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प्रशासन के सख्त रुख से धान के अवैध परिवहन, भंडारण में लगे बचौलियों और कोचियों के हालत हो रहे पस्त, विचौलियों पर कार्यवाही निरंतर जारी

रायगढ़, 02 दिसंबर 2025/ छत्तीसगढ़  के रायगढ़ जिले में धान के अवैध परिवहन एवं भंडारण के खिलाफ जिला प्रशासन की सख्त रुख से लगातार कार्रवाई चल रही है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर विभिन्न क्षेत्रों में गठित संयुक्त जांच दलों ने 30 नवंबर और 01 दिसंबर को चलाए गए विशेष अभियान के दौरान कुल 12 प्रकरणों में 4447.20 क्विंटल से अधिक धान जब्त किया है, जिसमें तीन अंतर्राज्यीय प्रकरण भी शामिल हैं। जब्त धान का  मूल्य 1 करोड़ 37 लाख 86 हजार रुपए से अधिक आंका गया है। प्रशासन की यह कड़ी कार्रवाई खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में बाहरी धान की अवैध आवाजाही रोकने और वास्तविक किसानों के हितों की रक्षा हेतु की जा रही है। शासन किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर रहा है, जिसका गलत लाभ उठाने कोचिया एवं बिचौलिए ओड़िशा से धान लाकर बेचने की कोशिश कर रहे थे। कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने स्पष्ट किया है कि अवैध धान भंडारण और परिवहन में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। वास्तविक किसानों के हितों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
       अपर कलेक्टर एवं धान खरीदी के नोडल अधिकारी श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो ने बताया कि लैलूंगा विकासखंड के ग्राम किलकिला में तहसीलदार के नेतृत्व में की गई जांच में भूगदेव पैंकरा के ठिकाने से ओड़िशा का 60 क्विंटल धान पकड़ा गया। वहीं पुसौर विकासखंड में पुलिस विभाग ने दो अलग-अलग मामलों में सुदाम साहू ग्राम भैनातोरा जिला बरगढ़ ओडिशा के पिकअप वाहन (CG 06 GU 8036) में 25.60 क्विंटल धान और आदित्य सागर ग्राम बड़ेहरदी के वाहन (CG 13 AR 4467) में 20 क्विंटल अवैध धान जब्त किया गया। सभी मामलों में अंतर्राज्यीय धान परिवहन का प्रकरण दर्ज किए गए हैं।

*आंतरिक भंडारण पर बड़ी कार्रवाई – कई स्थानों से भारी मात्रा में धान बरामद*

      जिला खाद्य अधिकारी श्री चितरंजन सिंह ने बताया कि जिले के विभिन्न विकासखंडों में संयुक्त दलों ने औचक निरीक्षण कर कई गोदामों में छिपाकर रखे गए धान को जब्त किया। इसमें प्रमुख रूप से लैलूंगा क्षेत्र के ग्राम लारीपानी एवं अन्य जगहों पर बजरंग अग्रवाल के यहां 840 क्विंटल, त्रिलोक गर्ग के यहां 640 क्विंटल, दीपक जिंदल के यहां 820 क्विंटल जप्त किया गया है। इसी तरह घरघोड़ा क्षेत्र में दीपक अग्रवाल शुभम ट्रेडर्स के यहां 50 क्विंटल, रजत अग्रवाल रजत ट्रेडर्स के यहां 630 क्विंटल, धरमजयगढ़ क्षेत्र में टिकेश्वर यादव ग्राम सिसरिंगा के यहां 34.40 क्विंटल, सहनी लाल सिदार ग्राम एड्डुकला के यहां 49.20 क्विंटल, मनोज गुप्ता पत्थलगांवखुर्द के यहां 78 क्विंटल, खरसिया क्षेत्र के ग्राम कुरू में लाभो दास महंत के गोदाम से 1200 क्विंटल धान बरामद जप्त किया गया है। इन सभी पर कृषि उपज मंडी अधिनियम एवं संबंधित प्रावधानों के तहत प्रकरण दर्ज किए गए हैं।

*अब तक कुल 68 प्रकरण, 12,454 क्विंटल धान जब्त*

जिले में अब तक 68 मामलों में कुल 12,454 क्विंटल धान, जिसकी कीमत 3 करोड़ 86 लाख रुपए से अधिक है, जप्त किया जा चुका है। यह कार्रवाई जिला प्रशासन की कड़ी निगरानी और निरंतर मॉनिटरिंग का परिणाम है। अवैध धान परिवहन पर रोक लगाने के लिए जिले में बनाए गए सभी अंतर्राज्यीय और आंतरिक 25 चेकपोस्टों पर 24×7 निगरानी रखी जा रही है। जंगलों के वैकल्पिक मार्गों को भी सील कर दिया गया है, ताकि ओडिशा से होने वाली धान की अवैध आवाजाही पूरी तरह रुक सके। अनुविभागीय स्तर पर गठित विशेष टीमें लगातार फील्ड में सक्रिय हैं। प्रशासन की ताबड़तोड़ और सख्त कार्रवाई से अवैध धान व्यापारियों व बिचौलियों के हौसले पस्त हो गए हैं और जिले में समर्थन मूल्य पर खरीदी व्यवस्था और अधिक पारदर्शी व सुव्यवस्थित होती जा रही है।

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रायगढ़ : जिला प्रशासन की ताबड़तोड़ कार्रवाई : कोचियों-बिचौलियों पर कसा शिकंजा, 56 प्रकरणों में 8 हजार क्विंटल से अधिक अवैध धान जब्त

रायगढ़, 1 दिसम्बर 2025/ जिले में अवैध धान परिवहन एवं भंडारण के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़े पैमाने पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर चल रही सतत मॉनिटरिंग के परिणाम स्वरूप अब तक 56 प्रकरणों में 8,000 क्विंटल से अधिक धान जब्त किया गया है, जिससे शासन की लगभग 2.50 करोड़ रुपये की आर्थिक हानि को रोका जा सका है।
         अवैध धान के अंतर्राज्यीय एवं आंतरिक परिवहन पर रोक लगाने के लिए जिले में बनाए गए 25 चेकपोस्टों पर 24x7 निगरानी रखी जा रही है। भुईंयापाली, बेलरिया, लारा, रेंगालपाली, तोलमा, हाटी, गोलाबुड़ा, टांगरघाट, बिजना, उर्दना, पलगड़ा, भालूनारा, बाकारूमा और रीलो सहित सभी चेकपोस्टों पर तैनात टीमें सतत चेकिंग कर रही हैं। अनुविभागीय स्तर पर भी विशेष टीमें सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। जंगल और वैकल्पिक मार्गों को भी सील कर दिया गया है, जिससे अवैध आवाजाही पर प्रभावी रोक लगी है। कलेक्टर ने साफ कहा है कि अवैध धान भंडारण व परिवहन में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। 

दो दिनों में 9 प्रकरण में 17 लाख रुपए से अधिक के 564 क्विंटल धान जब्त
अपर कलेक्टर एवं धान खरीदी के नोडल अधिकारी श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो ने बताया कि 29 तथा 30 नवंबर को की गई कार्रवाई में राजस्व, मंडी एवं प्रशासनिक टीमों ने विभिन्न ग्रामों में औचक निरीक्षण कर 9 प्रकरणों में कुल 564 क्विंटल से अधिक धान जब्त किया। इनमें ग्राम लोइंग में सुरेश गुप्ता के यहां 80 क्विंटल, ग्राम छुहीपाली में सुखदेव पटेल के यहां 27.60 क्विंटल, ग्राम लारा के विष्णु चरण के यहां 24 क्विंटल, ग्राम कोड़पाली के रोहित बारिक के यहां 8 क्विंटल, ग्राम भकुर्रा की श्रीमती विमला यादव के यहां 22 क्विंटल, ग्राम पलगढ़ा के अशोक गवेल के वाहन में 28 क्विंटल, खरसिया के अनिश अग्रवाल के गोदाम में 160 क्विंटल, ग्राम कांदागढ़ के राजू के यहां 60 क्विंटल और ग्राम नवापारा-माण्ड में कुमार साहू के यहां 154.80 क्विंटल अवैध धान जब्त किया गया। सभी मामलों में छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किए गए हैं।

धान खरीदी केंद्रों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध
समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए जिले में 105 उपार्जन केंद्र संचालित हैं, जिनमें से 15 केंद्र संवेदनशील तथा 4 केंद्र अतिसंवेदनशील श्रेणी में रखे गए हैं। सभी केंद्रों में चेकलिस्ट के अनुरूप मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर सक्रिय किया गया है। कॉल सेंटर द्वारा धान के उठाव, परिवहन और रीसाइक्लिंग पर सतत निगरानी की जा रही है। शिकायतों के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-3663 जारी है।

जिला स्तरीय जांच समिति गठित
कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने धान खरीदी में पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तरीय जांच समिति गठित की है। इसमें अपर कलेक्टर श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, संयुक्त कलेक्टर श्री राकेश गोलछा, खाद्य अधिकारी श्री चितरंजन सिंह, जिला विपणन अधिकारी कु. जान्हवी जिलहरे, उप आयुक्त सहकारिता श्री व्यास नारायण साहू, नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक श्री एस. नारायण, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी श्री एस.पी. सिंह शामिल हैं। समिति पूरी खरीदी प्रक्रिया की निगरानी सतत रूप से कर रही है।

किसानों के टोकन हेतु विशेष व्यवस्था
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भूमि धारिता आधारित टोकन व्यवस्था लागू है। किसान टोकन उपार्जन केंद्र से या टोकन तुहर हाथ मोबाइल ऐप से प्राप्त कर सकते हैं। प्रशासन ने आग्रह किया है कि किसान धान पूरी तरह सुखाकर, 17 प्रतिशत से कम नमी के साथ ही लेकर आएं और साथ में टोकन, ऋण पुस्तिका व आधार कार्ड अवश्य रखें।

धान खरीदी भुगतान में 96.27 प्रतिशत
सहकारिता विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 30 नवम्बर तक जिले के विभिन्न उपार्जन केंद्रों में 1 लाख 78 हजार 310.40 क्विंटल से अधिक धान की खरीदी की जा चुकी है है। खरीदे गए धान के एवज में 4224.17 लाख रुपये भुगतान योग्य राशि निर्धारित की गई है, जिसमें से 4066.50 लाख रुपये का भुगतान किसानों के बैंक खातों में अंतरित कर दिया गया है। धान खरीदी व्यवस्था व्यवस्थित, पारदर्शी और किसान-हित में सुचारु रूप से जारी है।

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जनदर्शनः कलेक्टर ने सुनी लोगों की समस्याएं, अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के दिए निर्देश

रायगढ़, 1 दिसम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु प्रत्येक सोमवार को जिला कलेक्टोरेट परिसर में आयोजित होने वाले जनदर्शन में आज बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी समस्याएं, मांगें एवं शिकायतें कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के समक्ष प्रस्तुत कीं। कलेक्टर ने सभी आवेदनों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को नियमानुसार, पारदर्शी और त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।
             जनदर्शन में ग्राम रेगड़ा के लक्ष्मी प्रसाद यादव ने निराश्रित पेंशन बंद होने की समस्या रखते हुए बताया कि उन्हें पिछले दो-तीन वर्षों से नियमित रूप से पेंशन मिल रही थी, लेकिन हाल ही में राशि आना बंद हो गई है, जिससे आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी तरह ग्राम धनागर के मदन पटेल ने क्षतिपूर्ति राशि दिलाए जाने की मांग की। वहीं रायगढ़ जूटमिल निवासी दादुलाल यादव ने भूमि पट्टा बनवाने में आ रही समस्या से अवगत कराते हुए शीघ्र समाधान का आग्रह किया। तहसील खरसिया के ग्राम बिंजकोट निवासी बुद्धेश्वर प्रसाद राठिया ने रोजगार उपलब्ध कराने की मांग रखी। उन्होंने बताया कि एसकेएस कंपनी द्वारा भू-अर्जन के दौरान उनकी भूमि अधिग्रहित कर ली गई थी, जिसके चलते रोजगार के अभाव में परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा है।
इसी तरह ग्राम बिंजकोट के अन्य ग्रामीण मोबाइल नेटवर्क की समस्या लेकर जनदर्शन पहुंचे। जनपद पंचायत खरसिया अंतर्गत ग्राम पंचायत भूपदेवपुर के ग्रामीणों ने पंचायतों में विकास कार्यों हेतु 15वें वित्त की राशि जारी किए जाने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि राशि उपलब्ध न होने के कारण भूमि समतलीकरण, बाड़ी विकास सहित अन्य कार्य रुके पड़े हैं। रायगढ़ के महेश राम चौहान ने अपने घर में शौचालय निर्माण की मांग रखी। इसके अलावा जनदर्शन में आए अन्य नागरिकों ने राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास, दिव्यांग पेंशन सहित विभिन्न समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। कलेक्टर ने सभी आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए आमजन को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा।

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रायगढ़ : अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस पर खेलकूद प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रम में दिव्यांगजन दिखाएंगे अपनी प्रतिभा

रायगढ़ 01 दिसंबर 2025/समाज कल्याण विभाग द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित किए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर इस वर्ष भी 02 एवं 03 दिसम्बर 2025 को जिले में विविध कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य दिव्यांगजनों की खेल-कूद एवं सांस्कृतिक प्रतिभा को मंच उपलब्ध कराना, उनके आत्मविश्वास को बढ़ाना तथा समाज में समावेशिता की भावना को सुदृढ़ करना है।
     समाज कल्याण विभाग के उप संचालक श्री शिवशंकर पांडेय ने बताया कि 02 दिसम्बर को किरोड़ीमल शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय, रायगढ़ के लाल मैदान में प्रातः 9:00 बजे से दिव्यांगजनों हेतु विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। आयोजन में मटका फोड़, नींबू-चम्मच दौड़, बुक बैलेंसिंग, जलेबी दौड़, बकेट बॉल, गोला फेंक, ऊँची कूद, लम्बी कूद, कुर्सी दौड़, लम्बी दौड़ एवं थ्रो बॉल जैसी रोचक प्रतियोगिताएं शामिल की गई हैं, जिनमें बड़ी संख्या में दिव्यांग प्रतिभागियों के भाग लेंगे। इसके बाद दिनांक 03 दिसम्बर को पॉलीटेक्निक ऑडिटोरियम हॉल में प्रातः 11:00 बजे से दिव्यांगजनों की कला, संस्कृति और रचनात्मकता को प्रदर्शित करने हेतु सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होगा। इसमें गीत-संगीत, गायन-वादन, नृत्य और एकांकी नाटक जैसे विविध मंचीय कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी। दो दिवसीय आयोजन के अंतर्गत खेलकूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को मंच पर सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जाएगा। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य दिव्यांगजनों को अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करने और मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित करना है।

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छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल के निर्देशों के अनुपालन में 15  बिंदुओं पर स्पष्ट दिशा–निर्देश जारी,केवल साधारण (बिना पॉकेट) स्वेटर की अनुमति

रायगढ़, 1 दिसंबर 2025। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल रायपुर द्वारा जल संसाधन विभाग अंतर्गत आमीन भर्ती परीक्षा डब्ल्यूआरडी 2025 का आयोजन आगामी 7 दिसम्बर 2025 को समय  12.00 बजे से 2:15 तक आयोजित की जा रही है। उक्त परीक्षा के लिए  रायगढ़ जिले में 57 परीक्षा केन्द्र बनाए गए है, जिसमें लगभग 16091 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। प्रत्येक परीक्षा केन्द्रों में आबंटित एक पुरुष एवं एक महिला पुलिस कर्मी से फिस्किंग का कार्य किया जाएगा। महिला अभ्यर्थियों की फिस्किंग महिला पुलिस कर्मी से ही कराया जायेगा। 
कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल के निर्देशों के अनुपालन में 15 स्पष्ट दिशा–निर्देश जारी किए गए है। परीक्षार्थियों के लिए निम्नांकित निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है। 
जारी दिशा निर्देशों के तहत परीक्षार्थियों को कहा गया है कि परीक्षार्थी, परीक्षा के एक दिन पूर्व अपने परीक्षा केन्द्र का अनिवार्य रूप से अवलोकन कर लें,ताकि उन्हें परीक्षा दिवस को कोई असुविधा न हो। परीक्षा प्रारंभ होने के कम से कम 2 घंटा पूर्व पहुंचे ताकि उनका फिस्किंग एवं पहचान पत्र का सत्यापन किया जा सके। परीक्षा प्रारंभ होने के 30 मिनट पूर्व परीक्षा केन्द्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा। हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनकर परीक्षा देने आना होगा। काले, गहरे नीले, गहरे हरे, जामुनी, मैरून, बैगनी रंग व गहरे चॉकलेटी रंग का कपड़े पहनना वर्जित होगा ।
केवल साधारण स्वेटर (बिना पाकेट) की अनुमति है। सुरक्षा जांच के समय स्वेटर को उतार कर सुरक्षा कर्मी से जांच कराना होगा।
धार्मिक एवं सांस्कृतिक पोशाक वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा केन्द्र पर सामान्य समय से पहले रिपोर्ट करना होगा। उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ेगा तभी परीक्षा कक्ष में प्रवेश की अनुमति होगी।
फुटवियर के रूप में केवल चप्पल पहनने की अनुमति दी गई है। कान में किसी भी प्रकार का आभूषण वर्जित है।
 परीक्षा प्रारंभ होने के पहले आधा घंटा में एवं परीक्षा समाप्ति के आखिरी आधा घंटा में परीक्षा कक्ष से बाहर जाना वर्जित किया गया है।
परीक्षा कक्ष में किसी भी प्रकार का संचार उपकरण, इलेक्ट्रानिक उपकरण, इलेक्ट्रानिक घड़ी, पर्स, पाउच, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी आदि ले जाना पूर्णतः वर्जित है ।
प्रवेश पत्र के सभी पेज का प्रिंट आउट लें और पेज के केवल एक तरफ प्रिंट करें, क्योंकि प्रत्येक परीक्षा के लिए व्यापम की प्रति परीक्षा केंद्र में जमा हो जाएगी।
 परीक्षार्थी को परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र के साथ पहचान पत्र के रूप में मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पेन कार्ड,आधार कार्ड जिसमें अभ्यर्थी का फोटो हो, का एक मूल पहचान पत्र परीक्षा दिवस में परीक्षा केंद्र में लाना अनिवार्य किया गया है। मूल पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं करने पर परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा, जिसके लिए अभ्यर्थी स्वयं जिम्मेदार होंगे।
यदि इंटरनेट से प्राप्त प्रवेश पत्र पर फोटो नहीं आता है, तो अभ्यर्थी अपने साथ दो रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो ले कर परीक्षा केंद्र लाना होगा। 
परीक्षार्थियों को अपने साथ परीक्षा कक्ष में केवल काले या नीले बाल पॉइंट पेन को ही उत्तर अंकित करने के लिए उपयोग लाना होगा।  चयन, प्रवेश के समय प्रवेश पत्र मांगा जाता है, इसलिए प्रवेश पत्र को सुरक्षित रखने होंगे। व्यापम द्वारा दोबारा प्रवेश पत्र जारी नहीं किया जावेगा।
निर्देशों का पालन ना करने पर अभ्यर्थी को परीक्षा देने से वंचित किया जाएगा। परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करने पर कठोर कार्यवाही की जाएगी तथा अभ्यर्थिता समाप्त की जाएगी।

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मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना  :  बदलेगी नगर निगमों की सूरत और सीरत,13 नगर निगमों के लिए 429.45 करोड़ मंजूर,छत्तीसगढ़ के शहरों को आधुनिक, सुंदर और जीवंत बनाने की प्रभावी योजना – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर. 1 दिसम्बर 2025. छत्तीसगढ़ के शहरों में आइकॉनिक (Iconic) विकास कार्यों के लिए राज्य शासन ने इस साल मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना शुरू की है। पहले चरण में इसे राज्य के सभी 14 नगर निगमों में लागू किया गया है। इसके तहत शहरों में मजबूत अधोसंरचना के विकास के बड़े काम मंजूर किए जा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद योजना के अंतर्गत अब तक 13 नगर निगमों में 26 कार्यों के लिए 429 करोड़ 45 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इनमें मरीन ड्राइव विस्तार, ऑक्सीजोन-कम-स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, अंतरराज्यीय बस टर्मिनल, रोड जंक्शन, हाइटेक बस स्टैंड, ऑडिटोरियम, तालाब सौंदर्यीकरण, उद्यान विकास, जलापूर्ति सुदृढ़ीकरण, कॉरीडोर निर्माण, गौरव पथ निर्माण, सड़क बाइपास एवं चौड़ीकरण जैसे वृहद कार्य शामिल हैं। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में योजना के लिए 500 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। स्वीकृत कार्यों में से पांच कार्यों के लिए संबंधित फर्म्स को कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं। वहीं पांच कार्यों का भूमिपूजन भी हो गया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य शासन की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के बारे में कहा कि इस योजना से शहरों के अधोसंरचना विकास में बड़ा बदलाव आएगा। शहरों के सतत् विकास और नागरिक केंद्रित समाधानों को ध्यान में रखते हुए यह योजना तैयार की गई है। छत्तीसगढ़ के शहरों को आधुनिक, सुंदर और जीवंत बनाने में यह योजना प्रभावी साबित होगी। शहरों की सूरत और सीरत बदलने में इसकी अहम भूमिका होगी।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बताया कि जीवंत शहरों के निर्माण और इज ऑफ लीविंग के लिए इस साल के बजट में शामिल कार्ययोजना के अनुसार मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना प्रारंभ की गई है। पहले चरण में राज्य के सभी नगर निगमों को इसमें शामिल किया गया है। चरणबद्ध रूप से इसे सभी नगरीय निकायों में लागू किया जाएगा। योजना के माध्यम से शहरों में बढ़ती आबादी के मद्देनजर सुगम यातायात के लिए मुख्य सड़कों के निर्माण, चौड़ीकरण, बाइपास सड़क, फ्लाई-ओव्हर, सर्विस-लेन, अंडर-पास तथा अन्य बुनियादी ढांचों का विकास किया जाएगा। राज्य के शहरों को सुंदर, आधुनिक, व्यवस्थित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए रिवर-फ्रंट डेवलपमेंट और भव्य उद्यानों का भी निर्माण योजना के तहत किए जाएंगे। योजना में ऐसे आइकॉनिक कार्य व परियोजनाएं ली जाएंगी जो शहर के विकास का उदाहरण बन सके। 

मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना से होंगे ये काम

मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना से प्रमुख रूप से मुख्य सड़क निर्माण एवं मुख्य सड़क चौड़ीकरण कार्य, बाइपास रोड निर्माण, मुख्य सड़क में सर्विस रोड निर्माण कार्य, फ्लाई-ओव्हर निर्माण कार्य, अंडर-पास सड़क निर्माण कार्य, जलप्रदाय योजना के कार्य, सीवरेज नेटवर्क निर्माण कार्य, एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के कार्य, मुख्य सड़कों में रोटरी चौक निर्माण पुनर्व्यवस्था कार्य, स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स निर्माण, हाइटेक बस स्टैण्ड निर्माण, ऑडिटोरियम निर्माण, भव्य उद्यान विकास एवं रिवर-फ्रंट डेवलपमेंट कार्य तथा पर्यटन स्थलों के विकास के कार्य किए जाएंगे। इनके साथ ही शहर की जरूरत के अनुसार अन्य विशिष्ट कार्य भी किए जाएंगे।

कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति करेगी मॉनिटरिंग

मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के कार्यों की मॉनिटरिंग और निगरानी कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति द्वारा की जाएगी। समिति प्रगतिरत कार्यों की नियमित समीक्षा कर समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करेगी। संबंधित नगर निगम के आयुक्त समिति के सदस्य-सह-सचिव होंगे। वहीं जिले में लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता समिति के अन्य सदस्य होंगे।

रायपुर में 91.27 करोड़, रायगढ़ में 64.66 करोड़ और बिलासपुर में 57.92 करोड़ के काम, कोरबा में गौरव पथ के लिए 36.55 करोड़

मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना से रायपुर नगर निगम में कुल 91 करोड़ 27 लाख रुपए के चार कार्यों की स्वीकृति दी गई है। इनमें नौ करोड़ दो लाख रुपए की लागत से 18 रोड जंक्शन्स (Road Junctions) के विकास, 23 करोड़ 38 लाख रुपए से जल आपूर्ति व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण, 18 करोड़ 86 लाख रुपए के महादेव घाट पुनरूद्धार योजना फेज-1 और तेलीबांधा में 40 करोड़ रुपए के टेक्नीकल टॉवर का निर्माण शामिल है। रायगढ़ नगर निगम में कुल 64 करोड़ 66 लाख रुपए के तीन कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 29 करोड़ 57 लाख रुपए का न्यू शनि मंदिर से छठघाट तक मरीन ड्राइव विस्तार, 12 करोड़ 81 लाख रुपए का एफ.सी.आई. के पास ऑक्सीजोन-कम-स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकास कार्य और 22 करोड़ 28 लाख रुपए का न्यू सारंगढ़ बस स्टैंड (अंतरराज्यीय बस टर्मिनल) का उन्नयन कार्य शामिल है। 

बिलासपुर नगर निगम में योजना के तहत कुल 57 करोड़ 92 लाख रुपए की लागत के नौ कार्य मंजूर किए गए हैं। इनमें 17 करोड़ रुपए का अशोक नगर-बिरकोनी रोड चौड़ीकरण, नौ करोड़ 74 लाख रुपए का अरपा इंद्रा सेतु से राम सेतु तक अटल पथ निर्माण, पांच करोड़ नौ लाख रुपए का मंगला चौक से आजाद चौक तक सड़क निर्माण, पांच करोड़ 26 लाख रुपए का गुरुनानक चौक से मोपका/राजकिशोर नगर तिराहा तक डामरीकरण एवं नाला निर्माण, दो करोड़ 22 लाख रुपए का रकबंधा तालाब उसलापुर का सौंदर्यीकरण, छह करोड़ 82 लाख रुपए का सिरगिट्टी क्षेत्र में सीसी रोड एवं नाली निर्माण तथा एक करोड़ 70 लाख रुपए का जोन-7 के अंतर्गत सीसी रोड विकास कार्य शामिल हैं। तिफरा में सीसी रोड और नाली निर्माण के लिए छह करोड़ 48 लाख रुपए तथा शहर में स्ट्रीट लाइट व विद्युत लाइट पोल के प्रतिस्थापन के लिए तीन करोड़ 62 लाख रुपए से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। कोरबा में सीएसईबी चौक से जैन चौक – आईटीआई चौक से कोसाबाड़ी चौक तक गौरव पथ के निर्माण के लिए 36 करोड़ 55 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं।

धमतरी में बनेगा हाइटेक बस स्टैंड और ऑडिटोरियम, अंबिकापुर में मां महामाया कॉरीडोर के लिए 11.6 करोड़
 
योजना के तहत धमतरी नगर निगम में दो कार्यों के लिए कुल 24 करोड़ 64 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। इनमें 17 करोड़ 70 लाख रुपए का नवीन हाइटेक बस स्टैंड निर्माण और छह करोड़ 94 लाख रुपए का ऑडिटोरियम निर्माण शामिल है। जगदलपुर नगर निगम में भी दो कार्यों के लिए कुल 19 करोड़ 95 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इनमें दस करोड़ छह लाख रुपए का मुक्तिधाम से समुद्र चौक, पॉवर हाउस चौक, पंचपथ चौक होते हुए लालबाग आमागुड़ा चौक तक मार्ग चौड़ीकरण और नौ करोड़ 89 लाख रुपए का दलपत सागर विकास व सौंदर्यीकरण कार्य शामिल है। बीरगांव नगर निगम में दो कार्यों के लिए 24 करोड़ 75 लाख रुपए से अधिक की राशि मंजूर की गई है। इनमें सात करोड़ 90 लाख रुपए की लागत से उरला नाला निर्माण (5.08 किलोमीटर) तथा 16 करोड़ 85 लाख रुपए का शनि मंदिर से फिल्टर प्लांट होते हुए कन्हेरा मोड़ तक सड़क निर्माण शामिल है। 

नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा योजना के तहत चिरमिरी नगर निगम में चार कार्यों के लिए कुल 14 करोड़ 84 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। इनमें आठ करोड़ 65 लाख रुपए का सोनामली नाका से दीनदयाल चौक पौढ़ी तक बाइपास निर्माण, तीन करोड़ 57 लाख रुपए का कोरिया कॉलरी शाखा शिवमंदिर के पास विकास एवं सौंदर्यीकरण, 69 लाख रुपए का पोड़ी वेस्ट चिरमिरी में अटल परिसर से मालवीय नगर तक सड़क चौड़ीकरण तथा एक करोड़ 93 लाख रुपए का अहिंसा चौक हल्दीवाड़ी से अग्रसेन चौक बड़ा बाजार तक सड़क चौड़ीकरण कार्य शामिल है। अंबिकापुर नगर निगम में दो कार्यों के लिए कुल 13 करोड़ 99 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इनमें दो करोड़ 39 लाख रुपए की लागत से पुष्पवाटिका सरगांव पार्क का विकास एवं जल आपूर्ति व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के साथ ही 11 करोड़ 60 लाख रुपए की लागत से मां महामाया कॉरीडोर का निर्माण शामिल है।

भिलाई-चरोदा में बनेगा केनाल रोड, रिसाली में तीन सड़कों के विकास और चौड़ीकरण के लिए 17.33 करोड़

दुर्ग नगर निगम में नौ करोड़ 84 लाख रुपए की लागत से धमधा मार्ग से आदित्य नगर होते हुए रायपुर नाका अंडर-ब्रिज की ओर तथा हनुमान नगर होते हुए जुनवानी रोड तक फोरलेन निर्माण, भिलाई-चरोदा नगर निगम में डभरा पारा से इन्द्रानगर तक केनाल रोड निर्माण के लिए 29 करोड़ 43 लाख रुपए और भिलाई नगर निगम में 24 कार्यों के लिए 24 करोड़ 30 लाख रुपए मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना से स्वीकृत किए गए हैं। रिसाली नगर निगम में तीन कार्यों के लिए कुल 17 करोड़ 33 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। इनमें मैत्री कुंज से मधुरिशा फेज-3 तक, आजाद चौक से कृष्णा टॉकीज रोड तक तथा श्रीराम चौक से बालाजी अपार्टमेंट (वार्ड क्रमांक-23) तक सड़क के विकास एवं चौड़ीकरण के लिए क्रमशः पांच करोड़ 21 लाख, सात करोड़ 97 लाख तथा चार करोड़ 15 लाख रुपए शामिल हैं। 

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कलेक्टर के निर्देश पर समयपालन का सख्त कदम,कलेक्टोरेट में बायोमेट्रिक अटेंडेंस व्यवस्था लागू,अधिकारी-कर्मचारियों ने फेस रीडिंग और थंब स्कैन से दर्ज की उपस्थिति

रायगढ़, 1 दिसम्बर 2025/ जिला कलेक्टोरेट रायगढ़ में प्रशासनिक पारदर्शिता और समय पालन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से आज से बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था आधिकारिक रूप से लागू कर दी गई। सुबह 10 बजे कलेक्टोरेट परिसर के विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी थंब इंप्रेशन और फेस रीडिंग के माध्यम से अपने-अपने कार्यालयों में प्रवेश करते नजर आए। मुख्य गेट के सामने और पीछे दोनों स्थानों पर अत्याधुनिक बायोमेट्रिक डिवाइस स्थापित किए गए हैं, जिनके माध्यम से सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी अनिवार्य रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं। डिवाइस क्रमांक-1 मुख्य गेट सामने में जिला प्रशासन राजस्व एवं स्थापना, आदिवासी विकास, श्रम तथा खनिज विभाग एनरोल किए गए हैं। वहीं डिवाइस क्रमांक-2 मुख्य गेट पीछे में भू-अभिलेख शाखा, जनसम्पर्क विभाग, योजना एवं सांख्यिकी, आबकारी विभाग, जिला कोषालय, उप आयुक्त सहकारिता, अन्त्यावसायी विभाग तथा खाद्य विभाग को शामिल किया गया है। यह नई व्यवस्था न केवल उपस्थिति प्रणाली को अधिक सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाएगी, बल्कि कार्यालयीन कार्यों में अनुशासन, समयबद्धता और कार्यकुशलता को भी महत्वपूर्ण रूप से बढ़ावा देगी।
            कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने बताया कि बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रतिदिन प्रातः 10.00 बजे से शाम 5.30 बजे तक अनिवार्य रूप से दर्ज की जाएगी। इस अवधि में आगमन और प्रस्थान दोनों समय उपस्थिति दर्ज करना जरूरी होगा। किसी भी समय उपस्थिति दर्ज न करने की स्थिति में संबंधित कर्मचारी को अनुपस्थित माना जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समय पालन और कार्यसंस्कृति को सुदृढ़ करने के लिए यह व्यवस्था अत्यधिक आवश्यक है, इसलिए किसी भी विभाग में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि संयुक्त कलेक्टोरेट के अलावा अन्य सभी शासकीय विभागों में भी यह प्रणाली अनिवार्य रूप से लागू की जाए। इससे उपस्थिति प्रणाली और अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी। नई व्यवस्था के सुचारू संचालन, डिवाइस स्थापना, डेटा प्रविष्टि और पूरे सिस्टम की सतत मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी अपर कलेक्टर श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो को सौंपी गई है।

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डिजिटल बेस्ड विज्ञान प्रतिभा खोज : राज्यस्तरीय कैंप के लिए  जशपुर के 7 छात्रों का हुआ चयन,इस सफलता पर जिला शिक्षा अधिकारी ने दी बच्चों को दी शुभकामनाएं

जशपुर : विद्यार्थी विज्ञान मंथन जो कि भारत की सबसे बड़ी डिजिटल बेस्ड विज्ञान प्रतिभा खोज परीक्षा है के तीसरे चरण में राज्यस्तरीय कैंप के लिए  जशपुर के 7 छात्रों का चयन किया गया है। उल्लेखनीय है कि इसका आयोजन भारत के साथ साथ अरब देशों में भी किया जाता है जिसका मुख्य उद्देश्य छात्रों में विज्ञान को लेकर उत्सुकता उत्पन्न करना और भारत के वैज्ञानिकों के योगदान को विशेष रूप से रेखांकित करना हैं। इस परीक्षा के प्रथम दो चरणों में भी जशपुर के छात्रों ने उत्साह पूर्वक भाग लेते हुए  रिकॉर्ड कायम किया था, जिले के कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने भी छात्रों के लिए रजिस्ट्रेशन हेतु विशेष अभियान चला कर हर संभव सहयोग प्रदान किया था। उसके पश्चात द्वितीय एवं तृतीय चरण में भी बड़ी संख्या में क्वालीफाई करते हुए राज्य स्तर पर 7 छात्रों ने स्थान बनाया है।
     इस परीक्षा हेतु प्रथम चरण की परीक्षा की परीक्षा 28 अक्टूबर से 2 नवंबर के बीच तथा दूसरे चरण की परीक्षा 19 से 23 नवंबर के बीच आयोजित की गई थी ।
     इस परीक्षा में पूरे छत्तीसगढ़ से लगभग 150 छात्रों का चयन राज्य स्तरीय कैंप हेतु किया गया है जिनमें 7 जशपुर जिले के छात्र भी शामिल हैं, जिनमें   प्राथमिक शाला ढोड़ीडांड़ कुनकुरी से शिवानी चौहान कक्षा  8 , सोनिका बाई  कक्षा8 ,मोनिका बाई कक्षा8 एवं अर्पिता शर्मा पीएमश्री सेजेस कुनकुरी कक्षा 8 , निशा कुजूर सेजेस पतराटोली कक्षा 9 , आयुषी पन्ना सेजेस पतराटोली कक्षा 9 , रोहन कुमार साहू पीएम श्री सेजेस कोतबा कक्षा 9 शामिल हैं।ये सभी जशपुर जिले के शासकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र छात्राएं हे जिन्होंने पूरे प्रदेश के निजी एवं शासकीय छात्रों से प्रतिस्पर्धा करते हुए राज्य स्तर पर अपना स्थान बनाया है।
        इस सफलता पर जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद भटनागर , संकल्प शिक्षण संस्थान के प्राचार्य  विनोद गुप्ता, संजीव शर्मा , विद्यार्थी विज्ञान मंथन के जिला कॉर्डिनेटर विवेक पाठक एवं समस्त शिक्षकों  ने भी शुभकामनाएं दी हैं।

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महतारी वंदन योजना ने ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के जीवन में लाया परिवर्तन

जशपुर 1 दिसंबर 25/छत्तीसगढ़ शासन की  महतारी वंदन योजना ने ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के जीवन में परिवर्तन लाया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को प्रति माह 1000 रुपए की सहायता राशि प्रदान की जा रही है। ग्राम पंचायत जोकारी की श्रीमती मंजू भगत भी इस योजना से लाभान्वित हो रही हैं। वे बताती हैं कि प्राप्त राशि से उनके परिवार के दैनिक खर्चों में उल्लेखनीय सहूलियत मिली है। यह सहायता वे किराना सामग्री खरीदने, बच्चों की शिक्षा में सहयोग, तथा स्वयं के छोटे-मोटे आवश्यक खर्चों पर उपयोग करती हैं। योजना से मिली आर्थिक सुरक्षा ने उनके परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे उनके जीवन में स्थिरता और आत्मविश्वास दोनों बढ़ा है।

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जिला स्तरीय सांसद खेल महोत्सव 5–6 दिसम्बर को घरघोड़ा में , खेल प्रतिभाओं का जुटेंगे 


रायगढ़, 01 सितंबर 2025। रायगढ़ जिले में खेल भावना और युवा ऊर्जा को नया आयाम देने जा रहे जिला स्तरीय सांसद खेल महोत्सव की तैयारियाँ अब अंतिम चरण में हैं। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने आयोजन की व्यापक तैयारियों को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को अलग-अलग दायित्व सौंप दिए हैं तथा सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को शीघ्रतापूर्वक मूर्त रूप देने के निर्देश जारी किए हैं।

जिला स्तरीय सांसद खेल महोत्सव का आयोजन 05 से 06 दिसम्बर 2025 तक विकासखण्ड घरघोड़ा के स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी विद्यालय मैदान एवं क्रिकेट मैदान में भव्य स्वरूप में किया जा रहा है। जिलेभर की खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने, प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण विकसित करने और खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित यह महोत्सव रायगढ़ जिले के प्रमुख खेल आयोजनों में शामिल हो गया है।
इस दो दिवसीय महोत्सव के अंतर्गत 05 दिसम्बर को महिला वर्ग तथा 06 दिसम्बर को पुरुष वर्ग की खेल प्रतियोगिताएँ होंगी। जिले के सभी विकासखण्डों से आई महिला एवं पुरुष खिलाड़ी विभिन्न खेल विधाओं में अपने कौशल का प्रदर्शन करेंगे। आयोजन में लगभग 1200 प्रतिभागियों—खिलाड़ियों, ऑफिसियल्स, निर्णायकों एवं सहयोगी दलों की सहभागिता अपेक्षित है, जिससे खेल मैदानों पर उत्साह और जोश का माहौल देखने को मिलेगा।
आयोजन समिति द्वारा खिलाड़ियों के ठहराव, भोजन, सुरक्षा, खेल सामग्री, चिकित्सा सुविधा तथा प्रतियोगिताओं के संचालन की सभी आवश्यक तैयारियाँ प्रगति पर हैं। कलेक्टर द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार प्रत्येक व्यवस्था को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने पर बल दिया जा रहा है, ताकि प्रतियोगिताएँ निष्पक्ष, सुरक्षित तथा उत्साहजनक वातावरण में सम्पन्न हो सकें।
जिले का घरघोड़ा क्षेत्र आगामी 5 और 6 दिसम्बर को खेल प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है, जहां उभरती खेल प्रतिभाएँ अपनी क्षमता और कौशल से जिले का गौरव बढ़ाएंगी।

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दूसरे दिन भी हुई ओडिशा सीमा से धान के अवैध परिवहन की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

रायगढ़, 30 नवम्बर 2025/ धान के अवैध भंडारण और अंतर्राज्यीय परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से रायगढ़ जिला प्रशासन ने दूसरे दिन भी फिर सख्त और निर्णायक कार्रवाई की है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर प्रशासनिक एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों ने ओडिशा सीमा से लगे संवेदनशील मार्गों की गहन निगरानी करते हुए बिचौलियों द्वारा उपयोग किए जा रहे सभी वैकल्पिक जंगल-पगडंडी एवं कच्चे रास्तों को चिन्हांकित कर पूरी तरह सील कर दिया है। इन अवैध मार्गों पर जेसीबी मशीनों से गहरे गड्ढे खोदकर मजबूत अवरोधक तैयार किए गए, जिससे वाहनों की आवाजाही पूर्णतः बंद हो गई है और धान तस्करी की संभावना समाप्त हो गई है।
            कलेक्टर द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप सभी अंतर्राज्यीय बैरियरों पर कर्मचारियों की 24 घंटे तैनाती सुनिश्चित की जा रही है। रात्रिकालीन गश्त को सघन किया गया है और संदिग्ध वाहनों की कड़ाई से तलाशी ली जा रही है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा है कि किसी भी परिस्थिति में धान के अवैध परिवहन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पारदर्शी और व्यवस्थित खरीदी सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन हर आवश्यक कदम उठा रहा है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या वाहन की सूचना तत्काल स्थानीय प्रशासन, नियंत्रण कक्ष या खाद्य विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-233-3663 पर दें। कलेक्टर ने बताया कि अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर एवं कॉल सेंटर का गठन किया गया है, जो धान की रीसाइक्लिंग पर रोक, बिचौलियों की गतिविधियों की मॉनिटरिंग और धान के उठाव एवं परिवहन की सतत ट्रैकिंग कर रहा है।
           एसडीएम लैलूंगा श्री भरत कौशिक ने बताया कि तहसील मुकडेगा के किलकिला, हाडीपानी और कोडामाई क्षेत्र में ओडिशा से धान के अवैध परिवहन की लगातार सूचना मिल रही थी। सूचना प्राप्त होते ही राजस्व, खाद्य एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम तत्काल मौके पर पहुँची और सभी संवेदनशील कच्चे एवं जंगल मार्गों को जेसीबी से गड्ढा खोदकर पूर्णतः ब्लॉक कर दिया गया। एसडीएम ने कहा कि धान की अवैध आवाजाही की संभावना को देखते हुए जंगल से होकर गुजरने वाले सभी रास्तों को अवरुद्ध कर दिया गया है। अब इन सभी मार्गों पर 24 घंटे कड़ी निगरानी की जा रही है।

*पहले भी अवरुद्ध किए गए थे सात अंदरूनी रास्ते-लगातार जारी है अभियान*

बता दें कि बीती रात भी जिला प्रशासन ने कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर घरघोड़ा एसडीएम के नेतृत्व में एक बड़ी कार्रवाई की थी, जिसमें ओडिशा से धान की अवैध आवक के लिए बनाए गए सात अंदरूनी जंगल मार्गों को पूरी तरह बंद कर दिया गया था। इसी क्रम में आज भी यह सख्त कार्रवाई जारी रही और अतिरिक्त मार्गों को अवरोधित कर तस्करों के सभी संभावित रास्तों को खत्म किया गया। जिला प्रशासन ने कहा है कि अवैध परिवहन पर त्वरित एवं कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। जहां भी धान के अवैध परिवहन की आशंका पाई जाएगी, वहां तत्काल, कड़ी और प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर किसानों के पंजीयन की तिथि बढ़ाई गई,अब 15 दिसंबर 2025 तक होगा पंजीयन, 

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जशपुरनगर 30 नवम्बर 2025/ किसान हितों को ध्यान में रखते हुए एकीकृत किसान पोर्टल पर कैरीफारवर्ड, डूबान तथा वन पट्टाधारी कृषकों के पंजीयन हेतु निर्धारित समय सीमा बढ़ा दी गई है। विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार अब यह प्रावधान 15 दिसम्बर 2025 तक सभी समितियों के समिति लॉगिन में उपलब्ध रहेगा। पूर्व में विभाग ने 30 नवम्बर 2025 तक इन प्रावधानों को समिति लॉगिन में उपलब्ध कराया था। किन्तु कैरीफारवर्ड, डूबान एवं वन पट्टाधारी कृषकों के पंजीयन की प्रक्रिया अभी जारी होने के कारण समय विस्तार आवश्यक पाया गया। इसलिए पंजीयन की अंतिम तिथि 15 दिसम्बर 2025 तक बढ़ाया गया है। पंजीयन तिथि बढ़ने से छुटे हुए किसानों को सहूलियत होगी। साथ ही समितियों में धान बेचने में आसानी होगी।

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एकीकृत किसान पोर्टल में किसानों के पंजीयन की तिथि बढ़ी*ल,अब 15 दिसंबर 2025 तक होगा पंजीयन


 
जशपुरनगर 30 नवम्बर 2025/ किसान हितों को ध्यान में रखते हुए एकीकृत किसान पोर्टल पर कैरीफारवर्ड, डूबान तथा वन पट्टाधारी कृषकों के पंजीयन हेतु निर्धारित समय सीमा बढ़ा दी गई है। विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार अब यह प्रावधान 15 दिसम्बर 2025 तक सभी समितियों के समिति लॉगिन में उपलब्ध रहेगा। पूर्व में विभाग ने 30 नवम्बर 2025 तक इन प्रावधानों को समिति लॉगिन में उपलब्ध कराया था। किन्तु कैरीफारवर्ड, डूबान एवं वन पट्टाधारी कृषकों के पंजीयन की प्रक्रिया अभी जारी होने के कारण समय विस्तार आवश्यक पाया गया। इसलिए पंजीयन की अंतिम तिथि 15 दिसम्बर 2025 तक बढ़ाया गया है। पंजीयन तिथि बढ़ने से छुटे हुए किसानों को सहूलियत होगी। साथ ही समितियों में धान बेचने में आसानी होगी।

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गिरदावरी एवं डिजिटल क्रॉप सर्वे संशोधन अवधि में पुनः वृद्धि,अब 15 दिसंबर 2025 तक होगा परिवर्तन

जशपुरनगर 30 नवम्बर 2025/छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशों के अनुसार गिरदावरी एवं डिजिटल क्रॉप सर्वे में संशोधन करने की समय-सीमा में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। डिजिटल क्रॉप सर्वे को और अधिक व्यापक एवं त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से शासन ने पीवी ऐप के माध्यम से संशोधन की समय-सीमा में पहले वृद्धि करते हुए इसे 30 नवम्बर 2025 तक बढ़ाया था। अब विभाग द्वारा जारी नवीन आदेश के अनुसार इस अवधि को पुनः बढ़ाकर 15 दिसंबर 2025 तक कर दिया गया है। इससे भौतिक सत्यापन के आधार पर प्रविष्टियों में सुधार करने हेतु पटवारियों एवं संबंधित अधिकारियों को अतिरिक्त समय प्राप्त होगा। बढ़ाई गई अवधि के अनुरूप सभी संबंधित अधिकारी एवं मैदानी अमला को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है। ताकि डिजिटल क्रॉप सर्वे के आंकड़े पूर्णतः सटीक और प्रमाणित रह सकें।

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ग्राम पंडरीपानी में अवैध धान भंडारण पर बड़ी कार्यवाही,एसडीएम फरसाबहार की कार्रवाई में 870 बोरे अवैध धान जप्त

जशपुरनगर 30 नवम्बर 2025/जिला प्रशासन द्वारा अवैध धान खरीदी, बिक्री एवं भंडारण पर रोक लगाने  चलाए जा रहे विशेष अभियान को एक और सफलता मिली है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) फरसाबहार के औचक निरीक्षण के दौरान ग्राम पंडरीपानी में दो अलग-अलग स्थानों पर बड़ी मात्रा में अवैध धान भंडारित पाया गया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कुल 870 बोरे, लगभग 400 क्विंटल धान अनधिकृत रूप से संग्रहित पाया। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि उक्त धान किसी भी पंजीकृत खरीदी केंद्र अथवा अधिकृत विक्रेता के खाते में दर्ज नहीं था और इसे बिना वैध दस्तावेजों के भंडारित किया गया था। अवैध भंडारण की पुष्टि होते ही एसडीएम (राजस्व) द्वारा मौके पर ही नियमानुसार कार्रवाई की गई। धान को तत्काल जप्त कर ग्राम पंचायत के अभिरक्षा में सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि अवैध धान संग्रहण राज्य की समर्थन मूल्य व्यवस्था को प्रभावित करता है और इससे कदाचार तथा अनियमितताओं की संभावनाएँ बढ़ती हैं। इसलिए प्रशासन ऐसे मामलों पर सख़्त निगरानी रख रहा है।

*जिला प्रशासन का संदेश—अवैध भंडारण पर सख़्त निगरानी जारी*- 

कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने निरीक्षण टीम को निर्देशित किया है कि क्षेत्र में धान खरीदी सीजन के मद्देनजर सभी संभावित स्थानों पर सतत निगरानी रखी जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि अवैध खरीद, बिक्री या भंडारण के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन ने किसानों एवं व्यापारियों से अपील की है कि धान का लेन-देन केवल निर्धारित नियमों और पंजीकृत खरीदी केंद्रों के माध्यम से ही करें, अन्यथा नियम विरुद्ध पाए जाने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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जनपद कार्यालय दुलदुला में स्वच्छता श्रमदान का हुआ आयोजन,जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों ने मिलकर दिया स्वच्छता का संदेश

जशपुरनगर 30 नवम्बर 2025/ स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और कार्यालय परिसर को स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित रखने के उद्देश्य से विगत दिवस जनपद कार्यालय दुलदुला में सामूहिक श्रमदान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ कार्यालय के समस्त कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लेकर स्वच्छता के महत्व को रेखांकित किया। सुबह से ही सरपंच, पंच एवं कर्मचारी कार्यालय परिसर में एकत्र हुए और कचरा उठाने, झाड़ू लगाने, नाली साफ करने तथा पौधों के आसपास की सफाई जैसे कार्यों में श्रमदान किया। सभी ने टीम भावना के साथ परिसर को स्वच्छ एवं व्यवस्थित बनाने में योगदान दिया।

*जनप्रतिनिधियों एवं कर्मचारियों की रही भागीदारी* - 
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि सामुदायिक जिम्मेदारी है। जब जनप्रतिनिधि स्वयं श्रमदान करते हैं, तब ग्रामीणों में भी स्वच्छता के प्रति प्रेरणा उत्पन्न होती है। ग्रामीणों ने कहा कि आज का श्रमदान स्वच्छता जागरूकता को गांव-गांव तक ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यालय के कर्मचारियों ने भी परिसर के विभिन्न हिस्सों की सफाई करते हुए स्वच्छ कार्यस्थल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दर्शाई। एक कर्मचारी ने कहा कि स्वच्छ वातावरण से कार्यकुशलता बढ़ती है और हितग्राहियों को भी बेहतर सुविधा मिलती है।

*स्वच्छता को जनभागीदारी से गति* - 
अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के श्रमदान कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित किए जाएंगे, जिससे स्वच्छता को स्थायी आदत में बदला जा सके। जनपद कार्यालय ने नागरिकों से भी स्वच्छता अभियान में सहभागी बनने का आग्रह किया।

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प्रधानमंत्री ने रायपुर में पुलिस महानिदेशकों/महानिरीक्षकों के 60वें अखिल भारतीय सम्मेलन की अध्यक्षता की

*प्रधानमंत्री ने पुलिस के बारे में जनता की धारणा बदलने, युवाओं तक पहुंच बढ़ाने, शहरी और पर्यटन पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने और नए आपराधिक कानूनों के बारे में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया*

*प्रधानमंत्री ने प्रौद्योगिकी, एआई और राष्ट्रीय खुफिया ग्रिड एकीकरण के विस्तारित उपयोग का आह्वान किया; द्वीप सुरक्षा, तटीय पुलिस व्यवस्था और फोरेंसिक आधारित जांच में नवाचार पर जोर दिया*

*सम्मेलन में राष्ट्रीय सुरक्षा प्राथमिकताओं पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ, जिसमें विजन 2047 पुलिस व्यवस्था रोडमैप, आतंकवाद निरोधक रुझान, महिला सुरक्षा, भगोड़ों का पता लगाना और फोरेंसिक सुधार शामिल रहे*

*प्रधानमंत्री ने आपदा से निपटने की बेहतर तैयारी और समन्वित प्रतिक्रिया की आवश्यकता पर बल दिया; चक्रवात, बाढ़ और प्राकृतिक आपात स्थितियों से निपटने के लिए सरकार के समग्र दृष्टिकोण का आह्वान किया*

*प्रधानमंत्री ने पुलिस नेतृत्व से विकसित भारत के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप पुलिस व्यवस्था को आधुनिक बनाने और इसमें सुधार करने का आग्रह किया*

*प्रधानमंत्री ने विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक प्रदान किए; शीर्ष प्रदर्शन करने वाले शहरों को नव स्थापित शहरी पुलिस व्यवस्था पुरस्कारों से सम्मानित किया*

रायपुर 30 नवंबर 2025/प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय प्रबंधन संस्थान, रायपुर में पुलिस महानिदेशकों/महानिरीक्षकों के 60वें अखिल भारतीय सम्मेलन में भाग लिया। तीन दिवसीय इस सम्मेलन का विषय 'विकसित भारत: सुरक्षा आयाम' है।

प्रधानमंत्री ने खासकर युवाओं के बीच पुलिस के प्रति जनता की धारणा बदलने की तत्काल जरूरत पर बल दिया, जिसके लिए दक्षता, संवेदनशीलता और जवाबदेही को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने शहरी पुलिस व्यवस्था को मज़बूत करने, पर्यटक पुलिस को फिर से सक्रिय करने और औपनिवेशिक काल के आपराधिक कानूनों के स्थान पर लागू किए गए नए भारतीय न्याय संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के बारे में जन जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस और व्यापक प्रशासन को निर्जन द्वीपों को एकीकृत करने के लिए नवीन रणनीतियां अपनाने, राष्ट्रीय खुफिया ग्रिड (नेटग्रिड) के अंतर्गत एकीकृत डेटाबेस का प्रभावी उपयोग करने और कार्रवाई योग्य खुफिया जानकारी प्राप्त करने के लिए इन प्रणालियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से जोड़ने का निर्देश दिया। उन्होंने विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों को पुलिस जांच में फोरेंसिक के उपयोग पर केस स्टडी करने के लिए प्रोत्साहित करने का आह्वान किया, और कहा कि फोरेंसिक के बेहतर अनुप्रयोग से आपराधिक न्याय प्रणाली और मजबूत होगी।

प्रधानमंत्री ने प्रतिबंधित संगठनों की नियमित निगरानी के लिए तंत्र स्थापित करने, वामपंथी उग्रवाद से मुक्त क्षेत्रों का समग्र विकास सुनिश्चित करने और तटीय सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए नवोन्मेषी मॉडल अपनाने के महत्व पर ज़ोर दिया। प्रधानमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि नशीली दवाओं के दुरुपयोग से निपटने के लिए एक समग्र सरकारी दृष्टिकोण की आवश्यकता है, जिसमें प्रवर्तन, पुनर्वास और सामुदायिक स्तर पर हस्तक्षेप एक साथ किया जाए।

सम्मेलन में राष्ट्रीय सुरक्षा के विविध मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। विज़न 2047 की दिशा में पुलिस व्यवस्था के दीर्घकालिक रोडमैप, आतंकवाद-निरोध और कट्टरपंथ-निरोध में उभरते रुझान, महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने में तकनीक का लाभ उठाने, विदेशों में रह रहे भारतीय भगोड़ों को वापस लाने की रणनीतियों और प्रभावी जांच एवं अभियोजन सुनिश्चित करने के लिए फोरेंसिक क्षमताओं को मज़बूत करने पर चर्चा हुई।

प्रधानमंत्री ने मज़बूत तैयारियों और समन्वय की आवश्यकता पर ज़ोर दिया और पुलिस प्रमुखों से चक्रवात, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपात स्थितियों, जिनमें चक्रवात दित्वा की मौजूदा स्थिति भी शामिल है, के लिए प्रभावी आपदा प्रबंधन तंत्र को मज़बूत करने का आग्रह किया। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ऐसी घटनाओं के दौरान जीवन की रक्षा और न्यूनतम व्यवधान सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय योजना, तत्क्षण समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया और समग्र सरकारी दृष्टिकोण आवश्यक हैं।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने पुलिस नेतृत्व से आह्वान किया कि वे विकासशील राष्ट्र की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए पुलिस व्यवस्था को फिर से व्यवस्थित करें, ताकि विकसित भारत बनने की राह पर साफ हो सके।

प्रधानमंत्री ने खुफिया ब्यूरो के अधिकारियों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक प्रदान किए। उन्होंने शहरी पुलिस व्यवस्था में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले तीन शहरों को भी पुरस्कार प्रदान किए। यह सम्मान शहरी पुलिस व्यवस्था में नवाचार और सुधार को प्रोत्साहित करने के लिए पहली बार स्थापित किया गया है।

इस सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, गृह राज्य मंत्री और केंद्रीय गृह सचिव ने भाग लिया। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशक और पुलिस महानिरीक्षक, साथ ही केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) और केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुखों ने प्रत्यक्ष रूप से भाग लिया, जबकि देश भर से विभिन्न रैंकों के 700 से अधिक अधिकारी वर्चुअल माध्यम से इस सम्मेलन में शामिल हुए।

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प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में नेचर फॉर्मिंग को बढ़ावा देने, खाद्यान्न उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी की प्रशंसा

रायपुर, 30 नवंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 128वीं कड़ी को सुना और इसे अत्यंत प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’  देश की सामूहिक चेतना का उत्सव बन चुका है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एक अभिभावक की तरह देश की बातों को देशवासियों के सामने रखते हैं और हर माह राष्ट्र को प्रेरणादायक संदेश देते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ‘मन की बात’ के माध्यम से देश के कोने-कोने में हो रहे नवाचारों, जनभागीदारी और उत्कृष्ट प्रयासों को पहचान दिलाते हैं, जिससे राष्ट्र निर्माण में लगे समर्पित लोगों को सम्मान प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि आज के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री द्वारा खाद्यान्न उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, विभिन्न राज्यों में शहद प्रसंस्करण की उन्नत विधियां, शहद उत्पादन में वृद्धि, नौसेना सशक्तिकरण, नेवल म्यूजियम, नेचर फॉर्मिंग के महत्व, तथा सऊदी अरब में पहली बार सार्वजनिक मंच पर गीता की प्रस्तुति और लातविया सहित कई देशों में आयोजित गीता महोत्सवों के भव्य आयोजनों की प्रशंसा हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नेचर फॉर्मिंग के लिए छत्तीसगढ़ में अपार संभावनाएं हैं और यहां के किसान व युवा उद्यमी इस दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि देश के खाद्यान्न उत्पादन में वृद्धि हुई है और इसमें छत्तीसगढ़ का योगदान महत्वपूर्ण रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज के ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री द्वारा साझा की गई उपयोगी जानकारियाँ अत्यंत प्रेरक हैं। प्रधानमंत्री ने स्पेस टेक्नोलॉजी में जेन-ज़ी युवाओं द्वारा मंगल ग्रह जैसी परिस्थितियों में ड्रोन परीक्षण, असफल चंद्रयान-2 से सफल चंद्रयान-3 की प्रेरणादायी कहानी, महिला खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन, कुरुक्षेत्र में आयोजित गीता महोत्सव, कुरुक्षेत्र में ही महाभारत आधारित 3D लाइट एवं साउंड म्यूज़ियम, राष्ट्र को समर्पित स्वदेशी डिज़ाइन वाले युद्धपोत ‘आईएनएस माहे’, भूटान यात्रा, बनारस में आयोजित होने वाले चौथे ‘काशी तमिल संगमम’, विंटर टूरिज्म एवं विंटर गेम्स, तथा ‘वोकल फॉर लोकल’ के तहत देशभर में चल रहे नवाचारों और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों का उल्लेख किया।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी विश्व के लोकप्रिय नेताओं में से एक हैं और ‘मन की बात’ के माध्यम से वे सांस्कृतिक, सामाजिक और राजनीतिक आयामों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ देशवासियों तक पहुँचाते हैं। उनके अनुभवों का खजाना हमें यह सीख देता है कि ‘लोकल को ग्लोबल’ कैसे बनाया जाए। उन्होंने कहा कि आज का दिन विशेष है क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी स्वयं रायपुर में मौजूद हैं और इसी दौरान हमें ‘मन की बात’ सुनने का अवसर मिला।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ‘मन की बात’ में 26 नवंबर ‘संविधान दिवस’ के अवसर पर सेंट्रल हॉल में आयोजित विशेष कार्यक्रम का उल्लेख किया। उन्होंने वंदेमातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर देशभर में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की शानदार शुरुआत, 25 नवंबर को अयोध्या में राम मंदिर पर धर्मध्वजा के आरोहण तथा उसी दिन कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर में ‘पांचजन्य’ स्मारक के लोकार्पण की जानकारी साझा की।

प्रधानमंत्री ने हैदराबाद में विश्व की सबसे बड़ी लीप इंजन MRO (Maintenance, Repair & Overhaul) सुविधा के उद्घाटन को भारत की एयरोस्पेस क्षमता में बड़ी छलांग बताया। उन्होंने पिछले सप्ताह मुंबई में भारतीय नौसेना को समर्पित INS ‘माहे’ के शामिल होने और भारत के स्पेस इकोसिस्टम में स्काईरूट के ‘इन्फिनिटी कैंपस’ द्वारा नई उड़ान दिए जाने का भी उल्लेख किया, जो भारत की नई सोच, नवाचार और युवा शक्ति का प्रतीक है। कृषि क्षेत्र में भारत ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। भारत ने 357 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन का रिकॉर्ड बनाया है। दस वर्ष पहले की तुलना में यह उत्पादन 100 मिलियन टन अधिक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि खेलों में भी भारत ने शानदार प्रदर्शन किया है और हाल ही में भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी मिलने की घोषणा देश के लिए गर्व का क्षण है।

कुरुक्षेत्र में ब्रह्मसरोवर पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में सहभागिता भी अत्यंत विशेष रही। उन्होंने बताया कि यूरोप और सेंट्रल एशिया के कई देशों के लोग गीता से प्रेरित होकर बड़ी संख्या में इस महोत्सव में शामिल हुए। इस महीने की शुरुआत में सऊदी अरब में पहली बार सार्वजनिक मंच पर गीता का वाचन हुआ, जबकि लातविया में आयोजित महोत्सव में लातविया, एस्टोनिया, लिथुआनिया और अल्जीरिया के कलाकारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री श्री केदार कश्यप,  केबिनेट मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, कैबिनेट मंत्री श्री खुशवंत साहेब, जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव, रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत, रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री अनुज शर्मा, पूर्व विधायक आरंग श्री नवीन मार्कण्डेय, विभिन्न निगम-मंडलों एवं आयोगों के अध्यक्ष तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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