“मोबाइल से शुरू हुई दोस्ती बनी जाल, शादी का सपना दिखाकर नाबालिग को बहलाया — आरोपी ने सीमा पार उड़ीसा ले जाकर किया घिनौना कृत्य, पॉक्सो एक्ट सहित गंभीर धाराओं में केस दर्ज
जशपुर, 22 मार्च 2026। कोल्हेनझरिया चौकी क्षेत्र में एक नाबालिग बालिका के लापता होने के मामले में जशपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, वहीं बालिका को उड़ीसा राज्य से सुरक्षित बरामद कर परिजनों के सुपुर्द किया गया है।
जानकारी के अनुसार 25 फरवरी 2026 को एक महिला ने चौकी कोल्हेनझरिया में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी 16 वर्षीय बेटी 24 फरवरी की सुबह परीक्षा देने स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन स्कूल नहीं पहुंची। स्कूल से सूचना मिलने के बाद परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, सहेलियों और रिश्तेदारों से पूछताछ की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला।
सहेलियों ने बताया कि रास्ते में बालिका ने उन्हें आगे जाने के लिए कहा और खुद थोड़ी देर में आने की बात कहकर अलग हो गई थी। इसके बाद वह अचानक लापता हो गई। परिजनों को आशंका हुई कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उसे बहला-फुसलाकर भगा लिया गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने गुम इंसान दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर जांच शुरू की। पुलिस द्वारा लगातार पतासाजी और संदिग्धों से पूछताछ की जा रही थी।
जांच के दौरान मुखबिर की सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पता चला कि नाबालिग बालिका उड़ीसा राज्य के एक गांव में आरोपी इष्टा राणा (22 वर्ष) के साथ है। इस पर पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचकर बालिका को आरोपी के कब्जे से बरामद कर लिया और आरोपी को हिरासत में लेकर जशपुर लाया गया।
पूछताछ में बालिका ने बताया कि उसकी आरोपी से मोबाइल फोन के माध्यम से पहचान हुई थी। आरोपी ने उसे प्रेमजाल में फंसाकर शादी का झांसा दिया और अपने साथ उड़ीसा ले गया, जहां उसके साथ जबरन अनाचार किया गया।
बालिका के बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(2)(M), 65(1) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4 एवं 6 के तहत मामला दर्ज किया गया। आरोपी ने पूछताछ में अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
इस पूरे मामले में चौकी प्रभारी सहायक उपनिरीक्षक विपिन किशोर केरकेट्टा, प्रधान आरक्षक मुकेश भगत, फ्रांसिस बेक, आरक्षक बलराम पैंकरा, इग्नेशियूस टोप्पो एवं महिला आरक्षक ब्रिजीनिया टोप्पो की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
जशपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई से नाबालिग बालिका को सुरक्षित वापस लाया जा सका और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की गई है।