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पुलिस का “ऑपरेशन अंकुश” — ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा और जुआ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, 9 आरोपी अलग-अलग छापों में गिरफ्तार, हजारों की संपत्ति जब्त

     7 अप्रैल, रायगढ़ । एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में जिले में “ऑपरेशन अंकुश” के तहत ऑनलाइन सट्टा और जुआ के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में दिनांक 06.04.2026 को खरसिया एवं कोतवाली पुलिस द्वारा अलग-अलग कार्रवाई करते हुए सट्टा और जुआ के मामलों में आरोपियों को पकड़कर वैधानिक कार्रवाई की गई है।

???? *मोबाइल पर क्रिकेट सट्टा नोट करते किशोर को चौकी खरसिया पुलिस ने पकड़ा — खाईवाल की तलाश जारी*

           चौकी प्रभारी खरसिया निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस को सूचना मिली थी कि खरसिया शहर में एक युवक मोटरसाइकिल से घूम-घूमकर मोबाइल के माध्यम से क्रिकेट सट्टा नोट कर रहा है। सूचना पर पुलिस टीम द्वारा सिविल अस्पताल मेन रोड के सामने घेराबंदी कर संदेही को पकड़ा गया। पूछताछ एवं तलाशी में उसके कब्जे से 02 मोबाइल (रियलमी 71 एवं सैमसंग गैलेक्सी S24 अल्ट्रा) बरामद किए गए। मोबाइल जांच में व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से सट्टा लेन-देन, फोनपे ट्रांजैक्शन लिंक, तथा सट्टा आईडी-पासवर्ड से संबंधित डिजिटल साक्ष्य प्राप्त हुए।

       पूछताछ में संदेही ने सट्टा खाईवाल रवि राठौर द्वारा आईडी-पासवर्ड उपलब्ध कराकर सट्टा लिखना स्वीकार किया। मौके से नगद 3,300 रुपये एवं हीरो पैशन प्रो मोटरसाइकिल क्रमांक सीजी 13 सी 9780 जप्त की गई। पकड़ा गया संदेही किशोर (उम्र 17 वर्ष 6 माह) पाया गया, जिसके विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 7 के तहत कार्रवाई की गई है। मुख्य आरोपी रवि राठौर फरार है, जिसकी पतासाजी की जा रही है। उक्त कार्रवाई में निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी, एएसआई उदय सिंह सिदार, आरक्षक साविल चंद्रा, किशोर राठौर, सिदार सिंह एवं मुकेश यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कुल लगभग 1,13,000 रुपये की संपत्ति जप्त की गई।

???? *कोतरारोड़ में जुआ फड़ पर संयुक्त रेड — 8 जुआरी गिरफ्तार, नगदी, मोबाइल और वाहन जब्त*

      इसी कड़ी में थाना साइबर एवं कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा कोतरारोड़ चूना भट्ठी क्षेत्र में जुआ रेड की कार्रवाई की गई। मुखबिर सूचना पर पुलिस टीम द्वारा बाल्टी कारखाना के पास घेराबंदी कर 52 पत्ती ताश से जुआ खेल रहे 8 जुआरियों को मौके पर पकड़ा गया।

            पकड़े गए आरोपियों में 1. राजेश देवांगन पिता नोहर प्रसाद देवांगन उम्र 55 साल साकिन कोतरारोड बैकुण्ठपुर, 2. सुरेश कुमार साहू पिता तिलक राम साहू उम्र 44 साल साकिन कलमी थाना कोतरारोड, 3. नरेश कुमार यादव पिता रामचरण यादव उम्र 45 साल साकिन बैकुण्ठपुर बाउली कुआ रायगढ थाना कोतवाली रायगढ, 4. पदमबीर सिंह पिता स्व0 राजेन्द्र कुमार राज उम्र 42 साल साकिन कोतरारोड कल्लूपान ठेला के पास रायगढ, 05. लक्ष्मण दास महंत पिता भग्गुदास महंत उम्र 39 साल साकिन कोतरारोड कल्लूपान ठेला के पास रायगढ, 06. विनोद सिंह पिता जयचंद सिंह उम्र 60 साल साकिन बैकुण्ठपुर भुतबधानं तालाब के पास रायगढ थाना कोतवाली रायगढ, 07. राजेश कुमार मिश्रा पिता गिरजा प्रसाद मिश्रा उम्र 48 साल साकिन कोतरारोड राजीवनगर दुध डेयरी के पास रायगढ, 08. फुलंचद तिवारी पिता आर0आर0 तिवारी उम्र 72 साल साकिन रामभांठा संजय मैदार रायगढ शामिल हैं। आरोपियों के कब्जे एवं फड़ से कुल 9,020 रुपये नगद, 08 मोबाइल फोन, 52 पत्ती ताश एवं 05 मोटरसाइकिल जप्त की गई।

     सभी आरोपियों के विरुद्ध थाना कोतवाली में धारा 3(2) छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर कार्रवाई की गई है। जप्त संपत्ति की कुल कीमत लगभग 3 लाख रुपये आंकी गई है। कार्रवाई में थाना प्रभारी साइबर निरीक्षक विजय चेलक, एएसआई नंदकुमार सारथी, प्रधान आरक्षक राजेश पटेल, आरक्षक जगमोहन ओगरे, मनोज पटनायक सहित कोतवाली एवं पुलिस लाइन स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश*—

             *“ऑपरेशन अंकुश के तहत जिले में जुआ और सट्टा के अवैध कारोबार पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। ऑनलाइन या ऑफलाइन किसी भी माध्यम से सट्टा-जुआ संचालित करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे गतिविधियों में संलिप्त लोग तत्काल इसे बंद करें, अन्यथा कड़ी वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”*

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ऑटो में अवैध कबाड़ ले जाते दो आरोपी गिरफ्तार, खेदापाली में स्क्रैप जब्त,कुल 04 क्विंटल कबाड़ और ₹40,000 मूल्य का माल जप्त

 7 अप्रैल, रायगढ़ । एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में जिले में “ऑपरेशन प्रहार” के तहत अवैध गतिविधियों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में थाना छाल पुलिस द्वारा कल ग्राम भ्रमण के दौरान लात खेदापाली क्षेत्र में अवैध कबाड़ के विरुद्ध दो अलग-अलग कार्रवाई करते हुए आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई है।

ऑटो में अवैध कबाड़ परिवहन करते आरोपी को पुलिस ने दबोचा — घेराबंदी कर पकड़ा गया*
      थाना प्रभारी छाल निरीक्षक नसिर खान के नेतृत्व में पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक व्यक्ति ऑटो वाहन क्रमांक सीजी 12 ए एक्स 0598 में लोहे, टीना एवं स्क्रैप का अवैध कबाड़ भरकर खरसिया की ओर जा रहा है। सूचना पर पुलिस टीम द्वारा ग्राम चंद्रशेखरपुर ऐडू बरभौना चौक के पास घेराबंदी कर वाहन को रोका गया।

      पूछताछ में चालक ने अपना नाम चंचल राय पिता वृंदा राय उम्र 26 वर्ष निवासी जिला आरा (बिहार) हाल मुकाम चंद्रशेखरपुर ऐडू थाना छाल बताया। वाहन की तलाशी लेने पर उसमें लगभग 02 क्विंटल लोहे, टीना एवं स्क्रैप का कबाड़ मिला, जिसकी कीमत लगभग 20,000 रुपये है । आरोपी द्वारा कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर कबाड़ को जप्त कर कार्रवाई की गई।

खेदापाली में अवैध कबाड़ डंप करने वाले आरोपी पर कार्रवाई — बिना दस्तावेज स्क्रैप जब्त*

          दूसरी कार्रवाई में दिनांक 05.04.2026 को पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम लात खेदापाली में एक व्यक्ति खुले स्थान पर लोहे एवं टीना का अवैध कबाड़ डंप कर रखा है। सूचना पर पुलिस टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर रेड कार्रवाई की गई, जहां एक व्यक्ति कबाड़ के पास मौजूद मिला।

          पूछताछ में उसने अपना नाम अजीजुल हक पिता स्व. शिश मोहम्मद उम्र 57 वर्ष निवासी वर्तमान खेदापाली थाना छाल बताया। मौके पर रखे लगभग 02 क्विंटल लोहे, टीना एवं स्क्रैप के संबंध में वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया, जिस पर वह कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। चोरी का माल होने की संदेह पर उक्त कबाड़, जिसकी कीमत लगभग 20,000 रुपये है, को विधिवत जप्त किया गया।
          दोनों मामलों में थाना छाल में इस्तगासा क्रमांक 04/2026 एवं 05/2026 के तहत धारा 35 (क)(ड) बीएनएसएस/303(2) बीएनएस के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए पृथक से प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है।

         उक्त कार्रवाई में निरीक्षक नसिर खान, प्रधान आरक्षक शंभू पाण्डेय, शंकर क्षत्रिय, आरक्षक राजेश राठौर, उमेंद्र उरांव, सतीश जगत एवं प्रबंध राठिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश* —

     *“ऑपरेशन प्रहार के तहत जिले में अवैध कबाड़ एवं चोरी के माल के कारोबार पर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। ऐसे अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्ति तत्काल इसे बंद करें, अन्यथा उनके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।”*

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ऑटो डायवर्सन प्रकरणों के निराकरण में रायगढ़ अनुभाग प्रदेश में शीर्ष स्थान पर ,ऑटो डायवर्सन प्रणाली से 180 आवेदन ऑनलाइन, 27 लाख रुपए जमा, भूमि डायवर्सन प्रक्रिया हुई सरल

रायगढ़ 07 अप्रैल 2026/ राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, नवा रायपुर द्वारा नागरिकों की सुविधा हेतु भूमि डायवर्सन प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से ऑटो डायवर्सन प्रणाली की शुरुआत की गई है। इस प्रणाली के अंतर्गत नागरिक अपनी भूमि के डायवर्सन संबंधी आवेदन सीधे नागरिक सुविधा पोर्टल पर ऑनलाइन अपलोड कर निर्धारित शुल्क का भुगतान ऑनलाइन चालान के माध्यम से कर सकते हैं। इससे पूरी प्रक्रिया अधिक सुगम, पारदर्शी और समयबद्ध हो गई है। इसी क्रम में रायगढ़ अनुभाग ने इस महत्वाकांक्षी योजना के क्रियान्वयन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है। अनुभाग द्वारा आवेदन प्राप्ति से लेकर ऑनलाइन चालान के माध्यम से राशि जमा कराने एवं प्रकरणों के निराकरण तक प्रभावी कार्य किया गया है। अब तक रायगढ़ अनुभाग में कुल 180 ऑटो डायवर्सन आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनके माध्यम से 27,09,683 रुपए (सत्ताईस लाख नौ हजार छह सौ तिरासी रुपये) की राशि शासन के खाते में ऑनलाइन चालान के माध्यम से जमा हुई है।
      अनुविभागीय अधिकारी राजस्व रायगढ़ द्वारा प्राप्त आवेदनों में से 46 प्रकरणों का समय-सीमा के भीतर अंतिम आदेश जारी कर निराकरण किया जा चुका है, जबकि शेष प्रकरणों का भी प्राथमिकता के आधार पर निराकरण जारी है। एसडीएम रायगढ़ के अनुसार यह प्रणाली प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे भूमि व्यपवर्तन की प्रक्रिया सरल हुई है और नागरिकों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। आगे भी सभी प्रकरणों का अभियान चलाकर समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में अब तक कुल 770 आवेदन दर्ज किए गए हैं, जिनमें अकेले 180 आवेदन रायगढ़ अनुभाग से हैं, जो इसे प्रदेश में शीर्ष स्थान पर स्थापित करता है।

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लैलूंगा से लद्दाख तक पहुंचा ‘केलो’ जैविक जवाफूल चावल,प्रदेश से बाहर बढ़ रही मांग, किसानों को मिल रहा बेहतर दाम

रायगढ़, 7 अप्रैल 2026/ लैलूंगा क्षेत्र से भेजा गया ‘केलो’ जैविक जवाफूल चावल लद्दाख के कारगिल जिले के गरकोन गांव तक पहुंच गया है। लद्दाख में पार्सल पहुंचने पर स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में इसे खोला गया। चावल की खुशबू और गुणवत्ता ने सभी को प्रभावित किया और लोगों ने इसकी सराहना की। लद्दाखी परंपरा के अनुसार ‘जुले-जुले’ कहकर स्थानीय लोगों ने आभार जताया। उन्होंने कहा कि इतनी दूर से चावल मिलना उनके लिए एक अलग और खास अनुभव है। लद्दाख से साझा किए गए वीडियो में स्थानीय नागरिकों ने कहा कि “हम रायगढ़ जिला प्रशासन के बहुत शुक्रगुजार हैं, जिन्होंने हमारी मांग पर ‘सुगंधित चावल यहां लद्दाख तक पहुंचाया। इसके लिए हम उनका विशेष धन्यवाद करते हैं।
             बता दे कि कुछ समय पहले गरकोन गांव के एक उपभोक्ता द्वारा वीडियो के माध्यम से रायगढ़ जिले के लैलूंगा में उत्पादित सुगंधित चावल के प्रति रुचि व्यक्त की गई थी। इसके बाद पहल करते हुए रायगढ़ से चावल और उसके बीज पार्सल के जरिए भेजे गए। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि लैलूंगा क्षेत्र में किसान सुगंधित ‘जवाफूल’ चावल की खेती कर रहे हैं। इसकी खेती के लिए 5 किसान उत्पादक संगठन का गठन किया गया है, जिनमें 1000 से अधिक किसान जुड़े हुए हैं और संगठित रूप से इस फसल का उत्पादन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि ‘जवाफूल’ चावल के प्रचार-प्रसार के लिए यूट्यूब चैनल के माध्यम से भी जानकारी साझा की जा रही है। 
             गौरतलब है कि प्रशासन के निर्देश पर कृषि विभाग द्वारा इस फसल को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही किसान समूहों और एफपीओ के माध्यम से उत्पादन और विपणन को संगठित किया जा रहा है। ‘केलो’ जैविक जवाफूल चावल अब लैलूंगा की एक मजबूत पहचान बन चुका है। यह न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक है, बल्कि क्षेत्र को नई पहचान भी दिला रहा है। जवाफूल धान की प्रमुख विशेषता इसकी प्राकृतिक सुगंध और स्वाद है, जो लैलूंगा क्षेत्र की विशेष जलवायु में विकसित होती है।  ‘केलो’ जैविक जवाफूल चावल की मांग अब छत्तीसगढ़ से बाहर भी बढ़ रही है। बेंगलुरु, चेन्नई, तेलंगाना, लद्दाख और कारगिल जैसे क्षेत्रों में इसकी मांग देखी जा रही है।

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तमनार पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई: गांजा तस्करी, छेड़खानी और कॉपर चोरी के मामलों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी, न्यायिक रिमांड पर भेजा गया

7 अप्रैल, रायगढ़* । एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर जिले में फरार आरोपियों एवं वारंटियों की धरपकड़ हेतु चलाए जा रहे “ऑपरेशन तलाश” के तहत तमनार पुलिस को अलग-अलग तीन मामलों में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। पुलिस द्वारा एनडीपीएस एक्ट, पॉक्सो एक्ट एवं चोरी के प्रकरणों में फरार चल रहे तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

एनडीपीएस एक्ट का फरार आरोपी सुबोध सा गिरफ्तार — गांजा तस्करी मामले में थी संलिप्तता*-

        तमनार पुलिस द्वारा माह फरवरी में दिनांक 26.02.2026 को गांजा तस्करी के मामले में दो आरोपी- नरेश यादव और सुरेन्द्र रजवाडे को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 12.410 किलोग्राम गांजा, एक बिना नंबर स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल एवं मोबाइल फोन जब्त किया गया था। प्रकरण में एक अन्य आरोपी सुबोध सा घटना दिनांक से फरार चल रहा था, जिसकी लगातार पतासाजी की जा रही थी। दिनांक 06.04.2026 को तमनार पुलिस द्वारा *आरोपी सुबोध सा पिता स्वर्गीय मोतीलाल सा 37 साल निवासी ग्राम टपरिया थाना तमनार* को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपराध करना स्वीकार किया। आरोपी द्वारा गांजा बिक्री की रकम 2000 रुपये नगद पेश करने पर उसे भी जप्त किया गया। पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर आरोपी को गिरफ्तार कर अपराध क्रमांक 44/2026 धारा 20 बी एनडीपीएस एक्ट में न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।

छेड़खानी/पॉक्सो एक्ट का फरार आरोपी राजेन्द्र यादव गिरफ्तार — घटना के बाद से था फरार*-

      दिनांक 02.03.2026 को ग्राम कसडोल स्थित घटेश्वरी मंदिर में एक बालिका के साथ छेड़छाड़ की घटना में संलिप्त आरोपी राज मलिक, लक्ष्य, राजेन्द्र यादव और एक विधि के साथ संघर्षरत बालक नामजद आरोपी था। मामले में अन्य विधि के साथ संघर्षरत बालक और दो आरोपी - राज मलिक, लक्ष्य साहू पूर्व में गिरफ्तारी हो चुकी थी, जबकि आरोपी राजेन्द्र घटना के बाद से फरार चल रहा था। मुखबिर सूचना पर दिनांक 06.04.2026 को *आरोपी राजेन्द्र यादव पिता हेम सागर यादव 25 साल* को उसके गांव भैसगढ़ी से हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपराध स्वीकार किया। आरोपी को गिरफ्तार कर अपराध क्रमांक 49/2026 धारा 74, 3(5) बीएनएस और 8, 12 पोक्सो एक्ट गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

चोरी कापर वायर खरीदी के आरोप में मुजम्मिल हक उर्फ शहंशाह गिरफ्तार*

          थाना तमनार क्षेत्र अंतर्गत ग्राम ग्राम बांझीखोल सोलर प्लांट में 12 फरवरी 2026 को कॉपर केबल चोरी के मामले में गिरफ्तार आरोपी सुरेश सिदार से पूछताछ में चोरी की संपत्ति को  मुजम्मिल हक उर्फ शहंशाह को बेचना बताया था। प्रकरण में फरार आरोपी मुजम्मिल हक की पतासाजी कर उसे हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपी से 10 किलो कॉपर वायर बरामद किया गया है। पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर *आरोपी मुजम्मिल हक उर्फ शहंशाह उम्र 36 वर्ष, ग्राम टपरंगा किराये का मकान* को अपराध क्रमांक 34/2026 धारा 303(2), 317(2), 3(5) बीएनएस में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
          उक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी तमनार निरीक्षक प्रशांत राव, सहायक उप निरीक्षक सुरूति सिदार, प्रधान आरक्षक मोहम्मद दिलदार कुरैशी, हेम प्रकाश सोन, आरक्षक पुष्पेन्द्र सिदार एवं रंजित भगत की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

*एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश* —

       *“अपराध कर छिपने वाले ज्यादा समय तक बच नहीं सकते । पुलिस अपना सूचनातंत्र सुदृढ कर कार्रवाई की रही है जिसमें लगातार सफलता मिल रही है, ऑपरेशन तलाश के तहत फरार आरोपियों और फरार वारंटियों की धरपकड़ जारी रहेगी।"*

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“ऑपरेशन आघात : रायगढ़ पुलिस की डबल रेड में गांजा-शराब तस्करों की कमर टूटी, 5 आरोपी सलाखों के पीछे — उड़ीसा कनेक्शन का बड़ा खुलासा”

 7 अप्रैल, रायगढ़* । एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर जिले में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे “ऑपरेशन आघात” के तहत लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में कल दिनांक 06.04.2026 को लैलूंगा और कोतवाली पुलिस ने अवैध गांजा और अवैध शराब पर बड़ी कार्रवाई की गई है जिसमें 5 आरोपियों पर वैधानिक कार्यवाही कर जेल भेजा गया है ।

सिहारधार में गांजा सप्लाई चेन पर लैलूंगा पुलिस का प्रहार — उड़ीसा से लाकर बिक्री कर रहे 3 तस्कर गिरफ्तार

            कल दिनांक 06.04.2026 को थाना लैलूंगा पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम सिहारधार मेन रोड किनारे कुछ व्यक्ति अवैध रूप से गांजा रखकर बिक्री हेतु ग्राहक का इंतजार कर रहे हैं। सूचना पर थाना प्रभारी लैलूंगा उप निरीक्षक गिरधारी साव द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की गई। मौके पर तीन संदिग्ध व्यक्ति बैग व थैला लिए खड़े मिले, जिन्हें पकड़कर पूछताछ करने पर उन्होंने अपना नाम (1) दिलेश्वर यादव पिता लच्छी राम यादव उम्र 19 वर्ष, (2) पिण्टू यादव पिता गोमदो यादव उम्र 18 वर्ष एवं (3) गोमदो यादव पिता स्व. शोभाराम यादव उम्र 54 वर्ष, सभी निवासी ग्राम सिहारधार थाना लैलूंगा जिला रायगढ़ बताया।

        पुलिस टीम द्वारा एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत तलाशी लेने पर आरोपियों के कब्जे से कुल 9.170 किलोग्राम गांजा, जिसकी कीमत लगभग 4,35,000 रुपये एवं 02 नग मोबाइल फोन कीमत 10,000 रुपये बरामद किया गया। कुल जुमला मशरूका 4,45,000 रुपये को गवाहों के समक्ष विधिवत जप्त कर कब्जा पुलिस लिया गया। पूछताछ में आरोपियों द्वारा उड़ीसा से गांजा लाकर बिक्री करना स्वीकार किया गया। आरोपियों के विरुद्ध धारा 20 (बी), 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। उक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव, एएसआई परमेश्वर गुप्ता, आरक्षक संतराम निषाद, जितेन्द्र कुर्रे, विनोद कुजुर एवं शशिभूषण उरांव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

शहर में खपाने ले जा रहे थे अवैध शराब — कोतवाली पुलिस ने एक्टिवा सहित 2 आरोपियों को दबोचा

          इसी कड़ी में कल थााना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक सुखनंदन पटेल, उप निरीक्षक ऐनु देवांगन एवं हमराह स्टाफ द्वारा दिनांक 06.04.2026 को  टाउन पेट्रोलिंग के दौरान मुखबिर सूचना पर केवड़ाबाड़ी पेट्रोल पंप के पास घेराबंदी कर एक एक्टिवा वाहन क्रमांक सीजी 13 बीसी 1558 में सवार दो व्यक्तियों को पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम (1) अमित यादव पिता स्व. रामूलाल यादव उम्र 36 वर्ष निवासी गौशालापारा रायगढ़ एवं (2) गणेश राम यादव पिता स्व. भुजबल यादव उम्र 59 वर्ष निवासी बैकुण्ठपुर रायगढ़ बताया। तलाशी के दौरान वाहन में रखे बोरी से कुल 52 पौव्वा देशी शराब (रोमियो मसाला 22 पौव्वा एवं शेरा प्लेन 30 पौव्वा) कुल 9.360 बल्क लीटर शराब बरामद की गई, जिसकी कीमत 4,600 रुपये एवं वाहन की कीमत 70,000 रुपये जप्त की गई। आरोपियों के विरुद्ध धारा 34 (2), 59 (क) आबकारी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश*—
 
       *“जिले में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध ‘ऑपरेशन आघात’ के तहत लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अवैध शराब एवं गांजा का कारोबार करने वाले तत्काल इस अवैध गतिविधि को छोड़ दें, अन्यथा कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”*

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भाजपा स्थापना दिवस पर कुनकुरी में लहराया पार्टी का ध्वज, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय हुए शामिल....


कुनकुरी। भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर कुनकुरी में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने पार्टी का ध्वज फहराया और उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने उद्बोधन में भाजपा के मूल सिद्धांतों, राष्ट्र सेवा और संगठन की मजबूती पर जोर देते हुए कहा कि पार्टी हमेशा जनकल्याण और देशहित के लिए समर्पित रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को और अधिक मजबूत बनाने तथा आम जनता की सेवा में निरंतर लगे रहने का आह्वान किया।
इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान पूरे क्षेत्र में उत्साह और संगठन के प्रति समर्पण का माहौल देखने को मिला।

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“स्थापना दिवस पर बगिया में लहराया कमल का ध्वज, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का कार्यकर्ताओं को संदेश—राष्ट्रसेवा ही भाजपा का मूल मंत्र, संगठन की शक्ति से ही बनेगा आत्मनिर्भर भारत”


जशपुरनगर। भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर आज मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने निजी निवास बगिया में पार्टी का ध्वज फहराया। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भाजपा के मूल सिद्धांतों, राष्ट्र सेवा और संगठन की मजबूती पर जोर दिया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भाजपा एक विचारधारा आधारित पार्टी है, जो देशहित और जनकल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से संगठन को और मजबूत बनाने तथा आम जनता की सेवा में समर्पित रहने का आह्वान किया।
इस अवसर पर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सुनील गुप्ता, पूर्व भाजपा जिला उपाध्यक्ष ठाकुर पुरुषोत्तम सिंह सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान पूरे परिसर में उत्साह और संगठन के प्रति समर्पण का माहौल देखने को मिला।

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“मोबाइल की एक घंटी से खिल उठीं 68 लाख से ज्यादा महिलाओं की जिंदगी: महतारी वंदन की 26वीं किश्त जारी, खातों में पहुंचे 641.62 करोड़, अब तक 16 हजार करोड़ से अधिक की ऐतिहासिक मदद

रायपुर, 6 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य की महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक  सशक्तिकरण के लिए संचालित महतारी वंदन योजना की 26वीं किश्त की राशि आज जारी की गई। इसके जारी होते ही हितग्राही महिलाओं के मोबाईल में खुशियों के नोटिफिकेशन की घंटी बज उठी। इस योजना के तहत राज्य की 68 लाख 48 हजार 899 महिलाओं को 641 करोड़ 62 लाख 92 हजार रूपए उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए। लाभान्वित हितग्राहियों में 7773 महिलाएं नियद नेल्ला नार के योजना के गांवों की रहने वाली है। 

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेद्र मोदी जी की गारंटी को पूरा करने के लिए और महिलाओं की बेहतरी के लिए यह योजना मार्च 2024 में शुरू की गई थी। तब से लेकर अब तक हर महीने हितग्राही महिलाओं को एक-एक हजार रूपए की सहायता राशि नियमित रूप से दी जा रही है। इस योजना के तहत अब तक हितग्राही महिलाओं को 16,881 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है। 

गौरतलब है कि इस योजना के अंतर्गत हितग्राही महिलाओं के केवाईसी पूरा किए जाने का काम भी तेजी से कराया जा रहा है। केवाईसी के अद्यतन की यह प्रक्रिया ई-गवर्नेस सर्विसेस इंडिया लिमिटेड के माध्यम से 3 अप्रैल से शुरू की गई है, जो 30 जून तक चलेगी। व्हीएलई द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत भवन में तथा शहरी क्षेत्र में वार्ड कार्यालय में केवाईसी अद्यतन का कार्य हो रहा है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने महतारी वंदन योजना की ऐसी हितग्राही महिलाओं से जिनका ई-केवाईसी नहीं हुआ है, उनसे तत्काल ई-केवाईसी कराने की अपील की है ताकि योजना की सहायता राशि बिना किसी व्यवधान के उनके खाते में पहुंच सके। 

महिला एवं बाल विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों की संख्या 68,94,633 है, जिसमें से केवाईसी हेतु लंबित हितग्राहियों को छोड़कर 68,48,899 हितग्राहियों को 26वीं किश्त का भुगतान किया गया है।

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“कभी हाथों में थी बंदूक, आज सुई-धागे से बुन रही है सुनहरा भविष्य—दंतेवाड़ा की शर्मिला ने नक्सल अंधेरे से निकलकर रच दी आत्मनिर्भरता की नई गाथा”

रायपुर, 06 अप्रैल 2026/ ​बस्तर संभाग के नक्सल मुक्त घोषित होने के बाद अब हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्यधारा में लौटने वाले युवाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन दिखने लगा है। इसकी सबसे बड़ी मिसाल बीजापुर की शर्मिला पोयामी बनकर उभरी हैं, जिन्होंने कभी हाथों में बंदूक थामी थी, लेकिन आज वे लाइवलीहुड कॉलेज में सुई-धागे से अपने और अपने परिवार के भविष्य के सपने बुन रही हैं।

​*हिंसा के रास्ते से मुख्यधारा का सफर*

​          बीजापुर जिले के भैरमगढ़ ब्लॉक की रहने वाली 19 वर्षीय शर्मिला कभी भैरमगढ़ एरिया कमेटी की सक्रिय सदस्य थीं। गुरिल्ला युद्ध और हथियारों का प्रशिक्षण लेने वाली शर्मिला को जल्द ही अहसास हो गया कि प्रगति का मार्ग बंदूक से नहीं, बल्कि शांति और शिक्षा से निकलता है। इसी संकल्प के साथ उन्होंने 07 फरवरी 2026 को आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का निर्णय लिया।

*​कौशल विकास से आत्मनिर्भरता की ओर*

​        राज्य शासन की पुनर्वास नीति के तहत शर्मिला को दंतेवाड़ा के लाइवलीहुड कॉलेज में प्रवेश दिलाया गया। बीते 45 दिनों से वे यहाँ सिलाई का गहन प्रशिक्षण ले रही हैं। अब वे आधुनिक परिधान जैसे सूट और ब्लाउज सिलने की बारीकियां सीख रही हैं। प्रशिक्षण के बाद उनका लक्ष्य अपने गाँव लौटकर सिलाई केंद्र खोलना और अपनी 4 एकड़ पुश्तैनी जमीन पर आधुनिक खेती (टमाटर, मूली व भाजियाँ) कर परिवार को आर्थिक संबल प्रदान करना है।

*​सुविधाओं ने बदला नजरिया*

         ​शर्मिला ने बताया कि मुख्यधारा में लौटने के बाद उन्हें पहली बार शासन की ओर से इतनी बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं, ​पौष्टिक आहाररू कॉलेज में नियमित रूप से अंडा, मछली, चिकन और हरी सब्जियां दी जा रही हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य में बड़ा सुधार हुआ है। ​सक्रिय सहभागितारू बढ़ते आत्मविश्वास का ही परिणाम है कि उन्होंने हाल ही में जगदलपुर में आयोजित मैराथन दौड़ में भी हिस्सा लिया। ​पारिवारिक प्रेरणा- शर्मिला की दीदी मुड़ो पोयामी (पूर्व नक्सल सदस्य) भी मुख्यधारा में लौटकर आत्मनिर्भरता की राह पर हैं।

*​गाँव के विकास की उम्मीद*

​         शिक्षा और कौशल की ताकत को समझने के बाद शर्मिला अब अपने क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं के प्रति भी सजग हैं। वे चाहती हैं कि उनके गाँव की कच्ची सड़कों और पेयजल की समस्याओं का जल्द निराकरण हो ताकि विकास की यह लहर सुदूर अंचलों तक पहुँचे। ​शर्मिला पोयामी का यह संघर्षपूर्ण सफर हिंसा से विकास की ओर बढ़ते नए छत्तीसगढ़ की एक सशक्त पहचान बन गया है।

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“ट्रैफिक जाम से मिलेगी बड़ी राहत: छत्तीसगढ़ में 448 करोड़ से बनेंगी 9 बायपास सड़कें, रायगढ़, धमतरी, बलौदाबाजार समेत कई जिलों में तेज और सुगम होगा यातायात

रायपुर. 6 अप्रैल 2026. मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम करने तथा तेज व सुव्यवस्थित यातायात के लिए लोक निर्माण विभाग ने हाल ही में समाप्त हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में नौ बायपास सड़कों के लिए कुल 448 करोड़ 13 लाख रुपए से अधिक की राशि स्वीकृत की है। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने स्थानीय लोगों की मांगों व जरूरतों को देखते हुए इन बायपास सड़कों के लिए प्राथमिकता से राशि मंजूर करने के निर्देश दिए थे।

लोक निर्माण विभाग द्वारा रायगढ़ जिले में तमनार बायपास मार्ग के लिए 152 करोड़ 17 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इस राशि से 6 किमी बायपास सड़क का निर्माण किया जाएगा। विभाग ने रायगढ़ शहर में रिंग रोड (बायपास मार्ग) के लिए 70 करोड़ 47 लाख रुपए मंजूर किए हैं। खरसिया के बायपास क्रमांक-3 कबीर चौक से डभरा रोड तक 2 किमी सड़क के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण के लिए भी 7 करोड़ 22 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं।

विभाग ने धमतरी जिले में 4 किमी लंबाई के भखारा बायपास के लिए 14 करोड़ 94 लाख रुपए तथा 1.50 किमी लंबाई के नारी बायपास मार्ग के लिए 7 करोड़ 97 लाख रुपए मंजूर किए हैं। बलौदाबाजार में लटुवा, पनगांव होते हुए 15 किमी लंबे बलौदाबाजार बायपास सड़क के लिए 88 करोड़ 68 लाख रुपए एवं 7 किमी लंबे रिसदा बायपास मार्ग के लिए 20 करोड़ 99 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। 

लोक निर्माण विभाग ने बिलासपुर में 13.40 किमी कोनी-मोपका फोरलेन बायपास मार्ग के लिए 82 करोड़ 80 लाख रुपए तथा बेमेतरा जिले में 1.20 किमी कांक्रीटीकृत छिरहा बायपास सड़क के लिए 2 करोड़ 89 लाख रुपए की भी मंजूरी दी है।

*“राज्य शासन शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में निर्बाध, तेज और सुरक्षित यातायात उपलब्ध कराने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। ट्रैफिक का दबाव कम करने बायपास सड़कों, पुलों और ओवरब्रिजों का निर्माण प्राथमिकता से किया जा रहा है। इससे आवागमन और अधिक स्मूथ, तेज एवं व्यवस्थित होगा। हम प्रदेश के समग्र विकास के लिए आधुनिक और मजबूत सड़क अधोसंरचना लगातार विकसित कर रहे हैं।”* - *श्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री*

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दृढ़ इच्छाशक्ति और सही मार्गदर्शन से अंधेरे रास्तों से लौटकर रोशनी तक- अरविंद हेमला की हिम्मत और बदलाव की कहानी

रायपुर, 06 अप्रैल 2026/ अंधेरे रास्तों से लौटकर रोशनी तक का सफर निराशा, संघर्ष और कठिनाइयों से निकलकर आशा, सफलता और ज्ञान की ओर जाने का प्रतीक है। यह एक ऐसी यात्रा है जो दृढ़ इच्छाशक्ति और सही मार्गदर्शन से पूरी की जा सकती है। 22 वर्षीय अरविंद हेमला का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। बीजापुर जिले के एक साधारण ग्रामीण परिवार में जन्मे अरविंद बचपन से ही आर्थिक तंगी, अशिक्षा और सामाजिक चुनौतियों से जूझते रहे। परिवार की आजीविका कृषि मजदूरी पर निर्भर थी, जिससे दैनिक जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो जाता था। 

              कम उम्र में ही माता-पिता का साया सिर से उठ जाना उनके जीवन का सबसे बड़ा आघात था, पिता का निधन 2009 में और माता का 2016 में हो गया। इस घटना ने अरविंद को पूरी तरह अकेला और असहाय बना दिया।  युवावस्था में गलत संगति, क्षेत्रीय परिस्थितियों और आर्थिक मजबूरियों के कारण अरविंद नक्सली गतिविधियों की ओर आकर्षित हो गए। धीरे-धीरे वे इस रास्ते में उलझते चले गए, जिससे उनका सामाजिक और पारिवारिक जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। लेकिन समय के साथ अरविंद को एहसास हुआ कि यह रास्ता उन्हें केवल भय और अनिश्चित भविष्य की ओर ले जा रहा है। उन्होंने अपने जीवन को बदलने का दृढ़ संकल्प लिया। शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर उन्होंने मार्च 2025 में स्वेच्छा से आत्मसमर्पण कर दिया।

         आत्मसमर्पण के बाद शासन द्वारा उन्हें पुनर्वास केंद्र बीजापुर में आवश्यक मार्गदर्शन, सहयोग और कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया गया। राज मिस्त्री कार्य का प्रशिक्षण प्राप्त कर उन्होंने निर्माण कार्य में तकनीकी दक्षता हासिल की। आज अरविंद तेलंगाना राज्य के मंचेरियल जिले में एक निर्माण श्रमिक के रूप में कार्यरत हैं और प्रतिदिन 600 रूपए की मजदूरी अर्जित कर सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं। अपने परिश्रम और लगन से उन्होंने न केवल आत्मनिर्भरता हासिल की है, बल्कि समाज की मुख्यधारा में भी सफलतापूर्वक वापसी की है।

राज्य सरकार की पुनर्वास नीति हिंसा की राह छोड़ने वाले नक्सलियों को मुख्यधारा में लाने और समाज के साथ फिर से जुड़ने में मदद करना है। यह कहानी हमें सिखाती है कि चाहे परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, सही निर्णय, दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास से जीवन को नई दिशा दी जा सकती है।

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आत्मसमर्पण से पुनर्वास तक-पवन कुमार ने हिंसा का रास्ता छोड़ जीवन की नई शुरुआत की,विशेष आवास परियोजना से मिला पक्का आशियाना

रायपुर, 06 अप्रैल 2026/ छत्तीसगढ़ में सुशासन सरकार की सरकार ने माओवादी आत्मसमर्पण, पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति-2025 हिंसा छोड़ मुख्यधारा से जुड़ने वाले नक्सलियों को नई जिंदगी दे रही है। छत्तीसगढ सरकार ने माओवादी  आत्मसमर्पितों को 5 लाख तक की सहायता, कौशल प्रशिक्षण, और सम्मानजनक जीवन प्रदान कर नक्सल-मुक्त बस्तर के सपने को साकार कर रही है। कोण्डागांव जिले के फरसगांव के सुदेर पंचायत चिंगनार के श्री पवन कुमार को पुनर्वास नीति के तहत पक्का आवास मिलने से उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।

         कोण्डागांव जिले के विकासखण्ड फरसगांव के दूरस्थ ग्राम पंचायत चिंगनार, जो मुख्यालय से लगभग 45 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, कभी इस क्षेत्र में माओवाद के प्रभाव के कारण भय और असुरक्षा का माहौल था। अब इन क्षेत्रों में राज्य शासन की पुनर्वास नीति के तहत शांति और विकास स्थापित हो रहा हैं। इसी गांव में रहने वाले श्री पवन कुमार को पुनर्वास नीति के तहत पक्का आवास मिलने से उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। पवन कुमार पूर्व में माओवादी संगठन से जुड़े हुए थे। उस दौर में उनका जीवन असुरक्षित और कठिनाइयों से भरा हुआ था। उनका परिवार जंगल किनारे एक झोपड़ी और जर्जर कच्चे मकान में रहने को मजबूर था, जहां न तो पर्याप्त सुविधाएं थीं और न ही सुरक्षित भविष्य की कोई उम्मीद।

       समय के साथ उन्होंने यह महसूस किया कि हिंसा का मार्ग केवल विनाश की ओर ले जाता है। शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर उन्होंने साहसिक निर्णय लेते हुए माओवादी संगठन से नाता तोड़ लिया और समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। यह निर्णय उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ।

        आत्मसमर्पण के बाद जिला प्रशासन द्वारा विशेष परियोजना आवास (आत्मसमर्पित परिवार) प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में उन्हें आवास स्वीकृत किया गया। शासन की सहायता से उन्हें चरणबद्ध तरीके से आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया, जिसमें प्रथम किश्त के रूप में 40 हजार रुपये, द्वितीय किश्त में 55 हजार रुपये तथा अंतिम किश्त के रूप में 25 हजार रुपये की राशि दी गई। इसके साथ ही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत 90 दिनों की मजदूरी भी प्रदान की गई। इन सभी सहायता राशि और योजनाओं के समुचित उपयोग से पवन कुमार ने निर्धारित समय में अपना पक्का घर पूर्ण कर लिया। यह घर केवल एक आशियाना नहीं, बल्कि उनके नए जीवन की मजबूत नींव है। अब उनका परिवार सुरक्षित वातावरण में रह रहा है और भविष्य को लेकर आश्वस्त है।

         इसके अतिरिक्त शासन द्वारा उनके घर में बिजली कनेक्शन, रसोई गैस, शौचालय और नल-जल जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। इन सुविधाओं ने उनके जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार किया है और उन्हें एक सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्रदान किया है। आज पवन कुमार अपने परिवार के साथ शांतिपूर्ण, सुरक्षित और खुशहाल जीवन व्यतीत कर रहे हैं। और बेहतर भविष्य के लिए भी नई उम्मीदों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने शासन-प्रशासन की इस पहल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित किया है।

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“एवरेस्ट की बुलंदी पर तिरंगा लहराने निकली छत्तीसगढ़ की बेटी, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी शुभकामनाएं — अमिता श्रीवास के हौसले को सलाम

रायपुर, 6 अप्रैल 2026/
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जांजगीर-चांपा जिले की युवा पर्वतारोही सुश्री अमिता श्रीवास को उनके आगामी माउंट एवरेस्ट अभियान के लिए शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में पर्वतारोही सुश्री अमिता श्रीवास से मुलाकात के दौरान कहा कि आगामी 9 अप्रैल को सुश्री अमिता विश्व की सर्वोच्च चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने के संकल्प के साथ काठमांडू के लिए रवाना हो रही हैं। यह केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि की यात्रा नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की आकांक्षाओं, साहस और आत्मविश्वास की ऊंची उड़ान है।

उन्होंने कहा कि अमिता का यह अभियान इस बात का प्रमाण है कि यदि संकल्प अटल हो, तो कोई भी ऊंचाई असंभव नहीं रहती। प्रदेश की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और परिश्रम से नए मानक स्थापित कर रही हैं और छत्तीसगढ़ को नई पहचान दे रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अमिता श्रीवास ने वर्ष 2021 में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर माउंट किलिमंजारो को फतह कर पहले ही अपनी क्षमता और दृढ़ता का परिचय दिया है। उनका यह सतत प्रयास न केवल उपलब्धि है, बल्कि प्रदेश की युवा पीढ़ी, विशेषकर बेटियों के लिए एक जीवंत प्रेरणा है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अमिता अपने इस साहसिक अभियान में सफलता प्राप्त कर विश्व की सबसे ऊंची चोटी पर देश का तिरंगा फहराएंगी और छत्तीसगढ़ सहित पूरे राष्ट्र का गौरव बढ़ाएंगी।

मुख्यमंत्री ने सुश्री अमिता श्रीवास को इस महत्वपूर्ण अभियान के लिए प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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ब्लड बैंक में घोर लापरवाही और हस्ताक्षर दुरुपयोग का बड़ा खुलासा: कलेक्टर रोहित व्यास का सख्त एक्शन, एम.एल.टी. संतोष कुमार वाणिक तत्काल निलंबित, स्वास्थ्य महकमे में मचा हड़कंप

जशपुरनगर 06 अप्रैल 2026 /कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जिला चिकित्सालय जशपुर के एम.एल.टी. श्री संतोष कुमार वाणिक को ब्लड बैंक में रक्त प्रदाय करने में गंभीर लापरवाही बरतने और वरिष्ठ अधिकारी के हस्ताक्षर का स्पष्ट दुरुपयोग करते हुए गंभीर अनुशासनहीनता करने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित  किए हैं। निलंबन अवधि में श्री वाणिक का मुख्यालय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बगीचा निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
         विदित हो कि जिला चिकित्सालय जशपुर के ब्लड सेंटर प्रभारी अधिकारी, पैथालॉजी विशेषज्ञ डॉ० ममता सिंह के द्वारा 13 मार्च 2026 को जिला चिकित्सालय जशपुर के एम.एल.टी. श्री संतोष कुमार वाणिक के विरुद्ध प्राप्त शिकायत के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। श्री संतोष कुमार वाणिक के द्वारा 23 मार्च 2026 को उक्त नोटिस का जवाब प्रस्तुत किया गया। प्रस्तुत जवाब के अवलोकन एवं परिशीलन से स्पष्ट हुआ कि उनके द्वारा ब्लड बैंक में रक्त प्रदाय दाय करने में गंभीर लापरवाही बरती गई है तथा अपने वरिष्ठ अधिकारी के हस्ताक्षर का स्पष्ट दुरुपयोग करते हुए गंभीर अनुशासनहीनता की गई है। साथ ही उनके द्वारा बरती गई समस्त त्रुटियों का दोषारोपण अन्य अधिकारी-कर्मचारी पर करते हुए जिम्मेदारियों से बचने की चेष्टा की जा रही है। प्रस्तुत जवाब समाधानकारक नही पाया गया, जो छ.ग. सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 03 के विपरीत होने के कारण कलेक्टर श्री व्यास द्वारा श्री संतोष कुमार वाणिक एम.एल.टी. जिला चिकित्सालय जशपुर को छ.ग. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 09 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।

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“कुनकुरी की पावन धरा बनी राममय: पंचम दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने श्रीराम कथा में लगाई आस्था की डुबकी, संत चिन्मयानंद बापूजी के श्रीमुख से बहती अमृतमयी कथा में सराबोर हुआ जनमानस

जशपुरनगर, 06 अप्रैल 2026/ कुनकुरी में आयोजित भव्य संगीतमय श्रीराम कथा महोत्सव ने जन-जन के हृदय में श्रद्धा, आस्था और भक्ति का अद्भुत संचार कर पूरे वातावरण को राममय बना दिया है। परम पूजनीय संत चिन्मयानंद बापूजी के श्रीमुख से अमृतमयी श्रीराम कथा का रसपान करने हेतु आज पंचम दिवस पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आयोजन स्थल सालियाटोली मिनी स्टेडियम ग्राउंड पहुँचे। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय भी साथ थी। मुख्यमंत्री एवं उनकी धर्मपत्नी ने संत चिन्मयानंद बापूजी से आशीर्वाद ग्रहण किया।  इस दौरान मुख्यमंत्री ने अपने वक्तव्य में भगवान श्री राम के आदर्श जीवन और चरित्र का वर्णन करते हुए उसे अपने जीवन में आत्मसात करने का सार्थक संदेश भी दिया। 

छत्तीसगढ़ की धरती के कण-कण में बसे हैं भगवान श्रीराम : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री ने कुनकुरी में प्रभु श्रीराम कथा रसपान के इस पावन आयोजन में व्यासपीठ पर विराजमान परम पूज्य संत श्री चिन्मयानंद बापू जी को सादर नमन किया और कहा कि आज कुनकुरी की यह पावन धरा धन्य हो गई है। सलियाटोली का यह स्टेडियम श्रीराम कथा के रसपान से साक्षात श्रीराम का धाम बन गया है।  चारों तरफ ‘जय श्री राम‘ की गूंज सुनाई दे रही है। भक्ति का ऐसा संगम देखकर मन गदगद है। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम का छत्तीसगढ़ से बहुत गहरा रिश्ता है। छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की धरती है। यह भगवान श्रीराम का ननिहाल है। जहाँ भांजे के रूप में भगवान श्रीराम घर-घर में पूजे जाते हैं। जब भगवान श्रीराम को 14 वर्ष का वनवास हुआ, तब उन्होंने अपना सबसे अधिक समय इसी दंडकारण्य व छत्तीसगढ़ के जंगलों में बिताया। यहाँ के कण-कण में राम व्याप्त हैं। वनवास के समय के यहां पर सीता रसोई जैसे कई निशाना मौजूद हैं। यहाँ की मिट्टी में राम की खुशबू है। यह हम सब का सौभाग्य है कि हमने उस कालखंड में जन्म  लिया, जब अयोध्या में भगवान श्रीराम फिर से प्रतिष्ठित हुए हैं। श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा ने भारत को पूरी दुनिया में गौरवान्वित किया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दृढ़ संकल्प से यह संभव हो सका है।  प्रधानमंत्री ने वादा किया था कि हम प्रभु श्रीराम के ननिहाल के श्रद्धालुओं को श्रीराम लला के दर्शन कराएंगे। सरकार बनते ही श्री रामलला दर्शन योजना शुरू की है। अभी तक लगभग 42 हजार भक्त रामलला के दर्शन कर चुके हैं।
       मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि भगवान श्रीराम भारतीय जनमानस के कण-कण में विराजमान हैं। जांजगीर क्षेत्र में तो प्रभु श्रीराम की भक्ति विशेष रूप से दिखाई देती है, जहां रामनामी समुदाय के लोग अपने रोम-रोम में  राम का नाम बसाए हुए हैं। वे अपनी आस्था और समर्पण का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करते हुए अपने पूरे शरीर पर राम-राम का गोदना अंकित कराते हैं। उन्होंने कहा कि रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए भगवान राम के ननिहाल छत्तीसगढ़ से 300 मीट्रिक टन सुगंधित चावल और 100 टन से अधिक हरी सब्जियां भेजी गई थीं। यह विशेष भोग, ननिहाल के प्रेम और 500 वर्षों के संघर्ष के बाद प्रभु की स्थापना के उपलक्ष्य में भेजा गया था। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ से गई डॉक्टरों की टीम एवं मेडिकल स्टाफ ने अयोध्या में राम भक्तों के लिए स्वास्थ्य जांच और उपचार की सेवाएं प्रदान करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने अवैध धर्मांतरण को रोकने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य कानून लागू किया है। इस कानून में शामिल कड़े प्रावधानों के माध्यम से निश्चित रूप से अवैध धर्मांतरण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा। इस दौरान नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, श्रीमती संयोगिता सिंह जूदेव, श्री सुनील गुप्ता, श्री उपेंद्र यादव, श्री सुनील अग्रवाल, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, वनमण्डलाधिकारी श्री शशि कुमार सहित भारी संख्या में श्रद्धालुजन भी मौजूद रहे। 

02 अप्रैल से प्रारंभ हुई श्रीराम कथा की पावन भक्तिधारा 08 अप्रैल तक निरंतर होती रहेगी प्रवाहित

परम पूजनीय संत चिन्मयानंद बापूजी के श्रीमुख से 02 अप्रैल से प्रारंभ हुई श्रीराम कथा की पावन भक्तिधारा 08 अप्रैल तक निरंतर प्रवाहित होती रहेगी। इस दिव्य आयोजन में दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर कथा का रसपान कर रहे हैं। श्रीराम कथा महोत्सव को लेकर कुनकुरी सहित आसपास के समूचे क्षेत्र में गहरा धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण निर्मित हो गया है। श्रद्धालुजन अत्यंत उत्साह, श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ कथा श्रवण कर प्रभु श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प ले रहे हैं।

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“पंचायत समाधान मंच की पहल बनी मिसाल: संवाद, समझाइश और सहमति से सुलझा वर्षों पुराना विवाद, बोंदाटिकरा में 27,705 वर्गफीट शासकीय भूमि अतिक्रमण मुक्त, राजस्व अमले की संयुक्त कार्रवाई से नाले सहित जमीन हुई खाली, ग्रामीणों ने स्वेच्छा से हटाया कब्जा

रायगढ़, 05 अप्रैल 2026/ तहसील पुसौर के ग्राम बोंदाटिकरा में शासकीय भूमि एवं नाले पर किए गए अतिक्रमण को हटाने में जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में  महत्वपूर्ण सफलता मिली है। विगत कई दिनों से प्राप्त शिकायतों के आधार पर एसडीएम रायगढ़ के निर्देशानुसार पंचायत समाधान मंच के माध्यम से संबंधित पक्षों के साथ संवाद एवं समझाइश की प्रक्रिया अपनाई गई। प्रशासन की इस पहल का सकारात्मक परिणाम सामने आया, जब सभी अतिक्रमणकर्ताओं ने आपसी सहमति से अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया। इसके पश्चात आज तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं राजस्व अमले की संयुक्त टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर विधिवत कार्रवाई करते हुए शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
     कार्रवाई के दौरान देवप्रसाद पिता ठगवा द्वारा 24,757 वर्गफीट, पैत राम पिता घसिया द्वारा 1,680 वर्गफीट, तिहारू पिता जेठू द्वारा 161 वर्गफीट, डमरू पिता प्रिंजलाल द्वारा 269 वर्गफीट, जयलाल द्वारा 258 वर्गफीट, सुशील कुर्रे द्वारा 258 वर्गफीट तथा परसेदिन द्वारा 322 वर्गफीट भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाया गया। इस प्रकार कुल 27,705 वर्गफीट शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर पुनः सार्वजनिक उपयोग के लिए उपलब्ध कराया गया है। पंचायत समाधान मंच के माध्यम से यह कार्रवाई सरल और सहमति के साथ पूरी की गई।

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हरी खाद से बदल रही खेती की तस्वीर: कम लागत, ज्यादा मुनाफा और बेहतर मिट्टी की सेहत,लैलूंगा के किसान जतिराम 22 वर्षों से अपना रहे जैविक तरीका, दूसरे किसानों के लिए बने प्रेरणा

रायगढ़, 05 अप्रैल 2026। जिले में हरी खाद आधारित खेती अब किसानों की पहली पसंद बनती जा रही है। यह पद्धति न केवल मिट्टी की सेहत सुधार रही है, बल्कि कम लागत में बेहतर मुनाफा भी दे रही है। प्राकृतिक और टिकाऊ खेती की ओर किसानों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। लैलूंगा विकासखंड के प्रगतिशील किसान जतिराम भगत पिछले 22 वर्षों से हरी खाद आधारित खेती कर रहे हैं। उनका अनुभव बताता है कि शुरुआत में उत्पादन थोड़ा कम लग सकता है, लेकिन समय के साथ मिट्टी की गुणवत्ता सुधरने पर उत्पादन बेहतर और स्थायी हो जाता है। वे मूंग, ढैंचा और सनई जैसी फसलों का उपयोग हरी खाद के रूप में करते हैं, जिससे मिट्टी में जैविक तत्व बढ़ते हैं और जमीन अधिक उपजाऊ बनती है। इस वर्ष उन्होंने 2 एकड़ में श्री विधि और लाइन कतार पद्धति अपनाकर खेती की, जिससे उन्हें प्रति एकड़ लगभग 15 क्विंटल धान उत्पादन प्राप्त हुआ और लगभग 9 क्विंटल चावल मिला। लागत 15,000 रुपए से 20,000 रूपये प्रति एकड़ रही, जबकि शुद्ध मुनाफा लगभग 80,000 रूपये तक पहुंचा।
       कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यदि किसान पूरी तरह जैविक खेती करना चाहते हैं और रासायनिक उर्वरकों से बचना चाहते हैं, तो हरी खाद सबसे बेहतर विकल्प है। खरीफ सीजन में धान की रोपाई से पहले 15 मई के बाद खेतों में हरी खाद की बुआई करना उपयुक्त समय माना जाता है। हरी खाद के लिए किसान सन (सनई), ढैंचा और मूंग जैसी फसलों का उपयोग कर सकते हैं। जब ये फसलें 45 से 50 दिन की हो जाती हैं, तब इन्हें खेत में ही जोतकर मिट्टी में मिला दिया जाता है। इससे मिट्टी में जैविक पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ती है और यूरिया एवं डीएपी जैसे रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता काफी हद तक समाप्त हो जाती है। साथ ही उत्पादन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता और जमीन की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। लैलूंगा विकासखंड में हरी खाद का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है। कृषि विभाग ने आगामी खरीफ सीजन में 2000 एकड़ में हरी खाद की बुआई कराने का लक्ष्य रखा है। हरी खाद आधारित खेती आज किसानों के लिए एक टिकाऊ और लाभकारी विकल्प बनकर उभर रही है। यह न केवल आय बढ़ा रही है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जमीन को सुरक्षित और उपजाऊ बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

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