ऑपरेशन संवेदना का बड़ा धमाका: 6 महीने से लापता 15 वर्षीय किशोरी रायपुर से सकुशल बरामद, दुष्कर्म के दो आरोपी गिरफ्तार
रायगढ़, 26 जून। रायगढ़ पुलिस द्वारा महिला एवं बाल अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे "ऑपरेशन संवेदना" के तहत थाना पूंजीपथरा पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए लगभग छह माह से लापता 15 वर्षीय नाबालिग बालिका को रायपुर से सकुशल बरामद कर लिया। मामले में किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने वाले मुख्य आरोपी सहित उसका शारीरिक शोषण करने वाले दूसरे युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी तथा डीएसपी सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन में हुई इस कार्रवाई को रायगढ़ पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
स्कूल से घर नहीं लौटी थी किशोरी, परिजनों की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
जानकारी के अनुसार 15 दिसंबर 2025 को स्कूल से घर लौटने के बाद किशोरी अचानक लापता हो गई थी। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद 17 दिसंबर को थाना पूंजीपथरा में शिकायत दर्ज कराई गई। परिजनों ने पुलिस को बताया कि घनश्याम उर्फ सोनू बैरागी नामक युवक मोटरसाइकिल से किशोरी को अपने साथ ले गया था। पुलिस ने तत्काल अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
तीन बार रायपुर में तलाश, चौथी कोशिश में मिली सफलता
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस लगातार आरोपी और बालिका की तलाश करती रही। पुलिस टीम तीन बार रायपुर पहुंची, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। इसके बाद एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर तकनीकी साक्ष्यों, लोकेशन ट्रैकिंग और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया।
उप निरीक्षक दिलीप बेहरा के नेतृत्व में विशेष टीम रायपुर पहुंची और उरला, सिलतरा सहित फैक्ट्री क्षेत्रों, मजदूर बस्तियों तथा दुकानों में बालिका की फोटो दिखाकर पूछताछ की। इसी दौरान एक किराना दुकानदार से मिली महत्वपूर्ण सूचना के आधार पर पुलिस ने 24 जून को सरोरा स्थित अशोक पाइप प्लांट क्षेत्र से किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया।
पहले मुख्य आरोपी ने बनाया शिकार, फिर दूसरे युवक ने भी शादी का झांसा देकर किया शोषण
पुलिस पूछताछ में किशोरी ने बताया कि घनश्याम उर्फ सोनू बैरागी उसके घर आता-जाता था और परिचित था। उसने दीदी के घर छोड़ने का बहाना बनाकर उसे मोटरसाइकिल से घरघोड़ा और फिर रायपुर के सिलतरा स्थित मजदूर क्वार्टर ले गया। वहां उसने उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाए और लगभग दो माह तक अपने साथ रखा।
बाद में आरोपी उसे छोड़कर फरार हो गया। इसके बाद सिलतरा में काम करने वाले मजदूर सिसेन एक्का से उसकी पहचान हुई। उसने भी शादी का झांसा देकर किशोरी का शारीरिक शोषण किया।
गंभीर धाराओं में मामला दर्ज, दोनों आरोपी गिरफ्तार
पीड़िता के बयान और विवेचना में मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) एवं पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराएं जोड़ते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मुख्य आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गई। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
इन पुलिसकर्मियों की मेहनत से मिली सफलता
पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी रामकिंकर यादव, उप निरीक्षक दिलीप बेहरा, उप निरीक्षक संध्या रानी कोका, आरक्षक कीर्तन यादव, चन्द्रशेखर चन्द्राकर, सुरेन्द्र यादव, हेम सागर पटेल तथा नरेन्द्र पैंकरा की सराहनीय भूमिका रही।
एसएसपी का स्पष्ट संदेश
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि महिला एवं बाल अपराधों के मामलों में रायगढ़ पुलिस पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ कार्रवाई कर रही है। "ऑपरेशन संवेदना" के माध्यम से हर पीड़ित को त्वरित न्याय दिलाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध कठोर से कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।