जल संकट की बढ़ती आहट के बीच जशपुर में गूंजेगा बड़ा संकल्प, जीवनदायनी बांकी नदी को बचाने शुरू होगा व्यापक जनमहाअभियान
जशपुरनगर: शहर की जीवनदायनी बांकी नदी को बचाने के लिए जल्द ही महाभियान शुरू होगा। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियवंदा सिंह जूदेव ने इसके लिए पहल करते हुए शहर के सामाजिक संगठनों और प्रबुद्वजनों से इसकी प्रारंभिक रूपरेखा पर चर्चा की। प्रियवंदा सिंह जूदेव ने कहा कि हवा और पानी,मानव जीवन की पहली आवश्यकता है। शहर के बेहतर पर्यावरण के कारण अब तक जलवायु बेहतर है। लेकिन जल संकट मुंह बांय खड़ा हुआ है। इसलिए हम सबकों मिल कर इस संकट से जशपुर को बचाने के लिए प्रयास करना होगा। उन्होनें कहा कि जशपुर शहर को जल संकट से दूर रखने के लिए बांकी नदी की सबसे अहम भूमिका है। इसे संरक्षित करना आवश्यक है। अधिवक्ता सत्य प्रकाश तिवारी ने सुझाव देते हुए कहा कि बांकी नदी को बचाने और इसे संरक्षित करने का प्रयास पहले भी हुआ है। लेकिन,आम लोगों से जुड़ाव ना होने के कारण,कालांतर में यह सफल नहीं हो सका। इसलिए अभियान में जन सहभागिता आवश्यक है।
अतुल मुंदड़ा ने कहा कि बांकी नदी के संरक्षण के लिए इसके आसपास रहने वालों को जोड़ना आवश्यक है। उन्होने सुझाव दिया कि नदी के तट का सुंदरीकरण किया जाए,जिससे आम लोगों की दिनचर्या में नदी शामिल हो सके। गायत्री परिवार के शादुल राम ने बताया कि विश्व गायत्री परिवार पर्यावरण और जल संरक्षण के लिए लगातार काम कर रहा है। उन्होनें सुझाव देते हुए कहा कि नदी तट पर पौधा रोपण करना उपयोगी साबित हो सकता है।
नगर के वरिष्ठ नागरिक नरेश नंदे ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय,शहर के विकास के लिए गंभीर हैं। बीते ढाई साल के दौरान शहर में विकास के ऐतेहासिक काम हुए है। बांकी नदी को संरक्षित और संवर्धित करने के लिए ठोस योजना बना कर,उनके समक्ष मांग रखा जाना चाहिए। ताकि सरकार के स्तर से इस ओर पहल हो सके। इस बैठक में जल संरक्षण अभियान को लेकर आने वाले दिनों में शहरवासियों व विभिन्न सामाजिक संगठनों से व्यापक स्तर पर चर्चा करने का निर्णय लिया गया।