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खरीफ सीजन से पहले बड़ा प्रशासनिक एक्शन: खाद-बीज विक्रेताओं पर चला चेकिंग का डंडा, 16 दुकानों की ताबड़तोड़ जांच में 5 को थमाया नोटिस

रायगढ़, 8 अप्रैल 2026/ आगामी खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए जिले में रासायनिक उर्वरकों की उचित दर पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा खाद, बीज एवं कीटनाशक विक्रेताओं का सघन निरीक्षण किया जा रहा है। इसी कड़ी में पिछले दो दिनों के दौरान 16 उर्वरक विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं पाए जाने पर 5 उर्वरक विक्रय केंद्रों-गोयल फर्टिलाइजर रायगढ़, मेसर्स किसान इंटरप्राइजेज रायगढ़, अन्नपूर्णा खाद भंडार धरमजयगढ़, विक्की खाद भंडार सूपा, पुसौर एवं नरेश ट्रेडर्स सेमरा, पुसौर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
           जिले में खाद भंडारण एवं वितरण पर कड़ी निगरानी रखने के लिए जिला स्तरीय दल का गठन किया गया है। इस दल के नोडल अधिकारी सहायक संचालक कृषि श्री हिन्द कुमार भगत को बनाया गया है, जिनके निर्देशन में उर्वरक विक्रय केंद्रों का निरंतर निरीक्षण किया जाएगा। इसके साथ ही किसानों की समस्याओं और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए कृषि विभाग द्वारा कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। किसान टोल फ्री नंबर 07762-220213 पर कार्यालयीन समय में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। प्राप्त शिकायतों पर विभाग द्वारा तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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पीएम जनमन योजना का असर: सुदूर वनांचल में बिरहोर जनजाति तक पहुंची आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं, मोबाइल मेडिकल यूनिट बनी जीवन रक्षक

रायगढ़, 8 अप्रैल 2026/ सुदूर वनांचल और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाली बिरहोर जनजाति के लिए अब स्वास्थ्य सेवाएं दूर नहीं रहीं। जिला प्रशासन द्वारा प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जनमन योजना) के अंतर्गत जिले में संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट्स ने स्वास्थ्य सुविधाओं को सीधे गांव-गांव तक पहुंचाकर एक नई मिसाल पेश की है।
           राज्य स्तर से बिरहोर जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने के उद्देश्य से चार मोबाइल मेडिकल यूनिट उपलब्ध कराई गई हैं। इन यूनिट्स को धरमजयगढ़, घरघोड़ा, लैलूंगा और तमनार विकासखंडों में संचालित किया जा रहा है, जिससे सुदूर ग्रामों में निवासरत जनजातीय परिवारों को उनके घर के नजदीक ही स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। प्रत्येक मोबाइल मेडिकल यूनिट में एक चिकित्सक, स्टाफ नर्स, लैब तकनीशियन तथा वाहन चालक की सुविधा उपलब्ध है। ये टीमें तय रोस्टर के अनुसार माह में 26 दिनों तक क्षेत्र के 25 से अधिक गांवों में पहुंचकर स्वास्थ्य जांच एवं उपचार सेवाएं प्रदान कर रही हैं। प्रतिदिन 20 से 30 मरीजों का उपचार किया जा रहा है, जिससे लोगों को समय पर इलाज मिल रहा है। इन यूनिट्स के माध्यम से सामान्य स्वास्थ्य परामर्श के साथ-साथ ब्लड प्रेशर, शुगर, मलेरिया, टाइफाइड, हीमोग्लोबिन, प्रेग्नेंसी जांच एवं ब्लड ग्रुप जैसी विभिन्न जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके साथ ही जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क दवाइयां भी वितरित की जा रही हैं। 
             मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि मार्च माह में 4 हजार से अधिक मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ दिया गया। इस दौरान 2318 मरीजों की बीपी जांच, 1768 मरीजों की रक्त जांच की गई तथा 4632 मरीजों को निःशुल्क दवाइयां वितरित की गईं। वहीं फरवरी माह में भी 2 हजार से अधिक लोगों को इन सेवाओं का लाभ मिला। मोबाइल मेडिकल यूनिट्स की यह पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ा रही है, बल्कि जनजातीय समुदाय में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी ला रही है। अब बिरहोर जनजाति के लोग समय पर जांच और उपचार प्राप्त कर स्वस्थ जीवन की ओर अग्रसर हो रहे हैं।

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“ऑपरेशन मुस्कान” में रायगढ़ पुलिस की बड़ी कामयाबी—दो नाबालिग बालिकाएं अलग-अलग राज्यों से सकुशल बरामद, जालंधर और अंबिकापुर से रेस्क्यू ऑपरेशन सफल, दोनों मामलों में आरोपियों पर पोक्सो एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई

 8 अप्रैल, रायगढ़  । एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी के मार्गदर्शन में जिले में गुमशुदा व्यक्तियों की सघन पतासाजी के लिए चलाए जा रहे “ऑपरेशन मुस्कान” के तहत रायगढ़ पुलिस को दो महत्वपूर्ण सफलताएं प्राप्त हुई हैं। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में गुम हुई दो नाबालिग बालिकाओं को पुलिस टीमों द्वारा खोजबीन कर सकुशल दस्तयाब किया गया है। दोनों ही मामलों में पीड़िताओं के कथन के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध पोक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

???? *जूटमिल पुलिस की बड़ी सफलता — गुम नाबालिग बालिका जालंधर से सकुशल बरामद, आरोपी पर कार्रवाई*

      पहले मामले में थाना जूटमिल में दिनांक 22.10.2025 को एक प्रार्थी द्वारा अपनी 17 वर्षीय नाबालिग बालिका के घर से बिना बताए लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। परिजनों द्वारा काफी खोजबीन के बाद भी बालिका का पता नहीं चलने पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के अपराध कमांक 377/25 धारा 137(2) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की। जांच के दौरान बालिका और संदेही युवक *सनत कुमार भट्ट (20 साल) जूटमिल* के बीच संपर्क की जानकारी मिलने पर पुलिस ने इस दिशा में जांच आगे बढ़ाई। लगातार प्रयास और मुखबिर तंत्र के माध्यम से दोनों के पंजाब के जालंधर में होने की सूचना मिली, जिस पर तत्काल पुलिस टीम को रवाना किया गया। टीम ने वहां पहुंचकर बालिका को आरोपी के कब्जे से सकुशल बरामद किया। बालिका के कथन, मेडिकल पर आरोपी द्वारा नागालिग बालिका का शारीरिक शोषण करना पाये जाने पर आरोपी के विरुद्ध *धारा 87, 65 (1) बी.एन.एस. 4. 6 पॉक्सो एक्ट* विस्तारित किया गया । कल आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजकर जेल दाखिल किया गया है । इस कार्रवाई में थाना प्रभारी अभिनवकांत सिंह, महिला प्रधान आरक्षक समुंद रनकर, आरक्षक शशिभूषण साहू और रंजित भगत की महत्वपूर्ण भूमिका रही। 

???? *पूंजीपथरा पुलिस की तत्परता — गुम नाबालिग बालिका अंबिकापुर से बरामद, आरोपी पर वैधानिक कार्रवाई*

      दूसरे मामले में थाना पूंजीपथरा में दिनांक 25.03.2026 को एक प्रार्थी ने अपनी 15 वर्षीय पुत्री के 17 मार्च की रात घर से बिना बताए लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध कमांक 49/25 धारा 137(2) बीएनएस के तहत  दर्ज कर पतासाजी शुरू की। जांच के दौरान दिनांक 06.04.2026 को अंबिकापुर के खरसिंया नाका चौक के पास एक युवक के साथ नाबालिग बालिका को बरामद किया गया। पीड़िता का महिला पुलिस अधिकारी द्वारा कथन कराया गया, जिसमें बालिका द्वारा बस से जामगांव फिर अम्बिकापुर ले जाना और शारीरिक संबंध बनाना बताई है । बालिका के कथन, मेडिकल पर आरोपी के विरुद्ध *धारा 87, 65 (1) बी.एन.एस. 4. 6 पॉक्सो एक्ट* विस्तारित कर वैधानिक कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी रामकिंकर यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम में शामिल एएसआई उमाशंकर विश्वाल और हमराह स्टाफ की सक्रिय भूमिका रही।

???????? *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश* — 

      *“ऑपरेशन मुस्कान के तहत गुमशुदा बच्चों और महिलाओं की सुरक्षित वापसी हमारी प्राथमिकता है, ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई के साथ दोषियों पर सख्त कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।”*

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“ऑपरेशन आघात का प्रहार — अवैध शराब माफियाओं पर रायगढ़ पुलिस का बड़ा शिकंजा, कई गांवों में ताबड़तोड़ रेड, आरोपी गिरफ्तार

 8 अप्रैल, रायगढ़ । एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर जिले में “ऑपरेशन आघात” के तहत अवैध शराब के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में दिनांक 07.04.2026 को *लैलूंगा पुलिस एवं आबकारी विभाग की संयुक्त टीम* द्वारा ग्राम पोतरा, बिरसिंहा एवं गमेकेला में अवैध शराब निर्माण की सूचना पर दबिश देकर कार्रवाई की गई, जिसमें चार आरोपियों को अवैध महुआ शराब के साथ पकड़ा गया।

         पहली कार्रवाई में ग्राम पोतरा रोड किनारे बाड़ी के पास *आरोपी राजेश भगत (25 वर्ष)* को पकड़ा गया, जिसके कब्जे से 10 लीटर अवैध कच्ची महुआ शराब बरामद की गई। वहीं दूसरी कार्रवाई में ग्राम पोतरा (बीजागोड़ा) में घेराबंदी कर *आरोपी परमेश्वर सिदार (30 वर्ष)* को 10 लीटर महुआ शराब के साथ गिरफ्तार किया गया।

        आबकारी विभाग द्वारा अलग से कार्रवाई करते हुए *आरोपी डोलेश्वर सिदार (43 वर्ष) एवं आरोपिया विकांति भगत (37 वर्ष)* के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया। कार्रवाई के दौरान *चार प्रकरणों में कुल 35.5 लीटर महुआ शराब जब्त* की गई, साथ ही आरोपियों द्वारा घर एवं बाड़ी में अवैध रूप से तैयार किए जा रहे *लगभग 100 किलो महुआ पास को मौके पर नष्ट किया गया*। टीम द्वारा आरोपियों को अवैध शराब निर्माण एवं बिक्री पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।

      उक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी लैलूंगा उप निरीक्षक गिरधारी साव, आबकारी विभाग की उप निरीक्षक रागिनी नायक, उप निरीक्षक कुशल पटेल, उप निरीक्षक उज्ज्वल मेहर एवं उनकी टीम के साथ थाना लैलूंगा के एएसआई परमेश्वर गुप्ता, प्रधान आरक्षक नंद कुमार पैंकरा, आरक्षक जुगित राठिया, विनोद कुजूर एवं महिला आरक्षक अनीरा लकड़ा की सराहनीय भूमिका रही।

      इसी क्रम में पुसौर पुलिस द्वारा ग्राम टपरदा निवासी आरोपी जगदीश सारथी (31 वर्ष) को रनभांठा की ओर तालाब के पास कच्चे मार्ग में 10 लीटर हाथ भट्टी महुआ शराब के साथ पकड़ा गया। आरोपी शराब बिक्री हेतु ले जाना स्वीकार किया, जिसके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई।

     वहीं आज दिनांक 08.04.2026 को चक्रधरनगर पुलिस द्वारा मुखबिर सूचना पर विजयपुर क्षेत्र में दबिश देकर आरोपी प्रहलाद माखिजा (54 वर्ष) को उसके घर के पास अवैध रूप से देशी मदिरा बेचते हुए पकड़ा गया। आरोपी के कब्जे से 35 पाव देशी मदिरा प्लेन शराब (कीमती लगभग 2800 रुपये) जब्त कर आबकारी एक्ट की धारा 34(2), 59(क) के तहत कार्रवाई की गई।

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश*— 

          *“ऑपरेशन आघात के तहत रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी, अवैध गतिविधि पर सख्ती से अंकुश लगाया जाएगा।”*

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“ऑपरेशन तलाश” का बड़ा एक्शन: सरेराह युवती से छेड़खानी करने वाले 4 फरार आरोपी गिरफ्तार, महिला थाना की ताबड़तोड़ कार्रवाई से मचा हड़कंप

 8 अप्रैल, रायगढ़ । एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर जिले में फरार आरोपियों एवं वारंटियों की धरपकड़ हेतु चलाए जा रहे “ऑपरेशन तलाश” के तहत महिला थाना को भी महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। महिला थाना रायगढ़ की टीम द्वारा ऑपरेशन “तलाश” के तहत युवती से छेड़खानी के मामले में फरार चल रहे चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। इससे पूर्व इसी मामले में एक आरोपी नरेन्द्र महावर को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

         जानकारी के अनुसार दिनांक 10 फरवरी 2026 को एक युवती ने महिला थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 09 फरवरी की रात करीब 11 बजे वह अपनी ममेरी बहन के साथ कार से रायगढ़ दवाई लेने जा रही थी। चांदमारी रोड पर कार रोककर दोनों आवारा कुत्तों को बिस्किट खिला रही थीं, तभी पीछे से एक नीले रंग की ग्रैंड विटारा कार में सवार पांच युवक पहुंचे और अशोभनीय टिप्पणियां करते हुए गंदे इशारे करने लगे। युवतियां वहां से निकल गईं, लेकिन आरोपी उनका पीछा करते हुए रियापारा तिराहा चौक के पास उनकी कार को ओवरटेक कर सामने गाड़ी अड़ा दिए और एक युवक कार से उतरकर अश्लील हरकत करते हुए अपना नाम प्रदीप पटेल बताया, जबकि उसके अन्य साथी भी लगातार अभद्र टिप्पणी करते रहे।

         घटना की गंभीरता को देखते हुए *महिला थाना में अपराध क्रमांक 09/2026 धारा 78(2), 126(2), 79, 75(3), 3(5) भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज कर* विवेचना प्रारंभ की गई। महिला थाना प्रभारी द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए पुलिस लाइन एवं थाना कोतवाली के स्टाफ के साथ आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी गई। जांच के दौरान घटना में प्रयुक्त ग्रैंड विटारा वाहन ढिमरापुर स्थित प्रदीप पटेल के घर के सामने मिला, किंतु वह फरार था। आगे जांच में यह भी सामने आया कि घटना के समय वाहन नरेन्द्र महावर चला रहा था, जिससे पुलिस ने घटना में प्रयुक्त ग्रैंड विटारा कार क्रमांक CG13 AW 2410 को जप्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर पूर्व में न्यायिक रिमांड पर भेज दिया था।

          पूछताछ में नरेन्द्र महावर ने अपने साथियों प्रदीप पटेल, कमलेश यादव, राहुल गुप्ता एवं संगम त्रिपाठी के साथ मिलकर युवतियों का पीछा कर रास्ता रोककर छेड़खानी करना स्वीकार किया था। इसके बाद पुलिस द्वारा फरार आरोपियों की लगातार तलाश की जा रही थी।

          इसी क्रम में ऑपरेशन “तलाश” के तहत महिला थाना प्रभारी उप निरीक्षक कुसुम कैवर्त के नेतृत्व में टीम ने मुखबिर सूचना पर आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश देकर आरोपी प्रदीप पटेल, राहुल गुप्ता, कमलेश यादव एवं संगम कुमार को हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई में महिला थाना प्रभारी उप निरीक्षक कुसुम कैवर्त एवं पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका रही।

*गिरफ्तार आरोपी*-
(1) प्रदीप पटेल पिता स्व. घुराऊराम पटेल उम्र 21 वर्ष 
(2) राहूल गुप्ता पिता कृष्ण कुमार गुप्ता उम्र 21 वर्ष 
(3) कमलेश यादव पिता मोती लाल यादव उम्र 21 वर्ष साकिनान वार्ड नं 9 चांदमारी भवानी स्कूल के पास थाना सिटी कोतवाली जिला रायगढ़ 
(4) संगम कुमार पिता मनोज कुमार राम उम्र 21 वर्ष साकिन मस्तागली सत्तीगुडी चौक रायगढ़ थाना सिटी कोतवाली रायगढ़

एसएसपी शशि मोहन सिंह का संदेश* — 

         *“महिलाओं के सम्मान के साथ खिलवाड़ करने वालों को हर हाल में सजा दिलाना हमारी प्राथमिकता है, ऐसे मामलों में त्वरित और कठोर कार्रवाई जारी रहेगी”*

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प्यार, झगड़ा और खौफनाक अंजाम: लिव-इन पार्टनर ने मंगलसूत्र से गला घोंटकर की महिला की हत्या, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुआ सनसनीखेज खुलासा

   8 अप्रैल, रायगढ़ । कोतरारोड़ पुलिस द्वारा महिला की संदिग्ध मौत के मामले में गंभीर जांच करते हुए हत्या का खुलासा किया गया है। दिनांक 01.04.2026 को जिंदल अस्पताल पतरापाली से धनेश्वरी विश्वकर्मा (32 वर्ष) निवासी पोड़ीभाठा अकलतरा, जिला जांजगीर-चांपा की आकस्मिक मृत्यु की सूचना प्राप्त होने पर थाना कोतरारोड़ में मर्ग कायम कर पंचनामा एवं पोस्टमार्टम की कार्यवाही की गई। जांच दौरान मृतिका का प्राप्त पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चिकित्सक द्वारा मृत्यु का कारण गले पर दबाव से दम घुटना बताते हुए इसे “होमीसाइडल” घोषित किया गया, जिससे मामला हत्या का उजागर हुआ।

???? *क्या है घटना, कैसे हुआ खुलासा* -

      मृतिका धनेश्वरी विश्वकर्मा किरोडीमल नगर के दिनांक 01.04.2026 को जिंदल अस्पताल पतरापाली में आकस्मिक मौत की सूचना अस्पताली तहर्रिर के माध्यम से थाना कोतरारोड़ को प्राप्त हुई जिस पर थाना कोतरारोड़ में मर्ग क्र. 17/26 धारा 194 बीएनएसएस पंजीबद्ध कर जांच पंचानामा कार्यवाही कर मृतिका के शव का पोस्ट मार्टम कराया गया, जिसका पीएम रिपोर्ट कल प्राप्त हुआ है, पीएम रिपोर्ट पर मृत्यु को “होमीसाइडल” लेख करते हुए पीएमकर्ता चिकित्सक द्वारा मृतिका के गले में दबाब होने से दम घुटने के कारण से मृतिका की मृत्यु होना लेख किया गया है। मामला संदेहास्पद होने पर प्रशिक्षु डीएसपी एवं थाना प्रभारी कोतरारोड़ श्री अजय नागवंशी द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराकर मामले की सूक्ष्मता से जांच की गई । 

              घटना के संबंध में मृतिका के वारिशानों से पूछताछ में सामने आया कि धनेश्वरी विश्वकर्मा (मृतिका) का विवाह मनोज विश्वकर्मा से हुआ था। जिनके तीन बच्चे हैं। लगभग 04 वर्ष पूर्व उसके पति से परेशान होकर मायके में रह रही थी। इसके बाद धनेश्वरी का विकेश से  परिचय हुआ। दोनों एक दुसरे को पंसद करने लगे और लगभग 04 वर्ष से दोनों किरोडीमलनगर में पति पत्नि की तरह साथ रहने लगे। धनेश्वरी विश्वकर्मा बीच-बीच में बीमार रहती थी जिसका ईलाज विकेश द्वारा कराया जाता था। लगभग एक माह पूर्व से धनेश्वरी ज्यादा बीमार थी । उसके पति के साथ तलाक का प्रकरण चल रहा था । घटना दिनांक को विकेश धनेश्वरी के साथ था । प्राथमिक संदेह मृतिका के लिवइन पार्टनर विकेश बरेठ पर जाने पर डीएसपी अजय नागवंशी ने संदेही विकेश से पूछताछ किया गया, काफी पूछताछ बाद विकेश ने धनेश्वरी के गले के मंगलसूत्र से गला घोटनें हत्या करने की बात स्वीकार किया । 

            आरोपी विकेश बरेठ ने बताया कि वह धनेश्वरी का ईलाज आरोपी करा रहा था। धनेश्वरी समय पर दवाई नहीं लेती थी, उसके पति के साथ तलाक नहीं होने के कारण दोनों विवाह नहीं कर पा रहा है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच झगडा विवाद होता था दिनांक 01.04.2026 को विकेश की नानी उसके घर आयी थी, धनेश्वरी समय पर खाना नहीं बनाने के कारण उसे विकेश डांटा । उसकी नानी को उसके घर छोड़कर वापस घर आया तो धनेश्वरी दवाई नहीं खाई थी, दोनों के बीच काफी झगड़ा विवाद हुआ । विकेश ने धनेश्वरी को 1-2 थप्पड मारा तो धनेश्वरी तुम्हारे साथ नहीं रहूंगी कहकर घर जाने लगी । तब आरोपी विकेश धनेश्वरी के मंगलसूत्र को पीछे से पकड़कर खींचने लगा  । धनेश्वरी गिर कर बेहोश हो गयी उसके शरीर पर कोई हलचल नहीं हुआ, तब धनेश्वरी को जिंदल अस्पताल लेकर गये जहाँ डॉक्टर चेक किया और धनेश्वरी विश्वकर्मा को मृत घोषित कर दिया। आरोपी द्वारा मृत्यु के वास्तविक कारण को छिपाने का प्रयास भी किया गया।

            मर्ग जांच के आधार पर *थाना कोतरारोड़ में अपराध क्रमांक 100/2026 धारा 103(1), 238 बीएनएस* के तहत मामला दर्ज कर दिनांक 07.04.2026 को आरोपी विकेश कुमार बरेठ (26 वर्ष) निवासी भंवरमाल, थाना बम्हनीनडीह जिला जांजगीर-चांपा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

          एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी एवं डीएसपी सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई में प्रशिक्षु डीएसपी अजय नागवंशी, एसएसआई मनमोहन बैरागी, प्रधान आरक्षक श्याम देव साहू, आरक्षक चन्द्रेश पाण्डेय, शंभू चौहान, राजेश खांडे एवं पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका रही।

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश* — 

         *“आपसी विवाद को हिंसा का रूप देना गंभीर अपराध है, ऐसे मामलों में रायगढ़ पुलिस सख्त कार्रवाई करती रहेगी। नागरिकों से अपील है कि किसी भी विवाद की स्थिति में कानून का सहारा लें, हिंसा से दूर रहें।”*

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संघर्ष, भटकाव और साहसिक आत्मसमर्पण के बाद बदली मनकू कड़ती की जिंदगी—नक्सल प्रभावित अंचल से मुख्यधारा तक की प्रेरक यात्रा

रायपुर, 8 अप्रैल 2026/ छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित अंचल में बदलाव की कई कहानियां उभर रही हैं। इन्हीं में से एक कहानी है बीजापुर जिले के छोटे से गांव चेरली के युवक मनकू कड़ती की, जिनका जीवन संघर्ष, भटकाव और फिर सकारात्मक परिवर्तन का उदाहरण बनकर सामने आया है।

बीजापुर जिले के चेरली गांव में जन्मे मनकू कड़ती का बचपन बेहद कठिन परिस्थितियों में बीता। गरीबी, असुरक्षा और सीमित संसाधनों के बीच उनका परिवार लगातार चुनौतियों से जूझता रहा। पारिवारिक स्थिति उस समय और भी गंभीर हो गई, जब उनके पिता को जेल जाना पड़ा। इस घटना ने मनकू के जीवन पर गहरा प्रभाव डाला और उनका बचपन अभाव और अस्थिरता के माहौल में बीता।

इन्हीं परिस्थितियों और नकारात्मक माहौल के प्रभाव में मनकू धीरे-धीरे भटकाव की ओर बढ़ने लगे। उन्हें लगा कि गलत रास्ता ही उन्हें पहचान और सुरक्षा दिला सकता है। हालांकि, उनके भीतर एक द्वंद्व लगातार बना रहा। क्या यही उनका भविष्य है ? यह सवाल उनके मन में बार-बार उठता रहा। समय के साथ मनकू के भीतर आत्मचिंतन की प्रक्रिया शुरू हुई। उन्होंने महसूस किया कि हिंसा और भय के रास्ते पर चलकर वे अपने जीवन को अंधकार की ओर ले जा रहे हैं। यही एहसास उनके जीवन का निर्णायक मोड़ साबित हुआ। उन्होंने ठान लिया कि अब वे अपनी दिशा बदलेंगे और एक नई शुरुआत करेंगे।

अप्रैल 2025 में मनकू कड़ती ने साहसिक कदम उठाते हुए आत्मसमर्पण कर दिया। यह निर्णय उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन यही उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण और सही फैसला साबित हुआ। इस कदम ने उनके लिए मुख्यधारा में लौटने और एक सम्मानजनक जीवन जीने के रास्ते खोल दिए। आत्मसमर्पण के बाद उन्हें पुनर्वास प्रक्रिया के तहत प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिला। उन्होंने ट्रैक्टर ऑपरेटर के रूप में प्रशिक्षण लिया, जहां उन्होंने न केवल भारी मशीनों का संचालन सीखा, बल्कि अनुशासन, जिम्मेदारी और आत्मविश्वास को भी अपने जीवन में अपनाया। निरंतर मेहनत और सीखने की इच्छा ने उनके व्यक्तित्व में सकारात्मक बदलाव लाया। 

आज मनकू कड़ती एक बदले हुए इंसान के रूप में सामने आए हैं। वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अग्रसर हैं और समाज के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। जहां पहले उनके जीवन में डर और अस्थिरता थी, वहीं अब आत्मविश्वास और नई उम्मीद ने जगह ले ली है। मनकू कड़ती के जीवन की यह नई शुरूआत इस बात का प्रमाण है कि विपरीत परिस्थितियों और गलत दिशा में बढ़ते कदमों के बावजूद, यदि व्यक्ति दृढ़ निश्चय कर ले तो जीवन में सकारात्मक बदलाव संभव है।

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परंपरागत खेती से आगे बढ़कर अदरक बना आय का नया सहारा—युवा किसान ने दोगुनी कमाई से रचा सफलता का इतिहास

रायपुर, 8 अप्रैल 2026/ सरकार की “एक जिला एक उत्पाद” योजना अब धरातल पर किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। इसी क्रम में बालोद जिले के गुण्डरदेही विकासखंड अंतर्गत ग्राम बघमरा के युवा प्रगतिशील किसान श्री आकाश चंद्राकर ने अदरक की खेती के माध्यम से सफलता की एक नई मिसाल प्रस्तुत की है।
पारंपरिक फसलों से आगे बढ़ते हुए आकाश चंद्राकर ने “एक जिला एक उत्पाद” योजना से प्रेरित होकर अपने लगभग ढाई एकड़ खेत में अदरक की खेती की शुरुआत की। वैज्ञानिक पद्धतियों और बेहतर प्रबंधन के साथ की गई इस खेती से उन्हें उत्कृष्ट उत्पादन प्राप्त हुआ। साथ ही बाजार में अदरक की अच्छी मांग के कारण उन्हें अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिला, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

किसानों को प्रोत्साहित करने और खेती की लागत को कम करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन के उद्यानिकी विभाग द्वारा राज्य पोषित मसाला क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम के अंतर्गत आकाश चंद्राकर को लगभग 49 हजार रुपये का अनुदान प्रदान किया गया। इस वित्तीय सहयोग से उन्हें आधुनिक कृषि संसाधन जुटाने, गुणवत्तापूर्ण बीज एवं तकनीकों का उपयोग करने में सहायता मिली, जिसका सीधा लाभ उत्पादन और गुणवत्ता में दिखाई दिया।

आकाश चंद्राकर बताते हैं कि अदरक की खेती उनके लिए समृद्धि का नया द्वार बनकर आई है। शासन से प्राप्त अनुदान ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाया और उन्हें बेहतर उत्पादन हासिल करने के लिए प्रेरित किया। उनका मानना है कि सही मार्गदर्शन और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से खेती को लाभकारी बनाया जा सकता है।

“एक जिला एक उत्पाद” के अंतर्गत अदरक को चयनित किए जाने के बाद जिले के अन्य किसान भी इस नगदी फसल की ओर आकर्षित हो रहे हैं। पारंपरिक फसलों की तुलना में अदरक से प्राप्त अधिक शुद्ध लाभ ने किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है। जिला प्रशासन बालोद और उद्यानिकी विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जा रही तकनीकी सलाह एवं अनुदान से खेती अब घाटे का सौदा नहीं, बल्कि लाभ का माध्यम बनती जा रही है।

श्री चंद्राकर ने केंद्र एवं राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि शासन की इस पहल से बालोद जिला अदरक उत्पादन के क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित करेगा।

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शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से संवरा जीवन,पीएम आवास, उज्ज्वला और महतारी वंदन से मिला संबल

रायपुर, 08 अप्रैल 2026/ शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाएं ग्रामीण अंचलों में न केवल आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करा रही हैं, बल्कि आमजन के जीवन में सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का नया अध्याय भी जोड़ रही हैं। इसी कड़ी में जांजगीर-चांपा जिले के विकासखंड पामगढ़ के ग्राम लोहर्सी की निवासी श्रीमती ज्योति कश्यप की जीवन यात्रा परिवर्तन की एक प्रेरक मिसाल है।

कभी अभाव और कठिनाइयों से जूझ रही श्रीमती ज्योति कश्यप का जीवन आज शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से पूरी तरह बदल चुका है। पूर्व में उनका कच्चा मकान हर मौसम में चुनौती बन जाता था। वर्षा के दौरान छत टपकना, घर में पानी भरना और असुरक्षित वातावरण में रहना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था। इसके साथ ही लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाते समय उठने वाले धुएं से आंखों में जलन और सांस लेने में कठिनाई जैसी समस्याएं उनके स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर रही थीं।

परिस्थितियों में सकारात्मक बदलाव तब आया, जब उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी मिली। उन्होंने आशा और विश्वास के साथ आवेदन किया और आवास स्वीकृत होने के बाद उनके जीवन में जैसे नई रोशनी का संचार हुआ। पक्के मकान के निर्माण से अब उनका परिवार सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक वातावरण में निवास कर रहा है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस कनेक्शन प्राप्त होने से उनकी रसोई धुएं से मुक्त हो गई है, जिससे स्वास्थ्य में सुधार के साथ-साथ समय और श्रम की भी बचत हो रही है।

श्रीमती ज्योति कश्यप के जीवन में आत्मनिर्भरता का एक नया आयाम महतारी वंदन योजना से जुड़ा है। इस योजना के तहत प्रतिमाह प्राप्त होने वाली 1000 रुपये की सहायता राशि से वे अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति स्वयं कर पा रही हैं। जहां पहले उन्हें छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, वहीं अब वे आत्मसम्मान के साथ अपने निर्णय लेने में सक्षम हुई हैं। आज श्रीमती ज्योति कश्यप का जीवन इस बात का प्रमाण है कि शासन की योजनाएं यदि सही पात्र तक पहुंचें, तो वे न केवल जीवन स्तर को सुधारती हैं, बल्कि आत्मविश्वास और स्वाभिमान को भी नई ऊंचाई प्रदान करती हैं।

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नक्सलवाद के खात्मे के बाद सुकमा में विकास की रफ्तार तेज, मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से गांव-शहर की दूरी हुई खत्म

रायपुर, 08 अप्रैल 2026/कभी नक्सल प्रभाव और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण जिन गांवों के लोग अपने ही क्षेत्र में सीमित रहने को विवश थे, आज वही ग्रामीण निर्भय होकर शहरों तक आवागमन कर रहे हैं। माओवाद के खात्में और सुरक्षा व्यवस्था के सुदृढ़ होने के साथ-साथ शासन की जनहितकारी योजनाओं ने सुकमा जिले के दूरस्थ अंचलों में विकास की नई इबारत लिखनी शुरू कर दी है।

इसी परिवर्तन का सशक्त उदाहरण मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के रूप में सामने आया है, जिसने वनांचल और अंदरूनी क्षेत्रों के जनजीवन को नई गति प्रदान की है। सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड के दूरस्थ ग्राम लखापाल, केरलापेंदा और नागाराम सहित आसपास के गांवों के लिए अब दोरनापाल तक पहुंचना सहज और सुरक्षित हो गया है।

पूर्व में ग्रामीणों को मुख्य मार्ग तक पहुंचने के लिए 8 से 10 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता था। ग्राम लखापाल के निवासी श्री कूड़ाम जोगा बताते हैं कि बस सेवा प्रारंभ होने से पहले चिंतलनार तक पैदल जाना उनकी मजबूरी थी। कई बार बस छूट जाने के कारण पूरा दिन व्यर्थ चला जाता था और आवश्यक कार्य अधूरे रह जाते थे। अब दोरनापाल-नागाराम मार्ग पर नियमित बस सेवा प्रारंभ होने से यह समस्या पूरी तरह समाप्त हो गई है।

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के अंतर्गत संचालित बस सेवा अब पोलमपल्ली, कांकेरलंका, चिंतागुफा, चिंतलनार, लखापाल, केरलापेंदा और नागाराम जैसे गांवों के समीप से गुजर रही है। इससे ग्रामीण अब आसानी से बस के माध्यम से दोरनापाल पहुंचकर अपने दैनिक कार्य समय पर पूर्ण कर रहे हैं और उसी दिन सुरक्षित वापस भी लौट पा रहे हैं। यह सुविधा विशेष रूप से महिलाओं, बुजुर्गों, विद्यार्थियों एवं श्रमिकों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है।

जहां पहले नक्सलियों के भय के कारण ग्रामीणों का बाहर निकलना भी कठिन था, वहीं अब सुरक्षा वातावरण में सुधार के चलते वे निर्भय होकर रोजगार, व्यापार, शिक्षा और उपचार के लिए शहरों की ओर अग्रसर हो रहे हैं। बस सुविधा ने न केवल आवागमन को सुगम बनाया है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान की है।
इरकमपल्ली निवासी श्री मोहनरंजन ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन रही है। इससे न केवल कनेक्टिविटी बढ़ी है, बल्कि रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बल मिला है।

कलेक्टर श्री अमित कुमार के अनुसार, पूर्व में नक्सल प्रभावित एवं दूरस्थ क्षेत्रों में वर्तमान में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत 10 बसों का संचालन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 5 ‘हक्कुम मेल’ बसें भी नियमित रूप से संचालित हो रही हैं। बस संचालन को प्रोत्साहित करने हेतु शासन द्वारा सब्सिडी प्रदान की जा रही है तथा तीन वर्षों के लिए रोड टैक्स में छूट भी दी गई है।

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना अब केवल एक परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि सुकमा जिले के ग्रामीण अंचलों में विश्वास, सुरक्षा और विकास का प्रतीक बन चुकी है। नक्सलवाद के अंधकार से निकलकर यह क्षेत्र अब प्रगति और आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर अग्रसर है, जहां हर सफर अब नई संभावनाओं की ओर ले जा रहा है।

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जशरंग राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव के चौथे दिन कला, संस्कृति और भावनाओं का अद्भुत संगम — छात्राओं के लोकनृत्य और भरतनाट्यम ने मोहा मन, “रवि वर्मा: द अनटोल्ड बैटल” ने दर्शकों को किया भावुक

जशपुर 07 अफ़्रैल 2026 : जशरंग राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव में चौथे दिन भी खूबसूरत प्रस्तुतियां हुई. जिसमें पी एम श्री केंद्रीय विद्यालय की छात्रा पारुल ने राजस्थानी लोकनृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया वहीं श्री महावीर दिगंबर जैन विद्यालय के छात्रों के द्वारा वंदे मातरम पर भरतनाट्यम की शानदार प्रस्तुति दी जिसका निर्देशन किया छत्तीसगढ़िया क्लाउड की नृत्य प्रशिक्षक मनीषा भगत ने. सरस्वती कथक केंद्र की छात्राओं के द्वारा समूह नृत्य प्रस्तुत किया गया जिसका निर्देशन सरस्वती पाठक के द्वारा किया गया.
नाटकों की प्रस्तुति के क्रम में नाटक “रवि वर्मा: द अनटोल्ड बैटल” का प्रभावशाली मंचन किया गया। इस प्रस्तुति ने दर्शकों को भारतीय कला, समाज और विचारधारा के गहरे संघर्ष से रूबरू कराया।

नाटक का निर्देशन प्रख्यात रंगकर्मी डॉ. आनंद कुमार पांडे द्वारा किया गया, जबकि इसका लेखन रोहित श्रीवास्तव और आनंद पांडे ने संयुक्त रूप से किया है। यह नाटक महान चित्रकार राजा रवि वर्मा के जीवन के उस अनछुए संघर्ष को सामने लाता है, जिसमें उन्होंने कला की स्वतंत्रता और सामाजिक बंधनों के बीच एक नई राह बनाई। उनकी कला ने देवी-देवताओं को मानवीय रूप में प्रस्तुत कर उन्हें आम जन तक पहुँचाया, जिसके कारण उन्हें विरोध, विवाद और न्यायालय तक का सामना करना पड़ा ।

मंचन में कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय से पात्रों को जीवंत कर दिया। राजा रवि वर्मा की भूमिका में रोहित श्रीवास्तव ने प्रभावशाली प्रस्तुति दी, वहीं आयिलियम तिरुनाल के रूप में अल्बर्ट श्रीवास्तव ने राजसी गरिमा को बखूबी प्रस्तुत किया। थावेंद्र रजक ने थियोडोर जेम्सन और वकील की दोहरी भूमिका निभाकर अपनी अभिनय क्षमता का परिचय दिया। आमोद श्रीवास्तव ने रामस्वामी नायकर और जज की भूमिकाओं में संतुलित अभिनय प्रस्तुत किया।

सुगंधा के रूप में दिव्या राय ने भावनात्मक दृश्यों में दर्शकों को प्रभावित किया, जबकि आचार्य चिंतामणि के रूप में मनमोहन कास्दे ने अपने प्रभावशाली संवादों से नाटक में गहराई जोड़ी। अनमोल पमनानी ने बड़ौदा महाराज और राजा वर्मा की भूमिका निभाई, वहीं गजेंद्र साहू ने राजा राज वर्मा और मोहन श्री के रूप में सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई। चंद्र मोहन ने आर्मुखम पिल्लई और रंगनाथन के रूप में अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया।

नाटक की तकनीकी प्रस्तुति भी उतनी ही प्रभावशाली रही। प्रकाश व्यवस्था का दायित्व स्वप्निल हुड्डर ने संभाला, जिसने पूरे मंचन को एक अलग ही दृश्यात्मक गहराई प्रदान की। वहीं संगीत पक्ष को विकास गायकवाड़ ने सशक्त रूप से संवारा, जिसने नाटक के भावों और दृश्यों को और अधिक प्रभावी बना दिया।

पूरे मंचन के दौरान दर्शकों की गहरी सहभागिता देखने को मिली। विशेष रूप से अदालत के दृश्य और कलाकार के आंतरिक संघर्ष को दर्शाने वाले प्रसंगों ने दर्शकों को भावुक कर दिया और सोचने पर मजबूर किया।

यह नाटक केवल एक कलाकार की कहानी नहीं, बल्कि कला की स्वतंत्रता, समाज की सोच और अभिव्यक्ति की सीमाओं पर एक सशक्त प्रश्न भी उठाता है। “रवि वर्मा: द अनटोल्ड बैटल” ने जशरंग नाट्य महोत्सव में एक प्रभावशाली छाप छोड़ी और दर्शकों के बीच लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहेगा। प्रस्तुति पश्चात मंच पर शशि कुमार (IFS) को प्रतीक चिन्ह और उपहार प्रदान कर सम्मानित किया गया. मुख्य अतिथि के रूप में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की संरक्षिका कुंवररानी जया सिंह जुदेव की महोत्सव में उपस्थित रही और उन्होंने नाटक की प्रशंसा करते हुए कलाकारों को आशिर्वाद दिया.

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आत्मनिर्भरता की मिसाल बनी ग्रामीण महिलाएं : गृह उद्योग और हस्तशिल्प से संवर रहा भविष्य, स्वरोजगार से बढ़ी आय

रायगढ़, 7 अप्रैल 2026/ शासन की राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत जिले की ग्रामीण महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की सशक्त मिसाल बनकर उभर रही हैं। योजना से जुड़कर महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं, बल्कि अपने परिवार की आय बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। ग्राम बड़ेभंडार निवासी मथुरा कुर्रे ने बताया कि बिहान से जुड़ने के बाद उन्हें “आर.एफ.” और “सी.आई.एफ.” के तहत आर्थिक सहयोग मिला। इस सहायता से उन्होंने घर पर ही अचार, पापड़, बड़ी एवं मसाला निर्माण का कार्य प्रारंभ किया। आज वे अपने उत्पादों को बाजार में विक्रय कर अच्छी आय अर्जित कर रही हैं। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और वे आत्मनिर्भर बन सकी हैं। 
           इसी तरह ग्राम रूमकेरा, तहसील घरघोड़ा की जमुना सिदार पहले गृहिणी थीं। बिहान से जुड़ने के बाद उन्होंने बांस शिल्प का प्रशिक्षण प्राप्त किया और टोकरी, सूपा एवं अन्य उत्पाद बनाना शुरू किया। उन्हें विभिन्न मेलों, विशेषकर ‘सरस मेला’ में अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर मिला। इसे वे अच्छी खासी आय अर्जित कर रही हैं, जिससे उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आया है। बिहान योजना महिलाओं को केवल आर्थिक सहयोग ही नहीं, बल्कि कौशल विकास, आत्मविश्वास और नई पहचान भी प्रदान कर रही है। जिले में अनेक महिलाएं इस योजना से जुड़कर स्वरोजगार के माध्यम से अपने जीवन को नई दिशा दे रही हैं। बता दें कि शासन की मंशानुरूप जिला प्रशासन द्वारा महिलाओं के आर्थिक रुप से सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य किए जा रहे है, जिससे महिलाएं विभिन्न योजनाओं से जुड़कर आर्थिक रुप से संबल हो रही है।

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“रायगढ़ में राशन क्रांति: तीन माह का खाद्यान्न एकमुश्त वितरण की तैयारी, 665 दुकानों में अग्रिम भंडारण का टारगेट, 15 अप्रैल तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश

रायगढ़, 7 अप्रैल 2026/ कलेक्टर के निर्देशानुसार आज अपर कलेक्टर श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो ने खाद्य विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक लेकर जिले में संचालित खाद्यान्न भंडारण एवं वितरण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। अपर कलेक्टर ने कहा कि जिले की सभी 665 उचित मूल्य दुकानों में आगामी तीन माह का खाद्यान्न एकमुश्त भंडारित कर उसका सुचारु वितरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि हितग्राहियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि अप्रैल माह के भंडारण कार्य को शीघ्र पूर्ण करते हुए सभी उचित मूल्य दुकानों में “चावल उत्सव” आयोजित किया जाए और हितग्राहियों को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए। साथ ही शेष दो माह के खाद्यान्न भंडारण कार्य को 15 अप्रैल तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए।
            अपर कलेक्टर ने सभी गोदामों में भंडारण एवं वितरण के लिए पर्याप्त संख्या में हमाल उपलब्ध रखने, परिवहन हेतु पर्याप्त वाहनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा कार्य में तेजी लाने के लिए अवकाश के दिनों में भी गोदाम खुले रखने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के लिए कहा, जिससे भंडारण और वितरण प्रक्रिया सुव्यवस्थित रुप से हो सके। साथ ही कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग कर निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।बैठक में खाद्य अधिकारी श्री चितरंजन सिंह, सहायक खाद्य अधिकारी राबिया खान, जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम, सभी एएफओ/एफआई, जिले के सभी प्रदाय केंद्रों के प्रभारी, स्टेट वेयर कॉर्पोरेशन के नोडल अधिकारी, शाखा प्रबंधक एवं समस्त परिवहनकर्ता उपस्थित रहे।

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लाल आतंक के अंत के साथ सुकमा में विकास की नई सुबह — मेगा हेल्थ कैंप में उमड़ा जनसैलाब, 6500 से ज्यादा लोगों को मिला मुफ्त इलाज

रायपुर 07 अप्रैल 2026/ मेगा हेल्थ कैंप एक प्रमुख निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर है, जहाँ नामी सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर कैंसर, हृदय रोग, स्त्री रोग, और नेत्र रोग जैसी बीमारियों का मुफ्त इलाज, जांच और दवाइयां प्रदान करते हैं। इसमें आयुर्वेदिक चिकित्सा, दिव्यांगों के लिए कृत्रिम अंग वितरण और आधुनिक जांचकी सुविधाएं भी मिलती हैं। लाल आतंक की समाप्ति के इस दौर में जब क्षेत्र में शांति और सुरक्षा का माहौल बना है, तब प्रशासन की पहुँच अंतिम छोर के व्यक्ति तक आसान हुई है। 

         जिला प्रशासन सुकमा और बेंगलुरु के एनटीआर फाउंडेशन के साझा प्रयासों से आयोजित दो दिवसीय सुपर स्पेशलिटी मेगा स्वास्थ्य शिविर का गत दिवस आयोजन किया गया। प्रदेश के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री एवं सुकमा जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के द्वारा शुभारंभ पश्चात इस मेगा स्वास्थ्य शिविर में उन संवेदनशील और अंदरूनी क्षेत्रों के 3,700 से अधिक ग्रामीण बेखौफ होकर पहुँचे, जो कभी मुख्यधारा से कटे हुए थे। कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह के निर्देशानुसार कलेक्टर श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित उक्त मेगा स्वास्थ्य शिविर में कुल 6,500 से अधिक लाभार्थियों की उपस्थिति ने यह साबित कर दिया कि अब ग्रामीण बंदूकों के साये से निकलकर आधुनिक चिकित्सा और विशेषज्ञ परामर्श पर भरोसा जता रहे हैं। शिविर के दौरान 21 विशेषज्ञ डॉक्टरों और 40 स्वास्थ्य योद्धाओं की टीम ने इन वनवासियों के लिए देवदूत बनकर काम किया।

            बस्तर के सुदूर अंचलों में कभी लाल आतंक की धमक से सहमे रहने वाले सुकमा जिले की तस्वीर अब पूरी तरह बदल चुकी है। दशकों पुराने संघर्ष और भय के बादलों को चीरकर अब यहाँ विकास और खुशहाली की नई किरणें बिखर रही हैं। जिला प्रशासन सुकमा और बेंगलुरु के एनटीआर फाउंडेशन के साझा प्रयासों से आयोजित दो दिवसीय सुपर स्पेशलिटी मेगा स्वास्थ्य शिविर इस बात का जीवंत प्रमाण है कि अब सुकमा नक्सलवाद की बेड़ियों को तोड़कर स्वस्थ और सशक्त होने की राह पर निकल पड़ा है। मिनी स्टेडियम में विगत 28 और 29 मार्च को आयोजित इस शिविर ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि जहाँ कभी गोलियों की गूँज थी, आज वहाँ सेवा और संकल्प के गीत गाए जा रहे हैं।

        शिविर में केवल सामान्य बीमारियों का ही नहीं, बल्कि कैंसर, हृदय रोग और न्यूरोलॉजी जैसी गंभीर समस्याओं का भी विशेषज्ञ उपचार किया गया। नक्सलवाद के दौर में स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रहे बुजुर्गों के लिए 989 चश्मों का वितरण किया गया, जिससे उनकी धुंधली दुनिया एक बार फिर रोशनी से भर उठी। वहीं 1,500 बच्चों का व्यापक स्वास्थ्य परीक्षण कर आने वाली पीढ़ी को कुपोषण और बीमारियों से मुक्त करने का संकल्प लिया गया। विशेष रूप से 85 महिलाओं की कैंसर स्क्रीनिंग और 2,300 आभा आईडी का निर्माण इस बात का प्रतीक है कि सुकमा अब डिजिटल स्वास्थ्य और सुरक्षा कवच से लैस हो रहा है।

       लाल आतंक के खात्मे के बाद सुकमा का यह बदलाव पूरे देश के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल है। यह शिविर केवल एक चिकित्सकीय आयोजन नहीं था, बल्कि शासन-प्रशासन के प्रति जनता के अटूट विश्वास का उत्सव था। 153 आयुष्मान कार्डों का मौके पर निर्माण यह सुनिश्चित करता है कि अब सुदूर अंचल का गरीब से गरीब व्यक्ति भी पैसे के अभाव में इलाज से वंचित नहीं रहेगा। सुकमा आज नक्सलवाद की पहचान को पीछे छोड़कर सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज की दिशा में एक रोल मॉडल बनकर उभर रहा है, जहाँ हर चेहरा मुस्कुरा रहा है और हर कदम एक खुशहाल भविष्य की ओर बढ़ रहा है।

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गर्मी से पहले बड़ी सौगात: मंत्री लखन लाल देवांगन ने लोकार्पण किया नया विद्युत उपकेंद्र, अब नहीं होगी बिजली की समस्या

रायपुर, 07 अप्रैल 2026/ वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम विभाग के मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने आज कोरबा शहर के सुभाष चौक स्थित पुष्पलता उद्यान के समीप छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा निर्मित 1×5 एमवीए क्षमता वाले 33/11 केवी उपकेंद्र (सीडीईएफ कॉलोनी) का फीता काटकर लोकार्पण किया। लगभग 1.90 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस महत्वपूर्ण विद्युत अधोसंरचना परियोजना को उन्होंने क्षेत्र की जनता को समर्पित किया।

कोरबा शहर में निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मंत्री श्री देवांगन द्वारा किए जा रहे लगातार प्रयासों को यह परियोजना और भी मजबूती प्रदान करती है। लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा मुख्यमंत्री विद्युत अधोसंरचना योजना के अंतर्गत विभिन्न विद्युत परियोजनाओं को निरंतर स्वीकृति मिल रही है, जिसके कारण प्रदेश में बिजली व्यवस्था और मजबूत हो रही है।

नवनिर्मित उपकेंद्र से कोसाबाड़ी, निहारिका, घंटाघर, बुधवारी, काशी नगर, सीएसईबी कॉलोनी, आरपी नगर, शिवाजी नगर सहित आसपास के क्षेत्रों के पांच हजार से अधिक उपभोक्ताओं को सीधे लाभ मिलेगा। अब तक निहारिका क्षेत्र के उपभोक्ताओं को अलग-अलग फीडरों से बिजली आपूर्ति की जाती थी, जिससे किसी एक फीडर में खराबी होने पर पूरे क्षेत्र की आपूर्ति बाधित हो जाती थी। उपकेंद्र के प्रारंभ होने के बाद वैकल्पिक लाइन से तत्काल और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।

मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में निरंतर विकास के कार्य किए जा रहे हैं और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की प्रत्येक गारंटी को पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस नए विद्युत उपकेंद्र के शुरू होने से गर्मी के मौसम में बढ़ते बिजली दबाव से क्षेत्रवासियों को राहत मिलेगी। यह उपकेंद्र लंबे समय से क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता थी, जो अब पूरी हो चुकी है।

उन्होंने उपभोक्ताओं की समस्याओं पर चर्चा करते हुए कहा कि कई परिवार आर्थिक कारणों से समय पर बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाते, जिसके कारण सरचार्ज बढ़ता जाता है और बिल का भुगतान कठिन हो जाता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा समाधान योजना लागू की गई है, जिससे उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिल रही है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभिन्न वार्डों में शिविर भी लगाए जा रहे हैं।

लोकार्पण कार्यक्रम में महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, जनप्रतिनिधिगण, विभागीय अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

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चलती स्कार्पियो में ठूंसकर ले जाए जा रहे थे गौवंश — पुलिस की घेराबंदी में खुला तस्करी का खेल, 6 मवेशी सुरक्षित,एक आरोपी गिरप्तार

7 अप्रैल, रायगढ़* । एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में जिले में गौवंशों के संरक्षण को लेकर “ऑपरेशन शंखनाद” चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में दिनांक 06.04.2026 को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल कुमार सोनी के मार्गदर्शन में प्रशिक्षु डीएसपी अजय नागवंशी एवं थाना प्रभारी कोतरारोड़ के नेतृत्व में गौवंश तस्करी के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए स्कार्पियो वाहन से 06 गौवंश को मुक्त कराया गया है।

???? *स्कार्पियो में भरकर ले जाए जा रहे थे गौवंश — पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा आरोपी*

        थाना कोतरारोड़ पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी कि एक सिल्वर रंग की स्कार्पियो वाहन क्रमांक CG 13 D 0941 में मवेशियों को भरकर ग्राम सरवानी से रायगढ़ की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना पर प्रशिक्षु डीएसपी अजय नागवंशी द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए तत्काल पुलिस टीम के साथ ग्राम बैसपाली चौक में घेराबंदी की गई।

          घेराबंदी के दौरान मुखबिर के बताए अनुसार एक सिल्वर रंग की स्कार्पियो वाहन को रोककर जांच की गई, जिसमें अंदर बेरहमीपूर्वक 06 नग गौवंश भरे हुए पाए गए। वाहन चालक से पूछताछ करने पर उसने अपना नाम मकसूद खान पिता आसिर खान उम्र 27 वर्ष निवासी साईटागर टोली थाना लोदाम जिला जशपुर (छ.ग.) बताया।

         पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह वाहन मालिक जांहगीर शाह के कहने पर ग्राम सरवानी से मवेशी लेकर जा रहा था, जहां ललित नामक व्यक्ति से 06 गौवंश वाहन में लोड किए गए थे।

???? *06 गौवंश मुक्त कराए गए — आरोपी गिरफ्तार, अन्य आरोपियों की तलाश जारी*

          पुलिस द्वारा आरोपी के कब्जे से गौवंश तस्करी में प्रयुक्त स्कार्पियो वाहन, 06 नग गौवंश, जिसकी अनुमानित कीमत 18,000 रुपये है, को जप्त कर सुरक्षित कब्जे में लिया गया। आरोपी मकसूद खान के विरुद्ध थाना कोतरारोड़ में अपराध क्रमांक 108/2026 धारा 4, 6 छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिक्षण अधिनियम 2004 एवं धारा 11 पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। जप्त मवेशियों का पशु चिकित्सक से परीक्षण कराया गया है, मवेशी स्वस्थ है, उनके चारा पानी की व्यवस्था की गई है ।
        प्रकरण में संलिप्त अन्य आरोपी जांहगीर शाह एवं ललित की गिरफ्तारी शेष है, जिनकी पतासाजी की जा रही है।
        उक्त कार्रवाई में प्रशिक्षु डीएसपी अजय नागवंशी के नेतृत्व में आरक्षक राजेश खाण्डे,  धनेश्वर उरांव, रवि सिंह एवं अन्य स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश* —

      *“गौवंश तस्करी एवं पशु क्रूरता के मामलों में रायगढ़ पुलिस द्वारा ‘ऑपरेशन शंखनाद’ के तहत लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इस प्रकार के अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों पर सख्त कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”*

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कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जनदर्शन में सुनी आमजन की समस्याएँ,अधिकारियों को समयबद्ध एवं पारदर्शी निराकरण के दिए निर्देश

जशपुरनगर 07 अप्रैल 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज मंगलवार को जिला कार्यालय में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में आम नागरिकों से सीधे रूबरू होकर उनकी समस्याओं और मांगों को गंभीरतापूर्वक सुना। जनदर्शन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने अपनी व्यक्तिगत एवं सामूहिक समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। कलेक्टर ने सभी आवेदनों का ध्यानपूर्वक अवलोकन करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
       आज आयोजित जनदर्शन में कुल 32 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें प्रमुख रूप से राजस्व प्रकरण, स्वच्छता एवं साफ-सफाई, अधोसंरचना निर्माण, आजीविका उन्नयन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ, तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं से संबंधित समस्याएँ और मांगें शामिल थीं। कलेक्टर श्री व्यास ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर समय-सीमा के भीतर उनका निराकरण किया जाए, ताकि नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। 
      कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने अधिकारियों को  आवेदनों पर की गई कार्यवाही की जानकारी संबंधित आवेदकों को समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, जिससे उन्हें अपने प्रकरण की स्थिति की स्पष्ट जानकारी मिल सके। उन्होंने विशेष रूप से जनसुविधाओं से जुड़े मामलों, जैसे पेयजल, सड़क, स्वच्छता और शासकीय योजनाओं के लाभ से संबंधित प्रकरणों पर संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्रवाई करने पर जोर दिया।

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Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai presents Bastar Roadmap 2.0 to Prime Minister Shri Narendra Modi, outlines next phase of growth after peace in region

Raipur, April 7, 2026// Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai met Prime Minister Shri Narendra Modi in New Delhi today and presented a detailed plan for the next phase of Bastar’s development under ‘Bastar Roadmap 2.0’.

He thanked the Prime Minister on behalf of the state’s three crore citizens, stating that sustained guidance and resolve had led to major progress towards the goal of eliminating Maoism by March 31.

Chief Minister said that with peace returning to Bastar, the government is now focusing on faster development, job creation, and strengthening everyday life. The roadmap gives priority to agro and agro-forestry sectors, expansion of irrigation, and tourism, with the aim of opening up new opportunities for local youth.

*Prime Minister appreciates impact of ‘Niyad Nella Nar’ scheme*

During the meeting, Chief Minister briefed Prime Minister on ongoing work in Bastar. He said the state is working on a strategy centred on saturation, connect, facilitate, empower, and engage. Prime Minister praised the implementation of the ‘Niyad Nella Nar’ scheme stating that it has improved access to basic services in areas once heavily affected by Maoism. Shri Sai shared findings from a third-party assessment conducted by the National Council for Applied Economic Research (NCAER). The survey shows that 93 percent of villages now have primary schools, with 97 percent of children receiving mid-day meals, uniforms, and books. Anganwadi centres are operational in 97 percent of villages. Most villages are linked to Ayushman Arogya Mandirs, and 89 percent of residents have Ayushman cards. By March 2026, coverage of ration cards and Aadhaar has crossed 95 percent.

*Focus on connectivity, livelihoods, and social outreach* 

Chief Minister said the ‘Niyad Nella Nar’ scheme will now be expanded to ten districts, including all seven districts of Bastar division along with Gariaband, Mohla-Manpur-Ambagarh Chowki, and Khairagarh-Chhuikhadan-Gandai.

To improve mobility in remote areas, the Mukhyamantri Gramin Bus Yojana has been introduced and is currently running on 38 routes in Bastar.

He added that events such as Bastar Pandum and Bastar Olympics have helped build local pride and brought renewed energy to the region.

Under the Elvad scheme, development works worth up to Rs 1 crore are being approved in Maoist-free gram panchayats. Rehabilitation efforts for surrendered Maoists and affected families are also underway.

*Expansion in education, healthcare, and irrigation* 

Shri Sai informed the Prime Minister that education cities are being developed in Orchha and Jagragunda on the lines of Dantewada Education City. A super-speciality hospital has started operations in Jagdalpur, while health centres in remote areas are now functioning more effectively. A medical college is also being set up in Geedam, Dantewada.

He said irrigation projects worth over Rs 2,000 crore are in progress, including barrages at Matnar and Deurgaon on the Indravati river. These are expected to strengthen agriculture and water management.

*Income growth and livelihood strategy* 

Chief Minister noted that 85 percent of families in Bastar currently earn less than Rs 15,000 per month. The government has set a target to raise this to Rs 30,000 within three years. For this, self-reliant livelihood clusters will be developed, linking beneficiaries to NRLM, cooperative societies, farmer producer organisations, and Van Dhan centres.

A saturation camp initiative named ‘Bastar Munne’ will also be launched. Camps will be organised in every gram panchayat to ensure delivery of schemes and quick resolution of public grievances.

*Invitation to Prime Minister to visit Bastar*

Shri Sai said the people of Bastar share a strong bond with the Prime Minister and invited him to visit the region. He requested time for Bhoomipujan ceremonies of key railway and irrigation projects. 

Chief Minister described the meeting as productive and said the state will continue to move ahead with focused efforts to develop Bastar as a region of emerging opportunities.

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