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“नंद के आनंद भयो” की गूंज से झूम उठा जशपुरनगर — श्री लक्ष्मी नारायण निवास में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर उमड़ा जनसैलाब, फूलों की वर्षा और भव्य झांकी ने रचा अलौकिक भक्तिमय माहौल

नंद के आनंद भयो… से गुंजायमान हुआ श्री लक्ष्मी नारायण निवास, पंचम दिन श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर उमड़ा जनसैलाब, फूलों की वर्षा और भव्य झांकी ने बांधा समां

जशपुरनगर। शहर के श्री लक्ष्मी नारायण निवास में चल रही आठ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिन गुरुवार को श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा स्थल पर “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की…” की गूंज के बीच भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव पूरे विधि-विधान और धूमधाम से मनाया गया। जैसे ही मध्यरात्रि के जन्म प्रसंग का वर्णन हुआ, पूरा पंडाल जयकारों से गूंज उठा और श्रद्धालु भक्ति में झूम उठे।

कथा व्यास पंडित पुरुषोत्तम चतुर्वेदी महाराज ने अपनी मधुर और ओजस्वी वाणी में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की दिव्य कथा का सजीव चित्रण किया। उन्होंने वसुदेव-देवकी के कारागार में भगवान के प्राकट्य की लीला का ऐसा भावपूर्ण वर्णन किया कि उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। इसी दौरान आयोजन समिति द्वारा पुष्पवर्षा की गई, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। कथा के बीच-बीच में भजनों की प्रस्तुति ने माहौल को और भी आध्यात्मिक बना दिया।

जन्मोत्सव के अवसर पर विशेष आकर्षण के रूप में भगवान श्रीकृष्ण की बाल स्वरूप में भव्य झांकी सजाई गई थी, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। झांकी के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़े। महिलाओं ने पारंपरिक सोहर गीत गाकर भगवान के जन्म की खुशियां मनाईं, वहीं युवाओं और बच्चों ने समूह नृत्य कर उत्सव में रंग भर दिया। श्रद्धालु लगातार पुष्प अर्पित करते हुए “कन्हैया लाल की जय” के जयघोष करते रहे।

कथा के मुख्य यजमान भागवत नारायण सिंह एवं उनकी धर्मपत्नी लक्ष्मी सिंह ने बताया कि यह आयोजन उनके दिवंगत परिजनों की स्मृति में श्रद्धा भाव से कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का साक्षी बनना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कथा व्यास सहित सभी संत-महात्माओं और उपस्थित श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में क्षेत्र के कई साधु-संत, महंत और गणमान्य नागरिक भी शामिल हुए और भक्ति रस में डूबकर जन्मोत्सव का आनंद लिया। समापन अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण की भव्य मंगल आरती की गई, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर दीप प्रज्वलित किए और भगवान का गुणगान किया। इसके पश्चात सभी को प्रसाद वितरण किया गया।

कथा के दौरान पंडित चतुर्वेदी महाराज ने कहा कि सच्चे मन से भगवान का स्मरण और भागवत कथा का श्रवण करने से व्यक्ति जीवन के समस्त बंधनों से मुक्त हो सकता है। उन्होंने बताया कि जन्मोत्सव के दिन भक्ति भाव से नृत्य-गान करने वाले भक्तों को चौरासी लाख योनियों के चक्र से मुक्ति मिलती है।

पंचम दिवस का यह भव्य आयोजन जशपुरनगर के श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति का अनमोल अवसर बन गया। पूरे आयोजन ने शहर के वातावरण को भक्तिमय बना दिया और हर ओर श्रीकृष्ण भक्ति की गूंज सुनाई देती रही।

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