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रायगढ़ : श्री रामलला दर्शन योजना से श्रद्धालुओं के सपने हो रहे साकार, 102 श्रद्धालु अयोध्या धाम के लिए रवाना

रायगढ़, 3 दिसम्बर 2025/ श्री रामलला दर्शन योजना से जिले के श्रद्धालुओं के सपने साकार हो रहे है। योजना के तहत श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम में भगवान श्री रामलला का दर्शन करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। इसी क्रम में आज योजना के तहत रायगढ़ जिले से 102 श्रद्धालुओं का 12 वां जत्था बिलासपुर रेलवे स्टेशन के लिए रवाना हुआ। जिसमें ग्रामीण क्षेत्र से 78 एवं नगरीय क्षेत्र से 24 श्रद्धालु शामिल है। श्रद्धालु को रायगढ़ जिला मुख्यालय से बस के माध्यम से बिलासपुर रेलवे स्टेशन के लिए रवाना किया गया, जहां से वे विशेष ट्रेन द्वारा अयोध्या धाम की ओर प्रस्थान करेंगे। इस योजना के अंतर्गत श्रद्धालुओं को अयोध्या में श्री रामलला के दर्शन के साथ वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर के दर्शन और गंगा आरती का सौभाग्य प्राप्त होगा। श्री रामलला दर्शन योजना का लाभ उठाने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए भोजन, आवास एवं आवागमन की समुचित व्यवस्था शासन द्वारा सुनिश्चित की गई है। 
           रायगढ़ से रवाना होने के दौरान श्रद्धालुओं में तीर्थ यात्रा को लेकर विशेष उत्साह एवं आस्था का वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने कहा कि इस योजना से उनकी वर्षों से संजोया श्री रामलला दर्शन का सपना अब साकार होने जा रहा है। श्रद्धालुओं ने भावुकता के साथ कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की इस पहल ने हमें जीवन का अमूल्य अवसर दिया है, जिसके लिए हम उनके आभारी हैं। बचपन से रामायण में रामजन्मभूमि की कहानी सुनते आए थे, लेकिन अब पहली बार उस धरती पर जाने का सौभाग्य मिल रहा है। 

*क्या है श्री रामलला दर्शन योजना*
         मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरुप छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई श्री रामलला दर्शन योजना एक पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य के नागरिकों को अयोध्या में राम मंदिर के निःशुल्क दर्शन का अवसर प्रदान करना है। इस योजना के तहत, यात्रा, भोजन, आवास, और स्थानीय परिवहन सहित सभी खर्च छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा वहन किए जाते हैं। लाभार्थियों का चयन जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति द्वारा किया जाता है। आवेदन प्रक्रिया और विस्तृत दिशा-निर्देश संबंधित जिले के तहसील या उप-तहसील कार्यालयों में उपलब्ध होते हैं। इस यात्रा पैकेज में वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर के दर्शन और गंगा आरती भी शामिल होती है। यह योजना धार्मिक आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने का प्रतीक है।

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अमानक धान खपाने की थीं तैयारी, प्रशासन सख्त, लोईंग उपार्जन केंद्र में विवाद, मनोज प्रधान पर हुई प्रतिबंधात्मक कार्रवाई

रायगढ़, 3 दिसंबर 2025। राज्य शासन की धान खरीदी नीति के अनुरूप रायगढ़ जिले में धान खरीदी का कार्य सुचारू रूप से प्रगति पर है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर समिति प्रबंधकों द्वारा शासन के मानकों के अनुसार प्रत्येक उपार्जन केंद्र में धान खरीदी की प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा रहा है।
इसी क्रम में आज  बुधवार 3 दिसंबर को लोईंग धान उपार्जन केंद्र क्रमांक 845 में ग्राम महापल्ली के किसान श्री राजेन्द्र कुमार अग्रवाल, पिता महेश राम अग्रवाल द्वारा जारी टोकन के माध्यम से दो ट्राली में लगभग 42 क्विंटल खुला धान विक्रय के लिए लाया गया। केंद्र में तैनात जिला प्रशासन के अधिकृत प्राधिकारी द्वारा धान की मानक जांच किए जाने पर वह अमानक गुणवत्ता का पाया गया।
धान की गुणवत्ता अमानक पाए जाने पर समिति प्रबंधन द्वारा कृषक को विनम्रतापूर्वक सूचित किया गया कि ऐसा धान समिति में विक्रय योग्य नहीं है। समझाइश के दौरान केंद्र में मौजूद स्थानीय ग्रामीण मनोज प्रधान, पिता कालिया प्रधान, निवासी ग्राम लोईंग द्वारा धान प्रक्रिया में संलग्न अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार किए जाने की सूचना प्रशासन को मिली।
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए मनोज प्रधान के विरुद्ध बी.एन.एस.एस. के प्रावधानों के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए बंधपत्र निष्पादन की कार्यवाही संपादित की।
उक्त घटना के बाद जिला प्रशासन ने जिले के कृषकों एवं ग्रामीणजन से अपील की है कि धान खरीदी की संपूर्ण प्रक्रिया शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप संपन्न कराई जा रही है, इसलिए सभी किसान व ग्रामीणजन सहयोग प्रदान करें। अमानक धान के विक्रय, प्रक्रियाओं में अनावश्यक हस्तक्षेप या किसी भी प्रकार के अव्यवहारिक आचरण को गंभीरता से लिया जाएगा तथाआवश्यकतानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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मनोरा विकासखंड के हायर सेकेंडरी खरसोता एवं मनोरा में फेमेक्स कार्यक्रम के तहत आपदा प्रबंधन पर प्रशिक्षण


जशपुर : जिला प्रशासन जशपुर के पहल पर फेमेक्स कार्यक्रम अंतर्गत एन. डी.आर.एफ. की टीम द्वारा विद्यार्थियों, शिक्षकों और समुदाय को आपदा के समय सुरक्षित, सजग और सक्षम बनाने के उद्देश्य से आपदा प्रबंधन जागरूकता पर सैद्धान्तिक एवं प्रायोगिक प्रशिक्षण विकासखंड-मनोरा के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खरसोता में आयोजित हुई। जिसमें विकास खंड शिक्षा अधिकारी श्री तरूण कुमार पटेल, विद्यालय प्राचार्य श्री तिनतियुस टोप्पो, शिक्षकगण, विद्यार्थी, ग्राम पंचायत के सरपंच श्रीमती पदमावती ओहदार, संजय भगत सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने सक्रिय उपस्थिति दर्ज की।
प्रशिक्षण कार्यक्रम 03 BN NDRF, मुण्डली, कटक, ओडिशा की विशेष टीम, जिसका नेतृत्व इंस्पेक्टर वारूण कुमार एवं सब-इंस्पेक्टर बहादुर सिंह द्वारा किया गया। टीम ने विद्यालय परिसर में आपदा प्रबंधन से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर लाइव प्रदर्शन एवं जागरूकता सत्र आयोजित किए।
कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं 
1.आपदा प्रबंधन पर जागरूकता सत्र- NDRF टीम ने भूकंप, बाढ़, अग्निकांड, सड़क दुर्घटना एवं अन्य आपदाओं की स्थिति में क्या करें और क्या न करें – इस विषय पर विस्तृत जानकारी दी। विद्यार्थियों को प्राथमिक उपचार (First Aid), बचाव तकनीक (Rescue Techniques) तथा सुरक्षित निकासी (Safe Evacuation) के तरीकों से अवगत कराया।
2.लाइव डेमोंस्ट्रेशन- टीम ने असली उपकरणों का उपयोग करते हुए राहत एवं बचाव की विभिन्न विधियों का प्रदर्शन किया। इससे विद्यार्थियों में आपदा की परिस्थितियों से निपटने की समझ और क्षमता विकसित हुई।
3 सामुदायिक सहभागिता- ग्राम पंचायत के सरपंच की मौजूदगी ने कार्यक्रम को सामुदायिक स्तर पर विशेष महत्व प्रदान किया। स्थानीय जनता को भी कार्यक्रम के दौरान आपदाओं से सुरक्षा के उपायों के बारे में जागरूक किया गया।
4.विद्यालय परिवार की सक्रिय भूमिका- प्राचार्य एवं शिक्षकगण ने कार्यक्रम की व्यवस्था को सफल बनाने में विशेष योगदान दिया। विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे और स्वयं प्रशिक्षण में शामिल हुए। NDRF टीम के मार्गदर्शन से विद्यार्थियों में आपदा प्रबंधन की वास्तविक समझ विकसित हुई।
इसी प्रकार विकासखंड मनोरा के ही  पी.एम.श्री.स्कूल सेजेस मनोरा में भी प्राचार्य श्री संशोधन मिंज के नेतृत्व एवं सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री जगतपाल राम की उपस्थिति में आपदा प्रबंधन पर प्रशिक्षण दिया गया जिसमें 316 छात्र-छात्राओं एवं संस्था के उपस्थित शिक्षको में समझ विकसित हुई। कार्यक्रम ने न केवल जागरूकता बढ़ाई बल्कि दोनों विद्यालय परिसर में आपदा-प्रबंधन संस्कृति को मजबूत किया। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन ने NDRF टीम का आभार व्यक्त किया। सभी उपस्थित जनों ने इस कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक बताया। फेमैक्स 2025-26 का यह आयोजन निश्चित रूप से विद्यालय और समुदाय दोनों के लिए आपदा-प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ हो रही धान खरीदी, किसानों को मिल रही बड़ी सहूलियत,जिले में अब तक 4 हजार से अधिक टोकन जारी

रायगढ़, 3 दिसम्बर 2025/ खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में जिले के 105 धान उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी कार्य पूरी पारदर्शिता, संवेदनशीलता और सुव्यवस्था के साथ जारी है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार उपार्जन केंद्रों में पेयजल, शौचालय, बैठने की व्यवस्था, तौल-कांटा, बारदाना एवं स्टैकिंग जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं, जिससे किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही है।
          जिले में अब तक 4123 टोकन जारी किए जा चुके हैं, जिनके आधार पर किसानों से सुगमतापूर्वक धान खरीदी की जा रही है। टोकन व्यवस्था के कारण किसानों को निर्धारित समय पर केंद्र में पहुंचकर बिना किसी भीड़-भाड़ और इंतजार के धान बेचने की सुविधा मिल रही है। पंजीकृत टोकनों के विरुद्ध खरीदी का प्रतिशत 99.39 दर्ज किया गया है, जो इस व्यवस्था की पारदर्शिता और प्रभावशीलता को दर्शाता है।

*किसानों ने जताया आभार, सुविधाओं से पूरी तरह संतुष्ट*
धान विक्रय के लिए उपार्जन केंद्र कोड़ातराई पहुंचे लोहरसिंह के सीमांत किसान श्री कार्तिकेश्वर गुप्ता ने बताया कि उन्होंने ढाई एकड़ खेत में धान की फसल ली थी और 42 क्विंटल धान विक्रय के लिए ऑनलाइन टोकन लिया। उन्होंने कहा कि टोकन कटाने से लेकर धान विक्रय तक किसी भी चरण में कोई परेशानी नहीं हुई। केंद्र में पेयजल, बैठने की व्यवस्था, तौल-कांटा, बारदाना और स्टैकिंग सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह सरल, सुरक्षित और पारदर्शी है। उन्होंने शासन और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस व्यवस्था से किसानों का समय और श्रम दोनों की बचत हुई है।

*हमारी उपज का सम्मान मिल रहा है-किसानों की प्रतिक्रिया*
धान बेचने पहुंचे अन्य किसानों ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुसार इस वर्ष धान खरीदी व्यवस्था और भी बेहतर और किसान हितैषी साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल की मानक उपज के आधार पर धान खरीदा जा रहा है। इससे हमारे परिश्रम और फसल का वास्तविक मूल्य मिल रहा है। इसके लिए हम मुख्यमंत्री श्री साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभारी हैं। किसानों ने कहा कि प्रशासन द्वारा बनाई गई सरल, सुचारू और पारदर्शी व्यवस्था के कारण वे पूरी तरह संतुष्ट हैं।

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एसआईआर:रायगढ़ जिले के 1033 पोलिंग बूथ में डिजिटाइजेशन कार्य सौ फ़ीसदी पूरा,धरमजयगढ़ विधानसभा बना पहला पूर्णतः डिजिटाइज्ड क्षेत्र

रायगढ़, 03 दिसंबर 2025। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत जिले के 1033 पोलिंग बूथ में 100 प्रतिशत डिजिटाइजेशन कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। सबसे उल्लेखनीय उपलब्धि यह रही कि धरमजयगढ़ विधानसभा क्षेत्र जिले में पहला ऐसा विधानसभा बना, जहाँ 100 प्रतिशत डिजिटाइजेशन का लक्ष्य पूर्ण हुआ है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री मयंक चतुर्वेदी ने इस उपलब्धि के लिए समस्त प्रशासनिक अधिकारियों और बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) को बधाई दी। उन्होंने कहा कि एसआईआर कार्य निर्वाचन आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है, जिसकी सतत निगरानी की जा रही है। कलेक्टर ने शेष बूथों के बीएलओ को निर्धारित समय-सीमा में शत-प्रतिशत डिजिटाइजेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
     जिला कलेक्ट्रेट में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने 8 उत्कृष्ट बीएलओ को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इनमें श्रीमती पायल चंद्रिकापुरे, बीएलओ, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता (रायगढ़-85), श्री राजेश दास बैरागी,बीएलओ सुपरवाइजर, राजस्व उप निरीक्षक, श्रीमती मंजू शर्मा, सहायक शिक्षक (अभिहित अधिकारी), श्री सुशील गुप्ता, प्रधान पाठक (मास्टर ट्रेनर), श्रीमती शकुन्तला देवी बीएलओ, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता (रायगढ़-02), श्रीमती अनिता नायक बीएलओ, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता (रायगढ़-81), श्रीमती गीता गुप्ता, बीएलओ, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता (रायगढ़-82) और श्रीमती मेनका कुर्रे, बीएलओ, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता (रायगढ़-84) शामिल है। कलेक्टर ने सभी बीएलओ को अपने कर्तव्य के प्रति समर्पित भाव से कार्य करते रहने प्रोत्साहित किया।

जिले में 99 प्रतिशत से अधिक डिजिटाइजेशन पूर्ण

उप जिला निर्वाचन अधिकारी  ने बताया कि जिले में कुल 9,14,669 मतदाताओं में से 9,06,171 से अधिक का डिजिटाइजेशन कार्य पूर्ण कर लिया गया है, जो कि 99 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने बताया कि लैलूंगा विधानसभा में 99.97 प्रतिशत, रायगढ़ विधानसभा में 98.43 प्रतिशत, खरसिया विधानसभा में 99.97 प्रतिशत और धरमजयगढ़ विधानसभा में 100 प्रतिशत डिजिटाइजेशन कार्य पूर्ण कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि जिले में कुल पोलिंग बूथ की संख्या 1156 है, जिसमें 60–80 फीसदी डिजिटाइजेशन पूर्ण करने वाले बूथ की संख्या 02 है। 80–99 फीसदी डिजिटाइजेशन पूर्ण करने वाले बूथ की संख्या 121 है। वहीं 100 प्रतिशत डिजिटाइजेशन कार्य पूर्ण करने वाले पोलिंग बूथ की संख्या 1033 है। उन्होंने बताया कि शेष पोलिंग बूथों में डिजिटाइजेशन कार्य तेजी से जारी है और जल्द ही पूरे जिले में सौ फीसदी डिजिटाइजेशन का लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा।

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*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज हुई कैबिनेट की बैठक, राज्य के घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को बिजली बिल में रियायत देने के साथ ही कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए*

रायपुर 03 दिसम्बर 2025

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में राज्य के घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को बिजली बिल में रियायत देने के साथ ही अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए - 

 मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान (M-URJA) - राज्य के घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत देने के लिए मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान राज्य में 01 दिसम्बर 2025 से लागू है, जिसके तहत घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को 100 यूनिट से बढ़ाकर अब 200 यूनिट प्रति माह तक बिजली बिल में 50 प्रतिशत छूट का लाभ मिलेगा। यह लाभ 400 यूनिट तक खपत वाले उपभोक्ताओं को भी मिलेगा। 

राज्य में 200 से 400 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को अगले एक वर्ष तक 200 यूनिट तक, बिजली बिल में 50 प्रतिशत छूट का लाभ मिलेगा, इससे 6 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे, ताकि इस अवधि में वे अपने घरों में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर प्लांट स्थापित करा सके।

इस तरह मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान से प्रदेश के 42 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे, वहीं प्रधानमंत्री सूर्य घर मुक्त बिजली योजना का लाभ प्रदेश के सभी उपभोक्ताओं को मिलेगा। 

गौरतलब है कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत राज्य शासन की ओर से सब्सिडी दी जा रही है, जिसके तहत 1 किलोवॉट क्षमता के सोलर प्लांट पर 15,000 रुपये तथा 2 किलोवॉट या उससे अधिक क्षमता के प्लांट पर 30,000 रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी दी जा रही है। यह व्यवस्था राज्य में सौर ऊर्जा अपनाने को प्रोत्साहित करेगी और आने वाले समय में उपभोक्ताओं को हाफ बिजली से फ्री बिजली की ओर ले जाएगी।

 छत्तीसगढ़ भण्डार क्रय नियम, 2002 में स्थानीय लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों से क्रय को प्रोत्साहन देने तथा जेम पोर्टल में क्रय की स्पष्टता के लिए संशोधन किए जाने का निर्णय लिया गया। इन संशोधन से क्रय प्रक्रिया का सरलीकरण होगा, पारदर्शिता में वृद्धि होगी, प्रतिस्पर्धा को बढा़वा मिलेगा तथा समय और संसाधनों की बचत होगी। 

 मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) (संशोधन) विधेयक, 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। 

 मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना (नियोजन एवं सेवा की शर्तों का विनियमन) अधिनियम, 2017 (क्र. 21 सन् 2018) में संशोधन हेतु छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना संशोधन विधेयक, 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। जिससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के रिफॉर्म्स और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। 



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बिचौलियों और कोचियों के माध्यम से अवैध धान की खरीद-फरोख्त न हो,वास्तविक किसानों को धान बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो — कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी

रायगढ़, 03 दिसंबर 2025/खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य को सुचारू व पारदर्शी बनाने जिले में प्रशासनिक मॉनिटरिंग लगातार जारी है। इसी क्रम में कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने रायगढ़, पुसौर और खरसिया विकासखंड के धान उपार्जन केंद्रों कोतरा, केसला, जैमुरा और चपलेका औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने किसानों से संवाद कर उनकी समस्याएं जानी और केंद्र प्रबंधकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
      कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि वास्तविक किसानों को धान विक्रय में किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बिचौलियों और कोचियों के माध्यम से अवैध खरीद-फरोख्त किसी भी स्तर पर नहीं होना चाहिए, इसके लिए पूर्ण सतर्कता बरती जाए। कलेक्टर ने नोडल अधिकारियों को अपने-अपने उपार्जन केंद्रों की कड़ी निगरानी, सूचना तंत्र को मजबूत करने तथा खरीदी की प्रत्येक प्रक्रिया का सटीक पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

*धान की ढेरी लगाकर खरीदी करें, नमी अवश्य मापें*

      कलेक्टर ने उपार्जन केंद्रों में व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए कहा कि किसानों द्वारा लाए गए धान की नमी का परीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाए। धान की ढेरी लगाकर सुव्यवस्थित खरीदी करें। तौल मशीन की सटीकता सुनिश्चित करें। शासन द्वारा धान खरीदी हेतु जारी सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाए। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि केसला उपार्जन केंद्र में अबतक 104 किसानों से 5498 क्विंटल धान खरीदा गया। कोतरा उपार्जन केंद्र में 28 किसानों से 1764 क्विंटल धान की खरीदी, जैमुरा उपार्जन केंद्र में 21 किसानों से 1086 क्विंटल खरीदी, 8 किसानों द्वारा 0.169 हेक्टेयर रकबा समर्पित किया गया है। चपले उपार्जन केंद्र में 76 किसानों से 3351.20 क्विंटल खरीदी, 41 किसानों से 1.238 हेक्टेयर रकबा समर्पित किया गया है।
      कलेक्टर ने उपार्जन केंद्रों में स्टैकिंग, बारदाना उपलब्धता और आगामी दिनों की खरीदी लिमिट को लेकर भी विस्तृत समीक्षा की गई। निरीक्षण के दौरान रायगढ़ एसडीएम श्री महेश शर्मा, खरसिया एसडीएम श्री प्रवीण तिवारी सहित राजस्व, खाद्य, कृषि तथा मंडी समिति के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

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भारतीय जनता पार्टी द्वारा जिला संगठन प्रभारियों की जारी किए गए  सूची में जशपुर के तीन नेताओं को मिली महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

जशपुर : छत्तीसगढ़ प्रदेश भारतीय जनता पार्टी द्वारा आज जिला संगठन प्रभारियों की नवीन नियुक्तियाँ घोषित की गईं। जारी सूची में जशपुर जिले से तीन नेताओं को महत्वपूर्ण दायित्व सौंपे गए हैं।

प्रदेश भाजपा मंत्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव को बिलासपुर ग्रामीण जिला प्रभारी नियुक्त किया गया है।पूर्व जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश सिन्हा को बलरामपुर जिला प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है।वहीं निवर्तमान जिलाध्यक्ष सुनील गुप्ता को सरगुजा जिले का सह-प्रभारी बनाया गया है।

प्रदेश भाजपा ने विश्वास व्यक्त किया है कि नव नियुक्त पदाधिकारी संगठन को मजबूत करने, संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने तथा आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों को सफल बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस हमें यह सिखाता है कि सक्षम समाज वही है जो सबको साथ लेकर चलता है — मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

रायपुर 3 दिसम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के अवसर पर कहा कि दिव्यांगजन  हमारे समाज का अभिन्न हिस्सा है। छत्तीसगढ़ सरकार दिव्यांगजनो के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस समाज को यह समझने का अवसर देता है कि दिव्यांगजन किसी भी दृष्टि से कमतर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि एक सशक्त और प्रगतिशील समाज वही है जो सभी को बराबरी के अवसर प्रदान करे और किसी भी व्यक्ति को उसकी शारीरिक सीमाओं के कारण पीछे नहीं रहने दे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार दिव्यांगजनों के अधिकार, सम्मान और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। छत्तीसगढ़ में शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएँ, सहायता उपकरण, कौशल-विकास, रोजगार अवसर, सामाजिक सुरक्षा और अनुकूल वातावरण निर्माण के लिए अनेक योजनाएँ सुदृढ़ रूप से लागू की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य दिव्यांगजनों को मुख्यधारा में समान और सशक्त भागीदारी दिलाने का है, ताकि वे अपनी पूर्ण क्षमता के साथ राज्य के विकास में सक्रिय योगदान दे सकें।

मुख्यमंत्री ने समाज के सभी वर्गों से आह्वान किया कि दिव्यांगजनों के प्रति दृष्टिकोण में सकारात्मक परिवर्तन लाएँ और उनके साथ सम्मानजनक, सहयोगपूर्ण और संवेदनशील व्यवहार अपनाएँ। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन तभी वास्तविक रूप से सशक्त होंगे जब समाज और शासन मिलकर ऐसी परिस्थितियाँ तैयार करें, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति अपनी क्षमताओं के अनुरूप आगे बढ़ सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस हमें समावेशी विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करने का संदेश देता है।

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आदिवासी समाज के उत्थान और कल्याण के लिए छत्तीसगढ़ सरकार प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

रायपुर 3 दिसंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज रायगढ़ के बोईरदादर में आयोजित अखिल भारतीय कंवर समाज के वार्षिक सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने समाज की मांग पर 30 लाख रुपए की लागत से निर्मित सामुदायिक भवन के प्रथम तल का लोकार्पण किया। समाज के वरिष्ठजनों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कंवर समाज के पुरोधाओं को नमन करते हुए कहा कि समाज का विकास शिक्षा से ही संभव है। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल नौकरी ही नहीं, बल्कि विभिन क्षेत्रों में सफल बनने का माध्यम भी है। हर बेटा-बेटी को शिक्षित करना ही समाज को मजबूती देगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार आदिवासी समाज के उत्थान और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। आदिवासियों एवं क्षेत्रों के विकास के लिए सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही है जिसका लाभ लोगों को मिल रहा है। उन्होंने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आव्हान भी किया। 

      मुख्यमंत्री श्री साय ने जनजातीय समाज के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान को याद करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस घोषित कर जनजातीय समुदाय के सम्मान को नई ऊंचाई दी है। उन्होंने बताया कि आदिवासी समाज को मुख्यधारा में शामिल करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने धरती आबा ग्राम उत्कर्ष और पीएम जनमन कार्यक्रम की शुरूआत की है। यह आदिवासी कल्याण के क्षेत्र में आजादी के बाद सबसे बड़ा अभियान है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाएं जनजातीय परिवारों को उपलब्ध करायी जा रही है। इन योजनाओं से जनजातीय क्षेत्रों में तेज गति से विकास हो रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की रजत जयंती समारोह के अवसर पर रायपुर में शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्मारक सह संग्रहालय का लोकार्पण किया है। संग्रहालय में छत्तीसगढ़ के वीर सेनानियों का देश के लिए योगदान जीवंत रूप में प्रदर्शित हो रहा है। यह आने वाली पीढ़ियों को हमारे वीर नायकों के शौर्य और बलिदान से परिचित कराता रहेगा। यह हमारे आदिवासी समाज के लिए भी गौरव की बात है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूरे होने पर राज्य के विकास-पीडीएस प्रणाली, सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य के व्यापक विस्तार का उल्लेख करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य निर्माण के बाद गांव-गांव तक पहुंच मार्ग और विकास की रोशनी पहुँची है। राज्य में नक्सलवाद विकास में सबसे बड़ी बाधा रहा है, लेकिन सरकार के प्रयासों से यह अंतिम सांस ले रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य तय किया है। 

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की नई औद्योगिक नीति के बारे में उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत 8 लाख करोड़ रुपए से अधिक निवेश का प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। हम उद्योग धंधों के माध्यम से युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास कर रहे है। इसके साथ ही हमारी सरकार प्रदेश के सभी समाज को मजबूती के साथ आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है, इसका लाभ अवश्य उठाना चाहिए। 

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं, जिनमें कंवर समाज के लिए बोईरदादर रायगढ़ मे एक और सांस्कृतिक भवन के साथ मुख्य मार्ग तक सीसी रोड का निर्माण, लैलूंगा के टुरटूरा में नए समाजिक भवन, लैलूंगा और घरघोड़ा में निर्मित सामाजिक भवन के विस्तार की घोषणा की।  

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, महापौर श्री जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री दीपक सिदार, श्री भरत साय, श्री सत्यानंद राठिया, श्री अनंतराम पैंकरा सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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अगले महीने रायपुर में होने वाला साहित्य उत्सव का मुख्यमंत्री श्री साय ने लोगो का किया अनावरण

रायपुर, 03 दिसंबर 2025/नए वर्ष की शुरुआत के साथ छत्तीसगढ़ एक बार फिर साहित्यिक ऊर्जा से सराबोर होने को तैयार है। आगामी महीने रायपुर साहित्य उत्सव का आयोजन नवा रायपुर में 23 से 25 जनवरी तक होगा, जिसमें देश भर से 100 से अधिक प्रतिष्ठित साहित्यकार शामिल होंगे। राज्य स्थापना के रजत वर्ष पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा इस आयोजन की परिकल्पना की गई थी। उनकी यह परिकल्पना अब साकार रूप लेने जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में रायपुर साहित्य उत्सव के लोगो का अनावरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शंशाक शर्मा, जनसंपर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, वरिष्ठ साहित्यकार श्री सुशील त्रिवेदी, डॉ. चितरंजन कर, श्री गिरीश पंकज, डॉ. संजीव बक्शी, श्री प्रदीप श्रीवास्तव और श्रीमती शकुंतला तरार उपस्थित थे।

लोगो अनावरण के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर पूरा प्रदेश रजत महोत्सव मना रहा है, और रायपुर साहित्य उत्सव उसी श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। उन्होंने कहा कि यह उत्सव न केवल छत्तीसगढ़ को, बल्कि पूरे देश के मूर्धन्य साहित्यकारों को एक साझा मंच प्रदान करेगा, जहाँ उनके अनुभव, विचार और रचनात्मक धारा से अवगत होने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ को साहित्यिक जगत में एक नई पहचान प्रदान करेगा तथा जनसमुदाय को साहित्य, लेखन और पठन-पाठन की ओर प्रेरित करेगा। साथ ही यह उत्सव राज्य की विकास योजनाओं के लिए भी सकारात्मक सामाजिक चेतना और विमर्श का मंच बनेगा।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संकल्पना पर आधारित इस आयोजन की व्यापक कार्ययोजना मात्र दो माह में तैयार की गई है। यह तीन दिवसीय महोत्सव 23, 24 एवं 25 जनवरी 2026 को जनजातीय संग्रहालय के समीप आयोजित होगा।

इस उत्सव में कुल 11 सत्र शामिल होंगे। इनमें 5 समानांतर सत्र, 4 सामूहिक सत्र, और 3 संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें साहित्यकारों एवं प्रतिभागियों के बीच सीधा संवाद और विचार-विमर्श होगा। 

*छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक-साहित्यिक विरासत का प्रतीक उत्सव का लोगो* 


अगले महीने आयोजित होने जा रहे रायपुर साहित्य उत्सव के लोगो में छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को एक प्रभावशाली प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया है। यह लोगो न सिर्फ राज्य की पहचान को दर्शाता है, बल्कि बस्तर की जैव-विविधता, जनजातीय परंपराओं, और छत्तीसगढ़ की आत्मा माने जाने वाले सल्फी पेड़ की सांस्कृतिक महत्ता को भी सशक्त रूप में उजागर करता है।

लोगो में सल्फी के पेड़ को छत्तीसगढ़ राज्य के नक्शे का रूप देकर यह संदेश दिया गया है कि राज्य की सभ्यता, संस्कृति और साहित्य सदियों से इसी भूमि की जड़ों से पोषित होते आए हैं। सल्फी का यह पेड़ आदिकाल से चली आ रही पौराणिक परंपराओं, भाईचारे और एकजुटता का प्रतीक माना जाता है। जनजातीय समाज के जीवन में गहराई से रचे-बसे इस पेड़ को साहित्य उत्सव के लोगो में शामिल करने से यह संदेश भी मिलता है कि छत्तीसगढ़ का जनजातीय साहित्य, लोकविश्वास और पारंपरिक ज्ञान-धारा आज भी समकालीन साहित्यिक प्रवाह के केंद्र में है।

लोगो में अंकित *‘आदि से अनादि तक’* वाक्य साहित्य की उस अटूट यात्रा को दर्शाता है, जिसमें आदिकालीन रचनाओं से लेकर निरंतर विकसित हो रहे आधुनिक साहित्य तक सभी रूप समाहित हैं। यह संदेश स्पष्ट रूप से प्रकट होता है कि साहित्य कालातीत है, वह समय, समाज, भाषा और पीढ़ियों को जोड़कर चलने वाली निरंतर धारा है। इसी प्रकार लोगो में शामिल *‘सुरसरि सम सबके हित होई’* वाक्य साहित्य को गंगा की तरह मुक्त, समावेशी और सर्वहितकारी शक्ति के रूप में स्थापित करता है। साहित्य सभी जाति, वर्ग, परंपरा और जीवन-रीतियों को अपनी व्यापकता में समाहित कर समाज को दिशा देता है और सबके हित का मार्ग प्रशस्त करता है।

रायपुर साहित्य उत्सव का यह लोगो पूरे छत्तीसगढ़ के लिए सांस्कृतिक गर्व का विषय है, क्योंकि इसमें राज्य की हजारों वर्षों पुरानी साहित्यिक जड़ें, जनजातीय परंपराएँ, सामाजिक समरसता और आधुनिक रचनात्मक दृष्टि-सभी का सुंदर, सार्थक और कलात्मक संगम दिखाई देता है। यह लोगो जनमानस तक यह सशक्त संदेश पहुँचाता है कि छत्तीसगढ़ की साहित्यिक यात्रा ‘आदि से अनादि’ तक अविचल, जीवंत और समृद्ध रही है और आगे भी इसी धारा में निरंतर विकास की नई कहानियाँ लिखती रहेगी। रायपुर साहित्य उत्सव के लोगो से छत्तीसगढ़ में आदि-अनादि काल से मजबूत साहित्य की जड़ों और उनसे जुड़ाव का सशक्त संदेश जनमानस तक पहुंचेगा।

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अंतरराष्ट्रीय पोलो में छत्तीसगढ़ ने रचा इतिहास*ल,इंफाल में आयोजित 15वें मणिपुर अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट में मिली ऐतिहासिक उपलब्धि

रायपुर, 01 दिसम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री  निवास कार्यालय में अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट में शामिल छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने सौजन्य भेंट की। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने टीम के सदस्यों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन पर बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है। उन्होंने खिलाड़ियों को भविष्य में भी इसी उत्साह और मेहनत के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के आदिवासी युवाओं में खेल की अपार प्रतिभा है और राज्य सरकार के सहयोग से घुड़सवारी एवं पोलो खेल को नई दिशा मिली है।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ ने पहली बार इतिहास रचते हुए 22 से 29 नवम्बर 2025 तक इंफाल में आयोजित 15वें मणिपुर अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट में हिस्सा लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। यह अवसर इसलिए भी विशेष रहा क्योंकि देश के इतिहास में पहली बार किसी राज्य को अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए आमंत्रित किया गया।

छत्तीसगढ़ टीम ने अमेरिका, कोलंबिया, इंडियन पोलो एसोसिएशन और अन्य अंतरराष्ट्रीय टीमों के साथ प्रतिस्पर्धा कर यह गौरव अर्जित किया। यह उपलब्धि आदिवासी युवाओं की खेल जगत में बढ़ती भागीदारी का महत्वपूर्ण उदाहरण है।

गौरतलब है कि इस ऐतिहासिक उपलब्धि के पीछे कई संस्थानों का संयुक्त योगदान रहा जिसमे छत्तीसगढ़ शासन,भारतीय सेना (एनसीसी),दंतेवाड़ा जिला प्रशासन,कांकेर जिला प्रशासन,ब्रीगो एंड हेक्टर इक्वेस्ट्रियन मैनेजमेंट कंपनी, रायपुर मुख्य रूप से शामिल रहे। इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की टीम के सदस्यों में लेफ्टिनेंट कर्नल अमन सिंह, एनसीसी,लांस नदिम अली (सेवानिवृत्त),वेदिका शरण,चित्रभानु सिंह,सैमुअल विश्वकर्मा,गोलू राम कश्यप,सुभाष लेकामि,देवकी कड़ती शामिल रहे। इससे पूर्व भी कु. वेदिका शरण ने सितंबर 2025 में बेंगलुरु में आयोजित घुड़सवारी की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेकर अपने आयु वर्ग में भारत में दूसरा तथा विश्व स्तर पर 15 वा स्थान प्राप्त कर प्रदेश व देश का नाम रोशन किया है l

उल्लेखनीय है कि "खेल से शक्ति" पहल के अंतर्गत दंतेवाड़ा और कांकेर जिले के प्रतिभाशाली छात्रों को घुड़सवारी और पोलो का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। यह प्रशिक्षण ब्रीगो एंड हेक्टर इक्वेस्ट्रियन मैनेजमेंट कंपनी द्वारा भारतीय सेना के अनुभवी पोलो खिलाड़ियों के सहयोग से संचालित किया गया।

यह पहल आदिवासी युवाओं को खेल, शिक्षा और प्रशिक्षण के माध्यम से सशक्त बनाने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है। इसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए आवश्यक संसाधन और अवसर उपलब्ध कराना है। इस अवसर पर आयुक्त छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल श्री अवनीश शरण और घुड़सवारी प्रशिक्षक सुश्री गीता दहिया उपस्थित रहे।

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पाञ्चजन्य कॉनक्लेव – दंतेश्वरी डायलॉग’ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने साझा किए सुशासन के दो वर्षों के अनुभव

रायपुर, 03 दिसंबर 2025/ राजधानी नया रायपुर स्थित मेफेयर लेक रिसॉर्ट में आयोजित पाञ्चजन्य कॉनक्लेव ‘दंतेश्वरी डायलॉग’ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य सरकार के दो वर्ष के कार्यकाल, बस्तर एवं सरगुजा क्षेत्रों में विकास, नक्सल उन्मूलन, औद्योगिक निवेश, महिला सशक्तिकरण तथा नई टेक्नोलॉजी आधारित विकास मॉडल सहित अनेक विषयों पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विभिन्न सवालों के सरल और स्पष्ट उत्तर देकर सरकार की योजनाओं और आगामी रोडमैप की जानकारी दी।

*महिला सशक्तिकरण सबसे बड़ी उपलब्धि*

मुख्यमंत्री ने कहा कि दो वर्षों में महतारी वंदन योजना महिला सशक्तिकरण का सबसे बड़ा माध्यम बनी है।70 लाख महिलाओं को हर महीने 1000 रुपए की सम्मान राशि दी जा रही है, जिससे परिवारों में पोषण, बच्चों की शिक्षा और घरेलू जरूरतों में सकारात्मक बदलाव आया है।


*टेक-ड्रिवन छत्तीसगढ़ – नई औद्योगिक नीति में विशेष प्रावधान*

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में नई उद्योग नीति लागू की गई है, जिसमे रोजगार को विशेष महत्व दिया गया है। साथ ही नई औद्योगिक नीति में निवेश को आकर्षित करने के लिए आकर्षक अनुदान,सिंगल विंडो सिस्टम,250 से अधिक ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधार को भी शामिल किया गया है। इसी का परिणाम है कि अभी तक लगभग 8 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। नई औद्योगिक नीति में आईटी, एआई, ग्रीन टेक व सेमीकंडक्टर जैसी नई पीढ़ी की इंडस्ट्री को प्रोत्साहन दिया गया है।नवा रायपुर को आईटी हब, सेमीकंडक्टर प्लांट, और एआई डेटा सेंटर पार्क के रूप में विकसित करने का काम जारी है।

*बस्तर का विकास – स्थानीय पहचान और आधुनिक अवसरों का संतुलित मॉडल*

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर का विकास स्थानीय संस्कृति के संरक्षण और आधुनिक सुविधाओं के संतुलन के आधार पर होगा। कृषि, सिंचाई, जैविक खेती, वनोपज प्रसंस्करण, पर्यटन और स्थानीय रोजगार पर विशेष फोकस किया जा रहा है।

*वनोपज संग्राहकों के लिए बेहतर सुविधा*

प्रधानमंत्री वनधन योजना और वनोपज आधारित प्रसंस्करण के विस्तार से संग्राहकों की आय में वृद्धि हो रही है।

*नक्सलवाद के विरुद्ध ‘सामाजिक मनोवैज्ञानिक मोड़’*

मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली जाकर नक्सल पीड़ितों द्वारा अपनी बात रखना ऐतिहासिक कदम है। इससे बस्तर के लोगों में बड़ा आत्मविश्वास आया और देश के सामने माओवादी हिंसा का वास्तविक चेहरा उजागर हुआ।

*मतांतरण पर सख्त कार्रवाई और सांस्कृतिक सुरक्षा पर जोर*

उन्होंने कहा कि प्रलोभन या दबाव से होने वाले मतांतरण रोकने के लिए लगातार कड़ी कार्रवाई हो रही है।इसके लिए विधानसभा में विधेयक लाने की भी तैयारी की जा रही है।

*जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य व डिजिटल कनेक्टिविटी में तेजी से सुधार*

मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर और सरगुजा में मोबाइल टावरों की स्थापना, स्कूलों का पुनः संचालन और युक्तियुक्तकरण के माध्यम से शिक्षा गुणवत्ता में तेजी से वृद्धि हुई है।

*नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास और सुविधाओं का विस्तार*

नियद नेल्ला नार योजना के अंतर्गत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, KCC कार्ड, बिजली, पानी, सड़क और अन्य सुविधाएँ तेजी से उपलब्ध कराई जा रही हैं।

*दो वर्षों में गारंटियों का सफल क्रियान्वयन*

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित अधिकांश गारंटियाँ पूरी की जा चुकी हैं। इनमें 18 लाख आवास स्वीकृत,किसानों को बेहतर समर्थन मूल्य,महतारी वंदन योजना,तेंदूपत्ता संग्राहकों की बढ़ी हुई राशि,भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता आदि शामिल है। इसके अलावा प्रदेश में माओवाद पर निर्णायक प्रहार किया गया है।

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कुष्ठ रोग नियंत्रण पर मासिक समीक्षा बैठक संपन्न,जनजागरूकता और कुष्ठ प्रसार दर में कमी लाने पर दिया गया जोर

रायगढ़, 2 दिसम्बर 2025/ शासन के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में आज जिला स्वास्थ्य कार्यालय में कुष्ठ रोग नियंत्रण हेतु मासिक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत, जिला मलेरिया/कुष्ठ अधिकारी डॉ. टी.जी. कुलवेदी एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी सुश्री रंजना पैंकरा सहित जिले के सभी आरएचओ उपस्थित रहे।
           बैठक में जिले में कुष्ठ रोग की वर्तमान स्थिति, प्रसार दर एवं जनजागरूकता गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई। सीएमएचओ डॉ. अनिल कुमार जगत ने बताया कि कुष्ठ एक संक्रामक रोग है जो संक्रमित व्यक्ति के खांसने-छींकने से निकलने वाले ड्रॉपलेट के माध्यम से फैलता है। यह रोग शरीर में धीमी गति से बढ़ता है, जिसके लक्षण दिखने में कुछ सप्ताह से लेकर 20 वर्ष तक लग सकते हैं। इसलिए प्रारंभिक पहचान और समय पर उपचार अत्यंत आवश्यक है। 
          जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ.टी.जी. कुलवेदी ने बताया कि वर्ष 2030 तक कुष्ठ रोग उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वर्तमान में रायगढ़ जिले में कुष्ठ प्रसार दर पीआर 3.26 है, जिसे घटाकर 1 से भी कम करना लक्ष्य है। इसके लिए गांव-गांव में जागरूकता, स्क्रीनिंग एवं उपचार शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग के  श्री रवि शंकर पटेल, मुरली मोहन पटनायक एवं मोहित राम पटेल ए.एम.ए. का सम्मान एवं विदाई समारोह भी आयोजित किया गया। कुष्ठ नियंत्रण कार्यक्रम के प्रति उनकी निष्ठा एवं सेवाभाव को सराहा गया। सेवानिवृत्ति के पश्चात भी वे निःशुल्क रूप से शिविरों में सहयोग प्रदान कर रहे हैं, जो विभाग के लिए प्रेरणादायी है। बैठक में भविष्य की कार्ययोजना, जनजागरूकता अभियान एवं फील्ड टीमों की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई।

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बढ़ती ठंड को देखते हुए शासकीय प्राथमिक शाला डोंगीतराई में बच्चों को किया गया स्वेटर वितरण


रायगढ़, 2 दिसम्बर 2025/ बढ़ती ठंड को देखते हुए बच्चों को गर्म कपड़ों की सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग के निर्देशन में संकुल केंद्र डोंगीतराई के अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला डोंगीतराई में आज स्वेटर वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।  स्वेटर प्राप्त करते ही बच्चों के चेहरों पर प्रसन्नता झलक उठी और विद्यालय परिसर उत्साह से भर गया।
          कार्यक्रम में विद्यालय की प्रधान पाठक श्रीमती जयश्री दीवान, श्रीमती प्रेमा पटेल एवं श्री विनोद सिदार द्वारा विद्यार्थियों के लिए स्वेटर क्रय कर वितरण किया गया। इस अवसर पर संकुल प्राचार्य श्री सिंह, संकुल समन्वयक श्री वीरेन्द्र चौहान, प्रधान पाठक नायक, श्री चक्रधर पटेल सहित विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्री हुलस राम सिदार, श्री विजय किशन, श्री कुशलाल सिदार तथा श्री बंशीधर किशन सम्मानित अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
          अतिथियों ने बच्चों को नियमित अध्ययन, स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं अनुशासन के महत्व से अवगत कराते हुए प्रेरणादायी संदेश दिए। विद्यालय परिवार ने बताया कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु भविष्य में भी इसी प्रकार की छात्र हितैषी गतिविधियाँ निरंतर जारी रहेंगी।

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रायगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का हेलीपेड पर हुआ भव्य स्वागत,जनप्रतिनिधियों, समाजिक पदाधिकारियों ने सीएम का किया अभूतपूर्व स्वागत

रायगढ़, 2 दिसम्बर 2025/ रायगढ़ के बोईरदादर में आयोजित अखिल भारतीय कंवर समाज वार्षिक सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का रायगढ़ हेलीपेड पर भव्य एवं सम्मानजनक स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री के आगमन पर समाज प्रमुखों, जनप्रतिनिधियों तथा वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ और पारंपरिक आतिथ्य के साथ उनका अभिनंदन किया। 
         इस अवसर पर लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, महापौर श्री जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री दीपक सिदार, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुषमा खलखो, श्री अरुणधर दीवान, श्री विजय अग्रवाल, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल, डीएफओ श्री अरविंद पी.एम., जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे मौजूद रहे।

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आदिवासी समाज के उत्थान और कल्याण के लिए छत्तीसगढ़ सरकार प्रतिबद्ध-मुख्यमंत्री

रायगढ़, 2 दिसम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज रायगढ़ के बोईरदादर में आयोजित अखिल भारतीय कंवर समाज के वार्षिक सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने समाज की मांग पर 30 लाख रुपए की लागत से निर्मित सामुदायिक भवन के प्रथम तल का लोकार्पण किया। समाज के वरिष्ठजनों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक रीति-रिवाजों से चरण पखारकर, पुष्पमाला, गजमाला और आदिवासी परिधानों के साथ भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया।
           मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कंवर समाज की पुरोधा परंपराओं को नमन करते हुए कहा कि समाज का विकास शिक्षा से ही संभव है। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल नौकरी ही नहीं, बल्कि विभिन क्षेत्रों में सफल नागरिक बनने का माध्यम भी है। हर बेटा-बेटी को शिक्षित करना ही समाज को मजबूती देगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार आदिवासी समाज के उत्थान और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। आदिवासी लोगों एवं क्षेत्रों के विकास के लिए सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही है। इसका लाभ लोगों को मिल रहा है। उन्होंने शासन की जन कल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आव्हान भी किया। 
           मुख्यमंत्री श्री साय ने जनजातीय समाज के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान को याद करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस घोषित कर जनजातीय समुदाय के सम्मान को नई ऊंचाई दी है। उन्होंने बताया कि धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के लिए 80,000 करोड़ का प्रावधान, पीएम जन मन योजना के तहत 5000 किलोमीटर सड़कों का निर्माण, जिसमें से 2500 किलोमीटर छत्तीसगढ़ में होंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन योजनाओं से जनजातीय क्षेत्रों में तेज गति से विकास हो रहा है और छत्तीसगढ़ इन योजनाओं में देश में प्रथम स्थान पर है। 
            मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की रजत जयंती समारोह के अवसर पर रायपुर में शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्मारक सह संग्रहालय का लोकार्पण किया है। यह संग्रहालय में छत्तीसगढ़ के वीर सेनानियों का देश के लिए योगदान जीवंत रूप में प्रदर्शित हो रहा है। यह आने वाली पीढ़ियों को हमारे वीर नायकों के शौर्य और बलिदान से परिचित कराता रहेगा। यह हमारे आदिवासी समाज के लिए भी गौरव की बात है। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूरे होने पर राज्य के विकास-पीडीएस प्रणाली, सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य के व्यापक विस्तार का उल्लेख करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य निर्माण के बाद गांव-गांव तक पहुंच मार्ग और विकास की रोशनी पहुँची है। राज्य में नक्सलवाद विकास में सबसे बड़ी बाधा रहा है, लेकिन सरकार के प्रयासों से यह प्रभाव तेजी से कम हुआ है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने प्रदेश की नई औद्योगिक नीति के बारे में उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत 8 लाख करोड़ रुपए से अधिक निवेश का प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। हम उद्योग धंधों के माध्यम से युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास कर रहे है। इसके साथ ही हमारी सरकार प्रदेश के सभी समाज को मजबूती के साथ आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है, इसका लाभ अवश्य उठाना चाहिए। 
            मुख्यमंत्री ने कंवर समाज की ओर से प्रस्तुत मांग पत्र के आधार पर कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं, जिनमें कंवर समाज के लिए बोईरदादर रायगढ़ मे एक और सांस्कृतिक भवन के साथ मुख्य मार्ग तक सीसी रोड का निर्माण, लैलूंगा के टुरटूरा में नए समाजिक भवन, लैलूंगा और घरघोड़ा में निर्मित सामाजिक भवन के विस्तार की घोषणा की। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों के लिए स्थल एवं उपलब्धता के अनुरूप प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृत किया जाएगा। 
        कार्यक्रम में उपस्थित राष्ट्रीय अनुसूचित जनजातीय आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. नंदकुमार साय ने कहा कि कंवर समाज को शिक्षा, समृद्धि और संगठन के बल पर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि समाज की ताकत उसके शिक्षित और संस्कारित परिवारों में है। नागरिकता की प्रथम पाठशाला परिवार है, इसलिए परिवार सशक्त होगा, तो समाज और राष्ट्र सशक्त होगा। पूर्व उपाध्यक्ष श्रीमती शांता साय ने भी शिक्षा के महत्व का उल्लेख किया। कंवर समाज जिला इकाई के अध्यक्ष श्री राजकुमार पैकरा ने समाज के विकास और संगठन को मजबूत बनाने की दिशा में निरंतर कार्य करने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, महापौर श्री जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री दीपक सिदार, श्री भरत साय, श्री सत्यानंद राठिया, श्री अनंतराम पैंकरा, श्रीमती स्वधा साय ,श्रीमती रत्ना पैकरा, श्री देवनाथ सिंह, श्री उपेन्द्र सिंह, श्री आर.एम.साय, श्री राजकुमार साय, श्री सुबल साय, श्री रामनाथ साय, श्रीमती सविता साय, श्री संजय सिंह, श्री राजकुमार पैकरा, श्री गोपाल साय पैकरा सहित कंवर समाज के राष्ट्रीय एवं राज्य और जिला स्तरीय पदाधिकारीगण, श्री अरुणधर दीवान, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल, डीएफओ श्री अरविंद पी.एम.,जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे सहित बड़ी संख्या में कंवर समाजजन उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय कंवर समाज के वार्षिक सम्मेलन कार्यक्रम में हुए शामिल,30 लाख रुपए की लागत से निर्मित सामुदायिक भवन प्रथम तल का किया लोकार्पण

रायगढ़, 2 दिसम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज मंगलवार को रायगढ़ के बोईरदादर स्थित गोवर्धनपुर रोड शालिनी स्कूल के पास स्थित कंवर सामाजिक भवन में आयोजित अखिल भारतीय कंवर समाज के वार्षिक सम्मेलन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने समाज प्रमुखों की मांग पर सामुदायिक भवन में 30 लाख रुपए की लागत से निर्मित प्रथम तल का लोकार्पण किया।
           इस अवसर लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजातीय आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ.नंदकुमार साय, विशिष्ट अतिथि के रुप में श्रीमती कौशल्या साय, श्रीमती स्वधा सायसहित कंवर समाज के राष्ट्रीय एवं राज्य और जिला स्तरीय पदाधिकारीगण, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल, डीएफओ श्री अरविंद पीएम, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे सहित प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में कंवर समाज के लोग मौजूद रहे।

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