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साइबर जागृति अभियान: स्कूलों और गांवों में पहुंची रायगढ़ पुलिस, डिजिटल अरेस्ट से बचाव के बताए तरीके

      *रायगढ़, 03 सितंबर 2026* । छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा आमजन को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से 15 अगस्त से 02 अक्टूबर 2026 तक चलाए जा रहे “साइबर जागृति अभियान” के तहत जिले में लगातार साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान के तृतीय सप्ताह 30 अगस्त से 05 सितंबर 2026 तक “डिजिटल अरेस्ट एवं फर्जी कॉल से सुरक्षा” विषय पर विशेष रूप से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है ।

          इसी क्रम में आज दिनांक 03 सितंबर 2026 को थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव साहू द्वारा घरघोड़ा क्षेत्र के औराईमुडा हायर सेकेण्ड्री स्कूल में तथा खरसिया क्षेत्र के श्री शंकराचार्य स्कूल में चौकी प्रभारी खरसिया निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी एवं थाना प्रभारी खरसिया निरीक्षक सीताराम ध्रुव द्वारा छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों के संबंध में जागरूक किया गया।

         पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों की जानकारी देते हुए उनसे बचाव के उपाय बताए। इस दौरान डिजिटल अरेस्ट, फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर कॉल करना, ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक एवं वेबसाइट के माध्यम से धोखाधड़ी, ओटीपी एवं बैंक संबंधी जानकारी प्राप्त कर ठगी, यूपीआई फ्रॉड, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग, फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल, साइबर बुलिंग, ऑनलाइन गेमिंग तथा फर्जी निवेश के नाम पर होने वाली ठगी के संबंध में विस्तार से समझाया गया।

*डिजिटल अरेस्ट से रहें सावधान*

        अधिकारियों ने विद्यार्थियों को विशेष रूप से डिजिटल अरेस्ट के संबंध में जागरूक करते हुए बताया कि साइबर अपराधी पुलिस, सीबीआई, ईडी, नारकोटिक्स अथवा अन्य जांच एजेंसी का अधिकारी बनकर फोन या वीडियो कॉल करते हैं। वे व्यक्ति को किसी अपराध में फंसाने अथवा उसके नाम से अवैध गतिविधि होने का डर दिखाकर वीडियो कॉल पर बने रहने, किसी से संपर्क नहीं करने तथा पैसे ट्रांसफर करने के लिए दबाव बनाते हैं।

          पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कोई भी पुलिस या जांच एजेंसी फोन अथवा वीडियो कॉल के माध्यम से किसी व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट नहीं करती और न ही मामले से बचाने के नाम पर ऑनलाइन पैसे जमा कराने को कहती है। ऐसे फर्जी कॉल आने पर घबराने के बजाय कॉल को डिस्कनेक्ट कर तत्काल परिजनों एवं पुलिस को इसकी सूचना दें।

*साइबर ठगी होने पर तत्काल करें शिकायत*

         पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन वित्तीय ठगी हो जाती है तो बिना समय गंवाए साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें तथा संबंधित बैंक/वित्तीय संस्था को भी तत्काल सूचना दें। साइबर अपराध की तत्काल सूचना देने से ठगी की गई राशि को रोकने अथवा वापस प्राप्त करने की संभावना बढ़ जाती है।

              कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने साइबर अपराधों से संबंधित विभिन्न सवाल पूछे, जिनका पुलिस अधिकारियों द्वारा सरल भाषा में समाधान बताया गया। पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों से स्वयं साइबर जागरूक रहने के साथ-साथ अपने माता-पिता, परिवार के सदस्यों एवं आसपास के लोगों को भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने की अपील की।

                 वहीं थाना प्रभारी भूपदेवपुर निरीक्षक रोशन कौशिक के नेतृत्व में लगातार भूपदेवपुर पुलिस क्षेत्र के ग्रामों में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं, आज भूपदेवपुर पुलिस ने ग्राम *डोंगाधकेल* मे सायबर जागृति अभियान के तहत ग्रामीणों को सायबर अपराध से बचने जागरूक किया गया ।

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