अभियान संवेदना" का असर: महिला गार्ड से छेड़छाड़ करने वाला सिक्योरिटी इंचार्ज गिरफ्तार, रायगढ़ पुलिस ने फरार आरोपी को घेराबंदी कर दबोचा
रायगढ़। जिले में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए रायगढ़ पुलिस द्वारा संचालित "अभियान संवेदना" के तहत महिला थाना पुलिस ने एक महिला सिक्योरिटी गार्ड से छेड़छाड़ और अश्लील हरकतों के आरोपी सिक्योरिटी गार्ड इंचार्ज को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। इस कार्रवाई को महिला अपराधों के प्रति पुलिस की संवेदनशीलता और सख्ती का उदाहरण माना जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार पीड़िता ने 15 जून 2026 को महिला थाना रायगढ़ पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उसने बताया कि वह फरवरी 2026 से चक्रधरनगर थाना क्षेत्र स्थित एक औद्योगिक प्लांट में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में कार्यरत है। उसी प्लांट में गार्ड इंचार्ज के पद पर कार्यरत आरोपी राजा बनर्जी लंबे समय से उस पर गलत नजर रखता था और अश्लील टिप्पणियां करता था।
पीड़िता के अनुसार 5 मई 2026 को आरोपी ने रजिस्टर जांच कराने के बहाने उसे अपने केबिन में बुलाया और वहां अश्लील बातें कीं। जब उसने इसका विरोध किया तो आरोपी ने नौकरी से निकालने की धमकी दी। इतना ही नहीं, आरोपी उस पर लगातार शारीरिक संबंध बनाने का दबाव भी बनाता रहा।
शिकायत में पीड़िता ने आगे बताया कि 13 जून 2026 को आरोपी ने कॉलोनी स्थित अपने कमरे में सफाई कार्य के बहाने बुलाया। वहां अकेला पाकर उसने युवती का हाथ और बांह पकड़कर छेड़छाड़ की। युवती ने साहस दिखाते हुए आरोपी का विरोध किया और खुद को छुड़ाकर वहां से निकल गई। बाद में उसने घटना की जानकारी अपने सहकर्मियों और सहेलियों को दी तथा पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
महिला थाना रायगढ़ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की। शिकायत मिलने के बाद पुलिस टीम लगातार आरोपी की तलाश में जुटी रही। आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हो गया था, लेकिन पुलिस ने रणनीतिक घेराबंदी कर उसे प्लांट के पास से हिरासत में ले लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद पुलिस ने उसे विधिवत गिरफ्तार कर मेडिकल परीक्षण सहित सभी वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी कीं और न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायालय के आदेश पर आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पूरी कार्रवाई डीएसपी श्रीमती उन्नति ठाकुर के पर्यवेक्षण तथा महिला थाना प्रभारी कुसुम कैवर्त के नेतृत्व में की गई। कार्रवाई में सहायक उप निरीक्षक सरस्वती महापात्रे, महिला प्रधान आरक्षक मालती कंवर, प्रधान आरक्षक राजेश उरांव, प्रधान आरक्षक संदीप भगत तथा आरक्षक राज सोनी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने इस कार्रवाई के बाद स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नए आपराधिक कानूनों में महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर कठोर दंड का प्रावधान है और रायगढ़ पुलिस "अभियान संवेदना" के माध्यम से महिला अपराधों पर संवेदनशीलता एवं सख्ती के साथ कार्रवाई कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पीड़ित महिलाओं की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई कर दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।