रायगढ़ में कुष्ठ रोग की समय पर पहचान और दिव्यांगता की रोकथाम पर जोर, स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों एवं ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को दिया गया विशेष प्रशिक्षण
रायगढ़, 29 अक्टूबर 2026/ कुष्ठ रोग की समय पर पहचान और नियमित उपचार से इससे होने वाली दिव्यांगता के जोखिम को कम किया जा सकता है। इसी उद्देश्य से राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत बुधवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय, रायगढ़ के सभाकक्ष में स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों एवं ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसमें स्वास्थ्य कर्मियों को रोग के लक्षणों की पहचान, जांच, उपचार और बचाव के साथ मरीजों की नियमित निगरानी के संबंध में जानकारी दी गई।
कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री रंजना पैकरा के मार्गदर्शन में आयोजित प्रशिक्षण में जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. अविनाश चंद्रा, सहयोगी कुष्ठ चिकित्सा सहायक श्री एम.पी. साहू एवं श्री दिनेश यादव ने प्रशिक्षण दिया।
*त्वचा पर दाग और सुन्नपन हो सकते हैं कुष्ठ रोग के लक्षण*
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि त्वचा पर हल्के रंग के दाग-धब्बे, प्रभावित हिस्से में स्पर्श का एहसास कम होना या समाप्त होना तथा नसों में सूजन अथवा मोटापन कुष्ठ रोग के प्रमुख लक्षण हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर व्यक्ति की जांच कराना और समय पर उपचार शुरू करना जरूरी है। स्वास्थ्य कर्मियों को संभावित मरीजों की पहचान कर उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचाने की प्रक्रिया भी समझाई गई। प्रशिक्षण में कुष्ठ रोग से पीड़ित मरीजों को नियमित रूप से दवा लेने के लिए प्रेरित करने, उपचार के दौरान उनकी स्थिति पर नजर रखने तथा रोग से संबंधित रिएक्शन होने पर आवश्यक चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई। स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देशित किया गया कि वे मरीजों की नियमित निगरानी करें, ताकि बीमारी के कारण नसों को नुकसान पहुंचने और दिव्यांगता की आशंका को कम किया जा सके।
*ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने पर जोर*
स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों एवं ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में कुष्ठ रोग के संभावित मामलों की शीघ्र पहचान करने और लोगों को समय पर जांच व उपचार के लिए जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया। प्रशिक्षण में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि कुष्ठ रोग का समय पर पता चलने और पूरा उपचार लेने से गंभीर जटिलताओं को रोकने में मदद मिलती है। साथ ही, आमजन को रोग के लक्षणों एवं उपचार के प्रति जागरूक कर इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने की आवश्यकता बताई गई। कार्यक्रम में नोडल अधिकारी डॉ. जावेद एवं स्वास्थ्य प्रशिक्षक श्री संदीप साहू उपस्थित रहे।