शिक्षा विभाग को सबसे बड़ा 22,360 करोड़ का बजट, कैशलैस इलाज की सुविधा से शिक्षकों-कर्मचारियों में उत्साह — वेतन विसंगति व डीए एरियर्स पर बनी रही कसक
जशपुर 25 फरवरी 2026 । बजट 2026 आते ही शिक्षा विभाग में मानो नई ऊर्जा का संचार हो गया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश विद्यालयीन शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शिक्षा विभाग को मिले 22,360 करोड़ रुपये ने यह साबित कर दिया है कि सरकार की प्राथमिकताओं में शिक्षा शीर्ष पर है। उन्होंने इसे “शिक्षा के लिए बूस्टर डोज” बताया।
श्री बंजारे ने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि प्रदेश के भविष्य को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम है। शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य, उद्योग, पर्यटन और संस्कृति पर भी ध्यान देकर सरकार ने संतुलित विकास का संदेश दिया है।
सबसे ज्यादा चर्चा में रही कैशलैस चिकित्सा सुविधा। इस घोषणा से शिक्षक और कर्मचारी वर्ग के चेहरे खिल उठे हैं। अब गंभीर बीमारी की स्थिति में जेब ढीली होने की चिंता कम होगी और इलाज की राह आसान बनेगी। इसे कर्मचारी हित में “राहत की बड़ी सौगात” बताया जा रहा है।
हालांकि, हर बजट की तरह इस बार भी उम्मीदों की एक सूची थी। सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति और लंबित महंगाई भत्ता (डीए) एरियर्स के भुगतान को लेकर बड़ी आस थी, लेकिन इन मुद्दों पर ठोस घोषणा न होने से कर्मचारियों के मन में हल्की कसक भी बनी हुई है।
प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री को बजट 2026 के लिए बधाई देते हुए कहा कि उम्मीद है आने वाले समय में शेष मांगों पर भी सकारात्मक निर्णय होंगे।
फिलहाल, शिक्षा बजट और कैशलैस सुविधा ने कर्मचारी जगत में उत्साह जरूर भर दिया है—अब नजरें अगली घोषणाओं पर टिकी हैं।