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टेट अनिवार्यता के खिलाफ प्रदेशभर के शिक्षक संगठनों का मोर्चा, 15 मार्च को राजधानी रायपुर में होगी बड़ी रणनीतिक बैठक

रायपुर, 12 मार्च।
शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता को लेकर उठी चर्चाओं ने प्रदेश सहित देशभर के शिक्षकों में चिंता बढ़ा दी है। इस मुद्दे को लेकर अब शिक्षक संगठनों ने खुलकर विरोध की तैयारी शुरू कर दी है। प्रदेश के विभिन्न शिक्षक संगठन इस विषय पर एकजुट होते नजर आ रहे हैं और आने वाले दिनों में आंदोलन की रणनीति तैयार करने की कवायद तेज हो गई है

इस संबंध में केदार जैन, मनीष मिश्रा, रविन्द्र राठौर और जाकेश साहू ने संयुक्त रूप जानकारी देते हुए बताया कि, हाल ही में इस विषय को लेकर देश की राजधानी नई दिल्ली में देशभर के विभिन्न राज्यों के शिक्षक संगठनों एवं प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में टीईटी की अनिवार्यता से उत्पन्न संभावित समस्याओं और इसके प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में छत्तीसगढ़ प्रदेश की ओर से शिक्षक एवं कर्मचारी नेता केदार जैन, मनीष मिश्रा और रविन्द्र राठौर ने भाग लिया और प्रदेश के शिक्षकों की चिंताओं को राष्ट्रीय स्तर पर रखा।

इसी क्रम में अब छत्तीसगढ़ में भी इस विषय पर व्यापक चर्चा और आंदोलन की भावी रणनीति तय करने के लिए आगामी 15 मार्च को राजधानी रायपुर में एक बड़ी बैठक आयोजित की जा रही है। इस बैठक में प्रदेश के सभी शैक्षिक संगठनों के प्रदेश अध्यक्ष, जिलाध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष, प्रदेश, जिला एवं ब्लॉक स्तर के पदाधिकारी सहित टीईटी से प्रभावित शिक्षकों को आमंत्रित किया गया है।

बैठक के संबंध में जानकारी देते हुए टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष केदार जैन, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश संयोजक मनीष मिश्रा, प्रदेश अध्यक्ष रविन्द्र राठौर तथा छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू ने प्रदेश के सभी शैक्षिक संगठनों के प्रांताध्यक्षों, पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों से इस बैठक में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।

शिक्षक नेताओं का कहना है कि यदि टीईटी की अनिवार्यता लागू की जाती है तो इसका सीधा प्रभाव प्रदेश के हजारों शिक्षकों पर पड़ेगा। अनुमान के अनुसार छत्तीसगढ़ प्रदेश के लगभग 80 हजार शिक्षक तथा देशभर के करीब 20 लाख से अधिक शिक्षक इससे प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में शिक्षकों के भविष्य और सेवा सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई जा रही है।

बताया गया कि यह महत्वपूर्ण बैठक रविवार 15 मार्च को दोपहर 12 बजे राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित छत्तीसगढ़ राजपत्रित कर्मचारी अधिकारी संघ कार्यालय में आयोजित की जाएगी। बैठक में टीईटी अनिवार्यता के मुद्दे पर आगे की रणनीति, संभावित आंदोलन और संयुक्त कार्रवाई को लेकर चर्चा की जाएगी।

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