यशस्वी जशपुर की बड़ी शैक्षणिक मुहिम: हर विद्यार्थी को प्रथम श्रेणी दिलाने का लक्ष्य, मास्टर ट्रेनरों को सौंपी गई शिक्षा गुणवत्ता सुधार की अहम जिम्मेदारी
जशपुर। जिले में शैक्षणिक गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने और विद्यार्थियों के बेहतर परीक्षा परिणाम सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यशस्वी जशपुर कार्यक्रम के अंतर्गत मास्टर ट्रेनरों की एक दिवसीय कार्यशाला संकल्प शिक्षण संस्थान में आयोजित की गई। जिला कलेक्टर रोहित व्यास एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला में जिले के शासकीय हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों के शिक्षकों के उन्मुखीकरण कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद गुप्ता ने कहा कि जिले में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए अभी और अधिक प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में लगभग सात प्रतिशत विद्यार्थी अनुत्तीर्ण हो रहे हैं, जबकि करीब तीस प्रतिशत विद्यार्थी प्रथम श्रेणी प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में लक्ष्य केवल परीक्षा में उत्तीर्ण कराना नहीं, बल्कि अधिकतम विद्यार्थियों को प्रथम श्रेणी दिलाना होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मास्टर ट्रेनर केवल प्रशिक्षक नहीं बल्कि अपने-अपने विषयों के विशेषज्ञ भी हैं। इसलिए उन्हें अपने विषय ज्ञान को और अधिक समृद्ध एवं प्रभावी बनाते हुए उसका लाभ शिक्षकों और अंततः विद्यार्थियों तक पहुंचाना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और उन्हें श्रेष्ठ नागरिक बनाने का भी माध्यम है।
श्री गुप्ता ने कहा कि किसी भी बच्चे की सोच उसके परिवेश से निर्मित होती है और उसी सोच के अनुरूप उसके कर्म तथा जीवन की उपलब्धियां निर्धारित होती हैं। ऐसे में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। एक शिक्षक का दायित्व केवल पढ़ाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भीतर सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और नैतिक मूल्यों का विकास करना भी है।
उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे बच्चों के भीतर मौजूद नकारात्मकता को दूर कर उनमें सकारात्मक ऊर्जा का संचार करें। शिक्षक यदि स्वयं सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ कार्य करेंगे तो उसका सीधा प्रभाव विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और उनके शैक्षणिक प्रदर्शन पर दिखाई देगा।
कार्यशाला के दौरान मास्टर ट्रेनरों को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि जिले के हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों में कार्यरत विषय शिक्षकों के बीच सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर शैक्षणिक गुणवत्ता में वृद्धि की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर है। इसलिए शिक्षकों के उन्मुखीकरण कार्यक्रम को अधिक प्रभावशाली, व्यावहारिक और परिणामोन्मुख बनाने के लिए गंभीर चिंतन एवं नवाचार की आवश्यकता है।
बैठक में प्रशिक्षण मॉड्यूल, वार्षिक शैक्षणिक कैलेंडर, मासिक मूल्यांकन व्यवस्था, तिमाही एवं छमाही परीक्षाओं की तैयारी सहित विभिन्न शैक्षणिक विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। बताया गया कि इस वर्ष प्रशिक्षण मॉड्यूल में महत्वपूर्ण परिवर्तन किए जा रहे हैं ताकि शिक्षण प्रक्रिया अधिक रोचक, प्रभावी और विद्यार्थियों के लिए उपयोगी बन सके।
इसके अंतर्गत प्रत्येक विषय की इकाईवार एवं विषयवार शिक्षण योजना तैयार की गई है, जिससे कक्षा शिक्षण को अधिक व्यवस्थित और परिणामकारी बनाया जा सके। साथ ही शिक्षकों में सेवा भाव, समर्पण और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता विकसित करने के उद्देश्य से प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रत्येक दिवस विशेष प्रेरणात्मक सत्र आयोजित किए जाने की भी योजना बनाई गई है।
कार्यशाला में यशस्वी जशपुर के सहयोगी संजीव शर्मा, संजय दास सहित विभिन्न विषयों के मास्टर ट्रेनर एवं शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से जिले में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक उपलब्धियों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।