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धान खरीदी में भारी अनियमितता का खुलासा, कुन्दीकला उपार्जन केंद्र से 888 क्विंटल धान गायब, समिति प्रबंधक व कम्प्यूटर ऑपरेटर पर एफआईआर दर्ज


अंबिकापुर 19 जनवरी 2026/  समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा निरंतर निगरानी की जा रही है। धान खरीदी में अनियमितता बरतने वालों पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई जारी है।इसी कड़ी में कलेक्टर श्री अजीत वसंत के निर्देश पर धान उपार्जन केंद्र कुन्दीकला में भौतिक सत्यापन में 888.40 क्विंटल धान में कमी पाए जाने पर समिति प्रबंधक दिलीप यादव एवं कम्प्यूटर ऑपरेटर गोविन्द बेहरा पर एफआईआर दर्ज कराई गई है।

प्राप्त जानकारी के 18 जनवरी 2026 को धान उपार्जन केन्द्र कुन्दीकला में धान के स्टॉक का भौतिक सत्यापन जिला खाद्य अधिकारी, जिला विपणन अधिकारी एवं नोडल अधिकारी स्टेट वेयर हाउस द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। भौतिक सत्यापन के दौरान उपार्जन केन्द्र में कुल 2221 बोरी (888.40 क्विंटल) धान की कमी पायी गई। धान खरीदी में लापरवाही पर धान उपार्जन केन्द्र कुंदीकला के समिति प्रबंधक दिलीप यादव एवं कम्प्यूटर ऑपरेटर गोविंद बेहरा के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासन की धान उपार्जन एवं मिलिंग व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही अथवा गड़बड़ी को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। भविष्य में भी ऐसे निरीक्षण एवं जांच अभियान निरंतर जारी रहेंगे, ताकि कृषकों के हितों की पूर्णतः रक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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उल्लास मेला एवं अंतिम महापरीक्षा की तैयारियों को लेकर संभागीय स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित

अंबिकापुर 19 जनवरी 2026/  सरगुजा संभाग में वयस्क साक्षरता को गति देने तथा 26 जनवरी 2026 को आयोजित होने वाले उल्लास मेला और मार्च 2026 में प्रस्तावित अंतिम महापरीक्षा की तैयारियों को लेकर आज सरगुजा संभाग के संभागीय संयुक्त संचालक कार्यालय में संभागस्तरीय बैठक आयोजित की गई।

बैठक में सरगुजा संभाग के समस्त जिला शिक्षा अधिकारी, डायट प्राचार्य, जिला मिशन समन्वयक, जिला परियोजना अधिकारी (साक्षरता), विकासखंड शिक्षा अधिकारी, विकासखंड स्त्रोत समन्वयक, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं विकासखंड परियोजना अधिकारी (साक्षरता) उपस्थित रहे।

  बैठक का मुख्य एजेंडा 26 जनवरी 2026 को प्रत्येक ग्राम पंचायत में आयोजित होने वाले उल्लास मेला की तैयारियों तथा 15 वर्ष से अधिक आयु के असाक्षरों के ऑनलाइन सर्वे और मार्च 2026 में आयोजित अंतिम महापरीक्षा की रणनीति तय करना रहा।

बैठक को संबोधित करते हुए संभागीय संयुक्त संचालक श्री संजय गुप्ता ने कहा कि 26 जनवरी को प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्राम प्रभारी के नेतृत्व में नव साक्षरों एवं स्वयंसेवकों द्वारा उल्लास मेला आयोजित किया जाएगा। मेले में विभिन्न शैक्षणिक एवं जीवन कौशल आधारित स्टॉल लगाए जाएंगे, जिनका संचालन स्वयं नव साक्षर एवं स्वयंसेवक करेंगे। उन्होंने बताया कि मेला प्रातः 10ः30 बजे से सायं 5ः00 बजे तक आयोजित किया जाएगा।

      संयुक्त संचालक श्री गुप्ता ने कहा कि राज्य शासन की मंशा है कि वर्ष 2026 तक छत्तीसगढ़ को पूर्ण साक्षर राज्य बनाया जाए। इसी लक्ष्य के अनुरूप सरगुजा संभाग का भी उद्देश्य है कि मार्च 2026 तक संभाग को पूर्ण साक्षर घोषित किया जा सके। इसके लिए राज्य के निर्देशानुसार 15 वर्ष से अधिक आयु के सभी असाक्षरों का सर्वे 30 जनवरी 2026 तक पूर्ण किया जाना अनिवार्य है।

उन्होंने बताया कि सर्वे के पश्चात उल्लास प्रवेशिका के माध्यम से शिक्षार्थियों को 200 घंटे का अध्ययन कराया जाएगा तथा मार्च 2026 में आयोजित अंतिम महापरीक्षा में सम्मिलित कर उन्हें सफल बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि महापरीक्षा एक व्यापक अभियान है, जिसे सभी के सहयोग, सतत निगरानी एवं व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से ही सफल बनाया जा सकता है।

संयुक्त संचालक ने निर्देश दिए कि संभाग के सभी जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मिशन समन्वयक, जिला परियोजना अधिकारी एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी अपने-अपने स्तर पर शीघ्र बैठक आयोजित कर सर्वे कार्य प्रारंभ कराएं तथा सर्वे के पश्चात निरंतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें।

  इस अवसर पर जिला परियोजना अधिकारी (साक्षरता) श्री गिरीश गुप्ता ने बताया कि इस वर्ष आयोजित होने वाली महापरीक्षा में कक्षा 9वीं एवं 11वीं के विद्यार्थी, जो स्वयंसेवक के रूप में कार्य करेंगे, उन्हें भी बोनस अंक प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उल्लास मेला प्रत्येक ग्राम पंचायत के चयनित विद्यालयों में ही आयोजित किया जाएगा।

बैठक में उपस्थित राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स ने उल्लास मेला एवं अंतिम महापरीक्षा से संबंधित प्राप्त प्रशिक्षण की जानकारी साझा की तथा आयोजन की रूपरेखा पर मार्गदर्शन दिया।

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रिजनल कनेक्टीविटी योजना घरेलू एयरपोर्ट अम्बिकापुर हेतु स्वीकृत 04 नवीन संविदा पद पर भर्ती हेतु पात्रता सूची जारी, 23 जनवरी तक दावा आपत्ति आमंत्रित


अंबिकापुर 19 जनवरी 2026/  राज्य शासन द्वारा रिजनल कनेक्टीविटी योजना/घरेलू एयरपोर्ट अम्बिकापुर हेतु स्वीकृत 04 नवीन पदों (संविदा पद) पर भर्ती हेतु  प्राप्त आवेदन पत्रों के आधार पर निर्धारित शैक्षणिक योग्यता एवं अहर्ताओं के प्रारंभिक परीक्षण के बाद पात्रतानुसार प्रारंभिक पात्रता सूची एवं अपात्रता सूची का प्रकाशन किया गया है। जिसमें चीफ सिक्योरिटी के पदों की संख्या 01 के विरुद्ध प्राप्त 40 आवेदनों में प्रारंभिक पात्र 13,  असीस्टेंट एक्सिक्यूटिव के रिक्त 01 पद के विरुद्ध  प्राप्त 61 आवेदनों में से प्रारंभिक पात्र 01, अकाउंटेंट के 01 पद पर प्राप्त 28 आवेदनों में से प्रारंभिक पात्र 06 तथा असीस्टेंट ग्रेड-3 पदों के 01 पद पर प्राप्त 321 आवेदन में प्रारंभिक पात्र 147 हैं।

मां महामाया एयरपोर्ट के नोडल अधिकारी ने बताया कि विस्तृत जानकारी कार्यालय के सूचना पटल के साथ साथ जिले के आधिकारिक वेबसाईट   www.surguja.gov.in  में देखा जा सकता है। प्रकाशित किये जा रहे प्रारंभिक पात्रता सूची एवं अपात्रता सूची पर दावा/आपत्ति  23 जनवरी 2026 तक कार्यालय माँ महामाया एयरपोर्ट अम्बिकापुर में स्वयं उपस्थित होकर या ईमेल  info.veapambikapur@gmail.com  पर कार्यालयीन समयावधि में प्रस्तुत कर सकते हैं।

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नवीन पाठ्यपुस्तक से विज्ञान शिक्षण में नवाचार की नई शुरुआत, मनोरा में शिक्षकों को मिला आधुनिक पाठ्यक्रम का गहन प्रशिक्षण


 मनोरा 19 जनवरी 26
शिक्षा विभाग एवं जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान जशपुर के निर्देशन में नवीन पाठ्यपुस्तक विज्ञान विषय पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन विकासखंड श्रोत केन्द्र के प्रशिक्षण कक्ष में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य नवीन पाठ्यक्रम के अनुरूप विज्ञान शिक्षण को रोचक, गतिविधि-आधारित एवं दक्षता-केंद्रित बनाना रहा।
          प्रशिक्षण के दौरान नवीन पाठ्यपुस्तक की आवश्यकता व महत्व, एनईपी 2020, कॉम्पिटेंसी फोकस्ड लर्निंग, लर्निंग आउटकम, ब्लूम टैक्सनॉमी, प्रश्न निर्माण, आकलन, अनुभवात्मक शिक्षण, कला शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा, योग एवं खेल जैसे विषयों पर समेकित रूप से चर्चा की गई। विज्ञान के विभिन्न अध्यायों को गतिविधियों के माध्यम से प्रस्तुत कर शिक्षण को अधिक व्यावहारिक, प्रभावी एवं छात्र-केंद्रित बनाने पर विशेष बल दिया गया। साथ ही शिक्षा विभाग की योजनाओं, मापन एवं चुंबक जैसे अध्यायों तथा विद्यार्थियों में नवाचार एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने पर भी जोर दिया गया।
         इस अवसर पर बीईओ श्री तरुण पटेल ने शिक्षकों से आह्वान किया कि प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान एवं गतिविधियों को कक्षा शिक्षण में प्रभावी रूप से लागू करें तथा सतत आकलन के माध्यम से विद्यार्थियों की प्रगति सुनिश्चित करें। वहीं बीआरसी श्री आशुतोष शर्मा ने विज्ञान विषय में प्रयोगात्मक एवं गतिविधि-आधारित शिक्षण को प्राथमिकता देने तथा प्रश्न निर्माण में अवधारणात्मक स्पष्टता रखने के निर्देश दिए। यह प्रशिक्षण  ओमप्रकाश चौधरी डीआरजी, श्री सत्यदीप प्रसाद एमटी  सरोज एक्का एमटी एवं चंद्रशेखर भगत शिक्षक के सक्रिय सहयोग से सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
        प्रशिक्षण में उपस्थित सभी प्रतिभागी शिक्षकों ने सक्रिय सहभागिता की एवं प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताया। सभी प्रशिक्षार्थियों को प्रमाण पत्र वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।

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इतिहास रचा सरगुजा जिला : बास्केटबॉल संघ की बेटियों ने, संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय पहली बार ऑल इंडिया चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई,

अंबिकापुर 18 जनवरी 2026/  सरगुजा जिले के लिए यह पल गर्व और उत्साह से भरा है। संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय, सरगुजा की महिला बास्केटबॉल टीम ने ईस्ट ज़ोन इंटर यूनिवर्सिटी बास्केटबॉल प्रतियोगिता में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए पहली बार ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी बास्केटबॉल चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई कर लिया है। यह उपलब्धि पूरे सरगुजा जिले के खेल इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गई है। विश्वविद्यालय की इस ऐतिहासिक टीम में सरगुजा जिला बास्केटबॉल संघ के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों मेहनत आज रंग लाई।

राष्ट्रीय कोच राजेश प्रताप सिंह ने बताया कि इससे पूर्व भी यह टीम राज्य स्तरीय महिला बास्केटबॉल प्रतियोगिता में विजेता रही है और उसी लय को टीम ने इंटर यूनिवर्सिटी स्तर पर भी कायम रखा। लगातार जीत से बना दबदबा प्रतियोगिता में टीम ने शुरुआत से ही अपने इरादे स्पष्ट कर दिए थे। सरगुजा जिला बास्केटबॉल संघ से विश्वविद्यालय के टीम में प्रज्ञा मिश्रा, रिविका लकड़ा, रिमझिम, साक्षी, प्रिया जयसवाल, सुष्मिता, प्रियंका पैकरा,संसिता, रागिनी, प्रीति,नेहा, आकांक्षा शामिल रही। यह संघ के लिए काफी बड़ी उपलब्धि है। सरगुजा की बेटियों की मेहनत, संघर्ष और सपनों की ऐतिहासिक उड़ान है। जिसने पूरे देश में विश्वविद्यालय और जिले का नाम रोशन किया है।

तकनीकी कोच रजत सिंह ने बताया कि पहले मुकाबले में सिक्किम मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी विश्वविद्यालय को 50दृ04 के बड़े अंतर से पराजित किया।

दूसरे मैच में पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, पटना को 45दृ05 से शिकस्त देकर टीम ने अपनी मजबूती साबित की। दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय गोरखपुर को 55-35 के स्कोर से पराजित किया।क्वालीफाइंग
क्वालीफाइंग मुकाबला उत्कल यूनिवर्सिटी भुवनेश्वर के विरुद्ध खेला गया, जिसमें संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय की टीम ने दमदार खेल दिखाते हुए 53दृ30 के स्कोर से शानदार जीत दर्ज की और ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी बास्केटबॉल चैंपियनशिप का टिकट पक्का कर लिया।
टीम के साथ कोच रजत सिंह और प्रबंधन के रूप में एस. एस. अली, राधा खलखो उपस्थित हैं।

जिले में उत्सव का माहौल
इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद सरगुजा जिला बास्केटबॉल संघ के पदाधिकारियों एवं सदस्यों में जबरदस्त हर्ष और उत्साह का माहौल है। संघ परिवार ने पूरी टीम, महाविद्यालय और  विश्वविद्यालय प्रबंधन को बधाई दिया

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शहरी मार्गों के तत्काल सुधार एवं मजबूतीकरण हेतु वन टाईम इम्प्रूवमेंट योजना को मिली मंजूरी


अम्बिकापुर 18 जनवरी 2026/   शहरी यातायात को सुगम एवं सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से अम्बिकापुर एवं सीतापुर शहरी भाग में प्रमुख मार्गों के तत्काल सुधार हेतु वन टाईम इम्प्रूवमेंट (ओ.टी.आई.) योजना के अंतर्गत कार्य स्वीकृत किए गए हैं।

लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राज्यमार्ग अधिकारी ने बताया कि परियोजना के तहत अम्बिकापुर शहरी क्षेत्र में रेलवे स्टेशन के पास से गांधी चौक होते हुए देवीगंज रोड, सदर रोड से खरसियां चौक तक डामरीकरण तथा खरसिया चौक से दरिमा मोड़ तक सी.सी. रोड निर्माण एवं मध्य में दो पुलियों का निर्माण प्रस्तावित है।

वर्तमान में सिलफिली, अम्बिकापुर, सीतापुर, पत्थलगांव, कांसाबेल एवं कुनकुरी के शहरी भागों में बी.टी. पैच रिपेयर के माध्यम से सड़क मरम्मत कार्य सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, रायपुर की नवीनी परियोजना एस.टी.एम.सी. के अंतर्गत कराया जा रहा है। इसके लिए कुल 7.24 करोड़ रुपये की निविदा स्वीकृत की गई है, जिसमें से 5.32 करोड़ रुपये की राशि से आगामी 12 माह तक समस्त शहरी भागों का संधारण किया जाना है।

प्रकाशित समाचार दिनांक 15.01.2026 के अनुसार देवीगंज रोड में संधारण कार्य किया गया था। दिनांक 19.12.2025 की घटना के पश्चात ठेकेदार को दिन के समय मरम्मत कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। वर्तमान में सिलफिली में पैच रिपेयर पूर्ण होने के पश्चात अम्बिकापुर शहरी क्षेत्र में शेष अथवा नव-निर्मित पॉटहोल्स की मरम्मत कराई जाएगी।

यह स्पष्ट किया गया है कि संबंधित संभाग में समस्त कार्य सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की स्वीकृति के अंतर्गत ही किए जाते हैं। राज्य अथवा केंद्रीय मद से अलग से कोई अतिरिक्त राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण अन्य मदों से कार्य कराना संभव नहीं है।

इसी क्रम में अम्बिकापुर-सीतापुर शहरी भाग के मजबूतीकरण हेतु ओ.टी.आई. योजना अंतर्गत महत्वपूर्ण कार्य प्रस्तावित किए गए हैं। प्रस्तावित खंड में अम्बिकापुर शहरी भाग कि.मी. 375.600 से 385.700 तक कुल 10.10 कि.मी. तथा सीतापुर शहरी भाग कि.मी. 433.850 से 437.670 तक कुल 3.82 कि.मी. लंबाई सम्मिलित है।

परियोजना की कुल लागत 44.82 करोड़ रुपये स्वीकृत की गई है, जिसकी स्वीकृति दिनांक 17.10.2025 को प्राप्त हुई है। कार्य हेतु 41.99 करोड़ रुपये की निविदा आमंत्रित की गई है, जिसकी निविदा तिथि 21.01.2026 निर्धारित है।

इन कार्यों के पूर्ण होने से शहरी मार्गों की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार होगा तथा नागरिकों को आवागमन में सुविधा प्राप्त होगी।

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दुर्गम लकरालता पारा में नियमित स्वास्थ्य सेवाएं पारा भ्रमण एवं स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से स्थानीय नागरिकों को मिल रहा स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ

अम्बिकापुर 18 जनवरी 2026/  दुर्गम एवं पहाड़ी क्षेत्र में स्थित लकरालता पारा से संबंधित समाचारों के संबंध में स्वास्थ्य विभाग ने तथ्यात्मक जानकारी साझा करते हुए क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों को प्रमुख कारण बताया है।

मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि ग्राम पंचायत भारतपुर के अंतर्गत स्थित लकरालता पारा पहाड़ी पर बसा हुआ है, जहां वर्तमान में सड़क एवं वाहन पहुंच की सुविधा उपलब्ध नहीं है। पारा की कुल जनसंख्या 83 है तथा ग्राम पंचायत मुख्यालय से यहां तक पहुंचने के लिए लगभग 6 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है, जिसमें 3 किलोमीटर कच्ची सड़क एवं शेष 3 किलोमीटर पगडंडी मार्ग शामिल है। इस दुर्गम स्थिति के कारण चार पहिया वाहन का पारा तक पहुंचना संभव नहीं हो पाता।

दुर्गमता के बावजूद ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाएं निरंतर उपलब्ध कराई जा रही हैं। आयुष्मान आरोग्य मंदिर गेरसा का स्वास्थ्य दल प्रत्येक 15 दिवस में पारा भ्रमण एवं स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से स्थानीय नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करता है। गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी करते हुए संभावित प्रसव तिथि से पूर्व उन्हें सुरक्षित स्वास्थ्य संस्थानों में भर्ती कराया जाता है, जबकि प्रथम प्रसव एवं हाई रिस्क मामलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सीतापुर में उपचार एवं प्रसव सुविधा दी जाती है।

दिनांक 30 दिसंबर 2025 को लकरालता निवासी श्री सुरेन्द्र तिर्की (45 वर्ष) की तालाब में डूबने से आकस्मिक मृत्यु हो गई थी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पारा तक वाहन मार्ग न होने के कारण शव को सीधे वाहन से ले जाना संभव नहीं था। परिणामस्वरूप परिजनों द्वारा शव को खाट के माध्यम से नीचे समतल क्षेत्र तक लाया गया, जहां से वाहन द्वारा पोस्टमार्टम हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सीतापुर पहुंचाया गया।
स्वास्थ्य विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह घटना स्वास्थ्य सेवाओं की अनुपलब्धता से नहीं, बल्कि क्षेत्र की भौगोलिक विषमताओं के कारण उत्पन्न परिस्थितियों से जुड़ी है। विभाग द्वारा जिला प्रशासन को वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए आवश्यक तथ्यों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया है।

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युवाओं को अध्ययन, करियर मार्गदर्शन और प्रेरणा देने “युवा उड़ान 2026” का आयोजन

अंबिकापुर 18 जनवरी 2026/  सरगुजा अंचल के युवाओं को अध्ययन, करियर मार्गदर्शन एवं जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देने के उद्देश्य से “युवा उड़ान 2026” कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह विशेष आयोजन 22 जनवरी 2026 को प्रातः 11 बजे, कलाकेंद्र मैदान, अम्बिकापुर में आयोजित होगा।

कार्यक्रम में देश के प्रतिष्ठित व्यक्तित्व युवाओं से सीधे संवाद करेंगे। प्रख्यात गणितज्ञ, शिक्षाविद और ’सुपर 30’ के संस्थापक पद्मश्री सम्मानित श्री आनंद कुमार, साथ ही विश्वविख्यात लेखक श्री नीलोत्पल मृणाल युवाओं को अपने अनुभव साझा करते हुए शिक्षा, करियर चयन, संघर्ष और सफलता के मार्ग पर मार्गदर्शन देंगे। आयोजन में स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरित युवा शक्ति को राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनाने का संदेश दिया जाएगा।

युवा उड़ान 2026 का उद्देश्य सरगुजा के युवाओं में आत्मविश्वास का संचार करना, उन्हें लक्ष्य निर्धारण, करियर विकल्पों की समझ तथा सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है। कार्यक्रम “विकसित सरगुजा, विकसित छत्तीसगढ़, विकसित भारत” की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

इस कार्यक्रम का आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किया जा रहा है। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, युवाओं एवं अभिभावकों की सहभागिता की अपेक्षा है। जिले के समस्त युवाओं से इस प्रेरणादायी कार्यक्रम में सहभागी बनकर लाभ उठाने की अपील की है।

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सरकारी संवेदनशीलता की मिसाल : रायगढ़ के 117 आदिवासी छात्रावासों में 5027 बच्चों को मिला ठंड से सुरक्षा का कवच, बिना नया बजट खर्च किए बांटे गए गर्म स्वेटर

रायगढ़, 18 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन और अंत्योदय की सोच को जमीन पर उतारते हुए रायगढ़ जिला प्रशासन ने एक संवेदनशील और अनुकरणीय पहल की है। सुदूर वनांचल क्षेत्रों में संचालित आदिम जाति कल्याण विभाग के छात्रावासों और आश्रमों में अध्ययनरत बच्चों को कड़ाके की ठंड से बचाने के लिए किसी नए बजट का इंतजार नहीं किया गया, बल्कि उपलब्ध संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग से 5027 बच्चों को गर्म स्वेटर उपलब्ध कराए गए। यह पहल बताती है कि जब नीति में मानवता और नीयत में सेवा हो, तो छोटे फैसले भी बड़े बदलाव ला सकते हैं।
                जिले में पड़ रही कड़ाके की ठंड को देखते हुए कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने निर्देश दिए कि प्री-मैट्रिक छात्रावासों में शिष्यावृत्ति राशि से बची हुई रकम का उपयोग बच्चों की तत्काल आवश्यकताओं के लिए किया जाए। इस बचत राशि का उपयोग ठंड से बचाव हेतु स्वेटर वितरण में करने का निर्णय लिया गया, जो प्रशासन की संवेदनशीलता को दर्शाता है। कलेक्टर की इस पहल के तहत जिले के 117 आदिवासी छात्रावासों एवं आश्रमों में रहने वाले 5027 बच्चों को गर्म एवं गुणवत्तापूर्ण स्वेटर वितरित किए गए। यह पहल केवल कपड़ों के वितरण तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसके माध्यम से बच्चों को यह विश्वास दिलाया गया कि शासन और प्रशासन उनकी चिंता करता है। ठंड से राहत मिलने के बाद बच्चों की उपस्थिति में वृद्धि हुई है और उनकी पढ़ाई पहले की तुलना में अधिक नियमित हुई है। स्वेटर पाकर बच्चों के चेहरों पर मुस्कान खिल उठी। सभी बच्चों ने इस संवेदनशील पहल के लिए शासन और प्रशासन का हृदय से धन्यवाद किया।
            मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा परिकल्पित अंत्योदय और सुशासन की अवधारणा का यह पहल जीवंत उदाहरण है। बिना अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाले, उपलब्ध संसाधनों का सही प्रबंधन कर बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया गया। आज रायगढ़ के छात्रावासों व आश्रमों में बच्चों के कंधों पर ठंड का बोझ नहीं, बल्कि प्रशासनिक संवेदना की गर्माहट है। यह पहल साबित करती है कि सुशासन का असली अर्थ इमारतों में नहीं, बल्कि बच्चों की मुस्कान में दिखाई देता है।

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बालक प्राथमिक शाला आश्रम गिरला में सेवा, संस्कार और संवेदना का संगम — बाबा भगवान राम ट्रस्ट ने बच्चों को बांटे गर्म कपड़े, राष्ट्रगान के साथ गूंजा भारत माता का जयघोष, 41 बच्चों के चेहरों पर लौटी मुस्कान

जशपुर 18 जनवरी 26
ठंड के मौसम में नन्हे बच्चों को सर्दी से राहत देने और सेवा भाव का संदेश देने के उद्देश्य से बाबा भगवान राम ट्रस्ट सोगड़ा, जशपुर एवं श्री सर्वेश्वरी समूह महिला संगठन जशपुर द्वारा रविवार 18 जनवरी 2026 को बालक प्राथमिक शाला आश्रम गिरला में एक प्रेरणादायी सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम बाबा भगवान राम ट्रस्ट के वर्तमान अध्यक्ष पूज्यपाद बाबा गुरूपद संभव राम जी के निर्देशन में संपन्न हुआ, जिसमें आश्रम के 41 बच्चों को ऊनी टोपी, स्वेटर, मोजे एवं बिस्किट वितरित किए गए।

कार्यक्रम का शुभारंभ ट्रस्ट के संस्थापक अध्यक्ष परम पूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी के चित्र पर विधिवत पूजन-अर्चन कर किया गया। इसके पश्चात ट्रस्ट के ट्रस्टी श्री कृष्ण कुमार (टप्पू जी) द्वारा बच्चों को गर्म वस्त्र प्रदान कर वितरण कार्य का प्रारंभ किया गया। बाद में श्री सर्वेश्वरी समूह महिला संगठन की सदस्यों ने भी बच्चों को प्रेमपूर्वक सामग्री वितरित की।

आश्रम प्रांगण में उपस्थित सभी बच्चों, शिक्षकों, प्रधान पाठक एवं संगठन के सदस्यों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान गाया और “भारत माता की जय” के नारों से वातावरण को देशभक्ति से ओतप्रोत कर दिया।

कार्यक्रम की भूमिका रखते हुए श्री कमल दूबे ने ट्रस्ट अध्यक्ष पूज्यपाद गुरूपद संभव राम जी बाबा द्वारा प्रारंभ किए गए सेवा कार्यक्रमों के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े बच्चों तक सहायता पहुंचाना ही इस अभियान का मुख्य लक्ष्य है।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने, अनुशासन का पालन करने तथा अपने जीवन के लक्ष्य को पहचान कर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी गई। सभी बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया।

इस अवसर पर महिला संगठन की वरिष्ठ सदस्याएं श्रीमती सरिता श्रीवास्तव, श्रीमती सरिता अखौरी, श्रीमती अर्पिता दूबे, श्रीमती रंजिता सांरगी, श्रीमती पूनम दूबे, श्रीमती सीमा सिंह, श्रीमती अंजू सिन्हा, श्रीमती अनुपमा सिंह, श्रीमती अनिमा मिश्रा, श्रीमती अनामिका सिन्हा, श्रीमती स्नेहा उपाध्याय, श्रीमती नेहा पाण्डेय, श्रीमती लक्ष्मीप्रिया सिंह, श्रीमती निशा सिंह एवं सौम्या सुरभि सहित बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम को सफल बनाने में  कमल दूबे एवं  प्रवीण सिन्हा का विशेष योगदान रहा। वहीं प्राथमिक शाला आश्रम गिरला के प्रधान पाठक श्री गोवर्धन बड़ाईक, सहायक शिक्षिका दीपिका गुप्ता, आश्रम अधीक्षिका सुमंती खाखा एवं सेवानिवृत्त शिक्षक श्री सेवाराम का भी उल्लेखनीय सहयोग रहा।

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शिक्षकीय गरिमा को नमन: संकुल स्तर पर दो वरिष्ठ प्रधान पाठकों की भावभीनी विदाई, सेवा समर्पण और संस्कारों से भरा रहा शिक्षकीय सफर


जशपुर नगर18 जनवरी26

जशपुर जिले के संकुल अंतर्गत आज शासकीय प्राथमिक शाला सरनाटोली की प्रधान पाठक श्रीमती कमला भगत एवं शासकीय प्राथमिक शाला तेलीटोली के प्रधान पाठक श्री देवकुमार भगत की संकुल स्तर पर गरिमामय एवं भावभीनी विदाई समारोह आयोजित किया गया।

इस अवसर पर श्री देवकुमार भगत स्वास्थ्य कारणों से कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके, जिसके चलते संकुल के शिक्षकों द्वारा उनके निवास पर जाकर उनसे भेंट की गई और सम्मान प्रकट किया गया।
श्रीमती कमला भगत एक सरल, मृदुभाषी एवं कर्तव्यनिष्ठ शिक्षिका के रूप में जानी जाती हैं। उन्होंने अपने शिक्षकीय जीवन की शुरुआत छिंदवाड़ा जिले के जमुई ब्लॉक स्थित शासकीय प्राथमिक शाला पुंडरयीकून से की, जहां उन्होंने 7 वर्षों तक सेवा दी। इसके पश्चात वे छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के शासकीय प्राथमिक शाला कदमटोली में वर्ष 1988 से 21 वर्षों तक सेवाएं देती रहीं। वर्ष 2009 में प्रधान पाठक के पद पर पदोन्नत होकर उन्होंने शासकीय प्राथमिक शाला सरनाटोली में कार्यभार ग्रहण किया और 31 दिसंबर 2024 को सेवानिवृत्त हुईं। अपने पूरे कार्यकाल में वे सतत पालक संपर्क, बच्चों के प्रति अपनत्व एवं समर्पण के लिए विशेष रूप से सराही गईं।
श्री देवकुमार भगत ने 30 जून 1993 को शासकीय प्राथमिक शाला सिटोंगा में सहायक शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं प्रारंभ कीं। वर्ष 1993 से 2010 तक सहायक शिक्षक के रूप में कार्य करने के बाद वर्ष 2010 से 30 जून 2025 तक शासकीय प्राथमिक शाला टेलीटोली में प्रधान पाठक के पद पर कार्यरत रहे और सेवानिवृत्त हुए। सीएसी ज्योति सिन्हा ने उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
समारोह में श्रीमती कमला भगत ने भावुक शब्दों में कहा कि विभागीय विदाई मिलने तक वे स्वयं को विद्यालय का ही हिस्सा मानती रहीं। इस अवसर पर दोनों शिक्षकों को साल, श्रीफल, वस्त्र एवं ब्रीफकेस भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में संकुल के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे और दोनों शिक्षकों के दीर्घ, प्रेरणादायी एवं अनुकरणीय सेवाकाल की सराहना की गई।

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चार सूत्रीय मांगों को लेकर शिक्षक फेडरेशन का धरना, रैली निकालकर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन वेतनमान विसंगति दूर करने सहित चार मांगों पर सरकार से कार्रवाई की अपील

जशपुरनगर 17 जनवरी2026 / चार सूत्रीय मांगों को लेकर शनिवार को सहायक शिक्षक–समग्र शिक्षक फेडरेशन ने संयुक्त रूप से धरना-प्रदर्शन किया। शहर के रणजीता स्टेडियम में आयोजित धरना में जिले के आठों विकासखंडों से बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हुए।

धरना को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अजय गुप्ता ने कहा कि विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान जारी “मोदी की गारंटी” में सहायक शिक्षकों की वेतनमान विसंगति दूर कर समान क्रमोन्नत वेतनमान देने का वादा किया गया था, लेकिन दो वर्ष बीत जाने के बाद भी यह वादा पूरा नहीं हो सका है। उन्होंने बताया कि प्रथम नियुक्ति से सेवा की गणना, एलबी शिक्षकों को समस्त लाभ देने, टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने तथा स्कूलों में ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था समाप्त करने की भी मांग की जा रही है।

जिला उपाध्यक्ष मनोज अम्बस्ट ने कहा कि फेडरेशन का यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में प्रदेश स्तर पर भी धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। यदि इसके बाद भी सरकार द्वारा सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन आगे की रणनीति तय करेगा।

धरना के बाद शिक्षकों ने रणजीता स्टेडियम से रैली निकाली, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंची। वहां मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर आंदोलन समाप्त किया गया।

धरना-प्रदर्शन में जिला संरक्षक मोहम्मद कायम अली, सम्पति साय पैंकरा, भूपेन्द्र खुंटिया, ममता बंजारा, जिला सलाहकार कमला भगत, अजीत सिंह सिदार, सुमन भगत, महासचिव पंकज बेहरा, मेराज अंसारी, रवि गुप्ता, सरस्वती जगत, जिला उपाध्यक्ष मनोज अम्बस्ट, सीमा गुप्ता, सागर प्रसाद यादव सहित फेडरेशन के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।

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कड़ाके की ठंड में जरूरतमंदों की ढाल बने पुष्यमित्र मलतियार, कंबल वितरण कर समाज में संवेदनशीलता और सेवा भाव को किया मजबूत

अंबिकापुर 17 जनवरी 2026 : शहर में पड़ रही कड़ाके की ठंड को देखते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अंबिकापुर में कार्यरत पुष्यमित्र मलतियार ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए अपने व्यक्तिगत खर्च पर जरूरतमंदों एवं छोटे बच्चों को कंबल वितरित किए। इस सराहनीय पहल से ठंड से प्रभावित गरीब, असहाय और बेसहारा लोगों को बड़ी राहत मिली।

कंबल वितरण कार्यक्रम के दौरान पुलिस विभाग से उप निरीक्षक अभय तिवारी, नशा मुक्ति जागरूकता एवं परामर्श केंद्र के जिला संयोजक मंगल पांडे, अनिल मिश्रा, सुनिधि चौहान एवं संतोष विश्वकर्मा ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम का संपूर्ण व्यय पुष्यमित्र मलतियार द्वारा स्वयं वहन किया गया, जो इस सेवा कार्य की निस्वार्थ भावना को दर्शाता है।

स्थानीय नागरिकों ने इस मानवीय पहल की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्य समाज में संवेदनशीलता, सामाजिक दायित्व और मानवीय मूल्यों को मजबूत करते हैं। ठंड के इस कठिन समय में जरूरतमंदों की सहायता करना वास्तव में प्रेरणादायक और अनुकरणीय कदम है।

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वैदिक मंत्रोच्चार, यज्ञ और संस्कारों के बीच सराईपाली में ऐतिहासिक घर वापसी : स्वामी सुमेधानंद वैदिक गुरुकुल में भव्य घर वापसी कार्यक्रम, प्रबल प्रताप सिंह जूदेव की उपस्थिति में 50 से अधिक परिवार पुनः सनातन परंपरा से जुड़े

सराईपाली : 17 जनवरी 2026 : गुरुवार को माँ रूद्रेश्वरी की पावन धरा सराईपाली स्थित स्वामी सुमेधानंद वैदिक गुरुकुल, कटंगपाली में महर्षि दयानंद मठ धर्मार्थ ट्रस्ट एवं समस्त सनातनियों के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित पाँच दिवसीय 'संगीतमय वैदिक श्रीराम कथा एवं विश्व कल्याण महायज्ञ' का भव्य आयोजन में अखिल भारतीय घर वापसी प्रमुख श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव जी ने विधिवत "पैर पखारकर" श्रद्धा, भक्ति एवं वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ 50 परिवार से अधिक अर्थात् कुल 104 व्यक्तियों की पुनः सनातन धर्म में "घर वापसी" करायी। इस अवसर पर वैदिक परंपराओं के अनुरूप धार्मिक अनुष्ठान एवं संस्कार संपन्न हुए, जिससे पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण निर्मित हो गया।

इस पावन अवसर पर कथा वाचिका विदुषी अंजली आर्या जी,हरियाणा, श्री रविन्द्रदास महाराज जी, यज्ञ के ब्रह्मा डॉ.कमल नारायण आर्य जी, आचार्य राकेश आर्य जी, श्री कपिल शास्त्री जी, श्री ठाकुर राम जी, श्री चतुर्भुज आर्य जी, श्री ऋषि राज जी, श्री मदन अग्रवाल जी,श्रीमती अंजू गावेल जी, श्री रिंकू पाण्डेय जी, श्रीमती एम. लक्ष्मी जी, श्री नंदलाल यादव जी सहित अनेक विद्वान संन्यासी ,संत-महात्मा,आचार्य सहित विभिन्न धार्मिक संगठनों व जनजातीय सामाजिक कार्यकर्ता एवं श्रद्धालुगण उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव जी ने कहा कि *"धर्मांतरण की वजह से पूरे भारत की जनसांख्यिकी बदल रही है। भारत के 800 जिलों में से 200 जिलों में हिन्दू अल्पमत में आ गए हैं। यह राष्ट्र सुरक्षा का गंभीर विषय हैँ क्युकी देश से बड़ा कुछ नहीं होता, देश सुरक्षित होना चाहिए!* *धर्मांतरण देश के लिए सबसे बड़ा खतरा हैँ l* *हिन्दुओं का जनसांख्यिकी परिवर्तन देश के लिए संकट हैँ l"*
*"हम संकल्पित हैँ पिताजी कुमार दिलीप सिंह जूदेव जी के राष्ट्र निर्माण "घर वापसी" अभियान को जीवन पर्यंत आगे हम बढ़ाएंगे"*. 
उन्होंने समाज से एकजुट होकर सनातन संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों की रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया। तथा शांति पाठ के साथ इस कार्यक्रम का समापन हुआ।

इस आयोजन ने न केवल धार्मिक चेतना को जागृत किया, बल्कि सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक पुनर्जागरण एवं राष्ट्रहित के भाव को भी सुदृढ़ किया।

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तमनार विकासखंड के उत्तर रेगांव में हर घर नल जल योजना से खत्म हुई पेयजल की वर्षों पुरानी समस्या

रायगढ़, 17 जनवरी 2026/ भारत सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन: हर घर जल योजना और छत्तीसगढ़ शासन की सक्रिय सहभागिता से जिले के तमनार विकासखंड अंतर्गत ग्राम-उत्तर रेगांव में सुरक्षित पेयजल की समस्या पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। जिला प्रशासन रायगढ़ के प्रभावी क्रियान्वयन और सतत निगरानी के चलते आज गांव के प्रत्येक घर तक नल से शुद्ध पेयजल पहुँच रहा है, जिससे ग्रामीणों के जीवन में अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिल रहा है।
   केंद्र सरकार की नीति, छत्तीसगढ़ शासन की प्रतिबद्धता और जिला प्रशासन रायगढ़ के समन्वित प्रयासों से जल जीवन मिशन अंतर्गत आज उत्तर रेगांव में स्वच्छता, स्वास्थ्य और जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। ग्रामीणों में शासन की योजनाओं के प्रति विश्वास और सहभागिता बढ़ी है। यह मिशन प्यास बुझाने के साथ-साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को मजबूती प्रदान कर रहा है। आज उत्तर रेगांव के ग्रामीण गर्व के साथ कहते हैं-जल जीवन मिशन ने हमारे सपनों को साकार कर दिया है।

*मोहरमती भगत के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव*
ग्राम उत्तर रेगांव की निवासी श्रीमती मोहरमती भगत जल जीवन मिशन की सशक्त हितग्राही बनकर उभरी हैं। योजना से पहले उन्हें प्रतिदिन घरेलू उपयोग के लिए दूर-दराज के जल स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता था। विशेषकर गर्मी के दिनों में पानी की तलाश में लगने वाला समय, श्रम और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता था। जल जीवन मिशन के अंतर्गत उनके घर नल जल कनेक्शन मिलने के बाद अब शुद्ध और सुरक्षित पेयजल घर पर ही उपलब्ध है। श्रीमती भगत बताती हैं कि इससे न केवल समय की बचत हुई है, बल्कि परिवार के स्वास्थ्य में भी सुधार आया है और जलजनित बीमारियों का खतरा काफी हद तक कम हुआ है। आज वे अतिरिक्त समय का उपयोग घरेलू, सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों में कर पा रही हैं।

*महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास की मिसाल बना उत्तर रेगांव*
जल जीवन मिशन के तहत ग्राम उत्तर रेगांव में जल स्रोतों का सुदृढ़ीकरण, पाइपलाइन विस्तार, नल कनेक्शन स्थापना और जल गुणवत्ता की नियमित निगरानी की गई है। इस सुनियोजित क्रियान्वयन ने ग्रामीण महिलाओं को सबसे अधिक राहत दी है, जिन्हें पहले पानी लाने की जिम्मेदारी निभानी पड़ती थी। जल जीवन मिशन केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत में स्थायी परिवर्तन की नींव है।

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इंडिया स्किल काम्पीटिशन 2025: जिला स्तरीय प्रथम लेवल स्क्रीनिंग टेस्ट 21 जनवरी को

रायगढ़, 17 जनवरी 2026/ भारत सरकार द्वारा आयोजित इंडिया स्किल काम्पीटिशन 2025 के तहत छत्तीसगढ़ राज्य के युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तरीय प्रथम लेवल स्क्रीनिंग टेस्ट का आयोजन किया जाएगा। यह परीक्षा 21 जनवरी को ओ.पी. जिंदल यूनिवर्सिटी, पूंजीपथरा, वि.ख. तमनार, जिला-रायगढ़ में आयोजित होगी। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जाएगी। जिसमें प्रथम पाली प्रातः 11 बजे तथा द्वितीय पाली दोपहर 01 बजे होगी। परीक्षा से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए संपर्क मो. नं. 8959719188 पर संपर्क कर सकते है।

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रायगढ़ में जिला स्तरीय महिला खेलकूद प्रतियोगिता का भव्य आयोजन,खेल के माध्यम से निखरी महिला शक्ति, जिला स्तरीय महिला खेलकूद प्रतियोगिता में एथलेटिक्स से लेकर टीम खेलों तक दिखी जबरदस्त प्रतिस्पर्धा

रायगढ़, 17 जनवरी 2026/ महिलाओं की खेल प्रतिभा को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय महिला खेलकूद प्रतियोगिता का भव्य आयोजन रायगढ़ स्टेडियम, बोईरदादर में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ जनपद पंचायत रायगढ़ की अध्यक्ष श्रीमती सुजाता चौहान द्वारा भारत माता एवं छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में खिलाड़ी, प्रशिक्षक एवं खेल प्रेमी उपस्थित रहे।
   जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुजाता चौहान ने कहा कि आज की महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। खेल के माध्यम से न केवल शारीरिक विकास होता है, बल्कि आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का भी विकास होता है। जिला प्रशासन द्वारा महिलाओं के लिए इस प्रकार के आयोजन सराहनीय हैं। हमें गर्व है कि रायगढ़ की बेटियाँ खेल के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए खेल भावना बनाए रखने का संदेश दिया।
           प्रतियोगिता के समापन अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविन्द्र गवेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने कहा कि खेल में हार और जीत तो होती रहती है, लेकिन असली मायने तब आते हैं जब हम हर खेल को खेल भावना के साथ खेलें। यही खेल हमें अनुशासन, धैर्य और आत्मविश्वास सिखाता है। उन्होंने कहा कि जीत या हार से कहीं बढ़कर है आपका जोश, मेहनत और खेल के प्रति आपका समर्पण। उन्होंने विजेता प्रतिभागियों को शील्ड एवं ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया।

*दो आयु वर्गों में आयोजित हुई खेल प्रतियोगिताएं*

जिला स्तरीय महिला खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन 09 से 18 वर्ष एवं 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग की प्रतिभागियों के लिए किया गया। प्रतियोगिता के अंतर्गत एथलेटिक्स (100 मीटर, 400 मीटर, तवा फेंक), खो-खो, बैडमिंटन, वॉलीबॉल, रस्साकसी, हॉकी, कुश्ती, बास्केटबॉल, फुटबॉल एवं वेटलिफ्टिंग जैसे खेलों का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न विकासखंडों से कुल 280 महिला खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी खेल प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
          जिला स्तरीय महिला खेलकूद प्रतियोगिता में 100मी. दौड़ (9-18वर्ष) प्रथम मुस्कान, (रायगढ़), द्वितीय-रीना सिदार (धरमजयगढ़) एवं तृतीय-विनिता सरल(पुसौर) रही। इसी तरह 100मी. दौड़ (18-35वर्ष) प्रथम पुर्णिमा चौहान, (पुसौर), द्वितीय सुहानी साहू  (रायगढ़), तृतीय पुजा नागवंषी(लैलूंगा), 400मी. दौड़ (9-18वर्ष) प्रथम-आकांक्षा खेस, (लैलूंगा), द्वितीय-सारदा सिदा (तमनार) एवं तृतीय रीना बड़ा(धरमजगढ़), 400मी. दौड़ (18-35वर्ष) प्रथम पुर्णिमा चौहान, (पुसौर), द्वितीय सुहानी साहू (रायगढ़), तृतीय रूकमणी पैंकरा (लैलूंगा), तवा फेंक (9-18वर्ष) प्रथम आयुषी भगत (धरमजयगढ़), द्वितीय मनीषा तिग्गा (लैलंगा), तृतीय अनिषा केरकेट्टा(तमनार), तवा फेंक (9-18वर्ष) प्रथम कविता राठिया (धरमजयगढ़), द्वितीय पुजा साहू (रायगढ़), तृतीय भूमिका श्रीवास(खरसिया), कुश्ती (18-35) सुगंधी राठौर (खरसिया) बैडमिंटन एकल (9-18वर्ष) प्रथम उमा प्रिया (तमनार), द्वितीय निधी सिंह (रायगढ़) बैडमिंटन युगल (9-18वर्ष) प्रथम निधी नव्या (रायगढ़), द्वितीय नैना सिफारिन(तमनार), बैडमिंटन एकल (18-35वर्ष) प्रथम अष्लेषा प्रथम(खरसिया), द्वितीय पुजा साहू (रायगढ़), बैडमिंटन युगल (18-35वर्ष) प्रथम पुर्णिमा चौहान एंव सुजाता, बास्केटबॉल (9-18वर्ष) प्रथम वि.खं रायगढ़ बास्केटबॉल (9-18वर्ष) प्रथम वि.खं रायगढ़ रस्साकसी (9-18वर्ष) प्रथम वि.खं खरसिया द्वितीय धरमजयगढ़ रस्साकसी (9-18वर्ष) प्रथम वि.खं खरसिया, द्वितीय लैलूंगा हॉकी (9-18वर्ष) प्रथम वि.खं लैलूंगा द्वितीय वि.खं पुसौर फुटबॉल (9-18वर्ष) प्रथम वि.खं तमनार खो-खो(9-18वर्ष) प्रथम वि.खं लैलूंगा द्वितीय वि.खं पुसौर खो-खो(18-35वर्ष) प्रथम वि.खं लैलूंगा द्वितीय वि.खं खरसिया वॉलीबॉल(9-18वर्ष) प्रथम वि.खं धरमजयगढ़ द्वितीय वि.खं रायगढ़ वॉलीबॉल(18-35वर्ष) प्रथम वि.खं लैलूंगा द्वितीय वि.खं रायगढ़ रहे।
             इस अवसर पर श्री सुकलाल चौहान, श्रीमती पूनम सोलंकी, डिप्टी कलेक्टर श्री धनराज मरकाम, श्री जीवनलाल नायक सहा. क्रीडा अधिकारी रायगढ़, श्री जीतेश्वर प्रधान व्यायाम शिक्षक, श्री शम्मी पुरसेठ व्यायाम शिक्षक उपस्थित रहे।

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जिले में अवैध महुआ शराब के कारोबार पर शिकंजा, आबकारी विभाग ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर 7 लीटर शराब जब्त की

रायगढ़, 17 जनवरी 2026/ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर जिले में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण एवं बिक्री के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में  सहायक आयुक्त आबकारी श्री क्रिस्टोफर खलखो के मार्गदर्शन में आबकारी विभाग की टीम ने अवैध महुआ शराब के खिलाफ एक सघन और प्रभावी कार्रवाई की है। 
             आबकारी विभाग को ग्राम बिंजकोट से अवैध शराब के निर्माण और बिक्री की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत के संज्ञान में लेते हुए विभागीय टीम ने मौके पर छापा मारा और शिवा चौहान के कब्जे से कुल 07 लीटर महुआ शराब बरामद की। बरामद शराब में 05 लीटर क्षमता वाली सफेद रंग की जरीकेन में भरी 05 लीटर और 02 लीटर क्षमता वाली हरी रंग की प्लास्टिक बोतल में भरी 02 लीटर शराब शामिल थी। बरामद शराब का बाजार मूल्य लगभग 1,400 रुपये बताया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल किया गया। इस कार्रवाई में आबकारी उप-निरीक्षक याजेंद्र मेहर और आबकारी मुख्य आरक्षक लालसिंह कंवर का विशेष योगदान रहा।

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