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ऑपरेशन आघात” का महाएक्शन: अवैध शराब माफियाओं पर पुलिस का ताबड़तोड़ हमला, 48 घंटे में 10 गिरफ्तार — 93 लीटर महुआ, 59 पाव देशी-विदेशी शराब और 2 बाइक जब्त, SSP का सख्त अल्टीमेटम

रायगढ़, 22 मार्च ।  वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन में जिले में चलाए जा रहे “ऑपरेशन आघात” के तहत अभियान स्तर पर अवैध शराब के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में पिछले 48 घंटे के भीतर थाना छाल, चक्रधरनगर, भूपदेवपुर एवं जूटमिल पुलिस द्वारा अलग-अलग स्थानों पर रेड कार्रवाई कर 93 लीटर महुआ शराब, 59 पाव देशी/अंग्रेजी शराब और शराब परिवहन में प्रयुक्त दो मोटर सायकलों को जब्त किया गया है । अवैध शराब के कारोबार पर सभी थाना क्षेत्रों में प्रभावी प्रहार किया गया है।

*थाना चक्रधरनगर पुलिस की अवैध शराब पर लगातार पांच कार्रवाई, 6 आरोपियों को किया गिरफ्तार, एक बाइक भी जप्त*-

  आज दिनांक 22.03.2026 को एसएसपी श्री शशि मोहन के दिशा निर्देशन पर ऑपरेशन आघात के तहत चलाये जा रहे अभियान के शुरूवात में चक्रधरनगर पुलिस द्वारा *ग्राम बंगुरसिया* में आरोपी किशन यादव (28 साल) के कब्जे से 25 लीटर, *ग्राम गोवर्धनपुर* में आरोपी छोटे लाल एक्का (32 साल) से 12 लीटर महुआ शराब, गोवर्धनपुर के आरोपी राजू एक्का (27 साल) के कब्जे से 15 लीटर तथा आरोपिया सुनीता कुजूर (36 साल) के कब्जे से 07 लीटर कच्ची महुआ शराब जप्त की गई। सभी आरोपियों के विरुद्ध धारा 34(2), 59(क) आबकारी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया है।

     वहीं कल चक्रधरनगर पुलिस द्वारा *ग्राम पंडरीपानी पेट्रोल पंप के पास मेन रोड पर* मोटरसाइकिल से अवैध देशी शराब परिवहन करते दो आरोपी- बंधीधर सतनामी पिता स्व0 शोभा राम सतनामी निवासी महापल्ली थाना चक्रधरनगर  और राम नरेश टण्डन पिता स्व0 उत्तीम दास टण्डन निवासी ग्राम महापल्ली थाना चक्रधरनगर से 30 नग देशी प्लेन मदिरा (लगभग 5.400 लीटर) जप्त की गई।

 *थाना भूपदेवपुर पुलिस की ग्राम रसियामुड़ा और दर्रामुडा में रेड, दो आरोपी महुआ और अंग्रेजी शराब के साथ गिरफ्तार*-

  आज दिनांक 22.03.2026 को भूपदेवपुर पुलिस द्वारा ग्राम रसियामुड़ा और जबलपुर में अभियान स्तर पर अवैध शराब पर कार्रवाई की गई । पुलिस टीम द्वारा गांव के बाहर अवैध रूप से महुआ शराब बनाने भट्ठी को तोड़ा गया और शराब बनाने रखे भारी मात्रा में महुआ पास को नष्टीकरण किया गया है । इस दौरान पुलिस ने आरोपी कुमार राठिया (45 वर्ष) के कब्जे से 06 लीटर कच्ची महुआ शराब बरामद कर जप्त की गई। पुलिस को सूचना मिली थी की आरोपी घर के बाडी में अवैध रूप से शराब बिक्री कर रहा है । आरोपी के विरुद्ध आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।

     वहीं कल मुखबीर सूचना पर ग्राम दर्रामुडा शारडा एनर्जी 02 नम्बर गेट के पास मेन रोड में भूपदेवपुर पुलिस ने आरोपी बरत लाल पटैल पिता हेमकुमार उम्र 24 वर्ष साकिन दर्रामुडा को 29 अंग्रेजी शराब के साथ गिरफ्तार किया गया । आरोपी पर थाना भूपदेवपुर में धारा 34(2), 59(क) आबकारी एक्ट कायम किया गया। 

*थाना जूटमिल पुलिस की कार्रवाई, वाहन सहित शराब जब्त*-

  कल जूटमिल पुलिस द्वारा मुखबीर सूचना पर स्पलेंण्डर प्लस मो०सा० क सी0जी0-13-जी-9972 में  शराब परिवहन कर रहे युवक को घेराबंदी कर पकड़ा । आरोपी राकेश मिरधा पिता ईश्वर मिरधा उम्र 18 वर्ष 06 माह सा० ग्राम नेतनागर मौदहाभाठा वार्ड क 14 थाना जूटमिल रायगढ को पकड़ा गया, जिसके कब्जे से लगभग 20 लीटर कच्ची महुआ शराब एवं परिवहन में प्रयुक्त मोटरसाइकिल जप्त की गई।

थाना छाल पुलिस की ग्राम सारसमार में सटिक रेड कार्रवाई, अवैध शराब बेच रही महिला को किया गिरफ्तार*-

  थाना छाल पुलिस द्वारा ग्राम सारसमार में मुखबिर सूचना पर रेड कार्रवाई कर आरोपिया श्रीमती गनेशी अजमल्ले (उम्र 23 वर्ष) के कब्जे से 08 लीटर कच्ची महुआ शराब जब्त की गई। आरोपिया के विरुद्ध धारा 34(2), 59(क) आबकारी एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर विधिवत गिरफ्तार किया गया। पुलिस को मुखबीर से सूचना मिली थी कि ग्राम सारसमार मेन रोड किनारे श्रीमति गनेशी अजगल्ले द्वारा मेल रोड किनारे में अवैध रूप से महुआ शराब बिक्री कर रही है । 

     उक्त सभी कार्रवाइयों में आरोपियों के विरुद्ध आबकारी एक्ट के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है। जिले में अवैध शराब के विरुद्ध अभियान लगातार जारी है।

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश* —
  *“अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध लगातार कठोर कार्रवाई की जा रही है। ऐसे अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, साथ ही आमजन से भी अपील है कि इस अभियान में सहयोग कर नशा मुक्त समाज के निर्माण में भागीदार बनें।”*

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सरगुजा ओलंपिक में खेल प्रतिभाओं का धमाका: दूसरे दिन मैदानों में छाया जोश, जशपुर की बेटियों का हॉकी में जलवा, दौड़ प्रतियोगिताओं में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन, समापन में बाईचुंग भूटिया करेंगे खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन

अम्बिकापुर 22 मार्च 2026/  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर आयोजित तीन दिवसीय संभाग स्तरीय ’सरगुजा ओलंपिक’ के दूसरे दिन खेल मैदानों पर उत्साह और रोमांच का माहौल रहा। जिला स्तर की बाधाएं पार कर पहुंचे खिलाड़ी अपनी प्रतिभा और दमखम का प्रदर्शन कर रहे हैं। विशेष रूप से ग्रामीण अंचलों से आए खिलाड़ियों ने न केवल मेडल की दौड़ में अपनी जगह बनाई है, बल्कि अपने उत्कृष्ट खेल कौशल से खेल प्रेमियों का दिल भी जीत लिया है।

हॉकी के मैदान में जशपुर की बेटियों का जलवा
महिला हॉकी के मुकाबलों में जशपुर जिले की टीम ने तकनीकी कौशल और सटीक तालमेल के दम पर शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में प्रवेश कर लिया है। टीम की कप्तान सुश्री सुप्रिया तिग्गा ने इस मंच के लिए शासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीण अंचल के ट्राइबल बच्चों को अपनी छिपी हुई प्रतिभा निखारने के लिए यह एक शानदार मंच मिला है। खेलों से न केवल हमारा शारीरिक और मानसिक विकास होता है, बल्कि हम अनुशासन सीखते हैं और तनाव से मुक्त रहते हैं। सरगुजा ओलंपिक ने हमारी प्रतिभा को संवारने का बड़ा अवसर दिया है।

बास्केटबॉल कोर्ट पर दिखा खिलाड़ियों का समन्वय
बास्केटबॉल खेलने आई महिला खिलाड़ियों ने भी आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि शासन ने एक ऐसा मंच प्रदान किया है जहाँ अलग-अलग जिलों के खिलाड़ियों से बहुत कुछ सीखने को मिल रहा है। खिलाड़ियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाएं आगे बढ़ेंगी।

12 खेल विधाओं में आयोजित सरगुजा ओलंपिक में 100 मीटर दौड़ में 17 वर्ष से कम आयु वर्ग (पुरुष) में गोविंद गुप्ता (जशपुर) ने प्रथम, सईल अंसारी (सूरजपुर) ने द्वितीय तथा अभिषेक कश्यप (बलरामपुर) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं 17 वर्ष से अधिक आयु वर्ग (पुरुष) में टी. नाग. उमेश्वर राव (एमसीबी) प्रथम, जितेन्द्र चौधरी (बलरामपुर) द्वितीय तथा शेर सिंह (सरगुजा) तृतीय स्थान पर रहे। महिला वर्ग में 17 वर्ष से कम आयु में रिया तिर्की (जशपुर) प्रथम, संजना सिंह (सूरजपुर) द्वितीय तथा बबीता (बलरामपुर) तृतीय स्थान पर रहीं, जबकि 17 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में अंजु सिंह (सूरजपुर) प्रथम, अंकिता यादव (एमसीबी) द्वितीय तथा अनीषा पन्ना (जशपुर) तृतीय स्थान पर रहीं।

    200 मीटर दौड़ में 17 वर्ष से अधिक आयु वर्ग (पुरुष) में अरुण कुमार (अम्बिकापुर) प्रथम, राकेश एक्का (जशपुर) द्वितीय तथा नीतिश कुमार (सूरजपुर) तृतीय स्थान पर रहे। 17 वर्ष से कम आयु वर्ग (महिला) में सिमरन सिंह (कोरिया) प्रथम, संगीता (सूरजपुर) द्वितीय तथा निर्मला (बलरामपुर) तृतीय स्थान पर रहीं। वहीं 17 वर्ष से अधिक आयु वर्ग (महिला) में स्नेहा (कोरिया) प्रथम, सुमन (एमसीबी) द्वितीय तथा मानती (सूरजपुर) तृतीय स्थान पर रहीं।

400 मीटर दौड़ में 17 वर्ष से कम आयु वर्ग (पुरुष) में यदुवंश (कोरिया) प्रथम, इंद्रजीत (सरगुजा) द्वितीय तथा रुपेश चौहान (जशपुर) तृतीय स्थान पर रहे। 17 वर्ष से अधिक आयु वर्ग (पुरुष) में विश्वनाथ तिग्गा (जशपुर) प्रथम, सुनील कुमार (बलरामपुर) द्वितीय तथा योगेन्द्र सिंह (सूरजपुर) तृतीय स्थान पर रहे। महिला वर्ग में 17 वर्ष से अधिक आयु में प्रज्ञा राजवाड़े (सूरजपुर) प्रथम, अंकिता राजवाड़े (कोरिया) द्वितीय तथा लक्ष्मी सिंह (सरगुजा) तृतीय स्थान पर रहीं, जबकि 17 वर्ष से कम आयु वर्ग में रिया (सूरजपुर) प्रथम, सुरोमनी बाई (जशपुर) द्वितीय तथा प्रमिला (कोरिया) तृतीय स्थान पर रहीं। खबर लिखे जाने तक अन्य खेलों के परिणाम प्राप्त होना शेष था।

समापन समारोह में शामिल होंगे दिग्गज फुटबॉलर बाईचुंग भूटिया
संभाग स्तरीय सरगुजा ओलंपिक का समापन समारोह अत्यंत गरिमामय होगा। भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान और खेल जगत के प्रतिष्ठित व्यक्तित्व श्री बाईचुंग भूटिया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वे खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करेंगे।

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संजय वन वाटिका में दर्दनाक हादसा: आवारा कुत्तों के हमले में 15 हिरणों की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल — लापरवाही पर 5 कर्मचारी निलंबित, वन विभाग अलर्ट मोड में

संजय वन वाटिका में आवारा कुत्तों का हमलाः 15 हिरणों की मौत, लापरवाही पर कर्मचारियों को किया गया निलंबित

अम्बिकापुर 22 मार्च 2026/  सरगुजा वनमण्डल अंबिकापुर अंतर्गत संचालित संजय वन वाटिका (वन प्रबंधन समिति शंकरघाट) में 21 मार्च 2026 की रात्रि लगभग 3ः00 से 3ः30 बजे के मध्य आवारा कुत्तों द्वारा शाकाहारी पशु बाड़ों (हर्बिवोर एन्क्लोजर) में घुसकर हिरणों पर हमला किए जाने की घटना सामने आई है। प्रातः लगभग 8ः30 बजे प्राप्त सूचना के अनुसार आवारा कुत्तों ने बाड़े की फेंसिंग के नीचे से प्रवेश कर हिरणों को दौड़ाया एवं उन पर हमला किया, जिससे 14 हिरण (6 कोटस, 6 चीतल एवं 2 चौसिंघा) गंभीर रूप से घायल होकर मृत हो गए। सूचना मिलते ही उप वनमण्डलाधिकारी अंबिकापुर, संयुक्त वनमण्डलाधिकारी सरगुजा, पार्क प्रभारी सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी एवं वन प्रबंधन समिति के सदस्यों द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया गया।

    स्थल निरीक्षण के दौरान संजय वन वाटिका, वन परिक्षेत्र अंबिकापुर, कक्ष क्रमांक आर.एफ. 2580 (जीपीएस लोकेशन N-23.149407, E-83.211295) में सभी 14 मृत वन्यप्राणियों के शव ताजा अवस्था में पाए गए। निरीक्षण में सभी हिरणों के गर्दन, शरीर एवं पिछले भाग में ताजे चोट के निशान तथा कुछ में गहरे घाव पाए गए, जो आवारा कुत्तों के हमले की पुष्टि करते हैं। मौके पर पंचनामा तैयार कर वन्यजीव चिकित्सक डॉ. अजीत पांडेय एवं डॉ. शौरी द्वारा मृत हिरणों का नियमानुसार पोस्टमार्टम कराया गया तथा आवश्यक सैम्पल एवं विसरा सुरक्षित किया गया। पोस्टमार्टम उपरांत नियमानुसार संजय वन वाटिका परिसर में ही शाम 4ः30 बजे वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में ैव्च् का पालन करते हुए मृत हिरणों का दाह संस्कार किया गया। उल्लेखनीय है कि घटना में घायल एक चीतल की मृत्यु 22 मार्च 2026 को प्रातः 09ः00 बजे हो गई, जिसका भी विधिवत पोस्टमार्टम कर दाह संस्कार किया गया। इस प्रकार कुल 15 हिरणों की मृत्यु हुई है।

     उप वनमण्डलाधिकारी द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में यह पाया गया कि रात्रि ड्यूटी में तैनात चौकीदारों द्वारा कर्तव्यों का समुचित निर्वहन नहीं किया गया तथा संजय वन वाटिका में पदस्थ कर्मचारियों द्वारा अपेक्षित जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं किया गया। इस गंभीर लापरवाही को दृष्टिगत रखते हुए मुख्य वन संरक्षक, सरगुजा वन वृत्त अंबिकापुर द्वारा उप वनक्षेत्रपाल श्री अशोक सिन्हा, वनपाल श्रीमती ममता परते, वनपाल श्रीमती प्रतीमा लकड़ा एवं वनपाल श्रीमती बिन्दू सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। साथ ही वनरक्षक श्रीमती फुलमनी को वनमण्डलाधिकारी सरगुजा वनमण्डल अंबिकापुर द्वारा निलंबित किया गया है।

वन विभाग द्वारा घटना को गंभीरता से लेते हुए संजय वन वाटिका की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने, बाड़ों की मरम्मत एवं निगरानी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

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आधी रात हाईवे पर ट्रेलर रोककर ड्राइवर से बेरहमी से मारपीट, लूटे हजारों रुपये—खरसिया पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई में आदतन बदमाश गिरफ्तार

22 मार्च, रायगढ़ ।ट्रेलर चालक से लूटपाट की गंभीर घटना में खरसिया पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को कल गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर पेश कर जेल भेज दिया है।

     घटना के संबंध में प्रार्थी मिथुन कुमार यादव (25 वर्ष) निवासी ग्राम काटेबंध, जिला गया (बिहार) जो ट्रेलर वाहन चालक है ने कल 21 मार्च को थाना खरसिया में रिपोर्ट दर्ज कराई कि दिनांक 27 फरवरी 2026 को वह अपने ट्रेलर वाहन से अडानी माइंस तमनार से रॉबर्टसन की ओर कोयला लेकर जा रहा था।

         रात्रि करीब 02:30 बजे रॉबर्टसन से लगभग 2 किमी पहले एक व्यक्ति ने मोटरसाइकिल से उसका रास्ता रोककर उसे ट्रेलर से नीचे खींच लिया और डरा-धमकाकर उसके पास रखे ₹10,000 लूट लिए। इसके बाद आरोपी उसे अपने साथ ले जाकर रोड किनारे बाड़ी में रातभर बंधक बनाकर रखा।

      सुबह आरोपी उसे ग्राम चपले ले गया और एक कियोस्क शाखा से ₹35,000 निकालने के लिए धमकाया। डर के कारण पीड़ित ने ₹32,000 निकालकर आरोपी को दे दिए। इसी दौरान पीड़ित ने अपने वाहन मालिक को सूचना दी, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। वाहन चालक भी जरूरी काम पड़ जाने से अपने गांव चला गया था।

        प्रार्थी द्वारा 21 मार्च 2026 को रिपोर्ट दर्ज कराए जाने पर थाना खरसिया में आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 124/2026 धारा 309(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया।

        घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी के गांव बड़े डूमरपाली में दबिश दी और आरोपी को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध करना स्वीकार किया। उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल तथा लूट की रकम में से खर्च उपरांत शेष ₹3200 बरामद किए गए। आरोपी सोमनाथ डनसेना अपराधिक किस्म का आदतन बदमाश युवक है जिसके खिलाफ थाना खरसिया में कई मामले दर्ज हैं । आरोपी को कल शाम गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।

*गिरफ्तार आरोपी*
(1) सोमनाथ डनसेना उर्फ मालिकराम डनसेना (27 वर्ष) पिता – धनीराम डनसेना निवासी – ग्राम बड़े डूमरपाली, थाना खरसिया, जिला रायगढ़

       पूरी कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी तथा एसडीओपी खरसिया प्रभात पटेल के मार्गदर्शन में की गई। इस कार्रवाई में एएसआई उमाशंकर धृतांत, प्रधान आरक्षक संजय मिंज, महेन्द्र खरे एवं थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। 

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश* —

*“आदतन बदमाशों पर पुलिस की निगाह है,  लूटपाट जैसे गंभीर अपराधों में संलिप्त असामाजिक तत्वों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।  ऐसे बदमाशों के विरुद्ध त्वरित एवं कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।”*

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रात के सन्नाटे में घर में घुसकर हमला… कोतवाली पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन, चंद घंटों में दबोचा गया आदतन बदमाश, धारदार चाकू बरामद — फरार साथी की सरगर्मी से तलाश जारी

 22 मार्च, रायगढ़। कल थाना कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत जगतपुर रामभांठा में घर में घुसकर मारपीट करने की घटना में कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है, जबकि दूसरे आरोपी की सरगर्मी से तलाश जारी है।

       घटना के संबंध में प्रार्थी/आहत शाहरुख वारसी (30 वर्ष) निवासी जगतपुर रामभांठा आवास कॉलोनी रायगढ़ ने थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 19-20 मार्च 2026 की रात लगभग 12 बजे घर का दरवाजा जोर-जोर से पीटने की आवाज आई। उसकी मां बाहर देखने गई तो वहां साहिल एक्का और विक्की उर्फ मनीष जाटवर खड़े थे।

   दरवाजा पीटने मना करने पर दोनों गाली-गलौच करने लगे। शोर सुनकर जब शाहरूख वारसी बाहर आया और उन्हें समझाने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने हाथ-मुक्का, पंच तथा धारदार हथियार से मारपीट शुरू कर दी जिससे शाहरूख वारसी को चोटें आईं। बीच-बचाव के लिए परिवार के अन्य सदस्य और पड़ोसी आए, तब दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। रिपोर्ट पर थाना कोतवाली रायगढ़ में आरोपियों पर *अपराध क्रमांक 145/2026 धारा 296, 351(3), 115(2), 118(1), 3(5) बीएनएस* के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया।

     घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में कोतवाली पुलिस द्वारा आरोपियों की सघन पतासाजी की गई। चंद घंटों में पुलिस ने मुख्य *आरोपी साहिल एक्का (22 वर्ष) निवासी रामभांठा जवाहरनगर लोहरापारा रायगढ़* को गिरफ्तार कर लिया।

   पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार किया, जिसके मेमोरेंडम के आधार पर घटना में प्रयुक्त एक स्टील का चाकू जब्त किया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। आरोपी साहिल एक्का और मनीष जाटवर उर्फ विक्की दोनों आरोपी पूर्व में भी झगड़ा, मारपीट एवं चोरी के मामलों में संलिप्त रहे हैं और आदतन बदमाश हैं। फरार आरोपी विक्की उर्फ मनीष जाटवर की कोतवाली पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है । कार्यवाही में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक सुखनंदन पटेल, उप निरीक्षक दिलीप कुमार बेहरा और हमराह स्टाफ की अहम भूमिका रही है।

*गिरफ्तार आरोपी*-  साहिल एक्का (22 वर्ष) पिता – सुनील एक्का निवासी – रामभांठा, जवाहरनगर लोहरापारा, थाना कोतवाली, जिला रायगढ़
*फरार आरोपी*- मनीष जाटवर उर्फ विक्की — तलाश जारी

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश* —

     *“गुण्डागर्दी, मारपीट    में संलिप्त तत्वों के विरुद्ध सख्त और त्वरित कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, फरार आरोपी की तलाश की जा रही है”*

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ऑपरेशन आघात” के तहत रायगढ़ पुलिस की दोहरी रणनीति—एक ओर सख्त कार्रवाई, दूसरी ओर जनजागरूकता से बदल रहा गांव का माहौल

22 मार्च, रायगढ़ । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर जिले में “ऑपरेशन आघात” के तहत मादक पदार्थों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई के साथ-साथ जनजागरूकता अभियान भी प्रभावी रूप से संचालित किए जा रहे हैं। पुलिस द्वारा न केवल अवैध नशे के कारोबार पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है, बल्कि आमजन की सहभागिता सुनिश्चित कर गांव-गांव में नशा मुक्त वातावरण तैयार करने के प्रयास भी तेज किए गए हैं।

         इसी क्रम में कल शाम थाना प्रभारी पुसौर निरीक्षक मोहन भारद्वाज के नेतृत्व में ग्राम अम्लीभौना (छोटे भंडार) में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिला समिति के सदस्य एवं युवा शामिल हुए। थाना प्रभारी द्वारा उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए नशे से होने वाले गंभीर आर्थिक, सामाजिक और पारिवारिक दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि नशा व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता को प्रभावित कर उसे अपराध की ओर धकेलता है और कई मामलों में सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण भी बनता है।

      निरीक्षक मोहन भारद्वाज ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि नशे का सेवन कर वाहन चलाना न केवल स्वयं के लिए बल्कि दूसरों के जीवन के लिए भी खतरा है, इसलिए इससे पूरी तरह दूरी बनाना आवश्यक है। उन्होंने गांव में गठित महिला समिति की सक्रिय भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं की पहल से गांव में सकारात्मक माहौल तैयार हो रहा है, जो नशा मुक्त समाज की दिशा में एक मजबूत कदम है।

       कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों, महिला समिति एवं पुलिस टीम द्वारा संयुक्त रूप से गांव में रैली निकालकर नशा मुक्ति का संदेश दिया गया। रैली के माध्यम से “नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो” जैसे नारों के साथ लोगों को जागरूक किया गया, जिसमें गांव के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए नशा मुक्त ग्राम बनाने का संकल्प लिया।

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश* —

     *“नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान में आमजन की सहभागिता बेहद जरूरी है। मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों पर सभी थानाक्षेत्रों में पुलिस कार्यवाही कर रही है, साथ ही जागरूकता के माध्यम से समाज को नशा मुक्त बनाना हमारी प्राथमिकता है।”*

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एसएसपी शशि मोहन सिंह की सशक्त पहल—“हेलो सिस्टर” हेल्पलाइन से महिलाओं को मिला सुरक्षा का नया भरोसा, अपराध के खिलाफ जनसहभागिता को बनाया सबसे बड़ा हथियार

 रायगढ़, 21 मार्च 2026 । कल थाना भूपदेवपुर क्षेत्र के ग्राम डूमरपाली में महिला सुरक्षा एवं नशामुक्ति पर केंद्रित पुलिस जन चौपाल का आयोजन किया गया, जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। कार्यक्रम में डूमरपाली सहित आसपास के 7-8 गांवों की लगभग 500-600 महिलाएं, महिला समितियों के सदस्य तथा कोतरारोड थाना क्षेत्र के ग्राम गेजामुड़ा की महिला समिति की सदस्याएं भी शामिल हुईं।

       उल्लेखनीय है कि जिले में एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में ऑपरेशन आघात के तहत मादक पदार्थों, अवैध शराब, जुआ-सट्टा जैसी सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में डूमरपाली एवं गेजामुड़ा की महिला समितियों ने पुलिस से गांव में जन चौपाल आयोजित करने का आग्रह किया था, जिस पर एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह द्वारा थाना कोतरारोड एवं भूपदेवपुर पुलिस को कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए।

        कार्यक्रम में डीएसपी उन्नति ठाकुर एवं थाना प्रभारी कोतरारोड निरीक्षक कमला पुसाम ठाकुर ने ऑपरेशन आघात की विस्तृत जानकारी देते हुए महिला सुरक्षा हेतु संचालित हेल्पलाइन “हेलो सिस्टर” (*नंबर 9479270533*) के बारे में बताया और महिलाओं को किसी भी प्रकार की समस्या या सहायता के लिए निःसंकोच संपर्क करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही वर्तमान में बढ़ रहे साइबर फ्रॉड के तरीकों और उनसे बचाव के उपायों की भी जानकारी दी गई।

          एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने अपने संबोधन में महिलाओं को नशामुक्त समाज निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में महिला समितियां सक्रिय होकर निगरानी कर रही हैं और पुलिस को सूचना दे रही हैं, वहां अपराध, घरेलू हिंसा और विवादों में कमी आई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशा न केवल अपराध को बढ़ावा देता है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं का भी प्रमुख कारण है। पुलिस द्वारा ऑपरेशन आघात के तहत मादक पदार्थों पर तथा ऑपरेशन अंकुश के तहत जुआ-सट्टा पर लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।

      एसएसपी ने *“हेलो सिस्टर”* हेल्पलाइन की मॉनिटरिंग उप पुलिस अधीक्षक उन्नति ठाकुर एवं उनकी टीम द्वारा किए जाने की जानकारी देते हुए कहा कि प्राप्त शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने, अज्ञात कॉल, लिंक और ऑनलाइन लेन-देन में सावधानी बरतने की भी अपील की।

         थाना प्रभारी भूपदेवपुर उप निरीक्षक संजय नाग ने बताया कि एसएसपी के निर्देशन में क्षेत्र के प्रत्येक गांव में पुलिस द्वारा पहुंचकर अवैध शराब निर्माण एवं बिक्री के विरुद्ध समझाइश के साथ-साथ सख्त कार्रवाई भी की जा रही है।

          कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने सामूहिक रूप से अपने गांवों को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया और भविष्य में पुलिस के साथ मिलकर अवैध गतिविधियों के विरुद्ध कार्य करने का आश्वासन दिया।

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश — “नशे के विरुद्ध प्रभावी नियंत्रण के लिए जनसहभागिता अत्यंत आवश्यक है, किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें, दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”*

           कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह, उप पुलिस अधीक्षक उन्नति ठाकुर, थाना प्रभारी कोतरारोड कमला पुसाम, थाना प्रभारी भूपदेवपुर संजय नाग, थाना भूपदेवपुर के प्रधान आरक्षक सत्यम पटेल, जगदीश नायक, आरक्षक प्रदीप तिवारी, सत्यवान लकड़ा, महिला आरक्षक गौरी सिदार तथा आसपास के 7-8 गांव की करीब 500-600 ग्रामीण उपस्थित थे ।

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फेसबुक दोस्ती से शुरू हुआ रिश्ता, शादी के झांसे में फंसी युवती के साथ दुष्कर्म — आरोपी गिरफ्तार, महिला थाना की त्वरित कार्रवाई से पहुंचा सलाखों के पीछे

रायगढ़, 21 मार्च 2026 । कल महिला थाना रायगढ़ में स्थानीय युवती द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाले आरोपी के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

             प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़िता ने दिनांक 20 मार्च 2026 को महिला थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वर्ष 2021 में उसकी पहचान फेसबुक के माध्यम से रामभाठा निवासी प्रतीक सिदार से हुई थी। बातचीत के दौरान दोनों के बीच दोस्ती हुई और आरोपी द्वारा शादी का आश्वासन देकर पीड़िता के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा गया। पीड़िता के अनुसार दिनांक 04 मार्च 2024 से जनवरी 2026 के बीच आरोपी ने विभिन्न स्थानों पर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। बाद में जब पीड़िता ने आरोपी से शादी करने की बात कही, तो आरोपी ने शादी से साफ इनकार कर दिया।

             पीड़िता की रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान पीड़िता का कथन लिया गया तथा मेडिकल परीक्षण कराया गया। प्रकरण में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने *आरोपी प्रतीक सिदार पिता परशुराम सिदार उम्र 26 वर्ष निवासी रामभाठा, ज्वाहर नगर, थाना सिटी कोतवाली जिला रायगढ़* को उसके निवास से हिरासत में लेकर थाना लाया गया, जहां पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार किया।

           पुलिस द्वारा आरोपी की विधिवत मेडिकल एवं गिरफ्तारी की कार्रवाई पूर्ण कर उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

            वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी एवं उप पुलिस अधीक्षक उन्नति ठाकुर के मार्गदर्शन में महिला संबंधी अपराधों पर त्वरित कार्रवाई के तहत थाना प्रभारी उप निरीक्षक कुसुम कैवर्त, सहायक उप निरीक्षक सरस्वती महापात्रे, प्रधान आरक्षक संदीप भगत एवं टीम की सराहनीय भूमिका रही है।

 *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश — “महिलाओं से जुड़े अपराधों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा, हर शिकायत पर त्वरित और कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।”*

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विश्व वानिकी दिवस पर जशपुर वनमण्डल में हरियाली बचाने का महाअभियान, छात्रों-ग्रामीणों ने लिया प्रकृति संरक्षण का ऐतिहासिक संकल्प

जशपुरनगर - विश्व वानिकी दिवस 2026 के अवसर पर जशपुर वनमण्डल अंतर्गत विभिन्न परिक्षेत्रों में “वन और अर्थव्यवस्थाएँ” विषय पर व्यापक जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। पर्यावरण रोपणी बालाछापर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम के साथ-साथ जशपुर, सन्ना और बगीचा परिक्षेत्रों में रैली, वृक्षारोपण एवं शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से वन संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाया गया।

जशपुर वन परिक्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम के दौरान हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी इचकेला के विद्यार्थियों को वन की महत्ता, वनाग्नि रोकथाम के उपाय, नर्सरी में पौधों के संरक्षण एवं प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझा। इस अवसर पर उपवनमण्डलाधिकारी करण सिंह, वन परिक्षेत्राधिकारी विवेक भगत सहित वन अमला एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने विद्यार्थियों को वन संरक्षण के लिए प्रेरित किया।

इसी कड़ी में वन परिक्षेत्र सन्ना में जागरूकता रैली का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय नागरिकों और विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। रैली के माध्यम से वन संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और वनाग्नि से बचाव का संदेश गांव-गांव तक पहुंचाया गया।
वहीं उपवनमण्डल पत्थलगांव अंतर्गत बगीचा परिक्षेत्र में वन परिक्षेत्राधिकारी सुश्री यशस्वी मौर्य (प्रशिक्षु भा.व.से.) की उपस्थिति में वृक्षारोपण कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस दौरान बरगद और पीपल जैसे धार्मिक एवं पर्यावरणीय महत्व के पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम के माध्यम से वन विभाग ने स्पष्ट किया कि वन केवल प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने का आधार नहीं हैं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और मानव जीवन के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। विभाग ने नागरिकों से अपील की कि वे वन संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए पर्यावरण सुरक्षा के लिए निरंतर प्रयास करें।

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रायगढ़ में बाल विवाह रोकथाम को लेकर जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित,विशेषज्ञों ने कानूनी प्रावधानों और रोकथाम के उपायों पर दी जानकारी

रायगढ़, 21 फरवरी 2026/  महिला एवं बाल विकास विभाग, रायगढ़ द्वारा नगर पालिक निगम ऑडिटोरियम में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अंतर्गत “बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़” अभियान के तहत जिला स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया।  कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिले को बाल विवाह की कुप्रथा से मुक्त करना तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी देकर जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना था। कार्यशाला कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री एल.आर. कच्छप के मार्गदर्शन में  आयोजित की गई।
          कार्यक्रम में मुख्य प्रशिक्षक के रूप में बचपन बचाओ आन्दोलन रायपुर के स्टेट कोऑर्डिनेटर श्री विपिन ठाकुर उपस्थित रहे। उन्होंने पावर पॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006, किशोर न्याय अधिनियम 2015 तथा पॉक्सो एक्ट 2012 के महत्वपूर्ण प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बाल विवाह रोकने के कानूनी उपायों और बच्चों के संरक्षण से जुड़े पहलुओं पर विशेष जोर देते हुए प्रतिभागियों को जागरूक किया।
              विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती अंकिता मुदलियार ने बताया कि रायगढ़ जिले की 282 ग्राम पंचायतें बाल विवाह मुक्त घोषित हो चुकी हैं और शेष 268 ग्राम पंचायतों को भी निर्धारित समय-सीमा में इस श्रेणी में लाने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यशाला में शासन के निर्देशों का वाचन किया गया, जिसमें सभी ग्राम पंचायतों में विवाह पंजी का अनिवार्य संधारण, 12 सदस्यीय निगरानी टीम का गठन तथा आगामी रामनवमी और अक्षय तृतीया के अवसर पर जागरूकता अभियान चलाने की बात कही गई। अतिथियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए समाज से बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने और रायगढ़ को बाल विवाह मुक्त जिला बनाने के लिए समन्वय एवं सहयोग की अपील की। 
             इस अवसर पर श्री गेवेश नायक अध्यक्ष बाल कल्याण समिति, श्रीमती उन्नति ठाकुर उप पुलिस अधीक्षक एवं नोडल विशेष किशोर पुलिस इकाई, श्रीमती विनीता अग्रवाल सदस्य किशोर न्याय बोर्ड, श्री गेंदसिंह चन्द्रा सदस्य किशोर न्याय बोर्ड, श्री रूपलाल चौहान सदस्य बाल कल्याण समिति, श्रीमती निवेदिता पटनायक सदस्य बाल कल्याण समिति, श्री लक्ष्मी पटेल सदस्य बाल कल्याण समिति, श्री धीरेन्द्र कुमार शर्मा जिला बाल संरक्षण अधिकारी, महिला एवं बाल विकास के परियोजना अधिकारी, सेक्टर पर्यवेक्षक, पंचायत विभाग के ग्राम पंचायत सचिव, पुलिस विभाग के विशेष किशोर पुलिस इकाई के अधिकारी एवं कर्मचारी, शिक्षा विभाग से संकुल प्राचार्य, स्वयं सेवी संस्थान के संचालक, धार्मिक प्रतिष्ठान के प्रतिनिधि, समाज प्रमुख,  जिला बाल संरक्षण इकाई के अधिकारी एवं कर्मचारी, बाल देखरेख संस्था के अधिकारी एवं कर्मचारी सहित कुल 750 प्रतिभागी कार्यशाला में उपस्थित रहे।

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हाईटेक एक्शन में उतरा प्रशासन: ड्रोन की पैनी नजर और जमीनी सघन जांच से अवैध मादक खेती पर कसा शिकंजा, घरघोड़ा–तमनार के गांवों में प्रशासन का वृहद अभियान, खेत-खेत पहुंचकर की गई पड़ताल

रायगढ़, 21 मार्च 2026। रायगढ़ जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती के विरुद्ध प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग शुरू कर दिया है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशन में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) घरघोड़ा श्री दुर्गा प्रसाद अधिकारी एवं सीएसपी श्री मयंक मिश्रा के संयुक्त नेतृत्व में घरघोड़ा और तमनार क्षेत्र में वृहद ड्रोन सर्वे अभियान संचालित किया गया।
इस संयुक्त कार्रवाई में राजस्व विभाग, पुलिस विभाग और कृषि विभाग की टीमों ने समन्वित रूप से काम करते हुए संदिग्ध क्षेत्रों की पहचान की और ड्रोन के माध्यम से खेतों की बारीकी से निगरानी की। इस आधुनिक तकनीक के जरिए दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों तक भी प्रशासन की पहुंच सुनिश्चित हुई, जिससे अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।

ड्रोन सर्वे के साथ-साथ राजस्व विभाग के पटवारियों और कृषि विभाग के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों ने संबंधित गांवों में मौके पर पहुंचकर खेतों में उतरकर सघन निरीक्षण किया। इस दौरान घरघोड़ा तहसील के बैहामुडा, भेंगारी, पाकादरहा, पानीखेत तथा तमनार तहसील के आमापाली, राबो, गढ़गांव एवं हराडीह में व्यापक स्तर पर जांच-पड़ताल की गई।
अभियान के दौरान अधिकारियों ने किसानों को जागरूक करते हुए स्पष्ट किया कि अवैध मादक पदार्थों की खेती कानूनन अपराध है और इसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही वैकल्पिक वैध फसलों को अपनाने के लिए भी प्रेरित किया गया।
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्री दुर्गा प्रसाद अधिकारी ने बताया कि जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती पर पूरी तरह रोक लगाने के उद्देश्य से यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। आने वाले समय में भी ड्रोन सर्वे के साथ सघन जांच और निगरानी की कार्रवाई तेज की जाएगी, ताकि किसी भी स्थिति में इस तरह की अवैध गतिविधियों को पनपने का अवसर न मिले।
प्रशासन की इस पहल को क्षेत्र में कानून व्यवस्था सुदृढ़ करने और युवाओं को नशे के दुष्प्रभाव से बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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ऑपरेशन आघात”: आमाघाट में जंगल किनारे चल रही करोड़ों की अवैध अफीम खेती का भंडाफोड़, 60 हजार से अधिक पौधे और तैयार अफीम जब्त — झारखंड का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, दो आरोपी फरार, पूरे नेटवर्क की तलाश में पुलिस की ताबड़तोड़ दबिश जारी

रायगढ़, 21 मार्च 2026। जिले के तमनार थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम आमाघाट में पुलिस ने अवैध अफीम की खेती का बड़ा खुलासा किया है। “ऑपरेशन आघात” के तहत की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने 60 हजार से अधिक अफीम के पौधे और तैयार अफीम जब्त की है, जिसकी कुल कीमत 2 करोड़ 5 लाख 10 हजार रुपये आंकी गई है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 19-20 मार्च की दरम्यानी रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि आमाघाट के खर्राघाट भैर नाला किनारे स्थित खेत में अवैध रूप से अफीम की खेती की जा रही है। सूचना पर थाना प्रभारी तमनार निरीक्षक प्रशांत राव ने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया। इसके बाद एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) तथा थाना पूंजीपथरा और लैलूंगा पुलिस की संयुक्त टीम को मौके पर रवाना किया गया।

पुलिस टीम ने आमाघाट पहुंचकर खेत में दबिश दी, जहां दो व्यक्ति पुलिस को देखते ही फरार हो गए, जबकि एक व्यक्ति मौके पर पकड़ में आ गया। पूछताछ में उसने अपना नाम मार्शल संगा (40 वर्ष), निवासी जिला खूंटी (झारखंड) बताया। आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अपने साथियों इमानवेल भेंगरा और सीप्रियन भेंगरा के साथ मिलकर अवैध रूप से अफीम की खेती कर रहा था।

कार्रवाई के दौरान मौके पर आबकारी विभाग, एफएसएल, कृषि एवं राजस्व विभाग की टीमों को बुलाया गया। एफएसएल जांच में खेत में लगी फसल को अफीम होना पुष्टि हुई। जांच में पाया गया कि उक्त खेती पांच अलग-अलग खसरों की जमीन पर की जा रही थी।

जब्ती का विवरण:

  • 60,326 अफीम पौधे
  • कुल वजन 2,877 किलोग्राम (कीमत लगभग ₹1.90 करोड़)
  • 3.02 किलोग्राम तैयार अफीम (कीमत ₹15.10 लाख)
    कुल जुमला कीमत – ₹2,05,10,000

आरोपी मार्शल संगा के मेमोरेंडम के आधार पर उसके आमाघाट स्थित निवास (ससुराल) से 3.02 किलोग्राम तैयार अफीम भी बरामद की गई।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना तमनार में अपराध क्रमांक 59/2026, धारा 8 (बी), 18 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है।

एसएसपी का सख्त संदेश
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने कहा कि “ऑपरेशन आघात के तहत जिले में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी है। फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।”

गिरफ्तार आरोपी:
मार्शल संगा, निवासी जिला खूंटी (झारखंड), हाल मुकाम आमाघाट, थाना तमनार

फरार आरोपी:
इमानवेल भेंगरा एवं सीप्रियन भेंगरा (झारखंड)

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विजुअल पुलिसिंग का सख्त वार: रायगढ़ में खुलेआम शराबखोरी पर पुलिस का शिकंजा, सड़कों पर उतरी पुलिस—एक्शन मोड में प्रशासन, असामाजिक तत्वों में हड़कंप

21 मार्च, रायगढ़ । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर शहर में “विजुअल पुलिसिंग” को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से उन स्थानों पर लगातार पैदल पेट्रोलिंग की जा रही है, जहां अड्डेबाजी और खुले में शराब सेवन की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इसी क्रम में पिछले तीन दिनों से सीएसपी मयंक मिश्रा के नेतृत्व में अलग-अलग थानाक्षेत्रों में शाम के समय पुलिस मुख्य मार्केट, चौंक-चौराहों और आडेबाजी के इलाकों में दबिश दे रही है । 

          जानकारी के अनुसार दिनांक 18 मार्च को थाना प्रभारी चक्रधरनगर निरीक्षक राकेश मिश्रा के नेतृत्व में पहाड़ मंदिर एवं टीवी टावर क्षेत्र में पुलिस द्वारा पैदल मार्च कर मुख्य मार्ग किनारे तथा सुनसान स्थानों की सघन जांच की गई, जिसमें 6 लोगों को पकड़ा गया । कार्रवाई के दौरान खुले में शराब सेवन करते पाए गए आकाश राठिया निवासी जुर्डा के विरुद्ध आबकारी एक्ट की धारा 36(च) के तहत कार्रवाई की गई, वहीं पेट्रोलिंग के दौरान शराब के नशे में वाहन चलाते मिले अरविंद डनसेना निवासी टीवी टावर के विरुद्ध मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत कार्रवाई की गई, जिसमें प्रथम अपराध पर 10,000 रुपये जुर्माना या 6 माह तक की सजा का प्रावधान है।

          दिनांक 19 मार्च 2026 को नगर पुलिस अधीक्षक श्री मयंक मिश्रा के नेतृत्व में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक सुखनंदन पटेल एवं कोतवाली स्टाफ द्वारा रायगढ़ मुख्य बाजार, उर्दना एवं ईलामाल क्षेत्र में पैदल पेट्रोलिंग कर सघन चेकिंग की गई। इस दौरान सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन करते पाए गए कुल 9 व्यक्तियों के विरुद्ध आबकारी एक्ट की धारा 36(च) के तहत कार्रवाई की गई, जबकि अन्य लोगों को समझाइश देकर छोड़ा गया। 

   इसी कड़ी में कल थाना प्रभारी जूटमिल निरीक्षक अभिनव कांत सिंह के साथ थाना जूटमिल और 6वीं बटालियन और रिर्जव बल ने जूटमिल इलाके के पुराना बस स्टैंड, दुर्गा चौंक, हीरानगर, कबीर चौंक, कांशीराम चौंक, अटल चौंक क्षेत्र में पैदल पेट्रोलिंग की गई । थाना प्रभारी ने स्टाफ को कबीर चौंक, कांशीराम चौंक, अटल चौंक पर लगातार पेट्रोलिंग के निर्देश दिये ।

        एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी के मार्गदर्शन में आगे भी विजुअल पुलिसिंग के तहत शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सतत पेट्रोलिंग कर असामाजिक तत्वों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी। 

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश —  “विजुअल पुलिसिंग के तहत प्रतिदिन शहर के अलग-अलग थानाक्षेत्रों में पैदल गस्त की जा रही है, इस दौरन सार्वजनिक स्थानों में खुलेआम शराब सेवन करने वाले और शराब सेवन कर वाहन चलाने वालों पर कार्यवाही की जा रही है ।”*

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टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में आगामी 4 अप्रैल को देश की राजधानी दिल्ली में होगा राष्ट्रीय आंदोलन ,ऑनलाइन बैठक में टीएफआई छत्तीसगढ़ के बड़े फैसले — हर ब्लॉक से बस, हर जिले में बैठक, आंदोलन की पूरी रणनीति तैयार

रायपुर //- 21 मार्च 
       टीएफआई छत्तीसगढ़ की आज ऑनलाइन बैठक संपन्न हुई, बैठक में टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष केदार जैन एवं मनीष मिश्रा सहित छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राठौर, एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश के विभिन्न शैक्षिक संगठनों के प्रदेश अध्यक्षगण, विकास राजपूत, जाकेश साहू, प्रदीप पांडे, कमलेश बिसेन एवं रामचंद सोनवंशी सम्मिलित हुए। 2 घंटे से अधिक समय तक चली इस बैठक में निम्न अनेक निर्णय लिए गए - 
01) कल 21 मार्च को प्रदेश के समस्त 33 जिलों में टीएफआई छत्तीसगढ़ की संयुक्त रूप से बैठक आयोजित होगी। 
02) टीएफआई में शामिल सभी शिक्षक संगठनों के जिला अध्यक्ष आपस में तालमेल रखकर एवं समन्वय बनाते हुए बैठक लेंगे। सभी संगठनों के जिलाध्यक्ष टीएफआई छत्तीसगढ़ में जिला संचालक कहलाएंगे।
03) इसी प्रकार आगामी 24 अप्रैल को प्रदेश के समस्त 146 विकासखंडों में टीएफआई छत्तीसगढ़ के अंतर्गत सभी संगठनो के सभी ब्लॉक अध्यक्षगण आपस में समन्वय बिठाकर बैठक आयोजित करेंगे। सभी ब्लाक अध्यक्ष अब ब्लाक संचालक कहलाएंगे।
04) प्रत्येक विकासखंड से एक लग्जरी बस आंदोलन के लिए दिल्ली जाएगी। यह व्यवस्था संबंधित सभी ब्लॉक अध्यक्ष अर्थात ब्लॉक संचालक लोग सामंजस्यता के साथ सुनिश्चित करेंगे।
05) आगामी चार अप्रैल को दिल्ली जाने की सूचना एवं आंदोलन की जानकारी विधिवत लिखित रूप से समस्त जिला एवं ब्लॉक संचालक गण अपने-अपने जिला कलेक्टर, जिला शिक्षाधिकारी एवं विकासखंड शिक्षाधिकारी व संबंधित विकासखंड के सभी अधिकारियों को देंगे।
 06) चार अप्रैल को दिल्ली में आंदोलन के लिए सभी शिक्षक साथी नियमानुसार एक दिवस, दो दिवस अथवा तीन दिवस का अवकाश लेंगे। अवकाश संबंधी आवेदन 3 दिन या दो दिन पूर्व ही अपने विकासखंड शिक्षाधिकारी अथवा संकुल समन्वय को प्रेषित करेंगे।
07) दिल्ली जाने वाले शिक्षक प्रत्येक विकासखंड से लग्जरी बस अथवा ट्रेन से दिल्ली जाएंगे एवं जो साथी दिल्ली नहीं जाएंगे वह सभी टीईटी से प्रभावित शिक्षक 4 तारीख को 1 दिन का आकस्मिक अवकाश लेकर हड़ताल में रहेंगे।
08) ब्लाक के टीईटी पीड़ित समस्त शिक्षकों से ब्लाक टीम द्वारा एक निर्धारित शुल्क लिया जाएगा।
09) संबंधित शुल्क से ही दिल्ली जाने वाले शिक्षकों का परिवहन व्यय किया जाएगा।
10) शुल्क की एक निर्धारित राशि प्रदेश बाड़ी को दी जाएगी। जिससे दिल्ली आंदोलन का व्यय भेजा जाएगा। 
11) अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह में राजधानी रायपुर में टीईटी के विरोध में वृहत एवं व्यापक आंदोलन होगा।
12) छत्तीसगढ़ प्रदेश के ऐसे शिक्षक संगठन जो अभी तक टीएफआई में सम्मिलित नहीं है उनसे भी आग्रह किया गया है कि वे टीएफआई छत्तीसगढ़ में शामिल हों।

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सरगुजा–सूरजपुर में विकास, खेल और किसान कल्याण का महाकुंभ: मुख्यमंत्री साय 21 मार्च को करेंगे सरगुजा ओलंपिक, तिलहन किसान मेला और कुदरगढ़ महोत्सव का भव्य शुभारंभ, 185 करोड़ के 76 विकास कार्यों की देंगे ऐतिहासिक सौगात

रायपुर, 20 मार्च 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 21 मार्च को सरगुजा और सूरजपुर जिले के दौरे पर रहेंगे। मुख्यमंत्री सरगुजा जिले के मुख्यालय अम्बिकापुर में बस्तर ओलंपिक की तर्ज पर आयोजित संभाग स्तरीय ‘सरगुजा ओलंपिक 2026’ तथा ‘राज्य स्तरीय तिलहन-किसान मेला 2026’ का उद्घाटन करेंगे। मुख्यमंत्री सूरजपुर जिले के कुदरगढ़ में आयोजित ‘कुदरगढ़ महोत्सव 2026’ का उद्घाटन करेंगे। 

मुख्यमंत्री श्री साय निर्धारित दौरा कार्यक्रम के अनुसार पूर्वान्ह 10.30 बजे पुलिस ग्राउंड हेलीपेड रायपुर से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना 11.50 बजे सरगुजा संभाग के मुख्यालय अंबिकापुर पहुंचेंगे और दोपहर 12 बजे वहां आयोजित संभाग स्तरीय सरगुजा ओलंपिक 2026 का शुभारंभ करेंगे। अम्बिकापुर के पीजी कॉलेज ग्राउण्ड में सरगुजा ओलंपिक का आयोजन 21 से 23 मार्च तक किया जाएगा, जिसमें 12 खेल विधाओं में सरगुजा संभाग के सभी जिलों के 2000 से अधिक प्रतिभागी हिस्सा लेंगे। 

प्रतियोगिता के विजेता खिलाड़ियों को राज्य की खेल प्रशिक्षण अकादमियों में सीधे प्रवेश दिया जाएगा और उन्हें युथ आइकॉन के रूप में सम्मानित किया जाएगा। सरगुजा ओलंपिक में कबड्डी, खो-खो, तीरंदाजी, फुटबॉल, वॉलीबॉल, हॉकी, कुश्ती, दौड़, बेडमिंटन, रस्साकसी सहित 12 खेल विधाओं में प्रतियोगिता आयोजित होंगी।

मुख्यमंत्री श्री साय सरगुजा ओलंपिक के शुभारंभ के बाद दोपहर 1.40 बजे अम्बिकापुर के राजमोहिनी देवी कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्रों में आयोजित दो दिवसीय तिलहन मेला-किसान मेला 2026 का शुभारंभ करेंगे। इस मेले का आयोजन नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल-ऑयलसीड्स के अंतर्गत कृषि विभाग एवं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है। 

*कुदरगढ़ महोत्सव: 185 करोड़ के 76 विकास कार्यों का होगा लोकार्पण-भूमिपूजन*

मुख्यमंत्री श्री साय तिलहन मेला-किसान मेला 2026 का शुभारंभ करने के बाद दोपहर 2.40 बजे अंबिकापुर से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 3 बजे सूरजपुर जिले के ओड़गी विकासखंड के ग्राम कुदरगढ़ पहुंचेंगे तथा वहां कुदरगढ़ महोत्सव 2026 का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री इस अवसर पर जिलेवासियों को 185 करोड़ 10 लाख रूपए की लागत के 76 विकास कार्यों की सौगात देंगे। मुख्यमंत्री इनमें से 52 विकास कार्यों का लोकार्पण और 24 कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय इस कार्यक्रम के बाद कुदरगढ़ से शाम 4.20 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर शाम 5.35 बजे रायपुर लौट आएंगे।

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निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली की दिशा में ऐतिहासिक कदम: नकल, फर्जी अभ्यर्थी और हाईटेक चीटिंग पर कड़े प्रावधान, दोषियों की संपत्ति जब्ती तक का प्रावधान

रायपुर, 20 मार्च 2026/ छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक, 2026 को पारित किया दिया। इस विधेयक के माध्यम से राज्य में आयोजित होने वाली भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

विधानसभा में विधेयक पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि विकसित राज्य के निर्माण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, इसलिए यह आवश्यक है कि भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी हो। उन्होंने कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में अनुचित साधनों के उपयोग को पूरी तरह समाप्त करना और योग्य अभ्यर्थियों को समान अवसर प्रदान करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई व्यवस्था के तहत प्रश्नपत्र लीक, फर्जी अभ्यर्थियों की भागीदारी तथा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से नकल जैसी गतिविधियों को स्पष्ट रूप से दंडनीय अपराध घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में तीन से दस वर्ष तक की सजा और दस लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है, जबकि संगठित अपराध के मामलों में एक करोड़ रुपये तक के जुर्माने के साथ संपत्ति जब्ती का भी प्रावधान रखा गया है।

उन्होंने कहा कि यदि कोई अभ्यर्थी नकल या अन्य अनुचित साधनों का उपयोग करते हुए पाया जाता है, तो उसका परीक्षा परिणाम निरस्त किया जाएगा और उसे एक से तीन वर्ष तक परीक्षा से प्रतिबंधित किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि परीक्षा से जुड़ी एजेंसियों, आईटी सेवा प्रदाताओं और परीक्षा केंद्रों के प्रबंधकों को भी जवाबदेह बनाया गया है, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता की संभावना को रोका जा सके।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस कानून के तहत यह भी सुनिश्चित किया गया है कि परीक्षा से संबंधित मामलों की जांच उप निरीक्षक से नीचे के अधिकारी द्वारा नहीं की जाएगी, जिससे जांच की गुणवत्ता और विश्वसनीयता बनी रहे। आवश्यकता पड़ने पर राज्य सरकार विशेष जांच एजेंसियों को भी जांच सौंप सकेगी।
उन्होंने बताया कि यह कानून राज्य लोक सेवा आयोग, व्यापमं तथा विभिन्न शासकीय विभागों, निगमों और मंडलों द्वारा आयोजित सभी भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाओं पर लागू होगा। इसके माध्यम से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने, अनुचित हस्तक्षेप को रोकने और अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा करने का प्रयास किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के सख्त प्रावधानों से परीक्षा प्रक्रिया में विश्वास बढ़ेगा और योग्य अभ्यर्थियों को उनकी मेहनत के अनुरूप अवसर प्राप्त हो सकेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कानून राज्य में एक निष्पक्ष और विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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जल संकट की बढ़ती आहट के बीच जशपुर में गूंजेगा बड़ा संकल्प, जीवनदायनी बांकी नदी को बचाने शुरू होगा व्यापक जनमहाअभियान


जशपुरनगर: शहर की जीवनदायनी बांकी नदी को बचाने के लिए जल्द ही महाभियान शुरू होगा। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियवंदा सिंह जूदेव ने इसके लिए पहल करते हुए शहर के सामाजिक संगठनों और प्रबुद्वजनों से इसकी प्रारंभिक रूपरेखा पर चर्चा की। प्रियवंदा सिंह जूदेव ने कहा कि हवा और पानी,मानव जीवन की पहली आवश्यकता है। शहर के बेहतर पर्यावरण के कारण अब तक जलवायु बेहतर है। लेकिन जल संकट मुंह बांय खड़ा हुआ है। इसलिए हम सबकों मिल कर इस संकट से जशपुर को बचाने के लिए प्रयास करना होगा। उन्होनें कहा कि जशपुर शहर को जल संकट से दूर रखने के लिए बांकी नदी की सबसे अहम भूमिका है। इसे संरक्षित करना आवश्यक है। अधिवक्ता सत्य प्रकाश तिवारी ने सुझाव देते हुए कहा कि बांकी नदी को बचाने और इसे संरक्षित करने का प्रयास पहले भी हुआ है। लेकिन,आम लोगों से जुड़ाव ना होने के कारण,कालांतर में यह सफल नहीं हो सका। इसलिए अभियान में जन सहभागिता आवश्यक है।

      अतुल मुंदड़ा ने कहा कि बांकी नदी के संरक्षण के लिए इसके आसपास रहने वालों को जोड़ना आवश्यक है। उन्होने सुझाव दिया कि नदी के तट का सुंदरीकरण किया जाए,जिससे आम लोगों की दिनचर्या में नदी शामिल हो सके। गायत्री परिवार के शादुल राम ने बताया कि विश्व गायत्री परिवार पर्यावरण और जल संरक्षण के लिए लगातार काम कर रहा है। उन्होनें सुझाव देते हुए कहा कि नदी तट पर पौधा रोपण करना उपयोगी साबित हो सकता है।

    नगर के वरिष्ठ नागरिक नरेश नंदे ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय,शहर के विकास के लिए गंभीर हैं। बीते ढाई साल के दौरान शहर में विकास के ऐतेहासिक काम हुए है। बांकी नदी को संरक्षित और संवर्धित करने के लिए ठोस योजना बना कर,उनके समक्ष मांग रखा जाना चाहिए। ताकि सरकार के स्तर से इस ओर पहल हो सके। इस बैठक में जल संरक्षण अभियान को लेकर आने वाले दिनों में शहरवासियों व विभिन्न सामाजिक संगठनों से व्यापक स्तर पर चर्चा करने का निर्णय लिया गया।

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आदिवासी शिक्षा में ऐतिहासिक क्रांति की शुरुआतः रायगढ़ में 4 जर्जर छात्रावासों की जगह बनेंगे अत्याधुनिक भवन, 6 करोड़ से अधिक की स्वीकृति से हजारों बच्चों को मिलेगा सुरक्षित, सम्मानजनक और प्रेरणादायक माहौल

रायगढ़, 20 मार्च 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी एवं जनकल्याणकारी नेतृत्व में रायगढ़ जिले के आदिवासी अंचलों को एक बड़ी सौगात मिली है। जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) मद से संचालित चार प्रमुख आदिवासी छात्रावासों के लिए नवीन भवन निर्माण को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। यह निर्णय केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के शैक्षणिक, सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक दूरगामी पहल के रूप में देखा जा रहा है, जिससे आने वाले वर्षों में हजारों बच्चों का भविष्य संवरने वाला है।
         स्वीकृत कार्यों के अंतर्गत विकासखंड धरमजयगढ़ एवं लैलूंगा क्षेत्र में स्थित शासकीय आदिवासी कन्या आश्रम सोनाजोरी, शासकीय आदिवासी कन्या आश्रम पुरूंगा, प्री-मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास मुकडेगा तथा प्री-मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास खड़गांव शामिल हैं। इन चारों छात्रावासों के लिए कुल लगभग 6.10 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिसमें प्रत्येक भवन पर लगभग 1.52 करोड़ से 1.62 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। वर्षों से संचालित ये छात्रावास भवन अत्यंत जर्जर स्थिति में पहुंच चुके थे, जिससे बच्चों को कई प्रकार की असुविधाओं का सामना करना पड़ता था। अब नए, सुरक्षित और आधुनिक भवनों के निर्माण से न केवल इन संस्थानों का कायाकल्प होगा, बल्कि बच्चों को एक सम्मानजनक और प्रेरणादायक वातावरण भी प्राप्त होगा।
             इन छात्रावासों के निर्माण से प्रतिवर्ष लगभग 400 से 500 आदिवासी छात्र-छात्राएं सीधे लाभान्वित होंगे। आने वाले वर्षों में यह संख्या हजारों तक पहुंचने की संभावना है। दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों से आने वाले बच्चों के लिए यह सुविधा किसी वरदान से कम नहीं होगी, क्योंकि उन्हें अब बेहतर आवास, सुरक्षा और अध्ययन का अनुकूल वातावरण मिलेगा। नए भवनों में विद्यार्थियों को समग्र विकास के लिए आवश्यक सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिनमें नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु कोचिंग, निःशुल्क गणवेश एवं शैक्षणिक सामग्री, स्वच्छ पेयजल, आधुनिक शौचालय, पर्याप्त रोशनी एवं सुरक्षित आवासीय व्यवस्था शामिल हैं। इन व्यवस्थाओं से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे पूरी एकाग्रता के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ सकेंगे। इन छात्रावासों में अध्ययन करने वाले बच्चे भविष्य में डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, प्रशासनिक अधिकारी और जागरूक नागरिक बनकर समाज और राष्ट्र के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। यह पहल आदिवासी समाज को मुख्यधारा से जोड़ने और शिक्षा के माध्यम से उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।

*जनप्रतिनिधियों के समन्वित प्रयासों से मिली सौगात*

इस महत्वपूर्ण और दूरगामी निर्णय का श्रेय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व को जाता है, जिनके मार्गदर्शन में आदिवासी क्षेत्रों के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। साथ ही, जिले के प्रभारी मंत्री श्री राम विचार नेताम ने इस दिशा में विशेष रुचि लेते हुए निरंतर प्रयास किए। वहीं, वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी.चौधरी के प्रभावी वित्तीय प्रबंधन और विकासोन्मुख सोच के कारण ही इस योजना के लिए आवश्यक बजट स्वीकृत हो सका। सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने भी डीएमएफ की बैठक में इन भवनों की आवश्यकता को प्रमुखता से रखते हुए विशेष पहल की। इन सभी जनप्रतिनिधियों के समन्वित और प्रतिबद्ध प्रयासों का ही परिणाम है कि आज रायगढ़ जिले के आदिवासी बच्चों को बेहतर शिक्षा, सुरक्षित आवास और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में यह बड़ी सौगात मिल पाई है।

*जिले में खुशी की लहर, अभिभावकों ने जताया आभार*

इस स्वीकृति के बाद रायगढ़ जिले के ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में खुशी का माहौल है। अभिभावकों और आम नागरिकों ने इसे बच्चों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाला ऐतिहासिक निर्णय बताया है और जनप्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया है। निश्चित रूप से यह पहल केवल भवन निर्माण नहीं, बल्कि रायगढ़ के आदिवासी बच्चों के सपनों को साकार करने की दिशा में एक मजबूत, स्थायी और प्रेरणादायक कदम है, जो आने वाले समय में पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदल सकता है।

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