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नए आपराधिक कानूनों के बेहतर क्रियान्वयन के लिए कलेक्टर–एसएसपी ने ली महत्वपूर्ण बैठक,चिकित्सकों को मेडलीपर पोर्टल में अपलोड करनी होगी रिपोर्ट

जशपुरनगर 17 नवम्बर 2025/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह ने आज जिला कार्यालय में भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 एवं साक्ष्य अधिनियम 2023 के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक ली। कलेक्टर ने कहा कि नए कानूनों से न्यायिक प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, समयबद्ध तथा जनहित परक बनेगी। उन्होंने पुलिस सहित अन्य विभाग के अधिकारियों को नए कानून के प्रावधानों को गंभीरता पूर्वक पालन करने के निर्देश दिए। जिससे आमजनों के प्रकरणों का निराकरण समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित हो। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह ने कहा कि समय पर मेडिकल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने से जांच और न्यायिक प्रक्रिया तेज होती है, जिससे आमजन को सीधे रूप से सहूलियत होती है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक पालन करते हुए निर्धारित समय सीमा में रिपोर्ट प्रस्तुत करें, ताकि प्रकरणों का पारदर्शी एवं त्वरित निराकरण सुनिश्चित हो सके। बैठक में अपर कलेक्टर श्री प्रदीप साहू, लोक अभियोजन अधिकारी, लोक अभियोजक, जेल अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिविल सर्जन सहित खंड चिकित्सा अधिकारीगण मौजूद रहे।

*पोस्टमार्टम, मेडिकल रिपोर्टिंग को समयबद्ध बनाना अनिवार्य* - कलेक्टर ने नए कानूनों के प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर अनिवार्य रूप से प्रस्तुत की जाएगी। किसी भी प्रकरण में अभियुक्त की मेडिकल रिपोर्ट तुरंत तैयार कर अपलोड की जाएगी। वहीं बलात्संग से संबंधित मामलों में पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट सात दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से उपलब्ध करानी होगी। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के माध्यम से सभी मेडिकल अधिकारियों को इन प्रावधानों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए।


*मेडलीपर पोर्टल से तत्काल उपलब्ध होगी पीएम रिपोर्ट* -  बैठक में कलेक्टर श्री व्यास ने बताया कि जिले में अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए आमजन को भटकना नहीं पड़ेगा। चिकित्सक मेडलीपर पोर्टल में पीएम रिपोर्ट ऑनलाइन अपलोड करेंगे। जिससे जांचकर्ता अधिकारी, पुलिस एवं कोर्ट के अधिकारी एक क्लिक में रिपोर्ट की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। यह व्यवस्था पीड़ितों एवं उनके परिजनों के लिए अत्यंत सहायक सिद्ध होगी और प्रकरणों के त्वरित निराकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि मेडलीपर पोर्टल पर सभी मेडिकल अधिकारियों का पंजीयन शीघ्र पूर्ण कराया जाए और उनका उचित प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाए, ताकि वे समय सीमा के भीतर पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल लीगल रिपोर्ट, विसरा रिपोर्ट, केमिकल पैथोलॉजी रिपोर्ट एवं रेडियोलॉजी रिपोर्ट ऑनलाइन अपलोड कर सकें। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था न केवल पारदर्शिता बढ़ाएगी बल्कि नागरिकों को त्वरित सेवा उपलब्ध कराने में भी सहायक होगी।


*वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी पेशी—समय व संसाधनों की बचत* -  बैठक में नए कानूनों के तहत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी सुनिश्चित करने के प्रावधानों पर भी चर्चा की गई। कलेक्टर ने कहा कि जहाँ न्यायालय के निर्देशानुसार सशरीर पेशी आवश्यक नहीं है, वहाँ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी कराई जाएगी। जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी तथा प्रकरणों के निराकरण की गति बढ़ेगी। जेल विभाग के अधिकारियों को इस व्यवस्था का प्रभावी उपयोग करने निर्देशित किया गया। उन्होंने बताया कि जिले के सभी विकासखंडों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा अधिसूचित की जा चुकी है। आवश्यकतानुसार इसका उपयोग न्यायालयीन कार्यवाही में वीसी के लिए किया जा सकता है।

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