ऑपरेशन प्रहार का बड़ा एक्शन: 2.85 टन संदिग्ध कबाड़ और पिकअप जब्त, 6.85 लाख की संपत्ति सीज
रायगढ़, 26 जून। जिले में अवैध कबाड़ कारोबार और चोरी की संपत्ति के अवैध व्यापार के खिलाफ रायगढ़ पुलिस का "ऑपरेशन प्रहार" लगातार प्रभावी साबित हो रहा है। इसी अभियान के तहत थाना पूंजीपथरा और साइबर पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 2.85 टन संदिग्ध कबाड़ से लदी पिकअप वाहन जब्त कर कुल 6 लाख 85 हजार 500 रुपये की संपत्ति अपने कब्जे में ली है।
पुलिस के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में जिलेभर में अवैध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम पूंजीपथरा और आसपास के क्षेत्रों में एक व्यक्ति बिना वैध दस्तावेजों के कबाड़ की खरीदी-बिक्री कर रहा है।
सूचना मिलते ही थाना पूंजीपथरा और साइबर पुलिस की संयुक्त टीम ने ग्राम पूंजीपथरा बस्ती में दबिश दी। मौके पर पिकअप वाहन क्रमांक CG13UJ2186 में कबाड़ खरीदते हुए एक व्यक्ति मिला। पूछताछ में उसने अपना नाम बलवंत सारथी (40 वर्ष), निवासी ग्राम हाटी, थाना छाल, जिला रायगढ़ बताया।
वैध दस्तावेज नहीं मिलने पर पुलिस ने की जब्ती
जांच के दौरान वाहन में लोड लगभग 2.85 टन कबाड़, जिसकी अनुमानित कीमत 85 हजार 500 रुपये आंकी गई, उसके संबंध में कोई वैध दस्तावेज आरोपी प्रस्तुत नहीं कर सका। चोरी की संपत्ति होने की आशंका पर पुलिस ने गवाहों की मौजूदगी में कबाड़ और लगभग 6 लाख रुपये कीमत की पिकअप वाहन को जब्त कर लिया। इस तरह कुल 6 लाख 85 हजार 500 रुपये की संपत्ति पुलिस ने अपने कब्जे में ली।
आरोपी के खिलाफ दर्ज हुआ अपराध
पूंजीपथरा थाना पुलिस ने आरोपी बलवंत सारथी के खिलाफ धारा 35(क), 35(ड) BNSS तथा धारा 303(2) BNS के तहत अपराध दर्ज कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया है।
अवैध कबाड़ कारोबार पर आगे भी जारी रहेगा अभियान
रायगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन प्रहार के तहत चोरी की संपत्ति की खरीद-फरोख्त, अवैध कबाड़ कारोबार और संगठित अपराधों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सघन अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी का स्पष्ट संदेश
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि अवैध कबाड़ कारोबार और चोरी की संपत्ति के अवैध व्यापार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। रायगढ़ पुलिस ऐसे मामलों पर लगातार नजर बनाए हुए है और दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।