उठान और शिव वंदना से शुरू हुई शार्वी सिंह परिहार की कथक प्रस्तुति, ठाट, तोड़ा-तुकड़ा, परन, लड़ी, तिहाई और चक्रदार तोड़ों से सजी मनमोहक प्रस्तुति को मिली सराहना
रायगढ़, 18 सितम्बर 2026/ 41 वें चक्रधर समारोह-2026 की पांचवी सांस्कृतिक संध्या में युवा कथक नृत्यांगना शार्वी सिंह परिहार ने मनमोहक कथक प्रस्तुति दी। समारोह में शार्वी ने उठान और ‘कर्पूरगौरं करुणावतारं’ पर आधारित शिव वंदना से शुरुआत की। इसके बाद ठाट, गदनिक, तोड़ा-तुकड़ा, परन, लड़ी, तिहाई और चक्रदार तोड़ों के माध्यम से कथक की शास्त्रीय बारीकियों को प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति को दर्शकों ने सराहा। बाल्यावस्था से ही कथक की साधना कर रहीं शार्वी पिछले करीब 12 वर्षों से इस विधा का प्रशिक्षण ले रही हैं। वे गुरु तरुण कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में लखनऊ घराने की कथक परंपरा सीख रही हैं। शार्वी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के विभिन्न मंचों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुकी हैं। उन्हें कई पुरस्कार और सम्मान भी प्राप्त हुए हैं। चक्रधर समारोह में भी वे पूर्व में समूह और एकल कथक प्रस्तुति दे चुकी हैं।