5 हजार रुपये के उधार ने ली जान — कापू थाना क्षेत्र में युवक की रहस्यमयी मौत निकली हत्या, पुलिस ने अंधे हत्याकांड का किया चौंकाने वाला खुलासा
रायगढ़ : जिले के कापू थाना क्षेत्र के ग्राम कुम्हीचुआ में युवक की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने आखिरकार बड़ा खुलासा कर दिया है। करीब पांच दिन पहले मिली लाश के मामले में पुलिस ने अंधे हत्याकांड की गुत्थी सुलझाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद पूरे गांव में फैली सनसनी के बीच पुलिस की सघन जांच ने सच्चाई सामने ला दी।
मिली जानकारी के अनुसार 27 अप्रैल की सुबह गांव के लोगों को उस समय हड़कंप मच गया जब 30 वर्षीय देवव्रत तुरी का शव उसके निर्माणाधीन मकान के पीछे बाड़ी में पड़ा मिला। शव पर चोट और दबाव के निशान साफ दिखाई दे रहे थे, जिससे मामला संदिग्ध लग रहा था। सूचना मिलते ही कापू पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण दम घुटना और गले की हड्डी टूटना सामने आया, जिससे यह साफ हो गया कि युवक की हत्या की गई है।
जांच के दौरान पुलिस टीम ने गांव के लोगों, परिजनों और संदिग्धों से लगातार पूछताछ की, लेकिन शुरुआत में कोई ठोस सुराग नहीं मिला। इसी बीच पुलिस को जानकारी मिली कि मृतक और गांव के ही करमसाय नगेसिया के बीच लंबे समय से पैसों को लेकर विवाद चल रहा था। इसी आधार पर पुलिस ने करमसाय को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, जहां उसने आखिरकार अपना जुर्म कबूल कर लिया।
आरोपी ने बताया कि उसने करीब छह साल पहले देवव्रत को पांच हजार रुपये उधार दिए थे, जो बार-बार मांगने के बावजूद वापस नहीं मिले। इसी बात को लेकर उसके मन में गुस्सा और रंजिश थी। 26 अप्रैल की रात शादी समारोह से लौटते समय उसने देवव्रत को अकेला देखा और गुस्से में आकर उसे पकड़ लिया। आरोपी ने उसका मुंह और गला दबाकर जमीन पर गिराया और तब तक दबाए रखा जब तक उसकी मौत नहीं हो गई। इसके बाद उसने शव को घर के पीछे बाड़ी में फेंक दिया ताकि किसी को शक न हो।
पुलिस ने आरोपी करमसाय नगेसिया को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। इस पूरे मामले में थाना प्रभारी इगेश्वर यादव सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही।
इधर, एसएसपी शशि मोहन सिंह ने सख्त संदेश देते हुए कहा है कि कानून को हाथ में लेने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी विवाद का समाधान आपसी बातचीत और कानूनी प्रक्रिया से करें, न कि हिंसा का रास्ता अपनाएं।