11 दिनों तक चले महिला सुरक्षा जन-जागरूकता अभियान का मयाली (कुनकुरी) में भव्य समापन, 500 से अधिक महिलाओं की सहभागिता से गूंजा महिला सशक्तिकरण का संदेश
जशपुर, 13 जनवरी 2026
जशपुर पुलिस द्वारा रजत जयंती वर्ष 2025-26 के अंतर्गत महिला सुरक्षा को केंद्र में रखकर संचालित 11 दिवसीय महिला सुरक्षा जन-जागरूकता अभियान का भव्य समापन कुनकुरी विकासखंड के ग्राम मयाली में किया गया। यह अभियान 01 जनवरी 2026 से प्रारंभ होकर जिले के शहरी, ग्रामीण, दूरस्थ एवं संवेदनशील क्षेत्रों में चरणबद्ध रूप से संचालित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों, कानूनों एवं सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक करना था।
समापन कार्यक्रम में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, यूनीसेफ स्वयंसेवक, जय हो टीम, स्व-सहायता समूहों की महिलाएं तथा ग्रामीण अंचलों से आई महिलाओं सहित लगभग 500 से अधिक लोगों की उपस्थिति रही, जिससे यह कार्यक्रम महिला जागरूकता की दिशा में एक ऐतिहासिक आयोजन बन गया।
महिला सशक्तिकरण ही सुरक्षित समाज की नींव – जनपद अध्यक्ष सुशीला साय
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुशीला साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल एक शब्द नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि जब तक महिलाएं स्वयं को पहचान नहीं पाएंगी, तब तक समाज पूर्ण रूप से विकसित नहीं हो सकता।
उन्होंने अपने जीवन संघर्ष और अनुभव साझा करते हुए बताया कि सार्वजनिक जीवन में प्रवेश करने के बाद उन्होंने सरपंच पद से लेकर जनपद अध्यक्ष तक की यात्रा तय की और गांव की समस्याओं को स्वयं आगे बढ़कर सुलझाया। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे आत्मनिर्भर बनें, शिक्षा को प्राथमिकता दें और सामाजिक नेतृत्व में सक्रिय भूमिका निभाएं।
शिक्षा, आत्मनिर्भरता और अधिकारों की समझ से ही बदलेगा भविष्य – जिला पंचायत सदस्य अनिता सिंह
जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अनिता सिंह ने महिलाओं एवं बालिकाओं को शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है, जिससे बेटियां अपने अधिकार पहचान सकती हैं और आत्मनिर्भर बन सकती हैं। उन्होंने बालिकाओं की निरंतर शिक्षा, कौशल विकास एवं स्वरोजगार से जुड़ने पर विशेष बल दिया।
खेल, शिक्षा और रोजगार में आगे बढ़ने का आह्वान – सरपंच मंजू भगत
जोकारी ग्राम की सरपंच श्रीमती मंजू भगत ने कहा कि आज की बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे खेल, शिक्षा, रोजगार, प्रशासन और राजनीति जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ें तथा आत्मविश्वास के साथ अपने अधिकारों की रक्षा करें।
महिला सुरक्षा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी – एसएसपी शशि मोहन सिंह
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि महिला सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जय हो टीम को साइबर एवं महिला सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर पूरे छत्तीसगढ़ में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर बधाई दी।
उन्होंने साइबर अपराध, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, सड़क सुरक्षा, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट की अनिवार्यता तथा महिला सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी।
साइबर फ्रॉड से लेकर घरेलू हिंसा तक, हर विषय पर खुलकर हुई चर्चा
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं एवं बालिकाओं को साइबर फ्रॉड, सोशल मीडिया के दुरुपयोग, घरेलू हिंसा, दहेज प्रतिषेध अधिनियम, बाल विवाह, नशा, मानव तस्करी, पॉक्सो एक्ट, टोनही प्रताड़ना अधिनियम जैसे विषयों पर सरल भाषा में जानकारी दी गई।
महिलाओं को आत्मरक्षा के व्यावहारिक उपाय भी सिखाए गए, जिससे वे किसी भी आपात स्थिति में स्वयं की रक्षा कर सकें।
नोनी रक्षा दल महिलाओं की सुरक्षा का मजबूत सहारा
नोनी रक्षा रथ की उप पुलिस अधीक्षक श्रीमती आशा लकड़ा ने बताया कि जशपुर पुलिस द्वारा 24 घंटे संचालित नोनी रक्षा दल हेल्पलाईन नंबर 9479128400 महिलाओं की सहायता के लिए हमेशा तत्पर है। उन्होंने बताया कि इसके लिए विशेष वाहन और प्रशिक्षित टीम तैनात की गई है, जो तुरंत मौके पर पहुंचकर सहायता प्रदान करती है।
प्रशासन, समाज और स्वयंसेवी संस्थाओं की सामूहिक भागीदारी
कार्यक्रम में एएसपी श्री राकेश कुमार पटनवार, एसडीओपी कुनकुरी श्री विनोद कुमार मंडावी, यूनीसेफ से सुश्री शालिनी गुप्ता, श्रीमती सीमा गुप्ता, श्रीमती शीतल बजाज, श्रीमती रेखा सिंह सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता, अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा — “इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं में सुरक्षा के प्रति विश्वास पैदा करना, अपराधों की रोकथाम के लिए समाज को जागरूक करना तथा जशपुर जिले को महिलाओं के लिए सुरक्षित जिला बनाना है।”