मुंबई से मिली लापता किशोरी, राजस्थान से बरामद हुई चार साल से गुम नाबालिग; शोषण के आरोपी को रायगढ़ पुलिस ने दबोचा
रायगढ़। महिला एवं बाल सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे "अभियान संवेदना" के तहत रायगढ़ पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में बड़ी सफलता हासिल की है। धरमजयगढ़ पुलिस ने घर छोड़कर मुंबई पहुंची 17 वर्षीय किशोरी को सकुशल बरामद कर उसके परिजनों को सौंप दिया, वहीं कोतरारोड़ क्षेत्र से वर्ष 2022 में लापता हुई नाबालिग बालिका को राजस्थान के डिडवाना जिले से खोज निकाला गया। इस मामले में बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाने, उससे विवाह करने और शारीरिक शोषण करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र की एक महिला ने 24 मई 2026 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 17 वर्षीय पुत्री रात में घर से बिना बताए कहीं चली गई है। परिजनों द्वारा काफी खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चलने पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर अज्ञात आरोपी के विरुद्ध मामला दर्ज किया और तत्काल तलाश शुरू की।
थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश जांगड़े के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बालिका के परिजनों, सहेलियों और परिचितों से पूछताछ कर लगातार पतासाजी की। जांच के दौरान जानकारी मिली कि बालिका मुंबई में हो सकती है। सूचना मिलते ही एएसआई मंजू मिश्रा के नेतृत्व में टीम मुंबई रवाना हुई और दादर क्षेत्र में खोजबीन कर किशोरी को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया।
पूछताछ में किशोरी ने बताया कि पढ़ाई को लेकर घरवालों की डांट-फटकार से नाराज होकर वह घर छोड़कर निकल गई थी। ट्रेन से सफर के दौरान उसकी मुलाकात एक ट्रांसजेंडर से हुई, जो उसे अपने साथ मुंबई ले गया। वहां वह दादर क्षेत्र में रहने लगी। रायगढ़ पुलिस की टीम ने उसे खोजकर सुरक्षित वापस लाया।
रायगढ़ लाने के बाद किशोरी की काउंसलिंग कर उसे सुरक्षा और जागरूकता संबंधी आवश्यक जानकारी दी गई। साथ ही परिजनों को भी बच्चों के साथ संवाद बनाए रखने और अनावश्यक डांट-फटकार से बचने की सलाह दी गई। आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद बालिका को उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया।
इधर, कोतरारोड़ क्षेत्र से वर्ष 2022 में लापता हुई एक नाबालिग बालिका को भी पुलिस ने राजस्थान के डिडवाना जिले से बरामद किया है। जांच में सामने आया कि इंस्टाग्राम पर दोस्ती के बाद आरोपी उसे बहला-फुसलाकर राजस्थान ले गया था, जहां उसने नाबालिग से विवाह कर उसका शारीरिक शोषण किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि लापता बच्चों और महिलाओं की त्वरित खोजबीन कर उनकी सुरक्षित बरामदगी रायगढ़ पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अभियान संवेदना के तहत जिले भर में ऐसे मामलों पर लगातार संवेदनशीलता और गंभीरता से कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए हैं।