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बिहान योजना से खुली आत्मनिर्भरता की राह: मुर्गीपालन, गौपालन और मेहनत के दम पर कुमुद बाई बनीं सशक्त महिला, गांव की महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा

रायगढ़, 13 मार्च 2026/ कभी घर की चारदीवारी तक सीमित रहने वाली धरमजयगढ़ विकासखंड के ग्राम बांझीआमा की श्रीमती कुमुद बाई आज आत्मनिर्भरता की मिसाल बन गई हैं। शासन की महत्वाकांक्षी बिहान योजना ने उनके जीवन को नई दिशा और नया आत्मविश्वास दिया है। कुमुद बाई सूरज महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ीं। शुरुआत में वे कम पढ़ी-लिखी होने के कारण झिझकती थीं, लेकिन समूह की बैठकों और गतिविधियों में शामिल होते-होते उनका आत्मविश्वास बढ़ने लगा। धीरे-धीरे उन्होंने घर की चौखट पार कर समाज और समूह के साथ कदम मिलाकर चलना शुरू किया। आज वे न केवल स्वयं बैंक जाकर अपने काम पूरे कर लेती हैं, बल्कि समूह की अन्य महिलाओं को भी बैंक से जुड़े कार्यों में मदद करती हैं।
              स्व-सहायता समूह में नियमित बचत और आपसी सहयोग ने कुमुद बाई को आर्थिक रूप से मजबूत बनने की राह दिखाई। उन्होंने 70 हजार रुपये का ऋण लेकर मुर्गीपालन का कार्य शुरू किया। इसके साथ ही उन्होंने लगभग 40 हजार रुपये की लागत से अंडों से चूजे निकालने वाली मशीन खरीदी। इस मशीन में एक बार में करीब 60 अंडे रखे जा सकते हैं, जिनसे निर्धारित समय के बाद चूजे निकलते हैं। इससे उनकी आय में धीरे-धीरे वृद्धि होने लगी और उनके हौसले को नई उड़ान मिली। अपनी मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर कुमुद बाई ने अपनी आजीविका को और मजबूत करने का फैसला किया। इसके लिए उन्होंने एक निजी बैंक से 1 लाख 50 हजार रुपये का ऋण लेकर अच्छी नस्ल की गाय खरीदी। यह गाय प्रतिदिन लगभग 10 से 12 लीटर दूध देती है, जिससे उन्हें नियमित आय प्राप्त होने लगी है।
          आज कुमुद बाई मुर्गीपालन, गौपालन और खेती जैसे कार्यों के माध्यम से अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बना रही हैं। वे अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा और बेहतर भविष्य देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही हैं। कुमुद बाई कहती हैं कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद उनके जीवन में आत्मविश्वास और नई उम्मीद जगी है। घर से निकलकर बैंक तक पहुंचने और स्वयं का रोजगार खड़ा करने तक का यह सफर उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन बिहान के सहयोग और मार्गदर्शन ने इसे संभव बना दिया। आज कुमुद बाई अपने गांव की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं।

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तमनार सीएचसी का कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने किया औचक निरीक्षण, स्वास्थ्य सुविधाओं की ली जानकारी — अतिरिक्त भवन और अधोसंरचना विकास का प्रस्ताव शीघ्र भेजने के निर्देश

रायगढ़, 13 मार्च 2026/ जिले में आम नागरिकों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने आज तमनार स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
        निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने अस्पताल परिसर, उपचार कक्ष, दवा उपलब्धता और मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले मरीजों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने अवगत कराया कि बढ़ती आवश्यकताओं को देखते हुए स्वास्थ्य केंद्र में अतिरिक्त भवन की आवश्यकता है। साथ ही मर्चुरी निर्माण के लिए स्वीकृति भी प्राप्त हो चुकी है। इस पर कलेक्टर ने भवन सहित अन्य आवश्यक अधोसंरचना विकास के लिए शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं को और अधिक सुव्यवस्थित करने तथा मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे, एसडीएम घरघोड़ा श्री दुर्गा प्रसाद अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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तमनार के कायाकल्प की तैयारी तेज, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने किया चौक-चौराहों और बाजार क्षेत्र का निरीक्षण, सौंदर्यीकरण व आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए समग्र कार्ययोजना बनाने के निर्देश

रायगढ़, 13 मार्च 2026/ औद्योगिक दृष्टि से महत्वपूर्ण तमनार को सुव्यवस्थित, आधुनिक और आकर्षक स्वरूप देने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने आज तमनार पहुंचकर नगर के विभिन्न चौक-चौराहों, बाजार क्षेत्र सहित अन्य प्रमुख स्थलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने तमनार के सर्वांगीण विकास के लिए अधिकारियों से चर्चा की। 
           निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने संबंधित एसडीएम को निर्देशित किया कि तमनार को सुंदर, सुव्यवस्थित और आधुनिक स्वरूप में विकसित करने के लिए समग्र कार्ययोजना तैयार की जाए। इसके अंतर्गत प्रमुख चौक-चौराहों के सौंदर्यीकरण, बाजार क्षेत्र के सुव्यवस्थापन तथा आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाए। कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने कहा कि तमनार एक महत्वपूर्ण औद्योगिक नगर है और यहां का व्यवस्थित विकास होने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने अधिकारियों से नगर के विकास कार्यों को योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि तमनार को एक बेहतर और व्यवस्थित नगर के रूप में विकसित किया जा सके। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे, एसडीएम घरघोड़ा श्री दुर्गा प्रसाद अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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जनसमस्याओं के समाधान का बना सशक्त मंच: तमनार में जिला स्तरीय शिविर में उमड़ी भीड़, कलेक्टर ने लिया जायजा — मौके पर ही कई समस्याओं का निराकरण, योजनाओं से लाभान्वित हुए हितग्राही

रायगढ़, 13 मार्च 2026/ तमनार में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर आम नागरिकों के लिए समाधान का प्रभावी मंच बनकर सामने आया। यहां लोग केवल आवेदन लेकर ही नहीं, बल्कि उम्मीद और विश्वास के साथ पहुंचे थे। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारी एक ही मंच पर उपस्थित रहे और आवेदकों की समस्याएं सुनते हुए कई मामलों का मौके पर ही निराकरण किया गया। योजनाओं का लाभ मिलने पर हितग्राहियों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी।
             शिविर में कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी स्वयं पहुंचे और विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त आवेदनों का गंभीरता से परीक्षण कर उनका त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम नागरिकों को शीघ्र राहत मिल सके। शिविर में जिले के विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई और आमजनों से आवेदन प्राप्त किए गए। बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याओं के समाधान और विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए शिविर में पहुंचे। कई मामलों में मौके पर ही निराकरण कर हितग्राहियों को राहत प्रदान की गई।
            स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार संवेदनशीलता के साथ जनता की समस्याओं के समाधान के लिए कार्य कर रही है। महिलाओं, युवाओं और समाज के सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिला स्तरीय शिविर में सभी विभागों के अधिकारी एक ही मंच पर उपस्थित रहते हैं, जिससे कई ऐसे कार्य जो सामान्यतः जिला मुख्यालय जाकर कराने पड़ते हैं, वे यहीं आसानी से संपन्न हो जाते हैं। उन्होंने लोगों से शिविर का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।
             शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा हितग्राहियों को योजनाओं से लाभान्वित किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 5 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड प्रदान किए गए। मत्स्य विभाग द्वारा 2 हितग्राहियों को मछली पकड़ने के जाल तथा 2 हितग्राहियों को आइस बॉक्स वितरित किए गए। कृषि विभाग द्वारा 6 हितग्राहियों को जैविक कीटनाशक और मृदा हेल्थ कार्ड प्रदान किए गए। जनपद पंचायत तमनार द्वारा 11 हितग्राहियों को राशन कार्ड, 7 हितग्राहियों को पेंशन प्रमाण पत्र तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को आवास की चाबी प्रदान की गई। उद्यान विभाग द्वारा 5 हितग्राहियों को पौधों का वितरण किया गया। इसी प्रकार महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 25 हितग्राहियों को अन्नप्राशन, पोषण किट, गोद भराई तथा नोनी सुरक्षा योजना से लाभान्वित किया गया। समाज कल्याण विभाग द्वारा 3 हितग्राहियों को छड़ी तथा श्रम विभाग द्वारा श्रम कार्ड एवं अपेक्स बैंक की ओर से किसानों को केसीसी कार्ड एवं केसीसी चेक वितरित किए गए।
             शिविर में योजनाओं का लाभ मिलने पर हितग्राहियों ने खुशी जाहिर की। हितग्राही श्रीमती सविता सिदार ने मछली पकड़ने का जाल प्राप्त होने पर कहा कि पहले मत्स्य व्यवसाय में काफी कठिनाई होती थी, लेकिन अब जाल मिलने से उनके काम में सहूलियत होगी। हितग्राही श्री हरिशंकर साहू ने पेंशन प्रमाण पत्र मिलने पर शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। वहीं हितग्राही समारू राम ने कहा कि उन्हें मिली छड़ी उनके लिए सहारा बनेगी। शिविर के दौरान आमजनों में उत्साह का माहौल दिखाई दिया। विभिन्न विभागों के स्टॉलों पर नए आवेदनों का पंजीयन किया गया। स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल में स्वास्थ्य जांच के साथ दवाइयों का वितरण भी किया गया।
            इस अवसर पर जनपद पंचायत तमनार अध्यक्ष श्री जगेश्वर सिदार, श्री सत्यानंद राठिया, श्री रमेश चंद्र बेहरा, श्री सतीश बेहरा, श्री जतिंद्र साव सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे, एसडीएम घरघोड़ा श्री दुर्गा प्रसाद अधिकारी सहित जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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पीएम आवास योजना में भारी लापरवाही का मामला उजागर: 200 से ज्यादा हितग्राहियों को राशि मिलने के बावजूद निर्माण ठप, दो पंचायत सचिवों को कारण बताओ नोटिस

रायगढ़, 13 मार्च 2026/ प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने के मामले में सीईओ जिला पंचायत के निर्देश पर जनपद पंचायत लैलूंगा के ग्राम पंचायत चिराईखार के पंचायत सचिव श्री श्याम लाल सिदार एवं ग्राम पंचायत बैस्कीमुड़ा के पंचायत सचिव श्री अशोक कुमार पटेल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
 प्राप्त जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में ग्राम पंचायत वैस्कीमुड़ा में कुल 131 आवास स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से 128 हितग्राहियों को प्रथम किश्त की राशि प्राप्त हो चुकी है। इसके बावजूद अब तक केवल 02 आवास ही पूर्ण हो पाए हैं, जबकि 38 आवास प्लिंथ लेवल तक पहुंचे हैं और 82 आवासों का निर्माण अभी तक प्रारंभ भी नहीं कराया गया है। इसी प्रकार ग्राम पंचायत चिराईखार में 113 आवास स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से 107 हितग्राहियों को प्रथम किश्त की राशि मिल चुकी है। इसके बावजूद अब तक एक भी आवास पूर्ण नहीं हुआ है, 16 आवास प्लिंथ लेवल तक हैं और 87 आवासों का निर्माण कार्य शुरू ही नहीं कराया गया है। अधूरे और अप्रारंभ आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने के लिए संबंधितों को कई बार निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई। निरीक्षण के दौरान उच्चाधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार करने और अपने पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरतने के कारण प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है।
            इस संबंध में पंचायत सेवा (आचरण) नियम 1998 के नियम 3 के उपनियम (1) (एक), (दो) एवं (तीन) के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में निर्देश दिए गए हैं कि प्राप्ति के तीन दिवस के भीतर  अपना लिखित एवं सप्रमाण स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। निर्धारित समय-सीमा में जवाब प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में एकपक्षीय अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने की चेतावनी भी दी गई है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायत सचिव की होगी।

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प्राकृतिक धरोहर को मिलेगा नया पहचान: केलो नदी का उद्गम स्थल पहाड़ लुड़ेग बनेगा पर्यटन आकर्षण, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने ग्रामीणों से चर्चा कर विकास की संभावनाएं परखी, खम्हार पाकुट जलाशय के तट को संवारने के निर्देश

रायगढ़, 13 मार्च 2026।कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने लैलूंगा विकासखंड अंतर्गत केलो नदी के उद्गम स्थल पहाड़ लुड़ेग तथा खम्हार पाकुट जलाशय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन संभावनाओं का अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
      ग्राम पहाड़ लुड़ेग में केलो नदी के उद्गम स्थल के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने स्थानीय ग्रामीणों से चर्चा कर नदी के इतिहास और उद्गम स्थल से जुड़ी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यह स्थल प्राकृतिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए इसे सुरक्षित और संरक्षित रखने के साथ-साथ पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। ग्रामीणों की मांग पर कलेक्टर ने लैलूंगा से पहाड़ लुड़ेग तक सड़क निर्माण की आवश्यकता पर भी विचार करने का आश्वासन दिया। साथ ही ग्राम पंचायत पहाड़ लुड़ेग को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने के संबंध में भी सकारात्मक पहल का भरोसा दिलाया। कलेक्टर ने ग्रामीणों से अपेक्षा की कि केलो नदी के उद्गम स्थल को सुरक्षित और संरक्षित बनाए रखने में वे सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि गांव के समग्र विकास और उद्गम स्थल के संरक्षण के लिए ग्रामीण अपने सुझाव 15 दिनों के भीतर प्रशासन को उपलब्ध कराएं, ताकि उन्हें आगामी योजनाओं में शामिल किया जा सके।

*खम्हार पाकुट जलाशय में मत्स्य पालन कार्य की सराहना*

     कलेक्टर ने ग्राम पंचायत जाम बहार स्थित खम्हार पाकुट जलाशय योजना का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जल संसाधन संभाग धरमजयगढ़ के कार्यपालन अभियंता तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों से निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान खम्हार पाकुट जलाशय में आदिवासी मत्स्य समिति लैलूंगा द्वारा किए जा रहे मछली पालन कार्य की सराहना करते हुए उत्पादन को और बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने खम्हार पाकुट जलाशय के तटीय क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए सौंदर्यीकरण की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। इसके लिए किसी आर्किटेक्ट के माध्यम से विस्तृत ब्लूप्रिंट तैयार कराने हेतु जल संसाधन संभाग धरमजयगढ़ के कार्यपालन अभियंता को निर्देशित किया गया, ताकि भविष्य में इस क्षेत्र को आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सके।

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ऑपरेशन आघात” के तहत रायगढ़ पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई, स्कूटी में छिपाकर लाई जा रही शराब पकड़ी गई, गांवों में बन रही महुआ शराब भी जब्त

रायगढ़, 13 मार्च 2026 । 
एसएसपी रायगढ़ श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन में चलाए जा रहे *“ऑपरेशन आघात”* के तहत दिनांक 12 मार्च 2026 को  थाना कोतवाली और कोतरारोड क्षेत्र में अवैध शराब के खिलाफ तीन अलग-अलग कार्रवाई की गई।

       कोतवाली पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि सफेद रंग की एक्टिवा क्रमांक CG 13 BD 9337 में दो व्यक्ति अवैध शराब लेकर स्टेशन की ओर से कालीबाड़ी की तरफ आ रहे हैं। सूचना पर कालीबाड़ी मस्जिद के पास घेराबंदी कर वाहन को रोका गया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम *लोचन निषाद पिता शंकर निषाद उम्र 23 वर्ष तथा कमलेश महिष पिता दलगंजन महिष उम्र 23 वर्ष*, दोनों निवासी ग्राम धनागर जिला रायगढ़ बताया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से *34 पाव देशी प्लेन शराब, 20 पाव अंग्रेजी शराब (कुल 54 पाव लगभग 9.720 बल्क लीटर) तथा शराब परिवहन में प्रयुक्त होंडा एक्टिवा वाहन* जप्त किया गया। दोनों आरोपियों को आबकारी एक्ट की कार्यवाही में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

       इसी दिन प्रशिक्षु डीएसपी श्री अजय नागवंशी और थाना प्रभारी कमला पुसाम ठाकुर के नेतृत्व में थाना कोतरारोड पुलिस ने ग्राम *कलमी* में सूचना के आधार पर रोहित कुमार सतनामी के घर दबिश दी। आरोपी *रोहित कुमार सतनामी पिता स्व. मोहन सतनामी उम्र 40 वर्ष निवासी ग्राम कलमी* के कब्जे से *करीब 7 लीटर हाथ भट्टी से बनी कच्ची महुआ शराब* जप्त की गई। आरोपी के विरुद्ध धारा 34(2), 59(क) आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।

        वहीं दूसरी कार्रवाई में कोतरारोड पुलिस ने *लिटाईपाली तिराहा* में घेराबंदी कर पैदल अवैध शराब परिवहन करते *नन्दू रात्रे पिता संतराम रात्रे उम्र 36 वर्ष निवासी ग्राम लिटाईपाली* को पकड़ा। आरोपी के पास से *करीब 6 लीटर कच्ची महुआ शराब* जप्त की गई। आरोपी के विरुद्ध आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई कर उसे न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश —*

*“रायगढ़ जिले में अवैध शराब के कारोबार को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऑपरेशन आघात के तहत अवैध शराब और अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।”*

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बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत : मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना लागू,-लंबित बिजली बिल के मूल राशि व अधिभार में भारी छूट के साथ किस्तों में भुगतान की सुविधा

जशपुरनगर 13 मार्च 2026/ छत्तीसगढ़ शासन ने राज्य के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना–2026 लागू किया हैं। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा संचालित इस योजना के तहत बी.पी.एल., घरेलू तथा कृषि श्रेणी के बकायादार उपभोक्ताओं को बिजली बिल की मूल राशि और अधिभार (सरचार्ज) में विशेष छूट प्रदान की जा रही है। यह योजना 30 जून 2026 तक प्रभावी रहेगी। योजना का उद्देश्य लंबे समय से लंबित बिजली बिलों का समाधान करना तथा उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत प्रदान करना है। योजना के माध्यम से उपभोक्ताओं को सरचार्ज में 100 प्रतिशत तक छूट तथा मूल बकाया राशि में भी श्रेणी के अनुसार राहत दी जाएगी, जिससे वे आसानी से अपने बकाया बिजली बिल का भुगतान कर सकें।

*निष्क्रिय उपभोक्ताओं को विशेष राहत* - 

योजना में उन उपभोक्ताओं को भी राहत दी गई है जिनका बिजली कनेक्शन 31 मार्च 2023 से पूर्व कट चुका है। बीपीएल उपभोक्ताओं को मूल राशि में 75 प्रतिशत तथा अधिभार में 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी। घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं को मूल राशि में 50 प्रतिशत तथा अधिभार में 100 प्रतिशत छूट मिलेगी।


*सक्रिय उपभोक्ताओं को भी मिलेगा लाभ* - 

जिन उपभोक्ताओं का कनेक्शन वर्तमान में चालू है, उन्हें भी योजना के तहत राहत प्रदान की जाएगी। सक्रिय बीपीएल उपभोक्ता यदि 5 वर्ष से अधिक पुराने बकाया का भुगतान करते हैं तो उन्हें मूल राशि में 75 प्रतिशत छूट, जबकि 1 से 5 वर्ष के बकाया पर 50 प्रतिशत छूट मिलेगी। अधिभार में 100 प्रतिशत छूट प्रदान की जाएगी। सक्रिय घरेलू एवं कृषि उपभोक्ता एकमुश्त भुगतान करने पर मूल राशि में 10 प्रतिशत छूट, जबकि किस्तों में भुगतान करने पर 5 प्रतिशत तक छूट प्राप्त कर सकेंगे। इन श्रेणियों को भी अधिभार में 100 प्रतिशत छूट मिलेगी।


*किस्तों में भुगतान की सुविधा* -

योजना के तहत सक्रिय उपभोक्ताओं को छूट के बाद बची राशि का भुगतान आसान किस्तों में करने की सुविधा दी गई है। बीपीएल उपभोक्ता बकाया राशि के अनुसार 40 से 60 किस्तों में भुगतान कर सकते हैं। घरेलू एवं कृषि उपभोक्ता एकमुश्त भुगतान के अलावा तीन या छह मासिक किस्तों में भी राशि जमा कर सकते हैं।


*मोर बिजली ऐप से आसान पंजीकरण*-

निष्क्रिय उपभोक्ताओं को इस योजना का लाभ लेने के लिए अलग से पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्हें सिस्टम के माध्यम से स्वतः लाभ मिल जाएगा। वहीं सक्रिय उपभोक्ताओं को मोर बिजली ऐप के माध्यम से या नजदीकी वितरण केंद्र, उपसंभाग कार्यालय में जाकर ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण के समय सक्रिय घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं को बकाया राशि का न्यूनतम 10 प्रतिशत भुगतान करना होगा।

*विशेष प्रावधान और सावधानियां* -

विद्युत विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिजली चोरी या अनधिकृत उपयोग से संबंधित मामलों में दर्ज प्रकरणों पर यह योजना लागू नहीं होगी। बिजली अधिनियम की धारा 126, 135 और 138 के अंतर्गत दर्ज मामलों वाले उपभोक्ता योजना के पात्र नहीं होंगे। यदि कोई उपभोक्ता लगातार तीन माह तक किस्त जमा नहीं करता है, तो उसे योजना से बाहर कर दिया जाएगा और दी गई छूट वापस ले ली जाएगी।

 *बिल सुधार का 15 दिन में निराकरण* -

विभाग ने यह भी निर्देश दिए हैं कि बिजली बिल से संबंधित सुधार के आवेदनों का निराकरण अधिकतम 15 दिनों के भीतर किया जाएगा। साथ ही उपभोक्ताओं को योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित करने वाले मीटर रीडरों को विशेष प्रोत्साहन राशि देने का भी प्रावधान किया गया है। विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि बिजली बिल का भुगतान केवल विभाग के कैश काउंटर, एटीपी मशीन या मोर बिजली ऐप के माध्यम से ही करें। किसी भी संदिग्ध लिंक या अनधिकृत माध्यम से भुगतान न करें। विद्युत वितरण कंपनी ने सभी पात्र उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना–2026 का अधिक से अधिक लाभ उठाकर अपने लंबित बिजली बिलों का निराकरण करें और शासन द्वारा दी जा रही राहत का लाभ प्राप्त करें।

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कुनकुरी में भाजपा का दो दिवसीय वैचारिक प्रशिक्षण शिविर, संगठन विस्तार और सरकार की योजनाओं पर कार्यकर्ताओं को मिला मार्गदर्शन

नारायणपुर, 13 मार्च 2026:  भारतीय जनता पार्टी जिला जशपुर के तत्वावधान में पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान 2026 के अंतर्गत कुनकुरी ग्रामीण मंडल द्वारा दो दिवसीय मंडल प्रशिक्षण वर्ग का आयोजन अग्रसेन भवन कुनकुरी में 12 एवं 13 मार्च को आयोजित किया गया। प्रशिक्षण वर्ग के पहले दिन 12 मार्च को कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता शामिल हुए।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा जिला अध्यक्ष भरत सिंह तथा जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक तरीके से अतिथियों के स्वागत, ध्वजारोहण, दीप प्रज्वलन और वंदे मातरम् राज्य गीत के साथ हुई। इसके बाद उपस्थित अतिथियों और कार्यकर्ताओं का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम का वातावरण पूरी तरह संगठनात्मक ऊर्जा और वैचारिक चर्चा से परिपूर्ण रहा, जहां कार्यकर्ताओं को पार्टी की नीतियों, विचारधारा और संगठनात्मक कार्यशैली से अवगत कराया गया।

प्रशिक्षण वर्ग के विभिन्न सत्रों में विषय विशेषज्ञों ने अलग-अलग विषयों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया। प्रथम सत्र में वैचारिक अधिष्ठान विषय पर शंभूनाथ चक्रवर्ती ने पार्टी की मूल विचारधारा, पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय दर्शन तथा संगठन के मूल सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए कार्यकर्ताओं को वैचारिक रूप से मजबूत बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य केवल राजनीतिक सफलता नहीं बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और सेवा का संदेश पहुंचाना है।

द्वितीय सत्र में ओमप्रकाश सिन्हा ने संगठनात्मक विस्तार और कार्य की दृष्टि विषय पर संबोधन देते हुए कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत बनाने, नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने और जनसंपर्क को बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि मजबूत संगठन ही किसी भी राजनीतिक दल की असली ताकत होता है और भाजपा की ताकत उसके समर्पित कार्यकर्ता हैं।

तृतीय सत्र में उपेंद्र यादव ने कार्यपद्धति (कार्यकर्ता संबंध) विषय पर विस्तार से जानकारी देते हुए संगठन में अनुशासन, समन्वय और आपसी सहयोग के महत्व को बताया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर संवाद और समर्पण की भावना से ही संगठन को मजबूत बनाया जा सकता है।

चतुर्थ सत्र में देवधन नायक ने प्रदेश और केंद्र सरकार की उपलब्धियों तथा जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए कार्यकर्ताओं से इन योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किसानों, महिलाओं, युवाओं और गरीब वर्ग के हित में अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना संगठन की जिम्मेदारी है।

प्रशिक्षण वर्ग में पिछड़ा मोर्चा जिला अध्यक्ष अनूप नारायण सिंह, जिला मंत्री संतोष सहाय, श्रीनायक मिश्रा, जनपद अध्यक्ष सुशीला साय, उपाध्यक्ष बालेश्वर यादव, जिला पंचायत सदस्य अनीता सिंह तथा मलिता बाई की भी विशेष उपस्थिति रही। इसके अलावा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष उमेश यादव, शहर मंडल अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, मंडल महामंत्री शंकर यादव और शिवशंकर सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ कार्यकर्ता, युवा मोर्चा के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता कार्यक्रम में मौजूद रहे।

दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग के दौरान कार्यकर्ताओं को पार्टी की विचारधारा, संगठन विस्तार, कार्यशैली और सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं ने संगठन को और अधिक मजबूत बनाने तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक पार्टी की नीतियों और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को पहुंचाने का संकल्प लिया। प्रशिक्षण वर्ग के आयोजन से कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा और उत्साह देखने को मिला तथा इसे संगठन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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ऑपरेशन आघात” का जोरदार प्रहार : पुलिस की ताबड़तोड़ रेड में 35 लीटर महुआ शराब जब्त, इन थाने क्षेत्र से तीन आरोपी गिरफ्तार

 12 मार्च, 2026-रायगढ़ । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन पर जिले में चलाए जा रहे “ऑपरेशन आघात” के तहत अवैध शराब के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में थाना पुसौर और थाना पूंजीपथरा क्षेत्र में पुलिस द्वारा अलग-अलग स्थानों पर रेड कार्रवाई कर अवैध महुआ शराब जब्त की गई है।

ग्राम टिभाउडीह में पूंजीपथरा की शराब रेड, 15 लीटर महुआ शराब के साथ आरोपी गिरफ्तार

         वहीं थाना पूंजीपथरा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि  *ग्राम टिभाउडीह निवासी महेश राम बंजारा पिता ननकीराम बंजारा उम्र 36 वर्ष* अपने घर आंगन में अवैध रूप से महुआ शराब बिक्री के लिए रखे हुए है। सूचना पर पुलिस द्वारा मौके पर रेड कार्रवाई कर आरोपी के कब्जे से करीब 15 लीटर कच्ची महुआ शराब बरामद की गई। आरोपी द्वारा शराब रखने का कोई वैध परमिट प्रस्तुत नहीं करने पर शराब को जब्त कर उसके विरुद्ध धारा 34(2), 59(क) आबकारी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।

पुसौर पुलिस की ग्राम बरदापुटी और बासनपाली में कार्रवाई

             कल दिनांक 11.03.2026 को पुसौर पुलिस की टीम देहात भ्रमण एवं माइनर एक्ट कार्रवाई के दौरान ग्राम बरदापुटी में मुखबिर से सूचना मिलने पर घेराबंदी कर कार्रवाई की गई। मौके पर *श्याम सुंदर सिदार पिता नत्थुराम सिदार उम्र 40 वर्ष निवासी ग्राम बरदापुटी थाना पुसौर जिला रायगढ़* के कब्जे से करीब 10 लीटर कच्ची महुआ शराब बरामद की गई। आरोपी द्वारा शराब रखने का कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर उक्त शराब जब्त कर वैधानिक कार्रवाई की गई।

               इसी प्रकार पुसौर पुलिस ने ग्राम बासनपाली में रेड कार्रवाई करते हुए *रामलाल सतनामी पिता अमरदास सतनामी उम्र 45 वर्ष निवासी बासनपाली थाना पुसौर जिला रायगढ़* के कब्जे से करीब 10 लीटर कच्ची महुआ शराब जब्त की। आरोपी द्वारा अवैध रूप से शराब बिक्री के लिए रखी गई उक्त शराब को जब्त कर उसके विरुद्ध धारा 34(2), 59(क) आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।

तीनों कार्रवाइयों में पुलिस द्वारा कुल 35 लीटर कच्ची महुआ शराब जब्त की गई है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश —

            *“जिले में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री पर रायगढ़ पुलिस की कड़ी नजर है। ‘ऑपरेशन आघात’ के तहत ऐसे अवैध कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।”*

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“हर नागरिक को बेहतर इलाज का भरोसा, कैशलेस इलाज से लेकर नए मेडिकल कॉलेज तक… स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव” : स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल

मैं जीवन की रक्षा का संकल्प लेकर, सेवा का दीप जलाने आया हूँ: स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल

SANKALP पर आधारित होंगी राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं, इस प्रदेश का हर जन स्वस्थ रहे, यही है सरकार का उद्देश्य: स्वास्थ्य मंत्री

राज्य में शासकीय कर्मचारियों को कैशलेस इलाज सुविधा के लिए बजट मेें 100 करोड़ रूपए का प्रावधान 

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के विभागों के लिए 6 हजार 976 करोड़ रुपये से अधिक की अनुदान मांगें पारित

रायपुर में बनेगा मध्य भारत का सबसे बड़ा इंटीग्रेटेड खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला, बजट में 95 करोड़ रूपए का प्रावधान  

शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में छात्रावास निर्माण के लिए 83 करोड़ रूपए से अधिक का प्रावधान

नवीन पांच शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों के लिए 1,240 पद तथा संबंधित चिकित्सालयों के लिए 500 पदों का प्रावधान

मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना के अंतर्गत पिछड़ा के विद्यार्थियों को मिलेगी निःशुल्क आवासीय सुविधाएं, बिलासपुर में खुलेगा 500 सीटर कन्या प्रयास आवासीय विद्यालय

रायपुर, 12 मार्च 2026/  छत्तीसगढ़ विधानसभा में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा तथा अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग के मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 6976 करोड़ 54 लाख रुपये से अधिक की अनुदान मांगें पारित हो गई है। 

      अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए विभागीय मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं SANKALP पर आधारित होंगीं। इसमें S-Strengthened Institutions (सशक्त संस्थान), A-Academic Excellence   (उत्कृष्ट अकादमिक गुणवत्ता), N-Next Generation Research  (नवोन्मेषी अनुसंधान), K-Knowledge & Clinical Competency  (कौशल एवं क्लीनिकल दक्षता), A-Advance Medical Facilities (आधुनिक चिकित्सा सुविधा), L-Life Saving Infrasturcture (जीवन रक्षक अधोसंरचना) तथा P-Professional & Transparent Governance (पारदर्शी प्रबंधन एवं प्रौद्योगिकी) शामिल हैं। 

            स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब प्रस्तुत करते हुए प्रदेश के सभी शासकीय अधिकारियोें- कर्मचारियों के लिए कैशलेस इलाज की योजना शुरू करने की बात कही। इसके लिए बजट में 100 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। 

      मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि इस प्रदेश का हर जन स्वस्थ रहे। प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों तक भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा सकें। उन्होंने बताया कि गंभीर बीमारियों के उपचार को सुलभ बनाने के लिए प्रदेश में 25 नए डायलिसिस केंद्र स्थापित किए जाएंगे। साथ ही आम नागरिकों को सस्ती दवाईयां उपलब्ध कराने के लिए 50 जन औषधि केंद्रों का विस्तार किया जाएगा।

         मंत्री ने बताया कि पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रायपुर में प्रदेश का पहला होम्योपैथी कॉलेज स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा बिलासपुर में स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट की स्थापना की जाएगी, जिससे कैंसर मरीजों को अत्याधुनिक उपचार सुविधा प्रदेश में ही उपलब्ध हो सकेगी।

         मंत्री श्री जायसवाल ने बताया कि रायपुर में मध्य भारत का अत्याधुनिक कार्डियक इंस्टीट्यूट स्थापित करने की योजना है। यह संस्थान प्रदेश के नागरिकों को उच्च स्तरीय हृदय उपचार की सुविधा प्रदान करेेगा। वहीं सत्य साईं संजीवनी अस्पताल में अधोसंरचना विकास के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे बाल हृदय उपचार सेवाओं को और अधिक मजबूत एवं व्यापक बनाया जा सकेगा। 

    स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि अंबिकापुर और धमतरी में जिला अस्पतालों के नए भवन बनाए जाएंगे। इसके अलावा रायपुर के कालीबाड़ी क्षेत्र में 200 बिस्तरों वाला मातृ एवं शिशु चिकित्सालय तथा चिरमिरी में नया जिला अस्पताल बनाया जाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मानव संसाधन को मजबूत करने के उद्देश्य से दुर्ग, कोंडागांव, जशपुर और रायपुर में जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

           मंत्री ने बताया कि रायपुर में मध्य भारत के सबसे आधुनिक इंटीग्रेटेड खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला के लिए 95 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस प्रयोगशाला के शुरू होने से राज्य को दिल्ली जैसे महानगरों पर निर्भरता खत्म हो जाएगी एवं छत्तीसगढ़ के साथ अन्य सीमावर्ती राज्यों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधाएं मिल सकेेंगी। 

          चर्चा के दौरान श्री जायसवाल ने कहा कि राज्य में शीघ्र ही एम्बुलेंस की कमी दूर होगी। राज्य के सभी जिलों के लिए 300 नए एम्बुलेंस के लिए टेण्डर प्रक्रियाधीन है। इसके अतिरिक्त वेंटीलेटर युक्त 70 अत्याधुनिक एम्बुलेंस तथा नवजात शिशुओं के लिए सर्वसुविधाजनक 10 अन्य एम्बुलेंस क्रय करने की प्रक्रिया भी शीघ्र ही पूर्ण कर ली जाएगी। 

*चिकित्सा शिक्षा विभाग*

         चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026- 27 के लिए संचालनालय चिकित्सा शिक्षा हेतु 2 हजार करोड़ रुपये से अधिक का बजट प्रावधान किया गया है। नवीन पांच शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों (दंतेवाड़ा, मनेन्द्रगढ़, जशपुर, जांजगीर-चांपा और कबीरधाम) के लिए 1,240 पद तथा संबंधित चिकित्सालयों के लिए 500 पदों का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय रायपुर के ट्रामा सेंटर भवन निर्माण केे लिए भी बजट का प्रावधान किया गया है। चिकित्सा महाविद्यालयों और संबद्ध अस्पतालों में उपकरणों की खरीदी के लिए 50 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान रखा गया है।

       स्वास्थ्य मंत्री ने चर्चा में कहा कि राज्य के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में छात्रावास निर्माण के लिए बजट में 83 करोड़ रूपए से अधिक का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, अम्बिकापुर तथा जगदलपुर शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में छात्रावास का निर्माण किया जाएगा। 

*आयुष विभाग*

           मंत्री श्री जायसवाल ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आयुष विभाग के तहत 544 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। औषधियों के लिए 25.73 करोड़ रुपये तथा उपकरणों के लिए 4.16 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

        जनभागीदारी के माध्यम से 7 आयुर्वेद चिकित्सालय, 13 आयुष पॉलीक्लिनिक और 692 आयुष औषधालयों के उन्नयन के लिए भी बजट रखा गया है। रायपुर स्थित शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय परिसर में छात्रावास और सेमीनार हॉल का निर्माण किया जाएगा।

*अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग*

         मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समाज के पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्गों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस विभाग के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं के लिए मांग संख्या 66 के तहत कुल 251 करोड़ 68 लाख 38 हजार रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। 

        चर्चा का जवाब देते हुए श्री जायसवाल ने राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना शुरू करने की बात कही। इस योजना के अंतर्गत पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को निःशुल्क शैक्षणिक एवं आवासीय सुविधाएं मिलेंगी। इसके साथ ही पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए बिलासपुर में 500 सीटर कन्या प्रयास आवासीय विद्यालय, रायपुर में 200 सीटर पोेस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास, रायगढ़ में 100 सीटर पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास, मनेन्द्रगढ़ में 100 सीटर पोेस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास एवं जशपुर में 50 सीटर प्री-मैट्रिक बालक एवं बालिका छात्रावास का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए बजट में 20 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। 

           चर्चा के दौरान श्री जायसवाल ने जानकारी देते हुए कहा कि पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग के विद्यार्थियों के सपनों को उड़ान देने के लिए सीजी असिस्टेंस फॉर कम्पेटेटिव एक्जामिनेशन (CG-ACE) योजना के अंतर्गत उड़ान, शिखर तथा मंजिल योजना की शुरूआत की जाएगी। बजट में इसके लिए 9 करोड़ 63 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। 
 
      बजट चर्चा में नेता प्रतिपक्ष 
डॉ. चरण दास महंत,विधायक सर्वश्री धर्मजीत सिंह, दलेश्वर साहू, ईश्वर साहू, प्रणव मरपच्ची, आशाराम नेताम, प्रमोद मिंज, अनुज शर्मा, पुन्नूलाल मोहले, राघवेन्द्र कुमार सिंह, कुंवर सिंह निषाद, लखेश्वर बघेल, भोलाराम साहू, दिपेश साहू, प्रेमचंद पटेल, विनायक गोयल, रोहित साहू, रामकुमार यादव, व्यास कश्यप, सुशांत शुक्ला,  श्रीमती संगीता सिन्हा, श्रीमती उद्धेश्वरी पैकरा, श्रीमती सावित्री मंडावी, श्रीमती उत्तरी जांगड़े, श्रीमती अंबिका मरकाम सहित श्रीमती यशोदा वर्मा शामिल रहे।

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पीएम किसान उत्सव कल: गुवाहाटी से किसानों के खातों में बरसेगी सम्मान निधि, छत्तीसगढ़ के 24.71 लाख किसानों को मिलेंगे 498.83 करोड़ रुपए

 रायपुर, 12 मार्च 2026/ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 13 मार्च को असम राज्य के गुवाहाटी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान देश के करीब 9.32 करोड़ किसानों के खातों में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22 वीं किस्त की राशि 18 हज़ार 650 करोड़ रुपये का अंतरण करेंगे। इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम से छत्तीसगढ राज्य के 24 लाख 71 हजार 498 किसानों के खाते में  498.83 करोड़ रूपए की राशि भेजी जाएगी। इस योजना के तहत छत्तीसगढ राज्य के 2 लाख 92 हजार वन पट्टाधारी और 37 हजार 400 विशेष पिछड़ी जनजाति किसानों को भी लाभान्वित किया जा रहा है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के लाखों किसान सहित जनप्रतिनिधिगण राजधानी रायपुर स्थित स्वामी विवेकानंद, कृषि महाविद्यालय जोरा रायपुर से जुड़ेंगे। 

     कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पी एम किसान उत्सव के तहत विभिन्न ग्राम पंचायतों में किसान बैठकों का आयोजन किया जाएगा और प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी कराया जाएगा, ताकि किसान सीधे इस कार्यक्रम से जुड़ सकें। 

     गौरतलब है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री द्वारा की गई थी, जिसके अंतर्गत ’’पहली किश्त फरवरी 2019 में किसानों के खातों में जारी की गई थी’’। योजना प्रारंभ होने से लेकर अब तक प्रदेश के किसानों को ’’कुल 11 हजार 283 करोड़ 09 लाख रुपये’’ की राशि प्रदान की जा चुकी है, जिससे लाखों किसान परिवार लाभान्वित हुए हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत राज्य शासन द्वारा ’’2 लाख 92 हजार वन पट्टाधारी किसानों’’ तथा ’’37 हजार 400 विशेष रूप से पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी) के किसानों’’ को भी योजना में पंजीयन कर लाभान्वित किया जा रहा है। 

       विशेष रूप से पिछड़ी जनजाति के किसानों को योजना का लाभ प्रदान करने के लिए ’’कृषि भूमि की अनिवार्यता को शिथिल किया गया है’’। योजनांतर्गत सभी ’’एकल एवं संयुक्त खाता धारक किसान परिवार’’, जिनके नाम भू- अभिलेख के रिकार्ड में दर्ज हैं, योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

       प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के संबंध में कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि देश के कृषक परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से यह योजना ’’दिसम्बर 2018 से लागू की गई है’’। यह योजना ’’भारत सरकार द्वारा शत-प्रतिशत वित्त पोषित’’ है। इसके अंतर्गत पात्र किसान परिवारों को ’’प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये की सहायता राशि’’ प्रदान की जाती है, जिसे ’’2-2 हजार रुपये की तीन समान किश्तों में प्रत्येक चार माह के अंतराल पर डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में हस्तांतरित किया जाता है’’। योजना का लाभ सभी वर्ग एवं श्रेणी के उन किसानों को दिया जाता है जिनका नाम भू- अभिलेख में दर्ज है। योजनांतर्गत ’’सभी एकल एवं संयुक्त खाता धारक किसान परिवार’’, जिनके नाम भू-अभिलेख में दर्ज हैं, ’’वन अधिकार पट्टाधारी किसान’’ तथा ’’विशेष रूप से पिछड़ी जनजाति के किसान’’ लाभ प्राप्त करने के पात्र हैं।

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टेट अनिवार्यता के खिलाफ प्रदेशभर के शिक्षक संगठनों का मोर्चा, 15 मार्च को राजधानी रायपुर में होगी बड़ी रणनीतिक बैठक

रायपुर, 12 मार्च।
शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता को लेकर उठी चर्चाओं ने प्रदेश सहित देशभर के शिक्षकों में चिंता बढ़ा दी है। इस मुद्दे को लेकर अब शिक्षक संगठनों ने खुलकर विरोध की तैयारी शुरू कर दी है। प्रदेश के विभिन्न शिक्षक संगठन इस विषय पर एकजुट होते नजर आ रहे हैं और आने वाले दिनों में आंदोलन की रणनीति तैयार करने की कवायद तेज हो गई है

इस संबंध में केदार जैन, मनीष मिश्रा, रविन्द्र राठौर और जाकेश साहू ने संयुक्त रूप जानकारी देते हुए बताया कि, हाल ही में इस विषय को लेकर देश की राजधानी नई दिल्ली में देशभर के विभिन्न राज्यों के शिक्षक संगठनों एवं प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में टीईटी की अनिवार्यता से उत्पन्न संभावित समस्याओं और इसके प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में छत्तीसगढ़ प्रदेश की ओर से शिक्षक एवं कर्मचारी नेता केदार जैन, मनीष मिश्रा और रविन्द्र राठौर ने भाग लिया और प्रदेश के शिक्षकों की चिंताओं को राष्ट्रीय स्तर पर रखा।

इसी क्रम में अब छत्तीसगढ़ में भी इस विषय पर व्यापक चर्चा और आंदोलन की भावी रणनीति तय करने के लिए आगामी 15 मार्च को राजधानी रायपुर में एक बड़ी बैठक आयोजित की जा रही है। इस बैठक में प्रदेश के सभी शैक्षिक संगठनों के प्रदेश अध्यक्ष, जिलाध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष, प्रदेश, जिला एवं ब्लॉक स्तर के पदाधिकारी सहित टीईटी से प्रभावित शिक्षकों को आमंत्रित किया गया है।

बैठक के संबंध में जानकारी देते हुए टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष केदार जैन, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश संयोजक मनीष मिश्रा, प्रदेश अध्यक्ष रविन्द्र राठौर तथा छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू ने प्रदेश के सभी शैक्षिक संगठनों के प्रांताध्यक्षों, पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों से इस बैठक में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।

शिक्षक नेताओं का कहना है कि यदि टीईटी की अनिवार्यता लागू की जाती है तो इसका सीधा प्रभाव प्रदेश के हजारों शिक्षकों पर पड़ेगा। अनुमान के अनुसार छत्तीसगढ़ प्रदेश के लगभग 80 हजार शिक्षक तथा देशभर के करीब 20 लाख से अधिक शिक्षक इससे प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में शिक्षकों के भविष्य और सेवा सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई जा रही है।

बताया गया कि यह महत्वपूर्ण बैठक रविवार 15 मार्च को दोपहर 12 बजे राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित छत्तीसगढ़ राजपत्रित कर्मचारी अधिकारी संघ कार्यालय में आयोजित की जाएगी। बैठक में टीईटी अनिवार्यता के मुद्दे पर आगे की रणनीति, संभावित आंदोलन और संयुक्त कार्रवाई को लेकर चर्चा की जाएगी।

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जवाफूल की खेती से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ीं शिला पैकरा,3 एकड़ में की खेती, 30 क्विंटल उत्पादन से मिली अच्छी आमदनी

रायगढ़, 12 मार्च 2026/ लैलूंगा विकासखंड के ग्राम करवाजोर की श्रीमती शिला पैकरा पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर नवाचार अपनाते हुए आत्मनिर्भरता की दिशा में मिसाल पेश कर रही हैं। उन्होंने अपने लगभग 3 एकड़ खेत में जवाफूल धान की खेती कर न केवल बेहतर उत्पादन प्राप्त किया, बल्कि अपनी आर्थिक स्थिति को भी मजबूत बनाया है।
           शिला पैकरा ने बताया कि इस वर्ष उन्होंने करीब 3 एकड़ क्षेत्र में जवाफूल धान की खेती की थी, जिससे लगभग 30 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ। बाजार में जवाफूल चावल की अच्छी मांग होने के कारण उन्हें इसका बेहतर मूल्य भी मिल रहा है। वर्तमान में स्थानीय बाजार में जवाफूल चावल की कीमत करीब 150 रुपये प्रति किलो तक मिल रही है, जिससे उन्हें अच्छी आमदनी होने की उम्मीद है। जवाफूल धान अपनी विशेष सुगंध और स्वाद के लिए जाना जाता है, जिसके कारण इसकी बाजार में हमेशा अच्छी मांग रहती है। शिला पैकरा का कहना है कि यदि किसानों को उचित मार्गदर्शन और बाजार उपलब्ध हो, तो पारंपरिक धान की इस किस्म की खेती से अच्छी आय प्राप्त की जा सकती है।
            कृषि के साथ-साथ शिला पैकरा आजीविका के अन्य माध्यमों से भी जुड़ी हुई हैं। वे गांव के गायत्री स्व-सहायता समूह की सक्रिय सदस्य हैं और समूह के माध्यम से मशरूम उत्पादन का कार्य भी कर रही हैं। इससे उन्हें अतिरिक्त आय का स्रोत मिल रहा है और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। शिला पैकरा की सफलता से गांव की अन्य महिलाएं भी प्रेरित हो रही हैं। वे मानती हैं कि मेहनत, नवाचार और समूह की ताकत के सहारे ग्रामीण महिलाएं भी आत्मनिर्भर बन सकती हैं। आज वे खेती और आजीविका गतिविधियों के माध्यम से अपने परिवार की आय बढ़ाने के साथ-साथ क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही

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लैलूंगा में डीएमएफ मद से 50 किसानों की रागी की जैविक खेती देखी, केलो नदी के उद्गम स्थल का संरक्षण और मातृ-शिशु अस्पताल में ब्लड बैंक शुरू करने के निर्देश जारी

रायगढ़, 12 मार्च 2026/ जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में विकास कार्यों की स्थिति का जायजा लेने और ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी आज लैलूंगा विकासखंड के दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने सलखिया स्थित गुरुकुल आश्रम में डीएमएफ मद से संचालित रागी की जैविक खेती का निरीक्षण किया और किसानों द्वारा अपनाई जा रही आधुनिक व जैविक तकनीकों की सराहना की। इसके साथ ही उन्होंने केलो नदी के उद्गम स्थल ग्राम पहाड़ लुड़ेग का भ्रमण कर उसके संरक्षण और विकास की संभावनाओं पर ग्रामीणों से चर्चा की। कलेक्टर ने खम्हार-पाकुट जलाशय योजना का निरीक्षण करते हुए जलाशय के तटीय क्षेत्र के सौंदर्यीकरण की योजना बनाने के निर्देश दिए, वहीं लैलूंगा के 50 बिस्तरीय मातृ एवं शिशु अस्पताल का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

गुरुकुल आश्रम में कलेक्टर ने रागी की खेती का किया निरीक्षण

दौरे के दौरान कलेक्टर ने सलखिया स्थित गुरुकुल आश्रम में डीएमएफ की सहायता से की जा रही रागी की खेती की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि लैलूंगा विकासखंड के लगभग 50 किसान इस बार रागी की खेती पूरी तरह जैविक पद्धति से कर रहे हैं। किसानों को आधुनिक तकनीक के साथ वैज्ञानिक तरीके से खेती करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कलेक्टर को बताया गया कि छत्तीसगढ़ के रागी विशेषज्ञ श्री जैकब द्वारा किसानों को रागी उत्पादन की तकनीकी जानकारी और प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। कलेक्टर ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि रागी एक पोषक और जलवायु के अनुकूल फसल है, जिसे बढ़ावा देने से किसानों की आय में वृद्धि हो सकती है। उन्होंने कहा कि आने वाले खरीफ सीजन में रागी की खेती को बड़े स्तर पर विस्तार देने की योजना बनाई जा रही है। टिकरा भूमि में जहां किसान धान की खेती करते हैं, वहां रागी जैसी वैकल्पिक और लाभकारी फसल को अपनाने के लिए किसानों को प्रेरित किया जाएगा।

केलो नदी के उद्गम स्थल पहाड़ लुड़ेग पहुंचे कलेक्टर

कलेक्टर ने केलो नदी के उद्गम स्थल ग्राम पहाड़ लुड़ेग का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से चर्चा कर नदी के उद्गम स्थल से जुड़ी जानकारी प्राप्त की। ग्रामीणों ने लैलूंगा से पहाड़ लुड़ेग तक सड़क निर्माण की मांग रखी, जिस पर कलेक्टर ने सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि केलो नदी का उद्गम स्थल जिले की महत्वपूर्ण प्राकृतिक धरोहर है और इसे सुरक्षित एवं संरक्षित रखना सभी की जिम्मेदारी है। कलेक्टर ने पहाड़ लुड़ेग ग्राम पंचायत को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने के लिए भी प्रयास करने का आश्वासन दिया। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि यदि इस स्थल को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाए तो क्षेत्र के लोगों को रोजगार और आय के नए अवसर मिल सकते हैं। इसके लिए ग्रामीणों से उन्होंने गांव के विकास और उद्गम स्थल के संरक्षण से जुड़े सुझाव 15 दिनों के भीतर देने का आग्रह किया।

खम्हार-पाकुट जलाशय का लिया जायजा

दौरे के दौरान कलेक्टर ने ग्राम पंचायत जाम बहार स्थित खम्हार-पाकुट जलाशय योजना का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने जल संसाधन विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों से निर्माण कार्यों की प्रगति के बारे में जानकारी ली। जलाशय में आदिवासी मत्स्य समिति लैलूंगा द्वारा किए जा रहे मछली पालन कार्य की उन्होंने सराहना की और समिति को इस कार्य को और अधिक बढ़ाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जलाशय के तटीय क्षेत्र को आकर्षक बनाने के लिए किसी विशेषज्ञ आर्किटेक्ट से विस्तृत ब्लूप्रिंट तैयार कराने के निर्देश कार्यपालन अभियंता जल संसाधन संभाग धरमजयगढ़ को दिए, ताकि भविष्य में इसे पर्यटन और मनोरंजन के दृष्टिकोण से भी विकसित किया जा सके।

मातृ एवं शिशु अस्पताल का भी किया निरीक्षण

कलेक्टर ने लैलूंगा स्थित 50 बिस्तरीय मातृ एवं शिशु अस्पताल का निरीक्षण भी किया। उन्होंने अस्पताल की साफ-सफाई, उपलब्ध सुविधाओं और मरीजों को मिल रही सेवाओं की जानकारी ली। कलेक्टर ने अस्पताल में ब्लड बैंक और हमर लैब को शीघ्र संचालित करने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को बेहतर और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। उन्होंने अस्पताल में संचालित बेड की संख्या, उपलब्ध संसाधनों और आवश्यक सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली तथा स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री दीपक सिदार, श्री रवि भगत सहित गणमान्य नागरिक एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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जिले के अंतिम छोर मुकड़ेगा तक पहुंचा प्रशासन, जनसमस्या निवारण शिविर में सैकड़ों ग्रामीण हुए लाभान्वित,विभागों द्वारा योजनाओं की दी गई जानकारी, आवेदनों का मौके पर किया गया निराकरण

रायगढ़, 12 मार्च 2026/ जिला प्रशासन द्वारा आमजन की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले के विकासखंड लैलूंगा अंतर्गत सुदूर वनांचल क्षेत्र मुकड़ेगा में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर आयोजित इस शिविर में दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त किया। शिविर के दौरान कलेक्टर श्री चतुर्वेदी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने विभागीय स्टॉलों का अवलोकन किया तथा प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविर में प्राप्त आवेदनों का नियमानुसार शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समय पर मिले।

*समाधान शिविरों को औपचारिकता के रूप में न ले-कलेक्टर*
कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने कहा कि समाधान शिविरों की जानकारी कम से कम तीन दिन पहले ग्राम पंचायतों में व्यापक रूप से दी जाए। केवल जनपद की मुनादी पर निर्भर न रहकर जमीनी अमले का भी सहयोग लिया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग शिविर में पहुंच सकें। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि जिन सेवाओं का निराकरण ऑनलाइन संभव है, उनके लिए इंटरनेट युक्त कंप्यूटर अथवा लैपटॉप की व्यवस्था की जाए। साथ ही शिविर स्थल पर छाया एवं पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि समाधान शिविरों को औपचारिकता के रूप में न लिया जाए, बल्कि आमजन की समस्याओं के वास्तविक समाधान का माध्यम बनाया जाए। बता दे कि 13 मार्च को तहसील मुख्यालय तमनार में  अगला जिला स्तरीय शिविर का आयोजन किया जाएगा।
           स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सरकार स्वयं गांवों तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर रही है, जो सराहनीय कदम है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि शिविरों में पहुंचकर शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाएं और अपनी आय के स्रोत बढ़ाएं।

*हितग्राहियों को सामग्री एवं स्वीकृति पत्र का वितरण*

शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा हितग्राहियों को सामग्री एवं स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लिबरा और सोनाजोरी को बाल विवाह मुक्त प्रमाण पत्र प्रदान किया गया, वहीं नन्हे बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया तथा गर्भवती माताओं को सुपोषण किट वितरित की गई। शिक्षा विभाग द्वारा 7 दिव्यांग बच्चों को शिक्षण सामग्री प्रदान की गई। मछली पालन विभाग ने 2 हितग्राहियों को मछली जाल तथा 2 हितग्राहियों को आइस बॉक्स वितरित किया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत 22 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास पूर्णता के बाद चाबी प्रदान की गई, जबकि 13 हितग्राहियों को आवास स्वीकृति प्रमाण पत्र दिए गए। श्रम विभाग द्वारा 3 हितग्राहियों को योजनांतर्गत चेक प्रदान किए गए तथा खाद्य विभाग द्वारा 12 हितग्राहियों को प्राथमिकता राशन कार्ड वितरित किए गए। समाज कल्याण विभाग द्वारा एक हितग्राही को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल तथा 9 हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत दो स्व-सहायता समूहों को बैंक क्रेडिट लिंकेज राशि प्रदान की गई, वहीं उद्यानिकी विभाग द्वारा फलदार पौधों का वितरण किया गया।

*हितग्राहियों ने योजनाओं का लाभ मिलने पर जताई खुशी*

शिविर में लाभ प्राप्त करने वाले हितग्राहियों ने प्रसन्नता व्यक्त की। तोलमा के ईसाइया कुजूर ने बताया कि उन्हें शिविर में मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल मिलने से अब आवागमन में काफी सुविधा होगी और दैनिक कार्यों में आसानी होगी। बुध साय गोंड ने आवास योजना का लाभ मिलने पर सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। वहीं सुशील टोप्पो और सुरेश लकड़ा ने बताया कि मछली पालन के लिए सामग्री मिलने से अब इस कार्य को बेहतर ढंग से कर सकेंगे।

*स्वास्थ्य जांच, आधार निर्माण सहित विभिन्न सेवाएं उपलब्ध*

शिविर में 200 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 100 से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाइयां वितरित की गईं तथा 5 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए। आयुष विभाग द्वारा 97 लोगों को औषधि वितरित की गई। श्रम विभाग द्वारा श्रमिक पंजीयन किया गया और चिप्स विभाग द्वारा 20 से अधिक लोगों के आधार कार्ड बनाए गए। शिविर में डाकघर, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, उद्यानिकी, मछली पालन, श्रम, जल संसाधन, सीएसपीडीसीएल, राजस्व, सीएससी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, लोक निर्माण, आयुष, खाद्य, वन, पशुधन, महिला एवं बाल विकास, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति, कृषि तथा रोजगार नियोजन एवं कौशल विभाग सहित विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए। 
          अधिकारियों ने शासन की योजनाओं की जानकारी देते हुए ग्रामीणों को उनका लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। शिविर में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री दीपक सिदार, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शांता भगत, जनपद पंचायत लैलूंगा अध्यक्ष श्रीमती ज्योति भगत, उपाध्यक्ष श्री मनोज अग्रवाल, जनपद सदस्य श्रीमती कल्पना भोई, श्री रवि भगत, श्रीमती सुमन साय, श्री दिनेश यादव, श्रीमती पूर्णवती पैकरा, श्रीमती शांता साय एवं श्रीमती स्नेहलता सिदार सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रशानिक अधिकारियों में जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे, एसडीएम श्री भरत कौशिक सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं मैदानी अमला उपस्थित रहे।

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जंगल में सज रही थी 52 पत्ती की जुआ महफिल, पुलिस ने मारी दबिश —  4 जुआरी धराए — नगदी, मोबाइल और 5 बाइक समेत 1.10 लाख की जब्ती

 12 मार्च, रायगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन पर जिले में चलाए जा रहे “ऑपरेशन अंकुश” के तहत सामाजिक बुराइयों जुआ-सट्टा के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कल शाम पुलिस चौकी रैरूमाखुर्द क्षेत्र अंतर्गत बरपाली के जंगल में जुआ फड़ संचालित होने की सूचना पुलिस को प्राप्त हुई थी। सूचना पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा चौकी रैरूमाखुर्द स्टाफ की विशेष टीम गठित कर तत्काल रेड कार्रवाई के लिए रवाना किया गया।

         पुलिस टीम ने बरपाली जंगल में ईमली के पेड़ के पास घेराबंदी कर दबिश दी, जहां कुछ लोग 52 पत्ती ताश से जुआ खेलते हुए पाए गए। पुलिस को देखकर कुछ जुआरी जंगल की ओर भाग निकले, जबकि मौके से चार जुआरियों को पकड़ लिया गया। पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में अपना नाम *1) सालिकराम सारथी पिता स्व. धनीराम सारथी उम्र 55 वर्ष निवासी गिधकालो थाना कांपू जिला रायगढ़, 2) देव प्रसाद राठिया पिता हरिभूषण राठिया उम्र 32 वर्ष निवासी ग्राम गनपतपुर चौकी रैरूमाखुर्द थाना धरमजयगढ़ जिला रायगढ़, 3) श्रीकांत यादव पिता वृंदावन यादव उम्र 33 वर्ष निवासी ग्राम चरखापारा चौकी रैरूमाखुर्द थाना धरमजयगढ़ जिला रायगढ़, 4) निरंजन यादव पिता भुवन यादव उम्र 35 वर्ष निवासी ग्राम चरखापारा चौकी रैरूमाखुर्द थाना धरमजयगढ़ जिला रायगढ़* बताया।

         रेड कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से *जुमला नगदी रकम 10,600 रुपये, 52 पत्ती ताश की 3 गड्डी, एक दरी, एक काला थैला, तीन मोबाइल फोन (दो वीवो एंड्रॉयड एवं एक जियो कीपैड) तथा पांच मोटरसाइकिल जब्त की गई हैं। जब्त वाहनों में बजाज प्लेटिना CG-13 BG-9618, हीरो HF डिलक्स CG-14 MR-8099, विक्रांता V15 CG-13 V-5466, टीवीएस रेडियॉन बिना नंबर तथा फैशन प्रो बिना नंबर प्लेट* शामिल हैं। जुआ रेड कार्रवाई में आरोपियों से नगदी जुआ रकम समेत *कुल 1 लाख 10 हजार 600 रूपये की संपत्ति की जब्ती* की गई है ।

         मामले में आरोपियों के विरुद्ध *थाना धरमजयगढ़ (चौकी रैरूमाखुर्द) में धारा 3(2) छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 के तहत वैधानिक कार्रवाई* की गई है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश —

        जुआ-सट्टा जैसी सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस का अभियान लगातार जारी रहेगा। ऐसे अवैध कृत्यों में संलिप्त व्यक्तियों पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी तथा क्षेत्र में लगातार निगरानी और रेड कार्रवाई की जाएगी।”

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ई-रोजगार पोर्टल में पंजीकृत युवाओं के लिए सुनहरा मौका: 16 मार्च को रायगढ़ में लगेगा बड़ा प्लेसमेंट कैंप, निजी कंपनियों में कई पदों पर होगी सीधी भर्ती

रायगढ़, 12 मार्च 2026/ जिले के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 16 मार्च को जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र रायगढ़ में प्लेसमेंट कैंप का आयोजन किया जाएगा। यह कैंप प्रातः 10.30 बजे से आयोजित होगा, जिसमें निजी क्षेत्र की विभिन्न कंपनियों द्वारा रिक्त पदों के लिए योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। कैंप में भाग लेने के लिए आवेदकों का ई-रोजगार पोर्टल में पंजीकृत होना अनिवार्य है। इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी अपने समस्त मूल प्रमाण पत्रों के साथ निर्धारित तिथि एवं समय पर उपस्थित होकर प्लेसमेंट कैंप में शामिल हो सकते हैं।
             जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस प्लेसमेंट कैंप के माध्यम से निजी क्षेत्र मे.स्वतंत्र माईक्रोफिन लिमिटेड नियम आफ डिग्री कालेज लोचन नगर रायगढ़ में फील्ड ऑफिसर एवं कलेक्शन आफिसर, मे.सनसाइन होटल ढिमरापुर रोड जगतपुर में रिसेप्सनिस्ट हाउस कीपिंग एफ एंड बी सर्विस, साउथ इंडियन सेफ, कोल्ड बेकरी सेफ एवं एफ एंड बी मैनेजर तथा मे.अपोलो फार्मेसीज लिमिटेड 6 वां फ्लोर विधानसभा रोड मोवा ओवरब्रिज के पास मोवा रायपुर में फार्मास्टि, असिस्टेन्ट फार्मेसी की रिक्तियों के लिए सीधे चयन की प्रक्रिया की जाएगी। कैंप से संबंधित विस्तृत जानकारी जिला रोजगार कार्यालय रायगढ़ से प्राप्त की जा सकती है।

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