तमनार में दो चोरियों का बड़ा खुलासा: मिलुपारा से बाइक चोरी और कुधरीपारा की दुकान में सेंधमारी करने वाले 6 नाबालिग समेत 7 आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़े, चोरी की बाइक और वारदात में प्रयुक्त वाहन बरामद
रायगढ़, 22 अगस्त। तमनार पुलिस ने क्षेत्र में हुई दो अलग-अलग चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए 6 विधि से संघर्षरत बालकों और एक 20 वर्षीय युवक समेत कुल 7 आरोपियों को पकड़ा है। आरोपियों के कब्जे से चोरी की मोटरसाइकिल और वारदात में प्रयुक्त बाइक बरामद की गई है।
पुलिस के मुताबिक, मिलुपारा चौक से मोटरसाइकिल चोरी और कुधरीपारा मंदिर चौक तिराहा स्थित दुकान में चोरी की घटनाएं 12 अगस्त की रात हुई थीं। मिलुपारा में किराये के मकान में रहने वाले रतन कुमार धोबी ने अपनी एचएफ डीलक्स बाइक घर के सामने खड़ी की थी, जो सुबह गायब मिली। वहीं कुधरीपारा में चोरों ने दुकान का दरवाजा तोड़कर करीब 9 हजार रुपये का खाद्य सामान और 1 हजार रुपये नकद चोरी कर लिया था।
मुखबिर की सूचना से पुलिस को मिली अहम कड़ी
दोनों मामलों की जांच थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव आहेर के नेतृत्व में शुरू की गई। पुलिस ने मुखबिरों को सक्रिय किया। इसी दौरान तीन संदिग्ध नाबालिगों के वारदात में शामिल होने की सूचना मिली। पूछताछ में उन्होंने चोरी में कुल 7 लोगों के शामिल होने की जानकारी दी।
पुलिस ने तीन विधि से संघर्षरत बालकों के कब्जे से चोरी की बाइक और वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद कर ली। इसके बाद 20 अगस्त को तीन अन्य विधि से संघर्षरत बालकों को भी हिरासत में लिया गया, जिन्होंने पूछताछ में चोरी की घटनाओं में शामिल होना स्वीकार किया।
फरार युवक भी पकड़ा गया
वारदात में शामिल मुकेश अगरिया पिता मेहत्तर अगरिया, उम्र 20 वर्ष, निवासी जांजगीर, थाना तमनार घटना के बाद फरार चल रहा था। पुलिस ने उसकी तलाश कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने 6 नाबालिगों के साथ मिलकर दोनों चोरियों को अंजाम देना स्वीकार किया। उसके कब्जे से चोरी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद की गई।
पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है, जबकि विधि से संघर्षरत बालकों के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई की गई है।
इनकी रही अहम भूमिका
चोरी की दोनों घटनाओं का खुलासा करने में थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव आहेर, प्रधान आरक्षक बनारसी सिदार, महिला प्रधान आरक्षक सुदो भगत, आरक्षक पुष्पेन्द्र सिदार, रंजीत भगत एवं पुरुषोत्तम सिदार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।