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फसलों और अवसरों का समृद्ध भंडार है जशपुर,खाद्य प्रसंस्करण हब बनाने की ओर जशपुर: निफ्टेम कुंडली का सतत् प्रयास

जश्सपुरनगर 05 दिसंबर 2025/ राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता और प्रबंधन संस्थान कुंडली हरियाणा की 18 यूजी व पीजी छात्रों और 2 संकाय सदस्यों की टीम ने अपने प्रतिष्ठित ग्राम अंगीकारण कार्यक्रम के तहत 19 से 27 नवंबर 2025 तक लगातार तीसरे वर्ष जशपुर का दौरा किया।
                निफ्टेम ने 2023 में जशपुर जिला प्रशासन के निर्देशानुसार कृषि, बागवानी और वन उत्पादों विशेषकर महुआ के खाद्य प्रसंस्करण एवं मूल्यवर्धन को बढ़ावा देने की दिशा में अपनी गतिविधियाँ प्रारम्भ की थीं।
        
टीम ने समूह, एफ़ पी ओ और खाद्य प्रसंस्करण हितधारकों से मिलकर गुणवत्ता, सुरक्षा, विनियमन और उद्यमिता से संबंधित जानकारी साझा की।

*2025 : जशपुर में खाद्य प्रसंस्करण प्रशिक्षण की आधारशिला मजबूत हुई वर्तमान वर्ष में टीम ने कुशल मानव संसाधन तैयार करने हेतु विविध प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए। कुंकुरी स्थित कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर एंड रिसर्च स्टेशन में एक फूड प्रोसेसिंग ट्रेनिंग एवं इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित किया गया, जहां युवाओं को मोटे अनाज आधारित बेकरी उत्पादों के निर्माण का प्रशिक्षण दिया गया। वीअपी टीम द्वारा स्व सहायता समूह एवं एफ पी ओ सदस्यों तथा युवाओं के लिए मोटे अनाज से मूल्यवर्धित उत्पादों पर तीन व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए। इसके अतिरिक्त, सुजी आधारित पास्ता निर्माण, पैकेजिंग, लेबलिंग, ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग पर आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। कुल 96 प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया, जिनमें 65 प्रतिशत महिलाएँ सम्मिलित रहीं।

*जशपुर : फसलों और अवसरों का समृद्ध भंडार*
         जशपुर की जलवायु एवं भौगोलिक विविधता में अच्छी फसलों का उत्पादन होता है।

जहां धान, कोदो-कुटकी, रागी, सेब, नाशपाती, स्ट्रॉबेरी, काजू, कटहल, अदरक, हल्दी, नींबू, चाय और महुआ जैसी फसलों के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाती है। खाद्य प्रसंस्करण के माध्यम से इन अतिरिक्त उत्पादों को दीर्घ शेल्फ लाइफ, सुरक्षित प्रसंस्करण, और मूल्यवर्धित खाद्य उत्पादों—जैसे स्नैक्स, नाश्ते के अनाज, एनर्जी बार और रेडी-टू-ईट/कुक उत्पाद—में बदला जा सकता है।

 जिला प्रशासन द्वारा सभी ब्लॉकों में खाद्य प्रसंस्करण अवसंरचना के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। निफ्टेम का वी ए पी कार्यक्रम ग्रामीण समुदायों को तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण और उद्यमिता विकास प्रदान कर इस प्रयास को सशक्त बना रहा है।

*महुआ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस : निफ्टेम टीम द्वारा सराहना*
        अपने दौरे के दौरान निफ्टेम टीम ने महुआ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का भी दौरा किया, जहाँ महुआ फूल से तैयार किए गए विभिन्न नवाचारपूर्ण मूल्यवर्धित उत्पादों  जैसे महुआ चवनप्राश,महुआ टी, महुआ आधारित स्नैक्स तथा अन्य प्रयोगात्मक खाद्य उत्पाद  के विकास कार्य को विस्तार से समझा।
        टीम ने उत्पादों की गुणवत्ता, संगत प्रसंस्करण विधि, पैकेजिंग की स्वच्छता एवं प्रस्तुति तथा महुआ के आधुनिक फूड-ग्रेड उपयोग की विशेष रूप से सराहना की। महुआ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जिला प्रशासन जशपुर द्वारा प्रारम्भ किया गया एक छोटा लेकिन महत्त्वपूर्ण प्रसंस्करण केंद्र है, जिसे वर्तमान में जय जंगल द्वारा संचालित किया जा रहा है। यह केंद्र जिले में कोदो, कुटकी, रागी और महुआ के प्रसंस्करण एवं मूल्यवर्धन में सक्रिय भूमिका निभा रहा है और स्थानीय महिला समूहों के लिए वास्तविक कौशल एवं आय-वृद्धि का केंद्र बन चुका है।
           वी ए पी कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे प्रो. प्रसन्ना कुमार ने जशपुर की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया उन्होंने जिला कलेक्टर श्री रोहित व्यास, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, एनआर ए एल एम मिशन मैनेजर श्री विजय शरण प्रसाद, तथा जय जंगल एफपी सी के निदेशक श्री समर्थ जैन के योगदान को रेखांकित किया।
निफ्टेम निदेशक डॉ. हरिंदर सिंह ओबेरॉय ने वी ए पी को छत्तीसगढ़ में उभरते खाद्य प्रसंस्करण पारिस्थितिकी तंत्र का आधार बताते हुए इसकी गतिविधियों को और अधिक क्षेत्रों तक विस्तार देने की आवश्यकता पर बल दिया।
        
 इस समग्र विश्लेषण के आधार पर तैयार की गई विस्तृत “जशपुर खाद्य प्रसंस्करण विकास रिपोर्ट” आज जिला प्रशासन को औपचारिक रूप से प्रस्तुत की गई।

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जल संसाधन विभाग की अमीन भर्ती परीक्षा 7 दिसंबर को,अभ्यर्थियों को 2 घंटे पहले पहुंचना होगा केंद्र

जशपुरनगर 05 दिसम्बर 2025/ व्यापम द्वारा जल संसाधन विभाग अंतर्गत अमीन भर्ती परीक्षा 2025 का आयोजन 07 दिसम्बर 2025 को राज्य के 16 जिलों में किया जा रहा है। इस परीक्षा में लगभग 2 लाख 30 हजार अभ्यर्थी शामिल होंगे। यद्यपि परीक्षा का आयोजन 16 जिलों तक सीमित है, किन्तु इसमें राज्य के सभी 33 जिलों के अभ्यर्थी सम्मिलित हो रहे हैं। जशपुर जिले के 12 निर्धारित परीक्षा केंद्रों में 4717 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। अभ्यर्थियों की सुविधा एवं परीक्षा संचालन की सुचारु व्यवस्था के लिए व्यापम द्वारा आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए है। परीक्षा के लिए जारी निर्देशों के अनुसार अभ्यर्थियों को परीक्षा से एक दिन पूर्व अपने आवंटित परीक्षा केंद्र का अवलोकन अवश्य कर लेना चाहिए, ताकि परीक्षा दिवस पर किसी प्रकार की असुविधा न हो। अभ्यर्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने से कम से कम दो घंटे पूर्व परीक्षा केंद्र में उपस्थित होना अनिवार्य किया गया है, जिससे उनकी सुरक्षा जांच (फ्रिस्किंग) एवं फोटोयुक्त मूल पहचान-पत्र से सत्यापन में कोई बाधा न आए। परीक्षा प्रारंभ होने के तीस मिनट पूर्व परीक्षा केंद्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा, अतः अभ्यर्थियों को यह ध्यान रखना होगा कि परीक्षा प्रातः 12 बजे आरंभ होने के कारण केंद्र का मुख्य द्वार प्रातः 11:30 बजे बंद हो जाएगा।

     वस्त्र संबंधी निर्देशों के अनुसार अभ्यर्थियों को हल्के रंग के आधी बाँह वाले कपड़े पहनकर परीक्षा में उपस्थित होना है। काले, गहरे नीले, गहरे हरे, जामुनी, मैरून, बैंगनी अथवा गहरे चॉकलेटी रंग के वस्त्र पहनना वर्जित रहेगा। केवल साधारण बिना पॉकेट वाला स्वेटर पहनने की अनुमति होगी, जिसे सुरक्षा जांच के दौरान उतारकर जांच करवानी होगी। धार्मिक अथवा सांस्कृतिक पोशाक धारण करने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में सामान्य समय से अधिक पहले पहुंचना होगा, क्योंकि उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा जांच से गुजरने के बाद ही परीक्षा में प्रवेश दिया जाएगा। परीक्षा केंद्र में अभ्यर्थियों के लिए फुटवियर के रूप में केवल चप्पल पहनने की अनुमति होगी, जबकि कान में किसी भी प्रकार के आभूषण पहनना पूर्णतः प्रतिबंधित है। परीक्षा कक्ष में संचार उपकरण, किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक घड़ी, पर्स, पाउच, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी आदि ले जाना भी पूरी तरह से वर्जित रहेगा। परीक्षा के दौरान किसी भी अनुचित साधन का प्रयोग पाए जाने पर संबंधित अभ्यर्थी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी तथा उनकी अभ्यर्थिता समाप्त कर दी जाएगी। अभ्यर्थियों को केवल काले या नीले बॉल-पॉइंट पेन ही साथ लाने की अनुमति होगी।

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छत्तीसगढ़ विधान सभा सत्र 14 से 17 दिसम्बर 2025 तक  अधिकारी और कर्मचारी बिना  अवकाश स्वीकृति के अवकाश में जाने पर होगी कार्यवाही

जशपुरनगर 05 दिसम्बर 2025/ छत्तीसगढ़ विधान सभा की षष्ठम् विधानसभा का सप्तम सत्र 14 से प्रारंभ होकर 17 दिसम्बर 2025 तक आहूत है। कलेक्टर श्री रोहित व्यासा ने विधान सभा से संबंधित प्राप्त पत्रों पर त्वारित कार्यवाही करने हेतु नोडल और सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं। इनमें डिप्टी कलेक्टर श्री प्रशांत कुशवाहा को नोडल अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर श्री हरिओम द्विवेदी को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
         इसके साथ ही कलेक्टर श्री व्यास ने उक्त अवधि में प्राप्त होने वाले तारांकित और अतारांकित विधान सभा प्रश्नों, स्थगन, शून्यकाल, आश्वासनो, ध्यानाकर्षण, अशासकीय संकल्प, याचिका आदि तथा लोक लेखा समिति से संबंधित पत्राचार व जानकारी निर्धारित समयावधि में त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अधिकारियों-कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। जिसके अनुसार जिले के समस्त विभागों में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारी विधान सभा सत्र के दौरान सक्षम प्राधिकारी की पूर्वानुमति के बिना न ही अवकाश पर रहेंगे और न ही मुख्यालय त्यागेंगे। बिना अवकाश स्वीकृति के अवकाश में प्रस्थान करने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी सहित उनके कार्यालय प्रमुख दिम्मेदार रहेंगे।

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जशपुर जिले में शतरंज प्रतियोगिता हुई शुरू,पहले चरण में 189 विद्यालयों के 3150 विद्यार्थी हुए शामिल

जशपुर 5 दिसंबर 25/ छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के तहत कलेक्टर रोहित व्यास और सीईओ अभिषेक कुमार के निर्देश पर विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता बढ़ाने, खेल भावनाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जिले के हाई और हायर सेकंडरी विद्यालयों में दो दिवसीय शतरंज प्रतियोगिता आयोजित हुई। 

शतरंज के खेल को बढ़ावा देने के लिए कलेक्टर रोहित व्यास के द्वारा प्रारंभ की गई चेकमेट एट जशपुर कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में यह प्रतियोगिता आयोजित हो रही है।
जशपुर एसडीएम विश्वासराव मस्के  जिले के आयोजन समिति के अध्यक्ष के मार्गदर्शन में चल रही यह प्रतियोगिता सभी शासकीय, अशासकीय एवं अनुदान प्राप्त हाई तथा हायर सेकेंडरी विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए आयोजित हो रही है। प्रतियोगिता तीन चरणों में विद्यालय स्तर, विकासखंड स्तर और जिला स्तर पर आयोजित होनी है।‌

विद्यालय स्तर पर 4 दिसंबर से प्रारंभ हुई प्रतियोगिता में दो दिनों में 189 विद्यालयों के 3150 विद्यार्थी सम्मिलित हुए। इन नॉकआउट प्रतियोगिताओं का फाइनल मैच सभी विद्यालयों में आज खेला गया। विजेता और उपविजेता खिलाड़ियों को विद्यालय में पुरस्कृत भी किया जाएगा। अगले चरण में विद्यार्थी विकासखंड स्तर पर जमुकाबला करेंगे, जजविकासखंड स्तरीय शतरंज जप्रतियोगिता 6 जदिसंबर से आयोजित होगी। विकासखंड स्तर पर विजेता, उपविजेता और क्वार्टर फाइनल खेलने वाले विद्यार्थी 10 दिसंबर को  जिला स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे। 

पत्थलगांव एसडीएम ऋतुराज सिंह बिसेन जिला स्तरीय  प्रतियोगिता पथलगाँव के आयोजन समिति के अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं। इनके मार्गदर्शन में 10 दिसंबर को पत्थलगांव में भव्य रूप से जिला स्तरीय प्रतियोगिता आयोजित होनी है। इस प्रतियोगिता में विजयी होने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कृत भी किया जाएगा l

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टूरिस्ट गाइड का गहन प्रशिक्षण लेकर लौटे छत्तीसगढ़ के युवा, मुख्यमंत्री और पर्यटन मंत्री ने दी बधाई और शुभकामनाएँ

रायपुर, 05दिसम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की विशेष पहल पर छत्तीसगढ़ राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देनेे के लगातार प्रयास किए जा रहे है। छत्तीसगढ़ की नैसर्गिक सुन्दरता और यहां के पर्यटन स्थलों को देखने के लिए देश-दुनिया के लोग छत्तीसगढ़ आये, इसे लेकर देश के विभिन्न हिस्सों विशेषकर महानगरों में छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों की जानकारी देने के लिए प्रदर्शनी एवं कार्यशालाएं भी आयोजित की जा रही है। इन सभी प्रयासों का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को पर्यटन को वैश्विक मानचित्र पर लाना है।

मुख्यमंत्री श्री साय की पहल पर छत्तीसगढ़ में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है और इसके लिए नई औद्योगिक पॉलिसी में कई रियायतों का प्रावधान भी किया गया है। होम-स्टे पॉलिसी बनायी गई है ताकि छत्तीसगढ़ बस्तर और सरगुजा अंचल में पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। छत्तीसगढ़ सरकार ने इन्हीं प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए राज्य के युवाओं विशेषकर बस्तर अंचल के युवाओं को पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार का अवसर उपलब्ध कराने के लिए टूरिस्ट गाइड प्रशिक्षण की अभिनव पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री के मंशानुरूप 45 युवाओं की टीम को छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के सहयोग से भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंध संस्थान (आईआईटीटीएम) ग्वालियर में टूरिस्ट गाइड के प्रशिक्षण के लिए भेजा गया था। युवाओं का यह दल वहां से एक माह का विशेष प्रशिक्षण हासिल कर छत्तीसगढ़ लौटा आया है। इन युवाओं को छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों में गाइड के तौर पर तैनात किया जाएगा। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने टूरिस्ट गाइड का सफल प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य की प्राकृतिक सुन्दरता, यहां की हरी-भरी वादियां और मनोरम पर्यटन स्थल छत्तीसगढ़ को पर्यटन हब का स्वरूप देने में सक्षम हैं। पर्यटन के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में असीम संभावनाएं विद्यमान है, इससे रोजगार और व्यवसाय के नये द्वार खुलेंगे। उन्होंने प्रशिक्षित युवाओं से अपील की कि वे छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों और सुविधाओं के बारे में पर्यटकों को विशेष रूप से बताएं, ताकि पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो। इससे राज्य में पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा।

यहां यह उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा 7 वर्षों के अंतराल के बाद टूरिस्ट गाइड प्रशिक्षण का यह विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें अधिकांश युवा बस्तर संभाग के रहने वाले हैं। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को पर्यटक मार्गदर्शन, संप्रेषण कौशल, सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन प्रबंधन तथा फील्ड का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया, जिससे वे छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहर को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर सकें। प्रशिक्षित युवा छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक पर्यटन स्थलों का बेहतर प्रचार-प्रसार कर प्रदेश के पर्यटन उद्योग को ऊंचाइयों पर ले जाने में अहम रोल अदा करेंगे।

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सफलता के लिए निरंतर सीखना, कौशल निखारना और आत्मविकास अनिवार्य - पूर्व राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद

संयम, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ जीवन में आगे बढ़े युवा: राज्यपाल श्री डेका

अनुशासन, नवाचार और अपनी संस्कृति से जुड़ाव - यही है सफल भविष्य की कुंजी: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

रायपुर, 4 दिसम्बर 2025/अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के छठवें दीक्षांत समारोह का आयोजन आज पूर्व राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद के मुख्य आतिथ्य में गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल श्री रमेन डेका ने की। अति विशिष्ट अतिथि के तौर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, विशिष्ट अतिथि उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव तथा उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा शामिल हुए। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य डॉ. दिवाकर नाथ वाजपेयी उपस्थित रहे। समारोह में 64 शोद्यार्थियों को शोध उपाधि, 92 गोल्ड मेडल एवं 36950 स्नातक एवं स्नातकोत्तर उपाधि दी गई।   

विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि पूर्व राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने स्नातक छात्रों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ दीं और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने युवा पीढ़ी की ऊर्जा और आत्मविश्वास की सराहना करते हुए कहा कि भारत आज दुनिया की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में अग्रणी है और वर्तमान युवा इसका ऐतिहासिक साक्षी और भागीदार हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय से स्नातक होना शिक्षा की पूर्णता नहीं है, बल्कि इक्कीसवीं सदी में सफलता के लिए निरंतर सीखना, कौशल निखारना और आत्मविकास अनिवार्य है।

पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि देश के विश्वविद्यालयों में बेटियाँ शिक्षा के क्षेत्र में कई बार बेटों से आगे निकल रही हैं और इस विश्वविद्यालय के स्वर्ण पदक विजेताओं में भी बेटियों की संख्या उल्लेखनीय है। उन्होंने विद्यार्थियों, विशेषकर पदक विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि उनकी यह उपलब्धि केवल उनकी मेहनत का परिणाम नहीं है, बल्कि इसके पीछे माता-पिता का त्याग, परिवार का सहयोग और गुरुओं का अमूल्य मार्गदर्शन भी निहित है। यह हर विद्यार्थी के लिए एक सुनहरा यादगार पल है, जिसे वे जीवनभर याद रखेंगे। उन्होंने कहा कि-“कभी यह मत सोचिए कि आप पीछे रह गए हैं। यदि आप प्रयास करना नहीं छोड़ते, तो आप हमेशा पहले स्थान पर हो सकते हैं।” उन्होंने छात्रों से अपने सपनों को साकार करने के लिए परिश्रम करने, भारतीय संस्कृति, मूल्यों और जड़ों से जुड़े रहने और योग व विज्ञान जैसी भारतीय विरासत को अपनाने का आह्वान किया। 

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि जीवन में अनेक चुनौतियाँ आती हैं, जिनमें कभी-कभी हम गिरते भी हैं, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण यह है कि हर बार स्वयं को संभालकर फिर से खड़ा होना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में गिरावट से भयभीत न हों और हमेशा उठने का साहस रखें। राज्यपाल ने अनुशासन को जीवन में सफलता की मजबूत नींव बताते हुए कहा कि जीवन एक सुंदर यात्रा है, और इसे उद्देश्यपूर्ण, सकारात्मक और सार्थक ढंग से जीना प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर ध्यान आकर्षित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि आज तनाव एक बड़ी चुनौती बन चुका है। इसलिए योग, ध्यान और नियमित शारीरिक गतिविधि को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से यह भी आग्रह किया कि वे जीवन में ऐसा कार्य चुनें जिसमें तनाव कम हो, पारदर्शिता हो और जिससे स्वयं, समाज और राष्ट्र का सकारात्मक परिवर्तन संभव हो। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि  सफलता केवल डिग्री से नहीं, बल्कि सीखने की निरंतर इच्छा से तय होती है। दुनिया तेजी से बदल रही है, और जो युवा अपनी संस्कृति की जड़ों से जुड़े रहते हुए तकनीक, नवाचार और मेहनत का मार्ग चुनते हैं, वहीं कल का भारत गढ़ेंगे। जीवन में अवसर हमेशा बाहर नहीं मिलते, कई बार हमें स्वयं अवसर बनाना होता है। अनुशासन, लगन और सकारात्मक दृष्टि ही वह शक्ति है, जो हर साधारण क्षण को असाधारण उपलब्धि में बदल देती है। उन्होंने कहा कि मैं विश्वास के साथ कह सकता हूँ कि यह पीढ़ी छत्तीसगढ़ को और पूरे देश को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह समारोह केवल औपचारिक आयोजन नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के सपनों, संकल्पों और संघर्षों का उत्सव है। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप बहुविषयक अध्ययन, कौशल आधारित शिक्षण, चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम, अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट और आधुनिक पाठ्यचर्या जैसी व्यवस्थाओं को लागू करने की सराहना की, जिससे छात्र वैश्विक अवसरों का लाभ उठा सकें। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि विवि में डिजिटलईजेशन के माध्यम से विश्वविद्यालय द्वारा प्रवेश प्रक्रिया, परीक्षा फॉर्म, ट्रांसक्रिप्ट और डिग्री प्रमाणपत्र जैसी सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराया गया है। इस नई प्रणाली से छात्रों को सरल, पारदर्शी और त्वरित सेवाएँ मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि पीएम उषा कार्यक्रम के तहत वित्तीय सहायता नए प्रयोगशालाओं, स्मार्ट कक्षाओं, डिजिटल लाइब्रेरी और आधुनिक अकादमिक अवसंरचना के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगी इससे विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा में गुणवत्ता और नवाचार को सुनिश्चित कर सकेगा। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालयों को राज्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कृषि विज्ञान, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक संरचना, भाषा-साहित्य और तकनीकी नवाचार जैसे क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शोध को प्रोत्साहित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों को ज्ञान, अनुशासन और प्रेरणा का एक उत्सव प्रदान किया और अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय की उच्च शिक्षा में गुणवत्ता और नवाचार की प्रतिबद्धता को उजागर किया।

 उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी के मार्गदर्शन में बने इस राज्य ने शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि दीक्षांत समारोह छात्रों के परिश्रम, संघर्ष और लगन का सम्मान है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है तथा 20 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है, जिससे शैक्षणिक अधोसंरचना और अधिक मजबूत होगी। अतिथियों ने विश्वविद्यालय की त्रैमासिक पत्रिका कन्हार का भी विमोचन किया। कार्यक्रम में स्वागत भाषण विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य डॉ. अरूण दिवाकर नाथ वाजपेयी ने दिया। 

कार्यक्रम में विधायक सर्वश्री श्री अमर अग्रवाल, धर्मजीत सिंह, धरमलाल कौशिक, सुशांत शुक्ला, अटल श्रीवास्तव, दिलीप लहरिया, क्रेडा के अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र सवन्नी, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, कुलसचिव डॉ. तारणीश गौतम सहित विश्वविद्यालय के प्राध्यापक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद थे।

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रायगढ़ : शीतलहर से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी,ऐसा करें बचाव....

रायगढ़, 4 दिसम्बर 2025/ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.अनिल कुमार जगत ने शीत लहर से बचाव के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश और एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने बताया कि शीतलहर दिसम्बर और जनवरी में घटित होती है। जिसके चलते सर्द हवाओं के कारण स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। उन्होंने बताया कि शीतलहर का नकारात्मक प्रभाव बुजुर्गाे और 5 वर्ष के छोटे बच्चों पर अधिक होता है। इसके अतिरिक्त दिव्यांगजनों, बेघर व्यक्तियों, दीर्घकालिक बीमारियों से पीड़ित रोगियों, खुले क्षेत्र में व्यवसाय करने वाले छोटे व्यवसायियों के लिए भी शीत लहर के दौरान विशेष सतर्कता बरतना आवश्यक है।

*शीतलहर की स्थिति में क्या करें, क्या न करें* 
जितना संभव हो घर के अंदर ही रहें, अति आवश्यक कार्य होने पर बाहर निकलें। शीतलहर से बचाव हेतु टोपी और मफलर का भी उपयोग किया जा सकता है अथवा सिर व कान ढंककर रखें। मौसम से संबंधित समाचार व आपातकाल के संबंध में जारी समाचारों को ध्यान से सुने। यदि बिजली का प्रवाह अवरूद्ध होता है ऐसी स्थिति में फ्रीज में खाने के सामान को 48 घंटों से अधिक न रखें। यह भी सुनिश्चित करें कि पॉवर सप्लाई आपातकाल में भी रहे। ऐसे आवास का उपयोग करें जहां तापमान सही रहता हो, आवश्यकतानुसार गर्म पेय पीते रहें। वृद्ध व्यक्तियों का ध्यान रखें तथा उनको अकेला न छोड़ें। स्वास्थ्यवर्धक खाने का उपयोग करें। यदि सर्दी से संबंधित कोई प्रभाव शरीर पर दिखाई दें-जैसे नाक कान लाल हो, पैर हाथ की उंगलियां भी लाल हो तो तत्काल स्थानीय चिकित्सक से परामर्श लें। असामान्य तापमान की स्थिति, अत्यधिक कांपना, सुस्ती, कमजोरी, सांस लेने में परेशानी हो, तो ऐसी स्थिति में तत्काल स्थानीय चिकित्सक से परामर्श लें।

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वाटरशेड महोत्सव में जल संरक्षण का संकल्प-टेरम में विविध कार्यक्रमों का हुआ आयोजन

रायगढ़, 4 दिसम्बर 2025/ प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना पीएमकेएसवाई/डब्ल्यूडीसी 2.0 अंतर्गत विकासखंड घरघोड़ा के माइक्रो वाटरशेड कमेटी टेरम में वाटरशेड महोत्सव का आयोजन किया गया। जिसमेें जल संरक्षण और पर्यावरण सुधार से जुड़े अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिनमें प्रभात फेरी, श्रमदान, तालाब सफाई, पौधरोपण, एनआरएम घटक अंतर्गत निर्मित कुआं (ओपन वेल) एवं तालाब गहरीकरण कार्य का लोकार्पण प्रमुख रहे। साथ ही पानी की पाठशाला, महिला स्व-सहायता समूह बैठक तथा कृषक संगोष्ठी भी आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ जनपद पंचायत सदस्य श्रीमती बरत कुमारी चौहान एवं ग्राम पंचायत टेरम के सरपंच तथा माइक्रो वाटरशेड कमेटी के अध्यक्ष श्री प्रदीप राठिया द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।
  कार्यक्रम मे डब्ल्यू.डी.टी. के श्री किशोर कुमार नायक ने जल संरक्षण पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि पानी बचाने के लिए जन आंदोलन नहीं, जल आंदोलन की आवश्यकता है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को पेयजल संकट का सामना न करना पड़े। भूतपूर्व जलग्रहण क्षेत्र अध्यक्ष श्री गजानन ठाकुर ने जल-जंगल-जमीन बचाने के महत्व पर विस्तृत उद्बोधन दिया। ग्राम पंचायत टेरम के सरपंच एवं कमेटी अध्यक्ष श्री प्रदीप राठिया ने क्षेत्र में जल संबंधी समस्याओं, भूमिगत जलस्तर में गिरावट और गर्मियों में पेयजल संकट पर चर्चा की। उन्होंने किसानों को फसल चक्र परिवर्तन अपनाने तथा ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर दलहनी फसलों की खेती हेतु प्रेरित किया। डब्ल्यू.डी.टी. के श्री ललित कुमार दीवान ने एनआरएम घटक के अंतर्गत निर्मित संरचनाओं, चेक डैम के रख-रखाव और जल उपयोग के वैज्ञानिक तरीकों पर कृषकों को विस्तृत मार्गदर्शन दिया।
   कार्यक्रम में परियोजना अधिकारी श्री सुरेंद्र सिंह पटेल, परियोजना नोडल श्री जे.आर. कोलियारा, डब्ल्यू.डी.टी. टीम के सदस्य श्री किशोर कुमार नायक, श्री ललित दीवान, श्री लोकेश वर्मा, श्री निलेश देशमुख, समस्त 12 माइक्रो वाटरशेड कमेटियों के सचिव, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं, उपयोगकर्ता दल और बड़ी संख्या में कृषक एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना: शिरडी, शनि सिंघनापुर व त्रयंबकेश्वर की यात्रा के लिए आवेदन 8 दिसम्बर तक

रायगढ़, 4 दिसम्बर 2025/ छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव 2025 के अवसर पर मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत जिले के लिए इस माह का तीर्थ स्थल तय कर दिया गया है। निर्धारित कार्यक्रम अनुसार जिले के 273 चयनित तीर्थ यात्री 20 से 23 दिसम्बर 2025 तक पवित्र तीर्थस्थलों शिरडी, शनि सिंघनापुर एवं त्रयंबकेश्वर के लिए तीर्थ यात्रा करेंगे। यात्रा के लिए आवेदक निर्धारित प्रारूप में आवश्यक दस्तावेजों सहित 8 दिसम्बर, शाम 5 बजे तक समाज कल्याण विभाग में आवेदन जमा कर सकते हैं। 
    समाज कल्याण विभाग के उप संचालक श्री शिवशंकर पांडेय ने बताया कि आवेदकों को निर्धारित आवेदन पत्र के साथ दो पासपोर्ट साइज फोटो, मेडिकल प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, राशन कार्ड एवं मतदाता पहचान पत्र की छायाप्रति संलग्न करना अनिवार्य होगा। योजना का लाभ वरिष्ठ नागरिक, विधवा एवं परित्यक्त महिलाएं तथा छत्तीसगढ़ के निवासी ही प्राप्त कर सकेंगे। निर्धारित संख्या के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र के 75 प्रतिशत तथा नगरीय क्षेत्र के 25 प्रतिशत तीर्थयात्रियों का चयन किया जाएगा। आर्थिक वर्गानुसार 80 प्रतिशत बीपीएल एवं 20 प्रतिशत एपीएल हितग्राहियों का चयन होगा। एपीएल श्रेणी के ऐसे आवेदक स्वीकार्य होंगे जो आयकर दाता न हों एवं जिन्होंने पूर्व में इस योजना का लाभ न लिया हो। वर्तमान या भूतपूर्व शासकीय सेवक तथा गंभीर संक्रामक रोग से पीड़ित व्यक्ति योजना के पात्र नहीं होंगे।

*वरिष्ठ नागरिकों एवं दंपत्ति हेतु विशेष प्रावधान*

 65 वर्ष से अधिक आयु वाले ऐसे आवेदक, जिन्होंने अकेले यात्रा के लिए आवेदन किया है, अपने साथ 21 से 50 वर्ष आयु का एक सहायक ले जा सकेंगे। यदि पति-पत्नी में से किसी एक का चयन होता है, तो जीवन साथी की आयु 60 वर्ष से कम होने पर भी वह उसके साथ यात्रा कर सकेगा, बशर्ते दोनों के आवेदन एक साथ जमा किए गए हों। सहायक या जीवन साथी के साथ यात्रा करने की इच्छा आवेदन में स्पष्ट रूप से दर्शाना आवश्यक है।

*प्रतीक्षा सूची एवं चयन संबंधित नियम*

 चयनित आवेदक ही यात्रा पर जा सकेंगे। उनकी जगह अनाधिकृत व्यक्ति यात्रा नहीं कर सकेगा। यदि चयनित व्यक्ति यात्रा पर नहीं जाता है, तो केवल प्रतीक्षा सूची में शामिल अगला पात्र आवेदक ही भेजा जाएगा। चयन उपरांत आवेदक अपनी जगह किसी अन्य व्यक्ति को भेजने का अधिकार नहीं रखेगा।

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रायगढ़ : अवैध धान खपाने की कोशिश में जुटे व्यापारियों और बिचौलियों के मंसूबों पर प्रशासन ने फेरा पानी,23 कोचियों-बिचौलियों से 4583 क्विंटल धान जप्त

रायगढ़, 4 दिसंबर 2025। धान खरीदी प्रणाली को ध्वस्त कर प्रशासन को करोड़ों का नुकसान पहुंचाने की तैयारी कर रहे कोचियों और बिचौलियों पर जिला प्रशासन ने बड़ा शिकंजा कसा है। बीते दो दिनों में रायगढ़, खरसिया, पुसौर, तमनार और धरमजयगढ़ क्षेत्रों में संयुक्त जांच दलों ने अभियान चलाकर 23 कोचियों एवं बिचौलियों से 4583 क्विंटल अवैध धान जप्त किया है। यह जप्त धान 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से 1 करोड़ 47 लाख रुपए से अधिक का है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशन में मैदानी अमले चौबीस घंटे निगरानी कर रहे है। अवैध धान की सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंचकर कार्रवाई कर रही है। प्रशासन की ताबड़तोड़ और सख्त कार्रवाई से अवैध धान खपाने की कोशिश करने वाले व्यापारियों व बिचौलियों का मंसूबा नाकाम हो गया है। जिले में समर्थन मूल्य पर खरीदी व्यवस्था और अधिक पारदर्शी व सुव्यवस्थित होती जा रही है।
         कलेक्टर ने साफ कहा है कि किसी भी उपार्जन केंद्र में अवैध धान खपने नहीं दिया जाएगा। अवैध धान भंडारण और परिवहन में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। वास्तविक किसानों के हितों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 
    
दो दिनों में 23 जगहों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई

अपर कलेक्टर एवं धान खरीदी के नोडल अधिकारी श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो ने बताया कि राजस्व एवं खाद्य विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा दो दिवस के भीतर 23 प्रकरण दर्ज कर भारी मात्रा में अवैध धान जप्त किया गया है। इनमें पत्थलगांवखुर्द के सतीश कुमार गुप्ता के यहां 56 क्विंटल, आलोला की ममता गुप्ता के यहां 29.20 क्विंटल, इंदकाली के मंगल बजारे के यहां 48 क्विंटल, इंदकाली के श्रीधर यादव के यहां 6.80 क्विंटल, कछार (रायगढ़) के इंदर पटेल, के यहां 60 क्विंटल, सरिया मड़वाताल के युगल किशोर के यहां 800 क्विंटल, भेण्ड्रा (तमनार) के ललित चौहान के यहां 296 क्विंटल, सुरी (पुसौर) के मनोहर चौहान के यहां 280 क्विंटल, लोहरसिंह (पुसौर) के धरनीधर पटेल के यहां 220 क्विंटल, कुरमापाली (रायगढ़) के नहर पैकरा के यहां 300 क्विंटल, ठाकुरदिया (खरसिया) के लक्ष्मीनारायण यादव के यहां 220 क्विंटल, देहजरी (खरसिया)के शनिराम डनसेना के यहां 190 क्विंटल, धरमजयगढ़ मुख्यालय में गंगा पटेल के यहां 242 क्विंटल, कुरमापानी (रायगढ़) में देवेंद्र पैकरा के यहां 328 क्विंटल अवैध धान शामिल है।
 
राइस मिलों पर भी कड़ी कार्रवाई, हजारों क्विंटल धान जप्त
 
औचक निरीक्षण में कई राइस मिलों में अवैध धान भंडारित पाया गया। इनमें मां भगवती एवं श्रीराम राइस मिल, धरमजयगढ़ में 400 क्विंटल, गोयल फूड मिल, रायगढ़ में 550 क्विंटल, बालाजी राइस मिल, देहजरी में 160 क्विंटल और सावित्री राइस मिल, खरसिया में 250 क्विंटल शामिल है। सभी मामलों में मंडी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।

अबतक 91 प्रकरण – 17,000 क्विंटल धान जप्त

जिला खाद्य अधिकारी श्री चितरंज सिंह ने बताया कि जिले में अबतक 91 प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिनमें 17 हजार क्विंटल से अधिक धान जप्त, जिसकी कीमत 5 करोड़ रुपए से अधिक है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसानों के हक को छीनने वाले और शासन को धोखा देने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि अवैध धान पर लगाम कसने से उपार्जन केंद्रों में भीड़ कम हुई है।वास्तविक किसान समय पर अपना धान बेच पा रहे है। खरीदी व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनी हुई है। कोचियों-बिचौलियों की पकड़ कमजोर हुई है। जिले में प्रशासनिक मुस्तैदी लगातार प्रभाव दिखा रही है, और खरीदी व्यवस्था को पटरी पर बनाए रखने के लिए अभियान जारी रहेगा।

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रायगढ़ : स्वच्छता में जिले को ओडीएफ प्लस बनाने गंभीरता से करें कार्य-जिला पंचायत सीईओ

रायगढ़, 3 दिसम्बर 2025/ स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत जिले को ओडीएफ प्लस बनाने के लिए आज कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर जिला पंचायत रायगढ़ के सभाकक्ष में बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत के सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे ने स्वच्छता संबंधी योजनाओं की प्रगति और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने व्यक्तिगत शौचालयों के निर्माण की प्रगति, जियो-टैगिंग, डीबीटी भुगतान, हमारा शौचालय-हमारा भविष्य अभियान में नामांकन, सामुदायिक शौचालयों के अधूरे कार्य, ओडीएफ प्लस गतिविधियों, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, शुल्क वसूली, प्लास्टिक व ठोस कचरा प्रबंधन, एफएसटीपी एवं पीडब्ल्यूएमयू संयंत्रों की कार्यशीलता सहित प्रमुख बिंदुओं पर समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
   जिला पंचायत सीईओ श्री पठारे ने कहा कि सभी ग्राम पंचायतों में स्वच्छता से जुड़ी गतिविधियों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने मैदानी अमले को नियमित मॉनिटरिंग और फोटो अपलोडिंग एवं गूगल शीट और पोर्टल पर समय पर रिपोर्ट अद्यतन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता कार्यों में जनभागीदारी को बढ़ाना, निगरानी तंत्र को मजबूत करना तथा नवीन पहलें अपनाना आवश्यक है, ताकि जिला ओडीएफ प्लस की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सके। स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी है। बैठक में अतिरिक्त सीईओ श्री महेश पटेल, एपीओ जिला पंचायत श्री बीरेंद्र सिंह रॉय, जिला सलाहकार अर्जुन मेहर, हीरा सिंह गोंड, विकासखंड समन्वयक, एसबीएम टीम, ब्लॉक स्वच्छता अधिकारी तथा स्वच्छता अभियान से जुड़े अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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रायगढ़ : श्री रामलला दर्शन योजना से श्रद्धालुओं के सपने हो रहे साकार, 102 श्रद्धालु अयोध्या धाम के लिए रवाना

रायगढ़, 3 दिसम्बर 2025/ श्री रामलला दर्शन योजना से जिले के श्रद्धालुओं के सपने साकार हो रहे है। योजना के तहत श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम में भगवान श्री रामलला का दर्शन करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। इसी क्रम में आज योजना के तहत रायगढ़ जिले से 102 श्रद्धालुओं का 12 वां जत्था बिलासपुर रेलवे स्टेशन के लिए रवाना हुआ। जिसमें ग्रामीण क्षेत्र से 78 एवं नगरीय क्षेत्र से 24 श्रद्धालु शामिल है। श्रद्धालु को रायगढ़ जिला मुख्यालय से बस के माध्यम से बिलासपुर रेलवे स्टेशन के लिए रवाना किया गया, जहां से वे विशेष ट्रेन द्वारा अयोध्या धाम की ओर प्रस्थान करेंगे। इस योजना के अंतर्गत श्रद्धालुओं को अयोध्या में श्री रामलला के दर्शन के साथ वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर के दर्शन और गंगा आरती का सौभाग्य प्राप्त होगा। श्री रामलला दर्शन योजना का लाभ उठाने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए भोजन, आवास एवं आवागमन की समुचित व्यवस्था शासन द्वारा सुनिश्चित की गई है। 
           रायगढ़ से रवाना होने के दौरान श्रद्धालुओं में तीर्थ यात्रा को लेकर विशेष उत्साह एवं आस्था का वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने कहा कि इस योजना से उनकी वर्षों से संजोया श्री रामलला दर्शन का सपना अब साकार होने जा रहा है। श्रद्धालुओं ने भावुकता के साथ कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की इस पहल ने हमें जीवन का अमूल्य अवसर दिया है, जिसके लिए हम उनके आभारी हैं। बचपन से रामायण में रामजन्मभूमि की कहानी सुनते आए थे, लेकिन अब पहली बार उस धरती पर जाने का सौभाग्य मिल रहा है। 

*क्या है श्री रामलला दर्शन योजना*
         मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरुप छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई श्री रामलला दर्शन योजना एक पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य के नागरिकों को अयोध्या में राम मंदिर के निःशुल्क दर्शन का अवसर प्रदान करना है। इस योजना के तहत, यात्रा, भोजन, आवास, और स्थानीय परिवहन सहित सभी खर्च छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा वहन किए जाते हैं। लाभार्थियों का चयन जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति द्वारा किया जाता है। आवेदन प्रक्रिया और विस्तृत दिशा-निर्देश संबंधित जिले के तहसील या उप-तहसील कार्यालयों में उपलब्ध होते हैं। इस यात्रा पैकेज में वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर के दर्शन और गंगा आरती भी शामिल होती है। यह योजना धार्मिक आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने का प्रतीक है।

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अमानक धान खपाने की थीं तैयारी, प्रशासन सख्त, लोईंग उपार्जन केंद्र में विवाद, मनोज प्रधान पर हुई प्रतिबंधात्मक कार्रवाई

रायगढ़, 3 दिसंबर 2025। राज्य शासन की धान खरीदी नीति के अनुरूप रायगढ़ जिले में धान खरीदी का कार्य सुचारू रूप से प्रगति पर है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर समिति प्रबंधकों द्वारा शासन के मानकों के अनुसार प्रत्येक उपार्जन केंद्र में धान खरीदी की प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा रहा है।
इसी क्रम में आज  बुधवार 3 दिसंबर को लोईंग धान उपार्जन केंद्र क्रमांक 845 में ग्राम महापल्ली के किसान श्री राजेन्द्र कुमार अग्रवाल, पिता महेश राम अग्रवाल द्वारा जारी टोकन के माध्यम से दो ट्राली में लगभग 42 क्विंटल खुला धान विक्रय के लिए लाया गया। केंद्र में तैनात जिला प्रशासन के अधिकृत प्राधिकारी द्वारा धान की मानक जांच किए जाने पर वह अमानक गुणवत्ता का पाया गया।
धान की गुणवत्ता अमानक पाए जाने पर समिति प्रबंधन द्वारा कृषक को विनम्रतापूर्वक सूचित किया गया कि ऐसा धान समिति में विक्रय योग्य नहीं है। समझाइश के दौरान केंद्र में मौजूद स्थानीय ग्रामीण मनोज प्रधान, पिता कालिया प्रधान, निवासी ग्राम लोईंग द्वारा धान प्रक्रिया में संलग्न अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार किए जाने की सूचना प्रशासन को मिली।
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए मनोज प्रधान के विरुद्ध बी.एन.एस.एस. के प्रावधानों के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए बंधपत्र निष्पादन की कार्यवाही संपादित की।
उक्त घटना के बाद जिला प्रशासन ने जिले के कृषकों एवं ग्रामीणजन से अपील की है कि धान खरीदी की संपूर्ण प्रक्रिया शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप संपन्न कराई जा रही है, इसलिए सभी किसान व ग्रामीणजन सहयोग प्रदान करें। अमानक धान के विक्रय, प्रक्रियाओं में अनावश्यक हस्तक्षेप या किसी भी प्रकार के अव्यवहारिक आचरण को गंभीरता से लिया जाएगा तथाआवश्यकतानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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मनोरा विकासखंड के हायर सेकेंडरी खरसोता एवं मनोरा में फेमेक्स कार्यक्रम के तहत आपदा प्रबंधन पर प्रशिक्षण


जशपुर : जिला प्रशासन जशपुर के पहल पर फेमेक्स कार्यक्रम अंतर्गत एन. डी.आर.एफ. की टीम द्वारा विद्यार्थियों, शिक्षकों और समुदाय को आपदा के समय सुरक्षित, सजग और सक्षम बनाने के उद्देश्य से आपदा प्रबंधन जागरूकता पर सैद्धान्तिक एवं प्रायोगिक प्रशिक्षण विकासखंड-मनोरा के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खरसोता में आयोजित हुई। जिसमें विकास खंड शिक्षा अधिकारी श्री तरूण कुमार पटेल, विद्यालय प्राचार्य श्री तिनतियुस टोप्पो, शिक्षकगण, विद्यार्थी, ग्राम पंचायत के सरपंच श्रीमती पदमावती ओहदार, संजय भगत सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने सक्रिय उपस्थिति दर्ज की।
प्रशिक्षण कार्यक्रम 03 BN NDRF, मुण्डली, कटक, ओडिशा की विशेष टीम, जिसका नेतृत्व इंस्पेक्टर वारूण कुमार एवं सब-इंस्पेक्टर बहादुर सिंह द्वारा किया गया। टीम ने विद्यालय परिसर में आपदा प्रबंधन से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर लाइव प्रदर्शन एवं जागरूकता सत्र आयोजित किए।
कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं 
1.आपदा प्रबंधन पर जागरूकता सत्र- NDRF टीम ने भूकंप, बाढ़, अग्निकांड, सड़क दुर्घटना एवं अन्य आपदाओं की स्थिति में क्या करें और क्या न करें – इस विषय पर विस्तृत जानकारी दी। विद्यार्थियों को प्राथमिक उपचार (First Aid), बचाव तकनीक (Rescue Techniques) तथा सुरक्षित निकासी (Safe Evacuation) के तरीकों से अवगत कराया।
2.लाइव डेमोंस्ट्रेशन- टीम ने असली उपकरणों का उपयोग करते हुए राहत एवं बचाव की विभिन्न विधियों का प्रदर्शन किया। इससे विद्यार्थियों में आपदा की परिस्थितियों से निपटने की समझ और क्षमता विकसित हुई।
3 सामुदायिक सहभागिता- ग्राम पंचायत के सरपंच की मौजूदगी ने कार्यक्रम को सामुदायिक स्तर पर विशेष महत्व प्रदान किया। स्थानीय जनता को भी कार्यक्रम के दौरान आपदाओं से सुरक्षा के उपायों के बारे में जागरूक किया गया।
4.विद्यालय परिवार की सक्रिय भूमिका- प्राचार्य एवं शिक्षकगण ने कार्यक्रम की व्यवस्था को सफल बनाने में विशेष योगदान दिया। विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे और स्वयं प्रशिक्षण में शामिल हुए। NDRF टीम के मार्गदर्शन से विद्यार्थियों में आपदा प्रबंधन की वास्तविक समझ विकसित हुई।
इसी प्रकार विकासखंड मनोरा के ही  पी.एम.श्री.स्कूल सेजेस मनोरा में भी प्राचार्य श्री संशोधन मिंज के नेतृत्व एवं सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री जगतपाल राम की उपस्थिति में आपदा प्रबंधन पर प्रशिक्षण दिया गया जिसमें 316 छात्र-छात्राओं एवं संस्था के उपस्थित शिक्षको में समझ विकसित हुई। कार्यक्रम ने न केवल जागरूकता बढ़ाई बल्कि दोनों विद्यालय परिसर में आपदा-प्रबंधन संस्कृति को मजबूत किया। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन ने NDRF टीम का आभार व्यक्त किया। सभी उपस्थित जनों ने इस कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक बताया। फेमैक्स 2025-26 का यह आयोजन निश्चित रूप से विद्यालय और समुदाय दोनों के लिए आपदा-प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ हो रही धान खरीदी, किसानों को मिल रही बड़ी सहूलियत,जिले में अब तक 4 हजार से अधिक टोकन जारी

रायगढ़, 3 दिसम्बर 2025/ खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में जिले के 105 धान उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी कार्य पूरी पारदर्शिता, संवेदनशीलता और सुव्यवस्था के साथ जारी है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार उपार्जन केंद्रों में पेयजल, शौचालय, बैठने की व्यवस्था, तौल-कांटा, बारदाना एवं स्टैकिंग जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं, जिससे किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही है।
          जिले में अब तक 4123 टोकन जारी किए जा चुके हैं, जिनके आधार पर किसानों से सुगमतापूर्वक धान खरीदी की जा रही है। टोकन व्यवस्था के कारण किसानों को निर्धारित समय पर केंद्र में पहुंचकर बिना किसी भीड़-भाड़ और इंतजार के धान बेचने की सुविधा मिल रही है। पंजीकृत टोकनों के विरुद्ध खरीदी का प्रतिशत 99.39 दर्ज किया गया है, जो इस व्यवस्था की पारदर्शिता और प्रभावशीलता को दर्शाता है।

*किसानों ने जताया आभार, सुविधाओं से पूरी तरह संतुष्ट*
धान विक्रय के लिए उपार्जन केंद्र कोड़ातराई पहुंचे लोहरसिंह के सीमांत किसान श्री कार्तिकेश्वर गुप्ता ने बताया कि उन्होंने ढाई एकड़ खेत में धान की फसल ली थी और 42 क्विंटल धान विक्रय के लिए ऑनलाइन टोकन लिया। उन्होंने कहा कि टोकन कटाने से लेकर धान विक्रय तक किसी भी चरण में कोई परेशानी नहीं हुई। केंद्र में पेयजल, बैठने की व्यवस्था, तौल-कांटा, बारदाना और स्टैकिंग सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह सरल, सुरक्षित और पारदर्शी है। उन्होंने शासन और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस व्यवस्था से किसानों का समय और श्रम दोनों की बचत हुई है।

*हमारी उपज का सम्मान मिल रहा है-किसानों की प्रतिक्रिया*
धान बेचने पहुंचे अन्य किसानों ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुसार इस वर्ष धान खरीदी व्यवस्था और भी बेहतर और किसान हितैषी साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल की मानक उपज के आधार पर धान खरीदा जा रहा है। इससे हमारे परिश्रम और फसल का वास्तविक मूल्य मिल रहा है। इसके लिए हम मुख्यमंत्री श्री साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभारी हैं। किसानों ने कहा कि प्रशासन द्वारा बनाई गई सरल, सुचारू और पारदर्शी व्यवस्था के कारण वे पूरी तरह संतुष्ट हैं।

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एसआईआर:रायगढ़ जिले के 1033 पोलिंग बूथ में डिजिटाइजेशन कार्य सौ फ़ीसदी पूरा,धरमजयगढ़ विधानसभा बना पहला पूर्णतः डिजिटाइज्ड क्षेत्र

रायगढ़, 03 दिसंबर 2025। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत जिले के 1033 पोलिंग बूथ में 100 प्रतिशत डिजिटाइजेशन कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। सबसे उल्लेखनीय उपलब्धि यह रही कि धरमजयगढ़ विधानसभा क्षेत्र जिले में पहला ऐसा विधानसभा बना, जहाँ 100 प्रतिशत डिजिटाइजेशन का लक्ष्य पूर्ण हुआ है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री मयंक चतुर्वेदी ने इस उपलब्धि के लिए समस्त प्रशासनिक अधिकारियों और बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) को बधाई दी। उन्होंने कहा कि एसआईआर कार्य निर्वाचन आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है, जिसकी सतत निगरानी की जा रही है। कलेक्टर ने शेष बूथों के बीएलओ को निर्धारित समय-सीमा में शत-प्रतिशत डिजिटाइजेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
     जिला कलेक्ट्रेट में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने 8 उत्कृष्ट बीएलओ को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इनमें श्रीमती पायल चंद्रिकापुरे, बीएलओ, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता (रायगढ़-85), श्री राजेश दास बैरागी,बीएलओ सुपरवाइजर, राजस्व उप निरीक्षक, श्रीमती मंजू शर्मा, सहायक शिक्षक (अभिहित अधिकारी), श्री सुशील गुप्ता, प्रधान पाठक (मास्टर ट्रेनर), श्रीमती शकुन्तला देवी बीएलओ, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता (रायगढ़-02), श्रीमती अनिता नायक बीएलओ, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता (रायगढ़-81), श्रीमती गीता गुप्ता, बीएलओ, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता (रायगढ़-82) और श्रीमती मेनका कुर्रे, बीएलओ, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता (रायगढ़-84) शामिल है। कलेक्टर ने सभी बीएलओ को अपने कर्तव्य के प्रति समर्पित भाव से कार्य करते रहने प्रोत्साहित किया।

जिले में 99 प्रतिशत से अधिक डिजिटाइजेशन पूर्ण

उप जिला निर्वाचन अधिकारी  ने बताया कि जिले में कुल 9,14,669 मतदाताओं में से 9,06,171 से अधिक का डिजिटाइजेशन कार्य पूर्ण कर लिया गया है, जो कि 99 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने बताया कि लैलूंगा विधानसभा में 99.97 प्रतिशत, रायगढ़ विधानसभा में 98.43 प्रतिशत, खरसिया विधानसभा में 99.97 प्रतिशत और धरमजयगढ़ विधानसभा में 100 प्रतिशत डिजिटाइजेशन कार्य पूर्ण कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि जिले में कुल पोलिंग बूथ की संख्या 1156 है, जिसमें 60–80 फीसदी डिजिटाइजेशन पूर्ण करने वाले बूथ की संख्या 02 है। 80–99 फीसदी डिजिटाइजेशन पूर्ण करने वाले बूथ की संख्या 121 है। वहीं 100 प्रतिशत डिजिटाइजेशन कार्य पूर्ण करने वाले पोलिंग बूथ की संख्या 1033 है। उन्होंने बताया कि शेष पोलिंग बूथों में डिजिटाइजेशन कार्य तेजी से जारी है और जल्द ही पूरे जिले में सौ फीसदी डिजिटाइजेशन का लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा।

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*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज हुई कैबिनेट की बैठक, राज्य के घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को बिजली बिल में रियायत देने के साथ ही कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए*

रायपुर 03 दिसम्बर 2025

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में राज्य के घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को बिजली बिल में रियायत देने के साथ ही अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए - 

 मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान (M-URJA) - राज्य के घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत देने के लिए मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान राज्य में 01 दिसम्बर 2025 से लागू है, जिसके तहत घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को 100 यूनिट से बढ़ाकर अब 200 यूनिट प्रति माह तक बिजली बिल में 50 प्रतिशत छूट का लाभ मिलेगा। यह लाभ 400 यूनिट तक खपत वाले उपभोक्ताओं को भी मिलेगा। 

राज्य में 200 से 400 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को अगले एक वर्ष तक 200 यूनिट तक, बिजली बिल में 50 प्रतिशत छूट का लाभ मिलेगा, इससे 6 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे, ताकि इस अवधि में वे अपने घरों में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर प्लांट स्थापित करा सके।

इस तरह मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान से प्रदेश के 42 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे, वहीं प्रधानमंत्री सूर्य घर मुक्त बिजली योजना का लाभ प्रदेश के सभी उपभोक्ताओं को मिलेगा। 

गौरतलब है कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत राज्य शासन की ओर से सब्सिडी दी जा रही है, जिसके तहत 1 किलोवॉट क्षमता के सोलर प्लांट पर 15,000 रुपये तथा 2 किलोवॉट या उससे अधिक क्षमता के प्लांट पर 30,000 रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी दी जा रही है। यह व्यवस्था राज्य में सौर ऊर्जा अपनाने को प्रोत्साहित करेगी और आने वाले समय में उपभोक्ताओं को हाफ बिजली से फ्री बिजली की ओर ले जाएगी।

 छत्तीसगढ़ भण्डार क्रय नियम, 2002 में स्थानीय लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों से क्रय को प्रोत्साहन देने तथा जेम पोर्टल में क्रय की स्पष्टता के लिए संशोधन किए जाने का निर्णय लिया गया। इन संशोधन से क्रय प्रक्रिया का सरलीकरण होगा, पारदर्शिता में वृद्धि होगी, प्रतिस्पर्धा को बढा़वा मिलेगा तथा समय और संसाधनों की बचत होगी। 

 मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) (संशोधन) विधेयक, 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। 

 मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना (नियोजन एवं सेवा की शर्तों का विनियमन) अधिनियम, 2017 (क्र. 21 सन् 2018) में संशोधन हेतु छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना संशोधन विधेयक, 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। जिससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के रिफॉर्म्स और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। 



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बिचौलियों और कोचियों के माध्यम से अवैध धान की खरीद-फरोख्त न हो,वास्तविक किसानों को धान बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो — कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी

रायगढ़, 03 दिसंबर 2025/खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य को सुचारू व पारदर्शी बनाने जिले में प्रशासनिक मॉनिटरिंग लगातार जारी है। इसी क्रम में कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने रायगढ़, पुसौर और खरसिया विकासखंड के धान उपार्जन केंद्रों कोतरा, केसला, जैमुरा और चपलेका औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने किसानों से संवाद कर उनकी समस्याएं जानी और केंद्र प्रबंधकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
      कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि वास्तविक किसानों को धान विक्रय में किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बिचौलियों और कोचियों के माध्यम से अवैध खरीद-फरोख्त किसी भी स्तर पर नहीं होना चाहिए, इसके लिए पूर्ण सतर्कता बरती जाए। कलेक्टर ने नोडल अधिकारियों को अपने-अपने उपार्जन केंद्रों की कड़ी निगरानी, सूचना तंत्र को मजबूत करने तथा खरीदी की प्रत्येक प्रक्रिया का सटीक पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

*धान की ढेरी लगाकर खरीदी करें, नमी अवश्य मापें*

      कलेक्टर ने उपार्जन केंद्रों में व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए कहा कि किसानों द्वारा लाए गए धान की नमी का परीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाए। धान की ढेरी लगाकर सुव्यवस्थित खरीदी करें। तौल मशीन की सटीकता सुनिश्चित करें। शासन द्वारा धान खरीदी हेतु जारी सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाए। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि केसला उपार्जन केंद्र में अबतक 104 किसानों से 5498 क्विंटल धान खरीदा गया। कोतरा उपार्जन केंद्र में 28 किसानों से 1764 क्विंटल धान की खरीदी, जैमुरा उपार्जन केंद्र में 21 किसानों से 1086 क्विंटल खरीदी, 8 किसानों द्वारा 0.169 हेक्टेयर रकबा समर्पित किया गया है। चपले उपार्जन केंद्र में 76 किसानों से 3351.20 क्विंटल खरीदी, 41 किसानों से 1.238 हेक्टेयर रकबा समर्पित किया गया है।
      कलेक्टर ने उपार्जन केंद्रों में स्टैकिंग, बारदाना उपलब्धता और आगामी दिनों की खरीदी लिमिट को लेकर भी विस्तृत समीक्षा की गई। निरीक्षण के दौरान रायगढ़ एसडीएम श्री महेश शर्मा, खरसिया एसडीएम श्री प्रवीण तिवारी सहित राजस्व, खाद्य, कृषि तथा मंडी समिति के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

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