स्टील प्लांट के कर्मचारियों ने ही रची लाखों की चोरी की साजिश, 24 घंटे में खुलासा; 9.08 लाख का माल बरामद, 5 आरोपी गिरफ्तार
रायगढ़। जिले के पूंजीपथरा थाना क्षेत्र स्थित एनआरवीएस स्टील लिमिटेड में हुई संगठित चोरी का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हैरानी की बात यह है कि चोरी की इस पूरी वारदात में प्लांट के भीतर कार्यरत कर्मचारी और वाहन चालक ही शामिल थे, जिन्होंने आपसी मिलीभगत से लाखों रुपये मूल्य के एस.एस. स्क्रैप पाइप को प्लांट से बाहर निकालकर बेचने की योजना बनाई थी। पुलिस ने चोरी गए 300 किलो एस.एस. स्क्रैप पाइप और परिवहन में प्रयुक्त ईको वाहन सहित कुल 9 लाख 8 हजार रुपये का मशरूका बरामद किया है।
जानकारी के अनुसार एनआरवीएस स्टील लिमिटेड के प्रबंधक पवन अग्रवाल ने 6 जून की रात थाना पूंजीपथरा में शिकायत दर्ज कराई थी कि प्लांट के स्क्रैप यार्ड से करीब 300 किलो एस.एस. स्क्रैप पाइप गायब है। चोरी गए पाइप की कीमत लगभग 1 लाख 8 हजार रुपये आंकी गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक रामकिंकर यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने प्लांट कर्मचारियों से पूछताछ और तकनीकी जांच शुरू की। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि चोरी किया गया माल जंगल क्षेत्र में छिपाकर रखा गया है तथा आरोपी उसकी बिक्री के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने एनआरवीएस स्टील प्लांट के पीछे इलाके में घेराबंदी कर पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ में सभी ने चोरी में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पहले से पूरी योजना बनाकर चोरी को अंजाम दिया था। प्लांट में जेसीबी ऑपरेटर के रूप में कार्यरत बृज कुमार खटकर ने खराब पड़े एस.एस. स्क्रैप पाइप को फ्लाई ऐश (डस्ट) के भीतर दबा दिया। इसके बाद लोडर चालक दीपक कुमार कश्यप ने पाइप को ट्रेलर क्रमांक सीजी 13 डी 6980 में लोड कर उसके ऊपर फ्लाई ऐश भर दी ताकि किसी को संदेह न हो। ट्रेलर चालक नंदकिशोर विश्वकर्मा चोरी का माल प्लांट से बाहर निकालकर गेरवानी क्षेत्र ले गया, जहां उसे छिपाकर रखा गया।
बाद में आरोपी करन श्रीवास की ईको वाहन क्रमांक सीजी 13 बीएच 7556 में राजेश कुमार पटेल की मदद से पाइप को लोड कर तराईमाल जंगल में छिपा दिया गया। आरोपियों की योजना समय मिलने पर चोरी के माल को बेचकर रकम आपस में बांटने की थी, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उन्हें धर दबोचा।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर तराईमाल जंगल से 300 किलो एस.एस. स्क्रैप पाइप तथा चोरी के माल के परिवहन में प्रयुक्त ईको वाहन बरामद कर लिया। बरामद स्क्रैप पाइप की कीमत 1 लाख 8 हजार रुपये तथा वाहन की कीमत 8 लाख रुपये बताई गई है। कुल बरामदगी 9 लाख 8 हजार रुपये की है।
विवेचना के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से संगठित होकर अपराध किया है। इसे देखते हुए पुलिस ने प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की धारा 112(2) अर्थात संगठित अपराध की धारा भी जोड़ दी है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों में नंदकिशोर विश्वकर्मा (23 वर्ष), राजेश कुमार पटेल (21 वर्ष), करन श्रीवास (22 वर्ष), दीपक कुमार कश्यप (24 वर्ष) तथा बृज कुमार खटकर (26 वर्ष) शामिल हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा है कि औद्योगिक इकाइयों में चोरी, गबन और अंदरूनी मिलीभगत से अपराध करने वालों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस की सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि चोरी, लूट एवं अन्य संपत्ति संबंधी संगठित अपराधों में शामिल व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।