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जतन बना विशेष बच्चों के लिए संबल, डीईआईसी रायगढ़ से बदली हजारों जिंदगियां,प्ले-स्कूल जैसे वातावरण में स्वास्थ्य सेवाओं का अनूठा मॉडल

रायगढ़, 15 जनवरी 2026।
जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र जतन (डीईआईसी), रायगढ़ विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा के रूप में कार्य कर रहा है। केंद्र की स्थापना 13 फरवरी 2016 को की गई थी। यहां उन बच्चों को विशेष सेवाएं प्रदान की जाती हैं, जिन्हें विकासात्मक देरी, शारीरिक, श्रवण, वाणी अथवा सीखने संबंधी समस्याओं के कारण विशेष उपचार की आवश्यकता होती है।
जतन डीईआईसी की कार्यप्रणाली सामान्य अस्पताल से भिन्न है। केंद्र को इस प्रकार विकसित किया गया है कि यह प्ले-स्कूल जैसे सहज और अनुकूल वातावरण में संचालित हो, जिससे बच्चे बिना डर या तनाव के उपचार प्रक्रिया से जुड़ सकें। इसी कारण बच्चे स्वयं उत्साहपूर्वक उपचार के लिए केंद्र में उपस्थित होते हैं।
स्थापना से लेकर अब तक केंद्र द्वारा 19,683 बच्चों का विभिन्न स्तरों पर परीक्षण, मूल्यांकन एवं उपचार किया जा चुका है। जतन डीईआईसी में शिशुरोग विशेषज्ञ, दंत चिकित्सक, फिजियोथेरिपिस्ट, विशेष शिक्षक, स्पीच थेरेपिस्ट, ऑडियोलॉजिस्ट, ऑप्टोमेट्रिस्ट, नर्स, पैथोलॉजी, समाजसेवक एवं काउंसलर की सेवाएं पूर्णतः निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं।

विशेष शिक्षा के माध्यम से बच्चों में विकासात्मक देरी का आकलन कर उपचार किया जाता है। वर्तमान में बच्चों में मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से उत्पन्न लर्निंग प्रॉब्लम, देर से बोलने की समस्या और ऑटिज़्म जैसे लक्षणों के मामलों में भी नियमित रूप से सेवाएं दी जा रही हैं।

जीभ जुड़ने (टंग-टाई) की समस्या से ग्रसित बच्चों को दंत चिकित्सा विभाग द्वारा फ्रेनेक्टमी पद्धति से उपचारित किया जा रहा है, जिससे अब तक लगभग 260 बच्चे लाभान्वित हुए हैं।
श्रवण संबंधी समस्याओं के लिए ऑडियोलॉजी विभाग में बीईआरए टेस्ट एवं पीटीए टेस्ट की सुविधा उपलब्ध है, जो दिव्यांगता प्रमाण पत्र एवं कॉक्लियर इम्प्लांट प्रक्रिया के लिए आवश्यक होती है। वहीं फिजियोथेरेपी विभाग द्वारा शारीरिक रूप से बाधित बच्चों के उपचार एवं पुनर्वास का कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में इस योजना का क्रियान्वयन स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार की “हमने बनाया है, हम ही संवारेंगे” की परिकल्पना के अनुरूप जतन डीईआईसी में सेवाओं का निरंतर सुधार एवं विस्तार किया जा रहा है, जिससे अधिक से अधिक बच्चों को समय पर आवश्यक उपचार उपलब्ध हो सके।

जतन जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र रायगढ़ जिले में विशेष बच्चों के लिए एक सशक्त, समर्पित और भरोसेमंद स्वास्थ्य सुविधा के रूप में लगातार कार्यरत है।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के ‘सुशासन’ की धरातल पर झलकनवोन्मेषी पहल से छात्रावासों के बच्चों को मिली बेहतर दृष्टि

रायगढ़, 15 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन की गुड गवर्नेंस की परिकल्पना को साकार करते हुए कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर छात्रावासों में अध्ययनरत अनुसूचित जाति, जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के बच्चों के लिए एक अनुकरणीय पहल करते हुए सघन नेत्र परीक्षण एवं चश्मा वितरण अभियान का सफल संचालन किया गया। 
           जिला प्रशासन के निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि कई छात्र पढ़ाई में रुचि और क्षमता होने के बावजूद दृष्टि दोष के कारण ब्लैकबोर्ड स्पष्ट नहीं देख पा रहे थे। आर्थिक अभाव और जागरूकता की कमी के कारणं छात्र अपनी समस्या साझा नहीं कर पा रहे थे। कलेक्टर ने इसे केवल स्वास्थ्य संबंधी समस्या न मानते हुए बच्चों के शिक्षा के अधिकार से जुड़ा गंभीर विषय माना और तत्काल समाधान के निर्देश दिए।
          कलेक्टर के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग एवं आदिम जाति कल्याण विभाग के समन्वय से जिले के 147 छात्रावासों में विशेष नेत्र परीक्षण शिविर आयोजित किए गए। इस अभियान के तहत 4686 छात्रों की नेत्र जांच जिला चिकित्सालय के नेत्र विशेषज्ञों द्वारा आधुनिक उपकरणों से की गई। जांच के दौरान 235 छात्र दृष्टि दोष से ग्रसित पाए गए, जिनमें से 149 छात्रों को पावर वाले चश्मे निःशुल्क प्रदान किए गए। चश्मों का निर्माण और वितरण समयबद्ध रूप से सुनिश्चित किया गया।

*पढ़ाई में सुधार, आत्मविश्वास में बढ़ोतरी*
चश्मा मिलने के बाद छात्रों की पढ़ाई में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। बच्चों की एकाग्रता बढ़ी है और वे कक्षा की गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। अभिभावकों और छात्रावास अधीक्षकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे बच्चों के भविष्य के लिए बेहद उपयोगी बताया है। यह अभियान मुख्यमंत्री के गुड गवर्नेंस विजन का जमीनी स्तर पर सफल क्रियान्वयन है, जहाँ प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुँचाया।

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बदलता मौसम, बढ़ती बीमारियां: जलवायु परिवर्तन पर रायगढ़ में स्वास्थ्य प्रशिक्षण अभियान


रायगढ़,15 जनवरी 2026। राज्य शासन के मंशानुरूप कलेक्टर रायगढ़ श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर जिले में जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण 06 जनवरी 2026 से 15 जनवरी 2026 तक चरणबद्ध रूप से संचालित किया जा रहा है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत, प्रभारी जिला परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. बी.पी. पटेल एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी सुश्री रंजना पैंकरा के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। इसमें जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. टी.जी. कुलवेदी, जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. अविनाश चंद्रा, जिला नोडल अधिकारी डॉ. सुमित शैलेंद्र कुमार मंडल, डॉ. केनन डेनियल, एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. कल्याणी पटेल, आईडीएसपी कार्यक्रम के डीडीएम श्री रामकुमार जांगड़े सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी सक्रिय रूप से शामिल हैं।

कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के सभी विकासखंडों से आर.एम.ए.प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, सेक्टर सुपरवाइजर, आर.एच.ओ. पुरुष/महिला, सी.एच.ओ., बी.डी.एम., डी.ई.ओ., पी.ए.डी.ए. तथा जिला एवं जनपद पंचायत के सदस्यों को समूहवार निर्धारित तिथियों में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत ने बताया कि वायु प्रदूषण का प्रभाव अब स्वास्थ्य सेवाओं में स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रहा है। सांस फूलना, लगातार खांसी, आंखों में जलन, त्वचा रोग एवं अस्थमा जैसी बीमारियां बढ़ते वायु प्रदूषण की गंभीरता को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण स्वस्थ समाज की आधारशिला है, जिससे बीमारियों की रोकथाम के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ते दबाव को भी कम किया जा सकता है।
प्रशिक्षण के दौरान विद्यालयों, शासकीय कार्यालयों, पंचायतों एवं नगरीय निकायों के माध्यम से जनजागरूकता कार्यक्रम, पौधरोपण अभियान, स्वच्छता गतिविधियों एवं पर्यावरण शिक्षा को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही नागरिकों से साइकिल अथवा पैदल चलने, स्वच्छ ऊर्जा अपनाने और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली को प्राथमिकता देने की अपील की गई है।
अधिकारियों ने बताया कि तेजी से हो रहे जलवायु परिवर्तन का प्रभाव मानव जीवन, पर्यावरण, स्वास्थ्य एवं आजीविका पर प्रत्यक्ष रूप से पड़ रहा है। बढ़ता तापमान, असामान्य वर्षा, लू, सूखा, बाढ़, जलस्तर में गिरावट एवं वायु प्रदूषण जैसी समस्याएं भविष्य के लिए गंभीर चेतावनी हैं। इसका सीधा असर जनस्वास्थ्य पर भी देखा जा रहा है, जिससे हीट स्ट्रोक, सांस संबंधी रोग, एलर्जी, जलजनित बीमारियां एवं कुपोषण के मामलों में वृद्धि हो रही है, जिसमें बच्चों, बुजुर्गों एवं गर्भवती महिलाओं पर अधिक प्रभाव पड़ रहा है।
जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण में रोग निगरानी पोर्टल पर रिपोर्टिंग प्रक्रिया, जलवायु से जुड़ी बीमारियों की पहचान, रोकथाम एवं आवश्यक उपायों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे वृक्षारोपण, जल स्रोतों का संरक्षण, वर्षा जल संचयन, प्लास्टिक का न्यूनतम उपयोग, कचरे का पृथक्करण एवं पुनर्चक्रण जैसे उपायों को अपनाकर पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का जशपुर का व्यस्त दौरा, विकास कार्यों के लोकार्पण-भूमिपूजन के साथ बगिया में रात्रि 8 बजे तक आमजन से करेंगे सीधा संवाद


जशपुरनगर 15 जनवरी 2026/प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय गुरुवार 15 जनवरी 2026 को जशपुर जिले के विस्तृत दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री श्री साय विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण, भूमिपूजन एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों में शामिल होंगे।निर्धारित दौरा कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री श्री साय सुबह 10:40 बजे अपने निज निवास ग्राम बगिया से प्रस्थान कर बगीचा पहुंचेंगे। इस दौरान वे निर्माणाधीन कार्यों का अवलोकन, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण, गौरव पथ भूमिपूजन कार्यक्रम, उज्ज्वला महोत्सव कार्यक्रम एवं विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रमों में शामिल होंगे।इसके पश्चात मुख्यमंत्री दोपहर 1:30 बगीचा हेलीपेड से फरसाबहार विकासखंड के पमशाला कंवर धाम पहुंचेंगे,वहां विभिन्न कार्यों के भूमिपूजन लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होने के पश्चात अखिल भारतीय आदिवासी कंवर समाज के वार्षिक सम्मेलन में शामिल होंगे। कार्यक्रमों में शामिल होने के पश्चात पुनः शाम को बगिया आगमन करेंगे।कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय बगिया में रात्रि 8 बजे तक स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों मुलाकात कर सीधा संवाद करेंगे और उनकी समस्याएं सुनेंगे।मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। वहीं मुख्यमंत्री से प्रत्यक्ष मुलाकात को लेकर क्षेत्रवासियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।

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औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर जिला प्रशासन का कड़ा प्रहार, 6 कारखानों पर आपराधिक प्रकरणों का निराकरण, अधिभोगी व प्रबंधकों पर लाखों का अर्थदण्ड

रायगढ़, 15 जनवरी 2026/
रायगढ़ जिले में संचालित औद्योगिक इकाइयों में श्रमिक सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा औद्योगिक दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी एवं सख्त कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी द्वारा औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा से जुड़े मामलों की समय-समय पर समीक्षा की जाती है तथा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए हैं।
इसी क्रम में जिले की औद्योगिक इकाइयों में घटित दुर्घटनाओं के बाद निरीक्षण के दौरान पाई गई गंभीर अनियमितताओं एवं श्रमिक सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर कार्यालय उप संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, रायगढ़ द्वारा कारखाना अधिनियम, 1948, छत्तीसगढ़ कारखाना नियमावली, 1962 तथा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार (नियोजन एवं सेवा शर्त विनियमन) अधिनियम, 1996 एवं नियम 2008 के अंतर्गत सख्त कार्रवाई की गई।
उप संचालक द्वारा किए गए निरीक्षणों के आधार पर 6 औद्योगिक इकाइयों के विरुद्ध 6 आपराधिक प्रकरण श्रम न्यायालय रायगढ़ में प्रस्तुत किए गए थे, जिनका माह दिसम्बर 2025 में निराकरण किया गया। श्रम न्यायालय द्वारा सुनवाई उपरांत सुरक्षा मानकों के उल्लंघन का दोषी पाए जाने पर संबंधित औद्योगिक इकाइयों के अधिभोगियों एवं कारखाना प्रबंधकों को अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
मेसर्स जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड (1 एमपीए स्लैग ग्राइंडिंग यूनिट), खरसिया रोड रायगढ़ में कारखाना अधिनियम की विभिन्न धाराओं के उल्लंघन पर अधिभोगी श्री सब्यसाची बन्योपाध्याय एवं कारखाना प्रबंधक श्री अमरेश पांडे को क्रमशः 1.50-1.50 लाख रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
मेसर्स नलवा स्पेशल स्टील लिमिटेड, ग्राम तराईमाल में सुरक्षा प्रावधानों की अनदेखी पर अधिभोगी श्री सरदार सिंह राठी एवं कारखाना प्रबंधक श्री रविन्द्र सिंह चौहान को 1.40 लाख रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
मेसर्स सिंघल स्टील एंड पावर लिमिटेड, ग्राम तराईमाल में भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम के उल्लंघन पर संचालक श्री विनय कुमार शर्मा एवं ठेकेदार श्री अजय कुमार दास पर 6-6 हजार रुपये का अर्थदण्ड लगाया गया। इसी इकाई में कारखाना अधिनियम के एक अन्य प्रकरण में अधिभोगी श्री विनय कुमार शर्मा एवं कारखाना प्रबंधक श्री जी.के. मिश्र को कुल 2.80 लाख रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
मेसर्स एनआरव्हीएस स्टील्स लिमिटेड, ग्राम तराईमाल में अधिभोगी एवं कारखाना प्रबंधक श्री पवन अग्रवाल को 1.60 लाख रुपये तथा मेसर्स एन.आर. इस्पात एंड पावर प्रा.लि., ग्राम गौरमुड़ी, पोस्ट सराईपाली में अधिभोगी एवं कारखाना प्रबंधक श्री मोहित कुमार मिश्रा को 1.60 लाख रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने स्पष्ट किया है कि औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी

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धान खरीदी में नया रिकॉर्ड: 13 जनवरी तक 17.77 लाख किसानों के खातों में पहुंचा ₹23,448 करोड़

रायपुर 15 जनवरी 2026/छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में चल रहे धान खरीदी महाअभियान ने इस वर्ष ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। 

दिनांक 13 जनवरी 2026 तक खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में अब तक 17,77,419 किसानों से 105.14 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है, जिसके एवज में किसानों को ₹23,448 करोड़ की रिकॉर्ड राशि का भुगतान किया गया है। यह अब तक के सभी वर्षों की तुलना में 13 जनवरी तक की सबसे अधिक खरीदी और सबसे अधिक भुगतान है।

यदि पिछले वर्षों के 13 जनवरी तक के आंकड़ों से तुलना की जाए तो सरकार की यह उपलब्धि और भी स्पष्ट रूप से सामने आती है। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में 13 जनवरी तक 17,49,003 किसानों से 72.15 LMT धान की खरीदी की गई थी और ₹13,550 करोड़ का भुगतान हुआ था। वर्ष 2021-22 में इसी अवधि तक 17,09,834 किसानों से 68.77 LMT धान खरीदा गया था, जिसके बदले ₹13,410 करोड़ किसानों को दिए गए थे।

खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 में 13 जनवरी तक 22,14,302 किसानों से 97.67 LMT धान की खरीदी की गई थी और ₹20,022 करोड़ का भुगतान हुआ था। इन सभी वर्षों की तुलना में वर्ष 2025-26 में धान खरीदी की मात्रा और किसानों को वितरित की गई राशि – दोनों ही  उच्चतम स्तर पर पहुँच चुकी हैं।

आंकड़ों से स्पष्ट है कि जहां 2020-21 में 72.15 LMT, 2021-22 में 68.77 LMT और 2022-23 में 97.67 LMT धान खरीदा गया था, वहीं 2025-26 में मात्र 13 जनवरी तक ही 105.14 LMT धान खरीदा जा चुका है, जो अपने-आप में एक नया रिकॉर्ड है। इसी तरह किसानों को मिलने वाली राशि भी  सीधे बढ़कर  ₹23,448 करोड़ तक पहुँच गई है।

यह ऐतिहासिक बढ़ोतरी इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार की पारदर्शी खरीदी व्यवस्था, समयबद्ध भुगतान प्रणाली और किसान-हितैषी नीतियों ने प्रदेश के किसानों का भरोसा मजबूत किया है। किसानों को उपज का उचित मूल्य समय पर मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सशक्त हो रही है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है।

राज्य सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि हर पात्र किसान से हर दाना खरीदा जाएगा और हर रुपये का भुगतान समय पर किया जाएगा, ताकि छत्तीसगढ़ का किसान और अधिक समृद्ध, आत्मनिर्भर और सुरक्षित बन सके।

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान के भंडारण में सूखत एवं अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की गई है। जिन संग्रहण केन्द्रों में 0.5 प्रतिशत से अधिक एवं 1 प्रतिशत से कम कमी पाई गई, वहाँ केन्द्र प्रभारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। 01 से 02 प्रतिशत तक कमी पाए जाने पर विभागीय जांच शुरू की गई, जबकि 02 प्रतिशत से अधिक कमी वाले केन्द्र प्रभारियों को निलंबित कर विभागीय जांच संस्थित की गई तथा आपराधिक पाए जाने पर एफ.आई.आर. दर्ज की गई है।

विगत 02 वर्षों में धान खरीदी एवं भण्डारण में अनियमितता तथा लापरवाही पाए जाने पर कुल 33 खाद्य निरीक्षकों एवं खाद्य अधिकारियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए गए, 02 मामलों में संग्रहण केन्द्र प्रभारियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई तथा 01 संग्रहण केन्द्र प्रभारी को निलंबित किया गया है। यह स्पष्ट करता है कि सरकार भ्रष्टाचार और लापरवाही के प्रति शून्य सहनशीलता नीति पर कार्य कर रही है।

खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में आई सूखत के संबंध में शासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार 06 जिला विपणन अधिकारियों एवं 06 संग्रहण केन्द्र प्रभारियों के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। यह कदम प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करने और भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही को रोकने की दिशा में निर्णायक पहल है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2018-19 में कुल 25.61 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में 80.38 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई थी, जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में खरीदी का दायरा, मात्रा और किसानों को मिलने वाला प्रत्यक्ष लाभ ऐतिहासिक स्तर तक बढ़ा है।

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा केन्द्रीय पूल के अंतर्गत 78 लाख मीट्रिक टन चावल का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके विरुद्ध लगभग 116 लाख मीट्रिक टन धान का निराकरण संभव हो पाया। शेष धान का निराकरण नीलामी के माध्यम से किया गया।केन्द्रीय लक्ष्य के अनुरूप प्राप्त चावल की मिलिंग में FCI के पास गोदाम क्षमता कम होने के कारण धान के अंतिम निराकरण में लगभग 12 से 15 माह का समय लग गया, जिससे संग्रहण केन्द्रों में ड्रायज (सूखत) होना संभावित रहा। वर्तमान में खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के अंतर्गत संग्रहण केन्द्रों में रखे धान का उठाव प्रगतिरत है तथा ऑक्शन एवं नीलामी से विक्रय किए गए धान का उठाव प्रक्रियाधीन है। संपूर्ण धान निराकरण के पश्चात ही कुल सूखत का वास्तविक आंकलन किया जा सकेगा।

राज्य सरकार का यह स्पष्ट संदेश है कि किसानों के धन, अनाज और विश्वास से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। धान खरीदी, भुगतान, भंडारण और निराकरण की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, उत्तरदायी और तकनीकी निगरानी में रखा गया है ताकि हर किसान को समय पर भुगतान और सुरक्षित व्यवस्था का लाभ मिले।

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शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की गुणवत्ता परखने कलेक्टर अजीत वसंत का सघन निरीक्षण, नवापारा शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र से लेकर घुमन्तु छात्रावासों तक व्यवस्थाओं की हुई बारीकी से समीक्षा

कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लेने शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नवापारा का किया औचक निरीक्षण
“सरगुजा 30“ कक्षाओं का निरीक्षण कर आगामी सत्र से 9वीं और 10वीं के विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाकर 50-50 करने दिए निर्देश
घुमन्तु बालिका छात्रावास गंगापुर एवं घुमन्तु बालक छात्रावास गांधीनगर का लिया जायजा, देखी व्यवस्था

अंबिकापुर 14 जनवरी 2026/कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने बुधवार को जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनय कुमार अग्रवाल के साथ जिले में शिक्षा एवं स्वास्थ्य का जायजा लेने विभिन्न संस्थाओं का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने इस दौरान घुमन्तु बालिका छात्रावास गंगापुर एवं घुमन्तु बालक छात्रावास गांधीनगर का भी निरीक्षण कर बच्चों हेतु सुविधाओं का अवलोकन किया।

शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नवापारा निरीक्षण-

कलेक्टर श्री वसंत सर्वप्रथम स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लेने शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नवापारा का पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने समस्त विभागों, ओपीडी, दवा वितरण कक्ष, लैब, फिजियोथेरेपी, किमोथेरेपी, टीकाकरण, आईपीडी, सोनोग्राफी, स्पर्श क्लिनिक (मनोरोग) एवं सिकलिंग कक्ष आदि का अवलोकन किया तथा व्यवस्थाएं देखीं। उन्होंने आगामी 2 माह में केंद्र में ऑपरेशन थिएटर शुरू किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को कहा कि केंद्र में विभाग से संबंधित बेनर फ्लैक्स, बोर्ड आदि बनवाकर सभी विभागों में लगाया जाए। सभी अधिकारी-कर्मचारी समय पर उपस्थित हों, मरीजों को असुविधा ना हो इसका ध्यान रखें। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री वसंत ने मरीजों से बात कर केंद्र की व्यवस्था तथा मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने दवाईयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने निर्देशित किया।

“सरगुजा 30“ कक्षाओं का किया निरीक्षण-
कलेक्टर श्री वसंत ने जिले के मल्टीपरपज स्कूल में संचालित “सरगुजा 30“ कक्षाओं का निरीक्षण कर बच्चों हेतु व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर पढ़ाई की गुणवत्ता एवं उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने बच्चों को कड़ी मेहनत कर मन लगाकर पढ़ने प्रोत्साहित किया तथा उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को आगामी सत्र के लिये कक्षा 9वीं और
10वीं के विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाकर 50-50 करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन्हीं बच्चों में से चयनित विद्यार्थियों को NEET एवं JEE की परिक्षाओं की तैयारी के लिये जिला प्रशासन द्वारा रायपुर के अच्छे कोचिंग संस्थानों में प्रवेश दिलाकर तैयारी करायी जाएगी। उन्होंने आवश्यक कार्ययोजना तैयार कर पूर्व तैयारी करने निर्देश दिए।

घुमन्तु बालिका छात्रावास गंगापुर एवं घुमन्तु बालक छात्रावास गांधीनगर पहुंचकर देखी व्यवस्था-

कलेक्टर श्री वसंत ने समग्र शिक्षा अन्तर्गत संचालित नई दिशा घुमन्तु बालिका छात्रावास गंगापुर एवं घुमन्तु बालक छात्रावास गांधीनगर का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने छात्रावास परिसर एवं शयनकक्ष का अवलोकन किया तथा बच्चों हेतु व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने छात्रावास में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली तथा कहा कि बच्चों को अच्छी सुविधा मिले, किसी प्रकार की समस्या ना हो। जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा को छात्रावासों के गुणवत्तापूर्ण संचालन हेतु निर्देशित किया तथा सभी व्यवस्था सुदृढ़ करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

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सरगुजा में डिजिटल सेवा व्यवस्था पर कड़ा प्रहार, नियमों की अनदेखी करने वाले 206 कॉमन सर्विस सेंटर तत्काल प्रभाव से बंद, 700 से अधिक निष्क्रिय आईडी चिन्हांकित


अंबिकापुर 14 जनवरी 2026/ जिले में संचालित कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) द्वारा निर्धारित मानकों की अवहेलना किए जाने पर सीएससी मुख्यालय, नई दिल्ली के निर्देश पर कड़ी कार्रवाई की गई है। जिले में आम जनता को डिजिटल और सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने वाले कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) अब प्रशासन की कड़ी निगरानी में आ गए हैं। जिले में सीएससी व्यवस्था की व्यापक समीक्षा और फील्ड वेरिफिकेशन के बाद कार्रवाई करते हुए 206 सीएससी सेंटर बंद कर दिए गए हैं, इसके साथ ही 700 से अधिक ऐसे सीएससी संचालकों की पहचान की गई है, जो लंबे समय से निष्क्रिय पाए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन सभी निष्क्रिय सीएससी आईडी को भी चरणबद्ध तरीके से बंद किया जाएगा।सीएससी सरगुजा के प्रभारी जिला प्रबंधक एन. डी.तिवारी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान कई केंद्र बिना स्थायी एवं निर्धारित पते के संचालित पाए गए। कुछ संचालकों द्वारा एक ही आईडी का उपयोग विभिन्न स्थानों पर किया जा रहा था। इसके अतिरिक्त कई केंद्रों पर सरकार द्वारा अनिवार्य रूप से निर्धारित कॉमन ब्रांडिंग, बैनर,सूची एवं रेट चार्ट नहीं पाए गए। वही जिला प्रबंधक ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में केवल वही कॉमन सर्विस सेंटर संचालित होंगे, जो सभी निर्धारित नियमों एवं शर्तों का पूर्ण अनुपालन करेंगे। प्रत्येक केंद्र का स्थायी कार्यालय होना अनिवार्य है,बैनर एवं सूची को निर्धारित प्रारूप में फ्रेम कराकर लगाना होगा, जिसमें स्टेट लोगो एवं सीएससी का नाम स्पष्ट रूप से अंकित हो। सभी वीएलई के लिए पुलिस सत्यापन प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य किया गया है। साथ ही सभी लेन-देन प्रतिदिन सीएससी पोर्टल के माध्यम से ही किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। जिन कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) की आईडी बंद की गई है, उन्हें आवश्यक सुधार कर सभी मानकों को पूर्ण करने के बाद जिला प्रबंधक से संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं।

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जिला स्तरीय मॉक अभ्यास का आयोजन 17 जनवरी को श्याम घुनघुटा डेम में होगा आयोजित


अंबिकापुर 14 जनवरी 2026/  छत्तीसगढ़ शासन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, भारत सरकार के वार्षिक कैलेंडर वर्ष 2025-26 के अंतर्गत देशभर में जिला स्तरीय मॉक अभ्यास का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में सरगुजा जिले में 17 जनवरी 2026 को प्रातः 10ः00 बजे श्याम घुनघुटा डेम, दरिमा में जिला स्तरीय मॉक अभ्यास (मॉक ड्रिल) का आयोजन किया जाएगा।इस मॉक ड्रिल में एन.डी.आर.एफ., एस.डी.आर.एफ., फायर ब्रिगेड, चिकित्सा विभाग, स्वयंसेवी संस्थाएं एवं अन्य आपदा बचाव संबंधित दल भाग लेंगे। यह अभ्यास आपदा की स्थिति में त्वरित, समन्वित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने हेतु किया जा रहा है।
कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने आदेश जारी कर इस अभ्यास हेतु अपर कलेक्टर श्री सुनील कुमार नायक (मो.नं. 9555076760) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। साथ ही संबंधित विभागों को भी जिम्मेदारियां सौंपी गई है तथा आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने निर्देशित किया है। इस हेतु टेबल टॉप अभ्यास बैठक 16 जनवरी को जिला कलेक्टरेट सभाकक्ष में प्रातः 11ः00 बजे आयोजित होगी

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खेल के माध्यम से सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम, रायगढ़ में जिला स्तरीय महिला खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन

रायगढ़, 14 जनवरी 2026/ जिला स्तरीय महिला खेलकूद प्रतियोगिता वर्ष 2025-26 का आयोजन 16 जनवरी को रायगढ़ स्टेडियम बोईरदादर रायगढ़ में किया जाएगा। प्रतियोगिता का आयोजन दो आयु वर्ग में 9 से 18 वर्ष एवं 18 से 35 वर्ष तक में किया जाएगा। जिसमें विकासखण्ड के विजेता प्रतिभागी जिला स्तरीय महिला खेलकूद प्रतियोगिता में भाग लेंगे। जिला स्तरीय महिला खेलकूद प्रतियोगिता अंतर्गत एथलेटिक्स (100मी., 400मी. तवा फेंक), खो-खो, बैडमिंटन, वॉलीबॉल, रस्साकसी, हॉकी, कुष्ती, बास्केटबॉल, फुटबॉल एवं वेटलिफ्टिंग खेल का आयोजन किया जाएगा जिला स्तरीय महिला खेलकूद प्रतियोगिता में सभी विकासखण्डों से लगभग 400 खिलाड़ी, कोच, मैनेजर एवं निर्णायक भाग लेंगे।

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रायगढ़ : गणतंत्र दिवस पर जिले में रहेगा शुष्क दिवस,26 जनवरी को मदिरा की समस्त दुकानें रहेंगी बंद

रायगढ़, 14 जनवरी 2026/ 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिले में शुष्क दिवस घोषित किया गया है। इस संबंध में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री मयंक चतुर्वेदी ने छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 24, उपधारा (1) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आदेश जारी किया है।
            जारी आदेश के अनुसार 26 जनवरी को जिला रायगढ़ अंतर्गत संचालित समस्त देशी मदिरा (सी.एस.-2 घघ), समस्त देशी कंपोजिट मदिरा (सी.एस.-2 घघ कंपोजिट) एवं समस्त विदेशी/प्रीमियम मदिरा (एफ.एल.-1 घघ) समस्त विदेशी कम्पोजिट मदिरा (एफ.एल.1 घघ कम्पोजिट) दुकानों, देशी मदिरा भंडारण भंडागार, समस्त होटल बार अनुज्ञप्ति (एफ.एल.-3), शॉपिंग मॉल रेस्टोरेन्ट बार अनुज्ञप्ति (एफ.एल.3 क), पर्यटन बार (एफ.एल. 3 ग) एवं समस्त देशी/देशी कम्पोजिट अहाता, समस्त विदेशी/विदेशी कम्पोजिट अहाता पूर्णतः बंद रहेंगे। कलेक्टर द्वारा स्पष्ट किया गया है कि शुष्क दिवस के दौरान मदिरा का किसी भी प्रकार का क्रय-विक्रय, वितरण अथवा संव्यवहार पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधितों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने सभी अनुज्ञप्तिधारकों, होटल-बार संचालकों एवं संबंधित विभागों को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

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भारतीय सेना लोकतंत्र की सबसे मजबूत कड़ी-कलेक्टर,भूतपूर्व सैनिक राष्ट्र की अमूल्य धरोहर, प्रशासन हर सहयोग को तत्पर

रायगढ़, 14 जनवरी 2026। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट के  सभाकक्ष में 10वां सशस्त्र सेना भूतपूर्व सैनिक दिवस पूरे सम्मान, गौरव और राष्ट्रभक्ति के वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ के अमर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। सशस्त्र सेना पूर्व सैनिक दिवस हमारे लिए सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारजनों के प्रति आदर व्यक्त करने के लिए एक अवसर है। इस दौरान शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी के पिता श्री सुभाष त्रिपाठी एवं माता श्रीमती आशा त्रिपाठी को सम्मानित किया गया।
            कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने भारतीय सशस्त्र बलों की गरिमा, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति उनकी अटूट निष्ठा को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत का प्रत्येक नागरिक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सेना से जुड़ा हुआ है। भारतीय सेना, चाहे वह थलसेना, वायुसेना, नौसेना, तटरक्षक बल अथवा केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल हों, सभी ने सदैव अद्वितीय नैतिकता, अनुकरणीय प्रतिबद्धता और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की परंपरा का निर्वहन किया है।
         कलेक्टर ने कहा कि विश्व के अनेक देशों में सैन्य शक्ति और लोकतंत्र के बीच टकराव देखने को मिलता है, लेकिन भारत में सेना पूरी तरह से लोकतांत्रिक ढांचे के अंतर्गत कार्य करती है, जो देश की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने अनुभव साझा करते हुए सीमा क्षेत्रों में तैनाती, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और सैनिकों की सतर्कता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सीमाओं पर तैनात भारतीय सैनिक हर परिस्थिति में देश की रक्षा के लिए तैयार रहते हैं और उनकी सजगता ही भारत की सुरक्षा की सबसे मजबूत ढाल है। 
          कलेक्टर ने युवाओं और एनसीसी कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय सेना सदैव युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत रही है और देश का हर युवा कभी न कभी सेना में जाने का सपना देखता है। कलेक्टर ने भूतपूर्व सैनिकों, उनके परिवारजनों और सैनिक विधवाओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि जिला प्रशासन उनके सम्मान, कल्याण और किसी भी आवश्यक सहायता के लिए सदैव तत्पर है। 
          जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कमाण्डर हरीशचन्द्र तिवारी (से.नि.) ने बताया कि सशस्त्र सेना भूतपूर्व सैनिक दिवस प्रति वर्ष 14 जनवरी को भारतीय सशस्त्र सेनाओं (थल सेना, वायु सेना, नौसेना)के जो जवान सरहद व दूर-दराज क्षेत्रों में मातृ-भूमि की रक्षा करते हुए शहीद हो गए है, उनके पुण्य स्मरण करने एवं उनके सम्मान में भारतीय थल सेना के प्रथम थल सेनाध्यक्ष फील्ड मार्शल के.एम.करियप्पा के सेवानिवृत्ति दिवस (14 जनवरी 1953) पर मनाया जाता है।
             समारोह में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे, अपर कलेक्टर श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, एनसीसी के कमाण्डिग ऑफिसर कर्नल प्रवीण तेवतिया तथा रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के भूतपूर्व सैनिक, एनसीसी कैडेट्स एवं आईसीआईसीआई बैंक के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के जल संरक्षण विजन को जमीनी रूप देता बुनगा का गतवा तालाब,कृषि, मत्स्य पालन और आजीविका को मिली नई मजबूती

रायगढ़, 14 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन और सहभागी विकास की अवधारणा से राज्य सरकार की जल संरक्षण-संवर्धन नीति और मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से गाँव-गाँव में जल स्रोतों का पुनर्जीवन हो रहा है। इसी दूरदर्शी सोच का सशक्त उदाहरण रायगढ़ जिला अंतर्गत जनपद पंचायत पुसौर के ग्राम पंचायत बुनगा में देखने को मिला है, जहाँ मनरेगा योजना के तहत गतवा तालाब का गहरीकरण एवं जीर्णोद्धार कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया। यह कार्य न केवल जल संकट के समाधान की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि ग्रामीण आजीविका, कृषि और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी मील का पत्थर साबित हो रहा है।
            पूर्व में ग्रीष्मकाल के दौरान गतवा तालाब लगभग सूखने की स्थिति में पहुँच जाता था, जिससे निस्तारी, सिंचाई एवं पशुपालन गंभीर रूप से प्रभावित होते थे। तकनीकी टीम द्वारा स्थल निरीक्षण के पश्चात तालाब को गहरीकरण हेतु चिन्हांकित किया गया और जिला प्रशासन द्वारा 8.96 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई।
             मनरेगा अंतर्गत संचालित इस कार्य से लगभग 3292 मानव दिवस का सृजन हुआ, जिससे स्थानीय श्रमिकों को रोजगार मिला। कार्यस्थल पर पथरीली एवं मुरूमी मिट्टी होने के कारण अतिरिक्त श्रम और समय की आवश्यकता पड़ी, किंतु ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत एवं जिला प्रशासन के बेहतर समन्वय से कार्य को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किया गया। गहरीकरण उपरांत तालाब की जल संग्रहण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे वर्षा जल का अधिकतम संचयन संभव हो सका।
              तालाब के जीर्णोद्धार के बाद यह अब सिंचाई, मत्स्य पालन, निस्तारी एवं अन्य आर्थिक गतिविधियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहा है। आसपास के खेतों में सिंचाई सुविधा बढ़ने से कृषि उत्पादन में सुधार हुआ है, वहीं मत्स्य पालन से ग्रामीणों को अतिरिक्त आय के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। कार्य पूर्ण होने के पश्चात ग्राम में उत्साह का माहौल है। ग्रामीणों ने जल संकट से राहत मिलने पर जिला प्रशासन एवं छत्तीसगढ़ शासन, विशेष रूप से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। उनका मानना है कि यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। कार्य प्रारंभ से पूर्व सूखने की कगार पर खड़ा गतवा तालाब आज जल से परिपूर्ण दिखाई देता है, जो सुशासन, योजनाबद्ध क्रियान्वयन और जनभागीदारी का सशक्त उदाहरण है। ग्राम पंचायत बुनगा का यह प्रयास अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी प्रेरणादायक मॉडल बनकर उभरा है।

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विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत कॉलेज एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्यों और नोडल प्राध्यापकों की अहम बैठक सम्पन्न

विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत महाविद्यालय एवं हायर सेकेण्डरी विद्यालय के प्राचार्यों, नोडल प्राध्यापकों की बैठक सम्पन्न

अंबिकापुर 14 जनवरी 2026/  भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार कलेक्टर श्री अजीत वसंत के मार्गदर्शन में मंगलवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत सर्व शासकीय- अशासकीय महाविद्यालय एवं हायर सेकेण्डरी विद्यालय के प्राचार्यों,सहायक संचालक।जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय तथा नोडल प्राध्यापक (स्वीप) की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं नोडल अधिकारी (स्वीप) श्री विनय अग्रवाल ने  बताया कि ऐसे भारतीय नागरिक जिनकी आयु 01 अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष हो जाएगी एवं जिनका नाम आज दिनांक तक मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, वे सभी नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम सम्मिलित करने हेतु पात्र हैं। प्राचार्यों को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में नोडल प्राध्यापक के निर्देशन में ऐसे छात्र जिनका नाम आज दिनांक तक मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, उनकी सूची बनाकर वांछित दस्तावेज एकत्र कर ऑनलाइन  Voters.eci.gov.in/ECINET मोबाइल एप के माध्यम से एवं ऑफलाइन बीएलओ के द्वारा 06 फार्म भराकर जानकारी जिला निर्वाचन कार्यालय (स्वीप शाखा) में जमा करना होगा। आवेदनों का निराकरण उनके जन्मतिथि के आधार पर संबंधित तिमाही में कर लिया जाएगा।  बैठक में आवश्यक दस्तावेज के रूप में आयोग द्वारा निर्धारित दस्तावेजों में से आयु एवं पता का प्रमाण-पत्र, माता/पिता/दादा/दादी का ईपिक नम्बर, आवेदक का फोटो एवं स्वयं अथवा माता/पिता/दादा/दादी का 2003 SIR की जानकारी अपलोड संबंधित जानकारी दी गई।जिला निर्वाचन के सहायक प्रोग्रामर श्री अभिषेक मिश्रा ने बताया कि  Voters.eci.gov.in/ECINET मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाइन फार्म भर कर, विस्तृत रूप से जानकारी देनी होगी। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण 2003 में मतदाता सूची डाउनलोड एवं मतदाता सूची में नाम खोजने के सम्बन्ध में ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया। बैठक में जिला परियोजना अधिकारी एवं सहायक नोडल अधिकारी श्री गिरीश गुप्ता, समस्त महाविद्यालय के प्राचार्य, शिक्षा विभाग से सहायक संचालक श्री योगेश मिश्रा, हायर सेकेण्डरी विद्यालयों के प्राचार्य एवं समस्त नोडल प्राध्यापक (स्वीप) उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शिताः ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों का विकास, लोगों को मिलेगा बड़ा लाभ,डीएमएफ मद से रायगढ़ में 20.80 कि.मी. की 6 सड़कों का होगा निर्माण

रायगढ़, 13 जनवरी 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत संरचना और विकास को नई दिशा मिल रही है। उनकी दूरदर्शी दृष्टिकोण से न केवल शहरी बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि से जुड़े विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी का परिणाम है कि जिला रायगढ़ में खनिज न्यास मद (डीएमएफ) के तहत 06 नई सड़कों के निर्माण के लिए प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इन सड़कों की कुल लंबाई 20.80 किलोमीटर है और इसके लिए 16 करोड़ रुपए से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। मुख्यमंत्री साय के लगातार प्रयासों का परिणाम है कि ग्रामीण इलाकों में न केवल आवागमन सुगम हो रहा है, बल्कि किसानों, विद्यार्थियों और महिलाओं के जीवन स्तर में भी सुधार हो रहा है।
          कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने इसकी प्रशासकीय  स्वीकृति  दी है।  जिला प्रशासन द्वारा जिला खनिज संस्थान न्याय निधि से जिन सड़कों का निर्माण कराया जाएगा। इनमें विकासखंड तमनार के बरकसपाली से रेंगालबहरी 3.40 कि.मी. और पालीघाट तमनार से जोबरो 1.80 कि.मी. मार्ग शामिल हैं। वहीं कांटाझरिया से सलिहारी 4.70 कि.मी. मार्ग, विकासखंड घरघोड़ा में कुडुमकेला से पुरी 4.40 कि.मी. तथा लैलूंगा मार्ग से कुरूंजखोल 4.70 कि.मी. मार्ग शामिल हैं। विकासखंड धरमजयगढ़ में ससकोबा पाराघाटी रोड से बैगापारा 1.80 कि.मी. मार्ग का निर्माण भी किया जाएगा। इन मार्गों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी में सुधार होगा। किसानों को अपनी कृषि उपज मंडियों तक ले जाने में सुविधा मिलेगी, जिससे उनकी आय में सकारात्मक वृद्धि होगी।

*सड़क निर्माण से शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन स्तर में व्यापक बदलाव*

इन सड़कों के निर्माण से स्कूली छात्र-छात्राओं के लिए स्कूल जाना आसान होगा। गर्भवती महिलाओं और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं तक समय पर पहुंच सुनिश्चित होगी। ग्रामीणों के लिए आवागमन में सुगमता, शिक्षा और रोजगार के अवसरों तक बेहतर पहुंच और कृषि उपज को बाजार तक सुरक्षित और तेजी से पहुँचाने की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री का यह प्रयास ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और रायगढ़ जिले की विकास यात्रा को गति देने वाला साबित होने जा रहा है। इस परियोजना से न केवल आधारभूत संरचना मजबूत होगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र में समग्र विकास और लोगों की जीवन गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित होगा।

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अल्पसंख्यक हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का अधिकाधिक लाभ मिले-सीईओ जिला पंचायत श्री पठारे

रायगढ़, 13 जनवरी 2026/ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय अल्पसंख्यक कल्याण समिति एवं प्रधानमंत्री नवीन 15 सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सीईओ जिला पंचायत श्री अभिजीत बबन पठारे ने की। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय के लिए संचालित योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। 
           सीईओ जिला पंचायत श्री अभिजीत बबन पठारे ने कहा कि शासन की मंशानुसार अल्पसंख्यकों हितग्राहियों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उन्हें शासन की सभी योजनाओं का समान एवं समयबद्ध लाभ सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने शिक्षा, छात्रवृत्ति, रोजगार, स्वास्थ्य एवं आवास से संबंधित योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर पहुँचाया जाए। उन्होंने अल्पसंख्यक समुदाय की समस्याओं के त्वरित निराकरण पर भी विशेष जोर दिया। साथ ही, उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को अल्पसंख्यकों के लिए संचालित शासकीय योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक हितग्राही लाभान्वित हो सकें। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री बृजेश सिंह क्षत्रीय ने नगरीय निकायों में संचालित योजनाओं एवं उनसे लाभान्वित हितग्राहियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
          बैठक में जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 192 अल्पसंख्यक हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है। शिक्षा विभाग ने बताया कि निःशुल्क सरस्वती सायकल योजना से 171, मध्यान्ह भोजन योजना से 3041, निःशुल्क पाठ्यपुस्तक योजना से 8820 तथा गणवेश वितरण योजना से 2468 अल्पसंख्यक विद्यार्थियों को लाभ मिला है। वहीं महतारी दुलार योजना से 8 अल्पसंख्यक हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने जानकारी दी कि पूरक पोषण आहार कार्यक्रम के तहत 1836 अल्पसंख्यकों को गर्म भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही महतारी वंदन योजना से 12,036 अल्पसंख्यक हितग्राही लाभान्वित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना एवं मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना सहित अन्य विभागीय योजनाओं की प्रगति की जानकारी भी बैठक में प्रस्तुत की गई। बैठक के अंत में समिति सदस्यों से सुझाव लिए गए।
         सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग श्री श्रीकांत दुबे ने जानकारी देते हुए बताया कि अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए शासन द्वारा चल रहे सभी कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने, उनकी निगरानी करने और उनकी निरंतर प्रगति की समीक्षा करने के लिए जिला स्तरीय अल्पसंख्यक कल्याण समिति की बैठक आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि  जिला स्तरीय अल्पसंख्यक कल्याण समिति 15 सदस्यों एवं प्रधानमंत्री सूत्रीय कार्यक्रम की समिति हेतु 3 सदस्यों की समिति गठित की गई है। जिसमें षिक्षा के अवसरों को बढ़ावा देना, आर्थिक कार्यकलापों और रोजगार में समुचित हिस्सेदारी, अल्पसंख्यक समुदाय के व्यक्तियों के जीवन स्तर की दशा में सुधार करना एवं सांप्रदायिक दंगो की रोकथाम व नियंत्रण कार्यक्रम शामिल है। 
          इस अवसर पर समिति के सदस्य सर्वश्री गुलाम रहमान अधिवक्ता, असलम हुसैन, साहिल मनिहार, आशिया बानो, मेहरून निशा, रितेश जैन, शेख हाफिज खान, बादशाह खान, फिरोज अली, प्रदीप खलखो सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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सामान्य गृहणी से सफल डेयरी उद्यमी बनी श्रीमती ज्योत्सना पटेल,महिला सशक्तिकरण की मिसाल और समाज में बनी प्रेरणा

रायगढ़, 13 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव के सुशासन में राज्य भर में विकास की नई राह प्रशस्त हो रही है। शासकीय योजनाओं का सही लाभ उठाकर आम लोग अपने जीवन को बेहतर बना रहे हैं और आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। इसी सकारात्मक बदलाव का उत्कृष्ट उदाहरण हैं श्रीमती ज्योत्सना पटेल, जिन्होंने राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना का लाभ उठाकर सामान्य गृहणी से सफल डेयरी उद्यमी बनने का साहसिक और प्रेरक कदम उठाया। सरकारी योजनाएं केवल आर्थिक सहारा नहीं, बल्कि महिलाओं को स्वावलंबी और सशक्त बनाने का अवसर भी प्रदान करती हैं।
              रायगढ़ के विनोबानगर की श्रीमती ज्योत्सना पटेल पति-श्री राजाराम पटेल पहले एक सामान्य गृहणी थीं। उनका जीवन घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित था। लेकिन उनकी मेहनत और सपनों की बड़ी इच्छा ने उन्हें एक नया रास्ता दिखाया। वर्ष 2024-25 में उन्हें राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना के अंतर्गत 70 हजार रुपए की वित्तीय सहायता मिली। यह सहायता उनके लिए सिर्फ पैसे नहीं, बल्कि एक सपनों को सच करने का अवसर बन गई। उन्होंने नवम्बर 2024 में दो उन्नत नस्ल की गायें खरीदी। ये गायें प्रतिदिन 20 लीटर दूध देती थीं। दूध बेचने से उन्हें प्रतिदिन 800 रुपए और प्रतिमाह लगभग 24 हजार रुपए का शुद्ध लाभ होने लगा। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने अपने जीवन की दिशा बदलने का फैसला किया।
          श्रीमती ज्योत्सना ने अपने छोटे व्यवसाय को बड़ी मेहनत और बुद्धिमानी से बढ़ाया। आज उनके पास 14 दुधारू गाय और 6 बछिया हैं। आज वह डेयरी प्रतिदिन 150 लीटर दूध का उत्पादन कर रही है। इसके माध्यम से उन्हें प्रतिदिन 3-4 हजार रुपए तक की आमदनी होती है। उनके व्यवसाय की सफलता केवल आर्थिक लाभ तक सीमित नहीं रही। जुलाई 2025 में उन्होंने सवा लाख रुपए की ई-बाइक खरीदी, जो उनके व्यवसाय और जीवन को और सुविधाजनक बना रही है। विभाग द्वारा समय-समय पर टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान, डिवर्मिंग और उपचार सुविधा उपलब्ध कराए जाने से उनका व्यवसाय सुरक्षित और लाभकारी बना। श्रीमती ज्योत्सना पटेल न केवल अपनी मेहनत से सफल उद्यमी बनी हैं, बल्कि वे महिला सशक्तिकरण की जीती-जागती मिसाल भी हैं। उनके साहस, दृढ़ संकल्प और मेहनत को देखकर क्षेत्र की अन्य महिलाएं भी डेयरी व्यवसाय में उतर रही हैं।

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प्रधान पाठक के जुनून, त्याग और नवाचार से बदली प्राथमिक विद्यालय डीपाटोली की तक़दीर,जहाँ कभी 7 बच्चे थे, आज 22 मुस्कुराते चेहरे हैं-इस स्कूल ने साबित किया कि बदलाव संभव है


जशपुर/नारायणपुर 13 जनवरी2026 :- कुनकुरी विकासखंड मुख्यालय से 4 किलोमीटर दूर स्थित प्राथमिक विद्यालय डीपाटोली के प्रधान पाठक के जुनून ने इस विद्यालय की तस्वीर बदल दी है। वर्तमान में इस स्कूल का परिदृश्य किसी प्राइवेट स्कूल से कम नजर नहीं आता। यहां अध्ययन के लिए आने वाले ग्रामीण बच्चे बेहतर पर्यावरणीय माहौल में अध्ययन करते हैं। इस विद्यालय की स्थिति आज से ठीक 3 वर्ष पूर्व ऐसी नहीं थी, उस समय बच्चों की दर्ज संख्या सिर्फ 7 थी, विद्यालय में भौतिक संसाधनों की कमी के साथ ही विद्यालय का परिसर उथला, उबड़- खाबड़, झाड़ियों,चट्टानों एवं पत्थरों से भरा पड़ा था, जिसके कारण जगह होते हुए भी बच्चों को खेलने के लिए न ही समतल मैदान था और ना ही किचन गार्डन के लिए पर्याप्त जगह। दिसंबर 2022 में प्रधान पाठक पद पर पदोन्नति होकर लव कुमार गुप्ता ने जब पदभार ग्रहण किया तो उन्होंने विद्यालय की स्थिति को देखा और विद्यालय को सुंदर व आकर्षक बनाने के साथ - साथ बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए समृद्धि वातावरण निर्माण करने का संकल्प लिया। कार्यभार ग्रहण करते ही उन्होंने पालकों, शिक्षा समिति की बैठक आयोजित की, उस बैठक में शाला विकास पर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई, जिसमें बच्चों की दर्ज संख्या वृद्धि हेतु आवश्यक कदम, शाला परिसर का समतलीकरण, प्रकाश हेतु विद्युतीकरण, बच्चों के बैठने के लिए फर्नीचर, पौधरोपण, किचन गार्डन विकसित करने के लिए विद्यालय के पीछे वाले भाग का समतलीकरण एवं गढ्ढों में मिट्टी भराई का कार्य।
विद्युतीकरण एवं पुस्तकालय की व्यवस्था
फ़रवरी 2023 में प्रधान पाठक ने विद्यालय को मिलने वाले अनुदान राशि एवं वेतन से शाला का विद्युतीकरण कराया तथा रेक क्रय कर मुस्कान पुस्तकालय विकसित कर बच्चों के अध्ययन के लिए पुस्तकें व्यवस्थित की, अब बच्चे पुस्तकालय का बेहतर उपयोग कर रहे हैं।
विद्यालय परिसर का कराया समतलीकरण
जून 2023 में जेसीबी एवं ट्रैक्टर लगाकर प्रधान पाठक ने अपने वेतन से विद्यालय परिसर का समतलीकरण कार्य कराया, अब बच्चों को खेलने एवं अन्य गतिविधियों के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध है।
विद्यालय परिसर को आकर्षक बनाने हेतु पौधरोपण
परिसर के समतलीकरण उपरांत परिसर के चारों ओर 130 से भी अधिक फूलदार ,फलदार एवं औषधीय पौधों का रोपण किया, वर्तमान में सभी पौधे बड़े हो चुके हैं तथा फूलों से सुसज्जित है जो विद्यालय को आकर्षक बनाते हैं।
भौतिक संसाधनों की व्यवस्था हेतु सार्थक प्रयास
प्रधान पाठक ने विकास खंड शिक्षा अधिकारी को अवगत कराया कि बच्चों को बैठने के लिए डेस्क - बेंच की बहुत आवश्यकता है, विकास खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि निकट के शाला में फर्नीचर है परंतु उन्हें मरम्मत कराकर ही उपयोग किया जा सकता है, प्रधान पाठक ने वहां से डेस्क बेंच लाकर मरम्मत एवं रंग - रोगन कराया और बच्चों के लिए बैठक व्यवस्था बनाई एवं विभिन्न वस्तुओं के उचित प्रबंधन हेतु पेटी एवं अन्य सामग्री का क्रय किया।
बच्चों को बेहतर आहार मिले इसलिए हर मौसम में किचन गार्डन किया जाता है विकसित
परिसर के समतलीकरण उपरांत किचन गार्डन विकसित किया, इसका उद्देश्य था बच्चों को मिड डे मील में अच्छा आहार मिले, आलम यह है कि अब विद्यालय में प्रत्येक मौसम में मौसमी सब्जियां लगाई जाती है और बच्चे सभी मौसम में मिड डे मील में हरी सब्जियों का लाभ लेते हैं। विगत 02 वर्षों में आलू एवं प्याज का उत्पादन 2 क्विंटल से भी अधिक रहा है। वर्तमान में आलू, मूली, सरसों, चना, पालक, मेथी, धनिया,प्याज की सब्जियां लगाई गई है जिसका उपयोग मिड डे मील के साथ - साथ किचन गार्डन का उपयोग पर्यावरण शिक्षण में किया जा रहा है।
दर्ज संख्या की वृद्धि हेतु जनसंपर्क एवं बैठक का आयोजन
सत्र 2022-23 में विद्यालय की दर्ज संख्या सिर्फ 7 थी, जिसको बढ़ाने हेतु प्रधान पाठक ने योजनाबद्ध तरीके से जनसंपर्क अभियान चलाया एवं गली मोहल्ले में बैठक कर विद्यालय के विजन के बारे में बताया और कहा कि हम विद्यालय को नयी दिशा देना चाहते हैं। इसका परिणाम यह हुआ कि सत्र 2023-24 में 16 बच्चों ने प्रवेश लिया, वर्तमान में विद्यालय में 22 बच्चे शाला में अध्ययनरत हैं।
समाजसेवियों एवं समुदाय को विद्यालय से जोड़ने का सार्थक प्रयास
प्रधान पाठक ने विभिन्न समाजसेवियों से संपर्क किया और उन्हें विद्यालय के विजन के बारे में बताया और आग्रह किया कि आप विद्यालय के बच्चों को विशेष अवसर पर उनकी आवश्यकता अनुरूप सामग्री का वितरण कर सहयोग दें। अनेक समाजसेवियों ने विद्यालय के विकास हेतु हाथ बढ़ाया और बच्चों को टाई-बेल्ट , बैग, छतरी, स्वेटर एवं योग ड्रेस वितरित किया, अब बच्चे निजी विद्यालय के बच्चों की तरह टाई-बेल्ट , जूता-मोजा पहने हुए नजर आते हैं।
मुख्य गेट एवं रैम्प का कराया पुनर्निर्माण
शाला का मुख्य गेट का रैम्प जो सड़क से बहुत नीचे था जिसके कारण बच्चों को शाला में प्रवेश करते समय कठिनाई का सामना करना पड़ता था, उस मुख्य गेट को तोड़कर सड़क से शाला के अंदर तक रैम्प का निर्माण कराया तथा गेट का मरम्मत कराकर उन्हें पुनर्स्थापित कराया।
नवाचारी शिक्षा एवं गतिविधियों को बढ़ावा
 विद्यालय के शिक्षकों द्वारा बच्चों को नवाचार के माध्यम से शिक्षा दी जा रही है, नवाचारी गतिविधियों के लिए विभाग एवं अन्य संस्थाओं के द्वारा प्रधानपाठक को राज्य, जिला एवं विकास खंड स्तर पर पुरस्कृत किया जा चुका है। प्रतिदिन के प्रार्थना सभा को शानदार बनाने हेतु साउंड बाक्स क्रय किया गया है जिससे माध्यम से प्रार्थना सभा संचालित होती है, प्रार्थना सभा उपरांत प्रतिदिन बच्चों के द्वारा विभिन्न विषयों पर माइक पर बोलने हेतू आमंत्रित किया जाता है।
शनिवार बैगलेस डे पर योगाभ्यास एवं प्राणायाम के साथ आर्ट एंड क्राफ्ट गतिविधियों का आयोजन
प्रत्येक शनिवार बैगलेस डे को विद्यालय में पदस्थ शिक्षक महेश तिर्की के द्वारा बच्चों को योगाभ्यास एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया जाता है, साथ ही आर्ट एंड क्राफ्ट गतिविधियों का आयोजन किया जाता है।
शारीरिक एवं मानसिक विकास हेतु खेल - कूद को बढ़ावा
प्रधान पाठक एवं शिक्षक महेश तिर्की बच्चों को विभिन्न खेल जैसे क्रिकेट, फूटबॉल, खो-खो, कबड्डी एवं स्थानीय खेल खेलने हेतु बच्चों को जागरूक कर रहे हैं, वर्तमान में विद्यार्थी विभिन्न खेल के नियमों एवं खेल - कूद के लाभ से परिचित हो चुके हैं।
प्रत्येक माह विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन एवं विशिष्ट व्यक्तियों को किया जाता है आमंत्रित
विद्यालय के बच्चों के समग्र विकास के लिए विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों जैसे एन एस एस शिविर, उन्नत कृषि कार्यक्रम, स्वच्छता अभियान, स्वास्थ्य एवं पोषण जागरूकता, रंगोली, नृत्य , फैंसी ड्रेस, खेल - कूद जैसी प्रतियोगिता का आयोजन प्रत्येक माह किया जाता है तथा प्रत्येक कार्यक्रम में विशेष क्षेत्र में कार्यरत शासकीय सेवकों जैसे ग्रामीण विस्तार अधिकारी, पटवारी, नर्स आदि को आमंत्रित किया जाता है साथ ही विभिन्न कौशलों में दक्ष व्यक्तियों को शाला में आमंत्रित किया जाता है वे आकर बच्चों को मार्गदर्शन देते हैं।
विभाग ने भी दिया ध्यान, शाला मरम्मत एवं बाउंड्री वॉल निर्माण अब स्मार्ट कक्षा की शुरुआत
विद्यालय के बेहतर कार्य को देखते हुए शिक्षा विभाग ने विद्यालय का मरम्मत मुख्यमंत्री शाला जतन योजना के तहत किया तथा कुछ शेष बचे बाउंड्री वॉल का निर्माण हुआ। इस सत्र विद्यालय स्मार्ट कक्षा हेतू चयनित हुआ, वर्तमान में बच्चे संपर्क स्मार्ट टीवी के माध्यम से बेहतर रूप से सीख रहे हैं।
*प्रत्येक शनिवार बच्चों को किया जाता है सम्मानित*
प्रत्येक शनिवार को खेल-कूद, योग - प्राणायाम एवं पढ़ाई-लिखाई के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को स्टार बैच लगाकर सम्मानित किया जाता है।
प्रत्येक माह पालकों की बैठक में बच्चों की प्रगति पर चर्चा
विद्यालय में प्रत्येक माह पालकों का बैठक आयोजित किया जाता है जिसमें बच्चों की प्रगति एवं उसमें सुधार हेतु चर्चा की जाती है। मासिक, त्रैमासिक, अर्द्ध वार्षिक परीक्षा उपरांत बच्चों की उत्तर पुस्तिका पालकों के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है।

प्रधान पाठक ने बताया कि पूर्व में प्राथमिक विद्यालय डीपाटोली के संबंध में ग्रामीणों की मानसिकता उतनी अच्छी नहीं थी, हमारा छोटा सा प्रयास ने उनके विचार को पूरी तरह से बदल दिया है,आगे उन्होंने कहा कि विद्यालय के विकास में शिक्षक साथी महेश तिर्की का बहुत बड़ा योगदान है उन्होंने कदम से कदम मिलाकर सहयोग प्रदान किया है साथ ही शिक्षा विभाग, शाला के अन्य कर्मचारी, स्कूली बच्चों, शाला प्रबंधन समिति, पालकों, ग्राम पंचायत, समाजसेवियों, ग्रामीणों एवं विद्यालय में आने वाले सभी अतिथियों का भी बहुत बड़ा योगदान है।
प्रधान पाठक ने अंत में कहा कि हमारा उद्देश्य है कि हम बच्चों को कौशल आधारित गुणवत्ता शिक्षा दें ताकि वे भविष्य में सभी चुनौतियों का सामना आसानी से करते हुए,आदर्श नागरिक बनें और समाज व देश की सेवा करें।

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