ताजा खबरें


बड़ी खबर

धान विक्रय से किसानों के सपने हो रहे साकार,भुवनेश्वर पटेल बना रहे नया घर, दुबे राम पटेल बच्चों की शिक्षा में करेंगे निवेश

रायगढ़, 30 जनवरी 2026/ रायगढ़ विकासखंड के ग्राम-रेगड़ा के किसानों को शासन की समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था से प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। ग्राम रेगड़ा के किसान भुवनेश्वर पटेल ने खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में अपना संपूर्ण धान समर्थन मूल्य पर विक्रय कर लिया है। उन्होंने 180 क्विंटल से अधिक धान का विक्रय किया, जिसकी राशि उनके खाते में समय पर प्राप्त हो चुकी है। भुवनेश्वर पटेल ने बताया कि धान विक्रय से प्राप्त राशि से वे अपने नए घर का निर्माण कर रहे हैं। धान उपार्जन केंद्र बंगुरसिया में पहुंचे किसान भुवनेश्वर पटेल ने बताया कि उन्होंने ऑनलाइन टोकन प्रणाली के माध्यम से दो चरणों में धान विक्रय किया। पहले चरण में 62 क्विंटल एवं दूसरे चरण में 120 क्विंटल धान का विक्रय किया गया। उन्होंने बताया कि पूरी प्रक्रिया सरल रही और भुगतान भी बिना किसी परेशानी के सीधे खाते में प्राप्त हुआ। उपार्जन केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं, सुव्यवस्थित व्यवस्था एवं अधिकारी-कर्मचारियों के सहयोगात्मक व्यवहार की उन्होंने सराहना की तथा शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
             इसी तरह ग्राम रेगड़ा के एक अन्य किसान दुबे राम पटेल ने भी समर्थन मूल्य पर धान विक्रय कर शासन की व्यवस्था का लाभ उठाया। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन टोकन के माध्यम से धान विक्रय कर भुगतान समय पर प्राप्त हुआ। धान विक्रय से मिली राशि का उपयोग वे अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई एवं घर की मरम्मत कार्यों में कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शासन की धान खरीदी व्यवस्था से किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही है और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी एवं सुविधाजनक है। किसानों ने शासन द्वारा की गई बेहतर व्यवस्थाओं के लिए संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि धान खरीदी प्रणाली ने उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया है और उनके भविष्य के सपनों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

और भी

विदाई समारोह के नाम पर यातायात नियमों की अवहेलना पर सख्ती, आयोजन केवल विद्यालय परिसर तक सीमित रहेगा


अंबिकापुर 30 जनवरी 2026/  विगत वर्षों की भाँति वर्तमान वर्ष में भी सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो संज्ञान में आए हैं, जिनमें कुछ विद्यालयीन छात्र-छात्राएं विदाई समारोह के पश्चात विद्यालय से बाहर पृथक पार्टी का आयोजन करते हुए तथा उत्तेजक एवं अनियंत्रित रूप से दो पहिया एवं चार पहिया वाहन चलाते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह कृत्य यातायात नियमों के प्रति घोर लापरवाही को प्रदर्शित करता है, जिससे न केवल विद्यार्थियों बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। उक्त स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार झा द्वारा जिले के समस्त शासकीय, अशासकीय एवं अनुदान प्राप्त हाई स्कूल तथा हायर सेकेंडरी विद्यालयों के प्राचार्यों को निर्देशित किया गया है कि सभी विद्यालयों में विदाई समारोह का आयोजन पूर्णतः मर्यादित, अनुशासित एवं विद्यालय परिसर के भीतर ही किया जाए।

   विदाई समारोह में विद्यार्थियों के अभिभावकों को भी अनिवार्य रूप से आमंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे विद्यार्थियों में उत्तरदायित्व एवं अनुशासन की भावना विकसित हो सके। साथ ही यह स्पष्ट किया गया है कि किसी भी स्थिति में विदाई समारोह विद्यालय परिसर के बाहर-जैसे होटल, पार्क, रेस्टोरेंट अथवा अन्य किसी सार्वजनिक या निजी स्थान पर-आयोजित नहीं किया जाएगा। विद्यार्थियों को यातायात नियमों के उल्लंघन, तेज गति, स्टंट अथवा असुरक्षित वाहन संचालन से दूर रहने हेतु सख्त हिदायत देने के निर्देश भी दिए गए हैं। यदि किसी भी विद्यार्थी द्वारा यातायात नियमों के विपरीत दो पहिया अथवा चार पहिया वाहन चलाते हुए फोटो या वीडियो सोशल मीडिया पर पाया जाता है, तो उसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित संस्था प्रमुख की होगी। अतः सभी विद्यालयों को निर्देशित किया गया है कि उपरोक्तानुसार आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करते हुए पालन प्रतिवेदन अविलंब जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत करें, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।

और भी

जिला खनिज न्यास निधि से 1583 छात्रावासीन बालिकाओं का होगा एचपीवी टीकाकरण - गर्भाशय ग्रीवा कैंसर से बचाव की दिशा में रायगढ़ जिले की महत्वपूर्ण पहल

रायगढ़, 30 जनवरी 2026/ रायगढ़ जिले में बालिकाओं के स्वास्थ्य संरक्षण को लेकर एक सराहनीय पहल की जा रही है। जिले के शासकीय आश्रमों एवं छात्रावासों में अध्ययनरत 9 से 14 वर्ष आयु वर्ग की 1583 बालिकाओं को जिला खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) के माध्यम से ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) से बचाव का टीका लगाया जाएगा। यह पहल गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की रोकथाम की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जिले के आश्रमों एवं  छात्रावासों में अध्ययनरत अधिकांश बालिकाएँ वनांचल, खनन प्रभावित एवं आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों से आती हैं, जहाँ स्वास्थ्य जागरूकता तथा निवारक चिकित्सा सुविधाओं तक पहुँच सीमित रही है। कार्यक्रम का उद्देश्य इन बालिकाओं को समय रहते आवश्यक स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराना है। इसके अंतर्गत अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं सामान्य वर्ग की छात्रावासीन बालिकाएँ भी लाभान्वित होंगी।
             चिकित्सकीय विशेषज्ञों के अनुसार, महिलाओं में होने वाले गर्भाशय ग्रीवा कैंसर का प्रमुख कारण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस संक्रमण है। यह रोग प्रारंभिक अवस्था में स्पष्ट लक्षण न होने के कारण देर से पहचान में आता है, जिससे उपचार जटिल हो जाता है। विशेषज्ञों द्वारा 9 से 14 वर्ष की आयु में एचपीवी टीकाकरण को प्रभावी एवं सुरक्षित माना गया है। कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक बालिका को एचपीवी टीके की दो खुराक दी जाएंगी। पहली खुराक के छह माह पश्चात दूसरी खुराक दी जाएगी। टीकाकरण कार्य मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, रायगढ़ के मार्गदर्शन में प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा पूरी सुरक्षा एवं सावधानी के साथ संपन्न कराया जाएगा। प्रति बालिका टीकाकरण की अनुमानित लागत लगभग 1800 रुपए होगी, जिसका वहन जिला खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) से किया जाएगा।
       आश्रमों एवं छात्रावासों में निवासरत अनेक बालिकाएँ ऐसी पारिवारिक पृष्ठभूमि से आती हैं, जहाँ स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता, नियमित जांच एवं निवारक चिकित्सा सुविधाओं का अभाव रहा है। विशेषकर वनांचल, खनन प्रभावित एवं दूरस्थ क्षेत्रों में सर्वाइकल कैंसर जैसे गंभीर रोगों के प्रति जानकारी की कमी एक बड़ी चुनौती रही है। यह पहल इन क्षेत्रों में निवासरत बालिकाओं के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक प्रभावी और दूरदर्शी कदम सिद्ध होगी। मातृ शक्ति की सुरक्षा एवं संरक्षण हेतु किया जा रहा यह प्रयास न केवल रायगढ़ जिले, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक अनुकरणीय मॉडल बनेगा।

और भी

सरकार की व्यवस्था का दिखा असर, कुनकुरी धान खरीदी केंद्र में समय पर तौल और पर्याप्त बारदाने से खुश किसान

जशपुर 30 जनवरी 2026 /खरीफ विपणन वर्ष 2025–26 के अंतर्गत जिले में धान खरीदी का कार्य शासन के निर्देशानुसार सुव्यवस्थित एवं सुचारू रूप से संचालित किया जा रहा है। जिले के सभी धान खरीदी केंद्रों में किसानों की सुविधा को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि वे बिना किसी कठिनाई के अपनी उपज का विक्रय कर सकें।

इसी क्रम में कुनकुरी विकासखण्ड स्थित धान खरीदी केंद्र में ग्राम श्रीटोली निवासी किसान श्री राजकमल ने बताया कि धान विक्रय के दौरान उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि केंद्र में साफ-सफाई की उचित व्यवस्था है, पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध कराया गया तथा धान की तौल समय पर और व्यवस्थित ढंग से की गई, जिससे उन्हें संतोषजनक अनुभव मिला।

वही किसान श्रीमती जशोदा ने बताया कि उन्होंने 55 क्विंटल धान का टोकन कटवाया था और पूरे विक्रय प्रक्रिया के दौरान उन्हें किसी भी तरह की समस्या का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने केंद्र में उपलब्ध व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि कर्मचारियों का व्यवहार सहयोगात्मक रहा और खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से संपन्न हो रही है। इससे किसानों का समय बच रहा है और अनावश्यक परेशानियों से राहत मिल रही है।

किसानों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। धान खरीदी व्यवस्था को सुदृढ़ कर किसानों के मान-सम्मान को बढ़ाया जा रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।

और भी

स्वामी विवेकानंद के विचारों से युवा शक्ति को गढ़ने का संकल्प, मनोरा में 1 फरवरी को होगा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का भव्य युवा समागम

जशपुर : 30जनवरी 26 : स्वामी विवेकानंद के जीवन का संदेश युवाओं तक पहुंचाने और संघ के संस्कार घर घर तक पहुंचने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वारा युवा समागम कार्यक्रम का आयोजन आगामी 1 फरवरी रविवार को सरस्वती शिशु मंदिर मनोरा में किया जाने वाला है। स्वामी विवेकानंद ने युवाओं से आह्वान करते हुए कहा था कि ”मुझे यदि 100 चरित्रवान युवा मिल जाएं तो मैं देश का भविष्य बदल सकता हूं "।
ऐसे चरित्रवान युवा निर्माण करने के लिए ही इस युवा संगम का आयोजन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्वाधान में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम प्रातः 10 से प्रारंभ होकर 4 बजे तक चलेगा जिसमें वाद विवाद, भाषण, खेल , क्विज के माध्यम से युवाओं को समकालीन परिस्थितियों की जानकारी दी जायेगी और समाधान पर भी विचार किया जाएगा। सामूहिकता का भाव तथा मिलकर कार्य करने के संस्कार को सीखने  के लिए 16 से से 36 वर्ष के विद्यालय और महाविद्यालय में पढ़ने वाले तथा विभिन्न क्षेत्र में कार्यरत युवक एवं युवती इस कार्यक्रम में शामिल हो सकेंगे और अपनी क्षमताओं में विकास कर सकेंगे। इस कार्य क्रम में मुख्य वक्ता के रूप में विद्यार्थी विज्ञान मंथन सरगुजा के संभाग समन्वयक एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जशपुर के युवा कार्य पालक विवेक पाठक,मुख्य अतिथि   डॉ रोशन बरियार बी एम ओ मनोरा तथा कार्यक्रम अध्यक्ष के रूप में समाजिक कार्यकर्ता विकास प्रधान उपस्थित रहेंगे।

और भी

शा.उ.मा. विद्यालय बरगांव में एबीवीपी जशपुर की पहल — साइबर सुरक्षा और करियर मार्गदर्शन से विद्यार्थियों को किया गया जागरूक

जशपुर 30 जनवरी2026
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के तत्वावधान में दिनांक 28 जनवरी 2026 को शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बरगांव में साइबर सुरक्षा एवं करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को इंटरनेट के सुरक्षित, जिम्मेदार एवं विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति जागरूक करना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय परंपरा के अनुसार विद्या की देवी माँ सरस्वती एवं युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत ने कार्यक्रम को गरिमामय वातावरण प्रदान किया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं विषय विशेषज्ञ, “जय हो जशपुर” विकासखण्ड समन्वयक श्री गुरुदेव प्रसाद ने डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों, ऑनलाइन ठगी एवं तकनीकी दुष्परिणामों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने वास्तविक घटनाओं के उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों को बताया कि किस प्रकार सोशल मीडिया, मोबाइल फोन, ऑनलाइन गेम्स एवं इंटरनेट का सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग किया जाना चाहिए।

उन्होंने पासवर्ड सुरक्षा, ओटीपी की गोपनीयता, फर्जी कॉल व लिंक से बचाव, साइबर बुलिंग एवं ऑनलाइन धोखाधड़ी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यावहारिक जानकारी दी। साथ ही विद्यार्थियों को सतर्क करते हुए कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति से ऑनलाइन बातचीत न करें और संदिग्ध लिंक या मैसेज पर क्लिक करने से बचें। किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने की सलाह दी।

कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में एबीवीपी छत्तीसगढ़ जिला संयोजक जशपुर नगर श्री मनमोहन सिंह ने एबीवीपी के उद्देश्यों, कार्यपद्धति एवं छात्र हित में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने आगामी बोर्ड परीक्षाओं के लिए विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए परीक्षा तनाव से बचाव, समय प्रबंधन एवं उत्तर लेखन की रणनीति पर महत्वपूर्ण सुझाव दिए। साथ ही विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण हेतु विभिन्न करियर विकल्पों पर भी मार्गदर्शन प्रदान किया।

विद्यालय के प्राचार्य श्री जेन्डर राम मांझी ने कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि साइबर सुरक्षा से जुड़ी जानकारी समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुँचना आवश्यक है, जिससे साइबर अपराधों से बचाव संभव हो सके। विद्यालय प्रबंधन ने ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक बताते हुए इन्हें नियमित रूप से आयोजित करने पर बल दिया।

कार्यक्रम के अंत में एबीवीपी जिला संयोजक श्री मनमोहन सिंह द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया एवं कार्यक्रम के समापन की घोषणा की गई।

इस अवसर पर एबीवीपी कार्यकर्ता अरविंद सिंह, सत्यपाल सिंह, ललेश्वर सिंह, सुरेश राम, शत्रुघन राम, तुलसी सिंह, बलभद्र सिंह, भानू सिंह, पार्थ रजक, जय हो वॉलंटियर नेहा एक्का, ग्राम से अजय सिंह, विद्यालय से डॉ. श्री मिथलेश पाठक, समस्त शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

और भी

राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम: 10 से 25 फरवरी तक घरघोड़ा एवं रायगढ़ में सामूहिक दवा सेवन अभियान,हाथीपांव से बचाव के लिए हर पात्र व्यक्ति का दवा सेवन जरूरी

रायगढ़, 29 जनवरी 2026/ फाइलेरिया (हाथीपांव) जैसी गंभीर बीमारी से समाज को मुक्त करने की दिशा में राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर रायगढ़ जिले में 10 से 25 फरवरी 2026 तक व्यापक सामूहिक दवा सेवन अभियान संचालित किया जाएगा। अभियान के दौरान विकासखंड घरघोड़ा और रायगढ़ के ग्रामीण क्षेत्र लोइंग एवं शहरी क्षेत्र के 4 लाख 64 हजार 616 पात्र नागरिकों को डीओटी पद्धति के अनुसार दवा का सेवन कराया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य वर्ष 2027 तक जिले सहित पूरे देश को फाइलेरिया मुक्त बनाना है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है तथा फाइलेरिया संक्रमण से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। 
           अभियान के प्रथम चरण में 10 से 12 फरवरी तक आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों, शैक्षणिक संस्थानों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड एवं शहरी क्षेत्रों में बूथ लगाकर दवा सेवन कराया जाएगा। इसके पश्चात 13 से 22 फरवरी तक स्वास्थ्य कर्मी घर-घर पहुंचकर दवा खिलाएंगे। वहीं 23 से 25 फरवरी तक मॉप-अप राउंड में छूटे हुए व्यक्तियों को दवा सेवन कराया जाएगा। अभियान अवधि के दौरान सभी स्वास्थ्य संस्थानों में ओपीडी के पास बूथ संचालित रहेंगे तथा शहरी क्षेत्रों में मोबाइल टीमें भी तैनात रहेंगी। जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे ने संबंधित विभागों से आपसी समन्वय स्थापित कर अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति दवा सेवन से वंचित न रहे। 
                 जिला मलेरिया अधिकारी डॉ.टी.जी. कुलवेदी ने बताया कि फाइलेरिया रोग मच्छरों के माध्यम से फैलता है और प्रारंभिक अवस्था में इसका उपचार संभव है, लेकिन समय पर रोकथाम नहीं होने पर यह आजीवन विकलांगता का कारण बन सकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि गर्भवती महिलाओं, 2 वर्ष से कम आयु के बच्चों एवं गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को छोड़कर सभी पात्र व्यक्ति दवा का सेवन स्वास्थ्यकर्मी के समक्ष अवश्य करें। उन्होंने कहा कि दवा का कोई गंभीर दुष्प्रभाव नहीं है और इससे डरने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने बताया कि इस अभियान में शिक्षा विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग की सहभागिता से शत प्रतिशत दवा सेवन का लक्ष्य हासिल किया जाएगा। इस पूरे कार्य में स्वास्थ्य विभाग के 1659 दवा प्रशासकों (मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं स्वयं सेवी) के द्वारा दवा सेवन कराया जाएगा।

और भी

सालिक राम ने दो टोकन में बेचा पूरा धान, शासन-प्रशासन की सुव्यवस्थित खरीदी व्यवस्था से संतुष्ट किसान

रायगढ़, 29 जनवरी 2026/ रायगढ़ विकासखंड के ग्राम-पंडरीपानी निवासी किसान श्री सालिक राम ने खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में शासन की समर्थन मूल्य पर धान खरीदी योजना का सफलतापूर्वक लाभ उठाते हुए अपना संपूर्ण धान दो टोकन के माध्यम से विक्रय किया। उन्होंने पहले टोकन में 274 कट्टा एवं दूसरे टोकन में 300 कट्टा धान उपार्जन केंद्र में विक्रय किया।
            धान विक्रय की संपूर्ण प्रक्रिया के दौरान शासन-प्रशासन द्वारा की गई सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं से संतुष्ट होकर किसान श्री सालिक राम ने शासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि वह अपना धान कोड़तराई उपार्जन केंद्र में बेचा, जहां किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पेयजल, बैठने की व्यवस्था, छाया, बारदाना सहित सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं। किसान श्री सालिक राम ने कहा कि ऑनलाइन टोकन प्रणाली के कारण उन्हें निर्धारित समय पर धान विक्रय का अवसर मिला, जिससे अनावश्यक प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ी। इसके साथ ही धान तौल, बारदाना वितरण एवं पर्ची व्यवस्था भी सुचारू रूप से संपन्न हुई।
          उल्लेखनीय है कि जिले में धान खरीदी कार्य अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप एवं कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में जिले के सभी उपार्जन केंद्रों में किसानों को सुविधा, पारदर्शिता एवं समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। शासन द्वारा किसानों को टोकन सुविधा, समय पर भुगतान, बफर लिमिट पूर्ण हो चुके उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी लिमिट बढ़ाने तथा धान के त्वरित एवं समय पर उठाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है, जिससे किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

और भी

सीएसआर से संवरेगा खनन प्रभावित इलाकों का भविष्य, निवेशकों को राहत और उद्योगों को सख्त संदेश — कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी की अध्यक्षता में जिला निवेश प्रोत्साहन समिति की अहम बैठक”

रायगढ़, 29 जनवरी 2026/ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी की अध्यक्षता में जिला निवेश प्रोत्साहन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने तथा सिंगल विंडो सिस्टम के अंतर्गत लंबित निवेश प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में ब्याज अनुदान, स्थायी पूंजी निवेश अनुदान, परियोजना प्रतिवेदन, उत्पादन प्रमाण-पत्र, मंडी शुल्क एवं स्टाम्प शुल्क छूट तथा मार्जिन मनी अनुदान से संबंधित लंबित प्रकरणों पर चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए गए। साथ ही लैंड बैंक, औद्योगिक भूमि उपलब्धता, निजी भूमि अर्जन एवं शासकीय भूमि हस्तांतरण से जुड़े प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने एमओयू निष्पादित इकाइयों तथा स्पंज आयरन एवं पावर प्लांट प्रतिनिधियों से संवाद कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके साथ ही सीएसआर गतिविधियों, जिला स्तर पर लंबित औद्योगिक स्वीकृतियों, एमओयू, इन्विटेशन टू इन्वेस्ट तथा अभिस्वीकृति पत्र प्राप्त इकाइयों की स्थापना में आ रही समस्याओं के समाधान पर चर्चा की गई। 
             कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने सीएसआर मद का उपयोग खनन प्रभावित क्षेत्रों में स्कूल, अस्पताल, पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के विकास एवं शासकीय योजनाओं के संतृप्तिकरण हेतु करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन आएगा। साथ ही सीएसआर कार्यों का समुचित अभिलेख संधारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला निवेश प्रोत्साहन समिति की बैठक प्रत्येक तीन माह में आयोजित करने का निर्णय लिया गया, जिस पर उद्योग प्रतिनिधियों ने सहमति व्यक्त की। कलेक्टर ने सभी उद्योग प्रतिनिधियों सेे कहा कि फ्लाई ऐश डंपिंग पर सख्त निगरानी रखी जा रही है और अवैध डंपिंग की शिकायत मिलने पर संबंधित उद्योग के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में अपर कलेक्टर डॉ. प्रियंका वर्मा, जिला व्यापार एवं उद्योग विभाग की महाप्रबंधक सुश्री अंजू नायक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

और भी

जल जीवन मिशन से केसरचुआ गांव तक पहुँचा स्वच्छ पेयजल,ग्रामीणों के जीवन में दिख रहा सकारात्मक बदलाव

रायगढ़, 29 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के संकल्प को लगातार साकार कर रही है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में रायगढ़ जिले में जल जीवन मिशन का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसी कड़ी में विकासखंड तमनार के ग्राम केसरचुआ में नल जल योजना के माध्यम से ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। जिला मुख्यालय रायगढ़ से लगभग 48 किलोमीटर दूर स्थित यह ग्राम आज स्वच्छ पेयजल की स्थायी सुविधा से जुड़ चुका है।
            ग्राम-केसरचुआ की निवासी श्रीमती कविता प्रधान जल जीवन मिशन की प्रत्यक्ष लाभार्थी हैं। योजना के पूर्व उन्हें एवं ग्रामवासियों को पेयजल के लिए तालाब पर निर्भर रहना पड़ता था। विशेषकर वर्षा ऋतु में तालाब का पानी अत्यधिक मटमैला हो जाता था, जिसे छानने और उबालने के बाद ही उपयोग में लाया जाता था। इस प्रक्रिया में समय, श्रम एवं ईंधन की अतिरिक्त खपत होती थी, फिर भी शुद्धता की पूरी गारंटी नहीं रहती थी।
           जल जीवन मिशन के अंतर्गत गांव में आवश्यक अधोसंरचना का निर्माण कर प्रत्येक घर तक नल के माध्यम से जल आपूर्ति सुनिश्चित की गई। श्रीमती कविता प्रधान के घर भी नल जल कनेक्शन स्थापित किया गया, जिससे अब उन्हें नियमित रूप से शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो रहा है। इससे उनके परिवार के स्वास्थ्य में सुधार आया है और दैनिक जीवन पहले से अधिक सहज एवं व्यवस्थित हो गया है। जल जीवन मिशन का सबसे बड़ा लाभ ग्राम की महिलाओं को मिला है। पहले जहां जल संग्रहण महिलाओं के लिए एक कठिन कार्य था, वहीं अब घर पर नल से जल उपलब्ध होने से उनका कार्यभार कम हुआ है। समय की बचत से महिलाएं अब बच्चों की देखभाल, घरेलू कार्यों एवं सामाजिक गतिविधियों में अधिक सक्रिय भूमिका निभा पा रही हैं।
            ग्राम केसरचुआ में योजना के सफल क्रियान्वयन से स्वच्छता एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी है तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति ग्रामीणों का विश्वास मजबूत हुआ है। हितग्राही श्रीमती कविता प्रधान की यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि योजनाबद्ध प्रयास एवं जनसहभागिता से ग्रामीण जीवन में स्थायी और सकारात्मक परिवर्तन संभव है। जल जीवन मिशन ने न केवल प्यास बुझाई है, बल्कि स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की नींव को भी सुदृढ़ किया है। गांव के लोग आज गर्व के साथ कहते हैं कि जल जीवन मिशन ने उनके सपनों को साकार किया है और यह सफलता अन्य ग्रामों के लिए प्रेरणा बन रही है।

और भी

राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और समर्पण का अद्भुत संगम, गणतंत्र दिवस पर राम भजन राय एनईएस कॉलेज जशपुर के एनसीसी कैडेट्स ने जीता प्रथम पुरस्कार


जशपुर नगर 28 जनवरी 26
26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर रंजीता स्टेडियम, जशपुर नगर में जिला प्रशासन द्वारा आयोजित भव्य मार्च पास्ट कार्यक्रम में शासकीय राम भजन राय एनईएस स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जशपुर नगर के एनसीसी सीनियर डिवीजन (एसडी/एसडब्ल्यू) के कैडेट्स ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त कर महाविद्यालय को गौरवान्वित किया।
यह उपलब्धि एनसीसी अधिकारी कैप्टन ए.आर. पैंकरा के मार्गदर्शन एवं प्लाटून कमांडर सौरभ सिंह के कुशल नेतृत्व में प्राप्त हुई। कैडेट्स ने अनुशासन, समर्पण और एकजुटता का शानदार प्रदर्शन करते हुए निर्णायकों एवं उपस्थित दर्शकों से सराहना प्राप्त की।
मार्च पास्ट में शामिल कैडेट्स में रोहित राम, अभिषेक सिंह, नैमिष यादव, विनीता बाई, तारिणी यादव, खुशबू भारती, रवि नायक, शिवम शुक्ला, आशुतोष भगत, आसियान राम, शम्मी अंसारी, संजय यादव, कुशल यादव, समीर भगत, ललिता बाई, अफसाना कुजूर, रिया भगत, महकमाली सहित अन्य कैडेट्स शामिल थे।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अमरेन्द्र ने इस उपलब्धि पर सभी कैडेट्स को विशेष बधाई देते हुए कहा कि एनसीसी छात्रों में अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रभक्ति की भावना विकसित करता है, जो उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों — प्रो. डी.आर. राठिया, डॉ. सरिता निकुंज, जे.आर. भगत, डॉ. ए.के. श्रीवास्तव, डॉ. यू.एन. लकड़ा, डॉ. के.के. प्रसाद, प्रवीण सतपति, रिजवाना खातून, बी.आर. भारद्वाज, ज्योति तिर्की, जे.पी. कुजूर, के.के. केरकेट्टा,आईलिन एक्का, डॉ. हरिकेश कुमार, गौतम सूर्यवंशी, वी.पी. सिंह, मनोरंजन कुमार — ने भी कैडेट्स को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
महाविद्यालय परिवार ने कैडेट्स की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन की कामना की।

और भी

सरल प्रक्रिया, समय पर भुगतानः धान खरीदी में किसानों को भरोसा,धान खरीदी के अंतिम चरण में भी व्यवस्था दुरुस्त, किसान संतुष्ट

रायगढ़, 28 जनवरी 2026/ शासन के निर्देशानुसार जिले में धान खरीदी कार्य अंतिम चरण में भी पूरी पारदर्शिता एवं सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा रहा है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में जिले के सभी धान उपार्जन केंद्रों में किसानों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, जिससे किसानों को सहज एवं समयबद्ध रूप से धान विक्रय का लाभ मिल रहा है। प्रशासन द्वारा धान खरीदी की शेष अवधि के दौरान भी सतत निगरानी रखते हुए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो तथा सभी पात्र किसान निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत अपना धान विक्रय कर सकें।
            विकासखंड रायगढ़ के ग्राम केराझर स्थित धान उपार्जन केंद्र में धान विक्रय के लिए पहुंचे ग्राम कोसाबाड़ी निवासी किसान श्री आनंद राम राठिया ने ऑनलाइन टोकन प्रणाली के माध्यम से ढाई सौ कट्टी धान का विक्रय किया। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व भी वे धान विक्रय कर चुके हैं, जिसका भुगतान उन्हें समय पर सीधे उनके बैंक खाते में प्राप्त हो चुका है। किसान श्री राठिया ने उपार्जन केंद्र की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए बताया कि केंद्र में बारदाना, पेयजल, छाया एवं बैठने जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। साथ ही केंद्र प्रबंधन एवं कर्मचारियों द्वारा सहयोगात्मक व्यवहार किया जा रहा है, जिससे धान विक्रय की प्रक्रिया सरल एवं सुगम बनी हुई है। उन्होंने इस सुव्यवस्थित व्यवस्था के लिए शासन एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

और भी

जंगल में दर्दनाक हादसा: दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में गिरकर हाथी के मासूम सावक की मौत, वन अमले में मचा हड़कंप,पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का रहस्य

रायगढ़, 28 जनवरी 2026/ जिले के विकासखण्ड घरघोड़ा अंतर्गत ग्राम कया अंतर्गत जंगल क्षेत्र में एक हाथी के बच्चे (सावक) की मृत्यु का मामला सामने आया है। 27 जनवरी की सायंकाल स्थानीय ग्रामीणों द्वारा सूचना दी गई कि वन क्षेत्र में एक हाथी का बच्चा मृत अवस्था में पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही वन अमला तत्काल मौके के लिए रवाना हुआ, किंतु रात्रि का समय, दुर्गम स्थल तथा मृत हाथी के दल के अन्य हाथियों की आसपास मौजूदगी के कारण उसी समय घटना स्थल तक पहुँचना संभव नहीं हो सका।
           डीएफओ रायगढ़ ने जानकारी देेते हुए बताया 28 जनवरी को प्रातःकाल वन अमला आरक्षित वन कक्ष क्रमांक 1310 स्थित घटना स्थल पर पहुँचा और मौके का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि मृत हाथी सावक नर है, जिसकी आयु एक वर्ष से कम प्रतीत होती है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि अत्यधिक ढलान वाले क्षेत्र में गिरने के दौरान वह दो बड़ी चट्टानों के बीच की दरार में फंस गया, जिससे उसे गंभीर आंतरिक चोटें एवं आंतरिक रक्तस्राव हुआ और संभवतः इसी कारण उसकी मृत्यु हुई।
           वन विभाग द्वारा बताया गया कि वर्तमान में घटना स्थल के आसपास अभी भी हाथियों का दल विचरण कर रहा है, जिस कारण क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरती जा रही है और निरंतर निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। मृत हाथी सावक का विधिवत पोस्टमार्टम (पीएम) कराए जाने की प्रक्रिया पूर्ण की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मृत्यु के वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे हाथियों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में सतर्क रहें और किसी भी प्रकार की सूचना तत्काल वन अमले को दें।

और भी

प्रदेश को मिले 8 नए साइबर पुलिस थाने, रायगढ़ को भी बड़ी सौगात,मुख्यमंत्री ने किया वर्चुअल उद्घाटन, साइबर अपराधों पर होगी प्रभावी नियंत्रण

रायगढ़, 28 जनवरी 2026/ साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और आम नागरिकों को त्वरित न्याय दिलाने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज पुलिस मुख्यालय नया रायपुर से प्रदेश के 8 नवीन साइबर पुलिस थानों का वर्चुअल उद्घाटन किया, जिसमें रायगढ़ जिला भी शामिल है। पुलिस मुख्यालय नया रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव श्री विकास शील, एसीएस (होम) श्री मनोज पिंगुआ तथा पुलिस महानिदेषक श्री अरूण सिंह गौतम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
           रायगढ़ जिला मुख्यालय में आयोजित स्थानीय कार्यक्रम में महापौर श्री जीवर्धन चौहान ने कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में रिबन काटकर साइबर थाने का औपचारिक उद्घाटन किया। इसके पश्चात वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा रोजनामचा दर्ज कर साइबर थाना संचालन का विधिवत शुभारंभ किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिले में पूर्व से संचालित साइबर सेल का उन्नयन कर साइबर थाना स्थापित किया गया है। थाना प्रभारी निरीक्षक श्री नासिर खान की नियुक्ति के साथ 16 प्रशिक्षित स्टाफ पदस्थ किए गए हैं। आवश्यकता के अनुसार भविष्य में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन ठगी, साइबर फ्रॉड एवं डिजिटल अपराध वर्तमान समय की गंभीर चुनौती हैं, ऐसे में साइबर थाना स्थापित होने से अपराधों की विवेचना में तेजी आएगी तथा पीड़ितों को शीघ्र राहत एवं न्याय मिल सकेगा। 
             कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा साइबर फ्रॉड से जुड़े अनुभव साझा किए गए तथा नागरिकों को सतर्क रहने, डिजिटल लेन-देन में सावधानी बरतने एवं साइबर जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में सभापति नगर निगम श्री डिग्री लाल साहू, पूर्व विधायक श्री विजय अग्रवाल, पार्षद श्रीमती पूनम सोलंकी, श्री सुरेश गोयल, श्री सुभाष पांडे, श्री पवन शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (साइबर सेल) श्री अनिल विश्वकर्मा, नगर पुलिस अधीक्षक श्री मयंक मिश्रा, डीएसपी श्री सुशांतो बनर्जी, श्री उत्तम प्रताप सिंह, श्रीमती साधना सिंह, साइबर थाना के समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

और भी

लैलूंगा सीएचसी बना एनक्यूएएस प्रमाणित पहला स्वास्थ्य संस्थान,टीमवर्क और मजबूत नेतृत्व से संभव हुई उपलब्धि, मरीजों को मिलेगा सीधा लाभ

रायगढ़, 28 जनवरी 2026/ राज्य शासन के दिशा-निर्देशानुसार कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के नेतृत्व एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल जगत के मार्गदर्शन में रायगढ़ जिले के लैलूंगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ने नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (एनक्यूएएस) प्रमाणन प्राप्त कर जिले का पहला संस्थान बनने का गौरव हासिल किया है। यह उपलब्धि केवल लैलूंगा क्षेत्र ही नहीं, बल्कि पूरे रायगढ़ जिले के लिए गर्व, विश्वास और उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं का प्रतीक बनकर सामने आई है।
            डीपीएम सुश्री रंजना पैंकरा, जिला स्तरीय स्वास्थ्य टीम तथा लैलूंगा बीएमओ डॉ. धरम साय पैंकरा के निरंतर प्रयासों और समर्पण ने इस लक्ष्य को साकार करने में अहम भूमिका निभाई। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा लागू एनक्यूएएस एक राष्ट्रीय गुणवत्ता ढांचा है, जिसका उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में दी जा रही सेवाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाना है। इसके अंतर्गत संक्रमण नियंत्रण, मरीजों की सुरक्षा, नैदानिक सेवाओं की गुणवत्ता, दवा प्रबंधन, स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन और मरीज संतुष्टि जैसे अनेक बिंदुओं पर सख्त मूल्यांकन किया जाता है।
          इस बड़ी सफलता के पीछे मजबूत नेतृत्व, स्पष्ट मार्गदर्शन और उत्कृष्ट टीमवर्क की अहम भूमिका रही। लैलूंगा चिकित्सा विभाग के वरिष्ठ सलाहकार एवं मार्गदर्शक डॉ.एस.एन. उपाध्याय के मार्गदर्शन में अस्पताल की कार्यप्रणाली को एनक्यूएएस मानकों के अनुरूप ढाला गया। इस दौरान बीपीएम अश्वनी कुमार साय सहित अस्पताल के सभी डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मियों, सफाई कर्मियों और प्रशासनिक कर्मचारियों ने कंधे से कंधा मिलाकर कार्य किया। महीनों की सतत मेहनत के बाद लैलूंगा सीएचसी में सुव्यवस्थित पंजीयन प्रणाली, स्वच्छ वार्ड व शौचालय, संक्रमण नियंत्रण के लिए एसओपी का सख्त पालन, दवाओं व उपकरणों का वैज्ञानिक प्रबंधन, प्रसव कक्ष, ओपीडी और आपातकालीन सेवाओं का उन्नयन किया गया। इसके पश्चात राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र के मूल्यांकनकर्ताओं ने गहन निरीक्षण कर सभी मानकों पर संतुष्टि व्यक्त करते हुए एनक्यूएएस प्रमाणन प्रदान किया।
         इस प्रमाणन का सबसे बड़ा लाभ आम नागरिकों को मिलेगा। अब लैलूंगा एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बेहतर, सुरक्षित और भरोसेमंद इलाज, स्वच्छ वातावरण, समयबद्ध जांच एवं मरीज-केंद्रित सेवाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होंगी, जिससे जिला अस्पताल या निजी संस्थानों पर निर्भरता कम होगी। लैलूंगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की यह सफलता रायगढ़ जिले के अन्य स्वास्थ्य संस्थानों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है। यह प्रमाण है कि सही नेतृत्व, ईमानदार प्रयास और टीम भावना से सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं भी गुणवत्ता और भरोसे की पहचान बन सकती हैं। एनक्यूएएस प्रमाणन केवल एक प्रमाणपत्र नहीं, बल्कि यह जनता के विश्वास और सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूती का सशक्त प्रमाण है।

और भी

पेंशनरों को बड़ी राहत: रायगढ़ में पेंशन निराकरण एवं वेतन निर्धारण शिविर, 63 प्रकरणों का त्वरित समाधान


रायगढ़, 28 जनवरी 2026। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में संयुक्त संचालक कोष लेखा एवं पेंशन कार्यालय तथा जिला प्रशासन रायगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में कलेक्ट्रेट स्थित सृजन सभा कक्ष में पेंशन निराकरण एवं वेतन निर्धारण संबंधी शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य विभिन्न विभागों के लंबित पेंशन प्रकरणों एवं कर्मचारियों के वेतन निर्धारण से जुड़े मामलों का शीघ्र, सरल एवं नियमानुसार निराकरण करना था।
शिविर में संयुक्त संचालक कोष लेखा एवं पेंशन कार्यालय से श्री सिद्धार्थ गौराहा, श्रीमती सरिता दुबे एवं श्री अरिमर्दन मिश्रा द्वारा विभिन्न विभागों से प्राप्त लंबित पेंशन एवं वेतन निर्धारण प्रकरणों की गहन समीक्षा कर समाधान किया गया। इस दौरान कुल 72 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 63 प्रकरणों का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया गया, जिससे पेंशनरों एवं कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली।
कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर इस प्रकार के समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि पेंशनरों को समय पर पेंशन भुगतान सुनिश्चित किया जा सके तथा कर्मचारियों के वेतन निर्धारण से संबंधित लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण हो सके। इस पहल से हितग्राहियों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से भी राहत मिल रही है।
शिविर में जिला कोषालय अधिकारी श्री चंद्रपाल सिंह ठाकुर, सहायक कोषालय अधिकारी श्री पुष्पेंद्र चंद्रा एवं श्री राजीव बरेठ की भी उपस्थिति रही। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में भी कलेक्टर के मार्गदर्शन में इस प्रकार के शिविर आयोजित कर लंबित प्रकरणों का त्वरित एवं प्रभावी निराकरण किया जाएगा।

और भी

रायगढ़ - किसानों को मिली बड़ी राहत, मांग के अनुरूप जिले के 53, 9 और 31 उपार्जन केन्द्रों में दैनिक खरीदी की लिमिट बढ़ाई गई

रायगढ़, 28 जनवरी 2026/ खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत रायगढ़ जिले में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन का कार्य कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन एवं सतत निगरानी में सुचारू रूप से जारी है। जिले में कुल 83 हजार 641 पंजीकृत किसानों के विरुद्ध अब तक 70 हजार 544 किसानों द्वारा धान विक्रय किया जा चुका है, जिससे उपार्जन प्रक्रिया की गति और पारदर्शिता स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रही है। जिले में किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए धान विक्रय हेतु प्राप्त आवेदनों के अनुसार समय-समय पर उपार्जन केंद्रों की दैनिक खरीदी सीमा में वृद्धि की गई है। इसके तहत 53 उपार्जन केंद्रों, 9 उपार्जन केंद्रों एवं 31 धान उपार्जन केंद्रों की दैनिक खरीदी लिमिट बढ़ाई गई है, जिससे किसानों को समय पर टोकन और त्वरित धान विक्रय की सुविधा मिल रही है। 
           जिले में धान के अवैध परिवहन एवं कोचिया-बिचौलियों पर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। सर्वाधिक 193 प्रकरण दर्ज, राज्य में 1 लाख 36 हजार 545.20 क्विंटल धान जब्त तथा 38 परिवहन वाहनों की जब्ती की गई है। साथ ही 225 कोचिया-बिचौलियों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है, जो प्रशासन की सख्ती और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। वहीं, 5 हजार 449 किसानों द्वारा मैनुअल टोकन जारी करने के लिए प्राप्त आवेदनों में से 5 हजार 12 किसानों का भौतिक सत्यापन पूर्ण कर टोकन जारी कर धान क्रय किया जा रहा है। शेष 437 आवेदनों का सत्यापन कार्य सतत रूप से जारी है, जिनका धान क्रय आगामी तिथियों में सुनिश्चित किया जाएगा।
         कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशन में जिले में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और किसान-हितैषी बनाई गई है। किसानों की समस्याओं का तत्काल निराकरण करते हुए सभी पंजीकृत कृषकों का धान समितियों के माध्यम से सफलतापूर्वक क्रय किया जा रहा है।

और भी

पाँच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग को लेकर बैंककर्मियों की एकदिवसीय हड़ताल, जशपुर जिलेभर में स्टेट बैंक सहित राष्ट्रीयकृत व निजी बैंकों का कामकाज रहा ठप, उपभोक्ताओं को हुई भारी परेशानी

 

जशपुरनगर 27 जनवरी 2026 : 
5-दिवसीय बैंकिंग सप्ताह सहित अन्य लंबित एवं न्यायोचित मांगों के समर्थन में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) के आह्वान पर मंगलवार, 27 जनवरी को जशपुर जिलेभर के बैंककर्मी एकदिवसीय हड़ताल पर रहे। हड़ताल के कारण जिले की स्टेट बैंक ऑफ इंडिया सहित सभी राष्ट्रीयकृत एवं निजी बैंकों का कामकाज पूरी तरह अथवा आंशिक रूप से प्रभावित रहा। बैंक बंद रहने से उपभोक्ताओं को नकद निकासी, जमा, चेक क्लीयरेंस एवं अन्य बैंकिंग कार्यों में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

हड़ताल पर बैठे बैंककर्मियों ने बताया कि बैंकिंग क्षेत्र में लगातार बढ़ते कार्यदबाव, स्टाफ की कमी तथा अतिरिक्त दायित्वों के कारण कर्मचारियों का कार्य–जीवन संतुलन लगातार बिगड़ता जा रहा है। इसका सीधा असर कर्मचारियों के शारीरिक, मानसिक एवं पारिवारिक जीवन पर पड़ रहा है। बैंककर्मियों का कहना है कि 5-दिवसीय बैंकिंग सप्ताह कोई विलासिता नहीं, बल्कि एक स्वस्थ कार्य वातावरण, गरिमापूर्ण सेवा व्यवस्था तथा ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने के लिए आवश्यक है।

हड़ताल के दौरान जिले की विभिन्न बैंक शाखाओं के समक्ष बैंककर्मियों ने एकजुट होकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। इस दौरान यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि यह आंदोलन केवल कर्मचारियों के हितों से जुड़ा नहीं है, बल्कि भविष्य में एक सुरक्षित, संतुलित और प्रभावी बैंकिंग व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है।

यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि बैंककर्मियों की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वहीं, हड़ताल के कारण जिलेभर में बैंकिंग सेवाएं बाधित रहने से आम नागरिकों, व्यापारियों एवं ग्रामीण उपभोक्ताओं को वैकल्पिक व्यवस्था के लिए भटकना पड़ा।

और भी