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राज्य सलाहकार स्वच्छ भारत मिशन ने किया विभिन्न ग्रामों का भ्रमण,सामुदायिक स्वच्छता परिसरों के रख-रखाव एवं स्थिति का लिया जायजा

रायगढ़, 8 दिसम्बर 2025। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत स्वच्छता कार्यक्रमों की जमीनी हकीकत परखने एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य सलाहकार श्रीमती मोनिका सिंह एवं संभाग प्रभारी द्वारा आज रायगढ़ जिले के जनपद पंचायत रायगढ़ अंतर्गत विभिन्न ग्राम पंचायतों का भ्रमण किया गया। इस दौरान उन्होंने ग्राम पंचायत गोपालपुर, बनोरा, कुर्मापाली, कोसमनारा एवं लामीदरहा का दौरा कर वहां संचालित स्वच्छता गतिविधियों का निरीक्षण किया। भ्रमण के दौरान उन्होंने स्वच्छाग्रहियों से सीधा संवाद करते हुए गांव में हो रहे घर-घर कचरा संग्रहण तथा गीले एवं सूखे कचरे के पृथकीकरण पर विस्तार से चर्चा की।
           राज्य सलाहकार ने ग्रामीणों से अपील की कि वे घर से निकलने वाले कचरे को गीला और सूखा अलग-अलग करके ही स्वच्छाग्रहियों को दें, जिससे कचरा प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित हो सके। उन्होंने कहा कि कचरे का सही पृथकीकरण ही गांवों को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम है। भ्रमण के दौरान यूजर चार्जेस और प्रोत्साहन राशि के विषय में भी चर्चा की गई तथा स्वच्छाग्रहियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें निरंतर घर-घर कचरा संग्रहण एवं स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही गांवों में निर्मित सामुदायिक स्वच्छता परिसरों का निरीक्षण कर उनके रख-रखाव एवं उपयोग की स्थिति का जायजा लिया गया। इस अवसर पर जिला सलाहकार, ब्लॉक समन्वयक रायगढ़ सहित संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं सचिव, स्वच्छाग्राही समूह के अध्यक्ष व सचिव, समूह की दीदियां, रोजगार सहायक तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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रायगढ़ जिले में 105 उपार्जन केंद्रों में हो रही समर्थन मूल्य पर किसानों से धान की खरीदी,ऑनलाइन टोकन व्यवस्था किसानों को बनी बड़ी सहूलियत

रायगढ़, 8 दिसम्बर 2025।  खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य पूर्ण पारदर्शिता, संवेदनशीलता और सुव्यवस्थित ढंग से संचालित हो रहा है। राज्य शासन की धान खरीदी नीति एवं  निर्देशों और कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में धान उपार्जन व्यवस्था को किसान हितैषी बनाने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं, जिसका सीधा लाभ किसानों को मिल रहा है। जिले में लागू ऑनलाइन टोकन प्रणाली से किसानों को बड़ी राहत मिली है। किसान घर बैठे मोबाइल ऐप टोकन तुहर हाथ के माध्यम से टोकन प्राप्त कर निर्धारित तिथि पर बिना भीड़ के अपना धान विक्रय कर पा रहे हैं। इससे समय की बचत हो रही है और उपार्जन केंद्रों पर अनावश्यक अव्यवस्था से भी निजात मिली है।
         ग्राम लोइंग निवासी किसान बसंत कुमार पटेल ने बताया कि उन्होंने अपने 170 क्विंटल धान के विक्रय हेतु ऑनलाइन टोकन लिया। उपार्जन केंद्र में व्यवस्थाएं संतोषजनक हैं, भीड़ कम है और समय पर तौल हो रही है। उन्होंने कहा कि धान खरीदी प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई और उत्कृष्ट प्रबंधन से वे पूरी तरह संतुष्ट हैं। इसी तरह अन्य किसानों में भी धान विक्रय को लेकर उत्साह का माहौल है। जिले के किसानों ने इसके लिए राज्य शासन व जिला प्रशासन के प्रति आभार प्रकट किया।

*105 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से सुचारू व्यवस्था*

          जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए 105 उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए हैं। शासन की चेकलिस्ट के अनुरूप सभी केंद्रों पर पेयजल, शौचालय, बैठने की व्यवस्था, तौल-कांटा, बारदाना एवं स्टैकिंग जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें से 15 केंद्र संवेदनशील तथा 4 केंद्र अति-संवेदनशील श्रेणी में रखे गए हैं, जहां विशेष निगरानी की जा रही है। धान खरीदी से संबंधित शिकायतें एवं सुझाव खाद्य विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-233-3663 पर दर्ज कराए जा सकते हैं। जिले में अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर एवं कॉल सेंटर के माध्यम से कोचियों-बिचौलियों की गतिविधियों की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। सुगम एवं पारदर्शी धान खरीदी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय जांच कमेटी का गठन किया गया है। प्रशासन द्वारा तैयार की गई सरल, सुचारू और पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था से किसान पूर्णतः संतुष्ट नजर आ रहे है।

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प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत जिले की सभी समितियों में लगेगा विशेष कृषि शिविर

   जशपुरनगर, 08 दिसंबर 2025/ प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना के अंतर्गत कृषकों को रबी फसल की आधुनिक तकनीक से अवगत कराने तथा मत्स्यपालन, पशुपालन सहित अन्य कृषि-संबद्ध व्यवसायों की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से प्रत्येक समिति में विशेष प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।
इन शिविरों में जिले के ऐसे उत्कृष्ट एवं प्रगतिशील कृषकों को प्रशिक्षक के रूप में जोड़ा गया है, जो आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर खेती में अधिक उत्पादन एवं बेहतर आय अर्जित कर रहे हैं। ये प्रशिक्षक कृषक अपने अनुभव, कठिनाइयों, तथा विभागीय योजनाओं से प्राप्त लाभों को अन्य कृषकों के साथ साझा करेंगे, जिससे अधिक से अधिक किसान आधुनिक खेती अपनाकर लाभान्वित हो सकें।
     साथ ही कृषि एवं संबद्ध विभाग के अधिकारी किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, अनुदान प्राप्ति की प्रक्रिया, तथा वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने के मार्गदर्शन की जानकारी प्रदान करेंगे। इन शिविरों में कृषि विज्ञान केन्द्र एवं कृषि महाविद्यालय के वैज्ञानिक भी शामिल रहेंगे, जो आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रचार-प्रसार कर किसानों को उन्नत खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।

*दलहन-तिलहन उत्पादक कृषकों को समर्थन मूल्य पर उपज बेचने की सुविधा*

  जशपुर जिले में कुल 09 आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों का पंजीयन किया गया है, जहाँ दलहन-तिलहन फसलें उगाने वाले कृषक अपनी उड़द, मूंग एवं मूंगफली को बाजार मूल्य कम होने की स्थिति में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर विक्रय कर सकते हैं।
कृषकों के हित में प्रशासन ने अपील की है कि वे एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन अवश्य कराएँ। पंजीयन कराने में किसी भी प्रकार की सहायता हेतु संबंधित ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।

*कृषक उत्पादक संगठन से जुड़कर किसान बढ़ा सकते हैं अपनी आय*

शिविर के दौरान जिले के प्रत्येक विकासखंड के कृषक उत्पादक संगठन के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। जिन कृषकों ने अभी तक किसी कृषक उत्पादक संगठन की सदस्यता नहीं ली है, वे शिविर में उपस्थित प्रतिनिधियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सदस्यता हेतु आवेदन कर सकते हैं। कृषक उत्पादक संगठन से जुड़कर किसान न केवल आधुनिक कृषि तकनीक, समूह विपणन और सामूहिक क्रय-बिक्री का लाभ उठा सकते हैं, बल्कि अपनी आय दोगुनी करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम बढ़ा सकते हैं।

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अवैध रूप से संचित धान पर जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई,कांसाबेल क्षेत्र में तीन स्थानों से कुल 1,480 क्विंटल धान जप्त

जशपुरनगर 08 दिसंबर 2025/ जिला प्रशासन द्वारा अवैध धान भंडारण, अवैध परिवहन तथा कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत राजस्व एवं खाद्य विभाग ने तहसील कांसाबेल क्षेत्र में तीन अलग-अलग स्थानों पर बड़ी कार्रवाई की। अभियान के दौरान कुल 1,480 क्विंटल (3,700 बोरी) अवैध धान जप्त कर प्रशासनिक कब्जे में लिया गया।
पहली कार्रवाई में ग्राम नारियलडांड में लालचंद के मकान में पंकज पैकरा द्वारा अवैध रूप से संचित 300 बोरी (120 क्विंटल) धान जप्त किया गया। धान की गिनती एवं सत्यापन के बाद इसे नियमानुसार आदिम जाति सेवा सहकारी समिति चेटबा के सुपुर्द किया गया। दूसरी कार्रवाई में ग्राम चेटबा में राजस्व विभाग की टीम ने शेष कुमार साहू के फार्म हाउस में अवैध रूप से रखे गए 400 बोरी (160 क्विंटल) धान को जप्त किया। उक्त धान को भी नियमों के अनुसार सहकारी समिति चेटबा के सुपुर्द किया गया। तीसरी और सबसे बड़ी कार्रवाई में राजस्व एवं खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने ग्राम चेटबा में ही कृषक लकेश्वर साय के घर पर दबिश दी, जहाँ से लगभग 1000 बोरी (400 क्विंटल) अवैध धान बरामद किया गया। मौके पर धान की गिनती कर पंचनामा तैयार किया गया तथा संपूर्ण धान को सहकारी समिति चेटबा को सुपुर्द कर दिया गया।

       अधिकारियों ने बताया कि जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की पारदर्शिता एवं किसान हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन लगातार निगरानी अभियान चला रहा है। धान का अवैध भंडारण एवं कालाबाजारी जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए राजस्व, खाद्य, पुलिस, सहकारिता और मार्कफेड विभाग की संयुक्त टीमें मैदानी स्तर पर सघन निरीक्षण कर रही हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खरीदी व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी, जिससे किसानों को किसी भी प्रकार की हानि न हो तथा उपार्जन व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके।

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रजत महोत्सव पर जिले में विकासखण्डवार निःशुल्क आयुष स्वास्थ्य शिविरों का होगा आयोजन

 जशपुरनगर, 08 दिसंबर 2025/  छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अवसर पर जिले में विकासखण्डवार निःशुल्क आयुष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। ये शिविर प्रातः 10:00 बजे से शाम 05:00 बजे तक संचालित रहेंगे। शिविरों में सामान्य रक्त परीक्षण सहित अन्य आयुष स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध रहेंगी।
    इस संबंध में जिला आयुष अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि विकासखण्ड जशपुर में 11 दिसंबर को बाजार डांड़ पोरतेंगा में निःशुल्क आयुष स्वास्थ्य  शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसी तरह कुनकुरी के बाजार डांड़ रायकेरा में 13 दिसंबर को, फरसाबहार के बाजार डाड़ लावाकेरा में 15 दिसंबर को, बगीचा के बाजार डांड़ भितघरा में 16 दिसंबर को, दुलदुला के बाजार डांड़ पतराटोली में 17 दिसंबर को, मनोरा के बाजार डांड़ मनोरा में 19 दिसंबर को, पत्थलगांव के बाजार डांड़ फुलेता में 20 दिसंबर को  और कांसाबेल के बाजार डांड़ शब्दमुंडा में 22 दिसंबर  को आयोजित किया जाएगा।

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कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जनदर्शन में सुनी आमजन की समस्याएँ,अधिकारियों को निराकरण के दिए निर्देश

जशपुरनगर 8 दिसंबर 2025/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज जिला कार्यालय में आयोजित जनदर्शन में आम नागरिकों से सीधे रूबरू होकर उनकी समस्याएँ एवं मांगों की जानकारी ली। उन्होंने प्राप्त आवेदनों का गंभीरतापूर्वक अवलोकन किया और संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
      कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि आवेदकों को उनके आवेदन पर की गई कार्यवाही की जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए, जिससे उन्हें अपनी समस्या के समाधान की स्थिति स्पष्ट रूप से ज्ञात हो सके। उन्होंने जनसुविधाओं से जुड़े प्रकरणों पर संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्रवाई करने पर जोर दिया। आज आयोजित जनदर्शन में मुख्य रूप से राजस्व प्रकरण, स्वच्छता एवं साफ-सफाई, अधोसंरचना निर्माण, आजीविका उन्नयन तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने संबंधित आवेदन प्राप्त हुए।

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बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, कानूनी अधिकार, हेल्पलाइन व सुरक्षा उपायों की दी गई जानकारी

जशपुरनगर 08 दिसंबर 2025/ जिले में 25 नवंबर से 10 दिसंबर 2025 तक चल रहे लिंग आधारित हिंसा उन्मूलन जागरूकता अभियान के अंतर्गत आज विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम संकल्प स्कूल जशपुर में ‘‘बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ’’ योजना के तहत आयोजित किया गया। कार्यक्रम नवा बिहान, सखी वन स्टॉप सेंटर तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत छात्राओं को लिंग आधारित हिंसा के बढ़ते स्वरूप, घरेलू हिंसा, साइबर प्रताड़ना, स्टॉकिंग, मानसिक उत्पीड़न, शारीरिक हिंसा एवं विद्यालय/सामाजिक परिवेश में घटित होने वाली संवेदनशील घटनाओं के उदाहरणों के माध्यम से जागरूक करने से हुई। विशेषज्ञों ने बताया कि कैसे ऐसी घटनाओं को पहचानें, किस तरह तुरंत सहायता प्राप्त करें और कौन-कौन से प्लेटफॉर्म पर शिकायत दर्ज की जा सकती है। छात्राओं को ऑनलाइन और ऑफलाइन शिकायत पंजीकरण प्रक्रिया का प्रदर्शन कर विस्तार से समझाया गया। इसमें थाना, महिला डेस्क, सखी वन स्टॉप सेंटर, 181 महिला हेल्पलाइन, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, 1930 साइबर शिकायत पोर्टल के उपयोग से लेकर ई - एफआईआर, नागरिक सुविधा पोर्टल, तथा महिला सुरक्षा ऐप जैसी सुविधाओं की भी जानकारी दी गई। उक्त जागरूकता कार्यक्रम में नवा बिहान से संरक्षण अधिकारी, सखी वन स्टॉप सेंटर की काउंसलर, सहयोगी कर्मचारी, शिक्षण स्टाफ तथा बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को न केवल जानकारी देना, बल्कि उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग, आत्मविश्वासी और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना रहा।

      कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञ वक्ताओं ने हिंसा के प्रकार, कारण, पहचान के संकेत और उसके निराकरण पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने छात्राओं को बताया कि हिंसा की किसी भी स्थिति में महिला को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने हेतु वन स्टॉप सेंटर किस प्रकार कानूनी सहायता, चिकित्सीय सुविधा, काउंसलिंग एवं सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराता है। साथ ही पॉक्सो अधिनियम, बाल विवाह निषेध कानून, साइबर सुरक्षा नियम, तथा महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों के प्रावधानों को भी सरल भाषा में समझाया गया।
प्रतिभागियों को प्रिंटेड सूचना सामग्री व हेल्पलाइन विवरण भी वितरित किए गए, ताकि वे अपने परिवार व समुदाय में इन जानकारियों का प्रसार कर सकें। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए विशेषज्ञों ने उन्हें स्व-सम्मान, कानूनी अधिकारों और सुरक्षित वातावरण के महत्व पर प्रेरित किया।

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प्रदेश के नगरीय विकास, रियल एस्टेट सेक्टर और आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए

रायपुर, 08 दिसंबर 2025/प्रदेश में गाइडलाइन दरों के पुनरीक्षण के संबंध में प्राप्त सुझावों, ज्ञापनों और प्रस्तावों पर व्यापक परीक्षण करने के बाद केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के नगरीय विकास, रियल एस्टेट सेक्टर और आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं।

बैठक में निर्णय लिया गया कि नगरीय क्षेत्रों में 1400 वर्ग मीटर तक के भूखंडों की इंक्रीमेंटल आधार पर गणना की वर्तमान प्रणाली को समाप्त कर दिया जाए। अब पुनः पूर्व प्रचलित उपबंध लागू होंगे, जिसके तहत नगर निगम क्षेत्र में 50 डेसिमल, नगर पालिका में 37.5 डेसिमल और नगर पंचायत में 25 डेसिमल तक स्लैब दर से मूल्यांकन किया जाएगा। इस बदलाव से मूल्यांकन प्रक्रिया सरल होने के साथ ही पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

बहुमंजिला भवनों में फ्लैट, दुकान एवं कार्यालय के अंतरण पर सुपर बिल्ट-अप एरिया के आधार पर बाजार मूल्य की गणना का प्रावधान भी हटा दिया गया है। अब मूल्यांकन बिल्ट-अप एरिया के आधार पर किया जाएगा। यह प्रावधान मध्यप्रदेश शासन के समय से लागू था, जिसे बदलने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। नए प्रावधान से वर्टिकल डेवलपमेंट को गति मिलेगी और शहरी भूमि का अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित होगा।

केंद्रीय बोर्ड ने बहुमंजिला भवनों एवं कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के लिए मूल्यांकन में छूट के नए प्रावधान भी लागू किए हैं। अब बेसमेंट और प्रथम तल पर 10 प्रतिशत तथा द्वितीय तल एवं उससे ऊपर के तल पर 20 प्रतिशत की कमी के साथ मूल्यांकन किया जाएगा। इस निर्णय से मध्यम वर्ग को किफायती दरों पर फ्लैट और व्यावसायिक स्थान मिलने में मदद मिलेगी।

कमर्शियल कॉम्प्लेक्सों में 20 मीटर से अधिक दूरी पर स्थित संपत्तियों के लिए 25 प्रतिशत कमी के साथ भूखंड की दरों का मूल्यांकन किया जाएगा। 20 मीटर की दूरी का आकलन मुख्य मार्ग की ओर से निर्मित हिस्से से किया जाएगा, जिससे वास्तविक स्थिति के आधार पर अधिक न्यायसंगत मूल्यांकन संभव होगा।

केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने जिला मूल्यांकन समितियों को यह भी निर्देशित किया है कि हाल ही में दरों में वृद्धि के बाद प्राप्त आपत्तियों, ज्ञापनों और सुझावों का परीक्षण कर 31 दिसंबर तक गाइडलाइन दरों में पुनरीक्षण के प्रस्ताव भेजें। इन प्रस्तावों का विश्लेषण कर बोर्ड आगामी गाइडलाइन दरों पर अंतिम निर्णय लेगा।

इन सभी निर्णयों को तत्काल प्रभाव से लागू घोषित किया गया है, जिससे राज्य में रियल एस्टेट सेक्टर में स्थिरता, पारदर्शिता और किफायती आवास उपलब्ध कराने के प्रयासों को नई दिशा मिलेगी।

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प्रदेश में अवैध भण्डारण, परिवहन एवं विक्रय करते हुए लगभग 1 लाख 52 हजार क्विंटल धान जब्त

रायपुर, 7 दिसम्बर 2025/ छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी प्रारम्भ होने के पूर्व से ही प्रदेश में अवैध धान के भण्डारण एवं परिवहन से आने वाले धान की कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पिछले एक नवंबर से 6 दिसम्बर तक प्रदेश के विभिन्न जिलों से एक लाख  51 हजार 809 क्विंटल धान जब्त किया गया है। इस बार मार्कफेड द्वारा राज्य में अवैध परिवहन के जरिए अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ आने वाले धान को रोकने के लिए राज्य के सीमावर्ती जिलों में चेकपोस्ट और कलेक्टर की अध्यक्षता में टॉस्कफोर्स भी बनाए गए हैं। इसके साथ ही मार्कफेड में स्थापित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था की सतत् निगरानी की जा रही है। 

मार्कफेड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले एक नवंबर से 6 दिसम्बर के अवधि में मण्डी अंिधनियम 1972 के तहत  सीमावर्ती विभिन्न जिलों से छत्तीसगढ़ राज्य में अवैध परिवहन के माध्यम से आने वाले धान पर कार्यवाही की जा रही है। इनमें सर्वाधिक महासमुंद जिले में 25,718 क्विंटल धान जब्त किया गया है। इसी प्रकार धमतरी में 23,859 क्विंटल रायगढ़ जिले में 21,331 क्विंटल, राजनांदगांव 14,977 क्विंटल, बलरामपुर जिले में 9771 क्विंटल, बेमेतरा में 6490 क्विंटल, कवर्धा में 5734 क्विंटल, बालोद में 4595 क्विंटल, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 3770 क्विंटल, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में 2868 क्विंटल, जशपुर जिले में 2771 क्विंटल, सूरजपुर जिले में 2650 क्विंटल, दुर्ग में 2350 क्विंटल, जांजगीर-चांपा में 2014 क्विंटल, बलौदाबाजार में 1855 क्विंटल, बीजापुर जिले में 1842 क्ंिवटल, रायपुर में 1679 क्विंटल, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 1583 क्विंटल, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1500 क्विंटल, बस्तर जिले में 1560 क्विंटल, मोहला-मानपुर-चौकी में 1402 क्विंटल, गरियाबंद में 1393 क्विंटल, कोरबा में 1346 क्विंटल, सरगुजा में 1282 क्विंटल, कोरिया में 1237 क्विंटल, सक्ती में 1201 क्विंटल, कोण्डागांव जिले में 1148 क्विंटल, बिलासपुर में 1060 क्विंटल, कांकेर जिले में 1012 क्ंिवटल, मुंगेली में 917 क्विंटल, दंतेवाड़ा में 445 क्विंटल, नारायणपुर में 323 क्विंटल, सुकमा में 216 क्विंटल धान जब्त किए गए हैं। 

उल्लेखनीय है कि सीमावर्ती जिलों में निगरानी बढ़ाए जाने और त्वरित अलर्ट-रिस्पॉन्स सिस्टम की बदौलत अन्य राज्यों से धान की अवैध आमद को रोकने में प्रभावी सफलता मिल रही है।शासन ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता और अवैध गतिविधि को हर स्तर पर जीरो टॉलरेंस के साथ रोका जाएगा।खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मार्कफेड द्वारा धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए एकीकृत कंट्रोल सेंटर के माध्यम से रियल-टाइम निगरानी की जा रही है। साथ ही अवैध परिवहन के माध्यम से राज्य में आने वाले धान को रोकने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन द्वारा सतत् निगरानी रखी जा रही है।

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राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का सिलसिला तेजी के साथ जारी,धान खरीदी के एवज में किसानों को 5277 करोड़ रूपए का भुगतान

रायपुर, 07 दिसंबर 2025/राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का सिलसिला तेजी के साथ जारी हैं। पिछले माह के 14 नवंबर से शुरू हुए धान खरीदी महाअभियान में पांच दिसम्बर को सवेरे 10 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार 22 लाख 39 हजार 433 लाख मीट्रिक टन से  अधिक की धान की खरीदी हो चुकी है। अब तक 4 लाख 39 हजार 511 पंजीकृत किसानों ने धान बेचा है। धान खरीदी के एवज में किसानों को बैंक लिंकिंग व्यवस्था के तहत भुगतान हेतु मार्कफेड द्वारा 5277 करोड़ रूपए जारी किए गए है। चालू खरीफ सीजन के लिए इस वर्ष 27 लाख 30 हजार 96 किसानों ने पंजीयन कराया है, जिसमें 31 लाख 51 हजार 771 हेक्टेयर रकबा शामिल है। 

राज्य में सभी जिलों में धान खरीदी जारी है। धान खरीदी से अब तक  महासमुंद जिला सर्वाधिक 15 लाख 19 हजार 650 क्विंटल धान खरीदकर पहले पायदान पर है। वहीं गरियाबंद जिले 6 लाख 73 हजार 495 क्विंटल धान खरीदकार दूसरे नम्बर पर है। इसी तरह बिलासपुर जिले 6 लाख 73 हजार 65 क्विंटल धान खरीदकर तीसरे स्थान हासिल की है। हांलाकि कांकेर जिला 6 लाख 15 हजार 431 क्विंटल धान खरीदी कर चौथे पायदान पर बने हुए है। पांच लाख क्विंटल से अधिक धान खरीदी वाले जिले में धमतरी और मुंगेली जिले शामिल हैं, वहीं  चार लाख क्विंटल से अधिक खरीदी वाले जिले सूरजपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, बेमेंतरा, बालोद और कोण्डागांव शामिल हैं।  किसानों को अब तक 8 लाख 97 हजार 779 टोकन जारी किए गए हैं। वहीं आगामी दिवस 8 दिसम्बर को धान खरीदी के लिए किसानों को 50 हजार 234 टोकन जारी हुए हैं।  इस वर्ष शुरू किए गऐ टोकन तुहर एप्प ऑनलाईन व्यवस्था से किसानों को काफी सहुलियत मिल रही है। किसान समितियों द्वारा की जा रही सभी आवश्यक व्यवस्थाओं से संतुष्ट हैं। राज्य शासन गठित राज्य और जिला स्तरीय दलों द्वारा प्रदेश सहित राज्य के सीमावर्ती इलाकों में अवैध धान परिवहन, भंडारण तथा विक्रय पर कड़ी निगरानी की जा रही है। 

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार धान खरीदी के साथ-साथ किसानों को समर्थन मूल्य का भुगतान भी शुरू कर दिया गया है। राज्य के किसानों से क्रय किए गए धान के मूल्य भुगतान के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने मार्कफेड को 26,200 करोड़ रूपए की बैंक गांरटी पहले से दे रखी है। किसानों को धान बेचने में किसी भी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए सभी केन्द्रों में पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई है। धान खरीदी की व्यवस्था पर निगरानी के लिए सभी केन्द्रों में अधिकारी तैनात किए गए हैं। राज्य स्तर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और जिला स्तर के अधिकारी लगातार दौरा कर धान खरीदी एवं केन्द्रों की व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं। 

राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में किसी भी तरह की गड़बड़ी न होने पाए इसको लेकर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। बाहर से धान की आवक की रोकथाम के लिए चेकपोस्ट पर अधिकारी तैनात किए गए हैं। जगह-जगह मॉलवाहकों की औचक जांच भी की जा रही है। 

किसानों का मानना है कि धान खरीदी के लिए राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई टोकन तुंहर एप्प की ऑनलाईन व्यवस्था से टोकन प्राप्त करने और धान बेचने में सहुलियत हो रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व और किसान हितैषी नीतियों के चलते किसानों को जहां उनकी मेहनत का वाजिम दाम मिला हैं, वहीं किसानों का सम्मान भी बढ़ा है। बता दें कि सरकार अपने घोषणा के अनुरूप प्रति एकड़ 21 क्विंटल समर्थन मूल्य एवं कृषि उन्नति योजना के तहत 31 सौ रूपए प्रति क्विंटल की भाव से धान खरीदी कर रही है।

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मुख्यमंत्री श्री साय सर्व रविदास समाज के शपथ ग्रहण समारोह में हुए शामिल,शिक्षा ही सामाजिक विकास का मूलमंत्र : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर, 07 दिसंबर 2025/सामाजिक विकास का वास्तविक आधार शिक्षा है। चाहे जीवन जीने की कला हो, व्यापार हो, कृषि हो या कोई अन्य क्षेत्र — हर क्षेत्र में सफलता का पहला कदम शिक्षा ही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्व रविदास समाज के शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री साय ने मंच पर सभी नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई और उन्हें शुभकामनाएँ दीं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रारंभ से ही शिक्षा के स्तर को उन्नत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य गठन के समय जहाँ मात्र एक मेडिकल कॉलेज था, वहीं आज प्रदेश में लगभग 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। इसी प्रकार, छत्तीसगढ़ में आईआईटी, ट्रिपल-आईटी, आईआईएम, लॉ यूनिवर्सिटी, एम्स, सिपेट जैसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों की स्थापना से स्थानीय युवाओं को बड़े अवसर प्राप्त हुए हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि समाज को मजबूत और संगठित होना समय की आवश्यकता है, क्योंकि संगठित समाज ही राष्ट्र निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाता है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मूलमंत्र — “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” — का उल्लेख करते हुए कहा कि इन्हीं मार्गदर्शक सिद्धांतों के अनुसार राज्य सरकार 23 महीनों से सभी वर्गों के हित में काम कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार ने हाल के महीनों में अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं जिसमें अन्नदाताओं के लिए कृषक उन्नति योजना, प्रत्येक परिवार को पक्का मकान देने हेतु प्रधानमंत्री आवास योजना, माताओं और बहनों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने वाली महतारी वंदन योजना, दूरस्थ अंचलों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु शिक्षक युक्तियुक्तकरण जैसे कदम शामिल हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अब तक विभिन्न विभागों में 10 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की परीक्षाएं पूर्ण निष्पक्षता के साथ संपन्न कराई गई हैं, जिससे युवाओं में नया विश्वास उत्पन्न हुआ है।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने नई उद्योग नीति लागू की है, जिससे स्थानीय लोगों को अधिक अवसर, रोज़गार और स्वरोजगार प्राप्त हो सकेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने समाज के लोगों से आग्रह किया कि वे अधिकाधिक संख्या में शासन की योजनाओं का लाभ लेकर अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएँ।

कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री ध्रुव कुमार मिर्धा ने भी संबोधित किया और नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी।

इस अवसर पर सर्व रविदास समाज छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष श्री विजय मेहरा, रायपुर संभाग आयुक्त श्री महादेव कांवरे, श्री दिलीप वासनीकर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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सशस्त्र सेना झंडा दिवस : राष्ट्र की सुरक्षा में निरंतर तैनात हमारे सैन्य जवानों का योगदान अतुलनीय : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर 7 दिसंबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड के सचिव ब्रिगेडियर विवेक शर्मा ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय को सशस्त्र सेना झंडा दिवस के प्रतीक स्वरूप सम्मान बैज लगाया तथा संचालनालय सैनिक कल्याण द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी गतिविधियों एवं योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “सशस्त्र सेना झंडा दिवस हमारे वीर सैनिकों और उनके परिवारों के त्याग, साहस और राष्ट्रसमर्पण के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन अवसर है। देश की सुरक्षा में निरंतर तैनात हमारे जवानों का योगदान अतुलनीय है।” उन्होंने आगे कहा कि इस दिवस का संदेश है कि राष्ट्र की रक्षा में लगे हमारे जवानों और शहीद परिवारों के प्रति हम सभी अपनी जिम्मेदारी समझें और उनके कल्याण हेतु सहयोग की भावना से आगे आएं।

मुख्यमंत्री ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर सैनिकों एवं उनके परिवारों के कल्याण हेतु अपनी ओर से अंशदान भी प्रदान किया। 

इस अवसर पर सांसद श्री फग्गन सिंह कुलस्ते तथा पद्मश्री उषा बारले भी उपस्थित थीं।

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छत्तीसगढ़ कुंभकार समाज के प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री से सौजन्य भेंट कर नवागांव (कोलियारी) में आयोजित होने वाले महाधिवेशन में शामिल होने हेतु किया आमंत्रित 

रायपुर, 7 दिसंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ कुंभकार समाज के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय को आगामी जनवरी 2025 में रायपुर जिले के ग्राम नवागांव (कोलियारी) में आयोजित होने वाले प्रदेश स्तरीय महाधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने हेतु आमंत्रित किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आमंत्रण के लिए समाज के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों का धन्यवाद किया तथा आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दी। उन्होंने कहा कि कुंभकार समाज की पारंपरिक कला, श्रमशीलता और सांस्कृतिक योगदान छत्तीसगढ़ की सामाजिक संरचना को समृद्ध बनाते हैं। राज्य सरकार सभी समाजों के विकास और सहभागिता के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।

प्रतिनिधि मंडल में समाज के सलाहकार श्री रतन लाल चक्रधारी, श्री बी.पी. चक्रधर, प्रदेश अध्यक्ष श्री नंद कुमार चक्रधारी, महामंत्री श्री हेमलाल कौशिक, कोषाध्यक्ष श्री जयप्रकाश कुंभकार, श्री दौवा राम चक्रधारी सहित अन्य वरिष्ठ सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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खेल एवं युवा कल्याण व शिक्षा विभाग के समन्वित प्रयास से   विकास खंड स्तरीय शालेय शतरंज प्रतियोगिता, सांसद खेल महोत्सव सम्पन्न 


     
मनोरा 07 दिसम्बर 25 
जिला कलेक्टर जशपुर श्री रोहित व्यास के विशेष पहल एवं राज्य शासन के निर्देशानुसार खेल एवं युवा कल्याण व शिक्षा विभाग के समन्वित प्रयास से  क्रमशः विकास खंड स्तरीय शालेय शतरंज प्रतियोगिता, सांसद खेल महोत्सव एवं युवा उत्सव 2025 का आयोजन स्वामी आत्मानंद विधालय मनोरा के प्रांगण-मैदान में दिनाँक 06 दिसम्बर 2025 को जशपुर विधायक माननीया श्रीमती रायमुनि भगत के मुख्य आतिथ्य में विकासखंड शिक्षा अधिकारी मनोरा तरुण कुमार पटेल एवं रघुनाथ राम मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत के कुशल नेतृत्व में संपन्न हुआ।
      इस अवसर पर शांति भगत जिला पंचायत सदस्य जशपुर हैप्पी कमल कुजूर जनपद उपाध्यक्ष मनोरा सुषमा सिंह पूर्व जनपद सदस्य मनोरा- जगपति भगत, रंजीत भगत, शोषण टोप्पो, कांता भगत, प्रभाकर यादव मंडल अध्यक्ष, रामदास यादव मंडल महामंत्री, यदुनंदन नायक मंडल उपाध्यक्ष, आशुतोष राय, हदीश अंसारी एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन के साथ हुई। तदुपरांत विकासखंड शिक्षा अधिकारी द्वारा स्वागत उदबोधन व शतरंज, युवा उत्सव एवं सांसद खेल महोत्सव कार्यक्रम की पृष्टभूमि पर प्रकाश डाला गया। सभा को संबोधित करते हुए श्रीमती शांति भगत ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा आज इस खेल मैदान में आपको खेलता देख मुझे बहुत अच्छा लगा मैं भी आपकी उम्र में इसी मैदान में खेला करती थी आप सभी को शुभकामनाएं हैं आप जिला में भी अच्छा प्रदर्शन करें अच्छा खेलें अच्छा पढ़ें और अच्छे नागरिक बनकर देश की सेवा करें।
         जशपुर विधायक माननीय रायमुनी भगत ने बच्चों को प्रेरित करते हुए नंबर वन बनने की सलाह दी बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि अन्य महान लोगों की तरह हम भी महान बन सकते हैं क्योंकि सबकी तरह हमारे भी हाथ पांव नाक कान हैं हमें अच्छी सोच के साथ अच्छे कार्य करना है आगे बढ़ना है और देश को आगे बढ़ाना है माननीय विधायक में अपने समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की जानकारी बच्चों को गीत के माध्यम से बतायी तो बच्चे झूम उठे इनके गीत पर बच्चियों नें मांदर बजाया और विधायक मैडम के साथ नृत्य भी किये।
*विकासखंड स्तरीय स्तरीय शालेय शतरंज प्रतियोगिता*:- विद्यालय स्तर से चयनित 18 प्रतिभागियों का 04 राउंड में प्रतियोगिता हुई जिसमें से विजेता- उपविजेता व चयनित 08 प्रतिभागियों को ट्राफी एवं प्रमाण पत्र देकर समानित किया गया। शतरंज प्रतियोगिता अंतर्गत राजवर्धन पीएमश्री सेजेस मनोरा ने विजेता और मनीष राम हाई स्कूल शैला से उपविजेता रहे।
  *विकासखण्ड स्तरीय सांसद खेल महोत्सव 2025* 
प्रतियोगिता में बालक बालिका 100 मीटर दौड़, लंबी कूद, गेदी दौड़, फुगड़ी नाच,, वॉलीबॉल,कबड्डी, खो-खो  रस्साकस्सी प्रतियोगिता ने 310 प्रतिभागियों ने हिस्सेदारी सुनिश्चित की जिसमे से सभी खेल विधा से प्रथम एवं द्वितीय चयनित प्रतिभागियों को पुरस्कृत किये गये।
 *युवा उत्सव कार्यक्रम*
 कार्यक्रम अंतर्गत सामुहिक लोक नृत्य-गीत, व्यक्तिगत लोक  नृत्य-गीत, कहानी, कविता, चित्रकला प्रतियोगिता विज्ञान मेला, हस्तशिल्प, कृषि उत्पाद पर स्टाल के माध्यम से प्रतियोगिता आयोजित हुई जिसके अंतर्गत 186 प्रतिभागियों ने हिस्सदारी सुनिश्चित की एवं विधा अनुसार प्रथम एवं द्वितीय चयनित प्रतिभागियों को मुख्य अथिति के कर कमलों से पुरस्कृत किये गये।
कार्यक्रम को सुव्यवस्थित संचालित करने में एबीईओ जगतपाल,बी.आर.सी.सी आशुतोष शर्मा, कार्यक्रम कवरेज प्रभारी प्रवीण पाठक, मंडल संयोजक श्री मनोज सिंह ,अधीक्षक विनोद भगत, उल्लास प्रभारी विपिन विकास खरे, संशोधन मिंज  प्राचार्य आत्मानंद विद्यालय मनोरा, कविता-कहानी लेखन-पेंटिंग प्रभारी किशोर यादव, मंच/पुरुस्कार व्यवस्था प्रभारी श्री प्रेमलाल बर्मन, श्री महेंद्र नाथ सिंह, अजीत सिदार पी.टी.आई.-सुमन एक्का, प्रतिमा खेस, राजेश मिंज एवं खेलकूद सम्पन्न कराने में ड्यूटी में संलग्न सभी कर्मचारी एवं विशष रुप से सभी संकुल प्राचार्य एवं संकुल समन्वयकों का योगदान सराहनीय रहा तथा कायालयीन समस्त स्टाफ का विशेष सहयोग मिला।

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जशपुर में विकासखंड स्तरीय शतरंज प्रतियोगिता हुई आयोजित,नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत की उपस्थिति में हुआ शुभारंभ


जशपुर 07 दिसम्बर 2025 : 

कलेक्टर श्री रोहित व्यास एवं सीईओ जिला पंचायत श्री अभिषेक कुमार के निर्देश पर शतरंज को बढ़ावा देने हेतु प्रारंभ किए गए “चेकमेट एट जशपुर” कार्यक्रम के अंतर्गत आज जशपुर में विकासखण्ड स्तरीय शतरंज प्रतियोगिता का शुभारंभ किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि नगरपालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, जनपद अध्यक्ष गंगाराम भगत, जशपुर मंडल अध्यक्ष मुकेश सोनी एवं पूर्व मंडल अध्यक्ष विजय सहाय उपस्थित रहे। जशपुर विकासखण्ड के 18 स्कूलों के 36 खिलाड़ियों के बीच पाँच राउंड की प्रतिस्पर्धा के पश्चात घोषित परिणामों में सावन कुमार केंद्रीय विद्यालय जशपुर ने प्रथम स्थान, रॉलेन रफेल लकड़ा सेंट जोसेफ्स हायर सेकेंडरी शांति भवन जशपुर ने द्वितीय स्थान, पार्थ प्रधान स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट उ.मा.वि. नवीन आदर्श जशपुर ने तृतीय स्थान, आयुष कुमार साहू शासकीय उ.मा.वि. लोदाम ने चतुर्थ स्थान, अंकित कुमार यादव शासकीय उ.मा.वि. गम्हरिया ने पांचवा स्थान, मिथलेश यादव स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम विद्यालय जशपुर ने छठवां स्थान, गौरव सरस्वती शिशु मंदिर जशपुर ने सातवां तथा संदीप राम कल्याण आश्रम उ.मा.वि. जशपुर ने आठवां स्थान प्राप्त किया। 

ये शीर्ष 8 खिलाड़ी जिला स्तरीय प्रतियोगिता में जशपुर विकासखण्ड का प्रतिनिधित्व करेंगे, जो पत्थलगांव में आयोजित होगी। कार्यक्रम में विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती कल्पना टोप्पो, एबीईओ टुमनू गोसाईं सहित व्यायाम शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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वीर शहीदों की स्मृति में अमर शहीदों के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया नमन,रायगढ़ के हॉनरी सूबेदार मेजर सुखू राम बारबा को किया गया सम्मानित

रायगढ़, 7 दिसम्बर 2025/  मातृभूमि की सुरक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर शहीदों की स्मृति में तथा सेवारत और भूतपूर्व सैनिकों के सम्मान में आज जिले में सशस्त्र सेना झंडा दिवस गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कलेक्टोरेट परिसर स्थित सृजन सभा कक्ष में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता एडीएम श्री अपूर्व टोप्पो ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ के अमर शहीदों के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। एडीएम श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो ने सैनिकों के अद्वितीय योगदान और उनके महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सेना परिवार से जुड़ाव गर्व का विषय है। उन्होंने सैनिकों के सर्वांगीण सहयोग का आश्वासन देते हुए नागरिकों से उनका सम्मान बनाए रखने का आग्रह किया। 
     एनसीसी कमांडिंग ऑफिसर कर्नल प्रवीण तेवतिया ने सैनिकों के बलिदान को याद करते हुए समाज के सभी वर्गों से उनके प्रति सम्मान और सहयोग की भावना बनाए रखने की अपील की। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कमांडर हरीशचंद्र तिवारी ने झंडा दिवस का इतिहास और महत्व विस्तार से बताया। उन्होंने लोगों से उदारतापूर्वक दान कर सैनिकों के योगदान को सम्मानित करने की प्रेरणा दी। इस अवसर पर रायगढ़ के हॉनरी सूबेदार मेजर सुखू राम बारबा (विशिष्ट सेवा पदक) को उनकी उत्कृष्ट सेवा के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के पश्चात जिला सैनिक कल्याण अधिकारी, भूतपूर्व सैनिकों और एनसीसी कैडेट्स के साथ गांधी चौक में जनसहभागिता अभियान आयोजित किया गया। इसमें नागरिकों को झंडा दिवस अभियान में भाग लेकर सहयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
      गौरतलब है कि सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर टोकन झंडा वितरण द्वारा एकत्रित दान राशि वीर शहीदों, भूतपूर्व और सेवा निवृत्त सैनिकों के कल्याण हेतु विभिन्न योजनाओं में उपयोग की जाती है। जिले के सभी शासकीय कार्यालय, उद्योग-धंधे, विद्यालय, महाविद्यालय और निजी संस्थान झंडा वितरण कर सहयोग के लिए आमंत्रित किए गए हैं। कार्यक्रम में एनसीसी कमांडिंग ऑफिसर कर्नल प्रवीण तेवतिया, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कमांडर हरीशचंद्र तिवारी, मुख्य महाप्रबंधक उद्योग श्रीमती अंजू नायक, उपायुक्त नगर निगम, जिला कोषालय अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी रायगढ़, भूतपूर्व सैनिक और एनसीसी कैडेट्स उपस्थित रहे।

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धान बेचने और रकबा समर्पण में रायगढ़ जिला अव्वल,धान खरीदी में किसानों का अभूतपूर्व उत्साह 7,181 किसानों से 3.92 लाख क्विंटल धान की खरीदी

रायगढ़, 7 नवंबर 2025। खरीफ विपणन वर्ष 2025–26 में रायगढ़ जिले में राज्य शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर की जा रही धान खरीदी एक महापर्व के रूप में नजर आने लगी है। जिले के किसानों में इस वर्ष धान विक्रय को लेकर भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। किसानों को उनके वास्तविक धान उपज की खरीदी में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन ने संपूर्ण प्रक्रिया को पारदर्शी, सुचारू और किसान हितैषी बनाया है। जिले के सभी 105 धान उपार्जन केंद्रों में खरीदी व्यवस्थित रूप से जारी है।

धान खरीदी व्यवस्था की निगरानी स्वयं कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी द्वारा की जा रही है । वे लगातार उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि तौल प्रक्रिया पारदर्शी रहे, किसानों को प्रतीक्षा न करनी पड़े, टोकन प्रणाली सुचारू चले, और केंद्रों में बोरे, तौल मशीनें, छाया, पानी आदि की समुचित व्यवस्था उपलब्ध रहे।
कलेक्टर द्वारा धान के अवैध परिवहन, भंडारण और बिचौलियों द्वारा अमानक धान बेचने जैसी गतिविधियों पर कड़ाई से निगरानी रखी जा रही है। वे प्रतिदिन खरीदी की समीक्षा कर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दे रहे हैं कि खरीदी प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
धान खरीदी के दौरान एक महत्वपूर्ण प्रवृत्ति इस वर्ष विशेष रूप से उभरकर सामने आई है। जिले के किसान स्वयं प्रेरित होकर अपना शेष रकबा समर्पित कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि राज्य शासन द्वारा प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है तथा केंद्र सरकार के एमएसपी के अतिरिक्त राज्य शासन की कृषक उन्नति योजना के तहत दी जाने वाली अंतर राशि को मिलाकर प्रति क्विंटल 3,100 रुपए समर्थन मूल्य तय किया गया है।
किसानों ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि यदि वास्तविक उपज बेचने के बाद वे अपने शेष रकबे का समर्पण नहीं करेंगे, तो उनके खातों में उपलब्ध शेष स्थान का दुरुपयोग होने की आशंका बनी रहती है। इसलिए पारदर्शिता बनाए रखने के लिए किसान आगे आकर स्वयं अपना रकबा समर्पित कर रहे हैं।
धान खरीदी शुरू होने से लेकर अब तक जिले में पारदर्शिता की मिसाल पेश करते हुए रायगढ़ जिले में शुक्रवार की अद्यतन स्थिति के अनुसार कुल 184.1415 हैक्टेयर रकबा समर्पण दर्ज किया जा चुका है।
रकबा समर्पण की दृष्टि से रायगढ़ जिला प्रदेश के सर्वाधिक समर्पण करने वाले जिलों में शामिल हो चुका है।
 खाद्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक 
जिले में अब तक 3,457 सीमांत किसान, 1,987 लघु किसान और 1,737 बड़े किसान धान विक्रय कर चुके हैं। कुल मिलाकर 7,181 किसानों से 3,92,113.60 क्विंटल धान खरीदा जा चुका है। भुगतान की स्थिति भी संतोषजनक है। राज्य शासन द्वारा धान बेच चुके  किसानों को 9,204.90 लाख रुपए का भुगतान उनके खातों में अंतरित किया चुका है। इसके साथ ही सहकारी समितियों द्वारा 1,522.19 लाख रुपए की ऋण वसूली भी की गई है।

धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता लाने किसान के रहे रकबा समर्पण

रायगढ़ में इस वर्ष धान खरीदी महापर्व ने नई पहचान बनाई है। किसानों ने अपने वास्तविक उपज की खरीदी के बाद स्वयं आगे आकर 184.1415 हैक्टेयर रकबा का समर्पण किया है, जिससे खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता का स्तर और भी मजबूत हुआ है। जिले के 7,181 किसानों से अब तक 3.92 लाख क्विंटल से अधिक धान खरीदा जा चुका है। किसानों को 92.04 करोड़ रुपए का भुगतान तथा 1,522.19 लाख रुपए की ऋण वसूली की गई है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी की सतत मॉनिटरिंग और सख्त निर्देशों के चलते उपार्जन केंद्रों में व्यवस्था सुचारू, पारदर्शी बन रही है।

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महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने वन विभाग की बड़ी पहल,महिला स्व-सहायता समूहों को जस्क्राफ्ट निर्माण हेतु 10 लाख की चक्रीय निधि प्रदान


जशपुरनगर, 07 दिसंबर 2025/ जशपुर वनमंडल द्वारा कोटानपानी जागृति, इस्माइल, राखी एवं जागरण स्वच्छता स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को जस्क्राफ्ट निर्माण हेतु 10 लाख रुपये की चक्रीय निधि का चेक प्रदान किया गया। कोटानपानी की सरपंच ने कार्यक्रम में चारों समूहों को प्रतीकात्मक रूप से चेक प्रदान कर महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की इस महत्वपूर्ण पहल को आगे बढ़ाया। वन विभाग की यह पहल स्थानीय महिलाओं को जस्क्राफ्ट उत्पादन में कौशल विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में नई गति प्रदान करेगी।
    वनमण्डलाधिकारी श्री शशि कुमार ने बताया कि स्व-सहायता समूहों को सशक्त करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में जस्क्राफ्ट को विशिष्ट पहचान दिलाना और स्थानीय उत्पादों के विपणन को बढ़ावा देना विभाग का प्रमुख लक्ष्य है। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद महिलाओं ने चक्रीय निधि उपलब्ध कराने के लिए वन विभाग के प्रति आभार प्रकट किया और जस्क्राफ्ट निर्माण में उत्कृष्ट प्रदर्शन का संकल्प भी लिया।

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