रायगढ़ में अपराधियों पर बड़ा शिकंजा कसने की तैयारी, एसएसपी शशि मोहन सिंह की क्राइम मीटिंग में बाइक चोरों, फरार आरोपियों और अवैध कारोबारियों के खिलाफ विशेष अभियान के सख्त निर्देश
रायगढ़। जिले में बढ़ते अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण को लेकर रायगढ़ पुलिस एक्शन मोड में नजर आ रही है। शनिवार को पुलिस नियंत्रण कक्ष में आयोजित मासिक अपराध समीक्षा बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) शशि मोहन सिंह ने जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना एवं चौकी प्रभारियों तथा शाखा प्रभारियों के साथ अपराधों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में प्रशिक्षणरत उप निरीक्षक भी मौजूद रहे।
बैठक की शुरुआत में एसएसपी ने बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक द्वारा प्रस्तावित जिला निरीक्षण की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने थाना एवं कार्यालय परिसरों की साफ-सफाई, अभिलेखों के संधारण और निरीक्षण संबंधी दस्तावेजों को अद्यतन रखने पर विशेष जोर दिया।
लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण पर जोर
अपराध समीक्षा के दौरान एसएसपी ने पिछले माह दर्ज हुए नए मामलों के साथ-साथ लंबित प्रकरणों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने गंभीर अपराधों की जांच में तेजी लाने तथा गुणवत्तापूर्ण विवेचना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। एसएसपी ने स्पष्ट कहा कि लंबित मामलों का समयबद्ध निराकरण पुलिस की प्राथमिकता होनी चाहिए और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बाइक चोरी की घटनाओं पर चिंता, विशेष रणनीति बनाने के निर्देश
बैठक में जिले में सामने आ रही बाइक चोरी की घटनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। एसएसपी ने इस प्रकार की घटनाओं पर चिंता जताते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, नगर पुलिस अधीक्षक, साइबर थाना एवं शहरी थाना प्रभारियों को वाहन चोर गिरोहों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने, पुराने वाहन चोरों की गतिविधियों पर नजर रखने तथा चोरी के वाहनों की खरीद-फरोख्त से जुड़े अवैध कबाड़ कारोबारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने को कहा।
‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ के तहत फरार आरोपियों की धरपकड़ होगी तेज
फरार आरोपियों और स्थायी वारंटियों की गिरफ्तारी को लेकर एसएसपी ने विशेष अभियान को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने थाना प्रभारियों से कहा कि पहले से रणनीति तैयार कर जरूरत पड़ने पर अन्य जिलों और राज्यों में भी पुलिस टीम भेजी जाए। "ऑपरेशन क्लीन हंट" के तहत अधिक से अधिक फरार आरोपियों और वारंटियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
महिला अपराधों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
महिला संबंधी अपराधों की समीक्षा के दौरान एसएसपी ने महिला थाना की कार्यप्रणाली की सराहना की। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि महिला अपराधों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जाए और निर्धारित समय-सीमा के भीतर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।
अवैध शराब, गांजा, जुआ-सट्टा और असामाजिक गतिविधियों पर रहेगा फोकस
बैठक में अपराध नियंत्रण के लिए माइनर एक्ट के तहत अधिक से अधिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। एसएसपी ने कहा कि बदमाशों की नियमित जांच और निगरानी से अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है। उन्होंने "ऑपरेशन आघात" के तहत अवैध शराब, गांजा तथा अन्य नशे के कारोबार के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए। साथ ही जुआ, सट्टा और वेश्यावृत्ति जैसी अवैध गतिविधियों पर भी प्रभावी प्रहार करने को कहा।
बाजार क्षेत्रों में बढ़ेगी पुलिस निगरानी
एसएसपी ने थाना प्रभारियों को बीट आरक्षकों से नियमित फीडबैक लेने और बाजार क्षेत्रों में सशस्त्र जवानों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि पुलिस की सक्रिय मौजूदगी से अपराधों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी और आम लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी।
नए आपराधिक कानूनों के पालन पर विशेष जोर
बैठक में भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के तहत थानों में रखे जाने वाले आवश्यक रजिस्टरों की भी समीक्षा की गई। एसएसपी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी रजिस्टरों का विधिवत संधारण सुनिश्चित किया जाए तथा समय-समय पर उनकी जांच भी की जाए। विवेचकों को नेटग्रिड और काईमैक्स पोर्टल का प्रभावी उपयोग करने तथा तकनीकी समस्याओं की स्थिति में साइबर एवं सीसीटीएनएस शाखा से सहयोग लेने को कहा गया।
प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को दिया व्यवहारिक प्रशिक्षण का मंत्र
बैठक में मौजूद प्रशिक्षणरत उप निरीक्षकों को संबोधित करते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि मैदानी अनुभव भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने प्रशिक्षुओं को थाना प्रभारियों और विवेचकों के साथ रहकर प्रत्येक कार्रवाई को नजदीक से समझने और सीखने की सलाह दी।
क्राइम मीटिंग के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी एवं डीएसपी सुशांतो बनर्जी ने प्रशिक्षु अधिकारियों की अलग से बैठक लेकर उनके प्रशिक्षण की समीक्षा की तथा विभिन्न शाखाओं और थानों में प्रशिक्षण अवधि के दौरान सक्रिय सहभागिता के साथ कार्य सीखने के लिए प्रेरित किया।
एसएसपी का स्पष्ट संदेश
बैठक के दौरान एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि "प्रभावी पुलिसिंग का मूल आधार सक्रिय निगरानी, त्वरित कार्रवाई और प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करना है। अपराध नियंत्रण के लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना होगा।"
बैठक में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी, थाना एवं चौकी प्रभारी तथा विभिन्न शाखाओं के प्रभारी उपस्थित रहे। रायगढ़ पुलिस की इस समीक्षा बैठक को आने वाले समय में जिले में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।