राप्त करने से पूर्व डीएमएफ शाखा से सम्पर्क कर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करवाएं, ताकि किसी प्रकार की समस्या ना हो। स्वीकृत कार्य हेतु विभाग को पहले 50 प्रतिशत राशि दिया जाएगा, शेष राशि कार्य पूर्ण होने पर प्रदान किया जाएगा।निर्माण कार्य के दौरान राजस्व सम्बन्धी विवाद पर एसडीएम एवं तहसीलदार से सम्पर्क कर समस्या सुलझाया जाएं।

     उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए, उन्होंने निर्माण कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होनें कहा कि स्थल विवाद या आबंटन के कारण लंबित कार्यों के बारे में तत्काल अवगत कराएं। सीजीएमएससी अंतर्गत  भवनों में सुरक्षा मानकों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।उन्होंने भू अर्जन सम्बन्धी मामलों के सम्बन्ध में भी विस्तारपूर्वक चर्चा कर आवश्यक दिशा- निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग ध्यान रखें कि जैम पोर्टल से खरीदी में कोई अतिरिक्त नियम या शर्त ना लगाया जाए। उन्होंने नगरीय क्षेत्र अम्बिकापुर अंतर्गत निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधोसंरचना मद अंतर्गत विभिन्न कार्यों की जानकारी लेते हुए कहा कि वर्ष 2024-25 के कार्य आगामी 2 से 3 माह में पूर्ण कर लिए जाएं, वहीं 2025-26 के कार्य जल्द प्रारंभ करते हुए छोटे कार्यों को माह अप्रैल-मई तक पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए गए।

     उन्होंने बारिश से पूर्व सड़कों का कार्य पूर्ण कराए जाने कहा। उन्होंने सांसद, विधायक निधि के अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्यों की समीक्षा की तथा समय सीमा में निर्माण कार्य पूर्ण कराने निर्देश दिए। बैठक में लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, जल संसाधन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना, लोक निर्माण विद्युत यांत्रिकी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, आदिम जाति कल्याण विभाग, नगरीय निकाय, सीजीएमएससी सहित अन्य निर्माण संबंधी विभागीय अधिकारियों को अपने-अपने स्तर पर सतत निगरानी रखते हुए निर्माण कार्यों को पूर्ण करने कहा गया। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनय कुमार अग्रवाल, नगर निगम कमिश्नर श्री डी एन कश्यप सहित सम्बंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

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मकर संक्रांति के अवसर पर जिला पंचायत सीईओ ने प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला पाकजाम में बच्चों को कराया न्योता भोज


अंबिकापुर 15 जनवरी 2026/  जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनय कुमार अग्रवाल ने गुरुवार को मकर संक्राति के अवसर पर  संकुल केन्द्र बड़ा दमाली के प्राथमिक शाला पाकजाम एवं माध्यमिक शाला पाकजाम के विद्यार्थियों को न्योता भोज कराया। उन्होंने सपरिवार उपस्थित होकर बच्चों के साथ भोजन किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ने प्रेरित किया तथा उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बच्चों को नए वर्ष की डायरी प्रदान की। इस दौरान समग्र शिक्षा के जिला मिशन समन्वयक सर्वजीत कुमार पाठक एवं विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयक संजीव भारती सहित शिक्षक उपस्थित रहे।

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40 बोरी धान गबन मामले में दुकानदार पर एफआईआर दर्ज,धान खरीदी व्यवस्था में गड़बड़ी पर प्रशासन सख्त

रायगढ़, 15 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी और किसान हितैषी बनाने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। धान खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता, अवैध भंडारण या कालाबाजारी को रोकने के उद्देश्य से जिला प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर तहसील धर्मजयगढ़ अंतर्गत ग्राम चरखापारा स्थित ओम ट्रेडर्स दुकान के संचालक के विरुद्ध जप्त धान का गबन करने पर आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया है।
                प्राप्त जानकारी के अनुसार, 20 नवम्बर 2025 को तहसीलदार द्वारा ओम ट्रेडर्स में औचक निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान दुकान से 60 बोरी अवैध धान पाया गया, जिसे विधिवत जप्त कर दुकान संचालक राजू राठिया को सुपुर्दगी में सौंपा गया था। जप्त धान की सुरक्षित रख-रखाव एवं देखभाल की जिम्मेदारी आरोपी को सौंपते हुए बंधपत्र भी भरवाया गया था। इसके पश्चात 30 दिसम्बर 2025 को तहसीलदार एवं एसडीएम धरमजयगढ़ द्वारा पुनः दुकान की जांच की गई। जांच में पाया गया कि जप्त 60 बोरी धान में से केवल 20 बोरी धान शेष है, जबकि 40 बोरी धान मौके से गायब पाई गई।
            पूछताछ के दौरान दुकान संचालक राजू राठिया ने स्वीकार किया कि उसने सुपुर्दगी में दिए गए 40 बोरी धान को स्वयं के खाते में विक्रय कर दिया है, जो कि शासकीय आदेशों एवं जप्ती की शर्तों का स्पष्ट उल्लंघन है। मामले को गंभीर मानते हुए आरोपी राजू राठिया के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(2) के अंतर्गत एफआईआर दर्ज की गई है। प्रकरण में विधिवत जांच की कार्यवाही जारी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध धान खरीदी-विक्रय अथवा जप्त सामग्री के दुरुपयोग पर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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जिले में 65 संस्थानों को POSH ACT अधिनियम के उल्लंघन पर जारी की गई अंतिम सूचना,उल्लंघन पर 50 हजार रुपये तक का अर्थदंड

रायगढ़, 15 जनवरी 2026/ महिलाओं के कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध, प्रतितोष) अधिनियम, 2013 ( POSH ACT  2013) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला रायगढ़ में श्रम विभाग ने कड़ी कार्यवाही शुरू कर दी है। इसी क्रम में जिले के 65 अशासकीय संस्थानों को नोटिस जारी किया गया है, जहां 10 या अधिक श्रमिक कार्यरत हैं, लेकिन आंतरिक शिकायत समिति का गठन नहीं किया गया और She-Box पोर्टल पर ऑनबोर्डिंग नहीं की गई।
           नोटिस के माध्यम से संबंधित संस्थानों को निर्धारित समय-सीमा में आंतरिक शिकायत समिति का गठन कर She-Box पोर्टल पर ऑनबोर्डिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिनियम की धारा 4 के अनुसार समिति में एक वरिष्ठ महिला अधिकारी (पीठासीन अधिकारी), दो महिला कर्मचारियों के प्रतिनिधि और एक एनजीओ सदस्य होना अनिवार्य है। सहायक श्रमायुक्त रायगढ़ ने स्पष्ट रुप से कहा है कि समय-सीमा में अनुपालन न होने की स्थिति में POSH Act, 2013 की धारा 26 के तहत 50 हजार रुपये तक का अर्थदंड लगाया जा सकता है। प्रशासन ने सभी शासकीय एवं निजी संस्थानों से अपील की है कि वे कानून का पालन करते हुए कार्यस्थल पर महिलाओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित करें।

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पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र से मिलेंगी पासपोर्ट संबंधी सभी सुविधाएं

रायगढ़, 15 जनवरी 2026/ अब नागरिकों को पासपोर्ट बनवाने अथवा उससे संबंधित कार्यों के लिए दूर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। विदेश मंत्रालय एवं संचार मंत्रालय, भारत सरकार के समन्वय से रायगढ़ में पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र के माध्यम से पासपोर्ट से जुड़ी सभी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।
    अधीक्षक डाकघर रायगढ़ संभाग सभी नागरिकों से कहा कि अपने पासपोर्ट आवेदन, नवीनीकरण एवं अन्य संबंधित सेवाओं के लिए नजदीकी पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र, प्रधान डाकघर रायगढ़ में संपर्क कर सकते हैं। इस केंद्र के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया को सरल, सुलभ एवं समयबद्ध बनाया गया है, जिससे आमजन को सुविधा मिल सके। नागरिकों से अपील है कि वे भारत सरकार द्वारा संचालित इस सेवा का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपने पासपोर्ट संबंधी सभी कार्यों के लिए प्रधान डाकघर रायगढ़ स्थित पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र का उपयोग करें।

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