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अटल स्मृति सम्मेलन में गूंजा राष्ट्रभक्ति का स्वर, सुशासन और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का हुआ भव्य स्मरण, पत्थलगांव के अग्रसेन भवन में विधानसभा स्तरीय आयोजन

 जशपुर 09 जनवरी 2026,नगर के अग्रसेन भवन में भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में विधानसभा स्तरीय अटल स्मृति सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य अटल जी के राष्ट्रवादी विचारों, सुशासन की अवधारणा, लोकतांत्रिक मूल्यों एवं जनसेवा की भावना को जन-जन तक पहुँचाना रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, प्रबुद्धजन एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति के ऐसे शिखर पुरुष थे जिन्होंने विचार, व्यवहार और नेतृत्व — तीनों में मर्यादा स्थापित की। उन्होंने कहा कि अटल जी का जीवन सादगी, संवेदनशीलता और समर्पण का प्रतीक था।
श्रीमती साय ने कहा कि आदिवासी, ग्रामीण और वंचित समाज के उत्थान के लिए अटल जी की सोच दूरदर्शी थी। उन्होंने ग्राम सड़क योजना, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े निर्णयों को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि आज भी देश उन्हीं नीतियों के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है।

पूर्व प्रदेश महामंत्री कृष्ण कुमार राय ने अपने अत्यंत भावपूर्ण एवं प्रेरणादायक उद्बोधन में स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के जशपुर प्रवास को याद किया। उन्होंने कहा कि अटल जी का जशपुर आना केवल एक राजनीतिक दौरा नहीं था, बल्कि वह आदिवासी अंचल के प्रति उनके गहरे आत्मीय लगाव का प्रतीक था।

श्री राय ने कहा कि जशपुर प्रवास के दौरान अटल जी ने जिस सरलता से आम जनता से संवाद किया, वह आज भी लोगों के हृदय में अंकित है। उन्होंने बताया कि अटल जी आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा और संघर्ष को गहराई से समझते थे और हमेशा मुख्यधारा से जोड़ने की बात करते थे।

उन्होंने आगे कहा कि पोखरण परमाणु परीक्षण के माध्यम से अटल जी ने देश को सामरिक आत्मनिर्भरता दी, वहीं स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से देश के सुदूर अंचलों को विकास की धारा से जोड़ा।
श्री राय ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि अटल जी के राष्ट्र प्रथम के विचार को जीवन में उतारें और संगठनात्मक मजबूती के साथ समाजसेवा में सक्रिय भूमिका निभाएं।

केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष रामकिशुन सिंह ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी की आर्थिक दृष्टि में सहकारिता और आत्मनिर्भरता का विशेष स्थान था। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए अटल जी ने सहकारी संस्थाओं को मजबूती दी।
उन्होंने कहा कि आज आत्मनिर्भर भारत की जो संकल्पना साकार हो रही है, उसकी वैचारिक नींव अटल जी के कार्यकाल में ही रख दी गई थी।

पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष  सुनील गुप्ता ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी संगठन के प्रति अत्यंत संवेदनशील नेता थे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को सदैव सम्मान दिया और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करना सिखाया।
उन्होंने कहा कि अटल जी ने यह सिद्ध किया कि राजनीति सत्ता का नहीं, सेवा का माध्यम है।


कार्यक्रम का स्वागत भाषण जिला महामंत्री मनीष अग्रवाल ने दिया। उन्होंने कहा कि अटल स्मृति सम्मेलन नई पीढ़ी को अटल जी के विचारों से जोड़ने का सशक्त माध्यम है और ऐसे आयोजन निरंतर होते रहना चाहिए।
आभार व्यक्त एवं समापन की घोषणा जिला महामंत्री मुकेश शर्मा ने किया।


कार्यक्रम का सफल एवं प्रभावी संचालन जिला मंत्री आनंद शर्मा ने किया। उनके कुशल संचालन से पूरा कार्यक्रम अनुशासित और प्रेरणादायक वातावरण में संपन्न हुआ।

सम्मेलन के अंत में उपस्थितजनों ने अटल बिहारी वाजपेयी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। कार्यक्रम राष्ट्रसेवा, सुशासन और संगठनात्मक सशक्तिकरण के संकल्प के साथ संपन्न हुआ।

उक्त जानकारी देते हुए जिला भाजपा मीडिया प्रभारी फैज़ान सरवर खान ने बताया कि सम्मेलन में मुख्य रूप से जिला महामंत्री मुकेश शर्मा, जनपद अध्यक्ष धनियारो परहा, ठाकुर पुरषोत्तम सिंह, सुनील अग्रवाल, संतोष दास, हरजीत सिंह भाटिया, गणेश जैन, रोशन प्रताप सिंह, अनिल मित्तल, अंकित बंसल, प्रवीण अग्रवाल, संजय लोहिया, अवधेश गुप्ता,  हेमंत बंजारा, विशाल अग्रवाल, जागेश्वर यादव, प्रतीक सिंह, भुनेश्वरी बेहरा, भारती शर्मा, गुड़िया यादव,  सांवरिया अग्रवाल, नरेश यादव, सहित भाजपा पदाधिकारी, पार्षदगण एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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शिक्षकों के सब्र का बांध टूटा : 17 जनवरी को छत्तीसगढ़ के 33 जिला मुख्यालयों में एक साथ गूंजेगा अधिकारों का हुंकार, जागरूक शिक्षक संघ ने दिया खुला व नि:शर्त समर्थन

रायपुर 09 जनवरी 2026 : 
आगामी 17 जनवरी 2026 को छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन द्वारा प्रदेश के सभी 33 जिला मुख्यालय में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन एवं आंदोलन किया जा रहा है।
यह आंदोलन प्रदेश के 69 हजार सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर करने, एक लाख अस्सी हजार शिक्षक एलबी संवर्ग को क्रमोन्नति वेतनमान देने, पुरानी पेंशन बहाल करने व प्रथम सेवा गणना कर समस्त लाभ देने की मांग को लेकर किया जा रहा है।
उक्त आंदोलन को छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ ने अपना नि:शर्त एवं खुला समर्थन दिया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू, प्रदेश उपाध्यक्ष वीरेंद्र साहू, प्रदेश सचिव राजेंद्र लाडेकर, प्रदेश महासचिव भोजराम साहू, गायत्री मंडलोई, महेश्वर कोटपरिहा, प्रदेश संयुक्त सचिव हरिशंकर पटेल, कमलेश कुमार भारती, प्रदेश प्रवक्ता, नरेंद्र तिवारी, केशव पटेल, सहित अन्य प्रदेश कार्यकारिणी सदस्यों  ने बताया कि 2018 में शिक्षक एलबी संवर्ग का शिक्षा विभाग में संविलियन हुआ था। परंतु शिक्षकों की सेवा गणना हमारे प्रथम नियुक्ति तिथि से न कर, संविलियन तिथि से की गई है।
जबकि शिक्षा विभाग में शिक्षक एलबी संवर्ग 1995-98 से सेवा दे रहे हैं। हमारी प्रथम सेवा गणना नहीं करने से हम शिक्षकों को काफी ज्यादा नुकसान हो रहा है। कई शिक्षक एलबी संवर्ग रिटायर हो गए हैं। कई शिक्षक रिटायर होने के कगार पर हैं। सेवा गणना नहीं होने से हमको पेंशन नहीं मिल पा रही है। जिससे हमारे सामने विचित्र स्थिति उत्पन्न हो गई है। कई शिक्षक सेवानिवृत्त होने के बाद दूसरों के घरों में मजदूरी करने मजबूर हैं क्योंकि पेंशन नहीं मिलने से उनके घर में भूखों मरने की नौबत आ गई है। ऐसे में सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन द्वारा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आगामी 17 जनवरी को एकदिवसीय जिलास्तरीय आंदोलन का ऐलान किया गया है।
यह बात उल्लेखनीय है कि राज्य की भाजपा सरकार ने 2018 विधानसभा चुनाव से पहले अपने चुनावी घोषणा पत्र में सहायक शिक्षकों के वेतन विसंगति दूर करने, क्रमोन्नति वेतन देने एवं प्रथम सेवा गणना करने सहित विभिन्न लिखित वादा किया था। परंतु 2 साल पूर्ण होने के बाद भी आज तक मांगे पूरी नहीं हुई है।
आगामी 17 जनवरी के उक्त हड़ताल का छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ द्वारा खुला एवं नि:शर्त समर्थन करते हुए प्रदेश के अपने सभी जिला अध्यक्ष एवं 146 विकासखंड अध्यक्ष को निर्देशित करते हुए कहा है कि 17 तारीख को सभी 33 जिला मुख्यालयों में होने वाले आंदोलन में संगठन के सभी सदस्य शामिल हो एवं प्रदेश के सभी शिक्षक साथियों की अधिक से अधिक संख्या में हड़ताल में उपस्थित सुनिश्चित की जाए।

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धान खरीदी में लापरवाही पर प्रशासन की कार्रवाई, गेरसा के धान खरीदी प्रभारी हटाए गए

अंबिकापुर 09 जनवरी 2026/  खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत धान खरीदी कार्य में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सतत निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित गेरसा में कलेक्टर श्री  अजीत वसंत द्वारा दिनांक 07 जनवरी 2026 को आकस्मिक निरीक्षण किया गया था।
निरीक्षण के दौरान विपणन संघ के नए बोरे में भरे हुए धान के नाप-तौल के समय गंभीर अनियमितता पाई गई। फड़ प्रभारी की लापरवाही के कारण एक बोरे में 35.600 किलोग्राम धान पाया गया, जो निर्धारित मानक के अनुरूप नहीं था। कलेक्टर द्वारा धान खरीदी प्रभारी को हटाए जाने के निर्देश दिए गए थे।
अनियमितता को गंभीरता से लेते हुए समिति द्वारा तत्काल प्रभाव से धान खरीदी कार्य से धान खरीदी प्रभारी सुमित गुप्ता को पृथक कर दिया गया है। साथ ही समिति के कंप्यूटर ऑपरेटर श्री देव चरण सिंह को धान खरीदी प्रभारी नियुक्त किया गया है।
कलेक्टर श्री वसंत ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने सभी समितियों को निर्धारित मापदंडों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

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प्रशासन गाँव की ओर—जनता के द्वार पहुँचेगी शासन की योजनाएँ,जिले में 09 से 29 जनवरी तक 39 ग्राम पंचायतों में सुशासन शिविरों का होगा व्यापक आयोजन

जशपुरनगर 08 जनवरी 2026/ जिले में शासन की महत्वाकांक्षी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने तथा योजनाओं से वंचित हितग्राहियों को संतृप्त करने के उद्देश्य से जिले के समस्त विकासखण्डों के क्लस्टर ग्राम पंचायतों में सुशासन शिविर का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों के माध्यम से आम नागरिकों को विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी दी जाएगी, साथ ही पेंशन, राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास, व्यक्तिगत शौचालय, मनरेगा, आयुष्मान कार्ड, दिव्यांग कार्ड, नामांतरण-बंटवारा, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, नल-जल जैसी सेवाओं के लिए आवेदन भी प्राप्त कर निराकरण किया जाएगा।
कलेक्टर श्री रोहित व्यास द्वारा विकासखण्ड स्तरीय शिविरों के लिए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पत्थलगांव, फरसाबहार, जशपुर, बगीचा एवं कुनकुरी को नोडल अधिकारी तथा संबंधित जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। शिविरों में तहसीलदार, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, वन परिक्षेत्र अधिकारी, खण्ड चिकित्सा अधिकारी, वरिष्ठ कृषि अधिकारी, उद्यान अधीक्षक, महिला-बाल विकास विभाग, खाद्य निरीक्षक, पशुपालन, रेशम विभाग, पंचायत अमला, आंगनबाड़ी, मितानिन, एनआरएलएम, कोटवार, पटवारी सहित सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहेंगे।
कलेक्टर श्री व्यास ने निर्देशित किया है कि सभी नोडल अधिकारी शिविरों का सफल आयोजन सुनिश्चित करें तथा प्रत्येक शिविर के उपरांत पालन प्रतिवेदन कार्यालय में प्रस्तुत करें। जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि शासन की योजनाओं का लाभ सीधे ग्रामीणों तक पहुँचे और कोई भी पात्र हितग्राही लाभ से वंचित न रहे।

       जिले में सुशासन शिविरों की शुरुआत 09 जनवरी 2026 से होगी। इस दिन बम्हनी, सोलकेरा, बोखी एवं तिलंगा ग्राम पंचायतों में शिविर लगाए जाएंगे। 10 जनवरी 2026 को कोरना, आरा, पगुराबहार एवं नकटीमुण्डा ग्राम पंचायतों में शिविर आयोजित होंगे। 12 जनवरी 2026 को दुलदुला विकासखंड के भुसडीटोली, जशपुर के बरगांव, फरसाबहार के उपरकछार तथा कांसाबेल के शब्दमुण्डा ग्राम पंचायतों में शिविर लगेंगे। 15 जनवरी 2026 को सिरिमकेला, नरायणपुर, जामबहार, बिरिमडेगा एवं कोटानपानी ग्राम पंचायतों में सुशासन शिविर आयोजित किए जाएंगे। 16 जनवरी 2026 को चटकपुर, पीडी, भेजरीडांड, झिमकी एवं सेमरकच्छार ग्राम पंचायतों में शिविर होंगे। 17 जनवरी 2026 को बेहराखार, पटिया एवं महेशपुर ग्राम पंचायतों में शिविर आयोजित किए जाएंगे। 19 जनवरी 2026 को पकरीकच्छार, अलोरी, मुडाबहला एवं बुटंगा ग्राम पंचायतों में शिविर लगाए जाएंगे। 22 जनवरी 2026 को चराईखारा, रेमने, काडरो एवं कलिया ग्राम पंचायतों में शिविर होंगे। 23 जनवरी 2026 को हेठकापा, ओरकेला एवं गायलुंगा ग्राम पंचायतों में सुशासन शिविर आयोजित होंगे। 24 जनवरी 2026 को जेकबहला, घाघरा एवं बछरांव ग्राम पंचायतों में शिविर लगाए जाएंगे, जबकि 29 जनवरी 2026 को गुरमाकोना ग्राम पंचायत में शिविर आयोजित कर इस श्रृंखला का समापन किया जाएगा।

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बखरूटोला में 10-11 जनवरी को भव्य रामायण स्वर मानस सम्मेलन,छत्तीसगढ़ भर की रामायण मंडलियों का होगा संगम, भाजपा-कांग्रेस के दिग्गज नेता रहेंगे मंचासीन

राजनांदगांव/छुरिया 08 जनवरी 2026
निप्रस्थ ग्राम बखरूटोला में आगामी 10 एवं 11 जनवरी, शनिवार एवं रविवार को दो दिवसीय रामायण स्वर मानस सम्मेलन का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में कांकेर, गुंडरदेही, महासमुंद, घटारानी, अहिवारा सहित छत्तीसगढ़ प्रदेश के विभिन्न जिलों से अनेक प्रतिष्ठित रामायण मंडलियां भाग लेंगी।

ग्राम बखरूटोला में यह आयोजन चौथे वर्ष में प्रवेश कर रहा है, जिससे क्षेत्र में धार्मिक व सांस्कृतिक उत्साह का वातावरण निर्मित हो गया है।

10 जनवरी को होगा भव्य उद्घाटन समारोह

सम्मेलन का उद्घाटन 10 जनवरी शनिवार को सुबह 10 बजे किया जाएगा। उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि स्थानीय विधायक भोलाराम साहू होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष विपिन यादव करेंगे।

विशेष अतिथि के रूप में छन्नी साहू पूर्व विधायक खुज्जी, रितेश जैन अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस कमेटी छुरिया, राजकुमार सिन्हा कार्यकारी अध्यक्ष, पुष्पा सिन्हा मंडल अध्यक्ष, राजकुमारी सिन्हा पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष छुरिया, अनुसुइया ललित आंचले सरपंच नादिया खुर्द, संजय सिन्हा उपसरपंच, रूपेंद्र साहू ग्राम पटेल बखरूटोला, तिलक राम सरपंच झाड़ीखैरी, रोहित पटेल समाजसेवी, चेतन पटेल समाजसेवी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे।

11 जनवरी को समापन समारोह, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि होंगे शामिल

रामायण मानस सम्मेलन समिति के अध्यक्ष भीषण लाल साहू, सचिव बल्लूराम मंडावी एवं कोषाध्यक्ष कलेश्वर दास साहू ने बताया कि सम्मेलन का समापन 11 जनवरी रविवार की शाम को होगा।

समापन समारोह की मुख्य अतिथि जिला पंचायत राजनांदगांव की अध्यक्ष किरण रविंद्र वैष्णव होंगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता जनपद पंचायत छुरिया के अध्यक्ष संजय सिंहा करेंगे।

विशेष अतिथि के रूप में एमडी ठाकुर उपाध्यक्ष प्रदेश भाजपा, चंद्रिका प्रसाद डडसेना वरिष्ठ भाजपा नेता, बीरम बाई मंडावी सदस्य जिला पंचायत, अजय पटेल अध्यक्ष जनपद पंचायत छुरिया, उभय राम मंडावी, कामता प्रसाद साहू, भूखन लाल धनकर, अनुसुइया ललित आंचले सरपंच नादिया खुर्द, ललित साहू सरपंच भरीटोला, शिवा मिश्रा अध्यक्ष सेवा सहकारी समिति, सतीश यादव समाजसेवी, विश्राम पाल ग्राम पटेल, पद्मभूषण साहू, मोनू गुप्ता, रूपेंद्र साहू ग्राम पटेल बखरूटोला, गणेश लाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि व सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहेंगे।

धार्मिक-सांस्कृतिक समरसता का बनेगा केंद्र

रामायण मानस सम्मेलन समिति ने क्षेत्रवासियों से अधिक संख्या में पहुंचकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है। यह सम्मेलन धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता का संदेश देगा।

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स्वामी विवेकानंद के विचारों से युवाओं को प्रेरित करेगा जशपुर का युवा संगम,11 जनवरी को सरस्वती शिशु मंदिर में विवेकानंद यूथ सर्कल का आयोजन

जशपुरनगर 08 जनवरी 2026 : 
स्वामी विवेकानंद के जीवन संदेश और युवाओं के प्रति उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से विवेकानंद यूथ सर्कल जशपुर द्वारा आगामी 11 जनवरी, रविवार को सरस्वती शिशु मंदिर जशपुर में युवा संगम कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्वाधान में संपन्न होगा।

स्वामी विवेकानंद का यह कथन— “यदि मुझे 100 चरित्रवान युवा मिल जाएं, तो मैं देश का भविष्य बदल सकता हूं”— इस आयोजन की प्रेरणा का मूल आधार है। इसी उद्देश्य को साकार करने के लिए चरित्रवान, कर्तव्यनिष्ठ और राष्ट्रभक्त युवाओं के निर्माण की दिशा में यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।

कार्यक्रम प्रातः 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक चलेगा। इस दौरान युवाओं के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए वाद-विवाद प्रतियोगिता, भाषण, खेल गतिविधियां और क्विज प्रतियोगिता आयोजित की जाएंगी। इन गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को वर्तमान सामाजिक, शैक्षणिक और राष्ट्रीय परिस्थितियों से अवगत कराया जाएगा, साथ ही उनके समाधान पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।

आयोजकों के अनुसार युवा संगम का उद्देश्य युवाओं में सामूहिकता, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और मिलकर कार्य करने की भावना को विकसित करना है। कार्यक्रम युवाओं को सकारात्मक सोच के साथ समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को समझने का अवसर प्रदान करेगा।इस कार्यक्रम में 16 से 36 वर्ष आयु वर्ग के विद्यालय एवं महाविद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राएं तथा विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत युवक-युवतियां भाग ले सकेंगे। आयोजन के माध्यम से युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने और व्यक्तित्व विकास का मंच मिलेगा।

विवेकानंद यूथ सर्कल जशपुर ने जिले के युवाओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस युवा संगम में शामिल होकर स्वामी विवेकानंद के विचारों को आत्मसात करें और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।

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माण्ड नदी के चपले एनीकट में हाईड्रो पंपिंग सिंचाई परियोजना का कलेक्टर ने किया निरीक्षण,तालाब व फील्ड चैनल के माध्यम से खेतों तक पहुंचेगा सिंचाई जल

रायगढ़, 08 जनवरी 2025। रायगढ़ जिले के विकासखण्ड खरसिया अंतर्गत माण्ड नदी पर स्थित चपले एनीकट में संचालित हाईड्रो पंपिंग आधारित सिंचाई कार्य का आज कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी द्वारा निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान भारतीय विज्ञान संस्थान (आई.आई.एस.सी.) बैंगलुरू के प्रोफेसर श्री पुनित सिंह, कार्यपालन अभियंता जल संसाधन संभाग श्री होमेश नायक, संबंधित अनुविभागीय अधिकारी, तकनीकी अमला एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों द्वारा बताया गया कि शासन द्वारा इस महत्वाकांक्षी सिंचाई परियोजना के लिए 292.89 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसमें से 196.52 लाख रुपए की राशि का अनुबंध किया जा चुका है। वर्तमान में हाईड्रो टरबाईन पंप आधारित प्लेटफार्म का लगभग 60 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। वहीं, प्लेटफार्म से डिस्ट्रीब्यूशन चैम्बर तक पाइपलाइन बिछाने का कार्य 50 प्रतिशत तक पूर्ण कर लिया गया है। चपले एनीकट से हाईड्रो टरबाईन पंप आधारित प्लेटफार्म के मध्य पाइपलाइन बिछाने का कार्य प्रगतिरत है।

कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने कार्य की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि समस्त निर्माण कार्य मार्च 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि परियोजना के पूर्ण होने से चपले एनीकट से पानी डिस्ट्रीब्यूशन प्रणाली के माध्यम से तालाब तक पहुंचाया जाएगा तथा वहां से फील्ड चैनल के जरिए किसानों के खेतों तक सिंचाई जल की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।

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रेंगालपाली चेकपोस्ट में 63 वाहनों पर हुई चालानी कार्रवाई,कलेक्टर के निर्देश पर सड़क सुरक्षा माह में सख्त अभियान

रायगढ़, 8 जनवरी 2026/ सड़क सुरक्षा माह जनवरी के अंतर्गत जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने हेतु कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर परिवहन विभाग द्वारा सघन जाँच एवं जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
         इसी क्रम में कल रेंगालपाली चेकपोस्ट पर विशेष अभियान चलाया गया। जाँच के दौरान बिना रिफ्लेक्टर के संचालित पाए गए 63 वाहनों पर मोटर वाहन अधिनियम 104/177 एमव्हीए 1988 के अंतर्गत कार्यवाही करते हुए कुल 31 हजार 500 रुपए की चालानी कार्रवाई की गई। सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मौके पर ही संबंधित वाहनों पर रिफ्लेक्टर टेप लगाए गए, जिससे रात्रिकालीन दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके।

*सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त, आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई*
परिवहन अधिकारी ने बताया कि सड़क सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध इस प्रकार की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी, ताकि आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।

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मनरेगा से बदली बंजर भूमि की तक़दीर, तमनार में हरियाली बनी ग्रामीण आजीविका का सहारा

रायगढ़,8 जनवरी 2025। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अब केवल मजदूरी तक सीमित नहीं रही, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भर आजीविका का मजबूत माध्यम बनती जा रही है। रायगढ़ जिले के तमनार विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बिजना में मनरेगा के तहत किए गए वृक्षारोपण कार्य ने बंजर भूमि को हरियाली में बदलते हुए ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव की नई कहानी लिखी है।
इस योजना के तहत स्वीकृत इस परियोजना का उद्देश्य ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराना, पर्यावरण संतुलन को मजबूत करना और आय के स्थायी साधन विकसित करना था। परियोजना के अंतर्गत स्व सहायता समूह से जुड़ी हितग्राही कस्तूरी/छडानन द्वारा वृक्षारोपण कार्य का सफल क्रियान्वयन किया गया। कुल 1.70 लाख रुपए की लागत से (मजदूरी मद 1.18 लाख एवं सामग्री मद 0.52 लाख) यह कार्य 31 जुलाई 2020 को प्रारंभ होकर 31 अगस्त 2022 को पूर्ण हुआ। इस दौरान 707 मानव दिवस का सृजन हुआ, जिससे गांव के कई अकुशल श्रमिकों को निरंतर रोजगार मिला। लगातार तीन वर्षों से इस योजना के तहत मैटेनेंश किया गया। 
औद्योगिक क्षेत्र होने के बावजूद ग्राम पंचायत बिजना में इस पहल से न केवल बंजर भूमि का कायाकल्प हुआ, बल्कि हरियाली बढ़ने के साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी ठोस कदम उठाया गया। कभी अनुपयोगी पड़ी भूमि पर अब लगाए गए पौधे गांव की पहचान बनते जा रहे हैं और ग्रामीणों में प्रकृति के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है।
कार्य की स्वीकृति के के बाद ग्राम पंचायत द्वारा तकनीकी सहायक के मार्गदर्शन में योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया गया। हितग्राही कस्तूरी ने स्वयं सहायता समूह के माध्यम से न केवल वृक्षारोपण में सक्रिय सहभागिता निभाई, बल्कि अन्य ग्रामीणों को भी इसके लाभों से अवगत कराया। हितग्राही के अनुसार, मनरेगा योजना की जानकारी मिलने पर उन्होंने सरपंच, सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायक से संपर्क किया, जिसके बाद जनपद पंचायत तमनार के अधिकारियों के सहयोग से कार्य सुचारू रूप से संपन्न हुआ। लगभग 200 पौधों के रोपण एवं उनके संरक्षण की तकनीकी जानकारी मिलने से भविष्य में आय के स्थायी साधन विकसित होने की उम्मीद और मजबूत हुई है।
मनरेगा के माध्यम से एक ओर जहां ग्रामीणों को सम्मानजनक रोजगार मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी ठोस परिवर्तन संभव हो रहा है।

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आंगनबाड़ी सहायिका पद के लिए 23 जनवरी तक आवेदन आमंत्रित

रायगढ़, 8 जनवरी 2026/ एकीकृत बाल विकास परियोजना रायगढ़ (शहरी) अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्र बाजीनपाली शांतिनगर वार्ड क्रमांक 32 में आंगनबाड़ी सहायिका के रिक्त पद के लिए 23 जनवरी तक आवेदन आमंत्रित किए गए है। इच्छुक आवेदिका नियत तिथि एवं समय पर परियोजना अधिकारी बाल विकास परियोजना रायगढ़ (शहरी) कार्यालय में आवेदन जमा कर सकते है। नियुक्ति से संबंधित विस्तृत दिषा-निर्देष व नियम शर्तो का परियोजना कार्यालय के सूचना पटल पर अवलोकन कर सकते है।

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रायगढ़ कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने जिले में तीन स्थानीय अवकाश किया घोषित

रायगढ़, 8 जनवरी 2026/ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने कैलेण्डर वर्ष 2026 के लिए रायगढ़ जिले में तीन स्थानीय अवकाश घोषित किया है। इनमें 16 जुलाई 2026 गुरूवार रथयात्रा, 19 अक्टूबर 2026 सोमवार महानवमी और 9 नवम्बर 2026 सोमवार दीपावली का दूसरा (गोवर्धन पूजा) शामिल है। उक्त अवकाश कोषालय, उप कोषालय, बैंकों के लिए लागू नहीं होगा।

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वनांचल लैलूंगा में सुरक्षित मातृत्व की नई मिसाल, शासन को नीति से सशक्त हो रही स्वास्थ्य सेवाएं,विशेषज्ञ सेवाओं से बढ़ा संस्थागत प्रसव, 574 सुरक्षित डिलीवरी कर रचा इतिहास

रायगढ़, 8 जनवरी 2026।
राज्य शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप खनन प्रभावित एवं सुदूर वनांचल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) एक प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। विकासखंड लैलूंगा इसका सशक्त उदाहरण बन रहा है, जहां डीएमएफ मद से की गई पहल ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती दी है।
डीएमएफ मद से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र (एमसीएच) लैलूंगा में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. एस.एन. उपाध्याय की पदस्थापना के बाद क्षेत्र में संस्थागत एवं सुरक्षित प्रसव को ठोस आधार मिला है। वित्तीय वर्ष 2025–26 में अब तक एमसीएच लैलूंगा में कुल 574 सुरक्षित प्रसव संपन्न कराए गए हैं। अप्रैल 2025 से दिसंबर 2025 की अवधि में 105 सिजेरियन एवं 469 सामान्य प्रसव कराए जाना इस बात का प्रमाण है कि विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं की उपलब्धता से गर्भवती महिलाओं का भरोसा शासकीय स्वास्थ्य व्यवस्था पर लगातार बढ़ा है। समय पर उपचार और निगरानी से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी की दिशा में भी सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
इसी तरह डीएमएफ मद से दंत चिकित्सक की तैनाती ने भी ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्र के नागरिकों को बड़ी राहत दी है। वर्ष 2025–26 में दंत विभाग में अब तक 3063 ओपीडी मरीजों का पंजीयन किया गया, जिनमें से 1095 मरीजों का सफल उपचार किया जा चुका है। इससे दंत संबंधी समस्याओं के लिए लोगों को अब जिला मुख्यालय पर निर्भर नहीं रहना पड़ रहा है और स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध हो रहा है।
जिला प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, गुणवत्ता सुधार एवं शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा की जा रही है। उनके मार्गदर्शन में जिला प्रशासन संस्थागत एवं सुरक्षित प्रसव के प्रतिशत में वृद्धि लाने पर विशेष फोकस कर रहा है, ताकि स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे।
उल्लेखनीय है कि राज्य शासन की मंशा के अनुरूप डीएमएफ मद से विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती, स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास एवं आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। इन निरंतर प्रयासों से लैलूंगा जैसे सुदूर वनांचल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ, सशक्त और भरोसेमंद बन रही हैं, जो आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव की कहानी लिख रही हैं।

डीएमएफ बना रहा है स्वास्थ्य सुधार की रीढ़

रायगढ़ जिले की खनन प्रभावित एवं सुदूर वनांचल लैलूंगा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) अहम भूमिका निभा रहा है। डीएमएफ मद से एमसीएच लैलूंगा में स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं दंत चिकित्सक की तैनाती से संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिला है और ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध हो रहा है। वर्ष 2025–26 में 574 सुरक्षित प्रसव एवं 3 हजार से अधिक दंत ओपीडी पंजीयन से साफ जाहिर हो रहीं है कि इसके माध्यम से शासन की योजनाएं धरातल पर प्रभावी रूप से सफल हो रही हैं और वनांचल क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है।

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50 साल की सेवा, फिर भी न्याय नहीं: आंगनबाड़ी कार्यकर्ता–सहायिकाओं ने बजट में मांगें शामिल कराने अपर कलेक्टर के माध्यम से सरकार को सौंपा ज्ञापन

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं ने पेंशन, ग्रेच्युटी और सामाजिक सुरक्षा की मांग के साथ सौंपा ज्ञापन

जिम्मेदारी पहाड़ जैसी, अधिकार रेत जैसे: आंगनबाड़ी संघ ने बजट से पहले सरकार के सामने रखी ऐतिहासिक मांगों की सूची

जशपुर, 08 जनवरी 2026।
आगामी 09 जनवरी को प्रस्तुत होने वाले राज्य बजट में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की लंबित मांगों को शामिल कर स्वीकृति देने की मांग को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ पंजीयन क्रमांक 409 के पदाधिकारियों ने जशपुर के अपर कलेक्टर श्री प्रदीप साहू को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी एवं महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के नाम ज्ञापन सौंपा।

संघ की जिला अध्यक्ष श्रीमती कविता यादव के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में जिला उपाध्यक्ष एवं परियोजना अध्यक्ष जशपुर अंजना टोप्पो, जिला संरक्षक यशोमती बाई, आशा सहित अन्य पदाधिकारियों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर यह ज्ञापन सौंपा।

50 वर्ष बाद भी नहीं मिला न्याय

ज्ञापन में बताया गया कि महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत आईसीडीएस योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन 02 अक्टूबर 1975 से प्रारंभ हुआ था, जो अब लगभग 50 वर्ष पूर्ण कर रहा है। इसके बावजूद देशभर में लगभग 27 लाख एवं छत्तीसगढ़ में एक लाख से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं आज भी मूलभूत अधिकारों से वंचित हैं।

संघ ने उल्लेख किया कि अन्य विभागों में कार्यरत मानसेवियों को सरकार द्वारा नीति बनाकर समय-समय पर नियमित किया गया, परंतु 50 वर्षों से सेवा दे रहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को अब तक शासकीय कर्मचारी घोषित नहीं किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

न्यूनतम वेतन कानून का उल्लंघन

वर्तमान में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को मात्र ₹4500 एवं सहायिका को ₹2250 प्रतिमाह मानदेय अनियमित रूप से प्राप्त हो रहा है, जिसे किसी भी स्थिति में जीवनयापन योग्य वेतन नहीं कहा जा सकता। यह न्यूनतम पारिश्रमिक अधिनियम का खुला उल्लंघन है।

सेवा निवृत्ति के बाद न पेंशन की व्यवस्था है, न ग्रेच्युटी, न समूह बीमा, न कैशलेस चिकित्सा सुविधा और न ही पर्याप्त अवकाश। बीमारी, दुर्घटना या पारिवारिक आवश्यकताओं में इन्हें मानदेय कटवाकर ही कार्य करना पड़ता है।

जिम्मेदारी ज्यादा, अधिकार शून्य

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं से बहुउद्देशीय कार्यकर्ता की तरह कार्य लिया जाता है, जो कई बार शासकीय कर्मचारियों से भी अधिक जिम्मेदारी वाला होता है, लेकिन पारिश्रमिक एवं सेवा सुरक्षा लगभग शून्य है। छोटी-सी त्रुटि पर सेवा से पृथक किए जाने का भय हमेशा बना रहता है।

संघ की प्रमुख मांगें —

  1. सेवा निवृत्त कार्यकर्ता को ₹5 लाख तथा सहायिका को ₹4 लाख एकमुश्त ग्रेच्युटी, क्रमशः ₹10,000 एवं ₹8,000 मासिक पेंशन तथा समूह बीमा योजना का लाभ दिया जाए।
  2. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को शासकीय कर्मचारी घोषित किया जाए। तब तक कार्यकर्ता को ₹26,000 तथा सहायिका को ₹22,100 प्रतिमाह मानदेय स्वीकृत किया जाए। (मध्यप्रदेश की तर्ज पर वार्षिक ₹1000 वृद्धि लागू की जाए।)
  3. रिक्त सुपरवाइजर एवं कार्यकर्ता के शत-प्रतिशत पदों पर वरिष्ठता सह योग्यता के आधार पर पदोन्नति दी जाए।
  4. कैशलेस चिकित्सा सुविधा एवं पर्याप्त अवकाश व्यवस्था लागू की जाए।

सहानुभूतिपूर्वक विचार की मांग

संघ ने अपर कलेक्टर के माध्यम से राज्य सरकार से विनम्र आग्रह किया कि इन मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए आगामी बजट में इन्हें सम्मिलित कर शीघ्र स्वीकृति प्रदान की जाए। साथ ही प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र प्रेषित कर केंद्र सरकार से सहयोग दिलाने की मांग की गई।

संघ ने कहा कि प्रदेश की लगभग एक लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं तथा उनके परिवारजन सरकार के इस निर्णय के लिए सदैव आभारी रहेंगे।

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सरहदी राज्यों से अवैध धान परिवहन पर जशपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई,दो ट्रकों से 400 बोरी में 160 क्विंटल धान जब्त

आरा चौकी क्षेत्र में सुबह तड़के पेट्रोलिंग के दौरान कार्रवाई

जशपुरनगर, 07 जनवरी 2026/
छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के सीजन के बीच सरहदी राज्यों से अवैध रूप से धान लाकर खपाने की कोशिशों पर जशपुर पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने चौकी आरा क्षेत्रांतर्गत पेट्रोलिंग के दौरान दो ट्रकों से अवैध रूप से परिवहन किया जा रहा 400 बोरी धान (160 क्विंटल) जब्त कर कार्रवाई हेतु जिला प्रशासन को सौंप दिया है। जब्त धान की अनुमानित कीमत लगभग 3 लाख 68 हजार रुपये आंकी गई है।

सुबह 5 बजे मुखबिर सूचना पर घेराबंदी, दो ट्रक धराए

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 07 जनवरी 2026 की सुबह लगभग 5.00 बजे चौकी आरा पुलिस पेट्रोलिंग टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम केतार के पास दो संदिग्ध ट्रक भारी मात्रा में धान लेकर गुजरने वाले हैं। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने ग्राम केतार के समीप घेराबंदी कर दोनों ट्रकों को रोका।

प्रत्येक ट्रक में 200 बोरी, कुल 160 क्विंटल धान बरामद

तलाशी के दौरान पुलिस ने ट्रक क्रमांक CG 04-NW-7035 एवं CG 10-BP-8723 से प्रत्येक ट्रक में 200-200 बोरी, कुल 400 बोरी धान बरामद किया। वजन करने पर कुल धान 160 क्विंटल पाया गया।

झारखंड से लोड कर जशपुर लाने की बात स्वीकार

पुलिस पूछताछ में ट्रक क्रमांक CG 04-NW-7035 के चालक ने अपना नाम लोमन साहू (40 वर्ष), निवासी ग्राम नहरडीह, जिला धमतरी बताया, वहीं दूसरे ट्रक CG 10-BP-8723 के चालक ने अपना नाम चंद्र प्रकाश सोनवानी (40 वर्ष), निवासी कोहरोदा, मस्तूरी जिला बिलासपुर बताया।

दोनों चालकों ने स्वीकार किया कि वे धान को झारखंड राज्य से लोड कर जशपुर ला रहे थे, लेकिन धान परिवहन से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज, मंडी टोकन अथवा अनुमति पत्र प्रस्तुत नहीं कर सके।

संदेह के आधार पर धान जब्त, जिला प्रशासन को सौंपा गया मामला

दस्तावेजों के अभाव में पुलिस ने संदेह के आधार पर दोनों ट्रकों सहित धान को जब्त कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई हेतु जिला प्रशासन को सुपुर्द कर दिया है।

अब तक 1,960 क्विंटल अवैध धान पकड़ा जा चुका

गौरतलब है कि जशपुर पुलिस द्वारा अब तक अवैध धान परिवहन के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 07 ट्रक, 22 पिकअप एवं 03 ट्रैक्टर के माध्यम से परिवहन किए जा रहे कुल 1,960 क्विंटल धान को पकड़कर कार्रवाई हेतु जिला प्रशासन को सौंपा जा चुका है।

कार्रवाई में पुलिस टीम की अहम भूमिका

इस पूरी कार्रवाई में चौकी प्रभारी आरा सहायक उप निरीक्षक चंद्रप्रकाश त्रिपाठी, प्रधान आरक्षक विदवा सागर पैंकरा एवं आरक्षक बेलसाजर कुजूर की सराहनीय भूमिका रही।

एसएसपी का बयान: अवैध धान परिवहन पर लगातार जारी रहेगी कार्रवाई

इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह ने बताया कि —

“जशपुर पुलिस सरहदी राज्यों से हो रहे अवैध धान परिवहन पर लगातार कड़ी निगरानी बनाए हुए है। आरा क्षेत्र में दो ट्रकों से 400 बोरी में 160 क्विंटल धान जब्त कर जिला प्रशासन को सौंपा गया है। अवैध धान परिवहन के विरुद्ध यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।”

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ऑपरेशन शंखनाद: जशपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो अलग-अलग मामलों में 20 गौ वंश तस्करों के चंगुल से मुक्त

जशपुर, 07 जनवरी 2026/
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में जशपुर पुलिस द्वारा गौ तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की गई है। बीते दो दिनों में सिटी कोतवाली जशपुर एवं थाना लोदाम क्षेत्रांतर्गत अलग-अलग मामलों में पुलिस ने 20 नग गौ वंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया, वहीं एक गौ तस्कर को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है तथा तस्करी में प्रयुक्त एक पिकअप वाहन को भी जप्त किया गया है।

सिटी कोतवाली क्षेत्र: जंगल के रास्ते पैदल ले जाए जा रहे थे गौ वंश, तस्कर गिरफ्तार

सिटी कोतवाली जशपुर क्षेत्रांतर्गत दिनांक 06.01.26 को शाम करीब 04:00 बजे पुलिस को मुखबिर के माध्यम से पुख्ता सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम डूमरटोली के जंगल के रास्ते एक व्यक्ति गौ वंशों को बेरहमी से मारते-पीटते हुए पैदल झारखंड राज्य की ओर ले जा रहा है।
सूचना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अवगत कराते हुए एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के निर्देश पर तत्काल पुलिस टीम गठित कर मुखबिर द्वारा बताए गए स्थान डूमरटोली जंगल में दबिश दी गई।

पुलिस टीम ने मौके पर देखा कि एक व्यक्ति 10 नग गौ वंशों को पैदल हांकते हुए तेजी से ले जा रहा था। पुलिस द्वारा घेराबंदी कर सभी गौ वंशों को सकुशल बरामद कर लिया गया। हालांकि पुलिस को आता देख आरोपी जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गया, किंतु पुलिस द्वारा तत्परता से आरोपी की पहचान कर ली गई।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान

पुलिस जांच में फरार आरोपी की पहचान
अजीत राम, उम्र 38 वर्ष,
निवासी ग्राम डूमरटोली, थाना सिटी कोतवाली जशपुर, जिला जशपुर (छ.ग.)
के रूप में की गई। इसके पश्चात पुलिस द्वारा आरोपी के घर दबिश देकर उसे हिरासत में लिया गया।

पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि वह सभी गौ वंशों को गोविंदपुर, झारखंड ले जा रहा था। गौ वंशों से संबंधित वैध दस्तावेज मांगने पर आरोपी कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
इस पर थाना सिटी कोतवाली जशपुर में आरोपी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 एवं 10 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।

इस कार्रवाई में इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका

इस प्रकरण में थाना प्रभारी सिटी कोतवाली जशपुर निरीक्षक मोरध्वज देशमुख,
उप निरीक्षक खोमराज ठाकुर,
आरक्षक उपेन्द्र सिंह, राजकेश्वर सिंह
एवं नगर सैनिक रवि डनसेना की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

थाना लोदाम क्षेत्र: पिकअप में भरकर ले जाए जा रहे थे गौ वंश, वाहन छोड़कर फरार हुए तस्कर

दूसरे मामले में जशपुर पुलिस को रात्रि के समय सूचना प्राप्त हुई कि जशपुर क्षेत्र से होकर पिकअप वाहन में गौ तस्करी की जा रही है। सूचना पर एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में जिले के विभिन्न थानों की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा हाइवे पर नाकाबंदी कर सघन वाहन चेकिंग शुरू की गई।

इसी दौरान संदिग्ध पिकअप वाहन क्रमांक JH-02-BS-4348 दिखाई देने पर पुलिस द्वारा उसका पीछा किया गया। थाना लोदाम क्षेत्रांतर्गत ग्राम पतराटोली के पास पुलिस को पीछा करते देख तस्कर पिकअप वाहन छोड़कर फरार हो गए।

पुलिस टीम द्वारा जब वाहन की तलाशी ली गई तो पाया गया कि पिकअप में 10 नग गौ वंशों को रस्सियों से बांधकर अमानवीय तरीके से ठूस-ठूस कर भरा गया था। सभी गौ वंशों को सकुशल बरामद कर पशु चिकित्सक से स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। साथ ही तस्करी में प्रयुक्त पिकअप वाहन को भी जप्त कर लिया गया।

इस मामले में थाना लोदाम में आरोपियों के विरुद्ध छ.ग. कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 एवं 10 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

ऑपरेशन शंखनाद की अब तक की उपलब्धि

गौरतलब है कि वर्ष 2024 से जशपुर पुलिस द्वारा गौ तस्करी के विरुद्ध ‘ऑपरेशन शंखनाद’ चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत अब तक—

  • 144 प्रकरण पंजीबद्ध
  • 239 गौ तस्कर गिरफ्तार
  • 1400 से अधिक गौ वंश मुक्त
  • 70 वाहन जप्त, जिनमें से 24 वाहन राजसात किए जा चुके हैं, शेष की प्रक्रिया जारी है।

एसएसपी का बयान

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि
“ऑपरेशन शंखनाद के तहत सिटी कोतवाली जशपुर एवं लोदाम क्षेत्र में अलग-अलग मामलों में 20 गौ वंशों को तस्करों से मुक्त कराया गया है। कोतवाली क्षेत्र के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, जबकि लोदाम क्षेत्र में गौ तस्करी में प्रयुक्त पिकअप वाहन जप्त किया गया है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है। गौ तस्करी के विरुद्ध जशपुर पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।”

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के गृह जिले में बढ़ती स्वास्थ्य सुविधाएं से मिल रही है लोगों को लाभ, डायल 108 संजीवनी एक्सप्रेस बनी जिले की जीवन रेखा.


जशपुरनगर 7 जनवरी 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का निरंतर विस्तार हो रहा है। मुख्यमंत्री द्वारा जिलेवासियों को दी गई 10 अतिरिक्त संजीवनी एक्सप्रेस एंबुलेंसों की सौगात के बाद आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सशक्त हुई हैं। वर्तमान में जिले में कुल 24 संजीवनी एक्सप्रेस एंबुलेंस जीवन रक्षक बनकर दिन-रात जिले के शहरी एवं ग्रामीण अंचलों में दौड़ रही हैं। जिले के संजीवनी एक्सप्रेस 108 एंबुलेश के प्रबंधन दीपक साहू ने बताया कि वर्ष 2025 के दौरान डायल 108 संजीवनी एक्सप्रेस एंबुलेंस सेवा के माध्यम से जिले में कुल 10,114 मरीजों को समय पर आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई गई। सड़क दुर्घटनाओं, गंभीर बीमारियों, हृदयाघात, सर्पदंश तथा प्रसूति जैसे आपात मामलों में इन एंबुलेंसों ने अहम भूमिका निभाई है।
डायल 108 संजीवनी एक्सप्रेस एंबुलेंस से 2025 में 572 गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। कई मामलों में एंबुलेंस के भीतर ही सफल प्रसव कराकर माँ और नवजात की जान बचाई गई, जो एंबुलेंस में उपलब्ध आधुनिक उपकरणों एवं प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की तत्परता का प्रमाण है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा प्रदान की गई अतिरिक्त 10 एंबुलेंसों के चलते दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों तक भी त्वरित स्वास्थ्य सहायता सुनिश्चित हो पाई है। इससे न केवल प्रतिक्रिया समय में कमी आई है, बल्कि ग्रामीण अंचलों के लोगों को भी समय पर जीवन रक्षक चिकित्सा सुविधा मिल रही है।जिलेवासियों का कहना है कि संजीवनी एक्सप्रेस एंबुलेंस सेवा ने आपात स्थिति में भरोसेमंद सहारा बनकर स्वास्थ्य व्यवस्था में नई मजबूती दी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले की स्वास्थ्य सेवाएं निरंतर सुदृढ़ होती जा रही हैं, जिसका सीधा लाभ आम जनता को मिल रहा है।

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कुनकुरी विकास खंड के 47 कृषि सखियों ने झारखंड रांची के ओरमांझी में सीखें आधुनिक खेती के गुण 


जशपुर 7 जनवरी 2026/ कुनकुरी विकासखंड की 47 कृषि सखियों का रांची (झारखंड) में सफल किसानों के खेतों का परिभ्रमण
जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखंड में कार्यरत कृषि सखियों के दल का 6 जनवरी 2026 को  झारखंड राज्य के रांची जिले अंतर्गत ओरमांझी प्रखंड में कार्यरत प्रसिद्ध एवं सफल किसानों के खेतों में शैक्षणिक परिभ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस परिभ्रमण के दौरान कृषि सखियों ने झारखंड सरकार एवं भारत सरकार द्वारा सम्मानित कृषक श्री  गणशू महतो तथा प्रगतिशील महिला किसान श्रीमती संगीता देवी के खेतों में किए जा रहे उन्नत कृषि कार्यों का गहन अवलोकन किया।
परिभ्रमण के दौरान कृषि सखियों ने गोभी, मटर, मूली, मिर्च सहित विभिन्न प्रकार की साग–सब्जियों की उन्नत खेती के तरीकों की जानकारी प्राप्त की। किसानों द्वारा अपनाई जा रही आधुनिक कृषि तकनीकों जैसे मल्चिंग का महत्व, ऑर्गेनिक खेती की तैयारी, मृदा परीक्षण की उपयोगिता, उचित उर्वरकों का चयन, मचान खेती, ड्रिप इरिगेशन प्रणाली आदि को प्रत्यक्ष रूप से देखा एवं समझ विकसित की।
यह अभिनव एवं प्रेरणादायक पहल कलेक्टर जशपुर श्री रोहित व्यास के कुशल नेतृत्व में तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत जशपुर श्री अभिषेक कुमार के  मार्गदर्शन में संचालित की जा रही है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विहान अंतर्गत कार्यरत कृषि सखियों को सफल किसानों के अनुभवों से रूबरू कराना, कृषि पद्धतियों, रखरखाव एवं नवाचारों पर विचारों का आदान–प्रदान कर सीख विकसित करना है।
झारखंड सरकार द्वारा सम्मानित कृषक श्री गणशू महतो ग्राम सदमा ओरमांझी झारखंड ने अपने जीवन संघर्ष को साझा करते हुए बताया कि वे कभी ₹50 प्रतिदिन की नौकरी किया करते थे, किंतु उन्नत कृषि की जानकारी अपनाकर आगे बढ़ने का निर्णय लिया। आज वे आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती के माध्यम से प्रतिवर्ष लगभग ₹50 लाख की आय अर्जित कर रहे हैं। उनके प्रेरक जीवन वृतांत को सुनकर जशपुर जिले की महिला कृषि सखियाँ अत्यंत उत्साहित एवं प्रेरित हुईं।
इसी प्रकार प्रगतिशील महिला किसान श्रीमती संगीता देवी ग्राम कच्चू ओरमांझी झारखंड ने बताया कि किस प्रकार उन्होंने 40 एकड़ जमीन लीज में लेकर वर्तमान में 8 एकड़ भूमि  पर सब्जी एवं अन्य फसलों की उन्नत खेती कर लाखों रुपये की वार्षिक आय प्राप्त की। उनके अनुभवों ने महिला कृषकों में आत्मविश्वास एवं आगे बढ़ने की नई ऊर्जा का संचार किया।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एवं जिला प्रशासन की इस संयुक्त पहल से निश्चित रूप से जशपुर जिले के किसानों की आय में वृद्धि होगी तथा महिला कृषकों को सशक्त बनाते हुए उन्हें “लखपति दीदी” के रूप में विकसित करने की दिशा में यह कार्यक्रम मील का पत्थर साबित होगा।

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निर्माण कार्यों को समय सीमा में करे पूर्ण — कलेक्टर श्री रोहित व्यास,सीजीएमएससी व हाउसिंग बोर्ड के कार्यों की हुई सघन समीक्षा

जशपुरनगर 07 जनवरी 2026/ जिले में चल रहे महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों की प्रगति को लेकर कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने विगत दिवस सीजीएमएससी (छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन) एवं हाउसिंग बोर्ड निर्माण विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने दोनों विभागों के अंतर्गत स्वीकृत एवं जारी कार्यों की प्रगति दर की विस्तृत जानकारी ली। कलेक्टर ने  कार्यों को तय समय-सीमा में पूर्ण करने के सख्त निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। कलेक्टर श्री व्यास ने सीजीएमएससी द्वारा निर्माणाधीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सब हेल्थ सेंटर, एमसीएच यूनिट, मीटिंग हॉल, वैक्सीन स्टोरेज यूनिट, फायर फाइटिंग सिस्टम सहित अन्य सहायक अधोसंरचना कार्यों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इन स्वास्थ्य परियोजनाओं के पूर्ण होने से ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों में चिकित्सा सुविधाओं को बड़ी मजबूती मिलेगी, अतः सभी कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय में पूरा करना सुनिश्चित किया जाए।

       कलेक्टर ने हाउसिंग बोर्ड निर्माण विभाग द्वारा किए जा रहे तहसील भवन, मिनी स्टेडियम, छात्रावास भवन, प्रशिक्षण केंद्र एवं परियोजना कार्यालय के निर्माणाधीन कार्यों की भी विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन सभी परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब न करते हुए नियमित निगरानी के साथ प्रगति सुनिश्चित करें। कलेक्टर श्री व्यास ने दो टूक शब्दों में कहा कि जिले के नागरिकों से जुड़ी आधारभूत सुविधाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी निर्माण एजेंसियां समन्वय के साथ कार्य कर समय-सीमा में लक्ष्य हासिल करें। बैठक में सहायक कलेक्टर श्री अनिकेत अशोक सहित सीजीएमएससी एवं हाउसिंग बोर्ड विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद रहे।

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