जशपुर के के पंडरापाठ में करोड़ों की तीरंदाजी अकादमी का भूमिपूजन, विधायक रायमुनी भगत बोलीं, अब गांवों की प्रतिभा सीधे पहुंचेगी बड़े मंच तक
जशपुर। जिले के दूरस्थ लेकिन प्रतिभाओं से भरपूर पंडरापाठ में शनिवार का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब यहां 20.53 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली अत्याधुनिक तीरंदाजी अकादमी का विधिवत भूमिपूजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि क्षेत्र की लोकप्रिय विधायक श्रीमती रायमुनी भगत रहीं, जिन्होंने पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। इस दौरान पूरे क्षेत्र में उत्साह और गौरव का माहौल देखने को मिला।
भूमिपूजन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी, खेल प्रेमी और ग्रामीणजन मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय ने की। मंच से संबोधित करते हुए विधायक रायमुनी भगत ने कहा कि जशपुर की धरती में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत है उन्हें सही दिशा और मंच देने की। यही उद्देश्य लेकर राज्य सरकार खेल सुविधाओं का विस्तार कर रही है और पंडरापाठ में तीरंदाजी अकादमी का निर्माण उसी कड़ी का महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि इस अकादमी के बन जाने से अब जशपुर के युवाओं को बड़े शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा, बल्कि उन्हें अपने ही जिले में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिलेंगी। इससे न केवल खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि क्षेत्र की पहचान भी खेल जगत में मजबूत होगी।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने बताया कि प्रस्तावित अकादमी में आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं, उच्चस्तरीय कोचिंग व्यवस्था और खिलाड़ियों के लिए जरूरी सभी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे स्थानीय आदिवासी और ग्रामीण प्रतिभाओं को विशेष रूप से लाभ मिलेगा, जो अब तक संसाधनों के अभाव में आगे नहीं बढ़ पाते थे।
गौरतलब है कि जशपुर जिला तीरंदाजी जैसी पारंपरिक खेल विधाओं में पहले से ही अपनी पहचान रखता है, और इस अकादमी के निर्माण से यहां के खिलाड़ी राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी अपनी प्रतिभा का परचम लहराने के लिए तैयार होंगे।
भूमिपूजन के इस अवसर पर क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल रहा। ग्रामीणों ने इस पहल को ऐतिहासिक बताते हुए सरकार और जनप्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि यह अकादमी आने वाले समय में जशपुर को खेल नक्शे पर एक नई पहचान दिलाएगी।