जंगल बचाने सख्त हुआ विभाग,हरे पेड़ों की कटाई नहीं होगी बर्दाश्त,जलाऊ के नाम पर जंगल उजाड़ने वालों पर लगातार कार्रवाई जारी
नारायणपुर 20 दिसम्बर 2025 :
बादलखोल अभ्यारण्य क्षेत्र में जंगलों से अवैध रूप से जलाऊ लकड़ी लाने वालों के खिलाफ वन विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। ईंधन के नाम पर अभ्यारण्य क्षेत्र में सैकड़ों छोटे-छोटे हरे पेड़ों की कटाई किए जाने से वनों की स्थिति दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है, जिससे जंगलों में पेड़ों की कमी साफ दिखाई देने लगी है।
वन विभागने बताया कि कई ग्रामीण सूखी लकड़ी एकत्र करने के बजाय कच्चे और छोटे पेड़ों को काटकर जलाऊ के रूप में ले जा रहे हैं। इससे न केवल वन संपदा को भारी नुकसान हो रहा है, बल्कि वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
वन विभाग द्वारा पिछले कई वर्षों से आसपास के गांवों में जाकर लगातार बैठकों का आयोजन किया जा रहा है। इन बैठकों के माध्यम से ग्रामीणों को अवैध कटाई से होने वाले नुकसान, पर्यावरण संतुलन और वन कानूनों की जानकारी दी जा रही है, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग समझाइश को अनदेखा कर रहे हैं।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बार-बार समझाने के बाद भी ग्रामीणों द्वारा अंधाधुंध कटाई जारी है, जिससे अब सख्ती बरतना जरूरी हो गया है। इसी क्रम में विभाग ने जंगल से लकड़ी लाने वाले ग्रामीणों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। अभियान के तहत अवैध रूप से लकड़ी काटते पाए जाने पर उनकी टांगी (कुल्हाड़ी) जब्त की जा रही है और नियमानुसार आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि ईंधन के नाम पर हरे पेड़ों की कटाई किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे केवल सूखी लकड़ी का उपयोग करें और वन संरक्षण में सहयोग दें।
बादलखोल अभ्यारण्य के अधीक्षक श्री आशुतोष भगत ने कहा कि कुछ ग्रामीण के द्वारा शिकायत मिली थी कि जलाऊ के नाम से कच्चा छोटा पेड़ काटा जा रहा है,जिस पर कार्यवाही जारी है। यह अभियान किसी एक दिन का नहीं है, बल्कि लगातार जारी रहेगा। बादलखोल अभ्यारण्य की हरियाली और जैव विविधता को बचाने के लिए वन विभाग पूरी तरह प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी अवैध कटाई करने वालों पर सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।