शिक्षकों पर समय से पहले स्कूल बंद करने और नशे में आने के सरपंच-उप सरपंच ने लगाए गम्भीर आरोप... .बीईओ के आकस्मिक निरीक्षण में नहीं मिली कोई शिकायत,
बुटूंगा स्कूल लापरवाही मामला : बच्चों के भविष्य से खिलवाड़, जनप्रतिनिधियों ने लगाया आरोप,विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी के निरीक्षण में स्कूल व्यवस्था पाई गई संतोषजनक
बगीचा/जशपुर
जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड अंतर्गत प्राथमिक शाला बुटूंगा इन दिनों गंभीर विवादों के घेरे में है। पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने स्कूल में पदस्थ शिक्षकों पर लापरवाही बरतने, समय से पहले विद्यालय बंद करने तथा शराब सेवन कर स्कूल आने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि इस लापरवाही का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई और भविष्य पर पड़ रहा है।
ग्राम पंचायत बुटूंगा के उप सरपंच राजू शर्मा ने शिक्षकों पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने इस संबंध में कई बार उच्च अधिकारियों को मौखिक शिकायत की, लेकिन अब तक किसी ठोस जांच या कार्रवाई का असर जमीनी स्तर पर नजर नहीं आया। इसी कारण सरपंच और उप सरपंच दोनों ने प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जताई है।
पढ़ाई पर असर, घटती उपस्थिति बनी चिंता का कारण
उप सरपंच राजू शर्मा के अनुसार, स्कूल में शिक्षकों की लापरवाही के चलते बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कई बार स्कूल समय से पहले ही बंद कर दिया जाता है, जिससे छात्रों को पूरा शैक्षणिक समय नहीं मिल पाता। इसके कारण बच्चों की उपस्थिति भी लगातार कम होती जा रही है, जो शिक्षा की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करता है। यदि यही स्थिति बनी रही, तो बच्चों का शैक्षणिक स्तर और कमजोर हो जाएगा, जिसका प्रभाव उनके भविष्य पर पड़ेगा।
प्रधान पाठक और संकुल समन्वयक पर जिम्मेदारी
प्राथमिक शाला बुटूंगा में दो शिक्षक पदस्थ हैं। इनमें प्रधान पाठक प्रफुल्ल कुमार तथा संकुल में पदस्थ संकुल समन्वयक निर्मल कुमार शामिल हैं। पंचायत प्रतिनिधियों का आरोप है कि दोनों की जिम्मेदारी के बावजूद स्कूल संचालन में गंभीर लापरवाही हो रही है।उनका कहना है कि प्रधान पाठक और संकुल समन्वयक की कार्यशैली के कारण नन्हे बच्चों को शैक्षणिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
शराब सेवन कर स्कूल आने का सरपंच ने लगाया आरोप
सरपंच बुटूंगा ने आरोप लगाया कि प्रधान पाठक कई बार शराब का सेवन कर स्कूल पहुंचते हैं। जब वे पंचायत कार्यालय में पे-डाटा पर हस्ताक्षर कराने आते हैं, तब भी वे नशे की हालत में रहते हैं। सरपंच ने बताया कि उन्होंने कई बार शिक्षक को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उनकी बातों पर कोई असर नहीं पड़ा।सरपंच ने बताया कि प्रधान पाठक का इस प्रकार का व्यवहार बच्चों पर गलत प्रभाव डाल सकता है और विद्यालय का अनुशासन भी प्रभावित हो रहा है।
अधिकारियों को शिकायत, कार्रवाई का इंतजार
पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि उन्होंने इस पूरे मामले की जानकारी कई बार संबंधित विभागीय अधिकारियों को दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे सरपंच ओर उप सरपंच में रोष बढ़ता जा रहा है।इनकी मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रह सके।
बीईओ का पक्ष : निरीक्षण में सबकुछ सामान्य
इस मामले पर बगीचा विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) सुदर्शन पटेल ने बताया कि शिक्षा व्यवस्था में कसावट लाने के उद्देश्य से कल सुबह 9:30 बजे क्षेत्र के स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया।उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान हाई स्कूल कलिया, माध्यमिक शाला, प्राथमिक शाला बुटूंगा तथा प्राथमिक शाला कुरहाटीपना का भ्रमण किया गया। इस दौरान किसी भी स्कूल में शिक्षकों की अनुपस्थिति या लापरवाही सामने नहीं आई।
बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता की भी हुई जांच
बीईओ ने बताया कि निरीक्षण के दौरान बच्चों से विषय एवं सामान्य ज्ञान से जुड़े प्रश्न पूछे गए, जिनका शत-प्रतिशत बच्चों ने सही उत्तर दिया। इससे यह स्पष्ट होता है कि विद्यालयों में शैक्षणिक स्तर संतोषजनक है।उन्होंने यह भी बताया कि बच्चों और अभिभावकों से चर्चा में भी शिक्षकों को लेकर कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई ।
लेट पहुंचने पर कर्मचारी पर कार्रवाई
बीईओ ने बताया कि आकस्मिक निरीक्षण के दौरान हाई स्कूल में पदस्थ एक सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी के देर से स्कूल पहुंचने पर उसके एक दिन का वेतन काटने की कार्रवाई की जा रही है।
बीईओ ने सभी शिक्षकों और कर्मचारियों को चेतावनी दी कि यदि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही पाई गई, तो संबंधित के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी
एक ओर पंचायत प्रतिनिधि विद्यालय में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विभागीय निरीक्षण में स्थिति संतोषजनक बताई जा रही है।
बीईओ बगीचा :-