"संस्कारों से युक्त रायगढ़, नशा-सट्टा से मुक्त रायगढ़" अभियान का होगा आगाज़, 4 जुलाई को पुलिस जन संवाद में समाज के सभी वर्ग मिलकर तैयार करेंगे नशामुक्त शहर का रोडमैप
रायगढ़। जिले में नशा और जुआ-सट्टा के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को अब जन आंदोलन का स्वरूप देने की तैयारी शुरू हो गई है। इसी उद्देश्य से रायगढ़ पुलिस द्वारा 4 जुलाई को "पुलिस जन संवाद" कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसकी थीम "संस्कारों से युक्त रायगढ़, नशा-सट्टा से मुक्त रायगढ़" रखी गई है।
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने शुक्रवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पिछले पांच महीनों के दौरान रायगढ़ पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार तथा जुआ-सट्टा के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई करते हुए इन गतिविधियों पर काफी हद तक अंकुश लगाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगे भी ऐसे अपराधों को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा।
केवल पुलिस कार्रवाई से नहीं होगा समाधान
एसएसपी ने कहा कि नशा और जुआ-सट्टा आज समाज के सामने गंभीर सामाजिक चुनौती बन चुके हैं। इन समस्याओं का स्थायी समाधान केवल पुलिस कार्रवाई से संभव नहीं है। इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। इसी सोच के साथ "पुलिस जन संवाद" कार्यक्रम की शुरुआत की जा रही है, ताकि पुलिस और नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित हो सके।
उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत शहर के विभिन्न वार्डों में पुलिस अधिकारियों और नागरिकों के बीच संवाद होगा। आम लोग बिना किसी डर या संकोच के नशे, जुआ-सट्टा अथवा अन्य आपराधिक गतिविधियों की जानकारी सीधे पुलिस तक पहुंचा सकेंगे। भविष्य में इस व्यवस्था को नगर पालिका खरसिया तक भी विस्तारित करने की योजना है।
पुनर्वास और रोजगार पर रहेगा विशेष फोकस
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य केवल अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि नशे और जुआ-सट्टा की लत में फंसे युवाओं को मुख्यधारा में वापस लाना भी है। इसके लिए पुनर्वास, मार्गदर्शन और रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान ऐसी संयुक्त समिति के गठन पर भी विचार किया जाएगा, जो चिन्हित युवाओं के पुनर्वास, काउंसलिंग और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
समाज के सभी वर्गों की होगी भागीदारी
प्रस्तावित समिति में पुलिस विभाग के साथ प्रशासनिक अधिकारी, समाज कल्याण विभाग, अधिवक्ता, मीडिया प्रतिनिधि, समाजसेवी, स्वयंसेवी संस्थाएं (एनजीओ) तथा जागरूक नागरिकों को शामिल करने की योजना है। उद्देश्य यह है कि सामूहिक प्रयासों के माध्यम से रायगढ़ को नशा एवं जुआ-सट्टा मुक्त बनाया जा सके।
युवाओं को बचाने पर रहेगा विशेष जोर
एसएसपी ने कहा कि शहर की वर्तमान समय की सबसे बड़ी सामाजिक चुनौतियां नशा और जुआ-सट्टा हैं। यदि समय रहते इन पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया तो इसका दुष्प्रभाव आने वाली पीढ़ी पर पड़ेगा। इसलिए पुलिस अब केवल कानून लागू करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि युवाओं को सही दिशा देने और उन्हें सम्मानजनक जीवन से जोड़ने के लिए समाज के साथ मिलकर कार्य करेगी।
शहरवासियों से की सहभागिता की अपील
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में एसएसपी शशि मोहन सिंह ने शहर के नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, व्यापारियों, शिक्षकों, अधिवक्ताओं, मीडिया प्रतिनिधियों तथा युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में "पुलिस जन संवाद" कार्यक्रम में शामिल होकर अपने सुझाव देने की अपील की।
उन्होंने कहा कि जनसहयोग से ही "संस्कारों से युक्त रायगढ़, नशा-सट्टा से मुक्त रायगढ़" का संकल्प सफल हो सकेगा।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा—
"नशा और जुआ-सट्टा केवल कानून व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक चुनौती है। पुलिस की कार्रवाई के साथ समाज की सहभागिता ही इसका स्थायी समाधान है। हमारा लक्ष्य केवल अपराधियों पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि युवाओं को नशे और सट्टे की गिरफ्त से बाहर निकालकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना भी है।"