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रायगढ़ में खनिजों के अवैध परिवहन पर बड़ी कार्रवाई, 17 वाहन जब्त,खनिजों के अवैध परिवहन की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी

रायगढ़, 19 दिसम्बर 2025/ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। विगत चार दिनों के दौरान पुसौर, रायगढ़ एवं खरसिया क्षेत्र में खनिज के अवैध परिवहन करते हुए कुल 17 वाहनों को जब्त किया गया है।
     जिला खनिज अधिकारी ने बताया कि 15 दिसंबर को रेत के अवैध परिवहन में संलिप्त 09 वाहन, 17 दिसंबर को पुसौर क्षेत्र में निम्न श्रेणी के चुना पत्थर के अवैध परिवहन में संलिप्त 01 ट्रेलर तथा 18 दिसंबर को खनिज रेत का अवैध परिवहन करते पाए गए 07 वाहनों पर जप्ती की कार्रवाई की गई। जब्त किए गए वाहनों को सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस थाना पुसौर, पुलिस थाना खरसिया एवं कलेक्टर कार्यालय परिसर में रखा गया है। अवैध परिवहन में संलिप्त वाहन मालिकों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के नियम 71 तथा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 एवं 23(क) के तहत प्रकरण दर्ज कर विधि अनुसार कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई में खनिज निरीक्षक श्री सोमेश्वर सिन्हा सहित जिला खनिज अमले की सक्रिय भूमिका रही। कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध आगे भी निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी।

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कलेक्टर का औचक निरीक्षण: धान खरीदी केंद्रों की व्यवस्थाओं का लिया जायजा,धान उपार्जन में पारदर्शिता और किसानों की सुविधा पर विशेष ध्यान देने के दिये निर्देश

रायगढ़, 19 दिसम्बर 2025/ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने आज शुक्रवार को जिले के सुदूर वनाचल क्षेत्र धरमजयगढ़ विकासखंड के कटाईपाली-सी और घरघोड़ा विकासखण्ड के ग्राम-टेण्डा नवापारा में संचालित धान खरीदी उपार्जन केन्द्रों का औचक निरीक्षण किया। कलेक्टर ने इस दौरान समर्थन मूल्य में धान बेचने आए क्षेत्र के किसानों से संवाद किया और उन्हें धान बेचने में मिल रही सुविधाएं और किसानों को रही परेशानियों के संबंध में विस्तार से चर्चा भी की। कलेक्टर ने उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी नीति के तहत स्थापित केंद्रों पर उपार्जन की प्रगति, तौल व्यवस्था, नमी मापक यंत्र, बारदाना की उपलब्धता, भुगतान की स्थिति और मूलभूत सुविधाओं का विस्तार से जायजा लिया। कलेक्टर ने अधिकारियों को इस बात का विशेष निर्देश दिया कि वे धान खरीदी प्रक्रिया को अधिक कुशल, पारदर्शी और किसानों के अनुकूल बनाएं। प्रशासन किसानों की सुविधा और उनके हित में पूरी तत्परता से कार्य कर रहा है और धान उपार्जन केंद्रों पर किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
              कलेक्टर ने धान बेचने आए किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और अनुभवों को सुना। उन्होंने किसानों से टोकन कटने की प्रक्रिया, धान उपार्जन के दौरान मिलने वाली सुविधाओं और भुगतान की समय-सीमा के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी ली। उन्होंने किसानों को कहा कि उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा और केंद्रों की व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं रहेगी। उन्होंने अधिकारियों को विशेष रूप से ध्यान देने को कहा कि धान उपार्जन केंद्रों में तौल व्यवस्था, नमी मापक यंत्रों की कार्यक्षमता, बारदाना की पर्याप्त उपलब्धता और भुगतान प्रणाली पूरी तरह से समयबद्ध और पारदर्शी हो। इस दौरान उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि धान खरीदी प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी और व्यवस्थित हो और किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। कलेक्टर ने यह भी निर्देशित किया कि केंद्रों पर किसानों के बैठने, प्रतीक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि प्रशासन हर स्तर पर किसानों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए लगातार सक्रिय रहेगा। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर को अवगत कराया गया कि उपार्जन केंद्र धरमजयगढ़ के कटाईपाली-सी में कुल पंजीकृत किसानों की संख्या 657 है। जिसमें आज दिनांक तक धान बेचने वाले कृषक की कुल संख्या 238 है, उपार्जित धान की मात्र 13332.80 क्विंटल उठाव की मात्रा 4359.82 क्विंटल, उठाव हेतु शेष धान की मात्रा 8972.974 क्विंटल है। इसी तरह उपार्जन केंद्र घरघोड़ा के टेंडा नवापारा में कुल पंजीकृत कृषक-1034 है, जिसमें आज दिनांक तक धान बेचने वाले कृषक संख्या-247 है। उपार्जित धान की मात्र 14510.80 क्विंटल है। जिसमें 339.57 को भुगतान किया गया है। उठाव की मात्रा-4129.774 क्विंटल तथा उठाव हेतु शेष धान की मात्रा 10381.03 क्विंटल है। निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी, समिति प्रबंधक, केंद्र कर्मचारी उपस्थित रहे।

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धान खरीदी में किसान खुश, कोचियों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 23 हजार किसानों को 307 करोड़ भुगतान...

रायगढ़, 19 दिसम्बर 2025/ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने कलेक्टोरेट के सृजन सभाकक्ष में जिले में राज्य शासन द्वारा संचालित धान खरीदी योजना की गहन समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने अब तक जिले में हुई कुल धान खरीदी, किसान टोकन ‘तुंहर हाथ’ मोबाइल एप की स्थिति, किसानों को भुगतान, खाद-बीज के एवज में ऋण वसूली, धान उपार्जन केंद्रों की बफर सीमा तथा धान के लिए जारी आदेश (डीओ) सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी ली। 
             इस अवसर पर कलेक्टर ने जिले के समस्त धान उपार्जन केंद्र प्रभारियों, जिला नोडल अधिकारियों तथा खाद्य विभाग, जिला विपणन, सहकारिता एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों की संयुक्त बैठक ली। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि धान खरीदी योजना के अंतर्गत किसानों से उनके वास्तविक उत्पादन की खरीदी शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए उपार्जन स्तर पर नियुक्त नोडल अधिकारियों को अपना सूचना तंत्र और अधिक मजबूत करने के निर्देश दिए गए।
            कलेक्टर ने कहा कि कोचियों और बिचौलियों के माध्यम से उपार्जन केंद्रों तक पहुंचने वाले धान को केंद्र तक पहुंचने से पहले ही रोकना आवश्यक है। उन्होंने निर्देशित किया कि कोचियों द्वारा अवैध रूप से धान खपाने की किसी भी तैयारी की जानकारी तत्काल जिला स्तर पर साझा की जाए, ताकि वास्तविक किसानों को धान विक्रय में किसी भी प्रकार की असुविधा या परेशानी न हो।
            कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने किसानों द्वारा धान विक्रय के पश्चात रकबा समर्पण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इससे बिचौलियों एवं कोचियों द्वारा धान खपाने की संभावनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। उन्होंने सभी उपार्जन केंद्रों पर सतत निगरानी रखने तथा अवैध धान खरीदी, परिवहन एवं भंडारण के मामलों में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत शासन द्वारा समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल की सीमा तक धान खरीदी की जा रही है। जिले में धान खरीदी महाभियान को लेकर किसानों में उत्साह का माहौल है। धान खरीदी के सुचारू संचालन के लिए सभी उपार्जन केंद्रों में इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, पेयजल, छाया की व्यवस्था, बायोमेट्रिक उपकरण, श्रमिकों की उपलब्धता सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। धान की गुणवत्ता जांच के लिए आर्द्रता मापक यंत्र से परीक्षण किया जा रहा है। जिले के सभी 105 धान खरीदी केंद्रों में खरीदी दर, केंद्रवार सूची एवं फ्लैक्स प्रदर्शित किए गए हैं।
            धान विक्रय के लिए किसान ‘तुंहर हाथ’ मोबाइल एप के माध्यम से टोकन प्राप्त कर रहे हैं, जिससे किसानों के समय की बचत हो रही है और उन्हें सुविधा मिल रही है। बैठक में जानकारी दी गई कि 18 दिसंबर तक रायगढ़ जिले में 23,089 किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान विक्रय किया है। इनमें 8,896 सीमांत किसान, 12,528 लघु किसान तथा 1,665 दीर्घ किसान शामिल हैं। अब तक जिले में कुल 13,16,691.20 क्विंटल धान की खरीदी हो चुकी है। किसानों को अब तक 307 करोड़ 62 लाख 20 हजार रुपये का भुगतान किया जा चुका है, वहीं खाद-बीज के एवज में 4,763.30 लाख रुपये की ऋण वसूली की गई है। इसके अतिरिक्त अब तक 12,190 किसानों द्वारा 1034.6495 हेक्टेयर रकबा समर्पित किया गया है। जिले में धान के अवैध परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध की गई 137 कार्रवाइयों में कुल 29,600.60 क्विंटल धान जब्त किया गया है। कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए धान खरीदी अभियान को पारदर्शी, सुव्यवस्थित एवं किसान-हितैषी बनाने के निर्देश दिए। अपर कलेक्टर श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, जिला खाद्य अधिकारी श्री चितरंजन सिंह, जिला विपणन अधिकारी, उप पंजीयक सहित धान उपार्जन केन्द्रों के प्रभारी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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रायगढ़ जिला जेल में बंदियों का पहला खेल महाकुंभ: क्रिकेट, शतरंज और कैरम का रोमांच 21 दिसंबर को फाइनल!

रायगढ़, 19 दिसम्बर 2025/ जिला जेल रायगढ़ में पहली बार बंदियों के स्वस्थ मनोरंजन एवं मानसिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से समाजसेवी संस्थाओं के सहयोग से 21 दिसंबर तक आईपीएल की तर्ज पर नॉकआउट टेनिस बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इसके साथ ही शतरंज एवं कैरम प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया है। क्रिकेट प्रतियोगिता में बंदियों की 10 टीमें भाग ले रही हैं, वहीं शतरंज में 52 बंदी एवं कैरम में 76 बंदी प्रतियोगी हिस्सा ले रहे हैं। जिला जेल अधीक्षक ने बताया कि प्रतियोगिता का फाइनल मैच 21 दिसंबर को खेला जाएगा। इस खेल उत्सव को लेकर बंदियों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। दर्शक दीर्घा में बैठे बंदी तालियां बजाकर प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन कर रहे हैं, जिससे न केवल उनका मनोरंजन हो रहा है बल्कि बंदियों के बीच सौहार्द, अनुशासन एवं खेल भावना भी विकसित हो रही है। प्रतियोगिता के समापन दिवस 21 दिसंबर को विजेता एवं उपविजेता टीमों तथा प्रतिभागी बंदियों को पुरस्कार वितरण कर सम्मानित किया जाएगा।

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वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी की पहल से रायगढ़ को मिली बड़ी सौगात, धरमजयगढ़ में नय संभाग शुरू करने की मिली मंजूरी, 

रायगढ़, 19 दिसम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में रायगढ़ जिले के विद्युत उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण और दूरगामी निर्णय लिया गया है। प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी के सतत प्रयासों से जिले में पावर कम्पनी के नए शहर संभाग तथा धरमजयगढ़ में नए संभाग की स्थापना के आदेश जारी कर दिए गए हैं। इस निर्णय से शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ और उपभोक्ता-हितैषी बनाया जाएगा।
          छ.ग.रा.विद्युत मंडल रायगढ़ के अधीक्षण अभियंता श्री गुंजन शर्मा ने जानकारी देेते हुए बताया कि रायगढ़ शहर में विद्युत उपभोक्ताओं की संख्या और अधोसंरचना को देखते हुए लंबे समय से एक अलग शहर संभाग की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। वर्तमान में रायगढ़ शहर में लगभग 54 हजार निम्नदाब उपभोक्ता, 56 उच्चदाब विद्युत उपभोक्ता, 33/11 के.व्ही. के 17 उपकेंद्र, 1521 ट्रांसफार्मर एवं 232 किलोमीटर 11 केवी लाइन विद्यमान हैं। इतनी विशाल व्यवस्था का संचालन अब तक केवल दो जोन कार्यालयों के माध्यम से किया जा रहा था, जिससे उपभोक्ताओं की शिकायतों के निराकरण में विलंब होता था।
           इस मूलभूत समस्या को गंभीरता से लेते हुए वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने स्वयं पहल कर जिले के नागरिकों के लिये विद्युत समस्याओं के निराकरण हेतु रायगढ़ में नये शहर संभाग तथा सुदूर वन क्षेत्र धरमजयगढ़ में नये संभाग की सौगात दी है। नये आदेश के अनुसार अब रायगढ़ शहर के लिये शहर संभाग की स्थापना के साथ-साथ दो जोन के स्थान पर चार जोन प्रारंभ करने के आदेश जारी किये गये हैं। जिससे रायगढ़ का शहरी क्षेत्र अब चार जोन में विभाजित हो जाएगा, जिसके परिणामस्वरूप छोटे-छोटे क्षेत्र होने से उपभोक्ताओं की समस्याओं के निराकरण में अब कम समय लगेगा। संसाधनों का विस्तार होने से विद्युत समस्याओं का त्वरित निराकरण भी संभव होगा। शहर संभाग गठित किये जाने से जोन कार्यालयों की कार्यप्रणाली पर सटीक निगरानी रखी जा सकेगी जिससे इनके कार्यों में कसावट आयेगी।
            इसी क्रम में सुदूर वनांचल एवं तेजी से औद्योगिक विकास की ओर अग्रसर धरमजयगढ़ में भी नया संभाग स्थापित करने के आदेश जारी किए गए हैं। अभी तक धरमजयगढ़, घरघोड़ा, लैलूंगा, तमनार, कापू, हाटी सहित आसपास के क्षेत्रों का संचालन रायगढ़ स्थित संभागीय कार्यालय से किया जाता था, जिससे उपभोक्ताओं को छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी रायगढ़ आना पड़ता था। धरमजयगढ़ में संभागीय कार्यालय की स्थापना से अब स्थानीय उपभोक्ताओं को अपने विद्युत संबंधी कार्यों के लिए रायगढ़ नहीं आना पड़ेगा। इससे समय और संसाधनों की बचत होगी तथा क्षेत्रीय उपभोक्ताओं की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी निराकरण संभव हो सकेगा। यह निर्णय धरमजयगढ़ अंचल के नागरिकों के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

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मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजनाः 273 यात्रियों का जत्था 20 दिसंबर को रायगढ़ से होगा रवाना

रायगढ़, 19 दिसम्बर 2025/ छत्तीसगढ़ शासन समाज कल्याण विभाग द्वारा मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के अंतर्गत 20 से 23 दिसंबर 2025 तक तीर्थ स्थल शिरडी, शनि सिंगनापुर एवं त्रयम्बकेश्वर की यात्रा कराई जा रही है। इस यात्रा के लिए जिले के नगरीय निकायों एवं जनपद पंचायतों से चयनित वरिष्ठ नागरिकों, विधवा एवं परित्यक्त महिलाओं सहित कुल 273 यात्रियों का जत्था 20 दिसंबर को दोपहर 1 बजे बोर्डिंग स्टेशन रायगढ़ से रवाना होगा।

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राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान 21 से,1306 बनाए गए पोलियो बूथ, 1 लाख 79 हजार से अधिक बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो की खुराक

रायगढ़, 19 दिसम्बर 2025/ राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान का आयोजन रायगढ़ जिले में रविवार 21 दिसम्बर से किया जाएगा, जो 23 दिसम्बर तक चलेगा। तीन दिवसीय इस अभियान के तहत जिले के 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के कुल 1 लाख 79 हजार 959 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए जिलेभर में 1306 पोलियो बूथ बनाए गए हैं। अभियान का विधिवत शुभारंभ 21 दिसम्बर को सुबह जिला एवं विकासखंड स्तर पर जनप्रतिनिधियों के माध्यम से किया जाएगा। अभियान के प्रथम दिवस पोलियो बूथों पर बच्चों को दवा पिलाई जाएगी, जबकि द्वितीय एवं तृतीय दिवस बूथ गतिविधियों में छूटे हुए बच्चों को टीकाकरण दलों द्वारा घर-घर भ्रमण कर पोलियो की खुराक पिलाकर प्रतिरक्षित किया जाएगा। अभियान के सफल संचालन हेतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक तैयारियाँ की जा चुकी हैं। 
           कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत ने जिले के सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को 21 दिसम्बर रविवार को नजदीकी पल्स पोलियो बूथ पर लाकर पोलियो वैक्सीन की दो बूंद अवश्य पिलाएं और जिले को पोलियो मुक्त बनाए रखने में अपना सहयोग दें।
            जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ.बी.पी. पटेल ने बताया कि पल्स पोलियो अभियान की सभी तैयारियाँ पूर्ण कर ली गई हैं। वैक्सीन एवं अन्य आवश्यक लॉजिस्टिक सामग्री का वितरण विकासखंडों एवं शहरी क्षेत्रों में किया जा चुका है। अभियान को सफल बनाने के लिए समस्त विकासखंडों एवं शहरी क्षेत्रों के खंड चिकित्सा अधिकारी, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं मितानिनों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले के पहुंचविहीन क्षेत्रों, मेला-बाजार, ईंट भट्ठों, मलिन बस्तियों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, साप्ताहिक बाजार एवं औद्योगिक क्षेत्रों में बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने के लिए विशेष मोबाइल टीमों का गठन किया गया है, ताकि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रह जाए।

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टसर रेशम से बदली ललित गुप्ता की किस्मत,कच्चे घर से पक्का घर का सपना हुआ साकार,बेटी का विवाह कर निभाया फर्ज, स्वयं एवं पत्नी की सुरक्षा के लिए कराया बीमा

रायगढ़, 19 दिसम्बर 2025/ जिले के तमनार वनांचल के छोटे से गांव आमाघाट निवासी श्री ललित गुप्ता की कहानी संघर्ष, मेहनत और आत्मविश्वास की एक प्रेरणादायक मिसाल है। कुछ वर्ष पहले तक वे भूमिहीन होने के कारण केवल मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। सीमित आय और साल भर की अनिश्चित मजदूरी से परिवार चलाना उनके लिए बेहद कठिन था। 
             परिस्थितियों से हार मानने के बजाय श्री गुप्ता ने अतिरिक्त आमदनी की तलाश शुरू की। इसी क्रम में वे रेशम विभाग, आमाघाट केन्द्र से जुड़कर टसर कृमिपालन एवं टसर बीज निर्माण कार्य करने लगे। शुरुआती दौर में आय कम रही, लेकिन निरंतर प्रयास, धैर्य और सीखने की ललक के कारण कुछ ही वर्षों में उनके उत्पादन और आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि होने लगी। रेशम विभाग के सहयोग से विगत 03 वर्षों में उन्हें लगभग 4.50 लाख रुपये की अतिरिक्त आमदनी प्राप्त हुई। वर्ष 2024-25 में उन्होंने लगभग 1.05 लाख टसर कोसा का उत्पादन कर 1.93 लाख रुपये का भुगतान प्राप्त किया। साथ ही टसर बीज निर्माण कार्य से उन्हें अतिरिक्त 30 हजार रुपये की आय हुई। 
            टसर कोसा उत्पादन ने उनकी आजीविका को नई दिशा दी और परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होने लगी। इस निरंतर बढ़ती आमदनी से श्री गुप्ता ने अपनी पुत्री का विवाह सम्पन्न कराया एवं अपने कच्चे घर को पक्का मकान बनाया। स्वयं एवं पत्नी के लिए 40,000 रुपये की वार्षिक बीमा किस्त जमा कर रहे है तथा दैनिक आवागमन के लिए एक नई मोटरसाइकिल भी खरीदी। यह सब उनके जीवन में आई सकारात्मक आर्थिक बदलाव की स्पष्ट झलक है।

*सर्वश्रेष्ठ टसर कोसा उत्पादक का मिला पुरस्कार*

श्री ललित गुप्ता की मेहनत और उपलब्धियों को सम्मान देते हुए वर्ष 2024-25 में “मेरा रेशम मेरा अभिमान” योजना के अंतर्गत उन्हें सर्वश्रेष्ठ टसर कोसा उत्पादक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान केन्द्रीय रेशम बोर्ड, वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार, बैंगलोर (कर्नाटक) द्वारा प्रदान किया गया। श्री ललित गुप्ता ने अपने परिश्रम, लगन और रेशम विभाग के सहयोग से न केवल अपने परिवार को आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि पूरे रायगढ़ जिले को भी गौरवान्वित किया। उनकी सफलता आज अनेक ग्रामीणों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए शासन-प्रशासन को धन्यवाद ज्ञापित किया।

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दो वर्षों में बदली जशपुर की तस्वीर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जिले में स्वास्थ्य अधोसंरचना का व्यापक विस्तार

जशपुरनगर 19 दिसंबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बीते दो वर्षों में जशपुर जिले की स्वास्थ्य सेवाओं ने ऐतिहासिक परिवर्तन का साक्षी बना है। कभी सीमित संसाधनों और बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझने वाला यह जिला आज आधुनिक चिकित्सा ढांचे, सुदृढ़ आपात सेवाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं के कारण प्रदेश के अग्रणी जिलों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से जशपुर की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। पहले जहां दूरस्थ अंचलों के लोगों को सामान्य उपचार और सुरक्षित प्रसव के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, वहीं अब जिले में ही उच्च स्तरीय उपचार की सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। डायलिसिस जैसी जटिल सेवाएं, जो कभी कल्पना से परे थीं, अब जिलेवासियों के लिए सुलभ होती जा रही हैं।

*दो वर्षो में मिली स्वास्थ्य के क्षेत्र में मिलीं जिले को कई ऐतिहासिक सौगातें*


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए अनेक बड़े निर्णय लिए गए हैं। जशपुर में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए वित्त विभाग से 359 करोड़ रुपये की सैद्धांतिक स्वीकृति मिलना जिले के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। इसके साथ ही 220 बिस्तरों वाले अत्याधुनिक अस्पताल के निर्माण के लिए 32 करोड़ रुपये की मंजूरी ने जिले में उच्च स्तरीय चिकित्सा व्यवस्था की नींव रख दी है।अखिल भारतीय कल्याण आश्रम परिसर में 35 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक चिकित्सालय का निर्माण कार्य तीव्र गति से जारी है, जो भविष्य में जशपुर को एक प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। वहीं नर्सिंग शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 8.78 करोड़ रुपये की लागत से नर्सिंग कॉलेज भवन निर्माण को स्वीकृति दी गई है, जिससे जिले को प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की स्थायी उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

*मातृ-शिशु स्वास्थ्य को मिली प्राथमिकता*

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करते हुए कुनकुरी में 50 बिस्तरों वाले मातृ-शिशु अस्पताल का निर्माण 8.77 करोड़ रुपये की लागत से प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त जिले में 14 करोड़ रुपये की लागत से फिजियोथेरेपी महाविद्यालय तथा कुनकुरी में 2 करोड़ 62 लाख रुपये से नेचुरोपैथी भवन निर्माण की स्वीकृति ने स्वास्थ्य सेवाओं को बहुआयामी बनाया है।वहीं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर जिले के फरसाबहार मुख्यालय में बहुत जल्द सत्य साईं मातृत्व शिशु चिकित्सालय की स्थापना होगी जो जिले वासियों के साथ पड़ोसी राज्यों को भी इसकी सुविधाएं मुहैया होगी। यह नागलोग क्षेत्र वासियों के लिए बड़ी सौगात है।अब स्वास्थय के क्षेत्र में लोगों के लिए यह वरदान साबित होगी।


*जिले में आपातकालीन सेवाओं को मिली नई गति*


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिले में आपात चिकित्सा सेवाओं का उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। स्वास्थ्य आपात स्थितियों में त्वरित सहायता सुनिश्चित करने के लिए जिले को 10 नई 108 संजीवनी एंबुलेंस उपलब्ध कराई गई हैं। अब जिले में कुल 24 संजीवनी एक्सप्रेस एंबुलेंस जीवनरक्षक सेवा प्रदान कर रही हैं। इसके अलावा 102 महतारी एक्सप्रेस की 18 एंबुलेंस गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचाकर सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित कर रही हैं। प्रत्येक विकासखंड में शव वाहन की उपलब्धता ने कठिन समय में ग्रामीण परिवारों को बड़ी राहत दी है।


*नए स्वास्थ्य केंद्रों की सौगात से ग्रामीण क्षेत्रों को मिला संबल*


जिले के स्वास्थ्य ढांचे को जमीनी स्तर पर मजबूत करते हुए कोतबा में 4 करोड़ 37 लाख रुपये की लागत से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण की स्वीकृति दी गई है। साथ ही जिले के फरसाबहार तहसील के पेटामारा (अंकिरा) एवं गांझियाडीह, दुलदुला तहसील के करडेगा एवं सीरिमकेला तथा कुनकुरी तहसील के केराडीह में 5 नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना को मंजूरी मिली है,जो ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ जाएगी। आज जशपुर स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नए युग में प्रवेश कर चुका है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बीते दो वर्षों में किए गए ये ऐतिहासिक प्रयास जिले को एक मजबूत, सक्षम और आधुनिक स्वास्थ्य मॉडल के रूप में स्थापित कर रहे हैं। यह परिवर्तन केवल अधोसंरचना का नहीं, बल्कि जनता के विश्वास और सुरक्षित भविष्य की ओर बढ़ते कदमों का प्रतीक है।

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हिंसा से मुक्त और सुरक्षित–समृद्ध बस्तर हमारा संकल्प : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रायपुर 18 दिसंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि बस्तर को हिंसा से मुक्त कर शांति, विकास और विश्वास के मार्ग पर आगे बढ़ाना राज्य सरकार का दृढ़ संकल्प है। उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा  कि जिला सुकमा के गोंदीगुड़ा क्षेत्र में सुरक्षा बलों द्वारा की गई सटीक, साहसिक और सफल कार्रवाई ने माओवादी नेटवर्क को करारा झटका दिया है। यह कार्रवाई इस बात का स्पष्ट संकेत है कि बस्तर में हिंसा के दिन अब समाप्ति की ओर हैं और बस्तर तेज़ी से विकास तथा मुख्यधारा की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के दृढ़ नेतृत्व एवं स्पष्ट नीति, सुरक्षा बलों की सतत और प्रभावी कार्रवाई, राज्य सरकार की संवेदनशील पुनर्वास नीति तथा स्थानीय जनता के अटूट सहयोग से बस्तर में निर्णायक परिवर्तन दिखाई दे रहा है। माओवाद की संरचना लगातार कमजोर हो रही है और उनकी हिंसक साजिशें अब प्रभावहीन होती जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का स्पष्ट संदेश है—जो लोग हिंसा का मार्ग छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ना चाहते हैं, उनके लिए पुनर्वास, आजीविका, सुरक्षा और सम्मानजनक भविष्य सुनिश्चित किया जाएगा। राज्य सरकार ऐसे सभी लोगों के साथ मानवीय दृष्टिकोण से खड़ी है। वहीं, जो अब भी हथियार और भय के रास्ते को नहीं छोड़ेंगे, उनके प्रति सरकार की कोई सहानुभूति नहीं होगी। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि शांति, विकास और जनभागीदारी के संयुक्त प्रयासों से बस्तर एक सुरक्षित, समृद्ध और उज्ज्वल भविष्य की ओर तेजी से अग्रसर होगा।

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गुरु घासीदास जयंती पर मुख्यमंत्री हुए शामिल,गुरु घासीदास के आदर्शों से प्रेरित होकर प्रदेश में भाईचारा और समरसता बढ़ाने का आह्वान”सेतगंगा धाम के विकास के लिए 1.1 करोड़ की घोषणा 

रायपुर 18 दिसंबर 2025/ गुरु घासीदास बाबा ने समाज को समानता, सद्भाव और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। बाबा के विचार आज भी सामाजिक एकता, भाईचारे और समरसता को सुदृढ़ करते हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज मुंगेली जिले के खैरा-सेतगंगा धाम में आयोजित बाबा गुरु घासीदास जयंती समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने जैतखंभ में विधिवत पूजा-अर्चना कर पालो चढ़ाया तथा गुरुगद्दी एवं राम जानकी मंदिर में दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और जनकल्याण की कामना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सेतगंगा धाम के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 50 लाख रुपये, राम जानकी मंदिर पर्यटन क्षेत्र विकास के लिए 50 लाख रुपये तथा गुरु घासीदास जयंती कार्यक्रम आयोजन के लिए 10 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु श्री खुशवंत साहेब, विधायक सर्वश्री पुन्नूलाल मोहले, धरमलाल कौशिक, सुशांत शुक्ला, डोमन लाल कोरसेवाड़ा तथा श्रीमती भावना बोहरा उपस्थित थीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने एवं छत्तीसगढ़ के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सड़क, बिजली, सुरक्षा और विकास के कार्य तेज़ी से किए जा रहे हैं। गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ निरंतर दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है और किसानों के धान का एक-एक दाना खरीदा जाएगा। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख से अधिक महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से राशि प्रदान की जा रही है। प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ई-ऑफिस प्रणाली को बढ़ावा दिया जा रहा है तथा नक्सलवाद उन्मूलन की दिशा में भी ठोस और प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं।

उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने सेतगंगा धाम के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ निरंतर विकास की ओर अग्रसर है।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब एवं खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल ने भी गुरु घासीदास जयंती की शुभकामनाएं देते हुए समाज के हित में सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले ने गुरु घासीदास बाबा के जीवन, विचारों और आदर्शों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में सतनाम पंथ के अनुयायी उपस्थित थे।

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सड़क विकास से बढ़ेगा ग्रामीण संपर्क, सीएम श्री साय की नई योजना से आएगी राहत,जिले की चार प्रमुख सड़कों के लिए 12.69 करोड़ की दी मंजूरी 

जशपुरनगर 18 दिसंबर 2025/जिले के सर्वांगीण विकास की दिशा में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने एक और बड़ी पहल करते हुए 4 प्रमुख सड़कों के निर्माण के लिए कुल 12 करोड़ 69 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की है। इस निर्णय से आवागमन सुविधाजनक होगा, ग्रामीण–शहरी संपर्क मजबूत होगा और क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। इस सौगात पर क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।स्वीकृत सड़कों में जिले के कंडोरा से आराकोना पहुंच मार्ग 3 किलोमीटर लंबी सड़क के लिए 3 करोड़ 86 लाख रुपए की मंजूरी, माडो से ढेंगनी पहुंच मार्ग  3 किलोमीटर सड़क निर्माण हेतु 3 करोड़ 77 लाख रुपए की मंजूरी, चराईडांड के मलेरिया बस्ती से एनएच–43 तक 1.90 किलोमीटर सड़क के लिए 2 करोड़ 20 लाख रुपए की स्वीकृति एवं बेहराखार अटल चौक से कुरूमढ़ोड़ा तक 2.86 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए 3 करोड़ 76 लाख रुपए की मंजूरी मिली है।

     उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने दो वर्षों के कार्यकाल में जिले को सड़क निर्माण के लिए लगभग 1 हजार करोड़ रुपए की सौगात दी है। इससे न केवल बुनियादी ढांचे को मजबूती मिली है, बल्कि ग्रामीण अंचलों की तस्वीर भी तेजी से बदल रही है। मुख्यमंत्री के इस निर्णय को विकासोन्मुखी और जनहितकारी कदम बताते हुए लोगों में उत्साह का माहौल है।

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ऑपरेशन अंकुश: दो फरार बैगा गिरफ्तार, महिला पर टोनही का आरोप लगाने का मामला उजागर

जशपुर 17 दिसम्बर 2025 : थाना दुलदुला क्षेत्रांतर्गत ग्राम भिंजपुर में सुनीता भगत (रायपुर निवासी) की अचानक मृत्यु के बाद परिजनों द्वारा टोनही और तंत्र-मंत्र की आशंका जताने का मामला प्रकाश में आया। मृतिका के परिजनों ने जिला रायगढ़ क्षेत्र के बैगा कृपा चौहान से संपर्क किया, जिन्होंने अपने साथियों के साथ मृतिका को जिंदा करने का दावा किया और इसके एवज में राशि ली।

पुलिस के अनुसार, बैगाओं ने मृतिका को जिंदा करने में असफल होने पर गांव की महिला फ़ौसी बाई पर टोनही का आरोप लगा दिया। इस आरोप के कारण मृतिका के परिजनों ने महिला से मारपीट की। घटना की रिपोर्ट फ़ौसी बाई ने थाना दुलदुला में दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने बीएनएस की धाराओं 296, 351(2), 115(2), 333, 190, 191(2) और टोनही प्रताड़ना अधिनियम की धारा 4,5 के तहत मामले दर्ज कर जांच शुरू की।

पुलिस ने प्रारंभिक कार्रवाई में मृतिका के परिजनों और दो बैगाओं सहित कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा। इसके बाद फरार रहे दो बैगा—रत्थू राम चौहान (53) और विरनची महतो (63), ग्राम लेंथरा, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़—को जशपुर पुलिस ने मुखबिर और तकनीकी सहायता के माध्यम से पकड़ा। आरोपियों के कब्जे से तंत्र मंत्र में प्रयुक्त बंदर की हड्डी भी बरामद की गई।

 वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि पुलिस ने अंधविश्वास और टोनही जैसी प्रथाओं के खिलाफ कार्रवाई जारी रखी है और आम नागरिकों व ग्रामीणों से अपील की है कि वे इन अंधविश्वासों से दूर रहें।

          थाना प्रभारी दुलदुला निरीक्षक कृष्ण कुमार साहू, प्रधान आरक्षक मोहन बंजारे, आरक्षक अलेक्सियस तिग्गा और अकबर चौहान की टीम ने गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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मनखे-मनखे एक समान’ की भावना को साकार करता मेगा हेल्थ कैम्प : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रायपुर 18 दिसंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने परम् पूज्य बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती के पावन अवसर पर राजधानी रायपुर में मानव सेवा, सामाजिक समरसता और स्वास्थ्य जागरूकता के लिए आयुर्वेदिक कॉलेज परिसर में 18 से 22 दिसंबर तक आयोजित 5 दिवसीय निःशुल्क मेगा हेल्थ कैम्प 2025 का भव्य शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए अमन, चैन और समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि यह 5 दिवसीय निःशुल्क मेगा हेल्थ कैम्प हजारों लोगों के लिए स्वास्थ्य संजीवनी सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपने गठन के रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है और इन 25 वर्षों में स्वास्थ्य सहित सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित आयुष्मान भारत योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह योजना अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएँ सुनिश्चित कर रही है। वहीं राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत गंभीर बीमारियों के उपचार हेतु ₹25 लाख तक की सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि “हेल्थ इज वेल्थ” केवल एक नारा नहीं, बल्कि जीवन को बचाने और संवारने का संकल्प है। मुख्यमंत्री ने विधायक श्री राजेश मूणत एवं उनकी पूरी टीम को इस विशाल आयोजन के लिए बधाई दी और कैम्प परिसर में विभिन्न जांच स्टालों का अवलोकन भी किया।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने इस अवसर पर कहा कि यह आयोजन मात्र एक स्वास्थ्य शिविर नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व और मानवीय करुणा की सशक्त अभिव्यक्ति है। बाबा गुरु घासीदास जी के “सत्य, अहिंसा और समानता” के संदेश से प्रेरित यह महाअभियान समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवा पहुँचाने का अनुकरणीय प्रयास है। उन्होंने बताया कि 100 से अधिक विशेषज्ञ चिकित्सकों की सहभागिता से यह कैम्प केवल प्राथमिक जांच तक सीमित नहीं, बल्कि अंतिम निदान एवं उपचार तक का समग्र समाधान प्रदान कर रहा है। डॉ. सिंह ने आयोजन की सुव्यवस्थित व्यवस्था और व्यापक प्रभाव की सराहना की।

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती पर आयोजित यह स्वास्थ्य महाकुम्भ समाज के हर वर्ग के लिए अत्यंत लाभकारी है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सहित पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में लोग इस कैम्प में स्वास्थ्य लाभ लेने पहुँचे हैं। जिन रोगियों का उपचार कैम्प में संभव नहीं होगा, उन्हें आयुष्मान कार्ड के माध्यम से संबद्ध संस्थानों में निःशुल्क इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के निरंतर विस्तार की प्रतिबद्धता दोहराई।

कार्यक्रम के आयोजक एवं विधायक श्री राजेश मूणत ने बताया कि बाबा गुरु घासीदास जी के अमर संदेश “मनखे-मनखे एक समान” से प्रेरित होकर इस मेगा हेल्थ कैम्प का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि एक ही छत के नीचे स्वास्थ्य की सभी प्रमुख विधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं, जहाँ एक्स-रे, ईको, सोनोग्राफी सहित विविध जांचें एवं आवश्यक दवाइयाँ पूर्णतः निःशुल्क दी जा रही हैं। महिलाओं के लिए ब्रेस्ट कैंसर जांच हेतु अत्याधुनिक मशीनों की विशेष व्यवस्था की गई है। एम्स रायपुर, बालाजी, रावतपुरा, गंगा डायग्नोसिस सहित अनेक प्रतिष्ठित संस्थान और देशभर से आए विशेषज्ञ चिकित्सक इस सेवा कार्य में सहभागिता निभा रहे हैं।

कार्यक्रम को विधायक श्री किरण सिंह देव ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक श्री सुनील सोनी, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री मोतीलाल साहू, श्री अनुज शर्मा, श्री डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष श्री रूप नारायण सिन्हा, एम्स रायपुर के निदेशक डॉ. अशोक जिंदल, वरिष्ठ चिकित्सकगण, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री श्री साय से मास्टर एथलीट फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रतिभागियों ने की सौजन्य भेंट

रायपुर18 दिसंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से विगत दिवस छत्तीसगढ़ विधानसभा के कार्यालय कक्ष में  मास्टर एथलीट फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रतिभागियों के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। मास्टर एथलीट फेडरेशन ऑफ इंडिया के द्वारा 5 से 9 नवम्बर तक चेन्नई में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य का नाम रोशन किया।

इस प्रतियोगिता में प्रदेश के भिलाई, बिलासपुर, महासमुंद और बस्तर से आए खिलाड़ियों ने भाग लिया और विभिन्न स्पर्धाओं में जीत हासिल की। 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धि के लिए बधाई दी और कहा कि खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन और लगन से छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। उन्होंने भविष्य में भी इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री श्री साय से साहू समाज के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात

रायपुर18  दिसम्बर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से विगत दिवस छत्तीसगढ़ विधानसभा भवन में साहू समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने साहू समाज के नवनिर्वाचित पदाधिकारी को बधाई और शुभकामनाएं दी। 

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, विधायक श्री ईश्वर साहू, विधायक श्री इंद्र कुमार साहू सहित साहू समाज के नवनिर्वाचित प्रांतीय अध्यक्ष डॉ नीरेंद्र साहू,उपाध्यक्ष श्री सत्यप्रकाश साहू, श्री गिरजा साहू, श्री नारद साहू, श्री नन्द लाल साहू श्री चंद्रभूषण साहू सहित साहू समाज के नवनिर्वाचित राज्य स्तरीय तथा जिला स्तरीय पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

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बाबा के बताए मार्ग पर चलकर ही बनेगा विकसित छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय,लालपुर धाम में गुरु घासीदास जयंती में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर 18 दिसंबर 2025/ बाबा गुरु घासीदास द्वारा बताए गए सत्य, समानता और मानवता के मार्ग पर चलकर ही छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार महापुरुषों के आदर्शों और सपनों के अनुरूप समतामूलक, न्यायपूर्ण और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज मुंगेली जिले के लालपुर में आयोजित गुरु घासीदास जयंती एवं तीन दिवसीय मेला कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।  

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने  इस अवसर पर लालपुर में नवीन महाविद्यालय की स्थापना, मेला एवं कार्यक्रम आयोजन हेतु दी जाने वाली राशि को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 15 लाख रुपये करने, कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश द्वार निर्माण के लिए 25 लाख रुपये तथा मुंगेली सतनाम भवन के जीर्णोद्धार हेतु 25 लाख रुपये की स्वीकृति की घोषणा की।

कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्यमंत्री श्री साय ने बाबा गुरु घासीदास मंदिर एवं जैतखाम में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और जनकल्याण के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अधिकांश गारंटियों को पूरा किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 18 लाख आवासों की स्वीकृति दी जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रत्येक पात्र किसान से धान खरीदी के लिए पूर्णतः संकल्पित है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बीते दो वर्षों में धान के रकबे और किसानों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ दिया जा रहा है। पीएसी चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में नई औद्योगिक नीति लागू की गई है, जिससे समाज के प्रत्येक वर्ग का बेटा-बेटी उद्यमी बन सके। उन्होंने सभी के सहयोग से विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का आह्वान किया। इस अवसर पर सतनाम आचार संहिता एवं जागरूकता कैलेंडर का भी विमोचन किया गया।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि अनुसूचित जाति प्राधिकरण को सशक्त करते हुए इसके बजट को 50 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 75 करोड़ रुपये किया गया है। कैबिनेट मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में सर्व समाज का समावेशी विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित समाज के पांच प्रतिभावान बेटा-बेटियों को पायलट प्रशिक्षण हेतु 15-15 लाख रुपये की सहायता देने का निर्णय सरकार की दूरदर्शिता को दर्शाता है।

कार्यक्रम में खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, विधायक श्री डोमन लाल कोरसेवाड़ा, पूर्व विधायक श्री सनम जांगड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री श्रीकांत पांडेय, उपाध्यक्ष श्रीमती शांति देवचरण भास्कर, जनपद अध्यक्ष लोरमी श्रीमती वर्षा विक्रम सिंह, नगर पंचायत अध्यक्ष श्री सुजीत वर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में सतनामी समाज के अनुयायी उपस्थित थे।

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धान खरीदी में स्मार्ट व्यवस्था: किसान अब घर बैठे कटाएं टोकन और बेचें सीधे धान मन्डी में"

जशपुर 18 दिसंबर 2025/ जिले के मनोरा विकासखंड के ग्राम दड़गांव निवासी किसान श्री गांधी भगत, पिता लहरू राम भगत ने मनोरा स्थित धान खरीदी केंद्र में की जा रही सुव्यवस्थित व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने करीब 182 क्विंटल धान का टोकन कटाया, जिसमें उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं हुई।

किसान श्री गांधी भगत ने कहा कि टोकन कटाने की प्रक्रिया बहुत आसान रही। खरीदी केंद्र में उन्हें साफ-सुथरा बारदाना, समय पर तौल और कर्मचारियों का सहयोग मिला। उन्होंने बताया कि अब किसानों को लाइन में खड़े रहने या बार-बार चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ती। सभी काम तय समय पर हो रहे हैं, जिससे समय और मेहनत दोनों की बचत हो रही है।

उन्होंने कहा कि शासन की इस व्यवस्था से किसानों को धान बेचने में सुविधा मिली है और उन्हें अपने उत्पाद का सही मूल्य समय पर मिल रहा है। किसान श्री गांधी भगत ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार की नीतियों से किसानों को वास्तविक लाभ मिल रहा है।

किसान क्रेडिट कार्ड योजना: किसानों के लिए क्यों जरूरी

किसान श्री गांधी भगत ने बताया कि उनके पिता श्री लहरू राम भगत के नाम से किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) बना हुआ है। इस कार्ड की मदद से वे जरूरत के समय खाद, बीज और अन्य कृषि सामग्री आसानी से ले लेते हैं। इससे खेती के लिए पैसों की परेशानी नहीं होती और काम समय पर हो पाता है।

शासन द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड योजना इसलिए लागू की गई है ताकि किसानों को सस्ती ब्याज दर पर समय पर ऋण मिल सके। इस योजना से किसान साहूकारों पर निर्भर नहीं रहते और खेती की तैयारी बिना रुकावट कर पाते हैं। किसान क्रेडिट कार्ड से खेती-किसानी मजबूत होती है और किसानों की आर्थिक स्थिति बेहतर बनती है।

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